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14-10-2019
तेज रफ्तार बाइक की ठोकर से एक्टिवा सवार घायल, मामला दर्ज

रायपुर। तेज रफ्तार मोटरसाइकिल की टक्कर से एक्टिवा सवार व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की रिपोर्ट नेवरा थाने में दर्ज की गई है।  जानकारी के अनुसार सुभाष नगर नेवरा निवासी किशन हिंदूजा (25) पिता रमेश हिंदूजा ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि प्रार्थी का पिता 12 अक्टूबर  को शाम  04.20 बजे  एक्टिवा में सासाहोली से वापस नेवरा आ रहे थे तभी ओवरब्रिज के उपर तेज रफ्तार मोटर साइकिल के चालक ने लापरवाहीपूर्वक प्रार्थी के पिता को ठोकर मार दी जिसके चलते बाइक क्षतिग्रस्त हो गई तथा दाहिने पैर का पंजा, घुटना एवं एड़ी में गंभीर चोटें आई हैं। एक्सीडेंट के बाद आरोपी ने प्रार्थी के पिता को गालियां देनी शुरू कर दी। एक्सीडेंट में घायल हो जाने के बाद उन्हें इलाज के लिए मिशन अस्पताल तिल्दा में भर्ती किया गया है। घटना की रिपोर्ट पर पुलिस ने अज्ञात मोटरसाइकिल चालक के खिलाफ  अपराध कायम कर मामला दर्ज कर लिया है।

13-10-2019
जापान में तूफान हगिबिस का कहर, 19 लोगों की मौत, लाखों लोग बेघर

टोक्यो। जापान की राजधानी टोक्यो समेत देश के अन्य हिस्सों में आये प्रचंड तूफान हगिबिस से अब तक कम-से-कम 19 लोगों की मौत हो चुकी है और एक दर्जन से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं। तूफान हगिबिस ने शनिवार को जापान में दस्तक दी। देश के बड़े हिस्से में भारी बारिश की वजह से आयी बाढ़ में फंसे लोगों को बचाने के लिए रविवार को बड़े पैमाने पर बचाव अभियान शुरू किया गया। भूस्खलन की भी कई घटनाएं हुईं। तूफान टोक्यो को अपनी चपेट में लेने के बाद उत्तर की ओर बढ़ गया। जापान के कई हिस्से जलमग्न हो चुके हैं। रिपोर्ट के मुताबिक इस तूफान में कम-से-कम 19 लोगों की मौत हो गई व एक दर्जन से अधिक लोग लापता हो गये और 100 से अधिक लोग घायल हो गए। हगिबिस से प्रभावित होने वाले लोगों की संख्या बढ़ रही है। वहीं देश की 14 नदियों में बाढ़ आ गई है। सत्तारूढ़ पार्टी के नेता फुमियो किशिदा ने  कहा कि खतरा अभी भी बना हुआ है और यह एक वास्तविकता है जिससे हमें सतर्क रहना चाहिए। हमें अपनी पूरी कोशिश करनी चाहिए। आपदा कभी भी आ सकती है। सरकारी आदेशों के तहत लगभग 27,000 पुलिस कर्मी और सैनिक बचाव कार्य में लगे हैं। सैनिक हेलीकॉप्टर से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं। हजारों लोगों को प्रभावित क्षेत्रों से निकाला गया।  60 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी जारी की गई थी। तूफान की वजह से रग्बी वर्ल्ड कप के कई मैच रद्द कर दिए गए। कई मैचों के समय को आगे बढ़ा दिया गया।

