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25-05-2020
कांंग्रेस मुख्यमंत्री पर दबाव बनाएं सबूत पेश करके झीरम की जांच को अंजाम तक पहुंचने सहयोग करें : भाजपा 

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता सच्चिदानंद उपासने ने कहा है कि हर बात के लिए भाजपा के सिर पर अपनी नाकामियों का ठीकरा फोड़ने कांग्रेस के नेता आमादा रहते हैं।  कभी वे अपने मुख्यमंत्री पर भी तो यह दबाव बनाएं कि वे सबूत पेश करके झीरम की जांच को अंजाम तक पहुंचने में सहयोग करें। उपासने ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को झीरम पर किए गए वादे की याद दिलाने के बजाए कांग्रेस के नेता पहले मुख्यमंत्री बघेल की याददाश्त को दुरुस्त करें। वे उस कुरते या जैकेट को ढूंढ़ लें,जिसकी जेब में बतौर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष वे झीरम कांड के सबूत लिए फिरते थे। सत्ता में आने के 18 माह बाद भी उन्हें अब उन सबूतों को पेश करना याद नहीं रह गया है। दरअसल प्रदेश सरकार ही झीरम की जांच को बाधित करने पर आमादा रही है। कभी उसे कोर्ट की जांच पर एतराज होता है, तो कभी वह एनआईए की जांच प्रक्रिया से बचने की कोशिश करती है। इससे यह तो साफ होता है कि कांग्रेस और प्रदेश सरकार को झीरम मामले की जांच और शहीदों के परिजनों को न्याय दिलाने से कोई सरोकार नहीं है, बस इस मुद्दे पर प्रलाप कर शहीद नेताओं के परिजनों के आंसुओं पर अपनी सियासत की नाव खेना ही उनका एजेंडा रह गया है। झीरम कांड के समय केंद्र में कांग्रेस की गठबंधन सरकार थी और अब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है, फिर भी मुख्यमंत्री बघेल इस मामले की जांच को अंजाम तक नहीं ले जा सके तो फिर इससे किसका नाकारापन सिद्ध होता है?। प्रदेश के एक मंत्री डॉ.शिव डहरिया की माता की हत्या के मामले में भी सरकार चुप्पी साधे बैठी है। इस मामले की सीबीआई जांच की मांग हुई थी,पर प्रदेश सरकार अपने ही नेताओं को न्याय दिलाने की इच्छाशक्ति से शून्य नजर आ रही है।

22-05-2020
भाजयुमो ने रायगढ़ में मंडल अध्यक्ष पर दर्ज एफआईआर वापस लेने मुख्यमंत्री से की मांग

रायपुर। भारतीय जनता युवा मोर्चा ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री के नाम एसएसपी रायपुर को ज्ञापन सौंपकर रायगढ़ मंडल अध्यक्ष पर दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग की है। भाजयुमो रायपुर जिला अध्यक्ष राजेश पाण्डेय ने बताया कि रायगढ़ मंडल अध्यक्ष सूरज शर्मा ने जनहित के मुद्दे पर नगर निगम कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा। इसके बाद रायगढ़ निगम कमिश्नर ने पुलिस में लिखित शिकायत की जिस पर एफआईआर दर्ज की गई। राजेश पाण्डेय ने कहा कि एफआईआर निरस्त करने और निगम कमिश्नर पर उचित कार्रवाई की मांग मुख्यमंत्री से की गई है। इस दौरान भाजयुमो प्रदेश महामंत्री संजू नारायण सिंह, जिला अध्यक्ष राजेश पांडे, जिला महामंत्री अमित मैशेरी और प्रदेश मीडिया प्रभारी अनुराग अग्रवाल उपस्थित थे।

22-05-2020
संजय श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री से बाजार 5 दिन खोलने की अनुमति देने किया आग्रह

रायपुर। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से बाजारों को हफ्ते में कम से कम 5 दिन खोलने की अनुमति देने आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि इससे बाजार में भीड़ नहीं बढ़ेगी। समय भले ही सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक हो ताकि खरीदारी के लिए व्यापारियों और ग्राहकों को बार-बार बाजार न जाना पड़े । श्रीवास्तव ने कहा है कि आज छत्तीसगढ़ सहित भारत देश और समूचा विश्व कोरोना संक्रमण से मुक्त होने के लिए अपने अपने स्तर पर प्रयास कर रहा है। हमारे सामने एक ओर प्राथमिकता कोरोना से बचाव की है तो दूसरी ओर अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने की भी है। ऐसे समय में शासन को सभी वर्गों के हितों की चिंता करना है।

