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22-08-2020
7 हजार 920 तेंदूपत्ता संग्राहकों को मिली 2 करोड़ 49 लाख 10 हजार बोनस राशि

बीजापुर। राजीव गांधी किसान न्याय योजनान्तर्गत राशि मिलने पर किसानों के चेहरे पर उल्लास और खुशी परिलक्षित हो रही थी। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी की जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से जिले के 9 हजार 889 किसानों के बैंक खातों में दूसरी किश्त की 10 करोड़ 47 लाख 98 हजार रूपए की राशि डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर के द्वारा जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के शाखाओं में हस्तान्तरित की। इस अवसर पर गोधन न्याय योजना के तहत् गोबर खरीदी की द्वितीय किश्त की 2 लाख 10 हजार रूपए की राशि 590 हितग्राहियों के खाते में हस्तान्तरित की गयी। वहीं तेन्दूपत्ता संग्रहण प्रोत्साहन पारिश्रमिक 2 करोड़ 49 लाख 10 हजार 563 रूपए की राशि 7 हजार 920 खाता धारक तेन्दूपत्ता संग्राहकों के खाते में जमा की गयी। जिले में कुल 46 हजार 91 तेन्दूपत्ता संग्राहकों को 14 करोड़ 17 लाख 31 हजार 392 रूपए तेन्दूपत्ता प्रोत्साहन पारिश्रमिक राशि का भुगतान किया जायेगा।
बस्तर अंचल में हो रही बारिश के रिमझिम फुहारों के बीच किसानों की खुशी दुगुनी हुई जब उन्हे राजीव गांधी किसान न्याय योजना की राशि मिली। जिले के बीजापुर तहसील अंतर्गत नैमेड़ निवासी किसान समल कुड़ियम बताते हैं कि इस योजना से पहली किश्त की राशि 5 हजार 135 रूपए लाॅकडाउन के मुश्किल दौर में मिली थी, जिससे घर-परिवार की अत्यंत जरूरी काम को पूरा करने में मदद मिली।

अब फिर दूसरी किश्त की 5 हजार 138 रूपए की राशि खेती-किसानी के दौरान प्राप्त हुई है, जिससे निंदाई-गुड़ाई कार्य सहित घरेलू जरूरत को पूरा करने में सहायक साबित होगी। उन्होंने उक्त योजना से अभी ऐन वक्त में राशि प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित राज्य सरकार को धन्यवाद दिया। इसी तरह जैतालूर निवासी किसान सीताराम मांझी ने बताया कि उन्होंने गत वर्ष 22 क्विंटल धान लेम्पस सोसाइटी में विक्रय किया था,जिसकी 39 हजार 930 रूपए राशि सीधे बैंक खाते में जमा हुई थी। इसके बाद राज्य सरकार द्वारा 25 सौ रूपए समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के तहत् राजीव गांधी किसान न्याय योजना से अंतर की शेष राशि प्रदान करने का निर्णय लिया। इस योजना से प्रथम किश्त की राशि 3 हजार 768 रूपए लाॅकडाउन के मुश्किल वक्त में सीधे बैंक खाते में जमा हुआ,तो घरेलू जरूरत को पूरा करने में मदद मिली। अब इस योजना की द्वितीय किश्त की राशि त्यौहारी सीजन में मिली है, तो परिवार के सदस्य खुश हैं। जिले के भैरमगढ़ तहसील अंतर्गत बरदेला निवासी किसान लच्छन नेताम और बीजापुर तहसील के कुएनार निवासी कृषक धनाजी नेताम ने राजीव गांधी किसान न्याय योजना की दूसरी किश्त खेती-किसानी के वक्त देने के लिए राज्य सरकार के प्रति कृतज्ञता प्रकट की।

01-08-2020
26 करोड़ की लागत से बनेगा हज हाउस, भूपेश बघेल ने कहा- हाजियों की परेशानी कम करने समाज के लोगों की मेहनत रंग लाई

