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28-10-2020
हिरासत में मौत के जिम्मेदारों को बर्खास्त करें सरकार :  संजय श्रीवास्तव

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने पुलिस हिरासत में आरोपी के फांसी लगाने के मामले में प्रदेश के बेलगाम कानून व्यवस्था पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा है कि बीते 22 महीनों में छत्तीसगढ़ अपराध का गढ़ बन गया है और रायपुर अपराध की राजधानी। कानून व्यवस्था चरमरा गई है और पुलिस लापरवाह हो चुकी है। ऐसे में राजधानी पुलिस की लापरवाही सिर्फ आरोपी के फाँसी लगाने तक ही नहीं अपितु जिस हत्या के आरोप में आरोपी को पंडरी पुलिस हिरासत में रखी थी उस वारदात में भी पुलिस की बड़ी लापरवाही देखने मिली। 2 दिन पहले चाकूबाजी की घटना में घायल अमित गाईन की इलाज के दौरान मौत हो गई और पुलिस पहले घटना को थाने की सीमा में नहीं होना बता कर घंटो परिजनों को परेशान की। पुलिस पर ऐसे आरोप भी लग रहे हैं, यह दुर्भग्यपूर्ण हैं। संजय ने कहा है कि अस्पताल में इन दो दिनों के दरमियान राजधानी पुलिस की ओर से घायल युवक का बयान तक दर्ज नहीं किए जाने की बात भी सामने आ रही है। पुलिस की लापरवाही का आलम यह रहा कि मृतक के परिजनों को पंडरी थाना का घेराव कर बयान दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग तक करनी पड़ी। राजधानी की लापरवाह पुलिस युवक के मौत के बाद हरकत में आई और आरोपियों को हिरासत में लिया। हिरासत में आरोपी युवक के फांसी लगाने की घटना, एक के बाद एक लापरवाही राजधानी पुलिस की सारी लापरवाही की हदें पार करने का प्रमाण हैं। संजय श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और ग्रहमंत्री ताम्रध्वज साहू से सवाल किया है कि क्या यही हैं आपका सुशासन? क्या ऐसे मिलता हैं आपके राज में न्याय? भाजपा प्रवक्ता ने तत्काल सभी जिम्मेदार पुलिसकर्मियों को बर्खास्त करने की मांग की है। इस पूरे मामले की न्यायिक जांच करने की मांग भी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से की है। साथ ही उन्होंने चाकूबाजी में मृतक के परिजनों और थाने में मृतक के परिजनों को आर्थिक मदद देने की प्रदेश सरकार से मांग भी की हैं।

 

28-07-2020
जब पानी सिर से ऊपर गुजरने लगा तब प्रदेश सरकार को स्वास्थ्य विभाग में भर्ती करने होश आया : भाजपा

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने राज्य सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और स्वास्थ्य सेवाओं के रिक्त पदों पर संविदा और सीधी भर्ती की दी गई अनुमति पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जब पानी सिर से ऊपर गुजरने लगा तब जाकर प्रदेश सरकार को होश आना इस बात का प्रमाण है कि वह प्रदेश के हितों को लेकर कतई गंभीर नहीं है। श्रीवास्तव ने कहा कि यदि प्रदेश सरकार यह काम छह माह पहले भी कर लेती तो प्रदेश में कोरोना संकट इतना भयावह नहीं होता। संजय श्रीवास्तव ने कहा कि प्रदेश सरकार अब भी मार्च 2021 तक और आगामी 3 माह तक के लिए इन रिक्त पदों पर भर्ती की अनुमति देकर अपनी बदनीयती का ही इजहार कर रही है। इन रिक्त पदों पर नियमित भर्ती न की जाकर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में मजाक किया जा रहा है।

