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15-01-2021
विधानसभा की लोक लेखा समिति ने किया औचक निरीक्षण, ऑडिट आपत्तियों का निराकरण करने दिया निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ विधानसभा की ओर से गठित लोक लेखा समिति नगर निगम रायपुर के जोन 8 और 9 में पहुंची। बीएसयूपी योजना के क्रमश: कबीर नगर, कचना और खालबाडा की आवासीय परिसरों का औचक निरीक्षण किया। छत्तीसगढ के नियंत्रक महालेखाकार की ऑडिट आपत्तियों के निराकरण के संदर्भ में निरीक्षण कर वस्तुस्थिति देखी।  नागरिकों से चर्चा कर अधिकारियों को नियमानुसार प्रक्रिया पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। लोक लेखा समिति में शामिल रायपुर ग्रामीण विधायक सत्यनारायण शर्मा, चित्रकोट के विधायक राजमन बेंजाम, छत्तीसगढ विधानसभा के प्रमुख सचिव चंद्रशेखर गंगराड़े, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के उपसचिव आर. एक्का, सूडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सौमिल रंजन चैबे, छत्तीसगढ विधानसभा सचिवालय के अधिकारी शर्मा सहित नगर निगम रायपुर के अपर आयुक्त लोकेश्वर साहू, पुलक भट्टाचार्य, जोन 8 कमिश्नर अरूण ध्रुव, जोन 9 कमिश्नर संतोष पाण्डेय, जोन कार्यपालन अभियंता राकेश गुप्ता, हरेन्द्र कुमार साहू और संबंधित निगम अधिकारी उपस्थिति थे।

09-01-2021
भाजपा करेगी 13 जनवरी को विधानसभा स्तरीय धरना प्रदर्शन

जगदलपुर। धान खरीदी में प्रदेश सरकार की नाकामी को लेकर 13 जनवरी को भाजपा की ओर से विधानसभा स्तरीय धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इसमें हर विधानसभा में 2000 किसान भाइयों के साथ मिलकर धरना प्रदर्शन किया जाएगा तथा राष्ट्रपति एवं राज्यपाल के नाम ज्ञापन दिया जाएगा। इसी तरह 22 जनवरी को सभी जिला मुख्यालयों में धरना दिया जाएगा। इसमें 5000 किसान एवं कार्यकर्ता की उपस्थिति में धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इसकी तैयारी को लेकर शनिवार को बूथ स्तर के कार्यकर्ता के साथ दरभा,नानगुर,नगरनार एवं जगदलपुर मंडल के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की गई। बैठक नानगुर मंडल के सारगुड़ पर स्थित सामुदायिक भवन में हुई। भाजपाप्रदेश महामंत्री किरण देव ने कहा कि भूपेश सरकार किसानों का रकबा कम करने में लगी हुई है। किसान आत्महत्या करने में मजबूर हो रहे है। पूरे प्रदेश में किसानों को गुमराह कर सत्ता में आकर लगातार किसानों को छलने का काम भूपेश सरकार कर रही है। किसानों के साथ अन्याय के खिलाफ प्रदेश स्तर पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा।

यह प्रदर्शन 13 जनवरी बुधवार को दोपहर 12 बजे से 4 तक प्रदेश के हर विधानसभा पर होगा।नगरनार मंडल अध्यक्ष सुब्रोतो विश्वास ने कहा गिरदावरी के नाम पर सरकार शुरू से ये प्रयास कर रही है कि किसानों से कम धान खरीदा जाए। पूरे एक माह लेट से धान खरीदी शुरू की गई। पिछले साल का 2500 रुपये आज तक नही मिल पाया। आधा बारदाना किसानों को लाने को कहाँ जा रहा है,जिसका 15 रुपये ही दिया जा रहा है जबकि बाजार मूल्य 30 रुपये है। आज किसान परेशान है। इस अवसर पर जिला महामंत्री द्वय रामाश्रय सिंह एवम वेद प्रकाश पांडेय,उपाध्यक्ष रघुवंश श्रीवास्तव,मंत्री नरसिंग राव,जिला पंचायत सदस्य द्वय धरमु मंडावी एवं सीता नाग,महेश कश्यप,संजय पांडे,दीप्ति पांडेय,सुरेश गुप्ता,सतीश सेठिया,भोला श्रीवास्तव,पदलाम नाग,अर्जुन सेठिया,शिव लाल सेठिया,नीटू भदौरिया,संग्राम सिंह राणा,आर्येन्द्र सिंह आर्य,मनोहर दत्त तिवारी,राजेश श्रीवास्तव,मनीष पारख, प्रकाश झा,गणेश काले,राकेश तिवारी,अभय दीक्षित,राधेश्याम पद्रे,राजपाल कसेर व अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।

