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16-09-2020
भूपेश सरकार के निर्णय से शिक्षक अभ्यर्थियों के चेहरों पर लौटी रौनक, शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश

रायपुर। भूपेश सरकार ने शिक्षक अभ्यर्थियों के मुरझाए चेहरों पर  रौनक लौटा दी है। वित्त विभाग से प्राप्त सहमति के आधार पर व्यापम की ओर से आयोजित परीक्षा के लिए विज्ञापित 14580 शिक्षकों के पदों पर नियुक्ति की अनुमति दे दी है। 8 बिंदुओं पर निर्धारित शर्तों के साथ शिक्षा विभाग ने नियुक्ति के संबंध में आदेश जारी किया है।  बता दें कि लोक शिक्षण संचनालय से विभिन्न संवर्गों के शिक्षकों की नियुक्ति के लिए व्यापम की ओर से परीक्षा ली गई थी। विभिन्न संवर्ग के कुल 14580 शिक्षकों के रिक्त पदों पर नियुक्ति की जानी थी। व्यापम की ओर से परीक्षा के परिणाम 30 सितंबर 2019 और 22 नवंबर 2019 को घोषित किए गए थे।

व्यापम की ओर से जारी की गई प्रावीण्य सूची के आधार पर नियुक्तियां की जानी थी। मार्च में कोरोना वायरस के कारण लॉक डाउन होने के बाद वित्त विभाग की ओर से यह निर्देश जारी किए गए थे कि, विभागों में प्रचलित नियुक्तियों की प्रक्रिया जारी रहेगी, परंतु नियुक्ति आदेश जारी करने के पूर्व वित्त विभाग से सहमति प्राप्त करना आवश्यक होगा। भर्ती प्रक्रिया अटकने से अभ्यर्थी खासे नाराज हो गए थे। लगातार प्रक्रिया पूरी कर भर्ती करने की मांग कर रहे थे।  अभ्यर्थियों ने हरसंभव प्रयास जारी रखा। ज्ञापन से लेकर प्रदर्शम किए गए। विगक्त दिनों अभ्यर्थियों ने राजधानी में सांकेतिक प्रदर्शन किया था। इसके बाद हालही में बड़ी संख्या में एकजूट होकर अभ्यर्थियों ने आंदोलन किया था। मंगलवार को जारी आदेश के बाद के बाद जरूर अभ्यर्थियों ने राहत की सांस ली होगी।

 

08-09-2020
आरपी मंडल ने ली बैठक, विभिन्न सड़कों के रख-रखाव और निर्माण के संबंध में हुई चर्चा

रायपुर। मुख्य सचिव आरपी मंडल की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राज्य सड़क विकास निगम लिमिटेड की 21वीं बैठक हुई। मंगलवार को हुई इस बैठक में राज्य की विभिन्न सड़कों के रख-रखाव और निर्माण के संबंध में चर्चा हुई। बैठक में वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव अमिताभ जैन, लोक निर्माण विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव रीता शांडिल्य, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव अलरमेलमंगई डी., मुख्य कार्यपालन अधिकारी सड़क विकास निगम भोसकर विलास संदिपन सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

