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18-09-2020
कलेक्टर ने कहा, होम आइसोलेशन की अनुमति आसानी से मिले,शिकायत की जांच के लिए टीम गठित करने के निर्देश

जांजगीर-चांपा। कलेक्टर यशवंत कुमार ने शुक्रवार को जिला कार्यालय में कोविड -19 की रोकथाम एवं प्रबंधन से संबंधित जिला स्तरीय आधिकारियों की बैठक मे कहा कि लक्षणरहित कोरोना संक्रमित मरीजों को मेडिसिनकिट के साथ ही होम आइसोलेशन के लिए प्रोत्साहित किया जाए। होम आसोलेशन की अनुमति सरलता से और आसानी से मिलनी चाहिए। किसी भी मरीज को अनुमति के लिए दिक्कत ना हो इसका ध्यान रखें। कलेक्टर ने होम आइसोलेशन के लिए पैसे मांगने की एक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कहा कि ऐसी शिकायत की कड़ाई से जांच होगी। सही पाये जाने पर जिम्मेदार के खिलाफ बर्खास्तगी जैसी कड़ी कार्यवाही की जाएगी। साथ ही थाने में एफआईआर भी दर्ज कराया जाएगा।  शिकायत की जांच के लिए टीम गठित कर मरीजो से टेलीफोन से जानकारी लेने के लिए  जिला पंचायत सीईओ तीर्थराज अग्रवाल को निर्देशित किया। साथ ही काॅल रिकार्ड सुलभ सदर्भ के लिए रखने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने सीएमएचओ से कहा कि सभी आवश्यक दवाईयों का स्टाक पर्याप्त मात्रा मे उपलब्ध रहे,यह सुनिश्चित करें। किसी भी स्वास्थ्य केन्द्र में दवाईयों की कमी नहीं होनी चाहिए। आवश्यकता अनुसार लोकल खरीदी की अनुमति दी जाएगी। कलेक्टर ने कहा कि मानसिक रूप से अस्वस्थ मरीजों के परामर्श के लिए  मनोचिकित्सक की  ड्यूटी लगाने के लिए सीएमएचओ को निर्देशित किया। ताकि मानसिक रूप से अस्वस्थ मरीज को वीडियो काॅल या वाईस काॅल के माध्यम से तनाव मुक्त करने के लिए परामर्श किया जा सके।  परामर्श का रिकार्ड संधारित करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक मे अपर कलेक्टर लीना कोसम, जिला पंचायत सीईओ तीर्थराज अग्रवाल, सीएमएचओ डाॅ. एसआर बंजारे, डिप्टी कलेक्टर करूण डहरिया सहित अधिकारी मौजूद थे। 

 

17-09-2020
जानकारी छुपाने के मामले में दो कोरोना संक्रमितों पर एफआईआर दर्ज

रायपुर। कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद भी लापरवाही पूर्वक सड़कों में घुम रहे दो लोगों के खिलाफ नगर निगम की ओर से डीडी नगर थाने में की गई शिकायत के बाद एफआईआर दर्ज किया गया है। दोनों की तलाश की जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार डीडी नगर थाना क्षेत्र का है जहां नगर निगम जोन पांच के कर्मचारी संजय कुमार बघेल ने क्षेत्र के ही रहने वालेे आशीष शर्मा और ओंकार देवांगन नामक लोगों के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत के अनुसार रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद प्रशासन को गलत जानकारी देकर दोनों ही अस्पताल जाने से बच रहे हैं। इन दोनों लोगों पर आरोप है कि इन्होंने प्रशासन को गुमराह किया और छुपते रहे।

इससे दूसरों को भी संक्रमण फैलने का खतरा है। दोनों को नगर निगम की तरफ से कहा गया कि निरंतर संक्रमितों से संपर्क कर उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती होने कहा गया लेकिन इन्होंने अपना पता छिपाकर मोबाइल फोन पर झूठी जानकारी देकर गुमराह किया। इनमें से एक आशीष तो दुर्ग तक घुम कर आ गया। ओंकार देवांगन को भी जब टीम लेने पहुंची तो वह घर पर नहीं मिला। अब इनकी तलाश और परिवार के लोगों से संपर्क किया जा रहा है। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा। लेकिन दोनों का ही अभी तक कुछ पता नहीं चला है। ऐसे में डर है कि दोनों ही पॉजिटिव मरीजों ने कितने लोगों को संक्रमित कर दिया होगा। फिलहाल पुलिस के साथ नगर निगम की टीम भी दोनों की तलाश में लगी है।

