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07-08-2020
अवैध रेत खनन, डीजल-पेट्रोल और कबाड़ चोरी के कारोबार पर होगी सख्त कार्रवाई : कलेक्टर

कोरबा। रेत, डीजल-पेट्रोल चोरी और कबाड़ के अवैध काम पर कलेक्टर किरण कौशल ने सख्त रूख अपनाया है। उन्होने जिले के राजस्व और पुलिस अधिकारियों की बैठक में अवैध रेत खनन, डीजल-पेट्रोल चोरी और कबाड़ के गैर कानूनी कारोबार करने वालो के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर किरण कौशल के निर्देश पर ही पिछले तीन दिनों में प्रशासन ने अवैध रेत खोदने वाले माफियाओं के विरूद्ध कठोर कार्रवाई की है। इनमें से एक जगह भिलाई खुर्द में तो खुद कलेक्टर व एसपी अभिषेक मीणा ने पहुंच कर भारी मात्रा में अवैध रूप से खोदकर रखी गई रेत पकड़ी थी। पिछले तीन दिनों में जिला प्रशासन की टीमों ने अलग-अलग जगहों पर दबिश देकर 103 हाईवा से अधिक अवैध रेत जप्त की है। अवैध रेत के उत्खनन में लगी पॉकलेन मशीन सहित टेज्लर, दो कांक्रीट मिलर, एक हाइड्रा, दो हाइड्रोलिक रिंग और अवैध परिवहन करते हुए एक हाइवा और दो ट्रैक्टरों को भी जप्त किया गया है। कलेक्टर-एसपी की इस संयुक्त कार्रवाई से जिले में रेत का अवैध कारोबार करने वाले लोगो में हड़कंप मच गया है। कलेक्टर कौशल ने कहा है कि ऐसी कार्रवाईयां आगे भी जारी रहेंगी। अवैध रेत खनन, डीजल-पेट्रोल चोरी के साथ-साथ कबाड़ का अवैध धंधा करने वालो पर प्रशासन की पैनी नजर है, और ऐसे अवैध धंधे करते पकड़े जाने पर सख्त से सख्त कार्रवाई होगी।

बैठक में एडीएम संजय अग्रवाल, नगर निगम आयुक्त एस जयवर्धन, अपर कलेक्टर प्रियंका महोबिया सहित डीएसपी मुख्यालय रामगोपाल करियारे, शहर सीएसपी राहुल देव, अनुविभागीय राजस्व अधिकारी सुनील नायक और अन्य राजस्व एवं पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक में कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को अवैध रेत खनन सहित डीजल-पेट्रोल और कबाड़ चोरी की    किसी भी प्रकार की सूचना मिलने पर तत्काल रिस्पांस करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर कौशल ने कहा कि अवैध कारोबार से शासन-प्रशासन की जनमानस में छवि खराब होती है साथ ही इसके कारण आगे बड़ी घटनाओं-दुर्घटनाओं से भी इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे अवैध कारोबारियों पर सख्त कार्रवाई से शासन-प्रशासन के प्रति जनमानस का विश्वास बढ़ता है। उन्होने अधिकारियो को सख्त हिदायत भी दी कि सूचना मिलने पर भी अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने वाले अधिकारियों के विरूद्ध प्रशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी।

29-06-2020
डीजल-पेट्रोल की बढ़ती कीमतों को लेकर धरना-प्रदर्शन कांग्रेस का एक और फ्लॉप शो : भाजपा

