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22-12-2020
भाजपा में एक चाय बेचने वाला भी प्रधानमंत्री बन सकता है,दूसरी पार्टियां परिवारवाद से ग्रसित : संजय श्रीवास्तव 

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी की ओर से अखिल भारतीय मंडल प्रशिक्षण शिविर के तहत रायपुर ग्रामीण विधानसभा के 3 मंडलों के प्रशिक्षण वर्ग के द्वितीय दिन सत्र को प्रदेश प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी विश्व की सबसे बड़ी पार्टी है। इसमें एक चाय बेचने वाला भी देश का प्रधानमंत्री बन सकता है, जबकि दूसरी ओर अन्य पार्टियां परिवारवाद से ग्रसित है।  संजय श्रीवास्तव ने कहा कि सेवाभावी पार्टी का हर सदस्य हमेशा देश के हर नागरिक की मदद करने को तत्पर रहता है। यही बात भारतीय जनता पार्टी को दूसरी पार्टियों से अलग बनाती है। कोरोना काल मे भाजपा के कार्यकर्ताओं ने गरीब मजदूर और जरुरतमंदों की हर तरह से मदद करके इस बात को साबित भी किया है। 
प्रशिक्षण शिविर के अलग-अलग सत्रों को अवधेश जैन, पूर्व गृह मंत्री रामसेवक पैकरा, मोहन एंटी, मोतीलाल साहू, नंदकुमार साहू, ओंकार बैस ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन राजकुमार राठी ने किया। कार्यक्रम में जिला महामंत्री रमेश सिंह ठाकुर, अकबर अली, खेम सेन, संजय तिवारी, जितेंद्र धुरंधर, प्रकाश बजाज, संजय यादव, जेपी चंद्रवंशी, होरीलाल देवांगन, ओमप्रकाश साहू, रविन्द्र सिंह ठाकुर, विश्वादिनी पांडेय, अशोक सिंहा,रामलाल साहू, जितेंद्र नाग, डॉ.विवेक श्रीवास्तव, मनोज डोंगरे, बालमुकुंद राजपूत, अम्बिका साहू, भारतीय वर्मा, सुनीता साहू, अशोक पाल, गीता सरकार, हरिहर यादव, विलास सुतार, हेमलाल भारती, ममता सिंह, सारिका वर्मा, विनय निर्मलकर, शारदा पटेल, कुंती साहू, अमलेश सिंह, विकास शुक्ला, विक्रम ठाकुर, पिंकी नवरंगे, तरुण तिवारी, अनिता वर्मा, सरोज साहू, मनोज जयसिंह, राम तिवारी, राजेश रिछारिया, गौतम साहू, कैलाश साहू, भागीरथी यादव,अनामिका बारा,संगीता गुप्ता, गोलू निर्मलकर,शेखर साहू, अनिल नायडू,तरुण तिवारी,डॉ. जया, परमानंद धुरंधर, सुधीर श्रीवास्तव, टीकाराम साहू, सुनीता वर्मा, नवीन जैन, दिलीप सेन सहित सैकड़ों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

17-12-2020
अब तो कांग्रेस का हाथ गांजा तस्करों के साथ भी नजर आ गया है : संजय श्रीवास्तव

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने कहा है कि अब तो कांग्रेस का हाथ गांजा के तस्करों के साथ भी नजर आ गया है। छत्तीसगढ़ में जबसे कांग्रेस की सरकार बनी है तबसे ही अपराधी, तस्करों की चांदी कट रही है। सरायपाली के कांग्रेस विधायक केएल नंद के दामाद को 21 किलो गांजा की तस्करी के आरोप गिरफ्तार किया गया है। सरकार के दबाव में पुलिस भी कार्रवाई करने से बचती है। यही कारण है कि अपराधियों के हौसले बुंलद हैं। गांजा तस्करी के इस मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए ताकि पता  चल सके कि कहीं कोई संगठित गिरोह काम तो नहीं कर रहा है और उनके तार कहीं गिरफ्तार आरोपियों से तो नहीं जुड़े हैं? छत्तीसगढ़ में बढ़ते नशे के कारोबार के कारण अपराधों में बढ़ोतरी हुई है लेकिन इन सबसे प्रदेश की सरकार को कोई वास्ता ही नहीं रह गया है। अपराधमुक्त छत्तीसगढ़ का दावा करने वाली कांग्रेस इन दो साल में पूरी तरह से विफल रही है। इस तरह से विधायक के रिश्तेदार ही जब गांजे की तस्करी में लिप्त हों तो फिर यही कहा जाता सकता है कि सैयां भये कोतवाल,अब डर काहे का जैसी ही स्थिति है।

