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15-09-2020
स्व सहायता समूह से जुड़ी कर्ज लिया ब्यूटी पार्लर खोला और बदल दी ज़िन्दगी बिहान ने

रायपुर/महासमुंद। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से महिलायें आत्मनिर्भर बन रही है। ऐसे ही महासमुंद से 35 किलोमीटर दूर और महानदी तट के किनारे बसा ऐतिहासिक व पुरातात्विक महत्ता के कारण प्रसिद्ध ग्राम सिरपुर में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘‘बिहान’’ के अंतर्गत जय संतोषी माँ महिला स्व-सहायता समूह की महिला माया वर्मा बताती है कि समूह में जुड़ने से पहले उन्हें ब्यूटी पार्लर का कार्य आते हुए भी वे ब्यूटी पार्लर खोल नहीं पा रही थी। क्योंकि उनके पति के कमाई के सारे पैसे घर चलाने में खर्च हो जाते थे। उन्होंने बताया कि समूह में जुड़ने के बाद सन् 2019-20 में समूह से 1 लाख का लोन लिया, जिसमें से 80 हजार रुपए से समूह की महिलाओं की ओर से तरबूज की खेती किया गया और शेष 20 हजार रुपए लेकर ब्यूटी पार्लर की सामाग्री खरीदकर घर पर ही पार्लर की शुरुआत की।

शुरूआती दौर में वे थ्रेडिंग बनाने का काम करती थी। धीरे-धीरे उन्होंने पार्लर से संबंधित सभी कार्य प्रारम्भ की इस कारण गांव की अधिकांश महिला आने लगी। इससे उनकी आमदनी में वृद्धि होने लगी। वे बताती है कि खासकर त्यौहार के समय पार्लर से उनकी काफी अच्छी कमाई हो जाती है। ब्यूटी पार्लर से आय होनेे के बाद 31 अगस्त 2020 को 15 हजार रुपए का फोटोकापी मशीन लेकर दुकान प्रारम्भ की जिससे वे प्रतिदिन फोटोकापी से 100 रुपए तक की कमाई कर लेती है। पढ़ी-लिखी होने के कारण उन्हें बिहान अंतर्गत एफ.एल.सी.आर.पी. का कार्य करने के लिए चुना गया। इसका कार्य भी वे अच्छे तरीके से कर रही है। वे बताती है कि बाकि समूह का बैंक लोन प्रकरण तैयार करने के साथ-साथ समूह की महिलाओं को भी आजीविका गतिविधि करने के लिए तैयार कर रही हैं।

18-08-2020
गौठानों में खाद बनाने की रफ्तार हुई तेज, बिलासपुर में 2650 क्विंटल खाद का उत्पादन

रायपुर। राज्य के विभिन्न जिलों में बने गौठानों में अब खाद बनाने का सिलसिला तेज हो गया है। सुराजी गांव योजना के तहत बिलासपुर जिले के चार विकासखंडों में ग्रामीण क्षेत्रों के 72 गौठानों में स्व सहायता समूहों ने 2 हजार 650 क्विंटल से अधिक खाद का उत्पादन किया है। इनमें 700 क्विंटल से अधिक खाद बेचे भी जा चुकी हैं। जिले के विकासखंड बिल्हा, कोटा, मस्तूरी और तखतपुर के ग्रामीण क्षेत्रों के गौठानों में 103 वर्मी बेड, 407 वर्मी टैंक, 342 नाडेप टांका, स्थापित हैं जिनके माध्यम से 940 क्विंटल वर्मी खाद और 1752 क्विंटल नाडेप खाद का उत्पादन किया गया है। बिल्हा विकासखंड के 21 गौठानों में 1671 क्विंटल खाद, कोटा के 15 गौठानों में 609 क्विंटल, मस्तूरी के 19 गौठानों में 82 क्विंटल और तखतपुर के 17 गौठानों में 287 क्विंटल खाद बनाई गई है। निर्मित खादों को उद्यानिकी विभाग, वन विभाग की नर्सरियों में उपयोग किया जा रहा है। इससे जैविक खेती को बढ़ावा मिलने के साथ साथ स्व सहायता समूहों की आय भी हो रही है।

