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20-08-2020
प्रदेश सरकार के रवैए से उसके छत्तीसगढ़ी संस्कृति और त्यौहारों के नाम पर रचा गया पाखंड साफ-साफ नजर आ रहा : विधानी

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष पूजा विधानी ने प्रदेश सरकार पर हमला बोलते हुए सवाल किया है कि छत्तीसगढ़ी संस्कृति और तीज-त्यौहारों पर भी राजनीति करने वाली सरकार आखिर प्रदेश की आम माताओं-बहनों को तीजा पर्व मनाने से क्यों वंचित करने पर उतारू हो गई है? विधानी ने कहा कि प्रदेश सरकार के इस रवैए से उसके छत्तीसगढ़ी संस्कृति और त्यौहारों के नाम पर रचा गया पाखंड साफ-साफ नजर आ रहा है।

विधानी ने कहा कि कोरोना संक्रमण की आड़ लेकर छत्तीसगढ़ी संस्कृति का ढोल पीटने वाली प्रदेश सरकार ने समूचे प्रदेश की माताओं-बहनों को तीजा जैसे महत्वपूर्ण और पवित्र त्यौहार पर मायके जाने से वंचित कर दिया। अपसंस्कृति का चरम तो यह है कि तीजा पर्व के लिए मायके जाने-ले जाने पर रोक की मुनादी कराके प्रदेश सरकार ने एक तरह से उन्हें हाउस अरेस्ट कर सैकड़ों वर्ष पुरानी परंपरा तक तोड़ दी। प्रदेश सरकार एक तरफ यात्री बसों के परिचालन की बात कहती है, दूसरी तरफ माताओं-बहनों को हाउस अरेस्ट करती है। फिर कहती है कि प्रदेश सरकार का ऐसा कोई आदेश नहीं है, तो सरकार बताए कि गाँव-गाँव में जो तीजा पर्व के लिए महिलाओं को मायके जाने से रोकने वाला हाँका पड़ रहा है, वह सरकारी डुगडुगी किसके कहने पर बजाई जा रही है?

विधानी ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार शराबबंदी के मुद्दे पर महिलाओं के साथ दगाबाजी करने के बाद अब इस त्यौहार पर उन्हें रोक कर अपने महिला विरोधी चरित्र पर मुहर लगा रही है। कोरोना के नाम पर कानूनी कार्रवाई का डर दिखाने वाली प्रदेश सरकार को मुख्यमंत्री निवास पर सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियाँ उड़ाकर लोगों का जमावड़ा करते समय कोरोना का खौफ क्यों नहीं सता रहा था? विधानी ने सवाल किया कि क्या तीजा-पोला त्यौहार मनाने का अधिकार भी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके इर्द-गिर्द मंडराने वालों को ही है? अब छत्तीसगढ़ की संस्कृति और तीज-त्यौहारों को भी कांग्रेस के नेता और प्रदेश सरकार अपनी जागीर बनाने पर उतारू हैं?

10-08-2020
भाजपा को अकारण कोसने से कांग्रेस की वादाखिलाफी का पाप नहीं धुलेगा : सुंदरानी

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस सरकार के शराबबंदी के वादे को नहीं निभाने पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। प्रदेश प्रवक्ता श्रीचंद सुंदरानी ने कहा कि कांग्रेस पूर्ण शराबबंदी को लेकर प्रदेश के साथ वादाखिलाफी और दगाबाजी करने के बाद भी इस मुद्दे पर गोलमोल बातें करके जिस तरह अपने नाकारापन को ढँकने की कोशिश कर रही है, वह बेहद शर्मनाक है। सुंदरानी ने कहा कि भाजपा शासन को अकारण कोसने से कांग्रेस की वादाखिलाफी का पाप नहीं धुलेगा और इसलिए कांग्रेस पूर्ण शराबबंदी के वादे पर अमल करने में अपनी ऊर्जा खपाए। 