31-12-2020
अल्पमत में हैं ममता सरकार,विधानसभा में साबित करें बहुमत: कांग्रेस

कोलकाता। टीएमसी नेता सुवेंदु अधिकारी के भाजपा में शामिल होने के बाद से जैसे टीएमसी में बगावत करने की होड़ मच गयी है। एमएलए और नेताओं की बगावत के बाद बीजेपी में शामिल होने की होड़ के बीच विरोधी दल कांग्रेस और लेफ्ट ने दावा किया कि ममता सरकार पास पर्याप्त बहुमत नहीं है। जिस तरह से टीएमसी से विधायक दूसरी पार्टियों में जा रहे हैं। उससे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि यह सरकार अल्पमत में आ गई है। सरकार विधानसभा में अपना बहुमत साबित करे, जबकि टीएमसी ने कांग्रेस और लेफ्ट के दावे को खारिज करते हुए कहा कि राज्य की जनता का कांग्रेस और लेफ्ट पर विश्वास नहीं है पिछले चुनाव में यह साबित हो गया है। विधानसभा में विपक्ष के नेता अब्दुल मन्नान ने कहा, जिस तरह से टीएमसी के विधायक पार्टी छोड़ कर दूसरी पार्टियों में शामिल हो रहे हैंं। उससे यह साफ नहीं है कि विधानसभा में वर्तमान में टीएमसी के पास कितने विधायक हैं।  

क्या ममता बनर्जी की सरकार के पास बहुमत है या सरकार अल्पमत में आ गई है।  इसलिए यह जरूरी है कि सरकार विधानसभा का सत्र बुलाए और बहुमत साबित करे। माकपा विधायक दल के नेता सुजन चक्रवर्ती ने कहा, टीएमसी के कई नेता और मंत्री पार्टी छोड़ दी है। वर्तमान में सरकार के पास कितने विधायक हैं।  सरकार को यह साफ करना चाहिए। लेफ्ट और कांग्रेस ने इसके पहले भी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था तथा फिर पेश करेगी।

31-12-2020
असम के सरकारी मदरसे स्कूलों में बदले गए, विधानसभा से पारित हुआ बिल

गुवाहाटी। असम के विधानसभा में भारी हंगामे के बीच सभी सरकारी मदरसों को समाप्त कर उन्हें सामान्य स्कूल में तब्दील करने के प्रावधान वाले विधेयक को मंजूरी दे दी गई है। असम के शिक्षा मंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने कांग्रेस और एआईयूडीएफ सदस्यों के असम निरसन विधेयक-2020 को उचित चर्चा के लिए स्थायी समिति को भेजने के अनुरोध को अस्वीकार कर दिया। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष हितेंद्र नाथ गोस्वामी ने विधेयक पर मतविभाजन कराने को कहा। सदन में शोरगुल के बाद विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया है। विपक्षी सदस्यों की आपत्तियों का जवाब देते हुए सरमा ने कहा कि मैं महसूस करता हूं कि ये अल्पसंख्यक समुदाय के लिए उपहार साबित होगा। मदरसों में जो बच्चे पढ़ रहे हैं। वो 10 साल बाद इस फैसले का स्वागत करेंगे।

30-12-2020
युवा कांग्रेसियों के हाथों में होगी गुस्से की मशालें, जुबां पर इंसाफ की मांग

