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12-09-2018
Share Market : 304 अंकों की बढ़त के साथ सेंसेक्स 37,717 तो निफ्टी 11,369 पर बंद 

नई दिल्ली। लगातार दो दिनों की गिरावट के बाद बुधवार को बीएसई की दशा में सुधार आया। सुबह बढ़त के साथ खुला सेंसेक्स 304 अंकों की बढ़त के साथ 37,717 पर तो निफ्टी 82 अंकों की तेजी के साथ 11,369 पर बंद हुआ। सबसे ज्यादा तेजी पावरग्रिड और अदानीपोर्ट्स के शेयर्स में हुई है। पावरग्रिड 3.75 फीसद की बढ़त के साथ 193 के स्तर पर और अदानीपोर्ट्स 2.96 फीसद की बढ़त के साथ 375 के स्तर पर कारोबार कर बंद हुए हैं। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर मिडकैप इंडेक्स 0.33 फीसद की बढ़त और स्मॉलकैप 0.41 फीसद की गिरावट के साथ कारोबार कर बंद हुआ है।

एफएमसीजी शेयर्स में खरीदारी:

सेक्टोरल इंडेक्स में रियल्टी को छोड़ सभी सूचकांक हरे निशान में कारोबार कर बंद हुए हैं। सबसे ज्यादा खरीदारी एफएमसीजी (2.37 फीसद) शेयर्स में हुई है। बैंक (0.22 फीसद), आॅटो (0.03 फीसद), फाइनेंशियल सर्विस (0.37 फीसद), आईटी (0.26 फीसद), मेटल (1.46 फीसद), फार्मा (1.07 फीसद). पीएसयू बैंक (0.36 फीसद) और प्राइवेट बैंक (0.06 फीसद) की बढ़त हुई है।

पॉवरग्रिड रहा टॉप गेनर:

निफ्टी में शुमार दिग्गज शेयर्स में 29 हरे निशान और 21 गिरावट के साथ कारोबार कर बंद हुए हैं। सबसे ज्यादा तेजी पॉवरग्रिड, सनफार्मा, अदानीपोर्ट्स, आईटीसी और हिंडाल्को के शेयर्स में देखी गई। वहीं, गिरावट एक्सिस बैंक, टाटा मोटर्स, हिंदपेट्रो, आइसीआइसीआइ बैंक और आइओसी के शेयर्स में हुई है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार का हाल:

अंतरराष्ट्रीय बाजार में गिरावट के चलते तमाम एशियाई बाजार में गिरावट देखने को मिल रही है। जापान का निक्केई 0.55 फीसद की गिरवट के साथ 22540 के स्तर पर, चीन का शांघाई 0.33 फीसद की गिरावट के साथ 2655 के स्तर पर, हैंगसैंग 0.36 फीसद की गिरावट के साथ 26320 के स्तर पर और ताइवान का कोस्पी 0.39 फीसद की कमजोरी के साथ 2274 के स्तर पर कारोबार कर रहे हैं। वहीं, बीते सत्र अमेरिकी बाजार बढ़त के साथ कारोबार कर बंद हुआ है। प्रमुख सूचकांक डाओ जोंस 0.44 फीसद की बढ़त के साथ 25971 के स्तर पर, एसएंडपी500 0.37 फीसद की बढ़त के साथ 2887 के स्तर पर और नैस्डैक 0.61 फीसद की बढ़त के साथ 7972 के स्तर पर कारोबार कर बंद हुआ है।

एफएमसीजी शेयर्स में खरीदारी :

सेक्टोरल इंडेक्स में आॅटो (0.08 फीसद), फाइनेंशियल सर्विस (0.01 फीसद), एफएमसीजी (1.15 फीसद) के शेयर्स में बढ़त है। वहीं, बैंक (0.15 फीसद), आईटी (0.08 फीसद), मेटल (0.40 फीसद), फार्मा (0.42 फीसद), पीएसयू बैंक (0.08 फीसद), प्राइवेट बैंक (0.17 फीसद) और रियल्टी (0.77 फीसद) की तेजी देखी गई।