आज कोरोना संक्रमण के विस्पोटक स्तर पर पहुँचने के लिए जवाबदेह प्रदेश सरकार अब इन पदों पर भर्ती की अनुमति देकर अपनी नाकामियों को ढँकने की असफल कोशिशों में जुटी है जबकि प्रदेश साक्षी है कि कोरोना की जाँच और उपचार के मोर्चे पर प्रदेश सरकार एकदम नाकारा साबित हुई है और अब भी वह इस महामारी की रोकथाम को लेकर संजीदा नहीं दिख रही है। अभी भी प्रदेश सरकार ने रिक्त पदों पर भर्ती की सिर्फ अनुमति दी है। अभी इन पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू करने, विज्ञापन निकालने, दीगर प्रक्रिया पूरी करने में न जाने यह प्रदेश सरकार कितना वक्त लगाएगी? भर्ती के लिए दी गई अनुमति के मुताबिक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के रिक्त 3449 पदों पर मार्च 2021 तक संविदा भर्ती एवं कोविड-19 डेडिकेटेड हॉस्पिटल के 379 पदों पर तीन माह के लिए संविदा भर्ती की जा सकेगी। इसी प्रकार स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सा अधिकारी, ग्रामीण चिकित्सा अधिकारी, स्टाफ नर्स, मेडिकल लैब टेक्नॉलॉजिस्ट, बहुउद्देश्यीय स्वा. कार्यकर्ता (महिला व पुरुष) के रिक्त 21 सौ पदों पर भर्ती की अनुमति प्रदान की गई है। श्रीवास्तव ने कहा कि प्रदेश सरकार जनस्वास्थ्य के साथ क्रूर खिलवाड़ करने पर आमादा रही और नतीजतन प्रदेश कोरोना के शिकंजे में बुरी तरह फँस चुका है। प्रदेश सरकार तो क्वारेंटाइन सेंटर्स तक की व्यवस्था बनाने में भी नाकारा साबित हुई।

 

27-07-2020
अंतर्कलह से जूझती कांग्रेस महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, हरियाणा आदि राज्यों में भी संकटों से दो-चार होगी : भाजपा

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने प्रदेश कांग्रेस के नेताओं के राजभवन जाकर राजस्थान के राजनीतिक घटनाक्रम के मद्देनजर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने पर निशाना साधा है। उन्होंने इसे हास्यास्पद बताते हुए कहा कि कांग्रेस के नेता ऐसा करते हुए अपने वैचारिक दीवालिएपन का प्रदर्शन कर रहे हैं। कांग्रेस अपने अंतर्कलह के बोझ में सिसकती बिखराव के कगार पर पहुँच चुकी है और अब वह अनर्गल प्रलाप करती हुई खिसियानी बिल्ली की तरह खंभा नोच रही है। कांग्रेस के नेता आंतरिक लोकतंत्र को लेकर जब तक सचेष्ट नहीं होंगे, अंतर्कलह से जूझती कांग्रेस को इन संकटों से महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, हरियाणा समेत दीगर राज्यों में भी सत्ता और संगठन में दो-चार होना ही पड़ेगा। कांग्रेस चाहे जो कर ले, देश कांग्रेस के असली चरित्र को अच्छी तरह समझ चुका है। यह तो शुरूआत है। श्रीवास्तव ने कहा कि जिस पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र दम तोड़ चुका है, जिस पार्टी ने अपने शासनकाल में संवैधानिक मूल्यों, संसदीय परंपराओं और लोकतंत्र का गला घोंटने में जरा भी हिचकिचाहट महसूस नहीं की, जो पार्टी संविधान और लोकतंत्र में विश्वास नहीं रखती, जिसके खाते में देश में सबसे ज्यादा बार राष्ट्रपति शासन लगाने का रिकॉर्ड है, आज उसी कांग्रेस के मुँह से संविधान, संसदीय परंपरा और लोकतंत्र की बातें जरा भी शोभा नहीं दे रही हैं। श्रीवास्तव ने कहा कि कल तक जिस कांग्रेस को न तो चुनाव आयोग पर विश्वास था, न ईवीएम पर विश्वास था और न ही जनमत पर विश्वास है, एक ही परिवार के आधिपत्य में आंतरिक लोकतंत्र से विहीन वह कांग्रेस आज राजभवन जाकर इस तरह का प्रदर्शन कर और ज्ञापन देकर लोकतंत्र व संविधान की दुहाई दे रही है, इससे अधिक हास्यास्पद कुछ और नहीं हो सकता।

श्रीवास्तव ने कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व को सवालों के घेरे में लेकर पूछा कि क्या मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सत्ता उनके अपने नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के विद्रोह के चलते नहीं गई और अब राजस्थान में कांग्रेस के ही सचिन पायलट की वजह से ही कांग्रेस पर संकट के बादल नहीं मंडराए हुए हैं? न तो मप्र में और अब न ही राजस्थान में कांग्रेस की हो रही छीछालेदर में भाजपा की कोई भूमिका है। कांग्रेस के नेता अपनी कमजोरियों को छिपाने के लिए इस तरह की नौटंकियाँ कर रहे हैं।