रायपुर। कृषि कानूनों के खिलाफ बुधवार को युवा कांग्रेसी मशाल आक्रोश जुलूस निकालेंगे। प्रदेश सह प्रभारी एकता ठाकुर व प्रदेश अध्यक्ष पूर्णचंद(कोको) पाढ़ी के नेतृत्व में राजनांदगांव जिले में मशाल आक्रोश जुलूस निकाला जाएगा। प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों और विधानसभा क्षेत्रों में मशाल आक्रोश जुलूस निकाला जाएगा। राजधानी रायपुर में प्रदेश सचिव स्वप्निल मिश्रा आंदोलन का नेतृत्व करेंगे। इस दौरान युंकाई मशाल हाथों में लिए किसानों का पक्ष साझा करेंगे। छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस के प्रवक्ता राहुल कर ने यह जानकारी देते हुए कहा है कि देश भर में किसानों की आवाज बुलंद करने और मोदी सरकार के संसद के शीतकालीन सत्र से  भागने के विरोध में मशाल आक्रोश जुलूस निकाला जा रहा है। किसान आंदोलन का 35वां दिन बुधवार को है। भारतीय युवा कांग्रेस आंदोलन के प्रारंभ से ही इन कृषि बिलों को लेकर किसानों के साथ पूर्ण संवेदना के साथ खड़ी है। और लगातार मुखरता से इन काले कानूनों के विरुद्ध आवाज उठा रही है। इसी तारतम्य में 30 दिसंबर को भारतीय युवा कांग्रेस के निर्देश पर छत्तीसगढ़ में भी किसानों की आवाज जनता तक पहुंचाने यह आयोजन किया जा रहा है। लोकतांत्रिक मूल्यों को ठेंगा दिखाने वाली मोदी सरकार को बेनकाब किया जाएगा।

 

29-12-2020
व्यसन मुक्ति पर विधायक रंजना साहू ने सदन में लगातार कराया ध्यानाकर्षण, अवैध गुटखा निर्माण पर कार्रवाई का मामला

धमतरी। विधानसभा के शीतकालीन सत्र में विधायक रंजना साहू द्वारा क्षेत्र व जनहित के अनेक गंभीर व ज्वलंत समस्याओं पर आसंदी को ध्यान आकृष्ट कराया। गौरतलब है कि विधायक ने अपने 2 वर्ष के कार्यकाल में सदन से शासन प्रशासन स्तर पर विकास के अनेक कार्यों को गंभीरता पूर्वक प्रदर्शित करते हुए उसे सफल कराने में पूर्णता सफल रही है। इस सत्र में भी विधानसभा संचालन प्रक्रिया के तहत विभिन्न याचिकाओं के माध्यम से सड़क, पुलिया, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा से संबंधित अनेक विषयों पर पुरजोर तरीके से अपनी बात प्रस्तुत की है, जिसमें सेमरा बी दोनर मार्ग में तथा खम्हरिया अंगारा मार्ग में पुलिया निर्माण किया जाना प्रमुखता से सम्मिलित है। क्षेत्र के गांव-गांव, शहर के अनेक वार्डो में छोटे बच्चों से लेकर उम्रदराज व्यक्तियों तक अपनी गहराई पैठ बना कर शरीर को अस्वस्थ कर अपने में निगल रही व्यसन पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए नशाबंदी पर सदन में ध्यानाकर्षण के माध्यम से सदन में गांधीजी के पूर्व नसाबंदी की ध्येय वाक्य को लागू करने की बात कहीं। जिसके संबंध में बीते दिनों शहर में संभ्रांत इलाके में जहां स्वास्थ्यगत सुविधाओं का केंद्र बिंदु है, वहां पर अवैध गुटखा का निर्माण कर अनेक क्षेत्रों में सप्लाई कर मौत को आमंत्रित करने वाले लोगों पर ठोस आपराधिक कार्रवाई के अभाव में नशाबंदी पर प्रश्नचिन्ह खड़े किए हैं।