12-09-2018
Share Market : बढ़त के साथ खुले शेयर बाजार सेंसेक्स 43 तो निफ्टी 20 उछले

नई दिल्ली । दो दिन की बड़ी गिरावट के बाद बुधवार को घरेलू शेयर बाजार हरे निशान के साथ खुले।  हालांकि, बाजारों में अस्थिरता देखने को मिली। एशियाई बाजारों में सुस्ती और रुपये में कमजोरी ने बढ़त को कम कर दिया। रुपया बुधवार को 72.87 के स्तर पर खुलने के बाद 72.92 पर आ गया। गुरुवार को गणेश चतुर्थी के उपलक्ष्य में शेयर बाजारों में छुट्टी है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का इंडेक्स सेंसेक्स 43 अंक चढ़कर 37456 के स्तर पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का इंडेक्स निफ्टी 20 अंक की तेजी के साथ 11307 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। सबसे ज्यादा तेजी पावरग्रिड और ओएनजीसी के शेयर्स में है।

पॉवरग्रिड का काउंटर 2.06 फीसद की बढ़त के साथ 190.70 के स्तर पर और ओएनजीसी 1.49 फीसद की तेजी के साथ 170.30 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर मिडकैप इंडेक्स में 0.27 फीसद और स्मॉलकैप में 0.49 फीसद की तेजी देखने को मिल रही है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार का हाल:

अंतरराष्ट्रीय बाजार में गिरावट के चलते तमाम एशियाई बाजार में गिरावट देखने को मिल रही है। जापान का निक्केई 0.55 फीसद की गिरवट के साथ 22540 के स्तर पर, चीन का शांघाई 0.33 फीसद की गिरावट के साथ 2655 के स्तर पर, हैंगसैंग 0.36 फीसद की गिरावट के साथ 26320 के स्तर पर और ताइवान का कोस्पी 0.39 फीसद की कमजोरी के साथ 2274 के स्तर पर कारोबार कर रहे हैं। वहीं, बीते सत्र अमेरिकी बाजार बढ़त के साथ कारोबार कर बंद हुआ है। प्रमुख सूचकांक डाओ जोंस 0.44 फीसद की बढ़त के साथ 25971 के स्तर पर, एसएंडपी500 0.37 फीसद की बढ़त के साथ 2887 के स्तर पर और नैस्डैक 0.61 फीसद की बढ़त के साथ 7972 के स्तर पर कारोबार कर बंद हुआ है।

एफएमसीजी शेयर्स में खरीदारी :

सेक्टोरल इंडेक्स में आॅटो (0.08 फीसद), फाइनेंशियल सर्विस (0.01 फीसद), एफएमसीजी (1.15 फीसद) के शेयर्स में बढ़त है। वहीं, बैंक (0.15 फीसद), आईटी (0.08 फीसद), मेटल (0.40 फीसद), फार्मा (0.42 फीसद), पीएसयू बैंक (0.08 फीसद), प्राइवेट बैंक (0.17 फीसद) और रियल्टी (0.77 फीसद) की तेजी है।

पावरग्रिड टॉप गेनर:

निफ्टी में शुमार दिग्गज शेयर्स में से 26 हरे निशान और 24 गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। सबसे ज्यादा तेजी पावरग्रिड, आईटीसी, ओएनजीसी, अदानीपोर्ट्स और एचसीएलटेक के शेयर्स में है। वहीं, गिरावट आईओसी, टाइटन, टाटा मोटर्स, टेक महिंद्रा और हिंदपेट्रो के शेयर्स में है।