21-11-2020
सीएम लगातार अमर्यादित और तथ्यहीन बयानबाज़ी कर रहे : संजय श्रीवास्तव

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी  प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने कहा है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा 'लव ज़ेहाद' आदि के बहाने भाजपा के राष्ट्रीय नेताओं पर की गई टिप्पणियां न केवल अशिष्ट बल्कि बेहद अमर्यादित भी है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि इन दिनों लगातार भूपेश बघेल अशालीन और गरिमा विरुद्ध बयानबाजी कर रहे हैं, ऐसा वे अपनी विफलता की बौखलाहट में कर रहे हैं या आंतरिक गुटीय समस्याओं के कारण नियंत्रण खो रहे हैं, कहना मुश्किल है। चाहे इंदिरा गांधी के जन्मदिन पर बेजा बयानबाजी हो या फिर लव ज़ेहाद या नक्सल मामले को लेकर, हर मामले में जानकारी की कमी, अपेक्षित शिष्टता का अभाव और षड्यंत्रकारी मानसिकता साथ दिखती है। संजय श्रीवास्तव ने कहा कि लव जेहाद को लेकर बघेल की जानकारी बेहद ही उथली है। लगता है सीएम आजकल सारा कामकाज छोड़ कर सोश्यल मीडिया पर व्यस्त रहने लगे हैं और वहीं से तथ्य जुटाकर केवल बयानबाज़ी कर दिल्ली को खुश करने में लगे रहते हैं। उन्होंने कहा कि एक सामान्य समझ का व्यक्ति भी यह जानता है कि धोखा देकर साज़िश पूर्वक, अपनी साम्प्रदायिक पहचान छिपा कर भोली-भाली बच्चियों को धोखा देना, उनके मत परिवर्तन की साज़िश ‘लव ज़ेहाद’ है। यह सामान्य समझ भी किसी सीएम को न हो, यह आश्चर्य का विषय है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने ‘द्विराष्ट्रवाद’ के सिद्धांत को स्वीकार कर देश ही विभाजित कर दिया था। उस सिद्धांत के अनुसार कांग्रेसी यह मानते थे कि हिन्दू और मुस्लिम ‘दो राष्ट्र’ हैं और ये एक साथ नहीं रह सकते। भाजपा ऐसा कभी नहीं कहती और न ही मानती है। लेकिन ऐसी मान्यता के आधार पर देश बांट देने वाली कांग्रेस के लोग अगर आज यह मानते हैं कि साम्प्रदायिक सोच के साथ साजिशपूर्वक की गयी शादियां भी सही है, तो इसके पीछे छिपे कांग्रेस के तुष्टिकरण की नीति को समझना होगा। संजय श्रीवास्तव ने कहा कि दरअसल कांग्रेस को तुष्टिकरण की राजनीति की बुरी लत लग गई है। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा था कि देश के संसाधनों पर पहला हक़ मुसलमानों का है,यह तुष्टिकरण की पराकाष्ठा थी। उन्होंने मुख्यमंत्री बघेल को नसीहत दी है कि लव ज़िहाद पर कुछ कहने से पहले उसके बारे में पूरी जानकारी ले लें, सस्ती और ताली पिटवाऊ बयानबाजी करके और अकारण भाजपा के नेताओं के नाम लेकर अपनी अज्ञानता का हास्यास्पद प्रदर्शन न किया करें। उन्होंने कहा कि पहचान छिपाकर और इरादतन हिन्दू युवतियों से शादी करके फिर उन्हें धर्मांतरण के लिए बाध्य करना, प्रताड़ित करना और अंतत: हिन्दू युवतियों की हत्या तक कर देना लव ज़िहाद है। भाजपा शासित राज्यों में इसी के ख़िलाफ़ क़ानूनी प्रावधानों पर विमर्श चल रहा है।