विधायक ने ध्यानाकर्षण सूचना के माध्यम से नगर निगम के तकनीकी तथा निर्माण कार्यों पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करते हुए ध्यान आकर्षित किया कि शासन के विभिन्न योजनाओं से प्राप्त राशि का दुरुपयोग करते हुए निर्माण में गुणवत्ता विहीन होने की बात आम हो गई है। नामचीन लोग निगम में निविदा भरने की पूर्व रिंग बनाकर निगम को आर्थिक क्षति पहचांने का कार्य कर रहे हैं। पूर्व में जो निविदा में 26.64 प्रतिशत बिलों में जाता है, वही बाद में 7 प्रतिशत बिलों में निविदा जारी कर निगम को आर्थिक क्षति पहुंचाई गई। उक्त ध्यानाकर्षण के माध्यम से रंजना साहू ने संबंधित जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने की मांग नगरी प्रशासन विभाग से की है। शुन्य काल में विधायक रंजना साहू द्वारा पूर्व सरकार के समय में स्वीकृत ग्राम डांगीमाचा के किसानों को सिंचाई की सुगम व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए स्वीकृत योजनाओं को अविलंब चालू करने की मांग को प्रबलता के साथ रखते हुए कहा कि वहां के लोग डुबान में अपना सर्वस्व समर्पित कर देने के कारण आज अभाव का जिंदगी जी रहे हैं यदि उक्त सिंचाई योजना फलीभूत हो जाती है तो आर्थिक रूप से किसान सक्षम बनाया जा सकता है।

29-12-2020
मोहन मरकाम ने मुख्यमंत्री की घोषणा का किया समर्थन, कहा-स्थानीय बेरोजगारों को होगा फायदा

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने नगरनार संयंत्र को खरीदने की मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की घोषणा के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया है। पीसीसी अध्यक्ष मरकाम ने कहा है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के माध्यम से बस्तरवासियों के सपनों को पुनर्जीवित करने के उद्धेश्य से इस शासकीय संकल्प को विधानसभा में लाया गया। साथ ही छत्तीसगढ़ की अस्मिता और आदिवासियों की भावना को दृष्टिगत रखते हुए छत्तीसगढ़ की सरकार ने नगरनार स्टील प्लांट को खरीदेने की घोषणा की।

विधानसभा में सोमवार को बस्तर के नगरनार संयंत्र के विनिवेशीकरण को रोकने के लिए शासकीय संकल्प का मोहन मरकाम ने समर्थन किया। उन्होंने कहा कि नगरनार इस्पात संयत्र देश का पहला उदाहरण है, जो स्थापना होने से पहले ही प्रधानमंत्री इसे बेचने की तैयारी कर रहे हैं। नगरनार स्टील प्लांट जो एनएमडीसी भारत सरकार का उपक्रम है, नवरत्न कंपनियों में से एक है। इसमें भारत सरकार का कोई पैसा नहीं लगा है। एनएमडीसी प्रॉफिट के बाद डिविडेंड केंद्र सरकार को प्रदान करने के बाद रिजर्व फंड से नगरनार स्टील प्लांट का निर्माण किया जा रहा है । आज रेलवे स्टेशन बेचा, भारत पेट्रोलियम बेचा, एयर इंडिया बेचा, एलआईसी बेचा और अब किसानों की खेती-किसानी को भी बेचने की तैयारी कर ली। केन्द्र की भाजपा सरकार हमेशा यही पूछती है कि कांग्रेस पार्टी ने 60 साल में क्या किया ? मरकाम ने कहा कि बताना चाहता हूं कि हमारे देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी,राजीव गांधी ने देश में ऐसे उपक्रम बनाएं,जो आज नवरत्न कंपनियों में शुमार है। चाहे वह एनएमडीसी प्लांट हो, भिलाई स्टील प्लांट हो, भारत पैट्रोलियम हो, एलआईसी जो प्रॉफिट देने वाली कंपनियां है। इन सभी पर मोदी की सरकार की नजर पड़ी हुई है ।

 

