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15-10-2019
मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अधिकारियों ने घर-घर ढूंढा मानसिक रोगी

धमतरी। मनोरोग कोई अभिशाप नहीं है बल्कि सामान्य शारीरिक रोगों की तरह ही एक मानसिक अस्वस्थता है, जो समय पर इलाज कराने पर ठीक हो सकती है। समाज में लाख कोशिशों के बाद भी आज मानसिक रोग से ग्रसित व्यक्ति को पागल ही समझा जाता है। समाज की इस मिथ्या को धमतरी जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अधिकारियों ने तोड़ा है। एक अनूठी पहल करते हुए जिले में घर-घर भ्रमण कर मानसिक रोगों से ग्रसितों की पड़ताल जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत की गई। मनोचिकित्सक मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम डॉ. सुचिता गोयल के अनुसार जिले में मनोरोग या मानसिक अस्वस्थता से पीडि़तों को खोजने के लिए अप्रैल 2019 से जून 2019 तक घर-घर भ्रमण किया गया। जिले के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के घरों में सर्वे कर विभिन्न मानसिक विकारों से ग्रसित लोगों की पहचान की गई। इस दौरान 250 घरों का भ्रमण किया गया जिनमें लगभग 100 मानसिक रोगियों की पहचान हुई। इनमें बच्चों से लेकर उम्रदराज लोग भी शामिल थे। इन्हें बेहतर इलाज के जिला अस्पताल और स्पर्श क्लीनिक रेफर किया गया। जिन्हें काउंसिलिंग की जरूरत थी उन्हें काउंसिलिंग भी दी जा रही है। 

ज्यादातर नशाखोरी और अवसाद ग्रसित
जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम नोडल अधिकारी डॉ. जेएस खालसा के मुताबिक डोर टू डोर सर्वे में कुल 250 घरों का भ्रमण किया गया। टीम ने प्रत्येक घर के लोगों की जानकारी ली। साथ ही उन्हें मानसिक बीमारियों के बारे में भी बताया। डॉ. खालसा के अनुसार ज्यादातर मरीज नशाखोरी की वजह से अवसाद, तनाव से ग्रस्त मिले। बच्चों में भी एन्गजाइटी या मानसिक रोग देखने को मिला। 

जागरुकता ने बढ़ाई ओपीडी में संख्या
सीएमएचओ धमतरी डॉ. डीके तुर्रे ने बताया कि जिले में मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के संचालन के बाद से लोगों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरुकता बढ़ी है। यही वजह है कि जिला अस्पताल के ओपीडी  में विभिन्न तरह की मानसिक रोगियों की संख्या बढ़ी है। प्रति सप्ताह मानसिक स्वास्थ्य की ओपीडी लगती है जिसमें औसतन 40-45 व्यक्ति तनाव, अवसाद, अनिद्रा  जैसी मानसिक बीमारियों से पीडि़त होते हैं।

800-850 प्रतिमाह पहुंच रहे अस्पताल
डॉ. जेएस खालसा ने बताया प्रदेश में 2014-15 में जब मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम शुरू हुआ था तब केवल 11 जिलों में उक्त कार्यक्रम संचालित हो रहे थे। इनमें धमतरी 11वां जिला था। मगर अब स्थिति यह है कि जिले में मानसिक रोग विशेषज्ञ भी हैं और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति लोग जागरूक होकर अस्पताल भी पहुंच रहे हैं। यही वजह है कि ओपीडी में भी मानसिक बीमारों की संख्या में इजाफा हुआ है। हालात यह है कि एक माह में विभिन्न मानसिक बीमारियों से पीडि़त लगभग 800 से 850 मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। जिनका इलाज जिला अस्पताल, स्पर्श क्लीनिक और अन्य काउंसिलिंग के माध्यम से किया जा रहा है। डॉ. खालसा के मुताबिक मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के प्रति जागरुकता की वजह से लोग अब मानसिक बीमारी को छुपाते नहीं, बल्कि उसका इलाज करवा रहे हैं।

 