 

05-06-2020
Video: कांग्रेस सरकार मितव्ययिता के नाम पर कर्मचारियों को निशाना बना रही : संजय श्रीवास्तव 

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी ने छत्तीसगढ़ सरकार पर कुप्रबंधन का आरोप लगाया है। प्रदेश प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने कहा कि अब जब सरकार का खजाना खाली हो गया है तो ऐसे समय में सरकार मितव्ययिता के नाम पर शासकीय कर्मचारियों को निशाना बना रही है। शासकीय कर्मचारियों को अनेक प्रकार के लाभ देने के वादे के साथ सत्ता में आई कांग्रेस पार्टी अब उनकी वेतन वृद्धि, पदोन्नति और एरियर्स रोक रही है। साथ ही साथ प्रदेश के साढ़े 4 लाख कर्मचारियों का 30% वेतन भी काटने की तैयारी कर रही है।संजय श्रीवास्तव ने कहा कि शासकीय कर्मचारियों का प्रत्येक माह का अपना नियत वेतन होता है और वह वेतन के माध्यम से ही उनका खर्च चलता है।

यदि उनके नियत वेतन में कटौती होती है तो माह का बजट बिगड़ता है जिससे उन्हें समस्या होती है। अन्य सरकारों की तरह छत्तीसगढ़ सरकार कर्मचारियों का 50-50 लाख का बीमा तुरंत कराए और अल्प वेतन कर्मचारियों को जोखिम भत्ता प्रदान करे। आज राज्य के छोटे-छोटे कर्मचारी कोरोना की रोकथाम में अपनी सेवाएं दे रहे हैं जिससे जोखिम का भय बना रहता है। शासकीय कर्मचारी सरकार के संचालन का पहिया होता है अत: शासकीय कर्मचारियों के खाते से किसी भी प्रकार की कटौती नहीं की जाए।

25-05-2020
कथित वायरल ऑडियो की जांच कराए सरकार : संजय श्रीवास्तव

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने प्रदेश के आबकारी मंत्री के वायरल हो रहे कथित ऑडियो की जांच कराने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मांग की है। साथ ही मंत्री कवासी लखमा से सामने आकर स्पष्टीकरण देने की मांग की है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कथित ऑडियो से आरएसएस पर सवाल उठाने और निस्वार्थ सेवा पर प्रश्न करने वालों की भाषा की मर्यादा और गरीब मजबूर मजदूरों की मजबूरी का मजाक उड़ाने वाला असली चेहरा उजागर होता है। उन्होंने सुकमा जिले के चिन्नई में फंसे 40-45 मजदूरों की स्तिथि स्पष्ट करने और उन्हें हरसंभव मदद पहुंचाने की भी मांग की है।श्रीवास्तव ने कहा है कि विपत्ति के समय में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी भी प्रवासी मजदूरों को लेकर अपनी गंभीरता का बखान डॉक्यूमेंट्री जारी कर चुके हैं। ऐसे में कांग्रेस शासित राज्य छत्तीसगढ़ के मंत्री का ऐसा कथित ऑडियो वायरल होना दुर्भाग्यजनक ही नहीं अपितु शर्मसार करने वाला है। कथित ऑडियो में मंत्री की ओर से प्रदेश के चिन्नई में फसें मजदूरों के साथ दुर्व्यवहार किया जाना, अपशब्दों, अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया जाना, उनकी गरीबी का मजाक उड़ाना कौनसी डॉक्यूमेंट्री है। यदि कथित ऑडियो सही है तो उनसे माफी मंगवाकर इस्तीफा लेने की भी मांग की है। श्रीवास्तव ने कहा है कि यह गंभीर विषय है।  इससे देश भर में गलत संदेश जा रहा है। 15 वर्षों के भाजपा शासन में शांत संवेदनशील छत्तीसगढ़ का नाम धूमिल हो रहा है। इससे मजदूरों पर डॉक्यूमेंट्री जारी करने वाले राहुल गांधी और 70 वर्षों तक पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ लगातार गरीबी हटाने का वादा करने वाली कांग्रेस पार्टी पर भी सवाल उठ रहे हैं। यह दुर्भाग्यजनक है और प्रदेश की सत्ताधारी दल के हित में भी नहीं है, इसलिए दूध का दूध और पानी का पानी होना आवश्यक है।