 

14-08-2020
शहरी गौठान में पशुओं के उत्तम चारा के लिए यशवंत घास का किया जा रहा है रोपण

भिलाई। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र अंतर्गत निर्मित शहरी गौठान में पशुओं के उत्तम चारा के लिए यशवंत घास एवं नेपियर ग्रास लगाने का कार्य स्व सहायता समूह की महिलाओं के द्वारा किया जा रहा है, लगभग 1/2  एकड़ क्षेत्रफल में घास लगाया जा चुका है। पशुओं के लिए पौष्टिक माने जाने वाले यशवंत घास की खासियत एवं गुणवत्ता को देखते हुए इसे रोपित किया जा रहा है।मांग के अनुसार सब्जियों का उत्पादन महिलाओं द्वारा छत्तीसगढ़ में प्रचलित भाजी एवं सब्जियों का उत्पादन मांग के अनुरूप किया जा रहा है। एक फसल पूर्ण होने के उपरांत अब महिलाओं ने दूसरी फसल लेने की तैयारी प्रारंभ कर दी है। छत्तीसगढ़ में प्रचलित चना भाजी एवं अन्य भाजी का उत्पादन महिलाएं करेंगी इसके लिए उन्होंने लेआउट तैयार कर लिया है! जगह का पूरा-पूरा उपयोग करने के लिए फलदार पौधे रोपित किए जाएंगे, बाजार में आने से पूर्व वाली फसल का भी चयन किया जा रहा है! फूलदार पौधों में गेंदा इत्यादि का उत्पादन किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि शहरी गौठान में सब्जियों की जैविक खेती की जाती रही है, क्रेता स्वयं यहां पहुंच कर सब्जी क्रय करते हैं।

वर्मी टैंक बनाने जोन क्षेत्रों में तेजी से हो रहा काम

आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी ने सभी जोन कमिश्नरों को हर दिन गोबर खरीदी और इसके पेमेंट की स्थिति की नियमित मानिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने वर्मी टैंक बनाने के काम में तेजी लाने के निर्देश भी जोन कमिश्नरों को दिए हैं ताकि गोबर की आवक के मुताबिक वर्मी टैंक तैयार रहें। भिलाई के शहरी गौठान में हर दिन हितग्राही लगभग सात हजार किलोग्राम के आसपास गोबर का विक्रय कर रहे हैं। यहां स्वसहायता समूहों की महिलाएं वर्मी कंपोस्ट बनाने में जुट गई हैं। गोबर की तेजी से आ रही आवक को देखते हुए वर्मी टैंक बनाने की कार्यवाही भी तेजी से की जा रही है। यहां कार्य कर रही आर्य समूह की सुशीला जंघेल ने बताया कि जिस प्रकार से गोबर की तेजी से आवक हो रही है, उससे बड़े पैमाने पर वर्मी कंपोस्ट के लिए कच्चा माल तैयार हो रहा है। हम लोग इसे प्रोसेस करने में लगे हैं। सुशीला ने बताया कि गोधन न्याय योजना में तेजी से भुगतान होने का बड़ा सकारात्मक असर दिखा है। पशुपालकों के लिए सरकार की यह योजना आर्थिक अवसर लेकर आई है। इससे लोग पशुधन को सहेजेंगे भी और पशुपालन को बढ़ावा भी मिलेगा! उल्लेखनीय है कि भिलाई में जिन जगहों पर गोबर की खरीदी की जा रही है वहां पर अतिरिक्त वर्मी कंपोस्ट बनाये जा रहे हैं। गोबर की आवक की संभावना के दृष्टिकोण से इन्हें तैयार किया जा रहा है।