04-06-2020
वेतनवृद्धि रोकने से टीचर नाराज, बंदिश हटाने की मांग

दुर्ग। प्रदेश सरकार के द्वारा कोरोना संकट काल मे हुए वेतन वृद्धि रोकने के फैसले पर टीचर्स की नाराजगी खुलकर सामने आई। गुरुवार को छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव वित्त विभाग व सचिव सामान्य प्रशासन के नाम कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे को ज्ञापन सौंपकर नाराजगी जाहिर की। टीचर्स ने ज्ञापन के माध्यम से वेतन वृद्धि पर बंदिश तत्काल हटाने की मांग की है। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश महामंत्री ओम प्रकाश पाण्डेय ने बताया कि वित्त विभाग द्वारा कर्मचारियों के वार्षिक वेतन वृद्धि लगाने पर रोक का आदेश जारी किया गया है। कोरोना की लड़ाई में सरकार के सहयोग के लिए कर्मचारियों ने 1 दिन का वेतन स्वेच्छा से दिया है। इसके साथ ही प्रदेश के शिक्षक कोरोना के विरूद्ध अभियान में काम कर रहे हैं। इसके बाद भी शासन द्वारा जारी आदेश कर्मचारियों को हतोत्साहित करने वाला है। ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में जिला उपाध्यक्ष कमल वैष्णव, दुर्ग ब्लॉक अध्यक्ष किशन देशमुख, संजय चन्द्राकर, महेश चन्द्राकर, टिकेन्द्र चन्द्राकर और मंशाराम लहरे शामिल थे।

 

02-06-2020
व्यायाम शिक्षकों के चयन के बाद भी नियुक्ति पत्र नहीं मिला : शुभम साहू

रायपुर। स्कूल शिक्षा विभाग में व्यायाम शिक्षकों के पद पर चयनित अभ्यर्थियों ने इस पद पर तत्काल नियुक्ति की मांग की है। हाल ही में नई भर्ती में वित्त विभाग की अनुमति लिए जाने के लिए राज्य शासन की घोषणा ने इस पद पर चयनित हुए प्रत्याशियों की चिंता बढ़ा दी है।छत्तीसगढ़ अधिकार समिति के प्रदेश अध्यक्ष शुभम साहू एवं वक्ता मंच की महिला प्रभारी धनेश्वरी नारंग ने बताया है कि लंबी लड़ाई के बाद स्कूली शिक्षा विभाग ने व्यायाम शिक्षकों के रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया आरम्भ की थी। इस के लिए पात्र उम्मीदवारों की लिखित परीक्षा आयोजित हुई थी एवं परिणाम घोषित होने के बाद चयनित अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों की जांच एवं दावा आपत्ति का कार्य जारी था। यदि लॉक डाउन नहीं होता तो अब तक चयनित अभ्यर्थी अपना कार्यभार ग्रहण कर चुके होते। लेकिन अनलॉक होने के प्रथम चरण आरम्भ होने के बाद भी प्रदेश सरकार इस मुद्दे पर मौन है। प्रदेश भर के चयनित अभ्यर्थियों ने बुधवार 3 जून को भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाने की मांग सांकेतिक आंदोलन करने की घोषणा की है।

नागरिक अधिकार समिति के आव्हान पर चयनित अभ्यर्थी अपने घरों या कार्यस्थल के सामने "व्यायाम शिक्षकों के चयनित उम्मीदवारों को शीघ्र नियुक्ति पत्र प्रदान करो" लिखा हुआ पोस्टर उठाकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। इस दिन दोपहर 12 बजे 10 मिनट के लिए यह प्रदर्शन होगा। राजधानी रायपुर में दोनों संगठनों की ओर से मुख्यमंत्री एवं शालेय शिक्षा मंत्री को इस बाबत ज्ञापन सौंपा जाएगा। इस आंदोलन के दौरान शारीरिक दूरी बनाई रखी जाएगी एवं मास्क लगाने सहित सारे नियमों का पालन किया जाएगा। आन्दोलनकारी अपनी फोटो सोशल मीडिया में शेयर भी करेंगे।आंदोलनकारियों ने नई भर्ती पर रोक लगाए जाने की प्रदेश सरकार की घोषणा को शिक्षित बेरोजगारों के हितों के प्रतिकूल बताया है एवं व्यायाम शिक्षकों के चयनित अभ्यर्थियों को शीघ्र नियुक्ति न मिलने पर आंदोलन तेज करने की घोषणा की है।

30-04-2020
भूपेश बघेल ने वित्त विभाग की समीक्षा की, मुख्य सचिव सहित अन्य अधिकारी रहे मौजूद