11-09-2018
Petrol-Diesel : जानिए क्या है तेल की आसमान छूती कीमतों के पीछे का खेल

नई दिल्ली। तेल के खेल को लेकर सोमवार को भारत बंद रहा, फिर भी कीमतें बढ़ती रहीं। महाराष्ट्र में 90 रुपए प्रति लीटर पेट्रोल पहुंच चुका है। इसके बाद भी बढ़ते दाम को थामने में सरकार खुद को असहाय बता रही है। दरअसलभारत में अंतरराष्ट्रीय मूल्यों के आधार पर इंडियन आॅयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी तेल विपणन कंपनियों की ओर से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बदलाव किया जाता है।

इसलिए जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से भारत में भी पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ती हैं। इसी तरह अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमतें गिरती हैं, तो यहां भी कीमतों में गिरावट देखने को मिलती है। आइए जानते हैं वे कौन से कारण हैं जो पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर प्रभाव डालते हैं।

कैसे तय होते हैं दाम :

सबसे पहले खाड़ी या दूसरे देशों से तेल खरीदते हैं, फिर उसमें ट्रांसपोर्ट खर्च जोड़ते हैं। क्रूड आयल यानी कच्चे तेल को रिफाइन करने का व्यय भी जोड़ते हैं। केंद्र की एक्साइज ड्यूटी और डीलर का कमीशन जुड़ता है। राज्य वैट लगाते हैं और इस तरह आम ग्राहक के लिए कीमत तय होती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव घरेलू बाजार में कच्चे तेल की कीमत को सीधे प्रभावित करता है। भारतीय घरेलू बाजार में पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि के लिए जिम्मेदार यह सबसे महत्वपूर्ण कारकों में से एक है। अंतरराष्ट्रीय मांग में वृद्धि, कम उत्पादन दर और कच्चे तेल के उत्पादक देशों में किसी तरह की राजनीतिक हलचल पेट्रोल की कीमत को गंभीर रूप से प्रभावित करती है।

बढ़ती मांग :

भारत और अन्य विकासशील देशों में आर्थिक विकास ने भी पेट्रोल और अन्य आवश्यक ईंधन की मांग में वृद्धि की है। हाल ही में निजी वाहनों के मालिकों की संख्या बढ़ी है, जिससे भारत में पेट्रोल की मांग में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है।

आपूर्ति और मांग में असंतुलन:

किसी भी बाजार का अर्थशास्त्र मांग और आपूर्ति पर निर्भर करता है। कच्चे तेल के इनपुट मूल्य की उच्च लागत के कारण भारत में तेल रिफाइनरी कंपनियों को बाजार की मांगों को पूरा करने में समस्या का सामना करना पड़ता है। इससे देश में पेट्रोल की कम आपूर्ति और अधिक मांग होती है।

पेट्रोल और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें केंद्र व राज्य सरकारों की ओर से लगाए जाने वाले टैक्स पर भी काफी हद तक निर्भर करती हैं। सरकार की ओर से टैक्स दरें बढ़ाने की स्थिति में कंपनियां अक्सर उसका बोझ ग्राहकों पर डाल देती हैं। इससे पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि होती है।

चार साल में 12 बार बढ़ीं कीमतें :

बीते चार साल में सरकार ने कम से कम एक दर्जन बार ईंधन पर एक्साइज ड्यूटी यानी उत्पाद शुल्क में ईजाफा किया है। नतीजतन मौजूदा सरकार को पेट्रोल पर मनमोहन सिंह की सरकार के कार्यकाल में 2014 में मिलने वाली एक्साइज ड्यूटी के मुकाबले 10 रुपए प्रति लीटर ज्यादा मुनाफा होने लगा। इसी तरह डीजल में सरकार को पिछली सरकार के मुकाबले 11 रुपए प्रति लीटर ज्यादा मिल रहे हैं।

पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी में 105. 49 फीसदी और डीजल में 240 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। दरअसल, फिलहाल पेट्रोल डीजल में कई सारे टैक्स शामिल हैं। मसलन, एक्साइज ड्यूटी और वैट (मूल्य संवर्धित कर)। इसके अलावा डीलर की ओर से लगाया गया रेट और कमीशन भी कीमतों में जुड़ते हैं। एक्साइज ड्यूटी तो केंद्र सरकार लेती है, जबकि वैट राज्यों की आमदनी (राजस्व) में जुड़ता है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में रुपए की हालत:

डॉलर की तुलना में रुपए की कीमत भी उन प्रमुख कारकों में से एक है, जो भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमत को प्रभावित करती हैं। भारतीय तेल कंपनियां अन्य देशों से आयातित तेल का भुगतान डॉलर में करती हैं, लेकिन उनके खर्च रुपए में दर्ज होते हैं। जब डॉलर की तुलना में रुपए में गिरावट आती है, तो कंपनियों के लाभ पर असर पड़ता है और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमत बढ़ जाती है। इसी तरह रुपया मजबूत होने पर कीमतों में राहत मिलती है।

28-08-2018
Share Market: 202 अंकों की बढ़त के साथ सेंसेक्स 38,896 तो निफ्टी 11,738 पर बंद 

नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार मंगलवार को बढ़त के साथ कारोबार कर बंद हुआ है। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 202 अंक की बढ़त के साथ 38896 के स्तर पर और निफ्टी 46 अंक की बढ़त के साथ 11738 के स्तर पर कारोबार कर बंद हुआ है। सबसे ज्यादा खरीदारी वेदांता लिमिटेड और अदानीपोर्ट्स के शेयर्स में हुई है। वेदांता लिमिटेड 2.20 फीसद की बढ़त के साथ 230.40 के स्तर पर और अदानीपोर्ट्स 2.20 फीसद की तेजी के साथ 387.30 के स्तर पर कारोबार कर बंद हुआ है। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर मिडकैप इंडेक्स 0.28 फीसद की गिरावट और स्मॉलकैप 0.10 फीसद की बढ़त के साथ कारोबार कर बंद हुआ है।

मेटल शेयर्स में खरीदारी:

सेक्टोरल इंडेक्स में एफएमसीजी, फार्मा, पीएसयू और रियल्टी को छोड़ अन्य सभी सूचकांक हरे निशान में कारोबार कर बंद हुए हैं। सबसे ज्यादा खरीदारी मेटल (1.82 फीसद) शेयर्स में हुई है। बैंक (0.02 फीसद), आॅटो (0.46 फीसद), फाइनेंशियल सर्विस (0.47 फीसद), आईटी (0.44 फीसद) और प्राइवेट बैंक (0.07 फीसद) की बढ़त हुई है।

हिंडाल्को टॉप गेनर :

निफ्टी में शुमार दिग्गज शेयर्स में 21 हरे निशान और 29 गिरावट के साथ कारोबार कर बंद हुए हैं। सबसे ज्यादा तेजी हिंडाल्को, रिलायंस, अदानीपोर्ट्स, वेदांता लिमिटेड और मारुति के शेयर्स में हुई है। वहीं, गिरावट गेल, येस बैंक, हिंदपेट्रो, सिप्ला और डॉ रेड्डी के शेयर्स में हुई है।

वैश्विक बाजार का हाल:

अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़त के चलते तमाम एशियाई बाजार में तेजी देखने को मिल रही है। जापान का निक्केई 0.41 फीसद की बढ़त के साथ 22893 के स्तर पर, चीन का शांघाई सपाट होकर 2780 के स्तर पर, हैंगसैंग 0.23 फीसद की बढ़त के साथ 28337 के स्तर पर और ताइवान का कोस्पी 0.29 फीसद की तेजी के साथ 2306 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं, बीते सत्र में अमेरिकी बाजार भी तेजी के साथ कारोबार कर बंद हुए हैं। प्रमुख सूचकांक डाओ जोंस 1.01 फीसद की बढ़त के साथ 26049 के स्तर पर, एसएंडपी500 0.77 फीसद की तेजी के साथ 2896 के स्तर पर और नैस्डैक 0.91 फीसद की बढ़त के साथ 8017 के स्तर पर कारोबार कर बंद हुआ है।

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