इधर, लॉक डाउन के बावजूद प्रदेश सरकार जिस तरह शराब का कारोबार चलाने की ललक दिखा रही थी उससे ही यह स्पष्ट हो रहा था कि प्रदेश सरकार शराबबन्दी के लिए कतई ईमानदार नहीं है। सुंदरानी ने कटाक्ष किया कि भाजपा के लोगों के शराब तस्करी के मामले गिनाने से पहले कांग्रेस के नेता शराब तस्करी के मामले में मुंगेली जिले के लोरमी क्षेत्र की एक कांग्रेस नेत्री के पुत्र की गिरफ्तारी को याद कर लें। कोरोना संकट के दौर में भी पुलिस कर्मियों के सहयोग से मध्यप्रदेश से शराब की तस्करी का यह मामला लॉक डाउन के प्रति प्रदेश सरकार की शर्मनाक व आपराधिक लापरवाही का नमूना था।

28-07-2020
सुनील सोनी ने पूछा, आखिर क्यों इस संकट की घड़ी में भी प्रदेश सरकार का शराब बिक्री का मोह नहीं छूट रहा है?

रायपुर। सांसद सुनील सोनी ने राज्य में शराब दुकानों के संचालन को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि स्थिति कहती है कि तत्काल प्रभाव से शराब दुकानों को बंद कर दिया जाए। इससे कोरोना बढ़ने की संभावनाओं को कम किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि शराबबंदी का वादा कर सत्ता में आने वालों में क्या जरा भी लज्जा नहीं बची है। प्रदेश में कोरोना लगातार फैल रहा है। जनता लगातार सावधानी बरत रही है, सरकार के लॉक डाउन का पालन कर रही है। सुनील सोनी ने कहा प्रदेश की निर्लज सरकार सारी हदें पार कर केवल शराब कैसे अधिक से अधिक परोसी जाए इसकी योजनाओं को ही धरातल पर साकार कर रही है। उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या शराब की बिक्री के बिना आपकी सरकार नहीं चल सकती? आखिर क्यों इस संकट की घड़ी में भी प्रदेश सरकार का शराब बिक्री का मोह नहीं छूट रहा है? कहीं दाल में कुछ काला तो नहीं या फिर पूरी दाल ही काली है?

24-07-2020
सरोज ने भूपेश को फिर लिखा पत्र, कहा- मैंने शराबबंदी पर कोई राजनीति नहीं की.. मन में कोई पीड़ा ना रखें

रायपुर। प्रदेश में शराबबंदी को लेकर सांसद सरोज पांडेय ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिखा था। जवाब में भूपेश बघेल ने भी उन्हें साड़ी और पत्र भेंट किया था। इसके बाद प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के नेताओं के बीच बयानों का दौर शुरु हो गया। अब एक बार फिर सांसद सरोज पांडेय ने भूपेश बघेल को पत्र लिख कर रक्षाबंधन का नेग देने पर धन्यवाद दिया। इसके साथ ही सरोज पाण्डेय ने पत्र में लिखा कि मैंने शराबबंदी पर कोई राजनीति नहीं की, और ना ही मेरी कोई ऐसी भावना थी, इस विषय पर राजनीति करने की। मैं अपने छत्तीसगढ़ की बहनों की व्यथा से आपको अवगत कराना चाहती हूं, इसलिए विशुद्ध तौर पर मन से मैंने इस रक्षासूत्र को आपको भेजा, लेकिन हम सब राजनैतिक दलों में काम करते हैं तो देखने का नजरिया भी राजनीति से प्रेरित हो जाता है। मन में कोई पीड़ा न रखें। सरोज पांडेय ने आगे लिखा कि आपने मेरी भावना का सम्मान किया और पूर्ण शराबबंदी का आश्वासन दिया, उसके लिए मैं आपकी आभारी हूं। उम्मीद करती हूं कि इस रक्षाबंधन पर आप अपनी बहन से किया गया वादा अवश्य पूरा करेंगे।

23-07-2020
राखी का सम्मान करते हों तो इस सावन पूर्णिमा को बहनों से किया वादा पूरा करें मुख्यमंत्री : विजय शर्मा

