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03-06-2020
अलीबाग के पास टकराया चक्रवात निसर्ग,कई जगह गिरे पेड़, एनडीआरएफ कर्मी काम में जुटे

मुंबई। चक्रवात निसर्ग ने महाराष्ट्र तट पर अलीबाग के पास टकराया है। इस संबंध में भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बुधवार को कहा कि चक्रवात निसर्ग ने दोपहर 12.30 बजे के आसपास टकराना शुरू कर दिया। चक्रवात निसर्ग ने मुंबई से करीब 110 किलोमीटर दूर अलीबाग से लगभग 40 किमी की दूरी पर भूस्खलन किया। वहीं आईएमडी ने एक बयान में कहा, यह धीरे-धीरे मुंबई और ठाणे जिलों में प्रवेश करेगा। वर्तमान में चक्रवात की हवा की गति 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा है।
भारतीय माैसम विज्ञान विभाग का कहना है कि चक्रवाती तूफान अगले कुछ घंटों में कमजोर हो जाएगा। मौसम ब्यूरो ने पहले महाराष्ट्र में करीब सात तटीय जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, अलीबाग सहित कई इलाकों में तेज बारिश और हवाएं चल रही हैं। तूफान के असर के चलते मुंबई एयरपोर्ट को शाम 7 बजे तक बंद कर दिया गया है।

राज्य में एनडीआरएफ की 21 टीमें तैनात हैं और करीब एक लाख लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया है। इसके अलावा कोस्ट गार्ड की टीमों को भी प्रभावित इलाकों में तैनात किया गया है। हवा इतनी तेज थी कि एक पेड़ कार के ऊपर ही गिर गया। तूफान से अलीबाग में तबाही मची है, कई जगह पेड़ उखड़ गए हैं। एनडीआरएफ कर्मचारियों ने यहां राहत कार्य शुरू कर दिया है।एनडीआरएफ की टीम ने गुजरात में अमरेली के जाफराबाद में सियालबेट द्वीप से लोगों को दूसरी जगह पर पहुंचाया। निसर्ग का सबसे ज्यादा असर रायगढ़, सिंधुदुर्ग और रत्नागिरी जिले में देखने को मिल रहा है। तेज हवाओं ने कई जगहों पर तबाही मचाई है, जगह जगह पेड़ उखड़े हैं और बिजली सप्लाई पर भी इसका असर पड़ा है। रायगढ़ में प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर लोगों को गुरुवार सुबह तक घर में ही रहने को कहा है। यहां तेज हवाएं चल रही हैं और जगह जगह पेड़ उखड़ गए हैं। सीएम उद्धव ठाकरे ने प्रशासन को निर्देश दिया है कि मुंबई और ठाणे से तूफान के गुजर जाने के साथ ही राहत व बचाव कार्य में तुरंत जुट जाएं। बता दें कि अगले कुछ घंटों में तूफान निसर्ग मुंबई और ठाणे से उत्तर दिशा की तरफ बढ़ जाएगा। मुंबई के सांताक्रूज में एक निर्माणाधीन भवन से सीमेंट की ईंटें गिरने के कारण पास ही में झोपड़ी में रह रहे एक ही परिवार के तीन लोग घायल हो गए।  

 

03-06-2020
तूफान में तब्दील हुआ 'निसर्ग' आज दोपहर मुंबई से टकराएगा चक्रवात, 100 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं

नई दिल्ली। चक्रवाती तूफान निसर्ग बुधवार को महाराष्ट्र के तट से टकराएगा। तबाही के मद्देनजर मुंबई और गुजरात में रेड अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार निसर्ग तूफान गंभीर चक्रवाती तूफान बन गया है। विभाग ने बताया कि यह गंभीर रूप धारण कर सकता है। इस बीच देर शाम से महाराष्ट्र में भारी बारिश भी शुरू हो गई। यह अभी मुंबई से 200 किलोमीटर की दूरी पर है। चक्रवाती तूफान निसर्ग महाराष्ट्र और गुजरात के तटों की ओर तेजी से बढ़ रहा है और आज दोपहर में मुंबई से 100 किलोमीटर दूर अलीबाग में तट से यह तूफान टकराएगा। इस दौरान 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। इससे भूस्खलन की भी आशंका है। मौसम विभाग का कहना है कि 12 घंटे में चक्रवाती तूफान निसर्ग एक विकराल चक्रवाती तूफान में बदल जाएगा। इस दौरान भारी बारिश और 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार चक्रवाती तूफान निसर्ग आज दोपहर से शाम तक मुंबई से करीब 94 किमी की दूरी पर स्थित अलीबाग से टकरा सकता है। मुंबई में तूफान के मद्देनजर धारा 144 लागू कर दी गई है और लोगों से घर के अंदर रहने की अपील की गई है। 