12-10-2019
ट्रक से जा भिड़ी पिकअप, दो की मौत, दर्जनों घायल

अंबिकापुर/ प्रतापपुर। अंबिकापुर मार्ग पर धरमपुर व जगन्नाथपुर के बीच सिंगलदोन के पास मजदूरों से भरी पिकअप सड़क किनारे खड़े ट्रक से जा भिड़ी। दुर्घटना शुक्रवार देर रात की है। हादसे में पिकअप में सामने बैठे 2 मजदूर की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए। घटना के बाद वहां चीख-पुकार मच गई। सूचना पर खडग़वां चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को इलाज के लिए प्रतापपुर अस्पताल भिजवाया। यहां चिकित्सकों ने स्थिति को गंभीर देखते हुए सभी घायलों को अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रिफर कर दिया। इधर शनिवार को एसडीएम व एसपी घटनास्थल पर पहुंचे और अधूरे सड़क निर्माण को लेकर ठेकेदार के कर्मचारियों को फटकार लगाई। सूरजपुर जिले के प्रतापपुर थाना क्षेत्र के ग्राम गोटगवां में शासकीय भवन का निर्माण कार्य चल रहा है। जयनगर थाना क्षेत्र के अखोरा व घंघरी के आस-पास के 28 मजदूर पिकअप में सवार होकर बिल्डिंग के छत की ढलाई करने गए थे। काम खत्म होने के बाद सभी मजदूर रात को पिकअप में भरकर घर लौट रहे थे। रात 9.30 बजे प्रतापपुर-अंबिकापुर मार्ग पर ग्राम धरमपुर व जगन्नाथपुर के बीच सिंगलदोन के पास पिकअप सड़क किनारे अधंरे में खड़े ट्रक से जा भिड़ी। मजदूरों का शोर सुनकर स्थानीय लोगों ने खडग़वां चौकी पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और सभी को बाहर निकला। तब तक ग्राम अखोराखुर्द निवासी गोरेलाल (30) व धनुकधारी (50) की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने बाकी बचे घायलों को इलाज के लिए प्रतापपुर अस्पताल भिजवाया। यहां चिकित्सकों ने सभी का प्राथमिक उपचार करने के बाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर रिफेर कर दिया। यहां देर रात को सभी को इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।

 

12-10-2019
श्रीनगर में भरे बाजार पर आतंकियों ने किया ग्रेनेड हमला, 7 घायल

श्रीनगर। जम्मू एवं कश्मीर की राजधानी श्रीनगर के भीड़ भरे बाजार में शनिवार को आतंकवादियों ने ग्रेनेड से हमला कर दिया, जिसमें 11 नागरिक घायल हो गए। पुलिस ने कहा कि आतंकवादियों ने श्रीनगर में हरिसिंह हाई स्ट्रीट में ग्रेनेड से तब हमला किया, जब वहां खरीदारों की भीड़ लगी थी। पुलिस ने कहा, "ग्रेनेड हमले में कम से कम 11 नागरिक घायल हो गए हैं। सभी घायलों को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।" घटना के तत्काल बाद ही मौके पर भारी मात्रा में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। घटनास्थल पर जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ-साथ सुरक्षबलों की टीम मौजूद है। सुरक्षाबल ग्रेनेड अटैक के बारे में पड़ताल कर रहे हैं। इससे पहले दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग में आतंकियों ने पांच अक्टूबर को ग्रेनेड हमला किया था। डीसी ऑफिस के बाहर किए गए हमले में एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी और एक पत्रकार समेत 14 लोग घायल हुए थे। सुरक्षा एजेंसियों के पास इनपुट है कि आतंकी घाटी के अन्य जिलों में भी भीड़भाड़ वाले स्थानों पर हमले कर सकते हैं। पांच अगस्त को अनुच्छेद 370 खत्म किए जाने के बाद आतंकवादियों ने दुकानदारों, ट्रांसपोर्ट संचालकों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को दैनिक कार्य नहीं करने के लिए धमकी दे रहे हैं।

 

10-10-2019
बेवजह दी गाली, विरोध करने पर किया चाकू से प्राणघातक हमला

रायपुर। सरस्वती नगर थाना क्षेत्र में अलग-अलग जगहों पर मामूली विवाद में दो लोगों को चाकू मारकर घायल कर देने की रिपोर्ट थाने में दर्ज की गई। मिली जानकारी के अनुसार ढिमरापारा राम दरबार निवासी प्रदीप बागमार 18 वर्ष ने रिपोर्ट दर्ज कराई  है कि प्रार्थी अपने दोस्त के साथ सतनामी पारा कोटा में तालाब से पैदल घर की ओर जा रहा था तभी रास्ते में खड़ी आटो में बैठे महेश धृतलहरे व दिनेश धृतलहरे ने बेवजह गाली गलौज करने लगे। मना करने पर चाकू निकालकर प्राणघातक हमला कर घायल कर दिया। इसी तरह मौदहापारा निवासी शहबाज अली 22 वर्ष ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि सेंट्रल लाइब्रेरी जीई रोड से स्कूटी से जाते समय मोटरसाइकिल सवार ने टक्कर मार दिया व गाली गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी देकर अपने पास रखे चाकू निकालकर प्रार्थी के उपर प्राणघातक हमला कर चोट पहुंचाया। घटना की रिपोर्ट पर पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 294, 307, 34 के तहत अपराध कायम किया है।