भाजपा प्रवक्ता ने मुख्यमंत्री बघेल पर झीरम घाटी मामले पर की गई टिप्पणी पर कहा कि बघेल पहले से कहते रहे हैं कि उन्हें झीरम के दोषियों के बारे में पता है और सबूत उनकी जेब में है। एनआईए पर सवाल उठाने से पहले मुख्यमंत्री बघेल यह बतायें कि वे अपने जेब में रखे सबूत सामने नहीं लाकर किन्हें बचाने में लगे हैं? उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद वे सबूत सामने क्यों नहीं रख रहे हैं? साक्ष्यों को छिपाना संज्ञेय अपराध है। इस मामले में मुख्यमंत्री बघेल के ख़िलाफ़ क़ानूनी प्रावधानों के मुताबिक़ कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके अलावा उन्होंने नक्सल मामले में गिरफ्तार एक ऐसे संदिग्ध से परिचय होना स्वीकार किया है जो वर्षों से जेल में बंद है। और किसी भी कोर्ट ने जिसे ज़मानत भी देने लायक नहीं समझा है। ऐसे आरोपियों का खुद के विधानसभा क्षेत्र में काम करना स्वीकार करके बघेल ने अनेक सवालों को जन्म दिया है। पहले सबूत छिपाना और अब आरोपियों से परिचय स्वीकार करना सीएम जैसे महत्वपूर्ण पद पर बैठे व्यक्ति की निष्ठा पर सवालिया निशान लगाता है। डॉ.सिंह ने कहा कि एक मुख्यमंत्री को खुद को संदेहास्पद नहीं बनाना चहिये और अपने बयानों में शालीनता के साथ तथ्यों का समावेश करना चाहिए।

 

20-11-2020
राजधानी में ही गृहमंत्री की स्मार्ट पुलिसिंग फेल तो बाकी इलाकों का हाल क्या होगा : संजय श्रीवास्तव 

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने भूपेश सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया है। श्रीवास्तव ने कहा है कि अभनपुर में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत की हृदयविदारक घटना ने समूचे प्रदेश को हिला दिया था। अब 24 घंटे के भीतर राजधानी में दो लोगों की निर्मम हत्या से कानून-व्यवस्था पर सवाल उठ रहा है। श्रीवास्तव ने प्रदेश के गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू से पूछा है कि जब राजधानी में ही उनकी स्मार्ट पुलिसिंग फेल हो गई है, तो प्रदेश के बाकी इलाकों का क्या हाल होगा? इधर प्रदेश के कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे के विधानसभा क्षेत्र में एक किसान ने आत्महत्या की है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में जब से कांग्रेस की सरकार सत्ता में आई है, अपराधियों का दुस्साहस बढ़ा है। अब तो यह साफ जाहिर हो रहा है कि प्रदेश में ये अपराध अब उद्योग की शक़्ल अख़्तियार करते जा रहे हैं।  प्रदेश सरकार की उदासीनता के कारण राजनीतिक संरक्षण पाकर तमाम आपराधिक तत्व प्रदेश में दहशतगर्दी का माहौल कायम करने में लगे हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, गृह मंत्री साहू और कृषि मंत्री चौबे के अपने गृह जिलों में किसान लगातार आत्महत्या करने को विवश हो रहे हैं। कांग्रेस विधायक व पूर्व मंत्री धनेंद्र साहू के अपने गांव में एक किसान ने आत्महत्या कर ली। किसानों की आत्महत्या के ये मामले प्रदेश सरकार के किसान विरोधी होने पर मुहर लगाते हैं। प्रदेश सरकार पूरी तरह संवेदनहीन हो चुकी है। एक सजग विपक्ष के नाते जब भाजपा प्रदेश सरकार को आईना दिखाती है तो कांग्रेस के नेता बिफरकर मयार्दाहीन व निम्नस्तर की बयानबाजी करके झूठ और नफरत की सियासत पर उतर जाते हैं।

20-10-2020
Video:  संजय श्रीवास्तव ने कहा-कांग्रेस पार्टी में मरवाही उपचुनाव को लेकर घबराहट