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व विधायक श्रीचंद सुंदरानी ने डीजल-पेट्रोल की बढ़ती कीमतों को लेकर कांग्रेस के धरना-प्रदर्शन को एक और फ्लॉप शो बताया है। सुंदरानी ने कहा कि आज डीजल-पेट्रोल की कीमतों को लेकर स्यापा मचा रहे कांग्रेस के नेता देश को गुमराह करने के लिए अपने झूठ का रायता चाहे जितना फैलाने की कोशिश कर लें, देश अब कांग्रेस के झाँसों में कतई नहीं आएगा। कांग्रेस डीजल-पेट्रोल में मूल्यवृद्धि पर तथ्यों से तो मुँह चुरा ही रही है, अपने संप्रग शासनकाल की महंगाई से लोगों का ध्यान भी भटका रही है। सुंदरानी ने कहा कि आज पेट्रोल भारत में 78.91 रुपए और डीजल 77.94 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है जबकि कांग्रेसनीत संप्रग के शासनकाल में जनवरी 2013 में पेट्रोल 83 रुपए प्रति लीटर तक बिक रहा था। इसी प्रकार रसोई गैस की कीमतों को लेकर कांग्रेस को याद रखना चाहिए कि संप्रग शासनकाल (जनवरी 2014) में रसोई गैस की कीमत 1241 रुपए तक जा पहुँची थी,जो आज की तारीख में लगभग 660-676 रुपए है। डीजल-पेट्रोल की कीमतों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर उंगली उठाने से पहले कांग्रेस नेता यह अच्छी तरह समझ लें कि डीजल-पेट्रोल की बढ़ी कीमतों से मिलने वाला राजस्व तो देश के खजाना में ही जा रहा है, अब प्रदेश सरकार यह स्पष्ट करे कि 30 फीसदी शराब के अवैध कारोबार से मिलने वाला राजस्व प्रदेश के खजाने में नहीं जाकर कहाँ जा रहा है?

 

26-06-2020
अमरजीत भगत ने कहा, तेल की कीमतों पर हाय तौबा मचाने वाले आज चुप क्यों है

अम्बिकापुर। देशभर में डीज़ल-पेट्रोल की बढ़ती कीमत और मौसमी बीमारियों से बचाव की तैयारी जैसे मुद्दे पर खाद्य मंत्री अमरजीत भगत नें पत्रकारों से चर्चा की। स्थानीय सर्किट हाउस में पत्रकारवार्ता में चर्चा के दौरान खाद्य मंत्री नें कहा कि इस देश में लगातार पेट्रोल डीजल का दाम बढ़ता जा रहा है। पूरे विश्व में कोरोना महामारी से उपजे संकट से लोग परेशान हैं। इस परेशानी से देश भर के लोग परेशान है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड आयल की कीमत घट रही है,उसके बावजूद भारत में तेल की कीमतें आसमान छू रही है। यही नहीं बाज़ार में आवशयक वस्तु की कीमत बढ़ रही है। उन्होनें केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि अप्रेल 2008 से जुलाई 2018 के बीच 11 बार पेट्रोल डीज़ल की कीमतों मे बढ़ोतरी हुई है जबकि कच्चे तेल में लगातार  गिरावट हुई है।

संक्रमण के दौरान ही लोगों से ज्यादा पैसा वसूला जा रहा है यह मौलिक अधिकार का हनन है। मूल्य नियंत्रण पर सरकार ध्यान दे। उद्योग-धंधे बन्द हैं,बड़ी संख्या में लोग बेरोजगार है। ऐसे में जनता पर यह अतिरिक्त बोझ किसी नाइंसाफी से कम नहीं।जब कांग्रेस की सरकार थी तब तेल की कीमतों में 10 पैसा बढ़ने पर भी जो लोग हाय तौबा मचाते थे,आज वह लोग चुप क्यों है। उन्होंने आरोप लगाया कि मूल्य वृद्धि की सबसे बड़ी वजह उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाना। मोदी सरकार अपने चहेते उद्योगपतियों को लाभ पहुंचने के लिए नागरिकों के साथ नाइंसाफी कर रही है।खाद्य मंत्री ने बताया कि एलिफेंट रिजर्व का काम ग्रीन ट्रीब्यूनल में अटका हुआ है।