16-09-2020
कमिश्नर ने कलेक्टरों से कहा- मिल रही कई शिकायतें,इलाज के नाम पर अधिक वसूली होने पर पीड़ित परिवार को राशि वापस दिलाएं 

रायपुर। कमिश्नर रायपुर जीआर चुरेंद्र ने संभाग के सभी जिलों के कलेक्टरों को पत्र लिखकर सुझाव दिया है। उन्होंने कहा है कि, जिला, विकासखंड और अन्य स्तर पर जो भी निजी अस्पताल संचालित है, उनसे सेवा भावना के साथ इलाज का न्यूनतम चार्ज लिए जाने के लिए प्रेरित करें। समुचित कार्यवाही करें, जिससे आम जनता व कोविड बीमारी से पीड़ित परिवारों को राहत मिले। कमिश्नर ने अपने पत्र में ध्यान आकर्षित करते हुए लिखा है कि, जनता व प्रतिनिधियों की ओर से यह शिकायत आ रही है कि कोरोना संक्रमण काल के दौरान निजी अस्पतालों में भी मरीजों का इलाज हो रहा है,लेकिन कोविड टेस्ट के नाम पर विभिन्न बीमारियों से ग्रस्त मरीजों के त्वरित इलाज में विलंब हो रहा,इससे कई बार गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों का निधन भी हो जाता है। निजी अस्पताल संचालकों की ओर से समुचित प्रशासनिक नियंत्रण के अभाव में विभिन्न प्रकार के बीमारियों और कोविड के इलाज के नाम पर बड़ी राशि वसूलने की  शिकायत भी आ रही है।

कमिश्नर ने पत्र में कहा है कि, जिले के अंतर्गत जिन निजी अस्पतालों में कोविड -19 के मरीजों को उपचार करने की सुविधा दी गई है, ऐसे सभी अस्पतालों का सूचीकरण, उनकी ओर से मरीजों के किए जा रहे उपचार या लिए जा रहे उपचार राशि की जानकारी प्रतिदिन लेने की व्यवस्था बनाई जाए। मरीजों के परिवार से भी संपर्क कर इसकी पुष्टि की जाए। यदि कोविड 19 के बीमारी के इलाज के नाम पर अधिक राशि का वसूली की जानकारी प्राप्त होती है, तो वह राशि मरीज के परिवार को वापस कराई जाए। कश्मिर ने कहा है कि, सेवानिवृत्त हो चुके पेंशनधारी ,वरिष्ठ नागरिकों को भी सस्ता - सुलभ इलाज निजी या शासकीय अस्पतालों से कराए जाने की व्यवस्था करें। इसके लिए कलेक्टर की अध्यक्षता में निजी अस्पताल के संचालकों की प्रथम बैठक भी आयोजित करने को कहा है। इससे औचित्यपूर्ण दर पर निजी अस्पतालों से मरीजों की उपचार की व्यवस्था बनाई जाए। कमिश्नर ने कहा है कि, इसके लिए बनाई गई व्यवस्था को क्रियान्वित करने के दृष्टि से जिले स्तर पर एक टीम गठित किया जए, जिसका अध्यक्ष अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी या मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत को रखा जाए। उन्होंने कहा है कि, यह समिति समय -समय पर निजी अस्पतालों में मरीजों के उपचार गतिविधियों का आकलन करने निरीक्षण करेंगें, साथ ही निजी अस्पतालों के संचालकों की आवश्यकतानुसार मासिक बैठक लेकर समीक्षा करेंगें। मरीजों का औचित्यपूर्ण दर पर इलाज की व्यवस्था बनाएंगे। इसी तरह की समिति विकासखंड मुख्यालय या अन्य नगरीय क्षेत्र के लिए भी गठित कराकर कार्य कराने के निर्देश दिए हैं। पत्र पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

 