09-10-2019
पुराने विवाद को लेकर युवकों पर जानलेवा हमला, एक की मौत, दो घायल

कोरबा। कुसमुंडा थाना इलाके के प्रेमनगर में दो दिन पहले दुर्गापूजा पंडाल दो गुटों के बीच किसी बात को लेकर बहस हो गई थी। लोगों के बीच-बचाव से उस दिन मामला शांत हो गया था लेकिन एक पक्ष ने दूसरे से रंजिश रख लिया। वह फिर से एकबार मारपीट की योजना बनाने लगे। दशहरा के दिन बहस करने वाले दो दर्जन से ज्यादा युवक फिर सक्रिय हुए और दूसरे पक्ष के लोगों को सबक सिखाने के मकसद से उन्हें ढूंढते रहे। इसी बीच उन्हें जानकारी मिली कि प्रेमनगर में सभी युवक एक स्कॉर्पिओ में सवार है। उन्होंने मौके पर पहुंच कर उनकी गाड़ी जबरन रुकवा लिया। स्कार्पियों में सवार तीनो ही बाहर आ पाते इससे पहले ही उनपर हमला कर दिया। गाड़ी के शीशे तोड़ दिए गए और बाहर आते ही उनपर रॉड से ताबड़तोड़ हमला शुरू कर दिया। अचानक हुए हमले में भानु खूंटे, सुनील सिंह और मृगेश कुमार को गंभीर चोटे आईं है। मारपीट के इस वारदात को अंजाम देने के बाद करीब बीस से पच्चीस की संख्या में पहुंचे हमलावर मौके से फरार हो गए। वही तीनों घायल युवकों को गंभीर हालत में विकासनगर के अस्पताल ले जाया गया, जहां कोरबा के कोसाबाड़ी स्थित निजी अस्पताल रिफर कर दिया गया। यहाँ उपचार के बाद भानू और मृगेश की हालत स्थिर है जबकि सुनील की स्थिति नाजुक बनी बनी हुई थी। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। कुसमुंडा पुलिस ने इस सम्बन्ध में सभी हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों की शिनाख्त नहीं की है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। खुद डीएसपी मुख्यालय रामगोपाल करियारे, सीएसपी दर्री, थाना प्रभारी राकेश मिश्रा मौके पर डटे हुए है। दशहरे के मद्देनजर इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी।

 

08-10-2019
दिल्ली: सिलेंडर भरने के दौरान ब्लास्ट, मां-बेटी की मौत, एक गंभीर

नई दिल्ली। दिल्ली के करावल नगर इलाके में मंगलवार को सिलेंडर फटने से दो लोगों की मौत हो गई जबकि एक गंभीर रुप से घायल हो गया। हादसा उस समय हुआ जब एक छोटे एलपीजी सिलेंडर में गैस भरी जा रही थी। इस दौरान अचानक सिलेंडर में आग लग गई और सिलेंडर में ब्लास्ट हो गया। इस हादसे की चपेट में तीन लोग आ गए, जिसमें 2 महिलाओं की मौत हो गई जबकि 1 गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतकों की पहचान रामश्री (62) और उसकी बेटी हेमलता (38) के रूप में हुई है। हादसे में घायल राजेश को जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। पुलिस के अनुसार हादसा करावल नगर के न्यू सभापुर स्थित धन-धन सतगुरु आश्रम में हुआ। यहां कुछ लोग बड़े सिलेंडर से छोटे एलपीजी सिलेंडर में गैस डाल रहे थे। इस दौरान अचानक रिसाव के बाद सिलेंडर में आग लग गई और वहां रखे 2 छोटे सिलेंडर फट गए। पास में ही मौजूद हेमलता राम श्री और राजेश इसकी चपेट में आ गए।
घटना के बाद इसकी सूचना पुलिस और दमकल विभाग को दी गई। इसके बाद पीसीआर की मदद से तीनों को जीटीबी अस्पताल ले जाया गया। यहां डॉक्टरों ने हेमलता और रामश्री मृत घोषित कर दिया गया। जबकि राजेश का अस्पताल में उपचार जारी है।

06-10-2019
Breaking : ग्रामीणों से खचाखच भरा पिकअप वाहन पलटा, एक की मौत

दंतेवाड़ा। आज ग्रामीणों से खचाखच भरा पिकअप वाहन पलट गया। अचानक ड्राइवर की तरफ का गेट खुल गया जिससे चलती गाड़ी से ड्राइवर दूर जा गिरा। इस दुर्घटना में  एक ग्रामीण की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं दो दर्जन से अधिक ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायल सभी स्त्री-पुरुष व बच्चे घोटपाल गांव के बताए जा रहे हैं। वे सभी गीदम में बाजार कर वापस अपने गांव जा रहे थे तभी यह हादसा हुआ। घायलों का गीदम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज चल रहा है।

 

04-10-2019
छात्रा को चाकू मारकर छात्र झूल गया फांसी पर

बैकुंठपुर। कटगोडी हायर सेकेंडरी स्कूल से परीक्षा देकर निकली कैलाशपुर गांव की छात्रा पर उसी गांव के एक छात्र ने चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया और फिर वह फांसी पर झूल गया।  9-10 बार लगातार वार किए जाने से छात्रा गंभीर रूप से घायल हो गई है। उसे तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है जहां उसकी स्थिति नाजुक बताई जा रही है। यह जानकारी कटगोडी ग्राम के राजू साहू ने दी है।

 

03-10-2019
तो क्या एक बाप अपने बेटे की हत्या होते देखता रहे, उसे बचाना गुनाह है क्या?