श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री बघेल का ध्यानाकर्षण आम लोगों की मूल आवश्यकताएं की ओर किया है। उन्होंने कहा कि जो आवश्यकताएं शहर, तहसील और गांव के बाजारों से पूरी होती है उस और ध्यान आकृष्ट करना चाहता हूं। लॉक डाउन  4  के अंतर्गत जिला प्रशासन ने बाजारों को अलग-अलग खोलने की जो अनुमति दी है उससे मेरे अनुभव से जो समस्याएं दिख रही हैं उन समस्याओं को शीघ्र दूर करने की मांग करता हूं। अलग अलग बाजारों के लिए अलग-अलग दिन निर्धारित करने के नियमों से भीड़-भाड़ कम होने के बजाय बढ़ रही है। जल्दबाजी के चक्कर में ना तो ग्राहक ठीक से सामान ले पा रहे हैं और ना ही व्यापार हो रहा है।

जो दुकानें खुली है,उसमें भीड़ इसलिए है क्योंकि यह सिर्फ 2 दिन ही खुलेगी। इसलिए ग्राहकों के साथ होलसेल व्यापारी भी बड़ी संख्या में सामान खरीदने पहुंच रहे हैं। व्यापारिक राजधानी होने के नाते यहां प्रदेश के ग्राहक और व्यापारियों का आना जाना शुरू हो चुका है। वैसे भी 2 दिन की समय सीमा अर्थात माह में 8 दिनों में महीने भर का व्यापार संभव नहीं है। साथ ही साथ बैंकों का ब्याज लोन कर्मचारियों की तनख्वाह को नियंत्रित करना संभव नहीं होगा।

21-05-2020
मुख्यमंत्री को जिले की उपलब्धियों के बारे में लता, नीरा माधव और नारायण ने वीसी के जरिए बताया

धमतरी। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर आज प्रदेश में राजीव गांधी किसान न्याय योजना का शुभारम्भ किया गया। प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज वीडियो काॅन्फे्रंसिंग के माध्यम से विभिन्न जिलों के लोगों से प्रतिक्रिया ली। इसी क्रम में उन्होंने धमतरी जिले के ग्रामीणों से प्राथमिकता से बातचीत की। विशेष तौर पर राजीव ग्राम दुगली व गौरव ग्राम कण्डेल का जिक्र करते हुए मौजूदा सरकार के द्वारा किए गए कार्यों के बारे में पूछा। नगरी विकासखण्ड के ग्राम कौहाबाहरा (दुगली) के जय मां लक्ष्मी महिला स्वसहायता समूह की  लता नेताम, जय मां शीतला महिला स्वसहायता समूह मुनईकेरा की  नीरा मरकाम सहित इको-टुरिज्म ग्राम जबर्रा के युवक माधव सिंह व गौरव ग्राम कण्डेल के  नारायण सिंह ने मुख्यमंत्री से सीधी बातचीत कर संक्षेप में जिले की उपलब्धियों, गतिविधियों और विकास के बारे में बताया।कलेक्टोरेट के स्वान कक्ष में आयोजित वीडियो कॉफ्रेंसिंग के माध्यम से आज दोपहर मुख्यमंत्री को लता मरकाम ने बताया कि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का ऐतिहासिक आगमन उनके ग्राम दुगली में 14 जुलाई 1985 को हुआ था, जहां पर उन्होंने विशेष पिछड़ी जनजाति कमार की बस्ती में जाकर मड़िया पेज और करू कांदा का स्वाद भी चखा था। उस चिरस्मरणीय पल को ग्रामीण आज भी याद कर गौरवान्वित महसूस करते हैं।

