GLIBS
18-01-2020
जब 6 दिन प्रचार के बाद बदल गया प्रत्याशियों का चुनाव चिन्ह, बड़ी लापरवाही

कोंडागांव। पंचायत चुनाव में चुनाव चिन्ह आवंटन को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। मामला बडेराजपुर जनपद पंचायत क्षेत्र का है, जहां कई प्रत्याशियों का 6 दिन चुनाव प्रचार करने के पश्चात चुनाव चिन्ह ही बदल दिया गया है। इस अजीबोगरीब फैसले से प्रत्याशी सकते में आ गए हैं। खास बात यह है कि यह केवल एक दो नहीं बल्कि कई जगहों पर हुआ है, जिसमें सरपंच से लेकर जनपद पंचायत एवं वार्ड पंच तक के प्रत्याशियों के साथ ऐसा धोखा हुआ है। रिटर्निंग अधिकारी बडेराजपुर (विश्रामपुरी ) तहसीलदार एचआर नायक ने इसे स्वीकारते हुए बताया कि कहीं-कहीं त्रुटियां हुई थी जिसे कलेक्टर कोंडागांव की अनुमति से सुधारा जा रहा है। जनपद पंचायत बड़े राजपुर में भी गलती हुई है, जिसे कमिश्नर बस्तर संभाग की अनुमति से सुधारा जा रहा है।

जनपद पंचायत क्षेत्र क्रमांक 7 सलना में 9 जनवरी को चुनाव चिन्ह आवंटित किया गया, जिसमें जनपद सदस्य प्रत्याशी बंसी साहू, डी एस साहू, प्रभु लाल साहू एवं केशव सिंह ठाकुर कुल 4 प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित किया गया। इसमें रिटर्निंग अधिकारी ने तीसरे नंबर के प्रत्याशी प्रभु लाल साहू एवं चौथे नंबर के प्रत्याशी केशव सिंह ठाकुर के बीच पेंच फंसा दिया, जहां प्रभु लाल साहू को ट्रैक्टर छाप चुनाव चिन्ह मिलना था किंतु यह चुनाव चिन्ह केशव सिंह ठाकुर को दे दिया और प्रभु लाल साहू को झोपड़ी छाप दिया गया। मामला यहीं तक हो तो समझ आता है किंतु 6 दिन के चुनाव प्रचार एवं बैनर पोस्टर पाम्पलेट लगने के बाद एकाएक केशव सिंह ठाकुर को चुनाव कार्यालय जनपद पंचायत बड़ेराजपुर से 14 जनवरी की शाम 6 बजे फोन आया कि आप तत्काल चुनाव कार्यालय बड़े राजपुर पहुंचे। यह बहुत अर्जेंट है। तत्पश्चात वहां पहुंचने पर बताया गया कि आप लोगों को जो चुनाव चिन्ह आवंटित हुआ था, वह गलत हुआ है। आप का चुनाव चिन्ह बदलना पड़ेगा अब आपका ट्रैक्टर छाप की जगह झोपड़ी छाप होगा। यह सुनकर केशव सिंह ठाकुर जो कि अधिवक्ता एवं जनपद उपाध्यक्ष भी हैं, सकते में आ गये तथा उन्होंने कहा कि वह 6 दिन चुनाव प्रचार कर चुके हैं तथा इसमें उनकी कोई गलती नहीं है। इसलिए उसे ट्रैक्टर छाप में ही प्रचार करने का अवसर दें किंतु अधिकारियों ने उसे साफ तौर पर कह दिया कि अब तुम्हारा ट्रैक्टर छाप की जगह झोपड़ी छाप ही होगा। अब केशव सिंह ठाकुर के सामने कोई रास्ता नहीं बचा है। वह मतदाताओं से पूर्व में ट्रैक्टर छाप में वोट देने की अपील कर चुका है, उसे सुधारने में उसे कितनी सफलता मिलेगी यह तो चुनाव परिणाम ही बता पाएगा।

इसी प्रकार ग्राम पंचायत मारंगपुरी की सरपंच केशनबाई मरकाम ने 6 दिनों तक नारियल छाप पर प्रचार किया तत्पश्चात रिटर्निंग अधिकारी के द्वारा उन्हें सूचना दी गई कि उसे पूर्व में जो चुनाव चिन्ह मिला है, वह गलत है। जब रिटर्निंग अधिकारी के पास पहुंची तो केशन बाई को गिलास छाप थमा दिया। इसके पूर्व नारियल छाप के लिए प्रचार कर चुकी थी। ग्राम पंचायत बस्तर बुडरा में सरपंच पद के प्रत्याशी कमितला नेताम को गिलास छाप चुनाव चिन्ह मिला था। प्रत्याशी ने 6 दिन तक धुआंधार प्रचार-प्रसार किया तथा पंपलेट बैनर चिपकाए किंतु 6 दिन बाद उसे चुनाव चिन्ह बदलकर चश्मा छाप दे दिया गया। बांसकोट पंचायत में वार्ड क्रमांक 15 में पंच पद के कुल 4 प्रत्याशियों को 9 जनवरी को चुनाव चिन्ह आवंटित किया गया था। तब यहां एक प्रत्याशी आसकरण साहू को सीढ़ी छाप एवं दूसरे प्रत्याशी आत्माराम सिन्हा को गिलास छाप मिला था किंतु 6 दिन के प्रचार-प्रसार के बाद दोनों के चुनाव चिन्ह में अदला-बदली करने कहा गया है।