इस तूफान से पालघर और रायगढ़ स्थित केमिकल और परमाणु संयत्र पर भी खतरा उत्पन्न हो गया है। इनकी सुरक्षा के लिए सावधानियां बरती जा रही हैं। पालघर में देश का सबसे पुराना तारापुर एटॉमिक पॉवर प्लांट है। वहीं, गुजरात और महाराष्ट्र के तटीय क्षेत्रों से 40 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। महाराष्ट्र में लोगों को तटीय इलाकों में जाने से रोका गया है। मौसम विभाग की शुभांगी भूटे ने बताया कि निसर्ग तूफान गंभीर चक्रवाती तूफान बन गया है। हवा की रफ्तार 100-120 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी। पूरे रायगढ़, मुंबई, ठाणे, पालघर में भारी से भारी वर्षा की संभावना है। आज दोपहर 1-4 बजे के बीच ये अलीबाग के दक्षिण में टकराएगा। मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि निसर्ग तूफान एक गंभीर चक्रवात में तब्दील हो गया है। सुबह 5:30 बजे यह अलीबाग से 165 और मुंबई से 215 किलोमीटर दूर है। मंत्री ने लोगों से घरों में ही रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि मछुआरे समुद्र की ओर न जाएं। वहीं अगले कुछ घंटों में कर्नाटक, गोवा, महाराष्ट्र और गुजरात के तटीय इलाकों में भारी बारिश की आशंका है।

साइक्लोन निसर्ग की वजह से महाराष्ट्र में एनडीआरएफ की 20 टीमों को तैनात किया गया। मुंबई में आठ टीमें, रायगढ़ में पांच टीमें, पालघर में दो, ठाणे में दो, रत्नागिरी में दो और सिंधुदुर्ग में एक टीम को तैनात किया गया है।  एनडीआरएफ ने दोनों राज्यों के तटीय जिलों में 33 टीमें तैनात की हैं। वहीं नौसेना के मुंबई स्थित पश्चिम कमान ने भी अपनी सभी टीमों को अलर्ट कर दिया है। एहतियात बरतते हुए 10,000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है। निसर्ग को लेकर मुंबई अलर्ट पर है। इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी से बात की और उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र, गुजरात के मुख्यमंत्रियों से बातकर मदद का भरोसा दिया।

02-06-2020
 महाराष्ट्र के तटीय क्षेत्रों से बुधवार को टकराएगा तूफान ‘निसर्ग’, लहरे दिखा सकती है रौद्र रूप

नई दिल्ली। महाराष्ट्र और गुजरात के ऊपर चक्रवाती तूफान ‘निसर्ग’ का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। मौसम विभाग ने अनुमान लगाया है कि चक्रवाती तूफान निसर्ग बुधवार को महाराष्ट्र के तट पर टकरा सकता है। बुधवार को यह तूफान गंभीर चक्रवाती तूफान की श्रेणी में बदल सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक तूफान की वजह से समुद्र में 2 मीटर तक ऊंची लहरें भी उठ सकती है और तटीय क्षेत्रों में आंधी चल सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक मंगलवार रात को ही यह तूफान गंभीर चक्रवाती तूफान की श्रेणी में बदल सकता है। बुधवार को इसके महाराष्ट्र और गुजरात के तटीय क्षेत्रों से टकराने की आशंका है और उस समय भी इसके गंभीर चक्रवाती तूफान की श्रेणी में बने रहने की आशंका है। मौसम विभाग के मुताबिक महाराष्ट्र में बुधवार को अलीबाग से लगे तट पर यह तूफान टकराएगा और उस समय 120 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी चल सकती है। मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक चक्रवाती तूफान निसर्ग की वजह से गुजरात और महाराष्ट्र में कई क्षेत्रों में आंधी चल सकती है। विभाग ने कई क्षेत्रों के लिए आंधी की चेतावनी जारी की हुई है। मुंबई, रायगढ़, ठाणे, पालघर,रत्नागिरी तथा सिंधुदुर्ग में तेज आंधी चलने की संभावना हैं।

