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25-08-2020
उत्तराखंड के टिहरी में हिली धरती, जानमाल का नुकसान नहीं

नई दिल्ली। उत्तराखंड के टिहरी में मंगलवार शाम को भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता 3.4 थी। भूकंप की तीव्रता कम थी इसलिए कहीं से भी किसी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं है। अभी भूकंप के केंद्र का भी पता नहीं लग पाया है। बता दें कि 13 अप्रैल को बागेश्वर जिले में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.6 थी। 10 अप्रैल की रात भी यहां भूकंप आया था। इसकी तीव्रता 3.1 मापी गई थी। इससे पहले एक अप्रैल की रात कपकोट समेत बागेश्वर जिले के तमाम हिस्सों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 3.2 मापी गई थी। भूकंप का केंद्र नैनीताल था।

 

21-06-2020
कांवड़ यात्रा पर यूपी,उत्तराखंड, हरियाणा ने लगाया प्रतिबंध

लखनऊ। कोरोना वायरस महामारी के बीच उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हरियाणा ने संयुक्त रूप से निर्णय लेते हुए 6 जुलाई से शुरू होने वाली वार्षिक कांवड़ यात्रा की अनुमति नहीं देने का फैसला किया है। शिव भक्तों की कांवड़ यात्रा एक प्रमुख धार्मिक यात्रा होती है। 2019 में, सावन के शुभ महीने में 4 करोड़ से अधिक भक्त हरिद्वार गए थे। सरकार के एक प्रवक्ता के अनुसार, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड व हरियाणा के मुख्यमंत्रियों त्रिवेंद्र सिंह रावत और मनोहरलाल खट्टर के बीच एक वीडियो-कॉन्फ्रेंस के बाद कांवड़ यात्रा की अनुमति नहीं देने का फैसला आया। योगी ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और संभागीय आयुक्तों को भी धार्मिक नेताओं, कांवड़ संघों और शांति समितियों को फैसले के बारे में सूचित करने का निर्देश दिया।

यूपी सरकार के प्रवक्ता ने कहा, “मुख्यमंत्री ने कहा है कि धार्मिक नेताओं और कांवड़ संघों को भक्तों से अपील करनी चाहिए कि वे इस वर्ष महामारी के मद्देनजर यात्रा न निकालें। सावन के महीने में शिव मंदिरों में कोविड-19 प्रोटोकॉल को भी सख्ती से लागू करने का निर्णय लिया गया है।” सावन के महीने में शिव मंदिरों में बड़ी संख्या में भक्त उमड़ते हैं और राज्य सरकार ने मंदिर में एक समय में पांच श्रद्धालुओं से ज्यादा को जाने देने की अनुमति नहीं देने का फैसला किया है। एक बार में पांच से ज्याद भक्त मंदिर के अंदर मौजूद नहीं हो सकते हैं। हरिद्वार, गौमुख और गढ़मुक्तेशवर में गंगा में स्नान के बाद अपने साथ लिए पात्रों में जलभर कर बड़ी संख्या में भक्त शिव मंदिर में उन्हें चल चढ़ाते हैंं।

 

31-05-2020
 उत्तराखंड में मंत्री की पत्नी की रिपोर्ट आई पॉजिटिव, 41 लोगों को किया गया क्वारेंटाइन

 देहरादून। उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज की पत्नी अमृता रावत कोरोना वायरस से संक्रमित पाई गई हैं। ऐसे में मंत्री के साथ उनके निवास पर रहने वाले 41 अन्य लोगों को क्वारंटाइन कर दिया गया है। फिलहाल, अमृता रावत की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद पूरे राज्य मंत्रिमंडल में हड़कंप मच गया है।मालूम हो, अमृता रावत राज्य की पूर्व मंत्री भी रह चुकी हैं। जानकारी के अनुसार, देहरादून स्थित प्राइवेट लैब से उनके सैंपल की जांच रिपोर्ट आज पॉजिटिव आई है। बताया जा रहा है कि वह कुछ दिन पहले ही दिल्ली से लौटी थीं।  रिपोर्ट के अनुसार, जिला मजिस्ट्रेट आशीष श्रीवास्तव ने बताया, 'अमृता रावत की रिपोर्ट आ गई है और वह कोरोना पॉजिटिव पाई गई हैं। उन्हें एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया है। कैबिनेट मंत्री और उनके कर्मचारियों को क्वारंटाइन किया गया है।' इसके साथ ही, सतपाल महाराज सहित क्वारंटाइन करने वाले सभी लोगों के नमूने एकत्र करके कोरोना वायरस की जांच के लिए भेजे गए हैं।मालूम हो कि शुक्रवार को पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कैबिनेट बैठक में भाग लिया था, जहां मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी मौजूद थे। राज्य के स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार उत्तराखंड में शनिवार को 11 नए मरीजों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि के साथ प्रदेश में संक्रमितों की संख्या 727 पर पहुंच गई।