दुबारा भी कर दी गलती 
9 जनवरी को बांसकोट के वार्ड क्रमांक 15 में चुनाव चिन्ह आवंटन किया गया था। 6 दिन बाद गलती सुधार कर 15 जनवरी को पुन: नया चुनाव चिन्ह आबंटित किया गया किंतु इस बार भी बड़ी चूक किया गया है। जहां आस्करण साहू पहले नंबर पर होना चाहिए वहां आत्माराम सिन्हा को पहले नंबर दिया गया है। अब इसके बाद यह गलती कब सुधारा जाएगा इसे लेकर प्रत्याशी परेशान हैं। प्रत्याशियों में अब भी असमंजस बना हुआ है कि वे अब प्रचार करें या पुन: गलती सुधारकर फिर से एक बार चुनाव चिन्ह बदला जाएगा। प्रत्याशी परेशान हैं वे पाम्पलेट, बैनर एवं नकली मतपत्र तक बांट चुके हैं। अब चुनाव चिन्ह बदलने से पूरा मामला ही बिगड़ जाएगा। मामले को लेकर एक प्रत्याशी ने न्यायालय की शरण लेने की बात कही है।

 

 

10-01-2020
चुनाव चिन्ह आबंटन के साथ ही क्षेत्र में पंचायत चुनाव की सरगर्मियां हुई तेज

मुंगेली। 9 जनवरी को नाम वापसी की आखरी तारीख होने के साथ ही इसी दिन चुनाव चिन्ह का आवंटन भी किया गया। नाम वापसी के बाद त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में लड़ने वाले प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी कर दी गई। जिला मुख्यालय से जारी की गई सूची के अनुसार जिले की कुल 12 जिला पंचायत क्षेत्रों के लिये कुल 80 नामांकन दाखिल किया गया था। 14 अभियाथियो के नाम वापस लेने के बाद अब कुल 66 प्रत्याशी अब मैदान में है। जो इस चुनाव में अपना भाग्य अपना रहे हैं। इसके साथ ही जनपद पंचायत, सरपंच और पंच पद के प्रत्याशियों की सभी सूची जारी करने के साथ साथ सभी प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आबंटित कर दिया गया है। मौसम खुलते ही कड़ाके की ठंड में प्रत्याशियों ने प्रचार शुरू कर दिया। ग्रमीण क्षेत्रों  में चुनावी सरगर्मियां तेज होने लगी हैं। पेंटर को मिलेगा रोजगार-बैनर पोस्टर बनाने वालों के साथ साथ पेंटर लोग भी सक्रिय दिखने लगे हैं। प्रिंटिंग प्रेस की दुकानों में प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की भीड़ अपने प्रत्याशियों के बैनर, पोस्टर, पाम्पलेट छपवाने की जुगत में घण्टो इंतजार में बैठने लगे हैं, ताकि उनके समर्थित प्रत्याशियों के जोर शोर से प्रचार किया जा सके।

 

07-12-2019
नामांकन के बाद शुरू हुआ स्कूटनी का कार्य, 6 प्रत्याशियों का नामांकन किया गया रद्द

रायपुर। नगरीय निकाय चुनाव के लिए नामांकन की तिथि खत्म हो गई है। इस नगरीय निकाय चुनाव में 151 निकायों के 2 हजार 840 वार्डों पर चुनाव होना है । इस बार पुरे प्रदेश में 12 हजार 192 प्रत्याशियों ने नामांकन भरा है। सबसे ज्यादा प्रत्याशी रायपुर जिले से है। राजधानी में कुल 1184 प्रत्याशीयों ने रायपुर जिले से नामांकन डाझिल किया है। नामांकन दाखिल करने के बाद आज स्कूटनी की जा रही है। स्कूटनी में रायपुर नगर निगम के 6 प्रत्याशियों का नामांकन रद्द हो गया है। रायपुर नगर निगम में पार्षद पद के लिए 1184 प्रत्याशी मैदान में है। इन प्रत्याशियों में कांग्रेस, भाजपा और निर्दलीय शामिल है जो चुनाव लड़ेंगे। नाम वापसी की अंतिम तारीख 9 दिसंबर है। 9 दिसंबर को निर्वाचन आयोग की ओर से चुनाव चिन्ह का आवंटन होगा।

21-11-2019
इन तीन दलों को मिली बड़ी राहत, निर्वाचन आयोग ने टाला राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा वापस लेने का फैसला

नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने भाकपा, तृणमूल कांग्रेस और राकांपा को दी गई राष्ट्रीय पार्टी की मान्यता वापस लेने के अपने फैसले को टाल दिया है। मई 2019 में हुए लोकसभा चुनावों में इन दलों के खराब प्रदर्शन के मद्देनजर यह फैसला लिया जाना था। सूत्रों के अनुसार इन दलों ने अपनी याचिका में चुनाव आयोग से कहा था कि आने वाले दिनों में लगातार विभिन्न राज्य विधानसभाओं के चुनाव होने हैं, जिसमें निश्चित रूप से उनके प्रदर्शन में सुधार होगा। निर्वाचन आयोग ने याचिका को स्वीकार कर लिया है और निर्णय को टाल दिया है। “राष्ट्रीय पार्टी” की मान्यता पाने के लिए जरूरी है कि उस दल को कम से कम चार राज्यों में “राज्य पार्टी” का दर्जा हासिल हो। चुनाव चिन्ह (आरक्षण और आवंटन) आदेश, 1968 के अनुसार किसी राजनीतिक दल को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा तभी दिया जाएगा जबकि लोकसभा या विधानसभा चुनावों के दौरान उसके प्रत्याशियों को चार या अधिक राज्यों में कुल मतदान का कम से कम छह प्रतिशत वोट मिला हो। इसके अलावा उस दल के पास कुल लोकसभा सीटों के मुकाबले कम से कम दो प्रतिशत सीटें होनी चाहिए और उसके उम्मीदवार कम से कम तीन राज्यों से होने चाहिए। तीनों दलों ने चुनाव आयोग से कहा कि वे काफी पुराने दल हैं और राष्ट्रीय राजनीति में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसलिए उनका दर्जा हाल के चुनावी प्रदर्शन पर आधारित नहीं होना चाहिए।

 

10-11-2019
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष मोहन मरकाम नगरीय निकायों चुनाव को लेकर कर रहे बैठक

पखांजूर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम नगर पालिका परिषद के चुनावों के लिए कार्यकर्ताओं के साथ बैठक किया था। इसके लिए वे संभावित प्रत्याशियों से बातचीत भी किए हैं। इस दौरान आमापारा वार्ड क्रमांक 7 से पार्षद पद की अपेक्षित प्रत्याशी शशि तिवारी ने उनसे बात की और आमापारा की मुख्य जरूरतों पर चर्चा की। शशि तिवारी ने मोहन मरकाम से कांकेर एवम आमापारा के विकास के संबंध में चर्चा की एवं पार्षद पद के लिए आमापारा से आवेदन सौंपा। उन्होंने चर्चा में दो साल से उनके द्वारा बनाए गए विकास के प्लान के बारे में भी चर्चा की। इस बार निकाय चुनाव में कांग्रेस से आमापारा वार्ड के लिए किसी नए चेहरे को टिकट मिलने की संभावना जताई जा रही है। शशि तिवारी से पूछे जाने पर उन्होंने कांग्रेस को पहली पसन्द बताया और किसी अन्य चुनाव चिन्ह या निर्दलीय टिकिट पर चुनाव लड़ने से भी इंकार किया। उन्हें पूरा विश्वास है कि कांग्रेस से टिकट मिलेगा। 

 

12-12-2018
छत्तीसगढ़वासियों ने ऐतिहासिक जनादेश दिया है, 2 माह पहले मिले चुनाव चिन्ह के दम पर 7 सीटें जीतीं : अजीत जोगी 

रायपुर। छत्तीसगढ़वासियों ने आज हमारे प्रति एक ऐतिहासिक जनादेश दिया है। छत्तीसगढ़ में जहां हमेशा यह माना जाता रहा कि क्षेत्रिय दल का कोई अस्तित्व नही है, वहां हमने चुनाव के केवल दो माह पूर्व मिले चुनाव चिन्ह के बल पर 7 सीटें जीतीं। यह बातें जनता कांग्रेस सुप्रीमो अजीत जोगी ने कहा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में इसके पूर्व भी कांग्रेस और भाजपा के दो वरिष्ठ और कद्दावर नेताओं ने क्षेत्रीय राजनीति का प्रयास किया और विफल रहे। वहीं प्रदेश के ढाई करोड़ लोगों ने केवल दो वर्ष पूर्व बनी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) एवं बसपा महागठबंधन को 7 सीटें देकर छत्तीसगढ़ में एक ऐतिहासिक शुरूआत की नींव रखी है। 7 सीटों पर प्रचंड बहुमत से जीतने के अलावा हम कई सीटों पर दूसरे नंबर पर हैं। क्षेत्रीय दल के गठन के इतने अल्प समय में यह अपने आप में एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। छत्तीसगढ़ विधानसभा के उत्साहवर्धक नतीजों ने महागठबंधन के लिए आने वाले लोकसभा चुनाव के लिए मजबूत जमीन तैयार कर दी है। हम नई सरकार को बधाई देते हैं। छत्तीसगढ़ के हितों को साधने हम नई सरकार के साथ मिलकर काम करेंगे वहीं सरकार की जनविरोधी नीतियों का विरोध कर एक सकारात्मक और जनप्रिय विपक्ष की भूमिका निभाएंगे।

Advertise, Call Now - +91 76111 07804