05-08-2020
गोधन न्याय योजना के 38 हितग्राहियों को किया 89934 रूपए का भुगतान

भिलाई नगर। गोधन न्याय योजना के अंतर्गत निगम क्षेत्र के पंजीकृत 38 पशुपालकों को 89934 रूपए पहला भुगतान किया गया। इस योजना के तहत सबसे अधिक वार्ड-3 यादव मोहल्ला कोसा नगर निवासी मनोज यादव ने गोबर बेचकर 9296 रूपए कमाए। मनोज के पास 23 गाय और भैंस हैं। उन्होंने 20 जुलाई को ही पंजीयन कराया तथा 1 अगस्त तक गोधन न्याय योजना के अंतर्गत शहरी गौठान में 4648 किलोग्राम गोबर बेचा। यादव को दो रूपए की दर से उन्हें बुधवार को समन्वय समिति ने बैंक के माध्यम से 9296 रूपए भुगतान किया गया। इसी प्रकार वार्ड-3 निवासी भरतलाल यादव ने 4032 किलोग्राम गोबर बेचा था। उन्हें 8065 रूपए भुगतान किया गया। योजना के नोडल अधिकारी व उपायुक्त अशोक द्विवेदी ने बताया कि गोधन न्याय योजना के अंतर्गत पशुपालक गोबर बेचने अपना पंजीयन निरंतर करा रहे हैं। इनमें से 38 हितग्राही 20 जुलाई से लगातार शहरी गौठान में गोबर बेच रहे हैं। इस तरह से 20 जुलाई से 1 अगस्त की अवधि में पंजीकृत 38 पशुपालकों से कुल 44,967 किलोग्राम खरीदी गई। जिसका पहला भुगतान बैंक खाते के माध्यम किया गया। गोधन न्याय योजना के अंतर्गत कोई भी पशुपालक जोन कार्यालय से संपर्क कर पंजीयन करवा सकता है।

निगम प्रशासन की ओर से चिन्हित स्थल पर ले जाकर गोबर बेच सकता है। जोन-1 अंतर्गत शहरी गौठान कोसा नगर, जोन-4 एसएलआरएम सेंटर में गोबर खरीदी की व्यवस्था की गई है। इसी तरह से जोन-2, जोन -3 और जोन-5 में भी गोबर खरीदा जाएगा। पंजीकृत हितग्राहियों के बैंक खाता के माध्यम से 15-15 दिन के अंतराल में भुगतान किया जाएगा। गोधन न्याय योजना के नोडल अधिकारी ने की समीक्षा निगम उपायुक्त अशोक द्विवेदी ने निगम के सभागर में गोधन न्याय योजना की समीक्षा की। सभी जोन आयुक्त को अपने क्षेत्र के चिन्हित स्थलों पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने कहा। जल्द से जल्द से गोबर खरीदी शुरू करने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने स्व सहायता समूह की महिलाओं को गोधन न्याय योजना की विस्तृत जानकारी भी दी तथा डॉक्यूमेंटेशन को लेकर अद्यतन करने कहा। बैठक में उपायुक्त तरूण पाल लहरे, लेखा अधिकारी जितेन्द्र ठाकुर, पीएमयू के शुभम पाटनी, सभी जोन आयुक्त और समन्वय समिति की महिलाएं मौजूद थी।

 

27-07-2020
सुराजी गांव योजना से बढ़ेंगी महिलाओं की आमदनी

भिलाई। सुराजी गांव योजना न केवल ग्रामीण, बल्कि शहरी क्षेत्र की स्व सहायता समूह की महिलाओं को भी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएंगी। योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम भी बनाएंगी। छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी सुराजी गांव योजना का बेहतर क्रियान्वयन के लिए महापौर व भिलाई नगर विधायक देवेन्द्र यादव और निगम आयुक्त  ऋतुराज ने शासन की तीन योजनाएं गोधन न्याय योजना, रोका छेका और शहरी गौठान को आपस में सम्मिलित कर शहरी गौठान के माध्यम से क्रियान्वयन की रूपरेखा तैयार की है। आयुक्त ने सभी जोन आयुक्त को नई रूपरेखा के मुताबिक शासन की योजनाओं का बेहतर क्रियान्यन के निर्देश दिए हैं। आयुक्त के निर्देश के मुताबिक जोन क्रमांक-1 के आयुक्त सुनील अग्रहरि ने कार्य शुरू कर दिया है। गोधन न्याय योजना, रोका छेका और शहरी गौठान सहित तीनों योजनाओं को कोसा नगर स्थित शहरी गौठान के गतिविधियों में शामिल कर योजना को सफल बनाने में जुट गए हैं।