उन्होंने आगे बताया कि राजीव जी की जन्मतिथि 20 अगस्त 2019 के दिन आपके (मुख्यमंत्री) द्वारा अनेक सौगातें देकर ग्रामीणों की बहुप्रतीक्षित मांगों को पूरा किया गया। मौजूदा सरकार के आने के बाद राजीव ग्राम दुगली में विकास अब परिलक्षित हुआ है। लता नेताम ने मनरेगा योजना को देश की सर्वश्रेष्ठ योजना निरूपित करते हुए इसे ग्रामीण आजीविका का सबसे सशक्त माध्यम बताया। इसी तरह ग्राम जबर्रा से आए युवक  माधव सिंह नेताम ने कहा,‘आपके द्वारा ग्राम जबर्रा को ईको-टुरिज्म‘ क्षेत्र घोषित करने के बाद ग्रामीणों की आजीविका का ठोस जरिया मिला है। पहली बार 5352 हेक्टेयर जंगल का सामुदायिक वन अधिकार प्रदान किया गया है, जहां विभिन्न प्राकृतिक संसाधनों का विकास जिला प्रशासन द्वारा किया गया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को उन्होंने बताया कि उनके ग्राम जबर्रा में देश और विदेश के एक हजार से अधिक सैलानी आकर यहां रूक चुके हैं, जिनमें पोलैण्ड, न्यूजीलैण्ड और आस्ट्रेलिया जैसे विदेशी पर्यटक भी सम्मिलित थे। माधव नेताम ने यह भी बताया कि ग्राम के 20 लोगों की पर्यटन समिति तैयार कर पर्यटकों को विभिन्न जानकारी दी जाती है। उक्त समिति की माध्यम से अब तक डेढ़ लाख रूपए से अधिक की शुद्ध आमदनी हुई। इस पर मुख्यमंत्री ने काफी प्रसन्नता व्यक्त की।इसी तरह ग्राम पंचायत देवगांव के आश्रित ग्राम मुनईकेरा निवासी नीरा मरकाम ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को बताया कि दुगली में संचालित लघु वनोपज प्रसंस्करण केन्द्र से 2524 महिलाएं जुड़कर स्वावलम्बी हो चुकी हैं। यहां पर आंवला, तिखुर पावडर, शहद प्रसंस्करण के अलावा त्रिफला चूर्ण, दोना-पत्तल आदि का निर्माण समूह की महिलाओं के द्वारा किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि इस वर्ष अब तक कुल 18 लाख का सामान तैयार कर 10 लाख रूपए की आमदनी समूह की दीदियों को प्राप्त हो चुकी है। इसी क्रम में धमतरी विकासखण्ड के गौरव ग्राम कण्डेल के नारायण सिंह ने बताया कि वर्ष 1920 के ऐतिहासिक नहर सत्याग्रह की शुरूआत उनके गांव से हुई थी, जिसके आंदोलन के तौर पर परिणीत करने राष्ट्रपिता महात्मा 21 दिसंबर 1920 को यहां पर आए थे। उन्होंने आगे कहा कि उक्त ऐतिहासिक दिन को अविस्मरणीय बनाने आपके (मुख्यमंत्री) के द्वारा 04 अक्टूबर 2019 से गांधी विचार पदयात्रा कर सत्य, अहिंसा और स्वच्छता का संदेश दिया गया। नारायण सिंह ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि उनके आगमन के पश्चात् ग्राम का कायाकल्प हुआ। नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी सहित राज्य शासन की अनेक योजनाओं का सफल क्रियान्वयन को साकार होते देखा जा सकता है। मुख्यमंत्री के साथ वीडियो काॅन्फेंसिंग के दौरान उपस्थित कलेक्टर रजत बंसल, जिला पंचायत की सी.ई.ओ. नम्रता गांधी के साथ बैठकर  लता नेताम, नीरा नेताम, माधव सिंह मरकाम और नारायण सिंह ने बेबाकी से अपनी बातें रखीं। सभी ने राजीव गांधी किसान न्याय योजना की प्रशंसा करते हुए सरकार की किसान कल्याण नीति की सराहना की।

 

 

20-05-2020
स्पेशल ट्रेन में आंध्रप्रदेश से चांपा पहुंचे 53 श्रमिक, मुख्यमंत्री की जताया आभार  

