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11-12-2020
लालू यादव को नहीं मिली राहत, जमानत पर 6 हफ्ते के लिए टली सुनवाई

रांची। चारा घोटाला के चार मामलों में सजा पाए राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की जमानत याचिका पर रांची हाईकोर्ट में सुनवाई 6 हफ्ते तक के लिए टाल दी है। सजा की अवधि को लेकर सर्टिफाइड कॉपी नहीं मिल पाने के कारण अदालत की ओर से समय देने का आग्रह किया गया। अगले 10-15 दिनों में सत्यापित प्रति मिल जाने की उम्मीद है। चारा घोटाले के चार विभिन्न मामलों में सजायाफ्ता राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव की जमानत अर्जी पर सुनवाई हुई। इससे पहले सीबीआई ने हाईकोर्ट में अर्जी दायर कर लालू यादव की मुश्किलें बढ़ा दी थीं। लालू पर जेल नियमावली के उल्लंघन की शिकायत करते हुए उन्हें रांची स्थित रिम्स से जेल भेजने का आग्रह किया गया था।

26-10-2020
नीरव मोदी की जमानत याचिका ब्रिटेन की अदालत ने की सातवीं बार खारिज

नई दिल्ली। ब्रिटेन की एक अदालत ने भगोड़े नीरव मोदी की जमानत याचिका सातवीं बार खारिज कर दी है। बता दें कि नीरव मोदी भारत में पंजाब नेशनल बैंक से 14 हजार करोड़ रुपए से अधिक के लोन की धोखाधड़ी और मनी-लॉन्ड्रिंग के मामले का आरोपी है और उसे भगोड़ा घोषित किया जा चुका है। वहीं इससे पहले इस महीने की शुरुआत में ब्रिटेन की अदालत ने चल रही प्रत्यर्पण की सुनवाई को तीन नवंबर तक के लिए बढ़ा दिया था, लेकिन नीरव मोदी बार-बार जमानत पाने के लिए याचिका लगा रहा है। हालांकि उसे इस बार भी सफलता नहीं मिल सकी। गौरतलब है कि लंदन की पुलिस ने 19 मार्च को नीरव मोदी को गिरफ्तार किया था और उसके बाद से वह लंदन की वैंड्सवर्थ जेल में बंद है। वहीं वर्ष 2018 में पीएनबी घोटाले में नाम सामने आने से कुछ महीने पहले ही वह भारत से फरार हो गया था। भारत सरकार द्वारा नीरव मोदी के प्रत्यर्पण की हरसंभव कोशिश की जा रही है, ताकि जल्द से जल्द उसे भारत लाया जा सके।

 

 

19-10-2020
शराब दुकान तोड़फोड़ मामला में 3 लोगों की जमानत याचिक खारिज

दुर्ग। पाटन के जामगांव में शराब दुकान में लूट व तोड़फोड़ मामले में गिरफ्तार 3 लोगों की जमानत याचिका न्यायालय ने सोमवार को खारिज कर दी। विदित हो कि उक्त मामले में गिरफ्तार 3 भाजपा कार्यकर्ताओ की गिरफ्तारी को लेकर सासंद विजय बघेल ने पाटन के मंडी परिसर मे 5 दिन तक अमरण अनशन भी किया। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह की सलाह पर रविवार की शाम उनका अनशन समाप्त किया था। वही आज सभी को उम्मीद थी कि जमानत मिल जायेगी। किन्तु न्यायालय ने जमानत याचिका खारिज कर दी। बता दें कि इस मामले में 7 लोगों को अग्रिम जमानत मिल चुकी है।

22-09-2020
रिया की मुसीबत बढ़ी, 6 अक्टूबर तक रहना होगा जेल में, जमानत याचिका पर सुनवाई बुधवार को

मुंबई। सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले में ड्रग एंगल सामने आने के बाद रिया चक्रवर्ती पिछले 14 दिनों से मुंबई के भायखला जेल में बंद हैं। मंगलवार को रिया को कोर्ट में पेश किया गया,जहां से उन्हें 6 अक्टूबर तक के लिए जेल भेज दिया गया। रिया के अलावा शौविक चक्रवर्ती और सैम्युल मिरांडा भी 6 अक्टूबर तक जेल में ही रहेंगे। इसी बीच रिया के वकील ने मुंबई हाईकोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की है जिस पर बुधवार को सुनवाई होगी।
सुशांत की गर्लफ्रेंड रही रिया चक्रवर्ती और उनके भाई शौविक चक्रवर्ती पर ड्रग्स प्रोक्योर करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। 14 दिन जेल में काटने के बाद मंगलवार को रिया को कोर्ट में पेश किया गया,जहां से उन्हें 6 अक्टूबर तक के लिए जेल भेज दिया गया। अब रिया को मुंबई हाईकोर्ट से दरकार है। बता दें इससे पहले रिया की जमानत याचिका दो बार सेशन कोर्ट से खारिज हो चुकी है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए रिया चक्रवर्ती को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया। बता दें 8 सितंबर को रिया को सुशांत के लिए ड्रग प्रोक्योर करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। कोर्ट में पेशी के बाद रिया को जेल भेज दिया गया था। हालांकि रिया खुद पर लग रहे आरोपों को शुरुआत से ही बेबुनियाद बता रही हैं।