रायपुर। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने कहा है कि मरवाही उपचुनाव के लिए कांग्रेस का यह कहना कि जेसीसीजे और अमित जोगी भारतीय जनता पार्टी का समर्थन कर रहे हैं। यह इस बात को सिद्ध करता है कि कांग्रेस पार्टी मरवाही उपचुनाव को लेकर घबराई हुई है। पहले से ही एक स्क्रीप्ट लिखने की कोशिश हो रही है। यदि कांग्रेस इस मरवाही चुनाव में हारेगी तो क्या कहना है। जबकि अमित जोगी स्पष्ट रूप से कह रहे हैं कि वो किसी पार्टी का समर्थन नहीं कर रहे हैं,वो केवल न्याय की मांग कर रहे हैं।

 

10-10-2020
संजय ने कहा- छत्तीसगढ़ को नशे के गर्त में धकेलने वाली साजिश के प्रति सरकार लापरवाह

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रदेश प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने छत्तीसगढ़ में ड्रग्स के काले कारोबार में हो रहे नित-नए खुलासों के मद्देनजर प्रदेश सरकार व उसकी प्रशासनिक मशीनरी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया है। श्रीवास्तव ने प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि छत्तीसगढ़ को नशे के गर्त में धकेलने वाली इस साजिश के प्रति सरकार लापरवाह रही है। अब तक जो तथ्य सामने आए हैं, उससे यही आशंका बलवती हो रही है कि शासन-प्रशासन के संरक्षण के बिना यह काला कारोबार संचालित नहीं हो सकता।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कहा है कि केवल राजधानी ही नहीं, प्रदेश के हर बड़े शहरों में ड्रग्स के इस काले कारोबार की जड़ें फैली हुई हैं। प्रदेश सरकार की बदनीयती और कुनीतियों ने पहले ही प्रदेश को शराब के नशे में डुबा रखा है। शराब की तस्करी में कांग्रेस के नेताओं व कार्यकर्ताओं की संलिप्तता जगजाहिर होती रही है, जिसमें पुलिस प्रशासन का खुला सहयोग व संरक्षण भी काफी चर्चित रहा है। अब ड्रग्स के इस नशीले कारोबार ने प्रदेश की साख को गहरा धक्का पहुंचाया है। प्रदेश इसे लेकर बेहद चिंतित है। इधर गांजा, अफीम की तस्करी खबरें भी प्रदेश को नशे के गर्त में धकेलने की साजिश को इंगित कर रही है। श्रीवास्तव ने कहा है कि शराब के नशे ने प्रदेश के कई लोगों की जान ले ली है लेकिन प्रदेश सरकार न तो शराबबंदी का अपना वादा निभा रही है। न ही प्रदेश की तरुणाई को खोखला होने से बचा रही है।

06-10-2020
रेत के काले कारोबार में भ्रष्टाचार की सारी हदें लांघी जा रही : संजय श्रीवास्तव 

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने कहा है कि  प्रदेश में रेत के काले कारोबार में भ्रष्टाचार की सारी हदें लांघी जा रही हैं। कायदे-कानूनों की भी खुलेआम धज्जियां उड़ाकर रेत माफिया अपने आतंक का समानांतर राज चला रहे हैं। श्रीवास्तव ने आरोप लगाया है कि सरकार के राजनीतिक संरक्षण और प्रशासन की उदासीनता के कारण सरकारी खजाने को जमकर चूना लगाया जा रहा है।  रेतघाटों में अवैध खनन से लेकर तस्करी तक में लगे माफिया बेखौफ फर्जी पीट पास से नदी-नालों के किनारे से रेत से भरे ट्रक बेच रहे हैं। जाहिर है, इतना बड़ा फजीर्वाड़ा बिना ह्यऊपरी संरक्षणह्ण के संभव नहीं है।
संजय ने कहा है कि रेत के इस पूरे काले कारोबार में राजधानी के अलावा प्रदेश के अन्य जिलों में पकड़े गए कई ट्रकों से जो पीट पास जब्त हुए हैं, उन पर बाइक और स्कूटर के नंबर दर्ज हैं। इन दुपहिया वाहनों के नंबर पर 20 घनमीटर यानी 600 से 800 फीट रेत परिवहन के लिए पीट पास जारी किया गया है। रेत के इस धंधे में शामिल सिंडीकेट में कई रसूखदारों की भागीदारी ने एक ओर जहां प्रशासन को खामोश बैठने के लिए विवश कर रखा है, वहीं शासन के जिम्मेदार लोग एस गोरखधंधे को अपनी कमाई का जरिया बनाकर इन माफियाओं को संरक्षण दे रहे हैं। कार्रवाई के नाम पर केवल कागजी खानापूर्ति की जा रही है। रेत के इस काले कारोबार में सिर्फ रायपुर शहर में ही रोजाना 12 करोड़ रुपए के घालमेल की आशंका के बाद प्रदेश सरकार की विश्वसनीयता दांव पर है। सरकार के नाकारापन के कारण  रेत कारोबार में बिचौलियों की मनमानी से आम आदमी का दम निकलने लगा है और अपने घर का उसका सपना चूर-चूर हो रहा है। प्रति ट्रक रेत की कीमत पिछले दो माह में दुगुनी होकर 30 हजार रुपए तक जा पहुंची है। इसके कारण निजी व शासकीय निर्माण कार्यो की लागत बेहिसाब बढ़ गई है। धमतरी में जिला पंचायत सदस्य खूबलाल ध्रुव पर जानलेवा हमला करने के आरोपी नागू चंद्राकर को जबरिया राजधानी के मेकाहारा अस्पताल में भर्ती करके विशेष सुविधाएं देने में अपनी भूमिका पर उठे सवालों का कोई जवाब प्रदेश सरकार ने नहीं दिया है।