रायपुर। सांसद सरोज पांडेय द्वारा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को राखी के साथ पत्र भेजकर शराबबंदी का वादा पूरा करने की मांग पर मुख्यमंत्री सहित कई कांग्रेसी नेताओं की प्रतिक्रिया के जवाब में भाजयुमो प्रदेशाध्यक्ष विजय शर्मा ने पलटवार किया है। विजय ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शराब बंदी करने गंगा मैय्या की सौगंध ले कर महिलाओं का समर्थन पाया है और जब प्रदेश की माताएँ और बहनें उन्हें और पूरी कांग्रेस को उनका वादा स्मरण करा रहीं हैं तो फिर मुख्यमंत्री विषय से भागने लगे हैं। डॉक्टर रमन सिंह गंगाजल हाथ में लेकर कसम खाकर शराबबंदी का वादा नहीं किये थे तो इस विषय को ढाल बनाने की कतई आवश्यकता नहीं है। विजय शर्मा ने कहा वैसे भी सरकार के आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने सरकार की मंशा जाहिर कर ही दी है। लखमा जी कभी शराब को आदिवासी संस्कृति बताकर हजारों वनवासी-आदिवासी कर्मवीरों का अपमान करते हैं। कभी वे शराब को ताकत देने वाला बताते हैं और कभी कहते हैं कि चुनाव से तीन माह पूर्व शराब बंदी की जाएगी। वस्तुत: शराब सरकार में बैठे लोगों और कांग्रिस के नेताओं के ऊपरी कमाई का जरिया बन गया है। और जब-जब इस विषय को कोई छेड़े ऊपर से नीचे तक तड़पन शुरू हो जाती है।

 

23-07-2020
राखी पर सियासत : प्रकाशपुंज पाण्डेय

रायपुर। भाई-बहन के अटूट विश्वास और प्रेम का प्रतीक, "राखी" का त्यौहार आने को है, लेकिन अब यह त्यौहार भी राजनीति से अछूता नहीं रहा। राजनीतिक विश्लेषक और समाजसेवी प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने मीडिया के माध्यम से ऐसा इसलिए कहा है क्योंकि छत्तीसगढ़ में दो प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच अब "राखी" पर सियासत तेज़ हो गई है। छत्तीसगढ़ की बेटी, राज्यसभा सांसद और भाजपा नेत्री सरोज पांडे ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को "राखी" भेजी है, साथ ही एक पत्र भी जिसमें "राखी" के उपहार स्वरूप उन्होंने अपनी एक इच्छापूर्ति का वरदान मांगा है और वो है 'छत्तीसगढ़ में संपूर्ण शराबबंदी'। प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने कहा है कि भाजपा नेत्री की मांग बिल्कुल ही जायज़ है क्योंकि शराब किसी भी प्रकार से समाज के लिए लाभदायक व लाभकारी नहीं है। इससे कई परिवार उजड़ जाते हैं और जनता के स्वास्थ्य की भी हानि होती है। उनकी इस मांग और "राखी" के बदले उपहार का छत्तीसगढ़ का प्रत्येक नागरिक समर्थन करता है क्योंकि उनकी मांग सर्वथा जायज़ है और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री को उनकी इस मांग को पूरा भी करना चाहिए।

लेकिन उससे पहले एक बड़ा प्रश्न खड़ा होता है कि क्या इन भाजपा नेत्री ने अपने शेष भाइयों से भी कभी इस उपहार की मांग है? मेरा संदर्भ है छत्तीसगढ़ की सत्ता पर 15 सालों तक राज करने वाले तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से, मेरा संदर्भ है 7 सालों से देश की सत्ता पर राज करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से, मेरा संदर्भ है देश के गृह मंत्री और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से! क्या बहन सरोज पांडे ने कभी इन लोगों से "रक्षाबंधन" पर "शराबबंदी" का उपहार मांगा है? और अगर नहीं तो क्यों? यह जवाब तो जनता पूछेगी और उनको जवाब भी देना चाहिए, क्योंकि अगर वह एक भाई से उपहार मांग रही हैं तो दूसरे भाई से आज तक इस उपहार क्यों नहीं मांगा? और अगर मांगा है तो क्या उन भाइयों ने उन्हें ये उपहार क्यों नहीं दिया? मतलब क्या उन्होंने अपने भाई होने का कर्तव्य नहीं निभाया? सवाल तो बनता है और अगर भाजपा नेत्री सरोज पांडे ने अपने शेष भाइयों अमित शाह, नरेंद्र मोदी और डॉ. रमन सिंह से इस उपहार को नहीं मांगा है, तो क्या छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री से ही क्यों? और अगर भाजपा नेत्री सरोज पांडे ने अपने शेष भाइयों अमित शाह, नरेंद्र मोदी और डॉ. रमन सिंह से इस उपहार को नहीं मांगा है तो क्या छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री जो कि अभी डेढ़ साल से छत्तीसगढ़ की सत्ता में हैं, उनसे यह उपहार मांगना राजनीति से प्रेरित नहीं है? जनता यह सवाल पूछ रही है माननीय सांसद महोदया। आपको उचित लगे तो जवाब जरुर दीजिए।