रायपुर। विजयवाड़ा आंध्रप्रदेश से छत्तीसगढ़ के श्रमिकों को लेकर विशेष ट्रेन 20 मई को दोपहर में चांपा पहुंची। इस ट्रेन में रायगढ़ और सुकमा के 4-4, बलरामपुर के 2 और कोरिया के 1 श्रमिक को मिलाकर कुल 53 श्रमिक चांपा स्टेशन पहुंचे। ट्रेन से उतरे श्रमिकों ने छत्तीसगढ़ पहुंचकर राहत की सांस ली और मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के प्रति आभार जताया । शिवरीनारायण खरौद के दुर्गा प्रसाद ने कहा कि वे रोजी मजदूरी करने परिवार सहित विजयवाड़ा गए हुए थे। काम पूरा होने के बाद भी लॉक डाउन के कारण वापस नहीं आ पा रहे थे। घर वापसी की चिंता हो रही थी। काम बंद होने से आर्थिक समस्या का भी सामना करना पड़ रहा था। वापस आने के लिए ट्रेन बस आदि सभी सुविधाएं बंद हो गई है। ऐसे समय में छत्तीसगढ़ के श्रमिको को वापस लाने में छत्तीसगढ़ सरकार ने मदद की। उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाने के लिए दिल से धन्यवाद दिया।


लॉक डाउन के कारण आंध्रप्रदेश में मजदूरी करने गए श्रमिक पिछले करीब दो माह से फंसे हुए थे। राज्य सरकार की ओर से श्रमिक स्पेशल ट्रेन की व्यवस्था हो जाने से जांजगीर-चांपा जिले के 37 श्रमिक आज चांपा पहुचे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर लॉक डाउन में फंसे छत्तीसगढ़ के श्रमिकों को वापस लाने के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है। कलेक्टर जनकप्रसाद पाठक के मार्गनिर्देशन में ट्रेन के चांपा पहुंचने से पहले रेलवे प्लेटफार्म को सेनेटाइज किया गया। आगंतुक सभी यात्रियों को चांपा सेवा संस्थान की ओर से प्लेटफार्म में ही भोजन उपलब्ध कराया गया। ट्रेन से शारीरिक दूरी का पालन करते हुए श्रमिकों को उतारा गया। खंडवार बने स्वास्थ्य विभाग के स्टाल में थर्मल स्केनिंग और स्वास्थ जांच कर श्रमिकों को नियत बसों में गंतब्य के लिए रवाना किया गया।

18-05-2020
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाएं घर-घर जाकर लेंगी स्वास्थ्य की जानकारी

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने लॉक डाउन के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर रेडी टू ईट की सामग्री और सूखा राशन वितरित करने तथा कोरोना संक्रमण से बचाव के उपायों की जानकारी देकर लोगों को जागरूक करने के काम की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण के नये मरीज मिल रहे हैं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पुनः घर-घर भेजकर लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी ली जाए और संदिग्ध मरीज मिलने पर स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से ऐसे मरीजों की स्वास्थ्य की जांच करायी जाए। मुख्यमंत्री बघेल ने सोमवार को यहां अपने निवास कार्यालय पर आयोजित महिला और बाल विकास विभाग तथा समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक में ये निर्देश दिए। बैठक में महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेंडिया, मुख्य सचिव आरपी मण्डल, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, समाज कल्याण विभाग के सचिव आर. प्रसन्ना, संचालक महिला एवं बाल विकास विभाग जनमेजय महोबे और संचालक समाज कल्याण पी. दयानंद उपस्थित थे।