18-05-2020
छत्तीसगढ़ में फंसे उत्तराखंड और हिमांचल प्रदेश के श्रमिकों के लिए बिलासपुर से 20 मई को रवाना होगी स्पेशल ट्रेन

रायपुर। लॉक डाउन के चलते छत्तीसगढ़ राज्य में फंसे उत्तराखंड एवं हिमांचल प्रदेश के प्रवासी श्रमिकों को उनके गृह राज्य ले जाने के लिए 20 मई को बिलासपुर से हरिद्वार के लिए स्पेशल ट्रेन रवाना होगी। यह ट्रेन बिलासपुर से छूटने के बाद भाठापारा, रायपुर और दुर्ग स्टेशन पर रूकेगी,जहां से उक्त दोनों राज्यों के प्रवासी श्रमिक इसमें बैठकर अपने गृह राज्य जा सकेंगे। परिवहन विभाग के सचिव डॉ.कमलप्रीत सिंह ने इस संबंध में सभी जिला कलेक्टरों एवं परिवहन अधिकारियों को उक्त दोनों राज्यों के प्रवासी श्रमिकों को स्टेशन पर भेजे जाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इस स्पेशल ट्रेन में बिलासपुर स्टेशन से बिलासपुर, बलरामपुर, जांजगीर-चांपा, जशपुर, कोरिया, कोरबा, मुंगेली, रायगढ़, सूरजपुर, सरगुजा तथा गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में लॉकडाउन की वजह से फंसे उत्तराखंड एवं हिमांचल प्रदेश के प्रवासी श्रमिक सवार होंगे। इसी तरह भाठापारा स्टेशन से बलौदाबाजार, बेमेतरा तथा कवर्धा जिले में फंसे उक्त दोनों राज्यों के प्रवासी श्रमिक, रायपुर स्टेशन से रायपुर, बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, धमतरी, गरियाबंद, कांकेर, कोण्डागांव, महासमुंद, नारायणपुर तथा सुकमा जिले में फंसे प्रवासी श्रमिक तथा दुर्ग स्टेशन से बालोद, दुर्ग, राजनांदगांव जिले में फंसे उत्तराखंड एवं हिमांचल प्रदेश के प्रवासी श्रमिक सवार होकर अपने गृह राज्य तक जा सकेंगे।

11-05-2020
15 मई को खुलेंगे बदरीनाथ के कपाट, मुख्य पुजारी सहित 27 लोग ही जा सकेंगे

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के चलते चार धामों को खोलने की तारीख को आगे बढ़ाया गया था।बद्रीनाथ चार धामों में से एक महत्वपूर्ण धाम है। बदरीनाथ धाम के कपाट खोलने की तैयारी आखिरी चरणों में हैं। वहीं बताया जा रहा है कि बदरीनाथ मंदिर के कपाट खोलने के लिए मंदिर के रावल समेत 27 लोग ही जा सकेंगे। प्रशासन की मानें तो मंदिर में किसी भी श्रद्धालुओं को आने की इजाजत नहीं दी जाएगी।जोशिमठ के सब-डिवीजनल मैजिस्ट्रैट अनिल चान्याल ने इस बात की जानकारी दी कि बदरीनाथ के कपाट 15 मई को खोले जाने हैं और उस समय मंदिर के मुख्य पुजारी समेत सिर्फ 27 लोग ही जा सकेंगे।

उन्होंने बताया है कि लॉक डाउनऔर कोरोना संक्रमण को देखते हुए भारत सरकार की गाइड लाइन के अनुसार ये निर्णय लिया गया है।बदरीनाथ के कपाट खोलने के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान रखा जाएगा। चान्याल ने बताया कि बदरीनाथ में बिजली, पेयजल समेत आवश्यक सुविधाओं की तैयारी हो गई है। कपाट खुलने के मौके पर न तो कोई वीआईपी बदरीनाथ जा सकेगा और न ही आम श्रद्धालु।उत्तराखंड में मौजूद गंगोत्री, यमुनोत्री और केदारनाथ के कपाट खोल दिए गए हैं। अब 15 मई को बदरीनाथ के कपाट भी खोल दिए जाएंगे। 