उज्जवला महिला स्व सहायता करेंगी गौठान का संचालन

कोसा नगर स्थित शहरी गौठान का संचालन अब वार्ड-9 की उज्जवला महिला स्व सहायता समूह की महिलाएं करेंगी। रूचि की अभिव्यक्ति के तहत निगम प्रशासन ने स्व सहायता समूह से आवेदन आमंत्रित किया था। आवेदन के अनुसार उज्जवला समूह कोहका को शहरी गौठान के मवेशियों का देखभाल और योजनाओं का क्रियान्वयन एवं संचालन की जिम्मेदारी दी है। जोन आयुक्त ने शनिवार को समूह की महिलाओं को गौठान की गतिविधियों से अवगत कराया। गायों की देखभाल, चारा उत्पादन, पंजीकृत पशुपालकों से गोबर क्रय एवं भुगतान की प्रक्रिया, वर्मी कंपोस्ट के लिए टंकी निर्माण, हरा चारा और सब्जी भाजी उत्पादन का प्रशिक्षण भी दिया।

शहरी गौठान में तैयार होंगी अगरबत्ती

जोन आयुक्त अग्रहरि ने बताया कि स्व सहायता समूह की महिलाएं शहरी गौठान में गोबर से कंडे और वर्मी कंपोस्ट के अलावा राखी, अगरबत्ती भी बनाएंगी। नेपियर घास और गन्ना के संकरण से तैयार की गई यंशवत घास का उत्पादन करेंगी। उल्लेखनीय है कि हाल ही में निगम के अधिकारियों का दल गुणवत्ता युक्त वर्मी कंपोस्ट और यशवंत घास उत्पादन का प्रशिक्षण लेने धमधा विकासखंड के ग्राम पंचायत नंदवाय गई थी। जहां गुणवत्त्ता युक्त जैविक खाद बनाने और चारा उत्पादन का प्रशिक्षण दिया गया।

जोन के 61 पशुपालकों से खरीद चुके हैं 15033 किलो गोबर

गोधन न्याय योजना के अंतर्गत जोन के 61 पशुपालकों ने पंजीयन कराया है। उससे अब तक 15033 किलोग्राम गोबर क्रय किया जा चुका है। 5 अगस्त से पहले सभी पशुपालकों को गोबर के मूल्य का भुगतान बैंक के माध्यम करने की तैयारी की जा रही है।

समूह की महिलाएं ऐसे बनेंगी सक्षम

- निगम के सभी जोन में लोकल एरिया फाउडेंशन या सिटी लेवल फाउंडेशन के माध्यम से स्व सहायता समूह की महिलाओं द्वारा शहरी गोठान का संचालन किया जाएगा। जो समूह गौठान का संचालन की जिम्मेदारी लेगी। रोका-छेका अभियान चलाकर सड़कों पर बैठने वाले मवेशियों को पकड़कर शहरी गौठान में लाया जा रहा है। जब मवेशी को छुड़ाने के लिए उनका मालिक आएगा तो उससे मवेशी देखभाल के एवज में जुर्माना लिया जाएगा। जुर्माना की राशि समूह के खाते में जमा होगी।
- गोधन न्याय योजना के अंतर्गत पशुपालकों का पंजीयन कर गोबर क्रय किया जाएगा। उस गोबर से वर्मी कंपोस्ट तैयार जैविक खाद के रूप में बिक्री की जाएगी। इससे जो आय होगी। वह राजस्व भी समूह के खाते में जमा होगी।
- शहरी गोठान में महिलाओं को गोबर से अगरबत्ती, राखी, कंडे सहित अन्य वस्तु तैयार की जाएंगी। इन वस्तुओं की बिक्री पर जो आय होगा। वह राशि भी महिला समूह के खाते में जमा होगी।
- महिलाएं शहरी गोठान के चारा प्रक्षेत्र में हरा चारा यशवंत घास का उत्पादन और सब्जी भाजी की खेती कर सकेंगी। उसकी बिक्री भी उनके आय का हिस्सा होगी।