14-10-2019
बेटियों के विकास के लिए जागरुकता जरूरी : किरण मोईत्रा

बीजापुर। बीजापुर कलेक्टर केडी कुंजाम के निर्देशानुसार जिले के सभी विकासखण्डों भैरमगढ़, बीजापुर, आवापल्ली एवं भोपालपटनम में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ संबंधी जन जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आज ग्राम पंचायत नैमेड़ में हाट-बाजार स्थल पर कठपुतली नृत्य के माध्यम से जागरुकता कार्यक्रम रखा गया। इस दौरान कठपुतली नाट्य कला मंच की सचिव किरण मोईत्रा ने बताया कि बेटियों की शिक्षा एवं विकास के लिए जागरुकता बहुत जरूरी है। आज बेटियां किसी से कम नहीं हैं, वे हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हंै। हमें बेटियों की शिक्षा एवं स्वास्थ्य पर  विशेष ध्यान देना होगा।
महिला एवं बाल विकास विभाग अधिकारी लूपेन्द्र महिनाग ने बताया कि बीजापुर जिले में बेटियां किसी से कम नहीं हंै। आज गंगालूर जैसे दूरस्थ ग्राम पंचायत से अरुणा पुनेम जैसी प्रतिभावान बालिका निकल रही है जो एक अंतरराष्ट्रीय, 5 राष्ट्रीय एवं 15 राज्यस्तरीय साफ्टबाल खेल में अपनी प्रतिभा दिखा चुकी हैं। अरुणा पुनेम  फिलीपींस में अंतरराष्ट्रीय खेल पर भारत का प्रतिनिधित्व भी कर चुकी हं। हमारी क्षेत्र की बेटियां लगातार प्रवीण्य सूची में स्थान बना रही हंै जो गौरवपूर्ण उपलब्धि है। कलेक्टर केडी कुंजाम के निर्देशानुसार स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के समन्वय से 1000 में 1000 बाल लिंगानुपात के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर समाज में जागरुकता एवं विभाग द्वारा प्रयास किया जा रहा है।

 

11-10-2019
बेटियों की शिक्षा व विकास के लिए जागरुकता जरूरी : विधायक नायक

रायगढ़। अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान अंतर्गत आज सृजन सभाकक्ष में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अपने उद्बोधन में विधायक प्रकाश नायक ने कहा कि बेटियों की शिक्षा एवं विकास के लिए जागरुकता बहुत जरूरी है, इस दिशा में निरंतर सराहनीय कार्य किए जा रहे है। हाल ही में कलेक्टर के नेतृत्व में जिले को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के लिए दो राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुए हैं, जिसके हकदार आप सभी हैं। उन्होंने कहा कि बेटियां किसी से कम नहीं है, उनमें बहुत ताकत व जज्बा है और कुछ करने की ललक है। बेटियां लगातार प्रावीण्य सूची में भी स्थान बना रही हैं जो गौरवपूर्ण उपलब्धि है, जिसमें प्रशासन का बड़ा योगदान है। कलेक्टर यशवंत कुमार ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग के समन्वित प्रयासों ने नया कीर्तिमान रचा है। 1000 में 950 से अधिक बाल लिंगानुपात दर्ज किया गया है। आदर्श स्थिति 1000 में 1000 की होती है, लेकिन इसे पूर्णत: सही करने में अभी वक्त लगेगा।  शीघ्र ही हम 1000 में 1000 बाल लिंगानुपात के लक्ष्य को प्राप्त करने में सफल हो जायेंगे, तभी समाज संतुलित होगा। उन्होंने कहा कि बालिकाओं को भी समान अधिकार मिले, इसके लिए आवाज उठाएं। किसी प्रकार की असामानता एवं अन्याय होने पर सखी सेंटर में शिकायत कर सकते हैं। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। जिनमें उद्घोषक प्राचार्य राजेश डेनियल, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के न्यूज कव्हरेज के लिए उप संचालक जनसंपर्क डॉ. उषा किरण बड़ाईक को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इसी तरह बालिका शिक्षा के विकास हेतु विशेष प्रयास के लिए शा.प्रा.कन्या आश्रम पानीखेत घरघोड़ा, शा.प्रा.शाला घरघोड़ा, शा.प्रा.शाला सरईभदर पुसौर, शा.प्रा.शाला कन्या किरोड़ीमलनगर, शा.प्रा.शाला जोबी खरसिया, शा.मा.शाला कन्या घरघोड़ा, शा.मा.शाला कुंजेमुरा तमनार, शा.मा.शाला कोलम तमनार, शा.मा.शाला कन्या लैलूंगा के प्रधान पाठक एवं शा.उच्च.माध्य.विद्यालय झलमला पुसौर के प्राचार्य को नगद राशि से पुरस्कृत किया गया। इसी तरह प्रावीण्य सूची में आने वाले बालिकाओं को 5-5 हजार रुपए की नगद राशि से पुरस्कृत किया गया है, जिनमें निशा पटेल,  रानी भगत,  भावना पटेल,  अरपना गुप्ता, डिम्पल टंडन,  वर्षा साव, रोशनी साव,  संगीता यादव,  संगीता यादव,  किरण साहू,  भारती पटेल,  दिव्या पटेल,  बिंदिया चौधरी,  सीमा प्रधान,  करीना सामल, श्रद्धा पटेल, सीमा पाव, रचना बारिक, सुनीति प्रधान, रंजना निषाद, जज्ञसेनी बरिहा, सारती प्रधान, आरती गुप्ता, वैभवी तिवारी एवं सीमा भोय शामिल है। इसी तरह स्वास्थ्य विभाग द्वारा विभिन्न प्रतियोगिता में चयनित प्रतिभागी तथा स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी, आंगनबाड़ी सहायिका एवं कार्यकर्ता, पर्यवेक्षक को भी सम्मानित किया गया। साथ ही उत्कृष्ट दुर्गा पंडाल के लिए खरसिया हमालपारा को सम्मानित किया गया।

