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28-04-2020
सिंहदेव का निर्मला सीतारमण को पत्र, जीएसटी क्षतिपूर्ति की राशि जल्द जारी करने का अनुरोध

रायपुर। वाणिज्यिक कर मंत्री टीएस सिंहदेव ने पिछले वित्तीय वर्ष 2019-20 की जीएसटी क्षतिपूर्ति की शेष राशि के जल्द भुगतान के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखा है। उन्होंने केन्द्रीय वित्त एवं कार्पोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमन को लिखे पत्र में कहा है कि कोविड-19 संक्रमण के कारण अप्रैल माह में राजस्व संग्रहण का कार्य गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है। इससे राज्य को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने दिसम्बर-2019 से मार्च-2020 तक की जीएसटी क्षतिपूर्ति की राशि 1554 करोड़ 50 लाख रूपए का शीघ्र भुगतान करने का अनुरोध किया है।मंत्री सिंहदेव ने पत्र में कहा है कि जीएसटी क्षतिपूर्ति की कुल बकाया राशि 1896 करोड़ रूपए में से केन्द्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा अक्टूबर-नवम्बर-2019 की क्षतिपूर्ति राशि 341 करोड़ 56 लाख रूपए का भुगतान विगत 7 अप्रैल को किया गया है। केंद्र सरकार से दिसम्बर-2019 से मार्च-2020 तक की जीएसटी क्षतिपूर्ति की राशि 1554 करोड़ 50 लाख रूपए का भुगतान अब भी बाकी है। उन्होंने केन्द्रीय वित्त एवं कार्पोरेट कार्य मंत्री को लिखा है कि है कि मार्च में हुई जीएसटी परिषद की बैठक में आपके द्वारा राज्यों को लंबित जीएसटी क्षतिपूर्ति के जल्दी भुगतान के लिए आश्वस्त किया गया था। परंतु छत्तीसगढ़ को अभी भी 1554 करोड़ 50 लाख रूपए का भुगतान बाकी है। उन्होंने इसे जल्द से जल्द जारी करने का आग्रह किया है।

 

23-04-2020
मेडिकल उपकरण, मास्क-ग्लब्स और सेनेटाइजर सहित आवश्यक दवाइयों से तत्काल जीएसटी हटाने की मांग

रायपुर। कांग्रेस संचार विभाग के सदस्य और साहू समाज के राष्ट्रीय युवा कार्यकारी अध्यक्ष संदीप साहू ने मेडिकल उपकरण, मास्क-ग्लब्स और सेनेटाइजर सहित आवश्यक दवाइयों से तत्काल जीएसटी हटाने की मांग की है। संदीप का कहना है कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई को मजबूती प्रदान करने इन आवश्यक मेडिकल आवश्यकता से जीएसटी तत्काल हटाया जाए। उन्होंने कहा कि कोरोना के विरुद्ध इस जंग में सरकार के साथ जनता भी बराबर की भागीदारी निभा रही है। ऐसे में यह आवश्यक हो जाता है कि मेडिकल उपकरण और दवाओं जैसे बुनियादी सुविधाओं पर जीएसटी में छूट दी जाए।

ताकि आम जनता को ऐसे समय राहत मिले और यह जंग जीती जा सके। उन्होंने लोगों से अपील की है कि युवा कांग्रेस के अभियान हैशटैग जीएसटी फ्री कोरोना से जुड़कर इस मांग को मजबूती प्रदान करें।  बताया गया कि संदीप साहू के नेतृत्व में युवाओं ने जरुरतमंदों को हजारों पैकेट राशन सामग्री और मास्क वितरण एवं कमल विहार में फंसे मजदूरों को अनाज वितरण किया जा चुका है। इस मुश्किल घड़ी में संदीप साहू राहत कोष में राशि जमा करने लोगों को प्रेरित कर रहे हैं। सोशल डिस्टेंस और सरकार की गाइडलाइंस का पालन करने लोगों को जागरूक करने का काम भी संदीप अपने साथियों के साथ  कर रहे हैं।

08-04-2020
जीएसटी क्षतिपूर्ति के 341.56 करोड़ मिले छत्तीसगढ़ को, सिंहदेव ने शेष बचे राशि को जल्द जारी करने की मांग की