12-09-2020
निर्धारित समय से पहले दुकान खोलने वाले दुकानदारों से वसूला जुर्माना

भिलाई। कोविड-19 के संक्रमण से बचाव को लेकर जारी जिला प्रशासन के आदेश और शासन के नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ नगर निगम के जोन-1 के राजस्व विभाग की टीम ने कार्रवाई की। निगम आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी ने ऐसे लोगों पर कार्यवाही करने के निर्देश दिए है। लापरवाही बरतने वाले दो दुकानदारों से 1-1 हजार सहित कुल दो हजार जुर्माना वसूला गया। जोन के सहायक राजस्व अधिकारी शरद दुबे ने बताया कि सुपेला हार्डवेयर लाइन में निर्धारित समय से पहले दुकान खोलने की शिकायत मिली थी। शिकायत की तस्दीक करने के लिए टीम सुबह 9.30 बजे हार्डवेयर लाइन सुपेला पहुंची तो दो दुकान का शटर खुला हुआ मिली। दोनों दुकानदार सामान को दुकान के बाहर निकालकर विक्रय करने की तैयारी में थे। दोनों दुकानदार के खिलाफ 1-1 हजार की चालानी कार्रवाई की गई।

दोनों को जिला प्रशासन के आदेशानुसार सुबह 11 बजे दुकान खोलने और शाम 7 बजे बंद करने की समझाइश दी गई। टीम में अरूण जांगड़े, मोहन वर्मा, यातराम चंद्राकर, कन्हैया यादव, मंगल जांगड़े, मान सिंह शामिल थे।यातायात बाधित कर पसरा लगाने वालों को दी गई समझाइश पंडित मोतीलाल नेहरू नगर चौक के आसपास सड़क किनारे अवैध रूप से लगाई जा रही सब्जी दुकान और फल ठेलों वालों को हटवाया गया। भविष्य में चौक के आसपास और रोड किनारे दुकान/पसरा नहीं लगाने की चेतावनी दी गई। कुछ फुटकर व्यापारी चौक के किनारे बांस-बल्ली से झोपड़ी बनाकर हरी सब्जियों और फलों के दुकान खोल लिए थे। उन्हें देखकर फल वाले हाथ ठेले को खड़े कर देते थे। वहां खरीददारी करने वालों की वजह से चौक की यातायात बाधित हो रही थी। कुछ लोग तो रहवासियों के गेट के सामने गाड़ी कर खरीदी करते थे। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

11-09-2020
कोविड केयर सेंटर में दिया गया दुर्गंध युक्त भोजन, नाराज मरीजों ने किया विरोध

रायपुर/रामानुजगंज। आरागाही कोविड-19 केयर सेंटर में बीती रात दुर्गंध युक्त भोजन दिए जाने से नाराज कोरोना पॉजिटिव मरीजों के द्वारा भोजन को लाकर आंगन में रख दिया गया एवं भोजन नहीं करने पर अड़ गए। इसकी सूचना सीएमएचओ एवं एसडीएम को लगी तो रात में 11 बजे गर्म भोजन कोरेना पॉजिटिव मरीजों को दिया जा सका। गौरतलब है कि जब से आरागाही में कोविड-19 केयर सेंटर बना है तब से ही कोरेना पॉजीटिव मरीजों के भर्ती होने के साथ ही लगातार मरीजों के द्वारा अत्यंत घटिया भोजन दिए जाने की शिकायत की जा रही है। इसी बीच बीती रात जब मरीजों को भोजन दिया गया तो उसमें से दुर्गंध आ रही थी। इसके बाद मरीज नाराज हो गए एवं भोजन को ला ला कर आंगन में रखने लगे। 

डीएवी के प्राचार्य ने बीती रात से भोजन का किया त्याग- 
डीएवी भवरमाल में पदस्थ प्रभाष चंद्र झा कोरेना पॉजीटिव पाए जाने के बाद कोविड-19 केयर सेंटर आरागाही में भेजा गया जहां भोजन बिल्कुल ठंडा मिलने से नाराज होकर झा ने बुधवार की रात से भोजन का त्याग कर दिया है। झा ने बताया कि यहां साफ -सफाई की व्यवस्था भी ठीक नहीं है। परिसर को सैनिटाइज भी नहीं किया जा रहा है यदि प्रशासन व्यवस्था नहीं कर सकती है तो हमें होम आइसोलेशन में भेजा जाए ताकि हम खुद अपना ख्याल अच्छे से रख सकें। 

