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16-05-2020
मुख्यमंत्री सहायता कोष में अब तक 63 करोड़ रुपए से अधिक राशि जमा

रायपुर। मुख्यमंत्री सहायता कोष में दानदाताओं, सामाजिक संगठनों,शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों,उद्योग एवं व्यवसायिक संगठनों के साथ-साथ जनसामान्य द्वारा कोविड-19 की रोकथाम तथा लाॅकडाउन के दौरान जरूरतमंदों की सहायता के लिए राशि दान दिए जाने का सिलसिला अनवरत रूप से जारी है। मुख्यमंत्री सहायता कोष में राज्य के विभिन्न संगठनों एवं दानदाताओं द्वारा स्वस्फूर्त रूप से 24 मार्च से 16 मई तक कुल 63 करोड़ 40 लाख 37 हजार 813 रूपए की राशि दान की गई है। मुख्यमंत्री सहायता कोष से राज्य में कोरोना संक्रमण की रोकथाम एवं जरूरतमदों की सहायता के लिए अब तक राज्य के सभी जिलों को 11 करोड़ 45 लाख 30 हजार रूपए की राशि जारी की जा चुकी है। 
मुख्यमंत्री सहायता कोष में विभिन्न संगठनों द्वारा 24 मार्च से 30 मार्च तक 3 करोड़ 13 लाख 66 हजार 785 रूपए, 31 मार्च से 6 अप्रैल तक 10 करोड़ 81 लाख 25 हजार 386 रूपए, 7 अप्रैल से 13 अप्रैल तक 5 करोड़ 58 लाख 91 हजार 398 रूपए, 14 अप्रैल से 20 अप्रैल तक 31 करोड़ 26 लाख 25 हजार 148 रूपए, 21 अप्रैल से 27 अप्रैल तक 3 करोड़ 18 लाख 70 हजार 7 रूपए, 28 अप्रैल से 7 मई तक एक करोड़ 57 लाख 52 हजार 46 रूपए, 5 मई से 11 मई तक छह करोड़ एक लाख 31 हजार 42 रूपए की राशि दान में प्राप्त हुई। इसी प्रकार 12 मई को 10 लाख 37 हजार 89 रूपए, 13 मई को 20 लाख 86 हजार 807 रूपए, 14 मई को 20 लाख 71 हजार 776 रूपए, 15 मई को 81 लाख 44 हजार 547 रूपए, 16 मई को 49 लाख 33 हजार 782 रूपए की राशि मुख्यमंत्री सहायता कोष में जमा कराई गई है। 
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस सहयोग राशि के लिए समस्त संगठनों, उनके पदाधिकारियों एवं दानदाताओं के प्रति आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री सहायता कोष में दान दी गई राशि पर आयकर अधिनियम की धारा 80जी के तहत छूट का प्रावधान है। मुख्यमंत्री बघेल ने सभी प्रदेशवासियों से मुख्यमंत्री सहायता कोष में राशि दान करने की अपील की है ताकि संकट की घड़ी में गरीबों, श्रमिकों और जरूरतमंदों की अधिक से अधिक मदद की जा सके। मुख्यमंत्री सहायता कोष में दान की राशि एसबीआई एकाउंट नंबर-30198873179 (आईएफएससी कोड - एसबीआईएन0004286) में जमा कराई जा सकती है। दान राशि यूपीआईआईडी cgcmrelieffund@sbi तथा आनलाइन पोर्टल cmrf.cg.gov.in  के माध्यम से भी दी जा सकती है।

25-04-2020
सामाजिक संगठनों को जरूरतमंद तक सहायता सामग्री सीधे नहीं पहुंचाने का फरमान वापस ले सरकार : श्रीचंद सुंदरानी