रायपुर। हर मुस्लिम के लिए हज यात्रा जीवन का अभूतपूर्व पल होता है। कोरोना के कारण इस वर्ष हज यात्रा भी प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि वे केन्द्र सरकार से मांग करेंगे कि वर्ष 2021 की हज यात्रा में पहले से चयनित छत्तीसगढ़ के हज यात्रियों को मौका दिया जाए। उन्होंने कहा कि वे हज कमेटी ऑफ इंडिया से छत्तीसगढ़ को मिलने वाली 5 करोड़ रुपए की शेष राशि प्राप्त करने के लिए भी पहल करेंगे। उक्त बातें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ हज हाऊस के शिलान्यास पर कही। मुख्यमंत्री बघेल ने ईद-उल-अजहा के मौके पर वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए छत्तीसगढ़ हज हाऊस का शिलान्यास किया। हज हाऊस का निर्माण लगभग 26 करोड़ रुपए की लागत से तीन एकड़ भूमि में किया जाएगा। पांच मंजिला इस भवन में हज यात्रियों के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। भवन का निर्माण मंदिर हसौद रोड एयरपोर्ट के पास नवा रायपुर अटल नगर में किया जाएगा।

भूपेश बघेल ने मुस्लिम समाज के लोगों को ईद-उल-अजहा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए दोहरी खुशी का मौका है। पूरी दुनिया के साथ छत्तीसगढ़ में भी ईद का पर्व मनाया जा रहा है और आज छत्तीसगढ़ हज हाउस का शिलान्यास हुआ है। हाजियों की परेशानी कम करने के लिए समाज के लोगों की मेहनत रंग लाई और हज हाउस के निर्माण की लंबे अरसे से की जा रही मांग पूरी हुई है। मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने मुस्लिम समाज के लोगों को ईद की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के हज यात्रियों को पहले नागपुर जाना पड़ता था। हज हाउस के निर्माण के बाद यही उनके लिए सारी सुविधाएं उपलब्ध हो जाएंगी। मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि हज यात्रियों की सुविधा के लिए छत्तीसगढ़ से ही उड़ान शुरू करने के लिए प्रयास किया जाएगा।

उन्होंने मुस्लिम समाज को हज हाउस की सौगात देने के लिए समाज की ओर से मुख्यमंत्री का शुक्रिया अदा किया। इस मौके पर नवा रायपुर कार्यक्रम स्थल में राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलाम रिजवी, छत्तीसगढ़ राज्य पाठ्य-पुस्तक निगम के अध्यक्ष शैलेष नितिन त्रिवेदी, छत्तीसगढ़ राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन, छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल, राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष महेन्द्र छाबड़ा, छत्तीगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष राजेन्द्र तिवारी, नगर निगम रायपुर के महापौर एजाज ढेबर सहित मुस्लिम समाज के गणमान्य नागरिक व उपस्थित थे।

11-07-2020
विशेष ई-लोक अदालत में जिले के 294 प्रकरण हुए निराकृत

दुर्ग। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के द्वारा देश के पहले ई-लोक अदालत का शुभारंभ शनिवार को वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से किया गया। वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से शुभारंभ हुए कार्यक्रम को रामजीवन देवागंन कार्यवाहक जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग के निर्देश पर न्यायाधीश वीडियो कान्फ्रेसिंग रूप में उपस्थित हुए। पहले ई-लोक अदालत के गठित खण्डपीठ की जानकारी एवं लोक अदालत में रखे गए प्रकरणों की जानकारी पक्षकारों/अधिवक्ताओं को दूरभाष पर दी गई। पक्षकारों एवं अधिवक्ताओं को न्यायालय में बिना उपस्थित हुए जिटसी एप एवं अन्य एप के माध्यम से खंडपीठ क पीठासीन अधिकारी से जोड़कर आपसी सहमती से प्रकरण को राजीनामा के आधार पर समाप्त किया गया। आज न्यायालय परिसर में बिना भीड़ लगे। कुल 293 प्रकरण को सफलतापूर्वक निराकृत किए जाने में अभूतपूर्व सफलता हासिल हुई। ई-लोक अदालत को सफल बनाये जाने में खंडपीठ के पीठासीन न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता सदस्यगण, अधिवक्ता, पक्षकारों, कर्मचारियों ने सहयोग प्रदान किया। ई-लोक अदालत में कुल-14 खंडपीठ का गठन किया गया। लोक अदालत में कुल 415 प्रकरण सुनवाई हुए रखे गए थे जिनमें से कुल 294 न्यायालयीन प्रकरण निराकृत हुए। 137 दांडिक प्रकरण, 11 सिविल प्रकरण, 26 मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, 97 चेक अनादरण, 14 विद्युत प्रकरण, 08 पारिवारिक मामले, 01 श्रम मामले, निराकृत हुए। 