रायपुर। छत्तीसगढ़ के लिए केन्द्रीय वित्त मंत्रालय ने अक्टूबर-नवम्बर-2019 के बकाया जीएसटी क्षतिपूर्ति की राशि 341 करोड़ 56 लाख 50 हजार रूपए जारी किए हैं। जीएसटी क्षतिपूर्ति के रूप में प्रदेश को दिसम्बर-2019 से मार्च-2020 के लिए एक हजार 554 करोड़ 43 लाख 50 हजार रूपए और मिलने हैं। वाणिज्यिक कर (जीएसटी) मंत्री टीएस सिंहदेव ने भारत सरकार से यह राशि जल्द से जल्द जारी करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जीएसटी क्षतिपूर्ति की पूरी राशि मिलने से प्रदेश को कोविड-19 से निपटने में जरूरी संसाधन जुटाने और लॉक-डाउन के दौरान लोगों को राहत पहुंचाने में मदद मिलेगी।उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ को अक्टूबर-2019 से मार्च-2020 के लिए जीएसटी क्षतिपूर्ति के रूप में भारत सरकार से एक हजार 896 करोड़ रूपए मिलने थे। इनमें से 341 करोड़ 56 लाख 50 हजार रूपए 7 अप्रैल को जारी कर दिए गए हैं। जीएसटी क्षतिपूर्ति के तौर पर केन्द्रीय वित्त मंत्रालय से प्रदेश को अभी भी एक हजार 554 करोड़ 43 लाख 50 हजार रूपए मिलने बांकी है।

13-03-2020
जीएसटी बैठक में उपभोक्ताओं को मिल सकता है झटका, ये चार सामान हो सकते हैं महंगे 

नई दिल्ली। जीएसटी परिषद की इस सप्ताह 14 मार्च को बैठक होने वाली है। बैठक में मोबाइल फोन, ऊर्वरक, कृत्रिम धागे और कपड़ों पर अप्रत्यक्ष कर की दरें बढ़ाकर 18 फीसदी की जा सकती हैं। विशेषज्ञों ने ऐसी राय जाहिर की है कि जीएसटी दरें बढ़ाने से विनिर्माताओं के पास पूंजी की स्थिति में सुधार हो सकता है, लेकिन इससे तैयार माल की कीमतें बढ़ सकती हैं। अभी कुछ तैयार माल पर पांच से 12 फीसदी की दर से जीएसटी लगता है। हालांकि इनसे संबंधित सेवाओं तथा पूंजीगत वस्तुओं पर 18 फीसदी अथवा 28 फीसदी की दर से अपेक्षाकृत अधिक कर लगता है।

विनिर्माताओं को उन मामलों में इनपुट टैक्स क्रेडिट के रिफंड का दावा करना पड़ता है। इनमें तैयार माल की तुलना में इनपुट (उत्पादन सामग्री/सेवा पर) कर की दरें अधिक होती हैं। इस व्यवस्था के तहत सालाना करीब 20 हजार करोड़ रुपये के रिफंड का दावा किया जाता है। इसे दुरुस्त करने की जरूरत है। अधिकारियों ने कहा कि जीएसटी परिषद चरणबद्ध तरीके से इस गड़बड़ी को दूर करेगी। शनिवार की बैठक में चार सामानों मोबाइल, ऊर्वरक, जूते एवं कृत्रिम धागे तथा कपड़े एवं परिधान पर निर्णय लिया जा सकता है।

09-03-2020
देश में ऑनलाइन ट्रांजेक्शन को लेकर जागरूकता से गूगल के सीईओ भी प्रभावित : अनुराग सिंह

रायपुर। केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री सीआईआई के कार्यक्रम में उद्योगपतियों एवं व्यापारियों को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार 5 ट्रिलियन इकोनॉमी की दिशा में काम कर रही है। जीएसटी को 30 फीसदी से कम करके 15 फीसदी किया गया है। जीएसटी कम करने के लिए नए बजट सत्र का इंतजार नहीं किया। वहीं सरकार लगातार टैक्स की दरों को कम करने की दिशा में प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि जीएसटी अपने आप में एक क्रांतिकारी कदम है। अनुराग सिंह ने कहा कि देश की आर्थिक उन्न्ति के लिए ये सभी निर्णय हैं। हिंदुस्तान में ऑनलाइन ट्रांजक्शन को लेकर जो जागरूकता आई है,उससे गूगल के सीईओ भी प्रभावित हुए हैं।

यह हमारे लिए बड़ी उपलब्धि है कि कैशलेस ट्रांजक्शन की दिशा में हम तेजी के साथ आगे बढ़े हैं। हमने बैंकों के विलय के साथ उनकी क्षमता बढ़ाने के लिए काम किया है। दो माह के अंदर बैंकों को 63 हजार करोड़ स्र्पये सरकार ने उनकी आर्थिक सुदृढ़ता के लिए उपलब्ध कराए हैं। इस नीति से देश के बैंकिंग सिस्टम में और मजबूती आ रही है। चार महीने में एक लाख करोड़ स्र्पये से ज्यादा जीएसटी कलेक्शन आया है। हर नए काम की शुरूआत में बहुत सी नई चुनौतियां देखने को मिलती हैं, लेकिन धीरे-धीरे चुनौतियां स्वयं समाप्त हो जाती हैं। जीएसटी पर केंद्र सरकार नियम नहीं बनाती। राज्यों को इसके लिए स्वतंत्रता दी गई है। जीएसटी काउंसिल नियम बनाती है और इसमें राज्यों के चुने हुए प्रतिनिधि ही अपनी बात रखते हैं और नीति निर्धारित करते हैं। 