07-05-2020
नमन सिंह राजपूत की जमानत याचिका खारिज

दुर्ग। मुख्यमंत्री के खिलाफ विवादित टिप्पणी करने वाले नमन सिंह राजपूत की जमानत याचिका कोर्ट ने खारिज कर दी है। इस प्रकरण में प्रार्थी अधिवक्ता प्रीतम देशमुख,ओमप्रकाश शर्मा,अशोक धोटे, सौरभ ताम्रकार एवं आनंद कपूर ताम्रकार थे। कुछ लोगों द्वारा सरकार और मुख्यमंत्री की छवि ख़राब करने विधि विरुद्ध कार्य किया जाता रहा है। इस पर कांग्रेस लीगल सेल द्वारा क़ानूनी कार्यवाही की गई।

13-12-2019
ईडी ने पूछताछ की प्रकाश कलश से, करोड़ो के बैंक घोटाले में हवाला की छानबीन जारी, शिकंजा कसा

रायपुर। करोड़ों रुपए के 10 घोटाले के मामले में ईड़ी जमीन कारोबारी प्रकाश कलश से पूछताछ की है। 11 व 12 दिसंबर को ईडी ने होटल ज़ोन बाय द पार्क के संचालक प्रकाश कलश के वीआईपी रोड स्थित निवास पर दबिश दी थी और छानबीन की थी। ईडी ने ये कार्रवाई होटल कारोबारी सुभाष शर्मा के लोन प्रकरण में मारे गए छापे की कड़ी में की थी। प्रकाश कलश को ईडी ने अपने कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया और उससे पूछताछ की। भरोसेमंद सूत्रों से मिली जानकारी से यह पता चला है कि अब तक मिले दस्तावेजों की जांच में ये खुलासा हुआ कि सुभाष शर्मा ने बैंकों से लिए हुए लोन मे से करोड़ों रुपए मनी लांड्रिंग के जरिए कलश परिवार को को अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किए हैं।उस रकम की वापसी नहीं हुई है इसलिए ईडी की जांच इस पर भी केंद्रित हो गई है। कुछ सालों पहले बने होटल जोन बाय द पार्क में सुभाष शर्मा ने मनी लांड्रिंग के जरिए करोड़ों रुपए के अलावा और कितना रुपया निवेश किया है।

इसकी भी जांच हो रही है। यहां यह बताना जरूरी नहीं होगा के होटल जोन बाय द पार्क पर लोन देने वाले बैंक ने भी पूर्व में लोन नहीं पाने के कारण नोटिस चस्पा कर दी थी। हैरानी की बात तो यह है प्रकाश कलश धरमपुरा वीआईपी रोड में एक जमीन घोटाले में पत्नी समेत आरोपी है। धोखाधड़ी का यह मामला बैंक में बंधक जमीन को बेचने का है। करोड़ों रुपए कि उस धोखाधड़ी में उसके खिलाफ जुर्म दर्ज है। और उसके खिलाफ कभी पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए कोई बड़ा प्रयास नहीं किया। अपने राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल कर वह बचता आया है। पुलिस की कमज़ोरी के कारण वो जमानत लेने में भी सफल होता आया है। भाजपा सरकार में अपनी पहुंच के कारण बचने वाला प्रकाश कलश मजे की बात है कि कांग्रेस सरकार में भी आराम से खुलेआम घूम रहा है। हालांकि उसने हाई कोर्ट से जमानत रद्द होने के बाद सुप्रीम कोर्ट की शरण ली जहां उसकी जमानत याचिका पर अंतिम फैसला नहीं आया है। प्रकाश कलश के मामले में चर्चा है कि उसके गिरफ्तारी से पुलिस भी घबराती है और पुलिस पर उसके कुछ करीबी मित्र उसके खिलाफ कार्रवाई ना करने के लिए दबाव भी बनाते हैं। बहरहाल किसी भी दबाव से परे ईडी ने अपना शिकंजा उस पर कस दिया है। यहां पर राज्य के बड़े से बड़े लोगों का प्रभाव नहीं चलने वाला और इसीलिए प्रकाश कलश को खुद चलकर एडी के दफ्तर में पेश होना पड़ा।

15-11-2019
नाबालिग छात्र से मारपीट करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार

बीजापुर। बीजापुर जिले के उसूर विकासखण्ड के दुगइगुड़ा पोटाकेबिन में नाबालिग छात्र के साथ मारपीट करने वाले आरोपी अधीक्षक सोढ़ी भीमा सहित अनुदेशक सन्तोष यालम और कामेश यालम को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आवापल्ली पुलिस ने बीजापुर कोर्ट में तीनों आरोपियों को पेश किया जहां जमानत याचिका को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जितेंद्र कुमार ठाकुर ने खारिज कर जेल भेज दिया है।

 

15-11-2019
पी चिदंबरम को लगा बड़ा झटका, हाईकोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका

नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। उन्हें अभी जेल में ही रहना होगा। बता दें कि पी. चिदंबरम इस समय आईएनएक्स मीडिया केस से जुड़े ईडी मामले में तिहाड़ जेल में बंद हैं। इससे पहले न्यायमूर्ति सुरेश कैत ने चिदंबरम और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की दलीलें सुनने के बाद जमानत याचिका पर आठ नवंबर को अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। चिदंबरम ने यह कहते हुए जमानत का अनुरोध किया था कि साक्ष्य दस्तावेजी प्रकृति के हैं और ये जांच एजेंसियों के पास हैं। इसलिए, वह उनमें छेड़छाड़ नहीं कर सकते। वहीं, ईडी ने जमानत याचिका का जोरदार विरोध करते हुए दलील दी थी कि वह गवाहों को प्रभावित करने तथा धमकी देने की कोशिश कर सकते हैं। चिदंबरम ने उन्हें सीबीआई के मामले में जमानत देने के उच्चतम न्यायालय के 22 अक्टूबर के आदेश का जिक्र किया और इस बात उल्लेख किया कि यह कहा गया था कि भ्रष्टाचार के मामले में उनके खिलाफ साक्ष्य से छेड़छाड़ करने, विदेश भागने और गवाहों को प्रभावित करने का कोई सबूत नहीं है।
उच्च न्यायालय ने एक नवंबर को चिदंबरम की अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए तिहाड़ जेल अधीक्षक को उन्हें स्वच्छ वातावरण और स्वच्छ पेयजल, घर में पकाया गया भोजन, मच्छरदानी और मच्छर भगाने वाली मशीन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। ईडी ने चिदंबरम को 16 अक्टूबर को गिरफ्तार किया था। उन्हें सीबीआई ने आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में 21 अगस्त को गिरफ्तार किया था। चिदंबरम के वित्त मंत्री पद पर रहने के दौरान आईएनएक्स मीडिया समूह को 2007 में विदेशों से 305 करोड़ रुपये प्राप्त करने के लिए विदेशी निवेश संवर्द्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की मंजूरी में कथित अनियमियतताओं को लेकर सीबीआई ने 15 मई 2017 को यह मामला दर्ज किया था। इसके बाद, ईडी ने इस सिलसिले में 2017 में मनी लॉड्रिंग का एक मामला दर्ज किया।

15-11-2019
पी चिदंबरम की जमानत याचिका पर आज हो सकती सुनवाई

नई दिल्ली। पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम की जमानत याचिका पर दिल्ली उच्च न्यायालय के शुक्रवार को अपना आदेश सुनाने की संभावना है। चिदंबरम आईएनएक्स मीडिया मनी लॉड्रिंग मामले में न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल में हैं। न्यायमूर्ति सुरेश कैत ने चिदंबरम और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की दलीलें सुनने के बाद जमानत याचिका पर आठ नवंबर को अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। कांग्रेस के 74 वर्षीय नेता ने यह कहते हुए जमानत का अनुरोध किया है कि साक्ष्य दस्तावेजी प्रकृति के हैं और ये जांच एजेंसियों के पास हैं। इसलिए, वह उनमें छेड़छाड़ नहीं कर सकते। वहीं, ईडी ने आठ नवंबर को चिदंबरम की जमानत याचिका का जोरदार विरोध किया और दलील दी कि वह गवाहों को प्रभावित करने तथा धमकी देने की कोशिश कर सकते हैं। ईडी का प्रतिनिधित्व कर रहे सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत में दलील दी थी कि मनी लॉड्रिंग मामले में और सीबीआई के मामले में अलग-अलग साक्ष्य हैं तथा पीएमएलए (मनी लॉड्रिंग रोकथाम कानून) मामला कहीं अधिक गंभीर है और कहीं अधिक जघन्य है। मेहता ने कहा कि यह एक आर्थिक अपराध है, जो कि अलग है। वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने चिदंबरम की ओर से पेश होते हुए कहा था कि शुरूआत से ही जांच एजेंसी का मामला यह कहीं से नहीं रहा कि कांग्रेस नेता ने गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश की, लेकिन अचानक से अक्टूबर में यह आरोप लगाया गया कि वह अहम गवाहों पर दबाव डाल सकते हैं और उन्हें प्रभावित कर सकते हैं।