 

22-05-2020
चक्रवाती तूफान अम्फान से बंगाल में भारी तबाही, अब तक 80 लोगों की हुई मौत

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल और ओडिशा में चक्रवाती तूफान अम्फान से भारी तबाही हुई है। दोनों राज्यों में कई लोगों की मौत की खबर भी आई है। चक्रवाती तूफान के कारण सिर्फ बंगाल में ही चक्रवात से अभी तक 80 लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। दोनों राज्यों में चक्रवाती के कारण तटीय क्षेत्रों में भारी तबाही हुई। दोनों ही राज्यों में राहत एवं बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ की टीमों को तैनात किया गया है। मुख्यमंत्री ममता ने कहा हमारे पास अभी तक जानकारी है कि अम्फान से 80 लोगों की मौत हो चुकी है। बंगाल में मची तबाही का जायजा लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज राज्य के दौरे पर हैं। इसके अलावा पीएम मोदी ओडिशा का भी दौरा करेंगे।

सुपर साइक्लोन का कहर : 

पश्चिम बंगाल और ओडिशा में सुपर साइक्लोन अम्फान कहर बनकर टूटा है। बंगाल में सुपर साइक्लोन की वजह से हजारों लोग बेघर हो गए हैं। कई पुल नष्ट हो गए हैं और निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं। कोलकाता और राज्य के कई अन्य हिस्सों में तबाही के मंजर साफ देखे जा सकते हैं। पश्चिम बंगाल में सौ साल के अंतराल में आए इस भीषणतम चक्रवाती तूफान ने मिट्टी के घरों को ध्वस्त कर दिया, फसलों को नष्ट कर दिया और पेड़ों तथा बिजली के खंभों को भी उखाड़ फेंका है। 

मुआवजे का ऐलान :

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को मृतकों के परिवार को दो से ढाई लाख रुपए के मुआवजे की घोषणा की थी। भारी बारिश से कोलकाता हवाईअड्डे समेत कई निचले इलाकों में पानी भर गया था। हजारों मकान ध्वस्त हो गए हैं। नुकसान का आकलन करने के लिए गृह मंत्रालय के अधिकारियों का दल पश्चिम बंगाल और ओडिशा का दौरा करेगा।

21-05-2020
प. बंगाल में 'अम्फान' तूफान से 72 की मौत, ममता बनर्जी कही यह बात...

कोलकाता। चक्रवाती तूफान 'अम्फान' ने पश्चिम बंगाल में भयंकर तबाही मचाई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बताया है कि पश्चिम बंगाल में अभी तक 72 लोगों की मौत हो चुकी है। ममता बनर्जी ने कहा कि उन्होंने ऐसी भयानक तबाही कभी नहीं देखी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि वह पश्चिम बंगाल आएं और तबाही का मंजर अपनी आंखों से देखें। 'अम्फान' तूफान के चलते राज्य में हजारों घरों को नुकसान पहुंचा है। लगभग छह लाख लोगों को उनके घरों से निकालकर सुरक्षित बचाया गया है।'अम्फान' के बारे में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके ममता बनर्जी ने कहा, 'अभी तक पश्चिम बंगाल में 72 लोगों की मौत हो चुकी है। मैंने आज तक ऐसी तबाही नहीं देखी है। मैं प्रधानमंत्री से अपील करूंगी कि वह बंगाल आएं और हालात देखें।

जिन लोगों की मौत हुई है, उनके परिवार को 2.5 लाख का मुआवजा देने का ऐलान करती हूं।'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद 'अम्फान' से प्रभावित राज्यों पर नजर रख रहे हैं। उन्होंने ट्वीट करके बताया, 'अम्फान के कारण पश्चिम बंगाल में हुई तबाही के विजुअल्स देख रहा हूं। यह काफी कठिन समय है, पूरा देश इस समय पश्चिम बंगाल के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। राज्य के लोगों की बेहतरी के लिए हम कामना करते हैं। हालात सामान्य करने के प्रयास जारी हैं।'