लेमरू प्रोजेक्ट को भी इसी वजह से आगे नहीं बढ़ाया जा सका है। लेकिन जहाँ प्रतिबंध है वहां भी अडानी को लीज पर जमीन दे दिया गया है। इससे वनक्षेत्र में कमी आई है। केवल भारत सरकार के ग्रीन ट्रिब्यूनल में मामला अटकने के कारण यह स्थिति निर्मित हुई है। इसे भूपेश सरकार ने गंभीरता से लिया और ग्रीन ट्रिब्यूनल में अटके मामले को क्लीयर कर लेमरू प्रोजेक्ट के एलिफेंट कॉरिडोर के काम को तेजी से किया जा रहा है। इससे हाथी-मानव द्वंद को रोका जा सकेगा।

 

30-05-2020
Video : एचपी कंपनी का डीजल-पेट्रोल लोड टैंकर पलटा, पुलिस के पहुंचने तक 1 घंटे तक मची रही लूट

उदयपुर। लखनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम जजगा मोड़ के समीप एचपी कंपनी की डीजल पेट्रोल लोड टैंकर क्रमांक सीजी 15 एसी 9829 सुबह 7 बजे के करीब अनियंत्रित होकर पलट गई। टैंकर के पलटते ही टैंकर चालक व क्लीनर मौके से किसी अनहोनी की आशंका को देखते हुए फरार हो गए। इसी बीच डीजल-पेट्रोल लोड टैंकर पलटने की सूचना पर काफी संख्या में ग्रामीण बाल्टी डिब्बा और अन्य साधन लेकर टैंकर के समीप पहुंच गए तथा टैंकर से गिर रहे डीजल पेट्रोल को संग्रहित करने की होड़ मच गई।

इस दौरान लोग अपने जान को जोखिम में डालकर यह काम करते रहे लॉक डाउन के नियमों का किस तरह धज्जियां उड़ा यह भी यहां देखा जा सकता है कि लोग कोरोना महामारी को भी भूल गए। लखनपुर पुलिस को सूचना करने पर 112 की टीम घटना स्थल पहुंची तब तक लोग अपनी जान की परवाह किये बगैर डीजल पेट्रोल इकट्ठा करने में लगे हुए थे। 112 की टीम ने लोगों को वहां से भगाया टैंकर में लिखे नंबर से टैंकर मालिकों को टैंकर दुर्घटना की सूचना पुलिस द्वारा दे दी गई है। अभी भी टैंकर से तेल का रिसाव जारी है प्रशासनिक अमले को भी घटना की सूचना मोबाइल के माध्यम से दी गई है।

24-03-2020
Breaking : भूपेश सरकार ने आवश्यक सेवा की घोषित, सार्वजनिक वितरण प्रणाली की वस्तुओं सहित कई सेवाएं शामिल, आदेश जारी

रायपुर। कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण के रोकथाम के लिए किए जा रहे उपायों के तहत छत्तीसगढ़ सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली की वस्तुओं, धान की मिलिंग, डीजल-पेट्रोल, एलपीजी सहित कई सेवाओं को आवश्यक सेवा घोषित किया है। खाद्य विभाग की ओर से आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के प्रावधानों के तहत जिन सेवाओं को आवश्यक सेवायें घोषित किया गया है। उनमें सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत प्रदाय की जाने वाली वस्तुओं एवं उनके उपार्जन एवं भण्डारण में आवश्यक सामग्रियों जैसे बारदाने, सल्फास, कीटनाशक, डनेज आदि के संचालन, भण्डारण और वितरण को इसमें शामिल किया गया है।  