 

27-04-2020
मुख्यमंत्रियों संग पीएम मोदी ने की बात, कहा- लॉक डाउन से मिला लाभ

नई दिल्ली। देश में जानलेवा कोरोना वायरस का कहर जारी है। कोरोना संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए से एक बार फिर से मुख्यमंत्रियों के साथ लॉक डाउन को लेकर चर्चा की। बैठक में उनके साथ गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे। इस बैठक में महामारी की स्थिति और महामारी रोकने के लिए केंद्र और राज्यों द्वारा उठाए गए कदम पर चर्चा की गई। पीएम मोदी ने बैठक में सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से कहा कि सामूहिक प्रयास का लाभ दिख रहा है। उन्होंने कहा कि लॉक डाउन का हमें लाभ मिल रहा है। देश में 3 मई तक के लिए लॉक डाउन लागू है। पीएम ने कहा कि दूसरे देशों के मुकाबले में भारत बेहतर स्थिति में है। बैठक के दौरान मिजोरम के मुख्यमंत्री ने कहा कि जो केंद्र सरकार का फैसला होगा उसे राज्य स्वीकार करेगा।

मेघालय के मुख्यमंत्री संगमा ने कहा कि राज्य तीन मई के बाद लॉक डाउन को जारी रखना चाहता है, जिसमें अंतर-राज्यीय और अंतर-जिला गतिविधियों पर प्रतिबंध जारी रहेगा। वहीं पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी ने राज्य के कोरोना योद्धाओं के लिए व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) और अन्य चिकित्सा उपकरण प्रदान करने के लिए केंद्र के हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने तीन मई को लॉक डाउन खत्म होने पर उद्योगों को शुरू करने की इच्छा जाहिर की और कोविड-19 से लड़ने के लिए भारत सरकार से वित्तीय सहायता मांगी।

उत्तराखंड के सीएम ने कहा कि पर्यटन और तीर्थयात्री लॉक डाउन से बहुत प्रभावित हुए हैं। पीएम के हस्तक्षेप से हम जल्द ही अपने उद्योग और अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित कर पाएंगे। सभी एहतियाती उपायों पर ध्यान केंद्रित करने के साथ, व्यापार और व्यापार गतिविधियां चरण-वार तरीके से शुरू होनी चाहिए। हमें धीरे-धीरे स्थिति को सामान्य करने के लिए लोगों के जीवन को आसान बनाना होगा। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा कि वह लॉक डाउन जारी रखने के पक्ष में हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि आर्थिक गतिविधियों को इजाजत दी जाए। पटनायक ने कहा, मैं केंद्र सरकार से विनती करता हूं कि हम अर्थव्यवस्था के उपायों को शुरू करें क्योंकि हम बीमारी पर लगाम लगाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ चर्चा में करीब 9 राज्यों के मुख्यमंत्री ने अपनी ओर से रिपोर्ट पेश किया। इनमें मेघालय, मिजोरम, गुजरात, बिहार, ओडिशा, पुडूचेरी, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड के सीएम शामिल रहें। इस बैठक में केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन शामिल नहीं हुए।