 

10-07-2020
Breaking: न्यायिक इतिहास में पहली बार 11 जुलाई को राज्य स्तरीय ई-लोक अदालत

रायपुर। बिलासपुर में 11 जुलाई को राज्य स्तरीय ई-लोक अदालत का आयोजन किया गया है। यह देश के न्यायिक इतिहास में पहली बार हो रहा है, जब लोक अदालत वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से होगा, जिसमें पक्षकार और वकील को न्यायालय आने की जरूरत नहीं होगी। घर में बैठे पक्षकारों के बीच आपसी सहमति से प्रकरण निराकृत होंगे। छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यपालक अध्यक्ष जस्टिस प्रशांत मिश्रा ने ई-लोक अदालत के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ में 11 जुलाई को आयोजित ई-लोक अदालत में हाईकोर्ट सहित प्रदेश भर के विभिन्न जिलों की 200 से अधिक खंडपीठों में 3 हजार से ज्यादा मामलों की सुनवाई होगी। ई-लोक अदालत का शुभारंभ सुबह 10.30 बजे छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के वीडियो कान्फ्रेंसिंग रूम में मुख्य न्यायाधीश जस्टिस पीआर रामचन्द्र मेनन करेंगे। इस कार्यक्रम की लाईव स्ट्रीमिंग भी की जाएगी।

जस्टिस मिश्रा ने बताया कि समझौता योग्य प्रकरणों, पारिवारिक मामले, मोटर दुर्घटना दावा, चेक बाउंस के प्रकरण आदि धन संबंधी मामले प्रायः लोक अदालत के माध्यम से निराकृत हो जाते है। कोरोना संक्रमण के चलते जब लोग आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं तो ऐसे मामलों के निराकरण के लिये छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने ई-लोक अदालत लगाने का निर्णय लिया है। ई-लोक अदालत उच्च न्यायालय के साथ सभी जिला न्यायालयों एवं तहसील न्यायालयों में भी आयोजित की जा रही है। जस्टिस मिश्रा ने बताया कि पक्षकारों द्वारा ई-लोक अदालत के माध्यम से समझौते के लिये जब फार्म भरे गये, उसी समय उन्हें लिंक उपलब्ध करा दिया गया। ई-लोक अदालत में पक्षकार और वकील अपने-अपने घरों में बैठकर दिये गये लिंक के माध्यम से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये कोर्ट से जुड़ सकेंगे। पक्षकारों और वकीलों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से यदि जुड़ने में दिक्कत होगी तो उन्हें यह भी सुविधा दी गई है कि वे व्हाट्सअप वीडियो कॉल करके अपना पक्ष रख सकेंगे। कोरोना संक्रमण के कारण देश भर में न्यायिक कामकाज प्रभावित हुआ है। वकील एवं पक्षकारों की आर्थिक स्थिति खराब हुई है। ई-लोक अदालत से उनको राहत मिलेगी। जस्टिस मिश्रा ने कहा कि पूरे देश में ई-लोक अदालत को लेकर उत्सुकता है। यह प्रयोग सफल होता है तो इसे आगे भी जारी रखा जाएगा।

 

08-07-2020
बलौदाबाजार में विशेष ई लोक अदालत 11 जुलाई को

रायपुर /बलौदाबाजार। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के आदेशानुसार जिला न्यायाधीश और अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बलौदाबाजार के मार्गदर्शन में जिला बलौदाबाजार में विशेष ई-लोक अदालत का आयोजन 11 जुलाई को किया जा रहा है। इस विशेष ई-लोक अदालत में सिविल, दाण्डिक और एन आई एक्ट के सभी प्रकार के राजीनामा योग्य प्रकरणों का निराकरण वीडियो कान्फ्रेसिंग के जरिये किया जायेगा। ई-लोक अदालत में अपने प्रकरणों को रखने के संबंध में संबंधित पक्षकार अपने अधिवक्ता के माध्यम से विशेष ई-लोक अदालत के लिए निर्धारित प्रोफार्मा में आवेदन 10 जुलाई तक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बलौदाबाजार के कार्यालय में जमा कर सकते हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रभारी सचिव और न्यायाधीश केके सूर्यवंशी ने बताया कि राजीनामा के लिए आवेदन पत्र का प्रारूप जिला न्यायालय की वेबसाइट में उपलब्ध है। इसके अलावा अधिवक्ता व पक्षकार कार्यदिवस में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से निःशुल्क आवेदन का प्रारूप प्राप्त कर सकते है।