चिदंबरम ने ईडी के इस दावे से इनकार किया कि उन्होंने वित्त मंत्री के पद का इस्तेमाल अपने फायदे के लिए किया। उन्होंने कहा कि अदालत के समक्ष अब तक पेश की गई कोई भी चीज उन्हें कथित अपराध से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से नहीं जोड़ती है। चिदंबरम ने उन्हें सीबीआई के मामले में जमानत देने के उच्चतम न्यायालय के 22 अक्टूबर के आदेश का जिक्र किया और इस बात उल्लेख किया कि यह कहा गया था कि भ्रष्टाचार के मामले में उनके खिलाफ साक्ष्य से छेड़छाड़ करने, विदेश भागने और गवाहों को प्रभावित करने का कोई सबूत नहीं है। उच्च न्यायालय ने एक नवंबर को चिदंबरम की अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए तिहाड़ जेल अधीक्षक को उन्हें स्वच्छ वातावरण और स्वच्छ पेयजल, घर में पकाया गया भोजन, मच्छरदानी और मच्छर भगाने वाली मशीन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। ईडी ने उन्हें 16 अक्टूबर को गिरफ्तार किया था। उन्हें सीबीआई ने आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में 21 अगस्त को गिरफ्तार किया था। चिदंबरम के वित्त मंत्री पद पर रहने के दौरान आईएनएक्स मीडिया समूह को 2007 में विदेशों से 305 करोड़ रुपये प्राप्त करने के लिए विदेशी निवेश संवर्द्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की मंजूरी में कथित अनियमियतताओं को लेकर सीबीआई ने 15 मई 2017 को यह मामला दर्ज किया था। इसके बाद, ईडी ने इस सिलसिले में 2017 में मनी लॉड्रिंग का एक मामला दर्ज किया।

 

03-10-2019
कोर्ट ने 17 अक्टूबर तक बढ़ाई पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम की न्यायिक हिरासत

नई दिल्ली। दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने आईएनएक्स मीडिया डील मामले में पूर्व वित्तमंत्री पी. चिदंबरम की न्यायिक हिरासत को 17 अक्टूबर तक के लिए बढ़ा दिया है। कोर्ट ने चिदंबरम की उस अर्जी को स्वीकार कर लिया, जिसमें उन्होंने जेल में घर के खाने को मंगाने की मांग की थी। सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से वकील अमित महाजन ने कहा कि चिदंबरम की जमानत याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है और चिदंबरम ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दायर की है। उन्होंने कहा कि सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए कोर्ट इस मामले पर पांच बजे सुनवाई करे। उसके बाद कोर्ट ने चिदंबरम की न्यायिक हिरासत 17 अक्टूबर तक के लिए बढ़ा दिया। जब सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता कोर्ट पहुंचे तो उन्होंने कहा कि चिदंबरम को घर का खाना मंगाकर खाने की अनुमति देने में सीबीआई को कोई आपत्ति नहीं है। तब कोर्ट ने चिदंबरम को घर से खाना मंगाकर खाने की अनुमति दे दी।

 

30-09-2019
पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम की जमानत याचिका खारिज

नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद पी. चिदंबरम को दिल्ली हाईकोर्ट से जमानत नहीं मिली है। आईएनएक्स केस में जेल में बंद पूर्व केंद्रीय मंत्री चिदंबरम की नियमित बेल की दिल्ली हाईकोर्ट में सोमवार को रद्द हो गई। मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में अदालत से अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद चिदंबरम को सीबीआई ने 21 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था।

 

11-09-2019
अमित जोगी जमानत मामले में, हाईकोर्ट पहुंची केस डायरी

रायपुर। पूर्व विधायक अमित जोगी की जमानत याचिका के संबंध में हाईकोर्ट ने केस डायरी मांगी है। बिलासपुर हाईकोर्ट में अमित जोगी की जमानत याचिका पर सुनवाई शुरू हुई। राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता सतीशचंद्र वर्मा और घनश्याम पटेल, वहीं अमित जोगी की ओर से अधिवक्ता गैरी मुखोपाध्याय और विवेक शर्मा पैरवी कर रहे थे। बधुवार को जस्टिस आरसी सामंत के कोर्ट में सुनवाई हुई। अमित जोगी के पक्ष से तबियत खराब होने और बेहतर इलाज के लिए दलील दी गई। वहीं राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि पांच सदस्यीय डॉक्टर की टीम ने अमित जोगी का स्वास्थ्य परीक्षण कीया है, जिसमें उन्हें स्वस्थ बताया गया है। इसके बाद अमित जोगी के पक्ष से इस रिपोर्ट को देखने की मांग की गई, जिस पर रिपोर्ट की कॉपी उपलब्ध कराने के निर्देश कोर्ट की ओर से दिए गए।

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