लोग बोले कभी नहीं देखी ऐसी तबाही

बंगाल के कई लोगों का कहना है कि उन्होंने ऐसा तूफान पहले कभी नहीं देखा तो कुछ बुजुर्गों ने कहा कि तीस दशक पहले उन्होंने ऐसी तबाही देखी थी। चक्रवात अम्फान ओडिशा से होते हुए पश्चिम बंगाल पहुंचा है।
एयरपोर्ट पर खड़े प्लेन को देखकर लग रहा है जैसे वह किसी नदी से बीच में उतार दिया गया हो। प्लेन के पहिए पूरी तरह से पानी में डूबे हैं। हर तरफ सिर्फ पानी ही पानी नजर आ रहा है।
पश्चिम बंगाल के कोलकाता समेत तटीय इलाकों में चक्रवात अम्फान से तबाही मचाई। क्रिस्टोफर रोड पर खंभे से टूटकर सड़क पर जिंदा तार गिर गया। कई घरों की छतें उड़ गईं। सड़कों पर पानी भर गया।

21-05-2020
‘अम्फान’ तूफान ने मचाई भारी तबाही, पश्चिम बंगाल में 12 लोगों की मौत, हजारों मकान क्षतिग्रस्‍त

नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान ‘अम्फान’ से पश्चिम बंगाल में और ओडिशा में अब तक 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि हजारों घर नष्ट हो गए। अम्फान से ओडिशा में भारी तबाही हुई। बता दें कि बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान ‘अम्फान’ करीब 190 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से बुधवार दोपहर 2:30 बजे पश्चिम बंगाल के दीघा और बांग्लादेश के हटिया द्वीप के बीच जमीन से टकराया। सुपर साइक्लोनिक तूफान के जमीन से टकराने की प्रक्रिया करीब चार घंटे चली और इस दौरान तटीय इलाकों में 160 ये 170 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तूफान चला।

महाचक्रवात अम्फान ने बुधवार को ओडिशा और पश्चिम बंगाल में जमकर कहर बरपाया। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को एक प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि कोरोना वायरस महामारी की तुलना में स्थिति अधिक चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि सुपर साइक्लोन अम्फान की तबाही में करीब 10 से 12 लोगों की जानें चली गई हैं। वहीं ओडिशा में भी इसका खौफनाक मंजर देखने को मिल रहा है। बता दें कि अम्फान की तबाही में अब तक 21 लोगों के मारे जाने की खबर है। पश्चिम बंगाल में अम्फान तूफान से 12 तो ओडिशा में 2 लोगों की मौत हुई है। वहीं पड़ोसी बांग्लादेश में 7 लोगों की मौत हुई है।  ओडिशा और पश्चिम बंगाल राज्यों में एनडीआरएफ की 39 टीमें तैनात हैं।

20-05-2020
अम्फान’ तूफान ने लिया भयंकर रुप, समुद्रतटीय इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू

नई दिल्ली। सुपर साइक्लोन अम्फान ओडिशा तट के करीब पहुंच गया है। चक्रवाती तूफान अम्फान आज यानी बुधवार को दोपहर तक पश्चिम बंगाल और ओडिशा में दस्तक देने को तैयार है। यह बेहद भीषण चक्रवाती तूफान के रूप में पश्चिम बंगाल में दीघा और बांग्लादेश के हटिया द्वीप के बीच पश्चिम बंगाल, बांग्लादेश तटों से गुजर सकता है। महाचक्रवात तूफान अम्फान करीब 155-165 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से समुद्री तटों से टकराएगा। यह आज दोपहर के बाद खतरनाक चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। इस महातूफान से करीब 200 किलोमीटर रफ्तार से हवाएं चलेंगी। भारी बारिश का भी अनुमान है। आशंका जताई जा रही है कि दोपहर से लेकर शाम तक सुपर साइक्लोन अम्फान विकराल रूप धारण कर सकता है और बड़ी तबाही मचा सकता है।