05-07-2020
चुनाव के पहले भूपेश बघेल के पास झीरम के सबूत और रोजगार के लिए ब्लू प्रिंट थे, सरकार में आने के बाद कुछ नहीं : रमन

रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने चुनाव के पूर्व कांग्रेस और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की ओर से उठाए गए मुद्दों पर निशाना साधा है। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल विभिन्न मुद्दों पर लगातार एक दूसरे पर निशाना साध रहे हैं। इस बार डॉ. रमन सिंह ने कहा कि विधानसभा चुनाव के पूर्व भूपेश बघेल के पास झीरम के सबूत थे, रोजगार के लिए ब्लू प्रिंट था, शराबबंदी के लिए योजना थी, रोजगार भत्ते के लिए पैसे थे और 2500 रुपए समर्थन मूल्य देने के पैसे थे। लेकिन भूपेश बघेल जब से सरकार में आए हैं तब से इनके पास कुछ नहीं है। डॉ. रमन सिंह ने वर्ष 2018 में भूपेश बघेल के एक ट्वीट को साझा किया है। इसमें भूपेश बघेल ने लिखा है कि बेरोजगारी दूर करना सिर्फ चुनावी नारा नहीं होना चाहिए, जुमला तो हरगिज नहीं। छत्तीसगढ़ कांग्रेस बेरोजगारी दूर करने के लिए प्रतिबद्ध है और पूरे ब्लू प्रिंट के साथ तैयार है। युवा साथियों के लिए अब बस थोड़े दिन का सब्र और।

 

 

02-07-2020
छत्तीसगढ़ को शराब से बर्बाद करने के कांग्रेसी मंसूबों को पूरा नहीं होने देंगे : संजय श्रीवास्तव

रायपुर। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने प्रदेश के आबकारी मंत्री कवासी लखमा के अगले चुनाव के ठीक पहले शराबबंदी लागू करने संबंधी ताजा बयान को प्रदेश की जनता के साथ खुली धोखाधड़ी बताया है। श्रीवास्तव ने कहा कि मंत्री लखमा के इस बयान प्रदेश की कांग्रेस सरकार की नियत जगजाहिर हो गई है। प्रदेश सरकार की मंशा शराबबंदी की है ही नहीं, वह तो प्रदेश के साथ शर्मनाक दगाबाजी करके शराब का अवैध कारोबार चलाने पर आमादा है।
श्रीवास्तव ने कहा कि इस सरकार को अगर प्रदेश के सरकारी खजाने की फिक्र होती तो प्रदेश में 30 फीसदी शराब गोरखधंधा नहीं चलता। इस अवैध कारोबार में करोड़ों रुपए का वारा-न्यारा हो रहा है और सरकार को राजस्व की हानि उठानी पड़ रही है। संजय ने पूछा कि करोड़ों रुपए का यह राजस्व सरकारी खजाने में नहीं जाकर कहा जा रहा है? भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि मंत्री लखमा का बयान पर प्रदेश सरकार को साफ करना चाहिए कि शराबबंदी पर उसका रुख बार-बार बदल क्यों रहा है? क्या प्रदेश सरकार छत्तीसगढ़ की जनता को शराब में डुबाकर ही दम लेगी? भाजपा प्रदेश को शराब से बर्बाद करने के कांग्रेसी सत्ताधीशों के मंसूबों को पूरा नहीं होने देगी।श्रीवास्तव ने कहा कि हम सब जानते हैं यहां माताएं-बहनें लगातार शराब के खिलाफ आन्दोलन कर रही हैं, वे परेशान हैं। लगातार शराब के कारण हत्या और अन्य अपराध हो रहे हैं। महिलाओं के खिलाफ हिंसा की तो यहां बाढ़ सी आ गई है,जिनमें अधिकतर के कारण शराब है।भाजपा प्रवक्ता ने मंत्री से अपने इस बयान के लिए माफी मांगने को कहा है। साथ ही इस बयान के सन्दर्भ में सीएम भूपेश बघेल से स्पष्टीकरण देने को कहा है कि क्या वे लखमा के बयान से सहमत हैं? क्या सच में वे चुनाव के समय केवल शराबबंदी का शिगूफा फिर छोड़ने वाले हैं? श्रीवास्तव ने प्रदेश को शर्मिन्दा करने वाले ऐसे बयानों के लिए सरकार से भी माफी मांगने की बात कही है।