28-12-2020
विधानसभा में भूपेश सरकार के दो वर्षों के विकास कार्यों पर केन्द्रित कैलेंडर का विमोचन, पीडीएफ फॉर्मेट जारी

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, विधानसभा के उपाध्यक्ष मनोज सिंह मंडावी और उपस्थित विशिष्ट अतिथियों ने सोमवार को विधानसभा परिसर स्थित समिति कक्ष में नए वर्ष 2021 के शासकीय कैलेंडर का विमोचन किया। यह कैलेंडर छत्तीसगढ़ में नई सरकार की ओर से पिछले दो वर्षों में किए गए विकास कार्यों पर केन्द्रित है। कैलेंडर के कव्हर पेज पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का कुम्हार के चाक पर दीया बनाते हुए चित्र प्रकाशित किया गया है। चित्र के नीचे लिखा हुआ है गढबो नवा छत्तीसगढ़। कैलेंडर का शीर्षक न्याय के बयार, सब्बो बर- सब्बो डहर दिया गया है। छत्तीसगढ़ शासन के वर्ष 2021 का कैलेंडर पीडीएफ फाइल के लिए यहां क्लिक करें



जनवरी में अन्नदाता को न्याय :
माह जनवरी के पन्ने पर शासन की ओर से किसानों के हित में लिए गए निर्णयों को अन्नदाताओं के लिए न्याय शीर्षक से अंकित किया गया है। इसके तहत 17 लाख किसानों को लगभग 9 हजार करोड़ रुपए की कर्ज माफी, 94 प्रतिशत किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, राजीव गांधी किसान न्याय योजना के माध्यम से किसानों को 5750 करोड़ रुपए में से 4500 करोड़ रुपए की आदायगी,15 वर्षों से लंबित सिंचाई कर की माफी को शामिल किया गया है। इस पन्ने पर हरे-भरे धान के खेत और फसल तैयार करती हुई महिला किसानों के चित्र प्रकाशित किए गए हैं।

फरवरी में सुराजी गांव
माह फरवरी के पन्ने पर शासन की सुराजी गांव योजना को नरवा, गरवा, घुरवा, बारी- चिन्हारी को न्याय शीर्षक से अंकित किया गया है। इसके अंतर्गत गौठानों से गांवों में आ रही आत्मनिर्भरता, वर्मी कम्पोस्ट निर्माण और विक्रय में मिल रही सफलता, गोबर से दीयों और अन्य उपयोगी सामग्री के निर्माण, हर माह औसतन 15 करोड़ रुपए की गोबर खरीदी का उल्लेख किया गया है। इस पन्ने पर गांवों में निर्मित सुंदर गौठानों और वहां चल रही आय-मूलक गतिविधियों के चित्र प्रकाशित किए गए हैं।

मार्च में खाद्य सुरक्षा :
मार्च महीने के पन्ने पर सार्वभौम पीडीएफ, पोषण से सबकों न्याय शीर्षक के अंतर्गत अंत्योदय परिवारों को एक रुपए किलो की दर से 35 किलो चावल, खाद्य एवं पोषण सुरक्षा के दायरे में प्रदेश की 96 प्रतिशत आबादी, अनुसूचित व माडा क्षेत्रों के अंतर्गत रियायती दर पर चना और गुड़ का वितरण, एपीएल परिवारों को 10 रुपए किलो की रियायती दर पर चावल, अन्नपूर्णा, निराश्रित व नि:शक्तजनों को निशुल्क चावल दिए जाने का उल्लेख किया गया है। इस पन्ने पर अंजुरि में अन्न भर कर मुस्कुराती ग्रामीण महिला की तस्वीर प्रकाशित की गई है।

अप्रैल में बिजली बिल आधा और औद्योगिक विकास
अप्रैल माह में बिजली बिल आधा औद्योगिक विकास का भी वादा शीर्षक के अंतर्गत बिजली बिल हाफ करने का वादा निभाने, 38 लाख से अधिक परिवारों को 1336 करोड़ रुपए की सीधी राहत प्राप्त होने,नई औद्योगिक नीति से 887 नये उद्योगों की स्थापना, 15000 करोड़ रुपए का पूूंजी निवेश और 15 हजार लोगों के लिए रोजगार के अवसरों के निर्माण, हर विकासखंड में फूडपार्क की स्थापना के लिए 105 स्थानों पर भूमि चिन्हांकन का उल्लेख किया गया है। इस पृष्ठ पर विद्युत उपभोक्ताओं और औद्योगिक गतिविधियों के चित्र प्रकाशित किए गए हैं।