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने निवास कार्यालय में बैठक में वित्त विभाग की समीक्षा की।  बैठक में मुख्य सचिव आरपी मण्डल, अपर मुख्य सचिव वित्त अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, सचिव वित्त शहला निगार, संचालक बजट शारदा वर्मा और मुख्यमंत्री सचिवालय में उप सचिव सौम्या चौरसिया मौजूद थीं।

02-04-2020
सीएम राहत कोष में वित्त विभाग के समस्त प्रमुख अधिकारी देंगे एक दिन का वेतन

रायपुर। प्रदेश के वित्त विभाग ने शासकीय कर्मचारियों के एक दिन के वेतन में कटौती के भ्रम एवं संशय को दूर कर दिया है। तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ जिला सरगुजा के संभागीय अध्यक्ष योगेंद्र तिवारी एवं जिला अध्यक्ष आनंद सिंह यादव ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन वित्त विभाग ने 31 मार्च को श्याम पाराशर अवर सचिव वित्त विभाग के हस्ताक्षर से समस्त विभाग प्रमुख, कमिश्नर, कलेक्टर एवं समस्त कोषालय अधिकारियों को वेतन से एक दिन का कटौती कर कोरोना वायरस पीड़ितों के सहायता के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में स्वेच्छा से योगदान का मार्ग प्रशस्त कर दिया है।

03-03-2020
दक्षिण अफ्रीका तीसरी बार आर्थिक मंदी की चपेट में

नई दिल्‍ली। दक्षिण अफ्रीका मंदी की चपेट में आ गया है। सांख्यिकी ब्यूरो ने मंगलवार को कहा कि 1994 में रंगभेद की नीति समाप्त होने के बाद से यह तीसरी बार है जब देश में मंदी आई है। वर्ष 2019 की अंतिम तिमाही (अक्‍टूबर-दिसंबर) में देश मंदी की चपेट में आ गया। स्टैटिक्स साउथ अफ्रीका ने कहा कि 2019 की अंतिम तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 1.4 प्रतिशत की गिरावट आई। इससे पिछली तिमाही में इसमें 0.8 प्रतिशत की गिरावट आई थी। इससे दक्षिण अफ्रीका की 2019 में आर्थिक वृद्धि दर महज 0.2 प्रतिशत रही। वर्ष 2009 में वैश्विक वित्तीय संकट के बाद यह वृद्धि दर का न्यूनतम स्तर है। 2018 में दक्षिण अफ्रीका की जीडीपी वृद्धि दर 0.8 प्रतिशत रही थी। ब्यूरो के अनुसार कृषि और परिवहन क्षेत्र के कमजोर प्रदर्शन से आर्थिक वृद्धि नीचे आई है। इसके अलावा निर्माण, खनन और विनिर्माण क्षेत्र का भी प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा। इसके कारण वित्त विभाग के अच्छे योगदान और सरकार के खर्च के बावजूद अच्छा प्रभाव नहीं पड़ा। जब दो तिमाही में लगातार आर्थिक वृद्धि दर में गिरावट आती है तब मंदी की स्थति कही जाती है। इससे पहले दक्षिण अफ्रीका वर्ष 2008-09 तथा उसके बाद 2018 में मंदी की चपेट में आया था।

 