सुंदरवन के करीब बांग्लादेश में दीघा और हटिया के बीच टकराने की आशंका है। बता दें कि तूफान 1999 में उड़ीसा में आए पहले सुपर साइक्लोन से भी खतरनाक माना जा रहा है। फिलहाल, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में तेज हवा के साथ बारिश देखने को मिल रही है। साथ ही समुद्र में लहरें भी उठ रही हैं। पश्चिम बंगाल, ओडिशा समेत अन्य तटीय राज्यों में इसको लेकर अलर्ट जारी किया गया है। ओडिशा में भारी बारिश और हवा के झोंके और बंगाल के कुछ हिस्सों में बारिश हो रही है। अधिकारियों ने बताया कि तूफान के कारण पश्चिम बंगाल और ओडिशा में जोखिम वाले इलाकों से लाखों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। दोनों राज्य हाई अलर्ट पर हैं क्योंकि चक्रवात के कारण तेज रफ्तार हवाएं चल रही हैं और ओडिशा के कई क्षेत्रों में बारिश हुई है। 

नौसेना के एयरक्राफ्ट भी तैयार :

भारतीय नौसेना ने कहा- ओडिशा और पश्चिम बंगाल के लिए जेमिनी बोट और मेडिकल टीम के साथ 20 बचाव दलों को तैयार रखा गया है। नौसेना के एयरक्राफ्ट नौसेना स्टेशनों विशाखापत्तनम में आईएनएस डेगा और अराकोणम में आईएनएस राजाली राहत-बचाव कार्यों के लिए तैयार हैं। 

आइए जानते हैं इस तूफान को लेकर सभी अहम बातें..

1. कोरोना वायरस संकट के बीच में अम्फान किसी बड़े आफत से कम नहीं है। प्रशासन ने पहले ही चेतावनी दे दी है कि अम्फान का विकराल रूप न सिर्फ फसलों को बर्बाद करेगा, बल्कि सार्वजनिक संपत्तियों और जान-माल का भी बड़ा नुकसान कर सकता है। 

2. मौसम विभाग का अनुमान है कि बुधवार दोपहर से शाम तक यह अम्फान तूफान तेज रफ्तार के साथ ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में पहुंचेगा और तबाही मचा सकता है। संभावित खतरे को देखते हुए राज्य से लेकर केंद्र सरकार और एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर हैं।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा है कि पश्चिम बंगाल के पूर्वी मिदनापुर, दक्षिण और उत्तर 24 परगना, हावड़ा, हुगली और कोलकाता जिले प्रभावित हो सकते हैं। जबकि ओडिशा के तटीय जिलों जगतसिंहपुर, केंद्रापाड़ा, भद्रक, जाजपुर और बालासोर में भारी वर्षा और तूफान आएगा। अम्फान की तबाही मुख्यरूप से भारत के पश्चिम बंगाल और ओडिशा में ही देखने को मिलेगी। मगर माना जा रहा है कि सिक्किम, असम और मेघालय पर भी इसका असर पड़ सकता है।  भारत और बांग्लादेश के तटीय क्षेत्रों में लगभग 4.2 मिलियन लोगों को सुरक्षा स्थान पर स्थानांतरित किया गया है।

सोमवार को 700 किलोमीटर तक फैले और लगभग 15 कि. मी. ऊंचाई वाला चक्रवात अम्फान अपने केंद्र में 220 से 230 कि. मी. प्रति घंटे की गति से घूम रहा था। चक्रवात के कारण पश्चिम बंगाल में गंगा के आस-पास वाले इलाकों और उत्तर तटीय ओडिशा इलाकों में भी बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। यह 20 मई को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम और 21 मई को असम और मेघालय में भारी से बहुत भारी वर्षा का कारण बनेगा।

19-05-2020
अम्फान तूफान पहुंचा ओडिशा, बारिश शुरू, भेजा जा रहा है स्थानीय भाषा में मैसेज अलर्ट