 

25-09-2019
अस्पताल खुद चलकर पहुंच रहा मरीजों के पास

दुर्ग। गवर्नेंस का एक मॉडल ऐसा होता है जिसमें नागरिक शासकीय संस्थाओं में पहुंचकर सेवाओं का लाभ लेते हैं। एक ऐसा माडल भी होता है जिसमें कोशिश की जाती है कि अधिकारी खुद लोगों तक पहुंचे, उनसे शासकीय सेवाओं से जुड़े फीडबैक लें, एवं उनकी समस्या हल करें। दुर्ग जिले में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशानुरूप प्रशासन मौके पर पहुंचकर लोगों को सेवाएं प्रदान करने की दिशा में कार्य कर रहा है। दीगर विभागों के साथ ही हेल्थ में भी इस पहल को अपनाया गया है। जिले में इसकी मिसाल स्लम एरिया में कार्य कर रही मोबाइल मेडिकल यूनिट हैं। स्वास्थ्य विभाग की निरंतर समीक्षाओं में यह बात सामने आई कि स्वास्थ्य के मामले में रिस्पांस टाइम बेहद अहम है। मसलन कोई स्वास्थ्यगत समस्या प्रारंभिक रूप से पनपती है और इसकी उपेक्षा की जाए तो धीरे-धीरे बढऩे लगती है। सही समय पर यह पकड़ में आ जाए तो इसे पूरी तरह से ठीक भी किया जा सकता है और नियंत्रित भी किया जा सकता है। अक्सर लक्षण गंभीर होने पर ही लोग अस्पतालों में चेकअप के लिए जाते हैं। स्लम एरिया में जहां जागरुकता की कमी है वहां यह पाया जाता है कि कई बार मरीज प्रारंभिक रूप से समस्या की उपेक्षा कर देते हैं और समस्या गंभीर होने पर इसका इलाज मुश्किल हो जाता है। मोबाइल मेडिकल यूनिट के कार्य करने से इस दिशा में लोगों का चिन्हांकन करना आसान हो गया है। मौके पर ही टेस्ट, वहीं पर दवाइयां- मोबाइल मेडिकल यूनिट में चिकित्सक के साथ ही लैब टेक्निशियन, फार्मासिस्ट एवं एएनएम होती हैं। ये लोगों को हेल्थ चेकअप के लिए प्रेरित करते हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. गंभीर सिंह ठाकुर ने बताया कि बीपी, शुगर, एनीमिया जैसी बीमारियों का चिन्हांकन इससे आसान हो जाता है। कभी-कभी यह होता है कि लोग सामान्य स्वास्थ्य जांच के लिए आते हैं और उनकी एनीमिया या डायबिटीज जैसी समस्या का पता चल जाता है। फिर इसका इलाज शुरू हो जाता है। डा. ठाकुर ने बताया कि जल्द चिन्हांकन से इलाज आसान हो जाता है। मोबाइल मेडिकल यूनिट स्वास्थ्य जागरूकता के लिए भी कार्य करती हैं। ये विभिन्न बीमारियों से बचने के संबंध में एवं ऐसी बीमारियां हो जाने पर रखी जाने वाली सावधानियों के संबंध में पैंफलेट आदि भी वितरित करती हैं। डाक्टर ठाकुर ने यह भी बताया कि मेडिकल टीम के माध्यम से हमें उस क्षेत्र से जुड़े फीडबैक भी मिलते हैं। किसी खास तरह के रोगों के मरीजों की संख्या का चिन्हांकन होने से इसे पूरी तरह से क्षेत्र में समाप्त करने के लिए कार्ययोजना बनाने में आसानी होती है।