12-02-2020
 28 फरवरी के बाद शासकीय विभागों में क्रय पर प्रतिबंध, निर्देश जारी

रायपुर। राज्य शासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2019-20 के बजट में विभिन्न विभागों को प्रावधानिक राशि से 28 फरवरी 2020 के बाद क्रय पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। वित्त विभाग द्वारा इस आशय के निर्देश राज्य शासन के समस्त विभागों, अध्यक्ष राजस्व मण्डल बिलासपुर, सभी संभागीय आयुक्त, सभी विभागाध्यक्ष और सभी जिलाध्यक्षों को जारी किए गए हैं। निर्माण विभागों की चालू परियोजनाओं, छात्रावास-आश्रम, आंगनबाड़ी, जेलों, अस्पतालों में प्रासंगिक व्यय पर प्रतिबंध लागू नहीं होगा। क्रय पर प्रतिबंध के इन निर्देशों में किसी प्रकार का शिथिलीकरण केवल वित्त विभाग की अनुमति से किया जा सकेगा।  
राज्य शासन के वित्त विभाग द्वारा सभी विभागों को इस संबंध में भेजे गए परिपत्र में यह कहा गया है कि वर्ष 2019-20 के बजट में प्रावधानिक राशि से 28 फरवरी 2020 के पश्चात क्रय पर पूर्णतः प्रतिबंध होगा। लेकिन यह प्रतिबंध केन्द्रीय क्षेत्रीय योजना, केन्द्र प्रवर्तित योजना (केन्द्रांश प्राप्त होने पर आनुपातिक राज्यांश सहित कुल राशि में से), विदेश सहायता प्राप्त परियोजना केन्द्रीय वित्त आयोग की अनुशंसा पर प्राप्त अनुदान, नाबार्ड पोषित योजना एवं अतिरिक्त तथा विशेष केन्द्रीय सहायता पोषित परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए क्रय की जाने वाली सामग्री पर लागू नहीं होगा। इसी प्रकार निर्माण विभागों लोक निर्माण विभाग, जल संसाधन विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा एवं वन विभाग से संबंधित चालु परियोजनाओं में भंडार की स्थिति का आंकलन करने के उपरांत आगामी एक माह में उपयोग की जाने वाली सामग्री के क्रय पर भी यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा। जेलों, शासकीय एवं राज्य कर्मचारी बीमा योजना अंतर्गत चल रहे अस्पतालों तथा विभिन्न विभागों द्वारा संचालित छात्रावासों-आश्रमों में भोजन, कपड़ा, दवाई का क्रय तथा अन्य प्रासंगिक व्यय पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा।
इसी प्रकार पोषण आहार के लिए आंगनबाड़ी केन्द्रों में प्रदाय किए जा रहे खाद्यान्न का क्रय तथा परिवहन, आसवनियों से खरीदी गई देशी मदिरा के क्रय, पेट्रोल, डीजल एवं वाहन मरम्मत से संबंधित क्रय, लेखन सामग्री से संबंधित 5000 रूपए तक की खरीदी, 5000 रूपए तक अन्य आकस्मिक क्रय के देयक पर भी प्रतिबंध नहीं होगा, 28 फरवरी 2020 या इसके पश्चात वित्त विभाग द्वारा दी गई स्वीकृति से किए गए क्रय पर भी यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा। इस आदेश के फलस्वरूप 28 फरवरी 2020 से चालू वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक विभिन्न स्तरों पर छत्तीसगढ़ वित्तीय अधिकारों के प्रत्यायोजन भाग-1 एवं 2 प्रदत्त शक्तियां अधिक्रमित रहेंगी। इन निर्देशों में किसी प्रकार का शिथिलीकरण केवल वित्त विभाग की अनुमति से किया जा सकेगा। यह प्रतिबंध राजभवन सचिवालय, छत्तीसगढ़ विधानसभा सचिवालय, मुख्यमंत्री निवास तथा मुख्यमंत्री सचिवालय (पेंट्री) तथा उच्च न्यायालय एवं अधीनस्थ न्यायालयों पर लागू नहीं होगा।


 

09-02-2020
इस्पात राज्यमंत्री कुलस्ते ने कहा, इस्पात उद्योगों की समस्याओं का होगा समाधान