20-04-2020
14 को केदारनाथ धाम और 15 मई को खुलेंगे बद्रीनाथ धाम के कपाट

नई दिल्ली। उत्तराखंड में केदारनाथ मंदिर के कपाट इस बार 14 मई को खोले जाएंगे। इसके साथ ही बद्रीनाथ मंदिर के कपाट 15 मई को सुबह 4 बजे खुलेंगे। इस बात की घोषणा उत्तराखंड के संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने सोमवार को देहरादून में की। उन्होंने बताया कि टिहरी के महाराजा ने देश के मौजूदा स्थिति को ध्यान में रखते हुए दोनों ही तीर्थ स्थानों को खोले जाने के निर्णय की सूचना उनको दी है। इससे पहले कपाट खोलने की तिथि महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर तय होती थी। इस बार भी महाशिवरात्रि के दिन ही दोनों तीर्थ स्थानों के कपाट खोलने की तारीख तय होनी थी। गौरतलब है कि केदारनाथ के गद्दी स्थल ओम्कारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ में केदारनाथ के रावल भीमाशंकर शिवलिंग, स्थानीय दस्तूरदार और वेदपाठी गणों की मौजूदगी में पंचांग गणना के अनुसार मंदिर के कपाट खोले जाने की परंपरा रही है।देवभूमि उत्तराखंड में स्थित केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम लोगों की प्रमुख आस्था का केंद्र है। वहीं हिमालय पर्वत की गोद में स्थित केदारनाथ मंदिर 12 ज्योतिर्लिगों में सम्मिलित होने के साथ चार धाम और पंच केदार में से भी एक है। वही अलकनंदा नदी के बाएं तट पर नर और नारायण नामक दो पर्वतों के बीच स्थित बद्रीनाथ धाम भी अपनी अनोखी छटा के लिए काफी प्रसिद्ध है।

 

31-03-2020
उत्तराखंड में फंसे सीतापुर के मजदूर, मंत्री अमरजीत भगत ने पहुंचाई मदद

रायपुर। कोविड 19 वायरस के प्रसार को रोकने के लिए लगाए गए लॉक डाउन से अन्यत्र कार्य करने गए सीतापुर क्षेत्र के श्रमिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। छत्तीसगढ़ के कुछ मजदूर उत्तराखंड में फंसे हैं, जिन्हें सरकार की ओर से मदद पहुंचा दी गई है। छत्तीसगढ़ के अनिल एक्का और कुछ मजदूर उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में परेशान हाल में है। मंत्री अमरजीत भगत की ओर से जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर में इन श्रमिकों के बारे में बताया गया कि उनके पास राशन के साथ रुपए भी खत्म हो गए हैं। यह जानने के बाद खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने अधिकारियों को तुरंत एक्शन लेने को कहा। सहायक श्रम आयुक्त सविता मिश्रा ने उत्तराखंड सरकार से संपर्क कर उन मजदूरों के लिए आवश्यक खाद्य सामग्री उपलब्ध करवा दी। वे मजदूर छत्तीसगढ़ वापस आना चाहते थे, उन्हें समझाया गया कि वे जहां हैं वहीं रहे। उनके जरूरत की हर सामग्रियां उन तक पहुंचा दी जाएगी।

20-03-2020
यात्रियों को लेकर लौट रहा विमान लैंडिग के वक्त रनवे पर फिसला, सभी यात्री...

नई दिल्ली। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में नैनीसैनी एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा टल गया। शाम करीब चार बजे एयरपोर्ट पर लैंडिंग के वक्त रनवे पर विमान फिसल गया। गनीमत रही कि पायलट-सह पायलट समेत सभी यात्री सुरक्षित हैं। जानकारी के अनुसार, विमान गाजियाबाद के हिंडन से यात्रियों को लेकर पिथौरागढ़ लौट रहा था। इस दौरान जैसे ही विमान रनवे पर उतरा उस वक्त अचानक विमान अनियंत्रित होकर फिसल गया। विमान में नौ यात्री सवार थे। नैनीसैनी एयरपोर्ट के मैनेजर एवं एसडीएम तुषार सैनी हादसे की जानकारी मिलते ही एयरपोर्ट पहुंचे। उन्होंने बताया कि विमान को भी क्षति नहीं पहुंची है। इसके साथ ही सभी यात्री भी सुरक्षित हैं।

हिंडन के लिए ये एक ही फ्लाइट
बता दें कि उत्तराखंड से हिंडन के लिए जाने वाली ये नौ सीटर ये एक ही फ्लाइट है। यह देहरादून से पिथौरागढ़ और हिंडन के लिए चलती है। सुबह पहले विमान जौलीग्रांट एयरपोर्ट से पिथौरागढ़ जाता है। इसके बाद पिथौरागढ़ से आधे घंटे बाद फिर देहरादून लौटता है। कुछ देर बात दौबारा पिथौरागढ़ और वहां से हिंडन के लिए रवाना होता है। शाम को यह फ्लाइट फिर पिथौरागढ़ पहुंचती है। इसके बाद देर शाम को विमान देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर लैंड करता है। 

 