यह उल्लेखनीय है कि आवेदन देने के पश्चात जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर संबंधित खण्डपीठ को विडियो कान्फ्रेसिंग का लिंक पक्षकार/अधिवक्ता को उनके मोबाइल नंबर पर उपलब्ध कराया जायेगा। इस लिंक के माध्यम से 11 जुलाई को पक्षकार व उनके अधिवक्ता विडियो कान्फ्रेसिंग में उपस्थित होकर अपने प्रकरणों का निराकरण करा सकते हैै। उन्हें न्यायालय में व्यक्तिगत उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बलौदाबाजार आम लोगों से अपील करता है कि वह उक्त विशेष ई-लोक अदालत के माध्यम से अपने अधिक से अधिक प्रकरणों का निराकरण करे। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बलौदाबाजार के कार्यालय से एवं वेबसाइट डिस्ट्रिक्ट्स डॉट ईकोटरस डॉट जीओव्ही डॉट इन बलौदाबाजार से संपर्क कर सकते हैं।

 

 

07-07-2020
डीजीपी ने पुलिस अधीक्षकों को दिए निर्देश, अपराधियों पर करें सख्त कार्रवाई, कानपुर जैसी घटना छत्तीसगढ़ में न हो

रायपुर। पुलिस महानिदेशक डीएम अवस्थी ने प्रदेश के पुलिस अधीक्षकों को अपराधियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी एसपी को कहा कि अपराधियों की लिस्ट बनाकर कार्रवाई करें। कानपुर जैसी कोई भी वारदात छत्तीसगढ़ में नहीं होनी चाहिए। पुलिस को प्रोफेशनल होकर काम करने की जरूरत है। उन्होंने सभी एसपी को थानों का औचक निरीक्षण करने और थानों के सामने बैरियर लगाने के निर्देश दिये।वीडियो कान्फ्रेंसिंग से हुई बैठक में डीजीपी ने कहा कि अपराधियों को रोकने में बैरियर सहायक साबित होते हैं। अपराधी अपराध करके भागते हैं तो आसानी से पकड़ा जा सकता है। सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल चिटफंड और अवैध शराब के प्रकरणों पर शीघ्रता से कार्रवाई करें। चिटफंड प्रकरणों के संचालकों पर सख्त कार्रवाई करते हुए जेल भेजें और उनकी संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई करें साथ ही न्यायालय के माध्यम से एजेंटों से प्रकरण वापस लें।

नक्सल प्रभावित जिलों में आदिवासियों से सामान्य किस्म के प्रकरण वापसी पर शीघ्रता से कार्रवाई के निर्देश दिये गये।डीजीपी ने कहा कि पुलिसकर्मियों के विरूद्ध जो शिकायतें हैं उनकी एक माह के अंदर जांच कर कार्रवाई करें। सभी एसपी को सर्विस प्रकरण गंभीरता से निपटाने के निर्देश दिये गये। अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों में वेबजह देरी ना करने के निर्देश दिये गये। वीसी में सभी कमांडेंट को निर्देशित किया गया कि स्पंदन कार्यक्रम के तहत जवानों से लगातार संवाद स्थापित करते रहें। उनकी आवास से संबंधित समस्याओं का तत्काल निराकरण करें।बैठक में एडीजी अशोक जुनेजा, एडीजी हिमांशु गुप्ता, डीआईजी सीआईडी सुशील द्विवेदी, एचआर मनहर, एआईजी राजेश अग्रवाल उपस्थित रहे।

12-06-2020
जीएसटी लेट फीस से परेशान कारोबारियों को राहत, केंद्र ने दी व्यापारियों को यह सुविधा..