नई दिल्ली। चक्रवाती तूफान अम्फान के ओडिशा तटों के करीब पहुंचने के साथ ही कुछ हिस्सों में बारिश शुरू हो चुकी है। इसके बाद संवेदनशील इलाकों को खाली कराने का काम शुरू कर दिया गया है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन बल (एनडीआरएफ), भारतीय मौसम विभाग और टेलीकॉम सचिव ने प्रेसवार्ता में तैयारियों को लेकर जानकारी दी है। मौसम विभाग के मृत्युंजय महापात्र ने कहा है कि यह सबसे तेज चक्रवात है। 1999 के बाद बंगाल की खाड़ी में यह दूसरा सुपर साइक्लोन है। अभी समुद्र में इसकी हवा की गति 200-240 किमी प्रति घंटे है और यह उत्तर पश्चिमोत्तर दिशा की ओर बढ़ रहा है। टेलीकॉम सचिव अंशु प्रकाश ने जानकारी दी है कि प्रभावित जिलों में लोगों को निकालने के लिए एसएमएस के माध्यम से अलर्ट और जानकारियां भेजी जा रही हैं। इसके लिए एसएमएस अलर्ट तैयार किया गया है। यह राज्य सरकारों के ऊपर है कि वह किस फ्रीक्वेंसी पर अलर्ट भेजना चाहती हैं। यह मुफ्त है और स्थानीय भाषाओं में हैं। अंशु प्रकाश ने बताया है कि तूफान के जाने के बाद इंट्रा-सर्कल रोमिंग जारी रहेगी।

टेलीकॉम सेवा प्रदाताओं को कहा गया है कि पर्याप्त संख्या में जेनरेटर्स का इंतजाम कर लें, इसके लिए डीजल की व्यवस्था कर लें और इन्हें हर जिले में पहुंचाएं,जिससे कि अगर बिजली सेवा प्रभावित होती है तो इन जेनरेटर्स की सहायता से टॉवर काम कर सकें। एनडीआरएफ प्रमुख एस.एन. प्रधान ने बताया है कि ओडिशा में 15 टीमें तैनात हैं। ये टीम जागरूकता फैलाने और जानकारियां पहुंचाने के साथ लोगों को बाहर निकालने का काम कर रही हैं। पश्चिम बंगाल में चार टीम तैनात की गई हैं। बंगाल में दो टीम बैकअप में हैं। उन्होंने कहा कि हम इस समय दोहरी चुनौती का सामना कर रहे हैं। एक कोरोना वायरस और दूसरा अम्फान तूफान। प्रधान ने बताया है कि एनडीआरएफ की छह बटालियन (11, 9, 1, 10, 4, 5) को इसमें शामिल की हैं। 

 

19-05-2020
अम्फान: ओडिशा और प.बंगाल में चल सकती है 55-65 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी


नई दिल्ली। चक्रवाती तूफान अम्फान और सुपर साइक्लोन श्रेणी का तूफान बन चुका है और इसके तट पर टकराने के बाद ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भारी तबाही की आशंका जताई जा रही है। भारतीय मौसम विभाग की तरफ से जारी की गई चेतावनी के मुताबिक ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भारी से बहुत भारी बरसात और तेज हवाएं चल सकती हैं, इसके अलावा सिक्किम, असम और मेघालय में भी अम्फान की वजह से भारी से बहुत भारी बरसात होने की चेतावनी है। प.बंगाल और ओडिशा में कई जगहों पर तूफान की वजह से पेड़ और खंबे तक उखड़ने की आशंका जताई जा रही है।मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक उत्तरी तटीय ओडिशा के जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, जाजपुर, बालासोर, भद्रक और मयूरभंज जिलों में 19 मई को भारी से बहुत भारी बरसात हो सकती है। 20 मई को भद्रक, बालासोर, मयूरभंज, जाजपुर, केंद्रपाड़ा और क्योंझर जिलों में भारी से बहुत भारी बरसात की चेतावनी जारी की गई है।