20-05-2020
महापौर पहले अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी के साथ निभाएँ, फिर अपने लिए किसी स्थान की अपेक्षा रखें : संजय श्रीवास्तव

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने महापौर एजाज ढेबर के उस बयान सवाल उठाए हैं,जिसमें देशभर की स्वच्छता रैंक में रायपुर को शून्य अंक मिलने पर महापौर ने केंद्र सरकार पर पक्षपात का आरोप लगाया है। श्रीवास्तव ने कहा कि अपनी नाकामियों को ढंकने के लिए महापौर अब ऊलजलूल टिप्पणी कर रहे हैं। रायपुर को स्वच्छता रैंक  में स्थान नहीं मिलने पर महापौर का यह कहना हास्यास्पद है कि केंद्र सरकार ने कांग्रेस शासित निगम होने के कारण रायपुर के साथ पक्षपातपूर्ण रवैए के परिचय दिया है। यदि रैंक देने का यही मापदंड होता तो अंबिकापुर को कैसे स्वच्छता रैंक में गौरवपूर्ण स्थान मिल गया?श्रीवास्तव ने कहा कि महापौर ढेबर के कार्यकाल में राजधानी में स्वच्छता का आलम तो यह रहा है कि लोगों को पीने के लिए साफ पानी तक के लिए मुहाल होना पड़ रहा है एक तरफ कोरोना महामारी के भयावह दौर के बीच दूसरी तरफ राजधानी के हजारों लोग पीलिया और दीगर संक्रामक बीमारियों से जूझने के लिए विवश हो रहे हैं। श्रीवास्तव ने कहा कि महापौर पहले अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी के साथ निभाएं और राजधानी की नागरिक जरूरतों की आपूर्ति को दुरुस्त करें फिर अपने लिए किसी स्थान की अपेक्षा रखें।

 

12-05-2020
जैसी वादा खिलाफी प्रदेश सरकार ने की है, उसकी तो मिसाल तक ढूंढ़े नहीं मिलेगी: संजय श्रीवास्तव

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी प्रदेश प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। श्रीवास्तव ने कहा कि प्रदेश सरकार की पोल खुल जाने से भयभीत कांग्रेस नेता एक बार फिर मिथ्या प्रलाप कर अपने झूठ का रायता फैलाने पर उतर आए हैं। जो प्रदेश सरकार और प्रदेश कांग्रेस कोरोना संक्रमण की रोकथाम और प्रभावितों की मदद के प्रति गंभीर होने के बजाय केंद्र सरकार से रोज पैसों की मांग कर और रोज केंद्र सरकार को कोस कर टाइम पास कर रही है, वह भाजपा नेताओं पर टाइम पास करने का हास्यास्पद काम कर रही है।संजय श्रीवास्तव ने कहा कि प्रदेश के लोगों के साथ जैसी वादा खिलाफी प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने की है, उसकी तो मिसाल तक ढूंढ़े नहीं मिलेगी। श्रीवास्तव ने कहा कि पूर्ण शराबबंदी की कसमें खाकर डींगें हाँकने वाले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस के नेता भाजपा शासित राज्यों का हवाला देते समय यह न भूलें कि उन्होंने गंगाजल हाथ में लेकर कसमें खाकर शराबबंदी का वादा किया है और इसलिए शराब के कारोबार को रोकना प्रदेश सरकार की जिम्मेदारी है। केवल झूठ का रायता फैलाकर प्रदेश सरकार और कांग्रेस के लोग प्रदेश को भरमाने का काम न करें।

 