अगस्त माह में 5601 मरीजों ने कराया इलाज
अगस्त में निगम क्षेत्रों में पांच हजार छह सौ एक मरीजों ने अपना इलाज मोबाइल मेडिकल यूनिटों के माध्यम से कराया। भिलाई में 36 जगहों पर मोबाइल मेडिकल यूनिट गई और 1843 मरीजों का इलाज किया। चरौदा में 24 जगहों पर यूनिट गई और यहां 2042 मरीजों का इलाज किया। दुर्ग में 21 जगहों पर मोबाइल मेडिकल यूनिट गई और 1716 मरीजों का इलाज किया। 

19-09-2019
महिला एवं बालिका सुरक्षा जागरुकता कार्यशाला में शक्ति टीम व जिला पुलिस का सम्मान

धमतरी। महिलाओं और बालिकाओं के साथ अपराध रोकने के लिए महावीर इंटरकॉन्टिनेंटल सर्विस ऑर्गनाइजेशन, पद्मावती महिला शाखा एवं जिला पुलिस अधीक्षक बालाजी रॉव के निर्देश में शक्ति टीम के संयुक्त तत्वावधान में महिला एवं बालिका सुरक्षा जागरुकता कार्यशाला का आयोजन विजडम स्कूल धमतरी में किया गया। शक्ति टीम प्रभारी सुबेदार रेवती वर्मा ने बताया कि टीम के व्हाट्सएप ग्रुप में किसी भी महिला के साथ कोई भी घटना हो तो उसमें वो शेयर कर सकती है। रेवती वर्मा ने गुड टच, बैड टच, छेडख़ानी से बचाव आदि की जानकारी दी। शिक्षाप्रद लघु फिल्म भी दिखाई गई। इसके अलावा चेतना अभियान, यातायात के नियमों के बारे में छात्र-छात्राओं को अवगत करवाया गया। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक धमतरी बालाजी राव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनीषा ठाकुर,  महिला आरक्षक शबा मेनन, जागृति शर्मा, तनुजा कंवर, त्रिवेणी ध्रुव तथा विजडम स्कूल के संचालक का सम्मान किया गया। अध्यक्ष सुशील नाहर ने कहा कि महिलाओं एवं बच्चों को संबल व सुरक्षा प्रदान करने वाली संस्था का सम्मान व सहयोग हम सबको करना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय महासचिव लोकेश कावडिय़ा ने जिले में अमन व शांति बनाए रखने वाले जिला प्रशासन की पूरी टीम को शुभकामनाएं दीं। सचिव जानकी गुप्ता ने आभार प्रकट करते हुए कहा कि पुलिस प्रशासन अपने सुख-सुविधाओं का त्याग कर हमारी सेवा के लिए आठों प्रहर खड़ा है। कार्यक्रम में उपाध्यक्ष नमिता चौरडिय़ा, कोषाध्यक्ष अलका जैन, रागिनी जैन, लक्ष्मी कांकरिया, अपेक्षा लोढ़ा, कविता लोढ़ा, संजना जैन, संजू जैन, अन्नू जैन आदि उपस्थित थे। 

 

13-09-2019
स्वच्छता व साक्षरता जागरुकता के लिए रासेयो ने निकाली महारैली

रायपुर। राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर द्वारा आज स्वच्छता पर जागरुकता अभियान एवं साक्षरता जागरुकता हेतु वृहद महारैली का आयोजन किया गया । इस रैली में विश्वविद्यालय के 250 स्वयंसेवकों  के अलावा शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय जोरा के लगभग 2005 छात्र-छात्राएं शामिल हुए। इसके पश्चात स्वामी विवेकानंद संगोष्ठी का आयोजन किया गया । कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अधिषठाता, छात्र कल्याण डॉ  (मेजर) जीके श्रीवास्तव तथा विशिष्ट अतिथि डॉ एसएस राव,  कृषि महाविद्यालय रायपुर थे। कार्यक्रम का संचालन डॉ पीके सांगोडे कार्यक्रम अधिकारी एवं डॉ सुबूही निषाद  ने आभार व्यक्त किया।