बैठक में बताया गया कि पिछले वर्ष राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर छत्तीसगढ़ में शुरू किए गए मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के अच्छे परिणाम सामने आए हैं। इस अभियान के परिणाम स्वरूप प्रदेश के 62 हजार 617 बच्चे कुपोषण से मुक्त हुए हैं। कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए लॉक डाउन अवधि के सुरक्षात्मक उपायों के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा 24 लाख 38 हजार हितग्राहियों को रेडी टू ईट और मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत 3 लाख 62 हजार से अधिक हितग्राहियों को सूखा राशन घर-घर पहुंचाया जा रहा है और बच्चों को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने का काम भी किया जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूनिसेफ ने छत्तीसगढ़ में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा महिलाओं और बच्चों को पोषण आहार पहुंचाने और लोगों को जागरूक करने के कार्य की सराहना की है। बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश के 90 हजार से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने हितग्राहियों के घरों में जाकर सामग्री वितरण के साथ-साथ लोगों को कोरोना से बचाव के संबंध में जागरूक करने का काम किया है। बैठक में बताया गया कि बस्तर क्षेत्र में बच्चों को कुपोषण से मुक्त करने के लिए अण्डा वितरण प्रारंभ किया गया है। इसे बच्चे पसंद कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए स्थानीय स्तर पर ही अण्डा लिए जाएं। इससे मुर्गी पालन से जुड़े स्थानीय लोगों को फायदा होगा। उन्होंने गौठानों में महिला स्व सहायता समूहों के माध्यम से मुर्गी पालन को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। भूपेश बघेल ने कहा कि इससे बच्चों के लिए ताजे अण्डे मिलेंगे। परिवहन का व्यय कम होगा और महिला समूहों को भी काम मिलेगा। मुख्यमंत्री ने गौठानों में मनरेगा से मुर्गी पालन के लिए शेड का निर्माण कराने और स्व सहायता समूहों को डीएमएफ तथा सीएसआर मद से सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्व सहायता समूहों को शहद उत्पादन से जोड़ने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ महिला कोष के माध्यम से महिला स्व सहायता समूहों और महिलाओं को मुर्गी पालन और शहद उत्पादन के लिए सहायता दी जा सकती है। बैठक में जानकारी दी गई कि लॉकडाउन के समय बच्चों को डिजिटल प्लेटफार्म के माध्यम से घरों में ही रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने के लिए यूनिसेफ के तकनीकी सहयोग से प्रारंभ किए गए सजग और चकमक अभियान में बच्चे काफी रूचि ले रहे हैं। इन कार्यक्रमों से अब तक 18 लाख बच्चे जुड़े हैं। इस अभियान में बच्चों को स्थानीय बोलियों में बालगीत, कविता, कहानियों के माध्यम से शिक्षा दी जा रही है।  

मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस वर्ष प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को स्थानीय बुनकरों द्वारा तैयार साड़ियां वितरित की जाएंगी। प्रतिवर्ष कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को दो-दो साड़ियां यूनिफार्म के रूप में दी जाती हैं। भूपेश बघेल ने इस योजना के माध्यम से बुनकरों को रोजगार दिलाने के निर्देश दिए थे। बैठक में बताया गया कि लॉकडाउन के दौरान समाज कल्याण विभाग द्वारा समाज सेवी संगठनों की सहायता से प्रतिदिन लगभग 25 हजार से अधिक व्यक्तियों के लिए गर्म भोजन की व्यवस्था की गई और 27 हजार परिवारों को राशन सामग्री वितरित की गई। इसके साथ ही घुमंतू अर्द्ध विक्षिप्त और मानसिक रूप से अविकसित व्यक्तियों को सहारा देकर उनके भोजन और रहने की व्यवस्था भी विभाग द्वारा की गई। लॉकडाउन के दौरान बच्चों की पढ़ाई सुचारू रूप से चल सके इसके लिए विभाग द्वारा संचालित विशेष स्कूलों और महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाई करायी जा रही है।

 

18-05-2020
रायपुर में करीब सभी व्यापार की अनुमति, छत्तीसगढ़ चैम्बर ने जताया आभार

रायपुर। छत्तीसगढ़ चैम्बर ऑफ कॉमर्स एन्ड इंडस्ट्रीज ने रायपुर बाजार खुलने पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का आभार जताया है। छत्तीसगढ़ चैम्बर ऑफ कॉमर्स एन्ड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष जितेन्द्र बरलोटा, चेयरमैन रमेश गांधी,महामंत्री लालचंद गुलवानी, कोषध्यक्ष प्रकाश अग्रवाल,प्रवक्ता ललित जैसिंघ ने कहा कि मुख्यमंत्री ने चैम्बर के आग्रह को स्वीकार करते हुए लगभग सभी व्यापर खोल दिए हैं। इससे व्यापारी जो पिछले 55 दिन से घर पर बैठे थे,अब सभी नई कलेक्टर गाइड लाइन के अनुसार व्यापार करेंगे। चैम्बर ने व्यापार खोलने के लिए रायपुर कलेक्टर का भी आभार जताया है। नए दिशा निर्देश देखने यहां क्लिक करें...