20-07-2020
समाज की मुख्य धारा में जोड़ने के लिए आत्मसमर्पित नक्सलियों को प्रशासन ने दिया निःशुल्क ट्रैक्टर

दंतेवाड़ा। प्रशासन द्वारा नक्सलियों को आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्य धारा में जोड़ने के लिए एक और पहल की गई। जिस भी गांव से 10 से ज्यादा नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं उन्हें गाँव मे रह कर खेती करने के लिए कृषि उपकरण दिया जा रहा है। इस योजना का नाम "जय लय्योर जय कम्माई" है जिसका हिंदी अर्थ है "नवजवान अब खेती करेंगे"।  इसी योजना के तहत आज प्रशासन द्वारा बड़े गुडरा के आत्मसमर्पित नक्सलियों को ट्रैक्टर दिया गया। आत्मसर्पित नक्सलियों का (स्व सहायता समूह) बनाया गया और उन्हें ट्रैक्टर दिया गया।

20-07-2020
बिहान बाजार का अवलोकन किया विधायक मोहन मरकाम और चंदन कश्यप ने

रायपुर/नारायणपुर। स्व सहायता समूह की महिलाओं की ओर से लगाये गए बिहान बाजार स्टॉल का अवलोकन किया विधायक मोहन मरकाम और विधायक चंदन कश्यप ने। उन्होंने समूह की महिलाओं से आत्मीय बातचीत की। बातचीत के दौरान समूह की महिलाओं ने बताया कि इस स्टॉल में उनके समूह की ओर से बनाई गई सामग्री बेचने के लिए रखी गई है। समूह की महिलाओं की ओर से तैयार किये गए साबुन, फिनायल, मसाले, आचार, कपड़े, चूड़ी आदि को सरकारी संस्थाओं और हाट बाजारों में बेचा जाता है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति पहले से अच्छी हुई है। महिलाओं ने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के तहत् उन्हें प्रशिक्षण दिया गया है। प्रशिक्षण के बाद उन्होंने यह व्यवसाय शुरू किया है। विधायक मरकाम और विधायक चंदन ने समूह की महिलाओं के इस कार्य की हौसला अफजाई की और जैविक खाद खरीदे। समूह की महिलाओं ने अतिथियों को खुद से तैयार की गई सामग्री भेंट की। कार्यक्रम में आये अन्य अतिथियों ने कुछ घरेलू सामान खरीदा। कृषि विभाग की ओर से किसानों को मक्का बीज मिनीकिट का भी वितरण किया गया।

26-06-2020
भैरमगढ़ में विहान माट का हुआ शुभारंभ

बीजापुर। जिले के भैरमगढ़ ब्लाक के नगर पंचायत भैरमगढ़ में स्व सहायता समूह द्वारा नगर पँचायत भैरमगढ़ में विहान माट का शुभारंभ किया गया। इसमें वरिष्ठ कांग्रेसी अजय सिंह ठाकुर,ब्लाक कांग्रेस के ब्लाक अध्यक्ष लछुराम मोर्य, नगर के प्रथम नगर पंचायत अध्यक्ष सुखदेव नाग, सीताराम मांझी,सन्त कुमारी मंडावी,दशरथ कुंजाम,शहदेव नेगी,लवकुमार रायडु के साथ-साथ समस्त ब्लाक के अधिकारी एवं नगरवासी उपस्थित थे।

 