 

04-06-2019
महिला जागरुकता के विषय पर रायपुर पुलिस करेगी फेसबुक लाइव

रायपुर। पिछले बुधवार सोशल मीडिया में शुरू की गई पहल की सफलता और लोगों की सहभागिता को देखते हुए इस बार रायपुर पुलिस द्वारा फिर फेसबुक लाइव के माध्यम से जनता से संवाद करेगी। इस कार्यक्रम को रायपुर पुलिस के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आरिफ शेख के मार्गदर्शन में आरंभ किया गया है। 5 जून शाम 4 बजे इस कार्यक्रम की दूसरी कड़ी का आयोजन किया जाएगा, जिसमें मुख्य रूप से महिला जागरुकता के विषय पर बातचीत की जाएगी। कार्यक्रम का उद्देश्य है कि जनता से सीधा संवाद करना और ज्यादा से ज्यादा उनके अधिकारों के बारे में जानकारी देना।
रायपुर पुलिस द्वारा फेसबुक लाइव कार्यक्रम का नाम Ask Raipur Police रखा गया है, जिसके माध्यम से जनता #AskRaipurPolice हैशटैग लगाकर सीधे अपने सवाल पुलिस अधिकारियों से पूछ सकती है। पिछली कड़ी में इस प्लेटफॉर्म को हर विषय के लिए रखा गया था लेकिन लोगों की इसमें भागीदारी और रूचि को देखते हुए इसे इस बार विशेष विषय पर आयोजित किया जा रहा है और आगे भी इसा ही करने की योजना बनाई जा रही है। रायपुर पुलिस के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आरिफ शेख ने इस कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया के प्रभाव से कोई भी खुद को इससे अलग नहीं रख पाया है। आज हर वर्ग के लोग सोशल मीडिया का इस्तेमाल करता है और यही सबसे अच्छा तरीका है उनसे बातचीत करने का। फेसबुक लाइव के माध्यम से हम जनता से उनके सवाल लेकर उसका त्वरित समाधान निकालने का प्रयास करते हैं। इस कार्यक्रम के माध्यम से लोग हमें कई तरह के सुझाव भी भेजते हैं जिनपर हम विचार करके उसे लागू करने का प्रयास भी कर रहे हैं। 

19-05-2019
लोकतंत्र के महाकुंभ में 37 दृष्टिहीन महिलाओं ने किया मतदान, दिया संदेश

 

इंदौर। लोकसभा चुनाव के सातवें और अंतिम चरण के बाद मतदान का दौर थम जाएगा। ऐसे में दिव्यांग महिलाओं ने मतदान के इस महाकुंभ में एक संदेश दिया है। इंदौर के स्कीम 114 में ग्रीन फील्ड स्कूल के बूथ क्रमांक 102 में एक साथ 37 दृष्टिहीन महिलाओं ने वोट डाला। इन महिलाओं ने मतदान के प्रति जागरुकता का संदेश दिया। दिव्यांग महिलाओं ने कहा कि वह देश के विकास के लिए लोकतंत्र के इस पर्व में हिस्सा लेने आई हैं। उनका मानना है कि यह देश के हर नागरिक की जिम्मेदारी भी है और अधिकार भी कि वह वोट करे और अपना प्रतिनिधि चुने।  दृष्टिहीन इन महिलाओं के मतदान करने की हर तरफ चर्चा है और लोग इन महिलाओं के इस कदम की तारीफ कर रहे हैं। 
बता दें कि मध्य प्रदेश की 8 लोकसभा सीटों पर मतदान हो रहे हैं। इसमें इंदौर, देवास, उज्जैन, मंदसौर, रतलाम, धार, खरगोन और खंडवा शामिल हैं।