 

17-05-2020
राजनीतिक स्वार्थसिद्धि के लिए विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो : अभाविप

रायपुर। विश्वविद्यालय परीक्षा संचालन के विषय में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन के माध्यम से विद्यार्थी परिषद् के प्रदेश मंत्री शुभम जायसवाल ने कहा कोविड-19 संक्रमण की वैश्विक महामारी छत्तीसगढ़ भी अछूता नहीं रहा है। सौभाग्यवश हमारे प्रांत में संक्रमण का प्रभाव ज्यादा भयावह नहीं है, ऐसे समय में प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रदेश में लॉक डाउन में ढील देने की नीति पर आगे बढ़ रहे है, जिससे जनजीवन सामान्य होने की दिशा में अग्रसर है। जनजीवन को सामान्य बनाने के लिए लॉक डाउन में ढील देना एक स्वाभाविक कदम हो सकता है और शासन-प्रशासन की भी यही इच्छा दिखाई पड़ रही है। लेकिन ऐसे समय में भी कुछ लोग सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए सरकार को गुमराह करने का व इसके माध्यम से विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का प्रयास कर रहे हैं। कोविड-19 के कारण शैक्षणिक जगत निरन्तर कई प्रकार की समस्याओं का सामना कर रहा है।

विद्यालय, महाविद्यालय से लेकर विश्वविद्यालय तक के विद्यार्थियों के बीच परीक्षाओं को लेकर असमंजस की स्थिति निर्मित हुई है। इन पररिस्थितियों में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के दिशा निर्देश के बाद भी कुलाधिपति व सरकार द्वारा किसी भी दिशा-निर्देश के अभाव में प्रदेश के विश्वविद्यालय अपने विद्यार्थियों की परीक्षाओं को लेकर उन्हें उचित मार्गदर्शन देने में स्वयं को असहाय महसूस कर रहे हैं। कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि तात्कालिक रूप से जनरल प्रमोशन लुभावना हो सकता है। सरकार व कुछ लोगों को सस्ती लोकप्रियता भी दिला सकता है किन्तु इसके दीर्घकालिक दुष्परिणाम हमें अवश्य ही भुगतने पड़ेंगे। अभाविप का यह मानना है कि सरकार और विश्वविद्यालयों द्वारा कोविड-19 की वर्तमान स्थिति की समीक्षा व यूजीसी के दिशा-निर्देशों के अनुसार जून महीने में ग्रीष्मावकाश के उपरान्त जुलाई माह में स्थिति का आकलन करते हुए नियमित तथा वैकल्पिक परीक्षा के आयोजन की योजना का प्रारूप तैयार करना सर्वथा उचित होगा।

17-05-2020
नंगे पैर पहुंच रहे मजदूरों को मुख्यमंत्री ने पहुंचाई राहत, ट्वीट किया...

रायपुर। मजदूर अब मजबूर हो गए हैं सैकड़ों मील पैदल चलने के लिए। पैदल निकल चुके हैं अपने घर जाने के लिए। यदि मजदूरों के लिए सरकारी सुविधाएं हैं तो जा कहां रही। लगातार हादसों में मजदूरों की जान जाने की खबरें आ रही है और जो बच के निकल आए हैं अन्य राज्यों तक, देखने में आ रहा है कि बहुत तकलीफ में है। उनके पैरों में चप्पलें तक नहीं है। इस भीषण गर्मी में नंगे पैर बोझा उठाए चले आ रहे हैं मदद की आस लगाए। ऐसा ही नजारा प्रवासी मजदूरों के छत्तीसगढ़ पहुंचने पर दिखाई दे रहा है। कोरोना संक्रमण के बीच अन्य राज्यों से छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती जिलों में प्रवेश करने वाले प्रवासी मजदूर, यात्री भीषण गर्मी में छत्तीसगढ़ आ रहे हैं।

तकलीफ और पैरों में हो रही पीड़ा को सहन करते हुए। इस पीड़ा को प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समझ रहे हैं। उनके निर्देशानुसार जरुरतमंदों को राजनांदगांव के सीमावर्ती सभी चेक पोस्ट में मजदूरों को चप्पलें वितरित की जा रही है। अन्य राज्यों से आए प्रवासियों के सुविधा के लिए बनाए गए (बाघनदी, सल्हेवारा, गातापार, बोरतलाव कोहका) केंद्रों में यह राहत पहुंचाई गई है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीट कर मजदूरों की पीड़ा और राहत कार्य से अवगत कराया है।