26-02-2020
उत्तराखंड में भारी बर्फबारी, फंसे रहे 50 पर्यटक

नई दिल्ली। उत्तराखंड में थल-मुनस्यारी सड़क पर रातापानी से पातलथौड़ तक छह इंच से अधिक बर्फबारी हुई। बर्फबारी होने से थल-मुनस्यारी मार्ग पर एक दर्जन से अधिक वाहन फंस गए। वहीं 50 से अधिक पर्यटकों ने कालामुनि में भूखे-प्यासे रात गुजारी। यात्रियों को रेस्क्यू करने के लिए अस्कोट से एसडीआरएफ की टीम कालामुनि पहुंची, लेकिन यात्रियों ने रात में उनके साथ जाने से मना कर दिया। सुबह को सड़क खुलने पर उन्हें मुनस्यारी ले जाया गया। स्थानीय यात्री वाहनों से उतरकर पैदल ही 16 किमी बर्फ में चलकर मुनस्यारी पहुंचे। कुछ यात्री कालामुनि से बेटुलीधार तक सात किलोमीटर पैदल चले। इन सभी यात्रियों को मुनस्यारी पुलिस ने रेस्क्यू कर मुनस्यारी पहुंचाया।

21-02-2020
दिल्ली से देहरादून के बीच चलेगी हाई स्पीड तेजस, रेल मंत्री ने दी सैद्धांतिक मंजूरी

नई दिल्ली। दिल्ली से देहरादून के बीच हाई स्पीड तेजस ट्रेन चलेगी। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शुक्रवार को नई दिल्ली में रेल मंत्री पीयूष गोयल को इसका प्रस्ताव दिया। रेल मंत्री ने प्रस्ताव पर सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान कर दी है। रेल मंत्री ने हरिद्वार कुंभ के लिए प्रयागराज की तर्ज पर विशेष रेल व्यवस्था शुरू करने का आश्वासन भी दिया। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि उत्तराखंड की रेल परियोजनाओं के लिए बजट की कमी नहीं आने दी जाएगी। दिल्ली से देहरादून के बीच तेजस ट्रेन पाथवे उपलब्ध होते ही शुरू हो जाएगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर काम तेजी से हो रहा है। ढाई वर्ष में श्रीनगर गढ़वाल तक रेल पहुंचा दी जाएगी। कुंभ मेले के लिए देहरादून और हरिद्वार स्टेशनों की सुरक्षा बढ़ाई जाएगी। इसके साथ दून रेलवे स्टेशन का आधुनिकीकरण इस वर्ष नवंबर तक हो जाएगा। बैठक में रेल मंत्रालय और उत्तराखंड के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

कर्णप्रयाग रेल परियोजना में तेजी
मुख्यमंत्री ने रेल मंत्री को बताया कि 126 किलोमीटर लंबी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन के लिए वन भूमि परिवर्तन को मंजूरी मिल गई है। 167 हेक्टेयर निजी भूमि का अधिग्रहण हो गया है। परियोजना के लिए जियो टेक्निकल इंवेस्टिगेशन भी पूरा कर लिया है। एक आरयूबी (रोड अंडर ब्रिज) एवं एक आरओबी (रोड ओवर ब्रिज) तैयार हो चुका है।

दून-हरिद्वार के बीच डबल रेल लाइन
मुख्यमंत्री ने हरिद्वार-देहरादून के मध्य डबल रेल लाइन का प्रस्ताव दिया। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश में भारी माल लादने व उतारने और कंटेनरों से लदे रेल वैगनों के रुकने के लिए एक रेल कंटेनर डिपो स्थापित किया जाना चाहिए। देहरादून व ऋषिकेश स्टेशन के बीच सीधी रेल सेवा उपलब्ध कराने के लिए लक्सर की भांति रायवाला स्टेशन से पहले डाइवर्जन लाइन का निर्माण भी होना चाहिए।

तीन नई रेल लाइनों की रखी मांग
मुख्यमंत्री ने रेल मंत्री से लालकुंआ-खटीमा, टनकपुर-बागेश्वर और काशीपुर-धामपुर में नई रेल लाइनें स्वीकृत करने की मांग की। उन्होंने कहा कि तीनों रेल लाइनों का पर्वतीय क्षेत्र के विकास और सामरिक दृष्टि से काफी महत्व है। उन्होंने लालकुआं- शक्तिफार्म- सितारगंज- खटीमा रेल परियोजना निर्माण के लिए शत प्रतिशत फंडिंग की मांग केंद्र से की। 

 

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