नई दिल्ली। कोरोना संकट के बीच पहली बार जीएसटी काउंसिल की बैठक खत्म हो चुकी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अगुआई में वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए हुई इस बैठक में जीएसटी लेट फीस से परेशान कारोबारियों को राहत मिली है। वित्त मंत्री ने जीएसटी परिषद की बैठक के बाद कहा, जुलाई, 2017 से जनवरी, 2020 के दौरान मासिक जीएसटी बिक्री रिटर्न दाखिल नहीं करने पर अधिकतम विलंब शुल्क 500 रुपये तय किया गया। बता दें इस 40वीं बैठक में राज्यों के वित्त मंत्री भी भाग ले रहे थे। निर्मला सीतारमण के अलावा इस बैठक में केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर भी मौजूद थे।वित्त मंत्री ने जीएसटी परिषद की बैठक के बाद कहा, जुलाई, 2017 से जनवरी, 2020 के दौरान मासिक जीएसटी बिक्री रिटर्न दाखिल नहीं करने पर अधिकतम विलंब शुल्क 500 रुपये तय किया गया।

यानी कोरोना वायरस संक्रमण शुरू होने से पहले जिन कारोबारियों पर टैक्स की देनदारी थी उनका लेट फीस कम कर दिया गया है। इसका फायदा 1 जुलाई 2020 से लेकर 30 सितंबर 2020 तक रिटर्न फाइल करने वालों को भी मिलेगा। जुलाई, 2017 से जनवरी, 2020 के दौरान शून्य जीसटी रिटर्न वाली पंजीकृत इकाइयों पर कोई विलंब शुल्क नहीं लगेगा। वहीं 5 करोड़ रुपये से कम टर्नओवर वाले कारोबारियों को फरवरी से जून 2020 के बीच रिटर्न फाइल करने पर सिर्फ 9 फीसदी ब्याज चुकाना होगा।वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संवाददाता सम्मेलन में बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए कहा कि जीएसटी परिषद फुटवियर, उर्वरक और कपड़ा क्षेत्र में उलट शुल्क ढांचा सुधारने पर गौर कर रही है। पान मसाले पर टैक्स को लेकर संवाददाताओं के सवाल पर उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि पान मसाले पर कर लगाने को लेकर जीएसटी परिषद की अगली नियमित बैठक में विचार होगा।उन्होंने कहा कि राज्यों की मुआवजा की जरूरतों पर विचार के लिए एक विशेष बैठक जुलाई में होगी। उसका केवल यही एक एजेंडा होगा।बता दें इससे पहले मार्च में हुई जीएसटी काउंसिल की 39वीं बैठक में भी कोरोना वायरस को लेकर अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चर्चा हुई थी। उस दौरान भारत में कोरोना वायरस के मामले बेहद कम थे और लॉकडाउन का भी फैसला नहीं लिया गया था।

 

28-05-2020
केन्द्रीय कैबिनेट सचिव ने मुख्य सचिवों से कोरोना संक्रमण की रोकथाम के संबंध में की चर्चा

 

रायपुर। केन्द्रीय कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने गुरुवार को दिल्ली से देश के सभी राज्यों के मुख्य सचिवों से वीडियो कान्फ्रेंसिंग कर चर्चा की। कोरोना वायरस कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम और प्रभावितों के इलाज सहित परिवहन, आर्थिक गतिविधियों के संचालन, प्रवासी श्रमिकों की समस्याओं के निराकरण सहित अन्य मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। वीडियो कान्फ्रेंसिंग में छत्तीसगढ़ से स्वास्थ्य विभाग की सचिव निहारिका बारिक सिंह और खाद्य एवं परिवहन विभाग के सचिव डॉ.कमलप्रीत सिंह शामिल हुए। वीडियो कान्फ्रेंसिंग में भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया।

 

10-05-2020
नरेंद्र मोदी 11 मई दोपहर 3 बजे करेंगे सभी मुख्यमंत्रियों से बात

नई दिल्ली। देश में तेजी से फैल रहे कोरोना संक्रमण के बीच खबर है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल यानी 11 मई को सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात करेंगे। पीएम मोदी  यह बैठक वीडियो कांन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कल दोपहर 3 बजे करेंगे। अनुमान है कि इस बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी 17 मई के बाद देश भर में लॉकडाउन को लेकर आगे की रणनीति तय करेंगे। कोरोना महामारी को लेकर लॉक डाउन की घोषणा होने के बाद से लेकर अब तक पीएम नरेंद्र मोदी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से तीसरी बार वीडियो कांन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बात करेंगे।