23-09-2020
प्रदेश सरकार पीडीएस राशन आपूर्ति, टेस्टिंग और इलाज के पर्याप्त इंतजाम पर ध्यान दें : संजय 

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में जारी लॉक डाउन की सफलता तय करने पर प्रदेश सरकार को ध्यान देने कहा है। श्रीवास्तव ने कहा है कि, प्रदेश सरकार यह देखें कि पीडीएस का राशन गरीब व जरुरतमंद परिवारों तक पहुंचा है कि नहीं? इसी प्रकार कोरोना की टेस्टिंग व इलाज के लिए मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने के इंतजाम पर ध्यान दें। श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की ओर से प्रदेश कांग्रेस व विधायकों-सांसदों की बैठक रखने पर तंज कसा है। साथ ही कृषि बिल के खिलाफ आगामी 25 सितंबर को प्रदर्शन की अनुमति दिए जाने पर भी कड़ा ऐतराज जताया है।
उन्होंने कहा है कि, लॉक डाउन के कारण टेस्टिंग के लिए लोग घरों से निकल नहीं रहे हैं। इससे पॉजीटिव मरीजों का समय पर इलाज संभव नहीं हो पाएगा। क्या सरकार ऐसा करके कोरोना संक्रमितों के आंकड़ों को कम दर्शाकर प्रदेश की आंखों में धूल झोंकने की एक नई कवायद कर रही है? प्रदेश सरकार ने संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों के प्रति अन्यायपूर्ण कार्रवाई करके अपनी संवेदनहीनता का परिचय दिया है। आंदोलनरत इन स्वास्थ्य कर्मचारियों को प्रदेश सरकार वेतन के बजाय इस कोरोना काल में बर्खास्तगी का फरमान दे रही है। इस आंदोलन से कोरोना मामलों की जांच और उपचार की व्यवस्था चरमरा रही है। मुख्यमंत्री बघेल की ओर से बुधवार को प्रदेश कांग्रेस विधायकों-सांसदों की बैठक बुलाने पर तंज कसा है। उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री बघेल परिवार-दरबार को खुश करने और अपना नंबर बढ़ाने में मशगूल हैं, लेकिन कोरोना की भयावह स्थिति पर चर्चा करने के लिए वे बैठक नहीं बुला रहे हैं। इस बैठक से स्पष्ट है कि, प्रदेश सरकार केवल परिवार-दरबार के प्रति ही जवाबदेह है।

22-09-2020
संजय ने कहा- नक्सलियों के सफाए के लिए प्रदेश सरकार कब आक्रामकता दिखाएगी ?