भोजन रहता है बिल्कुल ठंडा- 
मरीजों ने आरोप लगाया कि भोजन बिल्कुल ठंडा दिया जाता है। कोरेना पॉजीटिव मरीजों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि भोजन देने में जमकर मनमानी की जा रही है। शिकायत के बाद भी इसमें सुधार नहीं किया जा रहा है। 

समय के चलते भी हो रही है समस्या- 
आरागाही कोविड-19 केयर सेंटर में दूरस्थ विकासखंड से भी कोरेना पॉजिटिव मरीज आ रहे हैं। यहां पर मरीजों के प्रवेश देने का समय दोपहर 1:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक है। ऐसे में जब मरीज देर से पहुंचते हैं तो भोजन की समस्या आती है। इस संबंध में विकासखड स्वास्थ्य अधिकारी डॉ कैलाश ने बताया कि दुर्गंध युक्त भोजन दिए जाने की सूचना कल रात में प्राप्त हुई थी जिसके बाद रात में 11 बजे गरम भोजन कोरेना पॉजीटिव मरीजों को दिया जा सका। इस संबंध में सीएमएचओ डॉ बसंत ने कहा कि पहले 90 एक मरीज पर 1 दिन का खाने का खर्च किया जा रहा था। वही अब 5 दिन में नया टेंडर हो जाएगा जिसके बाद 180 प्रतिदिन एक व्यक्ति के खाने पर खर्च किया जाएगा। डॉक्टर एवं अन्य स्टाफ भी वही भोजन करेंगे। कलेक्टर श्याम धावडे ने कहा कि आरागाही कोविड-19 केयर सेंटर के देखरेख की जिम्मेवारी एसडीएम रामानुजगंज को है तत्काल एसडीएम को निर्देशित करता हूं कि वहां की व्यवस्था को दुरुस्त करें।

10-09-2020
निजी अस्पतालों से आ रही शिकायतों पर कलेक्टर के सख्त निर्देश,कहा- व्यवस्था बेहतर करें

दुर्ग। निजी अस्पतालों के प्रबंधन कि लगातार आ रही शिकायतों को देखते हुए कलेक्टर डॉ.सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने गुरुवार को निजी अस्पताल के प्रबंधकों की बैठक ली। बैठक में कलेक्टर ने निजी अस्पताल प्रबंधकों को सख्त निर्देश दिए कि मरीजों के उपचार के मामले में किसी भी तरह की शिकायत आने पाने पर स्वास्थय विभाग की गाइड लाइन के मुताबिक कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रत्येक अस्पताल में रिफरल मरीज एवं डेड बॉडी मैनेजमेंट तथा अन्य मामलों में समन्वय के लिए एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी। नोडल अधिकारी अस्पताल प्रबंधन के साथ इस संबंध में समन्वय करेंगे ताकि मरीजों को और उनके परिजनों को किसी तरह की दिक्कत ना आए। रिफरल की स्थिति में अस्पताल प्रबंधन नोडल ऑफिसर को जानकारी देंगे। कलेक्टर ने कहा कि गंभीर मरीजों, बुजुर्ग मरीजों के इलाज में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रत्येक हॉस्पिटल में आइसोलेशन वार्ड पृथक से होंगे। कलेक्टर ने हाइटेक हॉस्पिटल में कोरोना मरीजों के इलाज के लिए 7 दिन का प्रतिबंध भी लगाया है। उन्होंने कहा कि सारी स्थिति की कड़ाई से मॉनिटरिंग की जा रही है। नोडल अधिकारियों से समन्वय कर सबसे अच्छा इलाज दें।

 

09-09-2020
एमआरपी से ज्यादा मूल्य पर दवा बेचने वालों की अब खैर नहीं,राजनांदगांव में मिल रही थी शिकायतें