 

21-05-2020
शराबबंदी के लिए भाजपा महिला मोर्चा किचन से लेकर सड़क तक की लड़ाई लड़ेगी

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष पूजा विधानी ने बुधवार को महिला मोर्चा के प्रदेश पदाधिकारी व जिला अध्यक्षों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बात की। उन्होंने मांग की कि छत्तीसगढ़ में शराब की दुकानों को सरकार बंद करें। शराबबन्दी के लिए महिला मोर्चा आगामी समय में किचन से लेकर सड़क तक की लड़ाई लड़ेगी। मोर्चा की प्रदेश मीडिया प्रभारी विभा अवस्थी ने बताया कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सरकार शराबबन्दी के वादे पर सत्ता में आई है, उसके शराबबंदी पर झूठे आचरण को आमजन तक लेकर महिला मोर्चा की पदाधिकारी और कार्यकर्ता जाएंगी। मुंगेली की घटना समेत और न जाने कितनी आपराधिक घटनाएं शराब दुकानें खुलने के बाद होने लगी हैं। महिलाएं इस कोरोना काल में अपने ही घर पर सुरक्षित नहीं है। इस विपरीत परिस्थिति में भाजपा महिला मोर्चा शराबबन्दी का आव्हान करेगी। उन्होंने महिला मोर्चा को - ‘भाजपा महिला मोर्चा का आव्हान, स्वस्थ छतीसगढ़ -शराब मुक्त छत्तीसगढ़।’का नारा भी दिया।

मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष ने इस बात की सराहना की कि इतने दिनों से कोरोना के ख़िलाफ़ लड़ाई में महिलाएं सक्रियता भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि दूरदराज से प्रवासी मजदूर जो आ रहे हैं, उनकी हर स्थिति में अपने-अपने जिले में मदद करें और सूखा राशन, पानी पाउच, बिस्किट आदि उपलब्ध करा यथासम्भव उनकी मदद करें। विधानी ने आरोग्य सेतु मे पूरे विस्तार से सेफ रहने के उपायों की जानकारी भी दी और सभी पदाधिकारियों को शक्ति केंद्र तक महिलाओं को इससे जोड़ने के लिए कहा है। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने और फेसकवर लगाने कहा। इस दौरान सब्जी वाले, दूध वाले, ऑटो वाले, खुदरा बाजार वाले, मजदूरों की आर्थिक स्थिति को सुव्यवस्थित बनाने सरकार का ध्यान सोशल मीडिया के माध्यम से महिला मोर्चा आकर्षित कराएं।

विधानी ने कहा कि केंद्र सरकार राज्य सरकार को योजनाओं के माध्यम से जो राशि दे रही है, वह आमहित और जिनके लिए आई है वे लाभवन्तित हो रहे कि नहीं, निरन्तर इस दिशा में काम करते हुए आम लोगों से जुड़कर देखना है। जो लोग कोरोना लड़ाई लड़ रहे हैं, उनका सम्मान करें, उन्हें धन्यवाद पत्र दें। डॉक्टर, नर्स, पुलिस व सफाई कर्मचारियों को सम्मानित करें। पीएम केयर्स फंड में 40 लोगों से 100 रुपए का अंशदान जमा करवाएं। इस दैरान जिला अध्यक्षों ने अपने जिले की बात रखी। प्रदेश पदाधिकारियों ने प्रदेश की गतिविधियों से अवगत कराया। शालिनी राजपूत, मीनल चौबे महामंत्री, आशा दुबे, अरुणारानी , पूर्णिमा साहू, सुमन प्रभा, भारती बघेल, दीप देवांगन, संध्या परगनिया, सुषमा खालको, सुषमा मीरा मिहिर निर्मल नेताम, जिला अध्यक्ष गण शैलेंद्री परगनिया, रिंकी अग्रवाल, मीना वर्मा, दीप्ति मीना शर्मा नंदनी राजवाड़े  पाण्डेय, हेमलता शर्मा आदि इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े।

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