रायपुर। पूर्व विधायक श्रीचंद सुंदरानी ने कहा है कि तुगलकी फरमान जारी कर लॉकडाऊन से प्रभावित गरीब व जरूरतमंदों को गैर-सरकारी स्वयंसेवी सामाजिक संस्थाओं की ओर से राशन, भोजन और अन्य सहायता सामग्री सीधे मुहैया कराने पर रोक लगाने वाली सरकार अपने मार्फत भी यह सहायता जरूरतमंद परिवारों तक नहीं पहुँचा पा रही है। सुंदरानी ने कहा कि जो सरकार अपनी ही स्थापित व्यवस्था पर अमल तक नहीं कर पा रही है, उस सरकार से कोई भी उम्मीद रखना बेमानी ही है।सुंदरानी ने कहा कि प्रदेश सरकार के आदेश के बाद सभी गैर-सरकारी संस्थाओं व संगठनों ने अपने स्तर पर एकत्रित सहायता सामग्री स्टेडियम में जमा करा दी है लेकिन प्रदेश सरकार और उसकी प्रशासनिक मशीनरी उक्त सामग्रियाँ जरूरतमंद परिवारों तक नहीं पहुँचा पा रही हैं। उन्होंने कहा कि सहायता सामग्रियों से स्टेडियम भरा पड़ा है पर इन सामग्रियों का समय पर वितरण नहीं करा पाना प्रदेश सरकार की विफलता है। सुंदरानी ने कहा कि इससे यह एकदम साफ हो गया है कि प्रदेश सरकार कोरोना संक्रमण के खिलाफ जारी लड़ाई में आधे-अधूरे मन से काम कर रही है और केंद्र सरकार के प्रयासों को अपना बताकर झूठा आत्म-प्रचार कर रही है।

 

06-04-2020
दिव्यांगजन और बुजुर्गोें की सहायता के लिए संस्थाओं और संगठनों को जारी होंगे ई-पास

रायपुर। कोरोना वायरस (कोविड-19) संक्रमण को देखते हुए प्रदेश में लॉकडाउन लागू किया गया है। ऐसी परिस्थिति में दिव्यांगजन और बुजुर्गों को आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता में परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए राज्य आयुक्त दिव्यांगजन प्रसन्ना आर. ने सभी कलेक्टरों को पत्र लिखकर वस्तुस्थिति को ध्यान में रखते हुए जिले के इच्छुक गैर सरकारी संगठनों, सिविल सोसायटी संगठनों और आवासीय कल्याण संघों को लॉकडाउन में आवागमन के लिए सी.जी.कोविड-19 ई-पास की अनुमति प्रदान करने के लिए कहा है। राज्य आयुक्त ने दिव्यांग और वृद्धजन की सहायता के लिए इच्छुक सभी गैर सरकार संगठनों, सिविल सोसायटी संगठनों और आवासीय कल्याण संघों से कहा है कि वह सीजी कोविड-19 एप के माध्यम से आवागमन के लिए अनुमति प्राप्त कर सकते है।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आवश्यक सेवा प्रदाताओं को लॉकडाउन के समय आवागमन की अनुमति के लिए सीजी कोविड-19 ई-पास जारी करने का प्रावधान किया गया है। इसके तहत दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिकों के लिए काम करने वाले एनजीओं को भी ई-पास प्रदान करने का प्रावधान है। केन्द्रीय समाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, नई दिल्ली ने भी दिव्यांगजन को आवश्यक सेवाओं जैसे भोजन, दवाईयों इत्यादि की पहुंच को सुलभ किए जाने के लिए गैर सरकारी संगठनों और सिविल सोसायटी संगठनों, आवासीय कल्याण संघों से समन्वय स्थापित कर कार्य करने कहा है।

03-04-2020
स्कूली बच्चों को मध्यान्ह भोजन बांटने के बाद अब शिक्षकों को करना होगा कोरोना पीड़ितों की पहचान 

रायपुर/बिलासपुर। कोरोना वायरस और लॉकडाउन के बीच राज्य सरकार ने स्कूली बच्चों को मध्यान्ह भोजन के तहत राशन बांटने की जिम्मेदारी शिक्षकों को दी है। इसके कारण लॉकडाउन के बीच भी शिक्षकों को घरों से निकलना पड़ रहा है। अब सरकार ने शिक्षकों से कोरोना पीड़ितों की पहचान करने के लिए कहा है, जिससे शिक्षक संगठनों में नाराजगी का माहौल है। अब शिक्षकों को राशन बाटने के बाद कोरोना पीड़ितों की भी पहचान करनी होगी।

18-08-2019
पिछड़ा वर्ग संगठनों ने 27 प्रतिशत आरक्षण किए जाने पर सीएम बघेल का माना आभार 