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने छत्तीसगढ़ के आदिवासी इलाके बस्तर संभाग में नक्सलियों की हिंसक और आक्रामक वारदातों को लेकर प्रदेश सरकार से सवाल किया है। उन्होंने कहा है कि, लगातार नक्सलियों की ओर से बस्तर संभाग में जवानों व आदिवासियों को अगवा कर उन्हें मौत के घाट उतारकर दहशत फैलाने और विध्वंसक करतूतों को अंजाम दिया जा रहा है। इसके खिलाफ प्रदेश सरकार कब आक्रामकता दिखाएगी? इन दिनों नक्सली अपना स्थापना दिवस समारोह मना रहे हैं। इस बात की पूरी आशंका है कि वे इस दौरान प्रदेश, खासकर बस्तर में किसी बड़ी हिंसक वारदात को अंजाम देंगे।
संजय ने कहा है कि लगभग दो साल के अपने कार्यकाल में प्रदेश सरकार नक्सलियों से निपटने के लिए कोई ठोस व कारगर रणनीति तक तैयार नहीं की है। इसी का नतीजा है कि नक्सली प्रदेश की कांग्रेस सरकार को अपनी सरकार बताकर बेखौफ हिंसा कर रहे हैं। प्रदेश सरकार बताए कि उसके और नक्सलियों के इस रिश्ते को क्या नाम दिया जाए? एक तरफ नक्सली हिंसा का तांडव मचाए बैठे हैं, वहीं प्रदेश सरकार सुप्तावस्था से उबर ही नहीं पा रही है। प्रदेश की पूर्ववर्ती भाजपा सरकार ने तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने जिस मुस्तैदी से छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ रणनीतिक सफलता अर्जित कर नक्सलियों के सफाए की पहल की थी। आज दो साल के कांग्रेस शासन ने उस पूरी रणनीतिक सफलता पर पानी फेरने का ही काम किया है। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि प्रदेश सरकार ने नक्सलियों के लिए प्रदेश को खुला क्षेत्र मुहैया करा दिया है।

15-09-2020
रिहाई की मांग को लेकर हुआ आदिवासियों का प्रदर्शन प्रायोजित आंदोलन : संजय श्रीवास्तव 

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने गंभीर आरोप लगाए हैं। श्रीवास्तव ने बस्तर में आदिवासियों की रिहाई की मांग को लेकर हुए आदिवासियों के प्रदर्शन को प्रदेश सरकार और नक्सलियों की ओर से प्रायोजित आंदोलन बताया है। राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए श्रीवास्तव ने कहा है कि वह इस मामले में दोहरे चरित्र का परिचय दे रही है।  नक्सली उन्मूलन के लिए लगभग दो साल में भी कोई ठोस रणनीति नहीं बनाई जा सकी है। नक्सलियों के प्रति प्रदेश सरकार का नरम रुख कई संदेह और सवाल खड़े कर रहा है। श्रीवास्तव ने कहा है कि, कांग्रेस ने चुनाव से पूर्व बस्तर में गिरफ़्तार जिन आदिवासियों की रिहाई की बात कही थी, वे वास्तव में नक्सली तत्व हैं। अब प्रदेश सरकार को यह महसूस हो रहा है कि, जेलों से उनको रिहा करना करना प्रदेश के लिए घातक हो सकता है। रिहाई की मांग को लेकर नक्सलियों के दबाव से जूझती प्रदेश सरकार इन लोगों की रिहाई से जुड़ी तकनीकी दिक्कतों को लेकर हिचकिचा रही है। खुद की परेशानी से बचने के लिए अब नक्सलियों से अपनी मित्रता निभाती दिख रही है। झीरम घाटी के नक्सली हमले के सबूत पेश नहीं करके भी मुख्यमंत्री बघेल क्या कांग्रेस-नक्सली मित्रता निभा रहे हैं? श्रीवास्तव ने हैरत जताई कि , एक तरफ प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर नक्सली उन्मूलन के लिए एक अतिरिक्त बस्तरिया बटालियन की मांग करते हैं। दूसरी तरफ बस्तर में नक्सली प्रदेश सरकार को हमारी सरकार बताकर व्यापक पैमाने पर हिंसा कर रहे हैं। प्रदेश सरकार साफ करें कि आखिर यह रिश्ता क्या है? क्या आदिवासियों के नाम पर हुआ यह प्रदर्शन नक्सलियों का शक्ति प्रदर्शन नहीं है, ताकि प्रदेश सरकार इस प्रदर्शन की आड़ लेकर नक्सलियों को रिहा कर दे।

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