रायपुर। कल रात एक हिस्ट्रीशीटर ने बाप बेटे पर चाकू से हमला किया। बेटे को बचाने के लिए बाप ने हिस्ट्रीशीटर पर गोली चलाई जिससे उसकी मौत हो गई और सारे जानकार लोगों ने उसे हत्या करार दे दिया। सब ने लिखा हिस्ट्रीशीटर की गोली मारकर हत्या। अब सवाल यह उठता है कि क्या एक बाप अपने बेटे को बचाने के लिए? अपनी आत्मरक्षा के लिए गोली नहीं चला सकता? और अगर वह अपने बेटे को बचाने के लिए गोली चलाता है और किसी को गोली लगती है तो क्या यह हत्या करना है? हत्या और गैर इरादतन हत्या दोनों के बीच का फर्क तो समझना ही होगा। वैसे भी सरकार अगर हथियार रखने का लाइसेंस देती है तो वह उसे शो पीस बनाकर रखने के लिए नहीं बल्कि कठिन परिस्थितियों में अपनी जान बचाने के लिए देती है, और अगर कोई अपने बेटे की जान अपनी जान बचाने के लिए गोली चलाता है तो उसे हत्यारा तो नहीं कहा जा सकता। बहरहाल आधी रात को पेट्रोल पंप पर हुई दुर्भाग्य जनक घटना में घायल बेटा अस्पताल में भर्ती है और उसे बचाने की कोशिश में गोली चलाने वाला पिता जेल में है। सवाल अब यह खड़ा होता है कि क्या वह पिता अपने बेटे को एक हिस्ट्रीशीटर के हाथों मरने देता ? चुपचाप खड़ा तमाशा देखता? या फिर कठिन परिस्थितियों के लिए खरीदी गई लाइसेंसी पिस्तौल का इस्तेमाल करता? जहां तक कानून का सवाल है वह अपना काम कर रहा है और उसे अपना काम करने दिया जाना चाहिए। कानून भी गोली चलाने वाले को, हत्या करने वालों को, बिना जांच बिना सबूत, बिना उसका पक्ष जाने हत्यारा करार नहीं देता मगर जल्दबाजी में सारे अखबारों ने बेटे को बचाने के लिए गोली चलाने वाले बाप को हत्यारा करार दे दिया। किसी के पास इस इस वारदात का माननीय पहलू बखान करने का समय नहीं था। किसी ने उस आदतन अपराधी के चाकू चलाने और एक युवक को घायल करने को प्रमुखता नहीं दी। नाही प्रतिक्रिया स्वरूप गोली चलाई जाने का मार्मिक पक्ष सामने रखा। फिर सवाल आता है परिस्थितियों का, तो क्या एक अनजान वहशी को चाकू से अपने बेटे पर आधी रात को प्राण घातक हमला करता देख, पिता के पास गोली चलाने के अलावा कोई और विकल्प था? क्या वंहा उसकी मदद के लिए कोई आगे आया था? क्या वो खामोश खड़ा खड़ा किसी अनजान वहशी को अपने बेटे को चाकू से गोद कर जान से मारने देता? सवाल ये महत्वपूर्ण है कि उन परिस्थितियों में वो क्या कर सकता था? फिर पुत्र को बचाने के लिए गोली चलाने जैसा कठिन निर्णय लेने वाले पिता ने तो कानून का पूरा पूरा सम्मान किया। वो स्वंय गया पुलिस के पास और उसने सारी जानकारी दी। यदि वो अपराधी होता तो खुद चलकर थाने क्यो जाता? परिस्थियों पर गौर किये बिना, मृतक के आपराधिक रिकार्ड को जानते हुए भी पुत्र प्रेम से ओतप्रोत एक पिता को साफ साफ हत्यारा ठहरा देना कहीं से भी जायज नहीं कहा जा सकता है और ना ही यह पत्रकारिता के उच्च मापदंड स्थापित करता है। बहरहाल कानून जब बेटे को बचाने के लिए गोली चलाने वाले के प्रकरण पर फैसला देगा तब देगा लेकिन आज तो अखबारो ने तो उसे हत्यारा करार देने में कहीं कोई कसर नहीं छोड़ी। 

 

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