प. बंगाल की बात करें तो पूर्वी मिदनापुर, उत्तरी और दक्षिणी 24 परगना में 19 मई को कई जगहों पर भारी बरसात की चेतावनी है। 20 मई को पूर्वी तथा पश्चिमी मिदनापुर, उत्तरी और दक्षिणी 24 परगना, हावड़ा, हुगली और कोलकाता में कई जगहों पर भारी और कुछेक जगहों पर भारी से बहुत भारी बरसात की चेतावनी जारी की गई है। 21 मई को भी पश्चिम बंगाल में कुछ जगहों पर भारी बरसात का अनुमान है। 20 और 21 मई को मालदा तथा सिक्किम में तेज बरसात का अनुमान है। असम तथा मेघालय में 21 मई को कुछ जगहों पर भारी बरसात की आशंका जताई जा रही है।मौसम विभाग के मुताबिक 19 मई को ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय जिलों में 55-65 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी चल सकती है और उसके बढ़कर 75 किलोमीटर प्रतिघंटा तक पहुंचने की आशंका है।

20 मई की सुबह ओडिशा में जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, भद्रक, बालासोर और मयूरभंज जिलों तथा पश्चिम बंगाल के पूर्वी तथा पश्चिमी मिदनापुर, उत्तरी और दक्षिणी 24  परगना, हावड़ा, हुगली और कोलकाता में आंधी की रफ्तार 95 किलोमीटर प्रतिघंटा तक पहुंच सकती है। 20 मई बुधवार दोपहर तक पश्चिम बंगाल के पूर्वी मिदनापुर तथा उत्तरी और दक्षिमी 24 परगना में आंधी की रफ्तार 195 किलोमीटर प्रतिघंटा तक पहुंचने की आशंका है।मौसम विभाग के मुताबिक चक्रवाती तूफान अम्फान की वजह से चलने वाली तेज आंधी के कारण पश्चिम बंगाल के बताए गए जिलों में जान माल को भारी हानि हो सकती है, बिजली के खंभे और बड़े पेड़ जमीन से उखड़ सकते हैं, कच्चे मकानों को भारी नुकसान पहुंच सकता है।

18-05-2020
चक्रवाती तूफान 'अम्फन' का बढ़ा खतरा, पीएम मोदी आज करेंगे हाईलेवल बैठक

नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान 'अम्फन' ने सोमवार को खतरनाक रूप ले लिया। चक्रवात अम्फन की स्थिति की समीक्षा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम 4 बजे गृह मंत्रालय और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के साथ बैठक करेंगे। इस तूफान के कारण अब ओडिशा के तटीय इलाकों में तेज हवाएं चलने के साथ ही भारी बारिश हो सकती है। इस चेतावनी के बाद राज्य सरकार 11 लाख लोगों को इन इलाकों से निकालने की तैयारी में जुट गई है।

11-11-2019
बांग्लादेश पहुंचते ही कमजोर पड़ा बुलबुल, लाखों लोगों को कर चूका है प्रभावित

नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान बुलबुल शनिवार देर रात पश्चिम बंगाल के समुद्री तट से टकराया था। इससे पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में तेज हवाएवं चलीं। इसमें अब तक सात लोगों की मौत की खबर है। जबकि 4.6 लाख लोग इससे प्रभावित हैं। इसके अलावा ओडिशा में भी तूफान की वजह से दो लोगों की मौत हुई है। वहीं ताजा जानकारी के अनुसार पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना में नामखाना क्षेत्र में बुलबुल चक्रवात की चपेट में आने के बाद हटानिया दोनिया नदी में दो जेटी क्षतिग्रस्त हो गए। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, दक्षिण पूर्व बांग्लादेश और इससे सटे दक्षिण त्रिपुरा में सोमवार सुबह 05:30 बजे चक्रवात कुछ कमजोर पड़ गया। यह अगले छह घंटों के दौरान और भी कमजोर हो जाएगा।

बता दें पश्चिम बंगाल के बाद 'बुलबुल' तूफान बांग्लादेश पहुंचा था। वहां तूफान ने जमकर तबाही मचाई था। तूफान की वजह से बांग्लादेश में 10 लोगों की जान गई। 21 लाख लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। हवाएं 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थीं। बंगाल में तूफान प्रभावित इलाकों में राहत व बचाव टीमें भी मुस्तैद हैं। इसके अलावा एतियातन कोलकाता में नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर शनिवार शाम छह बजे से अगले 12 घंटों तक उड़ानों का संचालन स्थगित कर दिया गया था। इस तूफान की वजह से कोलकाता और आस-पास के छह तटवर्ती जिलों में शुक्रवार से ही तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो रही है। तूफान की विभीषिका को देखते हुए राज्य के तटवर्ती इलाकों में स्थित पर्यटन केंद्रों को शुक्रवार शाम तक पर्यटकों से खाली करा लिया गया था। ममता बनर्जी ने राहत और बचाव कार्य की तैयारियों का जायजा लेने के लिए शनिवार को कंट्रोल रूम का दौरा किया था।
 
