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06-01-2021
रेलवे ने यात्रियों को दी बड़ी राहत,अब यात्रा के दिन से 9 माह  के भीतर रिफंड पा सकेंगे यात्री

रायपुर। भारतीय रेलवे की ओर से कोरोना वायरस (कोविड-19) को फैलने से रोकने के प्रयास के तहत 31 मार्च 2020 तक सभी ट्रेनों को रद्द किया गया था। रेलवे ने यात्रियों को बड़ी राहत देते हुए रिफंड की अवधि को बढ़ाया है। रद्द ट्रेनों के रिफंड के लिए टिकट काउंटरों पर अनावश्यक भीड़भाड़ को रोकने तारीख बढ़ाई गई है। 21 मार्च से 31 जुलाई 2020 के मध्य की रद्द की गई नियमित गाड़ियों के रिफंड की अवधि में बढ़ोत्तरी की गई है। यह नियम पीआएस काउंटर से खरीदी गई टिकटों के लिए है। रेलवे से मिली जानकारी के मुताबिक 21 मार्च से 31 जुलाई के मध्य यात्रा के लिए रद्द की गई ट्रेनों की टिकटों पर काउंटर से रिफंड की अवधी 3 दिन /72 घंटे के स्थान पर अब  यात्रा तिथि से 9 माह के भीतर की गई है। 139 पर टिकट रिफंड करने वाले यात्री टिकट काउंटर से यात्रा दिवस के 9 माह  के भीतर रिफंड पा सकेंगे। जिन रेल यात्रियों के रिफंड को पहले यात्रा तिथि के 6 माह के बाद जमा करने के कारण अस्वीकार किया गया था, उन रेल यात्रियों के भी  रिफंड पर भी विचार किया जाएगा ।

 

26-12-2020
जोगीडीह के किसानों को बड़ी राहत, टोकन काटने कलेक्टर ने दिया आदेश

धमतरी। जोगीडीह के पीड़ित किसानों की समस्या लेकर जिला पंचायत सदस्य खूबलाल ध्रुव ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से मुलाकात की थी। किसानों का दुखड़ा सुनाकर समर्थन मूल्य में धान खरीदी कराने की बात कहीं थी। इस पर डा.ॅ रमन सिंह ने उच्च अधिकारियों से बात कर खरीदी कराने का आश्वासन दिया था। शनिवार को कलेक्टर जयप्रकाश मौर्य ने ग्राम जोगीडीह के किसानों के लिए समिति माड्यूल में टोकन काटने का प्रावधान देने का आदेश दिया है। कलेक्टर ने कहा कि 27 दिसम्बर से किसानों का टोकन काटा जायेगा। इसकी जानकारी वहां के किसानों को भी दे दी गई है। किसानों को इससे बड़ी राहत मिलेगी। ज्ञात हो कि जिला पंचायत सदस्य खूबलाल ध्रुव जोगीडीह के किसानों की समस्या को लेकर कलेक्ट्रेट के बाद राजधानी तक सफर किया था। मांग पूरी होने से जोगीडीह के किसानों में खुशी है।

14-10-2020
Breaking : निम्न और मध्यम वर्ग के लोगों को मिली बड़ी राहत, प्रदेश में 76 हजार छोटे भूखण्डों की क्रय-विक्रय

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशन में प्रदेश के हजारों निम्न और मध्यम वर्ग के लोगों को बड़ी राहत मिली है। प्रदेश में बड़े पैमाने पर अब छोटे तबके के लोग जिनके जमीन के छोटे भूखण्ड हैं, वे अब इनकी खरीद बिक्री आसानी से कर पा रहे हैं। राज्य शासन ने जमीन के छोटे भूखण्डों की खरीद बिक्री पर लगा प्रतिबंध हटाया गया था, फलस्वरूप प्रदेश के छोटे तबकों के जरूरतमंद 5 डिसमिल से छोटे भूखण्डों का क्रय विक्रय संभव हो सका है। नतीजन अब तक करीब प्रदेश में 76 हजार से ज्यादा छोटे भूखण्डों की खरीद और बिक्री हो गई है। राज्य शासन के राजस्व विभाग द्वारा छोटे भूखण्डों के पंजीयन एवं नामांतरण की कार्यवाही तथा छत्तीसगढ़ नामांतरण एवं अन्य भू-अभिलेख को तैयार करने के लिए नियम 1965 में संशोधन किया। 25 अक्टूबर 2019 से राज्य के सभी जिलों में जमीन के छोटे भूखण्डों के नामांतरण की कार्यवाही की जा रही है, जिसके फलस्वरूप बड़े पैमाने पर 5 डिसमिल से छोट भूखण्डों की क्रय-विक्रय हो सका है।