देश में जिस तरह तेजी से कोरोना संक्रमण बढ़ता जा रहा है, उसे देखते हुए पीएम मोदी सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से आगे महामारी से लड़ने को लेकर तैयारी पर भी अपडेट जानकारी ले सकते हैं। बता दें कि देश में कोरोना वायरस का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। देश में जारी लॉकडाउन के बावजूद कोरोना से करीब 63 हजार लोग संक्रमित हो चुके हैं। वहीं 2100 से ज्यादा लोगों की अब तक मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा रविवार सुबह जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत में कोरोना से संक्रमितों की संख्या 62,939 हो गई है। 

08-05-2020
9 मई को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए अधिकारियों की बैठक लेंगे गृहमंत्री

रायपुर/बिलासपुर। बिलासपुर जिले के प्रभारी मंत्री ताम्रध्वज साहू 9 मई सुबह साढ़े 11 बजे वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जिले के अधिकारियों की बैठक लेंगे। बैठक में कोरोना वायरस के संक्रमण से रोकथाम, लाॅकडाउन एवं कानून व्यवस्था की स्थिति तथा अन्य प्रदेशों से आने वाले मजदूरों के क्वारेंटाइन की व्यवस्था,मजदूरों को रोजगार उपलब्धता की समीक्षा की जाएगी।

 

06-05-2020
कालातीत हो चुकी पाइप लाइन में लिकेज के कारण रायपुर में फैला पीलिया : डॉ.शिव डहरिया

रायपुर। नगरीय प्रशासन एवं श्रम मंत्री डॉ.शिवकुमार डहरिया ने बुधवार को वीडियो कान्फ्रेसिंग से मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा की। उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी। मंत्री डॉ. डहरिया ने कहा कि छत्तीसगढ़ कोरोना संक्रमण के रोकथाम के मामले में देश का मॉडल राज्य बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री ने राज्य के 56 लाख परिवारों को दो माह का निशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया है। जून माह का भी राशन निशुल्क वितरण करने जा रहे हैं। जिनके पास राशन कार्ड नहीं है,ऐसे परिवारों को भी खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। मंत्री डॉ.शिव डहरिया ने कहा कि मनरेगा से राज्य में 20 लाख लोगों को प्रतिदिन रोजगार मिल रहा है। लॉक डाउन में बंद पड़े लगभग 6 हजार छोटे-बड़े कारखानों को चालू करा दिया गया है। जरुरतमंद श्रमिकों के खातों में लगभग एक करोड़ रुपए की राशि जमा की गई है। मंत्री डॉ.डहरिया ने कहा कि केन्द्र सरकार के दिशा निर्देश के अनुसार ही राज्य में पुन: शराब की दुकानें खोली गई है। किसी भी दुकान में अधिक मूल्य पर शराब विक्रय की शिकायत मिलने पर कार्यवाही की जाएगी। 

डॉ.शिवकुमार डहरिया ने कहा कि अन्य राज्यों में फंसे श्रमिकों को लाने के लिए ट्रेन की व्यवस्था के लिए रेलवे से बातचीत हुई है। ट्रेन उपलब्ध होते ही श्रमिकों को लाया जाएगा। इसकी पूरी व्यवस्था सरकार करेगी। मंत्री डहरिया ने कहा कि पांच वर्ष पूर्व ही शहर की कालातीत हो चुकी 60 किलोमीटर पाइप लाइन में लिकेज होने की वजह से शहर के कुछ इलाकों में पीलिया का प्रकोप फैला है। इस पाइप लाइन को बदलने का कार्य तेजी से कराया जा रहा है। अब तक 45 किलोमीटर तक पाइप लाइन बदल दी गई है। शेष कार्य को भी युध्दस्तर पर पूरा कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जल आपूर्ति के लिए रायपुर शहर में पांच उच्चस्तरीय जल टंकी का निर्माण कराया जा रहा है। श्यामनगर और राम नगर (गुढ़ियारी) में दो टंकियों का पूर्ण करा कर उसके माध्यम जल आपूर्ति शुरू कर दी गई है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरुप रायपुर शहर को टैंकर मुक्त शहर बनाने का अभियान चल रहा है। डॉ. डहरिया ने कहा कि राज्य में कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए मुख्यमंत्री सहायता कोष से 27 करोड़ रुपए मिले हैं। श्रम विभाग की ओर से बड़े जिलों को 20-20 लाख रुपए, छोटे जिलों को 10-10 लाख रुपए राहत शिविरों के संचालन और लॉक डाउन की वजह से फंसे श्रमिकों की मदद के लिए दिए गए हैं।

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