इसी तरह राज्य सरकार ने खाद्यान्नों और सार्वजनिक वितरण प्रणाली में प्रदाय की जाने वाली वस्तुओं की लोडिंग-अनलोडिंग, विकेन्द्रीकृत उपार्जन योजना के तहत उपार्जित धान की मिलिंग और भण्डारण के लिए लोडिंग-अनलोडिंग एवं परिवहन, धान की मिलिंग करने वाली राईस मिलें, अधिसूचित पेट्रोल, डीजल, सी.एन.जी. पम्पों, प्रदाय इकाईयों की ओर से पेट्रोल, डीजल, सी.एन.जी. प्रदाय, एल.पी.जी. (घरेलु तथा व्यवसायिक) को इसमें शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त अन्य कोई सेवा जो संबंधित जिला कलेक्टर द्वारा आवश्यक घोषित किया जाएगा को इसमें शामिल किया गया है।

05-10-2018
Kamalnath: कमलनाथ बोले-भ्रमित करने का काम कर रहा है चुनाव आयोग 

भोपाल। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने आज प्रेसवार्ता में कहा कि मैं चुनाव आयोग को चुनौती देता हूं कि उन्होंने जो कहा है वो साबित करे। चुनाव आयोग भ्रमित करने का काम कर रहा है।  हम भी चुनाव आयोग को निष्पक्षता के लिये मदद कर रहे हैं। हमने जो शिकायत की थी, वो 18 जनवरी की मतदाता सूची के आधार पर की थी। 31 जुलाई को उन्होंने जो सूची प्रकाशित की उसमें 24 लाख नाम हटायें गये।

जब हमारी शिकायत गलत थी तो क्यों नाम हटायें ? हमने सीडी सार्वजनिक तौर पर उन्हें सौंपी। हमने चुनाव आयोग से मांग की थी कि हमें मतदाता सूची टैक्स प्रारूप में दी जाए लेकिन हमें इमेज प्रारूप में दी गई। जबकि राजस्थान को टैक्स प्रारूप में दी गयी। टैक्स प्रारूप में देने से हमें डुप्लीकेट वोटर्स पकड़ने में आसानी होती। हमने शिकायत भी डुप्लीकेट  वोटर्स को लेकर ही की थी। हमारी मांग के बावजूद हमें यह सूची नहीं दी गई। चुनाव आयोग यह बताएं क्यों नहीं दी गयी ? हमने 3 जून को मिलकर सारे प्रमाण सौंपे। डीजल-पेट्रोल पर कटौती चुनावी कटौती। इतनी दरवृद्धि के बावजूद मामूली कटौती। क्यों वेट कम नहीं कर रही सरकार ?उन्होंने  बसपा से गठबंधन को लेकर कहा-बसपा 50 सीट मांग रही थी जबकि पिछले बार उनका वोट प्रतिशत मात्र 6 फीसदी रहा। हम 50 सीट कैसे दे सकते थे।

10-09-2018
Bharat Band: भारत बंद के दौरान कोरबा में बाजार बंद कराने में सफल रही कांग्रेस

कोरबा। डीज़ल-पेट्रोल से लेकर रसोई गैस के आसमान छूते दामों को लेकर कांग्रेस और सहयोगी दलों ने सोमवार को बुलाये गए भारत बंद का कोरबा में पूरा असर देखने को मिला। कोरबा शहर सहित उपनगरीय क्षेत्रों में सुबह से ही कांग्रेसी घूम-घूमकर दुकानें बंद कराते दिखे जिसका असर भी हुआ और लोगों ने दुकानों बंद रखी।

बंद का असर पूरे शहर में दिखा मेन रोड, पावर हाउस रोड, टीपीनगर, निहारिका, कोसा बाड़ी क्षेत्र की सारी दुकानें बंद रही। वहीं मेडिकल स्टोर व शिक्षा संस्थान खुले रहे पुलिस प्रशासन भी इस दौरान सतर्क दिखा जगह-जगह जवानों की तैनाती की गई थी। कहीं से भी कोई हिंसा की खबर अब तक नहीं है। बन्द शांतिपुर्ण रहा कोरबा विधायक जयसिंह अग्रवाल व कई वरिष्ठ कांग्रेसी इस बंद के दौरान सक्रिय दिखे लोगों से हाथ जोड़कर निवेदन करते नजर आए कि दुकाने बन्द रखे |