02-07-2020
भूपेश सरकार वार्षिक वेतनवृद्धि निर्धारित तिथि को ही देगी, एरियर्स राशि मिलेगी छह माह बाद एकमुश्त

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य शासन के अधिकारी-कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। कोरोना संकट के कारण राज्य शासन के अधिकारी और कर्मचारियों की वार्षिक वेतनवृद्धि विलंबित की गई थी, जिसे बहाल करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य शासन के अधिकारियों-कर्मचारियों को जिन्हें एक जुलाई को वेतनवृद्धि मिलती हैै,उन्हें वेतनवृद्धि एक जुलाई को ही मिलेगी। जुलाई से दिसंबर माह तक की वेतनवृद्धि की एरियर्स राशि का भुगतान आगामी जनवरी माह में एकमुश्त किया जाएगा। इसी प्रकार जिन अधिकारी-कर्मचारियों की वेतनवृद्धि एक जनवरी को लगती है, उनको एक जनवरी को ही वेतनवृद्धि मिलेगी और उनकी एरियर्स राशि का भुगतान छह माह बाद आगामी जुलाई माह में किया जाएगा। गौरतलब है कि कोरोना संकट काल में राज्य की वित्तीय व्यवस्था को देखते हुए वित्त विभाग ने अधिकारी-कर्मचारियों की वार्षिक वेतनवृद्धि को आगामी आदेश तक विलंबित किया था।

मुख्यमंत्री बघेल से गुरुवार को उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के प्रतिनिधिमंडल ने प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा के नेतृत्व में मुलाकात की। मुख्यमंत्री से अधिकारी-कर्मचारियों को निर्धारित तिथि पर वेतनवृद्धि देने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कर्मचारी संगठनों की इस मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए वेतनवृद्धि निर्धारित तिथि पर ही देने और इसकी एरियर्स राशि का भुगतान छह माह बाद करने पर अपनी सहमति प्रदान की है। इस अवसर पर वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव अमिताभ जैन उपस्थित थे।

 

30-05-2020
विवाह प्रोत्साहन राशि से दिव्यांग जोड़ों को मिली बड़ी राहत,दो माह में 92 जोड़ों को 58 लाख रूपए का भुगतान