05-03-2020
कच्चें मकान को पक्का बनवाने के चक्कर में गवाई पूंजी, धोखाधड़ी का मामला दर्ज

रायपुर। कच्चें मकान को पक्का बनाने के चक्कर में सिलतरा के एक निजी इस्पात कंपनी के एचआर मैनेजर से हाउस लोन के नाम पर लाखों रूपए की ठगी का मामला सामने आया है। बता दें कि भिलाई के रितेश सरकार ने अपने कच्चे मकान को पक्का बनवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। इसके बाद रितेश से शिवराज फायनेंस ने जानकारी लेकर दस्तावेज की कॉपी के नाम पर लोन पास करने का झांसा दिया। लोन पास होने के नाम पर जीएसटी और प्रोसेसिंग चार्ज के रूप में 1 लाख 70 हजार रूपए लेने के बाद उन्होंने किसी भी प्रकार का लोेन नहीं देने की बात कही। प्रार्थी रितेश ने मामले की शिकायत रायपुर एसएसपी से की। मामले की पूरी जांच के बाद शिकायत सहीं पाए जाने पर सिलतरा चौकी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है।  


 
 

29-02-2020
अंडर बिलिंग के मामले में पान-मसाला व्यापारी कोर्ट की शरण में, जब्त पान मसाला सड़ा

रायपुर। बिलासपुर जिले में जीएसटी के अंडर बिलिंग मामले में छह हजार रुपए का पान मसाला जब्त किया गया था। व्यापारी के खिलाफ मामले में 5 लाख 51 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। व्यापारी ने कार्यवाही को गलत बताते हुए जुर्माना नहीं भरा और आला अधिकारियों को शिकायत करने के साथ ही कोर्ट की शरण लेकर अपील दायर की। अधिक दिन तक लावारिस पड़े होने के कारण जब्त पान मसाले में आधा माल सड़ गया है। बिलासपुर से तिल्दा जा रहे, ट्रक को जीएसटी के डिप्टी कमिश्नर आलोक सिंह ने सिरगिट्टी में पकड़कर जब्त कराया था।

11-02-2020
जीएसटी में सुधार के लिए बनी सलाहकार समिति, कैट ने किया स्वागत

रायपुर। कॉन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) और अन्य संगठनों ने जीएसटी कर प्रणाली में व्यापक सुधार के लिए एक संयुक्त समिति गठित करने की मांग की थी। इस मांग को स्वीकार कर केंद्र सरकार के निर्देश पर जीएसटी नेटवर्क ने कर संरचना के सरलीकरण और युक्तिकरण के लिए जीएसटी नेटवर्क में एक उच्च स्तरीय परामर्श समिति का गठन किया है। इस समिति में व्यापार और उद्योग, संस्थान, कर विशेषज्ञ, केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर बोर्ड के अधिकारी, कुछ राज्य सरकारों के प्रतिनिधि और जीएसटी नेटवर्क के अधिकारी शामिल होंगे। समिति जीएसटी प्रणाली में नई कार्यक्षमता और नए आईटी टूल्स को अपनाने पर प्रतिक्रिया और सुझाव देगी।

कैट राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी ने कहा कि कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल इस समिति के सदस्य भी हैं। उन्होंने समिति के गठन का स्वागत करते हुए कहा कि अंतिम स्तर के व्यापारी के दृष्टिकोण को सुरक्षित करने और जीएसटी कर संरचना के अधिक आसान अनुपालन को प्रोत्साहित करने और कर आधार को व्यापक  करने के लिए जीएसटी के तहत, राज्य और जिला स्तर पर भी इसी तरह की समितियां बनाई जाएंगी तो यह सबसे उपयुक्त होगा। उन्होंने कहा की यह केंद्र सरकार का एक सकारात्मक कदम है जो जीएसटी कराधान प्रणाली को सरल और तर्कसंगत बनाने में और इस मुद्दे पर एक लचीला दृष्टिकोण रखने के लिए सरकार की प्राथमिकता को दर्शाता है ताकि एक साधारण व्यापारी भी जीएसटी का अनुपालन कर सके। पारवानी ने कहा कि कैट के अतिरिक्त एसोचैम ,फिक्की, पीएचडी चैंबर, नैस्कॉम और लघु उद्योग भारती के प्रतिनिधियों को सदस्यों के रूप में लिया गया है। इसके अलावा, इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया, इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया, इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया एवं टैक्स विशेषज्ञों को भी समिति में प्रतिनिधित्व दिया गया है। जीएसटीएन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (सेवा) समिति के सदस्य सचिव होंगे। सलाहकार समिति की सिफारिश मुख्य रूप से दो भागों में होगी। एक प्रौद्योगिकी से संबंधित और दूसरी नीति से संबंधित जिससे इन दोनों का समावेश बेहतर तरीके से जीएसटी सिस्टम में किया जा सके।

 

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