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से आज यहां उनके निवास कार्यालय में पिछड़ा वर्ग के विभिन्न संगठनों ने सौजन्य मुलाकात कर राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग को राष्ट्रीय मानको के रूप 27 प्रतिशत आरक्षण किए जाने पर आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर वन मंत्री मोहम्मद अकबर, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम उपस्थित थे।  मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि सरकार ने छत्तीसगढ़ की जनता की भलाई के लिए पिछले सात माह में अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण की सीमा बढ़ाने के साथ ही अनेक जनकल्याणकारी फैसले लिए हैं। चाहे वह किसानों से 25 सौ रुपए प्रति क्विंटल में धान की खरीदी, किसानों का अल्प कालीन कृषि ऋण की माफी, 400 यूनिट तक बिजली बिल आधा या फिर तेदूपत्ता संग्रहण की दर 4 हजार रुपए प्रति मानक बोरा करना। इन सभी फैसलों का सभी वर्गों को लाभ मिला है। बघेल ने कहा कि सरकार के इन फैसलों से न केवल लोगों की क्रय शक्ति बढ़ी है बल्कि उनके जीवन में परिवर्तन भी आया है। मुख्यमंत्री ने लोगों को राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी सुराजी गांव योजना के तहत गांव-गांव में बनाए जा रहे गौठानो, चारागाह, किसानों के यहां बाड़ी और मृत हो चुके हो चुके नालों के पुनर्जीवन के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की इस योजना की आज देश-दुनिया में चर्चा हो रही है, सभी के सहयोग से सुराजी गांव योजना सफल होगी और ग्रामीण अजीविका के संवर्धन में मील का पत्थर साबित होगी। इस अवसर पर कृष्ण कुमार यादव, पूर्व सांसद रामाधार कश्यप, पूर्व विधायक सियाराम कौशिक सहित बड़ी संख्या में पिछड़ा वर्ग संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित थे।

 

18-08-2019
सीएम बघेल से विभिन्न संगठनों ने की आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग 

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से आज यहां उनके निवास कार्यालय में विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात की और सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को छत्तीसगढ़ राज्य में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री बघेल ने प्रतिनिधिमण्डल से कहा कि किसी के साथ अन्याय नहीं होगा। विधि विभाग की रिपोर्ट के अध्ययन करने के बाद ही इस संबंध में फैसला लिया जाएगा। राज्य सरकार के वन मंत्री मोहम्मद अकबर और स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम इस अवसर पर उपस्थित थे। इस मौके पर राष्ट्रीय ब्राम्हण महासंघ के अध्यक्ष प्रमोद गौतम, क्षत्रिय कल्याण संगठन के अध्यक्ष सतेन्द्र सिंह गौतम, कायस्थ समाज के अध्यक्ष अटल श्रीवास्तव, भोजपुरी समाज के अध्यक्ष नरेश कुमार सुमन, बंगाली ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष सोमेन्द्र चटर्जी, अखिल भारतीय भोजपुरी साहित्य समाज के अध्यक्ष मनोरंजन कुमार सिंह, विप्र वाहनी संघ के अध्यक्ष राकेश गौतम सहित संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित थे।


 

17-08-2019
आरक्षण की सीमा बढ़ाने पर विभिन्न संगठनों ने किया मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त 

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से शनिवार को उनके निवास कार्यालय में राज्यसभा सांसद छाया वर्मा के नेतृत्व में आए छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण की सीमा बढ़़ाने पर आभार व्यक्त किया। उल्लेखनीय है कि 73वें स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री श्री बघेल ने राज्य में अनुसूचित जनजातियों को 32 प्रतिशत, अनुसूचित जाति को 13 और पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देने की घोषणा की है। प्रतिनिधिमंडल में छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति, जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग संघ के प्रांताध्यक्ष डॉ. लक्षमण प्रसाद भारती, आदिवासी शासकीय सेवक संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष डॉ. शंकरलाल उईके, डॉ. पवन साहनी, डॉ. आरपी रामटेके, फणेन्द्र भोई, एचके नेतराम, विद्युत मंडल अजाक्स के एसके ठाकुर, डब्ल्यू आर. वानखेड़े, अन्य पिछड़ा वर्ग संघ के आलोक चंद्रवंशी एवं अन्य संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित थे।
 

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