रायपुर। केंद्रीय इस्पात राज्यमंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ़ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज के आग्रह पर इस्पात उद्योगपतियों से चेम्बर एक्सपो में विशेष बैठक की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के विभिन्न उद्योग संघों के प्रतिनिधियों ने उद्योगों की समस्याओं की जानकारी ज्ञापन के माध्यम से दी। कुलस्ते ने कहा कि उद्योगों की जो भी समस्यायें हैं उसके लिए इस्पात विभाग, उद्योग विभाग, वित्त विभाग व पर्यावरण विभाग के मंत्री व अधिकारियों की संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी। सभी समस्याओं के साथ ही शीघ्र ही उद्योग स्थापना को सरल व आसान बनाया जाएगा। बैठक में चेंबर प्रदेश अध्यक्ष जैन जीतेन्द्र बरलोटा, कार्यकारी अध्यक्ष ललित जैसिंघ, महामंत्री लालचन्द गुलवानी, कोषाध्यक्ष प्रकाश अग्रवाल, उद्योग संघ से रमेश अग्रवाल, विजय झंवर, महेन्द्र अग्रवाल, मनोज अग्रवाल, रवि वासवानी, उमेश अग्रवाल, संजय त्रिपाठी, विधायक विकास उपाध्याय, चेयरमेन पूरनलाल अग्रवाल आदि उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ़ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेश अध्यक्ष जैन जीतेन्द्र बरलोटा ने बताया कि चेम्बर एक्सपो स्थल पर आयोजित विशेष बैठक में इस्पात राज्यमंत्री ने उद्योगपतियों की ग्रीन फील्ड में इंडस्ट्री लगाने की मांग पर गंभीरता से विचार कर पर्यावरण मंत्री से चर्चा का आश्वासन दिया। फग्गन सिंह कुलस्ते ने कहा कि छत्तीसगढ़, ओडिशा,झारखंड इन तीन राज्यों में स्टील का उत्पादन बहुत ज्यादा होता है। केन्द्र सरकार इस्पात उद्योगों को बढ़ावा देने के लिये स्टील हब बनाना चाहती है। कुलस्ते से उद्योगपतियों ने मौजूदा स्टील इकाइयों को जीवित रखने और उन्हें बनाये रखने के लिये नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल एनजीटी के एक फैेसले के बारे में बताया कि इससे उद्योगों पर कठोर दंड लगाने के साथ ही आपराधिक मामला दर्ज करने का प्रावधान है। इससे उद्योग बंद भी हो सकते हैं। करीब 69 उद्योग समूह में स्थापित लाल और नारंगी श्रेणी में आने वाले सभी उद्योगों के खिलाफ कार्यवाही की जा रही है। उद्योगपतियों ने कहा कि यह कार्यवाही अर्थव्यवस्था में एक नकारात्मक प्रभाव उत्पन्न करेगा। उद्योग समूहों ने कहा कि पर्यावरणीय मानदंडों का पालन करने के बाद भी उद्योगों के बंद होने का डर है। इस आर्थिक मंदी और बेरोजगारी के दौर में स्टील सेक्टर को बढ़ाने के लिये वित्तीय संस्थानों ओैर बैंकों को भी समर्थन देने की जरूरत है। बैंकों के शीर्ष स्थल पर प्रबंधन के निर्णय लेने में आई कमी की वजह से इस्पात क्षेत्र को अपेक्षित और पर्याप्त वित्तीय सुविधायें नहीं मिल पा रही हैं। उद्योग संघों ने कोल उत्पादन को बढ़ाने का भी सुझाव दिया इसके लिए खदानों को फास्ट ट्रैक के आधार पर नीलाम किया जाना चाहिए। फग्गन सिंह कुलस्ते ने उद्योगपतियों की सभी समस्याओं पर गंभीरतापूर्वक विचार कर समाधान करने का भरोसा दिलाया। चेम्बर एक्सपो में इस्पात राज्य मंत्री के साथ उद्योगपतियों की चर्चा आयोजित कर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।

 

25-01-2020
राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर मंत्रालय में अधिकारियों-कर्मचारियों ने ली शपथ