16-05-2020
मुख्यमंत्री को राज्य वन विकास निगम ने सौंपा सवा दो करोड़ के लाभांश राशि का चेक

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को यहां उनके निवास कार्यालय में शनिवार को वन विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम ने वर्ष 2018-19 के लाभांश की राशि 2 करोड़ 25 लाख रुपए का चेक सौंपा। इस दौरान  वन मंत्री मो.अकबर, मुख्य सचिव आरपी मंडल, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, वन विभाग के प्रमुख सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुवेर्दी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक राज्य वन विकास निगम आर. गोवर्धन, वन विभाग के सचिव जयसिंह म्हस्के और मुख्यमंत्री सचिवालय में उप सचिव सौम्या चौरसिया और वरिष्ठ विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम को भारत सरकार की ओर से स्वीकृत कार्य आयोजना के अंतर्गत रोपित किए गए सागौन वृक्षारोपण के विरलन से प्राप्त वनोपज के विक्रय और अन्य आय से वित्तीय वर्ष 2018-19 में 56 करोड़ 41 लाख रुपए की आय प्राप्त हुई। निगम की ओर से इस दौरान विभिन्न कार्यों पर 30 करोड़ 49 लाख रुपए की राशि व्यय हुई। इस तरह वर्ष 2018-19 के दौरान निगम को 25 करोड़ 92 लाख रुपए की राशि का लाभ प्राप्त हुआ। निगम की ओर से वर्ष 2018-19 में राज्य के 3 हजार 594 हेक्टेयर क्षेत्र में लगभग 60 लाख पौधे का रोपण किया गया। इसके अलावा पर्यावरण सुधार के लिए खदानी और औद्योगिक क्षेत्रों में मिश्रित प्रजाति के 8 लाख 10 हजार पौधों का वृक्षारोपण किया गया। निगम की ओर से वानिकी वर्ष 2018-19 में 23 हजार 367 घनमीटर ईमारती काष्ठ, 14 हजार 16 नग जलाऊ चट्टा और एक हजार 521 नोशनल टन बांस का उत्पादन किया गया है।

 

13-05-2020
मुख्यमंत्री को इंडसइंड बैंक ने सौंपा कोरोना सुरक्षा किट, भूपेश बघेल ने की प्रशंसा

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से बुधवार को उनके निवास कार्यालय में इंडसइंड बैंक के रीजनल मैनेजर रवि लाल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने कोरोना वायरस की रोकथाम और जरुरतमंदों की सहायता के लिए 4500 पीपीई किट, 5000 रैपिड टेस्टिंग किट, एक लाख मास्क और 7400 सूखे राशन के पैकेट दान करने से संबंधित पत्र मुख्यमंत्री को सौंपा। इस मौके पर इंडसइंड बैंक के रीजनल मैनेजर रवि लाल ने मुख्यमंत्री को प्रतीक स्वरूप कोरोना सुरक्षा किट प्रदान करते हुए उन्हें अवगत कराया कि बैंक की ओर से ये सभी सुरक्षा उपकरण 19 मई तक उपलब्ध करा दिए जाएंगे।

बैंक के रीजनल मैनेजर ने बताया कि बैंक की ओर से जरुरतमंदों के लिए 7400 सूखे राशन के पैकेट वितरण के लिए कोरबा और रायगढ़ नगर निगमों को उपलब्ध कराए जाएंगे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इंडसइंड बैंक की ओर से इस विपत्ति की घड़ी में अपने कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व निभाने की प्रशंसा करते हुए कहा कि इन सुरक्षा उपकरणों के माध्यम से प्रदेशवासियों को कोविड-19 से सुरक्षा और उसके रोकथाम उपायों में मदद मिलेगी। इस महामारी के खिलाफ सुरक्षा ही हमारा बचाव है। इस मौके पर विधायक कुलदीप जुनेजा, इंडसइंड बैंक के अधिकारी प्रशांत ढाल,प्रियंक पांडेय,आदिल बेग आदि उपस्थित थे।

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