17-06-2020
महुआ से सेनिटाइजर बना रहे स्व सहायता समूह का कलेक्टर ने किया निरीक्षण

रायपुर/जशपुरनगर। वन विभाग के पंचक्की में स्व-सहायता समूह की ओर से महुआ से बनाये जा रहे सेनेटाइजर के विधि की कलेक्टर महादेव कावरे ने जानकारी ली। उन्होंने वनमण्डलाधिकारी को हाथी प्रभावित क्षेत्रों में खनिज न्यास निधि से शहद के लिए मधुमक्खी पालन करने के लिए ग्रामीणजनों को प्रोत्साहित करने को कहा। पंचक्की में स्व-सहायता समूह की महिलाओं की ओर से 5 लीटर, 100 ग्राम, 200 ग्राम, 50 ग्राम का सेनिटाइजर बनाया जा रहा हैं। अन्य राज्यों से महुआ से बने हर्बल युक्त कमिकल मुक्त सेनिटाइजर की बढ़ी संख्या में मांग भी की जा रही है। समूह की महिलाओं की ओर से सेनिटाइजर बनाकर पैकिंग करके उन्हें भेजा रहा है। इस अवसर पर वनमण्डलाधिकारी कृष्ण जाधव, जिला पंचायत सीईओ केएस मण्डावी, उपमण्डलाधिकारी एस. गुप्ता, एसडीएम योंगेद्र श्रीवास और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

11-06-2020
पशुओं के हरा चारा के लिए गौठान में लगाए जाएंगे नेपियर घास, स्व सहायता समूह की महिलाएं करेंगी मत्स्य पालन

भिलाई। भिलाई निगम द्वारा संचालित शहरी गौठान में पशुओं के हरा चारा की उपलब्धता को बनाए रखने नेपियर घास लगाया जाएगा। गौठान को और अधिक विकसित करने अब मछली पालन की योजना पर काम किया जा रहा है, ताकि गौठान को संचालित करने वाली महिला समूह और अधिक आय अर्जित कर सके। गौठान परिसर में ही हरा घास मिलने से पशुओं को  और अधिक पौष्टिक चारा मिल सकेगा। गौठान में काम करने वाली महिलाओं द्वारा पशुओं के गोबर और गोमूत्र से जैविक खाद तैयार कर सब्जियों की जैविक खेती की जा रही है,जिसकी लगातार मांग भी बढ़ रही है। कोसानाला टोल प्लाजा भिलाई नगर रेलवे स्टेशन के समीप संचालित शहरी गौठान को विकसित करते हुए नेपियर घास और मछली पालन किया जाएगा। पहले गौठान का यह संपूर्ण स्थल पॉलीथिन से भरा हुआ था जहां अब सब्जियों की खेती हो रही है। महापौर देवेन्द्र यादव और निगम आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी के पहल पर गौठान को संवारा जा रहा है और लगातार इसके विकास के लिए नवाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। गौठान में वर्तमान 90 पशु है, जिनके लिए हरे चारे की उपलब्धता को बनाए रखने के लिए महिला स्व़. सहायता समूह द्वारा नेपियर घास की खेती की जाएगी। जोन 1 जोन आयुक्त अमिताभ शर्मा ने बताया कि शुरूआती तौर पर आधा एकड़ में बारिश का सीजन शुरू होते ही नेपियर घास लगाई जाएगी, इससे पशुओं के लिए हरे चारे की उपलब्धता बनी रहेगी तथा पौष्टिक आहार भी मिल पाएगा। इसके लिए मैदान को तैयार किया गया है, परिसर में चारा मिलने से बाहर से सूखा चारा खरीदने के व्यय में भी कमी आएगी।गौठान परिसर के पीछे ही करीब दो स्थानों पर जेसीबी के माध्यम छोटे तलाब नुमा गड्ढा तैयार किया जा रहा है,जिसमें मछली पालन किया जाएगा। एक दो बारिश के बाद तापमान कम होते ही मछली का बीज डाला जाएगा। मछली पालन का जिम्मा गौठान संचालित करने वाली मां बम्लेश्वरी स्व.सहायता समूह ने लिया है। इससे समूह की महिलाओं को और आर्थिक मजबूती मिलेगी।

 

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