रायपुर/राजनांदगांव। दवाईयों को एमआरपी से अधिक मूल्य पर बेचने पर सहायक औषधि नियंत्रक खाद्य व औषधि प्रसाधन विभाग को कार्रवाई करने के निर्देश दिए कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने। वर्तमान में कोरोना संक्रमण काल के दौरान सामान्यत: जनप्रतिनिधियों व जनसामान्य की ओर से शिकायतें प्राप्त हो रही है। मेेडिकल शॉप में दवाईयों को एमआरपी से अधिक मूल्य पर विक्रय किया जा रहा है। कलेक्टर वर्मा ने सहायक औषधि नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रसाधन विभाग राजनांदगांव को निर्देश दिए हैं कि वे अपने विभाग के निरीक्षकों की ओर से प्रतिदिन नगर के मेडिकल स्टोर्स का नियमित निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करें।

08-09-2020
अवैध कब्जाधारियों के आवासों में निगम ने लगाया ताला

दुर्ग। कलेक्टर जनदर्शन से मिली शिकायत के आधार पर  नगर पालिक निगम दुर्ग का राजस्व अमला,तहसीदार, पुलिस बल के साथ आईएचएसडीपी आवास में जबरन घुसे अवैध कब्जाधारियों वाले आवासों में निगम ने अपना ताला लगाकर सील कर दिया। यदि किसी के भी द्वारा सीलबंद ताला को तोड़ा या खोला जाता है तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्यवाही प्रस्तावित किया जावेगा । कार्यावाही के दौरान उपरोक्त आवासों को कब्जा करने वाले कोई भी व्यक्ति मौजूद नहीं मिला। कार्यवाही के दौरान पार्षद और प्रशासनिग और निगम का अमला उपस्थित था। उल्लेखनीय है कि जिला कलेक्टर जनदर्शन से शिकायत मिली थी कि उरला स्थित आईएचएसडीपी आवासों में अवैध लोगों ने जबरन कब्जा कर निवास कर रहे हैं। ऐसे लोगों की पतासाजी के लिए आयुक्त इंद्रजीत बर्मन के निर्देशानुसार निगम कर्मचारियों से सर्वे कराया गया। इसमें लगभग 55 लोगों का नाम सामने आया है,जिसमें से अधिकांश आवास आवंटितियों ने आवास आवंटन कर किराये पर दे रखा है उन आवासों में रहने वाले लोगों के द्वारा आये दिन तामाशा किये जाने की जानकारी आस-पास के लोगों ने दी।

इसके अलावा कुछ आवासों में कई लोग खाली होने पर स्वतः घुस गये हैं कुछ आवासों में दरवाजा खिड़की भी नहीं हैं फिर भी लोग जबरदस्ती अंदर रह रहे हैं। निगम कर्मचारियों ने ऐसे लोगों को चिन्हित कर सूची तैयार की। आयुक्त बर्मन के निर्देशानुसार मंगलवारक को कब्जाधारियों को आवास खाली कराने की दृष्टि से  27 बंद आवासों में निगम ने अपना ताला लगाकर तालाबंदी की ।  
निगम अधिकारियों ने बताया सर्वे के दौरान सभी अवैध कब्जाधारियों को आवास खाली करने सूचित किये जाने के साथ ही उनके आवास में नोटिस चस्पा किया गया निगम कार्यालय सूचना पटल पर तथा आईएचएसडीपी आवास के ब्लाक क्रं0 27 में नोटिस चस्पा किया गया है कि वे 15 दिवस के अंदर आवास के संबंध में अपना दावा-आपत्ति निगम में जमा करायें। 

 

07-09-2020
Video: गैस एजेंसी के कर्मचारियों को नौकरी से हटाया,कलेक्टर से की गई शिकायत

दुर्ग। जिले स्थित एक गैस एजेंसी के 14 कर्मचारियों को नौकरी से निकाले जाने का मामला सोमवार को कलेक्ट्रेट तक पहुंचा। हटाए गए कर्मचारियों द्वारा कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा गया। मामले में जानकारी देते हुए पीड़ित कर्मचारी ने बताया कि एजेंसी वर्षों से कार्यरत कर्मचारी अपने पीएफ और अन्य सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। इन बातों को लेकर जब उनके द्वारा मालिक से बात करनी चाही तो हमेशा आश्वासन मिला और आज तक उनकी मांग पूरी नहीं हुई और उल्टा उनके खिलाफ शिकायत भी की गई है। इस मामले को लेकर उन्होंने कलेक्टर सर्वेश्वर भूरे को ज्ञापन सौंपा है। आगे की कार्रवाई के लिए उन्हें आश्वासन दिया दिया गया है।