03-09-2018
Retail Market : क्यों आसमान छू रहे डीजल-पेट्रोल के दाम

नई दिल्ली। घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें फिर से आसमान पर पहुंच गई है, लेकिन इससे भी ज्यादा चिंताजनक बात यह है कि आने वाले दिनों में इसकी रफ्तार यूं ही बनी रहेगी क्योंकि एक तरफ जहां तमाम जानकार रुपए के कमजोर होने के कयास लगा रहे हैं, वही प्रमुख तेल उत्पादक देशों (वेनेजुएला और इरान) में कच्चे तेल का उत्पादन और घट सकता है।

रिकार्ड लेबल पर पहुंचा डीजल-पेट्रोल का दाम:

सरकारी तेल कंपनियों की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक सोमवार को दिल्ली में पेट्रोल 79.15 रुपए प्रति लीटर के रिकार्ड स्तर और डीजल 71.15 रुपए प्रति लीटर के रिकार्ड स्तर पर पहुंच गया है। अगर पिछले एक पखवाड़े का हिसाब देखें तो पेट्रोल में दो रुपये और डीजल में 2.42 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। देश के दूसरे सभी मेट्रो शहरों में उक्त दोनों उत्पादों की कीमतें दिल्ली से ज्यादा है।

राज्यों की तरफ से लगाये जाने वाले कर की वजह से पेट्रोल व डीजल की कीमत देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग है। सरकार की तरफ से इन्हें वैट के तहत लाने की बात की गई थी, लेकिन कई राज्यों के विरोध की वजह से ऐसा नहीं हो पा रहा है। इन दोनों उत्पादों से राज्य काफी शुल्क वसूलते हैं। केंद्र की ओर से भी शुल्क में कोई रियायत देने का संकेत नहीं है।

एक कारण ये भी है:

निश्चित तौर पर पेट्रोल व डीजल की इस महंगाई के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड की कीमतें हैं, लेकिन रुपये की कीमत में आ रही गिरावट का भी इस पर असर होता है। इसी एक पखवाड़े में रुपया भी 85 पैसे कमजोर हुआ है। 16 अगस्त, 2018 के बाद से 3 सितंबर, 2018 के बीच क्रूड की कीमतों में 7 डॉलर प्रति बैरल की वृद्धि हो चुकी है। इसके लिए ईरान और वेनेजुएला को लेकर जारी अस्थिरता है।

ईरान के हर तरह के कारोबार पर प्रतिबंध लगाने को अमेरिका आमादा है जबकि आंतरिक अस्थिरता की वजह से वेनेजुएला का तेल उत्पादन घट कर एक तिहाई रह गया है। तेल आपूर्ति घटने की आशंका से कीमतों में इजाफा हो रहा है। साथ ही अमेरिका और चीन के बीच जारी प्रतिस्पर्धा भी एक अन्य वजह है जिसके बारे में जानकारों का कहना है कि यह वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दुष्प्रभाव डालेगा। इस आशंका से भी क्रूड महंगा हो रहा है।

भारत अपनी जरूरत का 80 प्रतिशत कू्रड करता है आयात:

क्रूड के महंगा होने से सबसे ज्यादा असर देश में चालू खाते (आयात व निर्यात का अंतर) में घाटे पर पड़ने की आशंका जताई जाने लगी है। भारत अपनी जरूरत का 80 फीसद से ज्यादा क्रूड आयात करता है। इस वजह से उसे काफी मात्रा में विदेशी मुद्रा इस मद में खर्च करना पड़ता है। जब क्रूड महंगा होता है तो यह खर्च बढ़ जाता है। साथ ही जब डॉलर के सापेक्ष रूपया कमजोर होता है तब भी भारत पर ज्यादा दबाव पड़ता है। अभी क्रूड भी महंगा हो रहा है और रुपया भी कमजोर हो रहा है।  

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