11-11-2019
कांग्रेस बाहुबल से निकाय चुनाव जीतना चाहती है : संजय श्रीवास्तव

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने नगरीय निकाय चुनाव बैलेट पेपर से कराने के निर्णय को तुगलकी बताया है। श्रीवास्तव ने कहा कि कांग्रेस बाहुबल और सत्ता का इस्तेमाल कर निकाय चुनाव जीतना चाहती है।
भाजपा प्रवक्ता श्रीवास्तव ने कहा कि ईवीएम से चुनी हुई सरकार ने ईवीएम चुनाव प्रक्रिया पर अविश्वास करके अपनी  नासमझी और राजनीतिक विवेकशून्यता का ही परिचय दिया है। चुनाव आयोग ने माना है कि नगरीय निकाय चुनाव बैलेट पेपर से कराने पर एक सौ टन कागज इसमें खर्च होगा। इसी तरह पाँच हजार बूथों पर मत पेटियां पहुंचाने में जो खर्च आएगा वह अलग है। श्रीवास्तव ने कहा कि प्रदेश सरकार को प्रदेश के गहराते आर्थिक संकट से कोई मतलब ही नहीं है, वह तो बस बैक डोर एंट्री करके येन-केन-प्रकारेण अपनी सत्ता लोलुपता पूरी करने पर उतारू है। बैलेट पेपर से चुनाव कराने का निर्णय भी प्रदेश सरकार के इसी एजेंडे का एक हिस्सा है जिसमें राजनीतिक शुचिता और लोकतांत्रिक मान्यताओं व परंपराओं की खुलेआम धज्जियां उड़ाने की मंशा पर प्रदेश सरकार काम करती दिख रही है। इन सबसे बड़ी बात तो पर्यावरण की है। एक तरफ प्रदेश सरकार हरियर छत्तीसगढ़ के नाम पर करोड़ों रुपए पानी की तरह बहाकर पौधरोपण का अभियान चला रही है वहीं दूसरी ओर भारी मात्रा में कागज खर्च कर बैलेट पेपर से चुनाव कराकर लाखों पेड़ों की बलि लेने में नहीं हिचकिचा रही है।

11-10-2019
कुछ वादे पूर्ण कर गंगाजल की तो लाज रख लेते कांग्रेसी : भाजपा

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने स्कूल शिक्षा विभाग के बाद पंचायत विभाग द्वारा शिक्षकों की क्रमोन्नति के संबंध में जारी नए आदेश को पंचायत शिक्षाकर्मियों के साथ छलावा और धोखाधड़ी बताया है। श्रीवास्तव ने कहा कि प्रदेश सरकार को इस मुद्दे पर संवेदनशील होकर पंचायत शिक्षाकर्मियों को क्रमोन्नति का लाभ दिलाना चाहिए। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि पंचायत संचालक द्वारा जारी पत्र के मुताबिक क्रमोन्न्ति का लाभ केवल नवंबर 2011 से मई 2013 तक उन शिक्षाकर्मियों को ही मिलेगा जिनकी तब तक 10 वर्ष की सेवा पूर्ण हो गई थी और उन्हें पदोन्नति का लाभ भी नहीं मिला था। इससे साफ है कि जिन शिक्षकों की नियुक्ति अप्रैल 2003 के बाद हुई है, वे क्रमोन्नति के पात्र नहीं रह गए है। श्रीवास्तव ने कहा कि विधानसभा चुनाव में संविलियन और दीगर मुद्दों पर शिक्षाकर्मियों के पक्ष में दम-खम दिखाने और उनकी हर दिक्कतों को दूर कर उनके साथ न्याय की बात करने वाली कांग्रेस और उसकी प्रदेश सरकार अब इस मुद्दे पर चुप्पी साधकर बैठ गई है। यह प्रदेश सरकार का शिक्षाकर्मियों के साथ छलावा है, क्योंकि अब क्रमोन्नति, पदोन्नति और संविलियन की शिक्षाकर्मियों की आशा पर तुषारापात हो रहा है और सरकार अपने वादे से मुकर रही है। कांग्रेसी वादा पूरा करने के लिए विधानसभा चुनाव में गंगाजल की कसम खाते थे अब कुछ वादे पूर्ण कर गंगाजल की लाज रख लेते। भाजपा प्रवक्ता श्रीवास्तव ने कहा कि भाजपा शिक्षाकर्मियों के साथ हो रहे इस व्यवहार को प्रदेश सरकार की शिक्षाकर्मियों के साथ धोखाधड़ी मानती है। प्रदेश सरकार को नौकरशाहों के रूखे प्रशासनिक रवैये से मुक्त होकर अपने वादे के मुताबिक शिक्षाकर्मियों को हर तरह का जायज लाभ दिलाने की संवेदनशील पहल आने वादे के मुताबिक करनी चाहिए।

 

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