 

05-09-2020
Video : विकास उपाध्याय ने मुख्यमंत्री से की शिकायत,निजी अस्पतालों की मनमानी पर एक्शन लेने की मांग  

रायपुर। संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से निजी अस्पतालों  के मनमानी की शिकायत की है। उन्होंने निजी अस्पतालों की ओर से कोविड-19 मरीजों से मनमाने तरीके से पैसे वसूली करने की बात कही है। विकास उपाध्याय ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से आग्रह किया है कि वे वर्चुअल मीटिंग लेकर सभी निजी अस्पतालों के संचालकों को इस बाबत बात कर स्पष्ट हिदायत दें। उन्होंने कहा है कि छत्तीसगढ़ की जनता के साथ किसी तरह की लूट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस बात का ध्यान नहीं देने या मनमानी जारी रहने पर ऐसे अस्पतालों के लाइसेंस रद्द किए जाएं। विकास उपाध्याय ने ऐसे निजी अस्पतालों के संचालकों को स्पष्ट हिदायत दी है कि वे इस वैश्विक महामारी के समय मानवता का सही परिचय दें। विकास ने कहा है कि स्वास्थ्य सेवाएं देना किसी सामान बेचने जैसा नहीं है। ऐसा कर स्वास्थ्य सेवाएं देने वाले निजी अस्पताल के संचालक 'मेडिकल क्लीनिक कंज्यूमर प्रोटेक्शन ऐक्ट' का खुला उलंघन कर रहे हैं। 90 फीसदी पीड़ितों से लगातार ये शिकायतें मिल रही है कि, निजी अस्पतालों में कोरोना का डर दिखा कर उनसे मनमाने तरीके से लाखों रुपए वसूले जा रहे हैं।

कई मरीज तो ऐसे भी हैं, जो इन निजी अस्पतालों में महज 3 दिन की फीस 6 लाख रुपए तक चुकाए हैं। उन्होंने कहा है किस छत्तीसगढ़ में मरीजों की बढ़ोतरी हुई है,नतीजन सरकारी अस्पतालों में अब जगह नहीं है। मजबूरन प्रदेश भर के संक्रमित लोग अच्छे इलाज के आशा में रायपुर के निजी अस्पतालों का रुख कर रहे हैं। स्थिति ये है कि, अब इन अस्पतालों में कोविड-19 के अलावा अन्य बीमारी से ग्रसित लोग नहीं के बराबर ही हैं। इसका फायदा ये निजी अस्पतालों के संचालक भरपूर उठा रहे हैं। विकास ने कहा है कि अस्पताल मरीज या उसके परिजनों को केस से जुड़े सभी कागजात की फोटोकॉपी दे। ये फोटोकॉपी अस्पताल में भर्ती होने के 24 घंटे के भीतर और डिस्चार्ज होने के 72 घंटे के भीतर दी जानी चाहिए। पर ये भी नहीं किया जा रहा है। कई बार देखा गया है कि अगर अस्पताल का पूरा बिल न अदा किया गया हो तो मरीज को अस्पताल छोड़ने नहीं दिया जाता है। बाम्बे हाईकोर्ट ने इसे 'गैर कानूनी कारावास' बताया है। कभी-कभी अस्पताल बिल पूरा नहीं दे पाने की सूरत में लाश तक नहीं ले जाने देते।

03-09-2020
फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत करने वाला आरोपी गिरफ्तार

कोरिया। नागरिक एकता मंच की शिकायत पर गुरूवार को शहर के बिल्डर संजय अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया गया है। सिटी कोतवाली पुलिस ने धारा 420, 467, 468, 471 फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत व दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ करने के अपराध में आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। बता दें की वर्ष 2014 में ग्राम नगर निवेश कार्यालय के विकास अनुज्ञा के लिए नगर पालिका में फर्जी दस्तावेजों का उपयोग कर विकास अनुज्ञा प्राप्त किया गया था। इसकी शिकायत नागरिक एकता मंच अध्यक्ष संजय जायसवाल ने की थी। इस पर जांच के बाद आज बिल्डर संजय अग्रवाल को गिरफ्तार किया गया।

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