पीएम मोदी ने की ममता बनर्जी से बातचीत

पीएम नरेंद्र मोदी ने तूफान बुलबुल के मद्देनजर पश्चिम बंगाल की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से बातचीत की। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को केंद्र की ओर से हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।
 
बांग्लादेश पहुंचा तूफान, लाखों लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया

बांग्लादेश में चक्रवाती तूफान बुलबुल के आने के कारण लाखों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। आपदा मंत्रालय सचिव शाह कमाल ने बताया कि शुरुआत में 5000 आश्रयगृहों में 14 लाख लोगों को रखने की योजना थी लेकिन शनिवार आधी रात को यह संख्या बढ़कर 21 लाख हो गई। चक्रवात के कारण 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। यह चक्रवात ऐसे समय आया है जब पूर्णिमा आने वाली है। पूर्णिमा में समुद्र का जल बढ़ जाता है। ऐसे में चक्रवात आने के कारण तबाही की आशंका पैदा हो गई थी। चक्रवात गंगासागर के किनारे टकराया और यह खुलना क्षेत्र से होकर गुजरेगा जिसमें सुंदरवन भी आता है। मिली जानकारी के अनुसार किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए बांग्लादेश की नौसेना और तटरक्षक बल को तैयार रखा गया है।

10-11-2019
बंगाल में 'बुलबुल' ने बरपाया कहर, सात की मौत, उखड़े सैकड़ों पेड़

कोलकाता। चक्रवाती तूफान 'बुलबुल' पश्चिम बंगाल में अपना व्यापक असर दिखा रहा है। इस चक्रवात ने बांग्लादेश की ओर बढऩे से पहले पश्चिम बंगाल के तटीय जिलों में दस्तक दे दी है। चक्रवाती तूफान के प्रभाव से राज्य के अलग-अलग स्थानों पर सात लोगों की मौत हो गई। आधिकारिक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। गंभीर चक्रवात के कारण रविवार को सुबह तक तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। आंधी के कारण सैकड़ों पेड़ उखड़ गए और उत्तर एवं दक्षिण 24 परगना व पूर्वी मिदनापुर जिलों में बिजली के तार टूट गए। इससे जनजीवन व्यापक रूप से प्रभावित हुआ है। सिर्फ उत्तरी परगना में अलग-अलग घटनाओं में पांच लोगों की मौत हो गई है। चक्रवात 'बुलबुल' के कारण मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अगले सप्ताह उत्तर बंगाल की अपनी यात्रा रद्द करने का फैसला किया है। वे सोमवार को नामखाना और बक्खाली के आसपास प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करेंगी। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से बातचीत की और इस आपदा से निपटने के लिए राज्य को हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार बशीरहाट इलाके के पुरबा मकाला गांव में 70 वर्षीय सुचित्रा मंडल पर एक पेड़ गिर पड़ा, जिससे उनकी मौत हो गई। गोखना गांव में कई पेड़ उखड़ गए, इनमें एक पेड़ की चपेट में आने से रेबा बिस्वास (47) की मौत हो गई। अधिकारी ने बताया कि उत्तरी परगना जिले में एक लैम्प पोस्ट के संपर्क में आने से बिजली का झटका लगने से मनिरुल गाजी (59) की मौत हो गई।  एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि जिले में दो और लोगों के मरने की सूचना है जिनमें से एक व्यक्ति की मौत दीवार ढहने से और अन्य की मौत पेड़ गिरने के कारण उसकी चपेट में आने से हुई। राज्य के ऊर्जा मंत्री सोवनदेब चट्टोपाध्याय ने कहा चक्रवात के कारण इलाकों में बिजली के तार गिरने की वजह से बाधित हुई बिजली आपूर्ति को बहाल करने के लिए उपाय किए जा रहे हैं।

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