रायपुर। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार देश में 25 जनवरी को प्रतिवर्ष राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर आज यहां मंत्रालय महानदी भवन के पिरामिट गेट पर मंत्रालय के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने शपथ दिलायी कि 'हम भारत के नागरिक, लोकतंत्र में अपनी पूर्ण आस्था रखते हुए यह शपथ लेते हैं कि हम अपने देश की लोकतांत्रिक परम्पराओं की मर्यादा को बनाए रखेंगे तथा स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण निर्वाचन की गरिमा को अक्षुण्ण रखते हुए, निर्भीक होकर, धर्म, वर्ग, जाति, समुदाय, भाषा अथवा अन्य किसी भी प्रलोभन से प्रभावित हुए बिना सभी निर्वाचनों में अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।'

04-01-2020
मंत्रिमंडल बना नही और नाराज़गी का खेल शुरू, सावरकर पर भी विवाद जारी

रायपुर। मंत्रिमंडल बना नहीं विभाग बटे नहीं और नाराजगी भी शुरू हो गई है। शिवसेना कांग्रेस और एनसीपी की मिली जुली सरकार में पोर्टफोलियो को लेकर एक मंत्री अब्दुल सत्तार की नाराजगी सामने आ गई है। हालांकि उनके इस्तीफे की भी खबरें सामने आई लेकिन खुद अब्दुल सत्तार ने उससे इनकार कर दिया मगर वे नाराजगी में छुपा नहीं पाए। और उनकी नाराजगी संभवत कल शिवसेना सुप्रीमो उद्धव ठाकरे से मिलने के बाद खत्म हो पाए। नाराजगी अगर खत्म होती भी है तो भी यह गठबंधन की सरकार के लिए शुभ संकेत तो नहीं कहा जा सकता। इतनी जल्दी नाराजगी सामने आना कोई बहुत अच्छी बात नहीं माना जा सकता हैं। फिर सावरकर को लेकर भी पार्टियों के बीच खींचतान जारी है। इधर अजित पवार फिर से उपमुख्यमंत्री पद पा गए हैं और साथ ही वित्त विभाग जैसा महत्वपूर्ण पोर्टफोलियो भी। फडणवीस के साथ भी उपमुख्यमंत्री और उद्धव ठाकरे के साथ भी उपमुख्यमंत्री याने कुल मिलाकर उपमुख्यमंत्री रहना बनना ज्यादा जरूरी। सिद्धांत की बात बहुत पीछे हो जाती है। ऐसे में 3 चक्के वाला ऑटो कितनी रफ्तार से और कितनी दूर तक चलेगा इस पर इसलिए भी शक किया जा रहा है क्योंकि तीनों चक्के अलग-अलग दिशा मैं भागने वाले हैं। बहरहाल सत्तार की नाराजगी ने पहले ही कदम पर छींक मार कर अपशकुन कर दिया है।

27-11-2019
पेंशन कल्याण मंडल का किया गया पुनर्गठन, चीफ सेकरेट्री होंगे चेयरमैन

रायपुर। राज्य सरकार पेंशन संबंधी समस्य़ाओं को लेकर बेहद गंभीर है। पेंशन संबंधी समस्याओं को लेकर लगातार आ रही शिकायतों के मद्देनजर राज्य सरकार ने पेंशन कल्याण मंडल का पुनर्गठन किया है। इस बाबत राज्य सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी है। इस कमेटी में चीफ सेकरेट्री चेयरमैन होंगे, जबकि 9 अन्य सदस्य होंगे। 10 सदस्यीय ये कमेटी पेंशन संबंधी समस्याओं को सुलझाएगी व सरकार को इस दिशा में सुझाव देगी। वित्त विभाग की तरफ से जारी आदेश में जिन्हें पेंशन कल्याण मंडल में शामिल किया गया है उनमें चीफ सेकरेट्री चेयरमैन होंगे, वहीं वित्त विभाग के एसीएस, जीएडी के एसीएस, स्वास्थ्य विभाग के एसीएस मेंबर होंगे। इसके अलावा प्रदेश के अलग-अलग पेंशनधारी कल्याण संघ के अध्यक्षों को भी कल्याण मंडल में शामिल किया गया है।

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