मई में श्रमवीरों को न्याय
मई महीने में श्रमवीरों के लिए न्याय शीर्षक के अंतर्गत महात्मा गांधी नरेगा योजना में प्रतिदिन औसतन 26 लाख लोगों को रोजगार, महिलाओं की बड़ी भागीदारी, 100 दिवस रोजगार देने में देश में अव्वल होने, कोविड-19 के दौरान 7 लाख प्रवासी मजदूरों की सुरक्षित घर वापसी, शहीद महेन्द्र कर्मा तेंदूपत्ता संग्रहक सामाजिक सुरक्षा योजना का उल्लेख किया गया है। इस पन्ने पर महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत मिल रहे रोजगार की तस्वीर प्रकाशित की गई है।

28-12-2020
विधानसभा सत्र के पांचवे दिन इंदू बंजारे ने छात्रावास के अधिकारियों पर घूस लेने का आरोप लगाते हुए हटाने की मांग की

रायपुर। विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पांचवें दिन सदन में अविभाजित मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री झितरुराम बघेल श्रद्धाजंलि देने के बाद सदन की कार्यवाही शुरू हुई। प्रश्नकाल में बसपा विधायक इंदू बंजारे ने जांजगीर के बालिका छात्रावास का मामला उठाया। विधायक ने प्री मैट्रिक एवं पोस्ट मैट्रिक बालक बालिका छात्रावास के अधिकारियों पर घूस लेने का आरोप लगाते हुए अधिकारियों को हटाने की मांग की। सहकारिता मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम ने मामले में जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने की घोषणा की। विपक्षी सदस्यों की मांग पर विधायक की उपस्थति में जांच कराने की घोषणा की।

24-12-2020
पोलावरम बांध निर्माण मुद्दे पर मंत्री ने दिया जवाब, कहा-जब तक सुप्रीम कोर्ट का फैसला नहीं आता नहीं होगा कार्य 

रायपुर। विधानसभा में गुरुवार को जल संसाधन मंत्री रविंद्र चौबे ने पोलावरम बांध निर्माण को लेकर जवाब देते हुए कहा कि पोलावरम को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल किया गया है। जब तक सुप्रीम कोर्ट का फैसला नहीं आता तब तक निर्माण नहीं किया जा सकता है। प्रदेश के साथ-साथ दूसरे राज्यों ने भी याचिका लगाई है। मंत्री ने कहा कि आंध्रप्रदेश में निर्मित यह बांध राष्ट्रीय परियोजना है। पोलावरम बांध के निर्माण के कारण सुकमा के 9 गांव के प्रभावित हो सकते हैं। इनमें बंजाममुड़ा, मेटागुंडा, पेदाकिसोली, आसीरगुंडा, इंजरम, फंदीगुंडा, ढोढरा, कोंटा, वेंकटपुरम के प्रभावित होने का अनुमान है। इन क्षेत्रों की जनसंख्या 18 हजार 510 है। गौरतलब है कि जेसीसीजे विधायक रेणु जोगी ने पोलावरम बांध का मुद्दा सदन में उठाया था। रेणु जोगी ने सवाल किया कि इससे बस्तर के कौन-कौन क्षेत्र प्रभावित होंगे। सरकार इसे बचाने के लिए क्या कर रही है? सवाल के जवाब में जल संसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे ने सदन में बांध को लेकर जानकारी दी। इस दौरान मंत्री ने स्वीकार किया कि पोलावरम बांध से कोंटा मुख्यालय सहित 9 गांव डूबेंगे।