15-04-2019
कमिश्नर चुरेंद्र ने मतदाता जागरुकता बाइक रैली को दिखाई हरी झण्डी

 रायपुर। मतदाता जागरुकता अभियान के तहत प्रतिदिन आयोजित होने वाले लोकसेवकों की बाइक रैली को सोमवार को कमिश्नर जीआर चुरेंद्र ने हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। बाइक रैली का नेतृत्व जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और स्वीप के नोडल अधिकारी डॉ गौरव कुमार सिंह ने किया। रैली घड़ी चौक, मोतीबाग, कालीबाड़ी, सप्रे स्कूल होते हुए बूढ़ा तालाब उद्यान में समाप्त हुई। सुबह भ्रमण में निकले नागरिकों को मतदान शपथ दिलाई गई। इस बाइक रैली में शामिल लोक सेवक 18 अप्रैल को सुबह 8 बजे अनुपम उद्यान स्थित नेकी की दीवार जाएंगे और वहां सभी अपनी ओर से नेकी का मतदान जागरुकता कार्यक्रम के तहत खुद के घरों से लाए खेल सामग्री, कपड़े व अन्य जरूरी सामान भेंट कर 23 अप्रैल को मतदान करने के लिए शपथ दिलाएंगे।

 

 

15-04-2019
स्वीप रैंप वॉक, स्वीप सलाद एवं स्वीप मिठास प्रतियोगिता कल

रायपुर। मतदाताओं को मताधिकार के लिए जागरूक करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा संचालित मतदाता जागरुकता कार्यक्रम 'मोर रायपुर वोट रायपुर' के अतंर्गत मंगलवार 16 अप्रैल को संध्या 5 बजे कटोरा तालाब उद्यान में स्वीप रैंप वॉक, स्वीप सलाद प्रतियोगिता तथा स्वीप मिठाई प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। स्वीप प्रभारी डॉ. गौरव कुमार सिंह ने बताया कि इन प्रतियोगिताओं के आयोजन के माध्यम से मतदाताओं को 23 अप्रैल को होने वाले निर्वाचन में मतदान अवश्य करने का संदेश दिया जाएगा।

10-04-2019
मतदान जागरुकता को लेकर महिलाओं ने बनाई मानव शृंखला

रायपुर। लोकसभा चुनाव में शत-प्रतिशत मतदान कराने आयोजित मतदान जागरुकता कार्यक्रमों में महिलाएं विशेष रुचि ले रही हैं। रायपुर जिले के बेनीडीह पंचायत आरंग  में महिलाओं ने मानव शृंखला बनाई। उन्होंने पंचायत भवन में रंगोली बनाई और शत-प्रतिशत मतदान कराने का संकल्प भी लिया।

रायपुर लोकसभा में 23 अप्रैल को मतदान होना है। मोर रायपुर वोट रायपुर के तहत मतदाताओं को लोकतंत्र में उनके वोट के महत्व को बताया जा रहा है। कलेक्टर व जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ बसवराजु एस. एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी व स्वीप के नोडल अधिकारी डॉ गौरव कुमार सिंह के मार्गदर्शन में जिलेभर के हर पंचायतों में जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, बीएलओ, स्वसहायता समूह की महिलाएं, विभिन्न सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता बढ़-चढ़कर कर हिस्सा ले रहे हैं।

16-01-2019
Bagbahara : बागबाहरा के स्कूलों में किया गया जागरुकता कार्यशाला का आयोजन

महासमुंद। महासमुन्द पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंग के दिशा-निर्देशन व उप पुलिस अधीक्षक के वेदव्रत सिरमौरी के मार्गदर्शन में हमर पुलिस हमर संग के बैनर तले थाना प्रभारी राजीव नाहर व सब इन्स्पेक्टर सुधांशु बघेल के नेतृत्व में लालपुर, बागबाहरा, बोकरामुड़ा, घुचापाली, बकमा, खोपली, बिहाझार,  खुसरूपाली, सुखरीडबारी के स्कूलों सहित कस्तूरबा छात्रावास बागबाहरा व एससी एसटी छात्रावास बागबाहरा में विशेष जागरुकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में अन्नू भोई एवं पुलिस बालमित्र रोशना डेविड ने लगभग 1680 बालिकाओं को आत्मसुरक्षा की ट्रेनिंग दी। बालमित्रों ने बालिकाओं को पुलिस को अपना मित्र बानकर उनका सहयोग कर अपराध से दूर रहकर शिक्षा पूरी करने की अपील की। उन्होंने गुड़ टच बैड टच, साइबर धोखाधड़ी, ऑनलाइन ठगी, यातायात सुरक्षा नियमों आदि की जानकारी दी।

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