22-12-2020
विधानसभा की कार्यवाही बुधवार तक स्थगित,सदन में सदस्यों ने मोतीलाल वोरा को दी श्रद्धांजलि

रायपुर। विधानसभा सत्र के दूसरे दिन सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों ने स्व. मोतीलाल वोरा को श्रद्धांजलि दी। सदन में सदस्यों ने शोक संवेदना व्यक्त की। शोक संवेदना के बाद सदन की कार्यवाही बुधवार तक स्थगित कर दी गई। संसदीय कार्यमंत्री रविन्द्र चौबे सहित मंत्रिपरिषद के सदस्यों, सदन के सदस्यों ने स्व. मोतीलाल वोरा के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला। संसदीय कार्य मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि स्वर्गीय वोरा समाजवादी चिंतक थे। उनका जाना राजनीतिक क्षेत्र के लिए बड़ा नुकसान है। गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि स्व. वोरा सार्वजनिक जीवन के मूल्यों को सीखने की पाठशाला जैसे थे। मैंने भी उनसे बहुत सी बातें सीखने की कोशिश की।पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि मोतीलाल वोरा के निधन से हमने एक बहुत बड़े व्यक्तित्व को खो दिया है। वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि हमारे वरिष्ठ नेता हमारे बीच नहीं रहे, यह हम सबके लिए दुख की घड़ी है। स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने कहा कि स्व.वोरा का निधन हमारे लिए अपूरणीय क्षति है। वे हमारे मार्गदर्शक और अभिभावक रहे।खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि उनका साथ और मार्गदर्शन हमेशा याद आएगा। उन्होंने पार्षद से लेकर सर्वाेच्च शिखर तक की यात्रा की। वे सादगी की प्रतिमूर्ति थे। उद्योग मंत्री कवासी लखमा ने कहा कि उनके निधन से पूरा छत्तीसगढ़, पूरा बस्तर और देश दुखी है।

डॉ. रमन सिंह ने कहा कि विपक्षी दलों के सर्वाेच्च नेता भी स्व. वोरा का बड़ा सम्मान करते थे। वे सभी दलों में लोकप्रिय थे। वे हम सबके के लिए अभिभावक और पितातुल्य थे। धरमजीत सिंह ने कहा कि सभी दलों के लोग स्व.वोरा  का आदर करते थे। वे पूरी ईमानदारी, निष्पक्षता और निष्ठा के साथ काम करने वाले व्यक्ति थे। विधायक और सांसद के रूप में उन्होंने छत्तीसगढ़ की समस्याओं को मुखरता से उठाया। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने छत्तीसगढ़ अंचल के विकास के लिए अनेक कार्य किए। बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि स्व.वोरा के निधन से जो क्षति हुई है, उसकी पूर्ति नहीं हो सकती। वे धीर गंभीर थे, तो उनमें दृढ़ता भी थी। हमारी इस पीढ़ी ने उनसे बहुत कुछ सीखा।सत्यनारायण शर्मा ने कहा कि स्व.वोरा की सादगी और सरलता एक मिसाल है। धनेन्द्र साहू ने कहा कि स्व.वोरा ने लम्बे समय तक राजनीति की। यह मेरा सौभाग्य रहा कि उनका स्नेह और विश्वास मुझे हासिल हुआ। हमने एक महान व्यक्तित्व को खोया है।पुन्नू लाल मोहले ने कहा कि वे सत्ता पक्ष के साथ विपक्ष के लोगों की सहायता करते थे। अजय चंद्राकर ने कहा कि स्व.वोरा ने जमीन से उठकर सर्वाेच्च नेताओं के साथ काम किया। वे आदर्श मूल्यों को जीवंत करने वाले अजातशत्रु थे। नारायण चंदेल ने कहा कि उनसे सहजता और सरलता जैसे गुणों को सीखने की आवश्यकता है। शिवरतन शर्मा ने कहा कि वे छत्तीसगढ़ के गौरव थे। अमितेश शुक्ला ने कहा कि उनका निधन एक युग का अंत है। वे सिद्धांतों से समझौता नहीं करते थे।

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