रायपुर। कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए लागू लाॅकडाउन में समाज कल्याण विभाग से मिली विवाह प्रोत्साहन राशि कई दिव्यांग जोड़ों के लिए बड़ी राहत बन रही है। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में निःशक्तजन विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत विगत मार्च-अप्रैल माह में 92 दिव्यांग जोड़ों को 58 लाख रूपये का भुगतान किया गया है। इस योजना के तहत जनवरी 2020 में 33 दिव्यांग जोड़ों को 21.50 लाख रूपये और फरवरी में 61 दिव्यांग जोड़ों को 32.21 लाख रूपये प्रदान किया गया है। उल्लेखनीय है कि समाज कल्याण विभाग द्वारा निःशक्तजन विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत विवाहित जोड़ों में से एक व्यक्ति के दिव्यांग होने पर 50 हजार रूपए और पति-पत्नी दोनों दिव्यांग होने पर भावी जीवन यापन के लिए एक लाख रूपए की राशि प्रदान की जाती है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर निःशक्तजन विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत पति-पत्नी दोनों दिव्यांग होने पर प्रोत्साहन राशि 50 हजार रूपए से बढ़ाकर एक लाख रूपए देने का प्रावधान किया गया है।
विभाग द्वारा विगत वित्तीय वर्ष 2019-20 में 556 दिव्यांग जोड़ों को 3 करोड़ 34 लाख से अधिक की विवाह प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है। इस वर्ष धमतरी जिले में ही विभागीय जिला कार्यालय द्वारा विवाह प्रोत्साहन राशि के लिए दिव्यांग 28 जोड़ों का चयन कर 15 लाख रूपए से अधिक की राशि का वितरण किया जा रहा है। कोरोना संक्रमण को देखते हुए दिव्यांग जोड़ों को विवाह प्रोत्साहन राशि का वितरण अलग-अलग समय में किया जा रहा है, जिससे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा सके। दिव्यांग जोड़ों का कहना है कि लाॅकडाउन के समय विवाह प्रोत्साहन योजना की राशि उन्हें बड़ी राहत देगी। मुश्किल समय में राशि के मिलने से हमारी खुशी दोगुनी हो गई है। विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत धमतरी के बांस पारा वार्ड के हेमंत गुप्ता को 50 हजार रूपए, ग्राम ढ़िमरटिकुर के दिव्यांग जोड़े केशरी सुखदेव और निधि साहू को 50 हजार रूपए, भखारा के पोखराज साहू और उनकी पत्नी संतोषी को एक लाख रूपए, पोटी कुरूद के लुकेश्वर साहू और उनकी पत्नी लांगइन को एक लाख रूपए का चेक प्रदान किया गया है। इनके जैसे कई दिव्यांग जोड़ों को आवेदन पर प्रोत्साहन राशि वितरण किया जा चुका है,शेष जोड़ों को विवाह प्रोत्साहन राशि स्वीकृति की सूचना दे दी गई है। जल्द ही उन्हें प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी है।

 

15-04-2020
Breaking: बड़ी राहत : चार और कोरोना मरीज ठीक होकर डिस्चार्ज, एम्स ने की पुष्टि

रायपुर। प्रदेश के लिए बड़ी राहत की खबर है कि बुधवार को 4 और कोरोना मरीज ठीक होकर एम्स रायपुर से डिस्चार्ज किए गए हैं। इसकी पुष्टि एम्स के जनसंपर्क अधिकारी ने की है।  इधर शाम 7 बजे एम्स से जारी बयान में निदेशक प्रो.(डॉ.) नितिन एम.नागरकर ने कहा था कि एडमिट कोरोना वायरस के सभी 20 पॉजीटिव रोगियों की स्थिति स्थिर बनी हुई है। सभी रोगी एम्स के विशेषज्ञों की निरंतर निगरानी में हैं और उन्हें आईसीएमआर के प्रोटोकॉल के अनुसार दवाइयां प्रदान की जा रही हैं। निरंतर उनके सैंपल टेस्ट किए जा रहे हैं। दो लगातार टेस्ट नेगेटिव आने पर उन्हें डिस्चार्ज किया जाएगा। डॉ.नागरकर भी निरंतर वार्ड का दौरा कर रोगियों की हालत पर निगाह बनाए हुए हैं। इसके कुछ देर बाद ही एम्स के जनसंपर्क अधिकारी ने जानकारी दी कि चार कोरोना मरीजों को डिस्चार्ज किया गया है। इसके साथ ही प्रदेश में कोरोना मरीजों की संख्या 16 रह गई है। बता दें कि मंगलवार को एम्स से ठीक होने के बाद कोरोना के 3 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया था। इस तरह से दो दिनों मंगलवार और बुधवार को मिलाकर एम्स से कुल 7 मरीज ठीक होकर डिस्चार्ज किए जा चुके हैं। 

छत्तीसगढ़ राज्य में 15 अप्रैल तक कोरोना वायरस के कुल 5122 संभावित व्यक्तियों की पहचान कर सैंपल जांच किया गया। अभी तक 4878 के परिणाम नेगेटिव प्राप्त हुए हैं तथा 211 सैंपल की जांच जारी है। राज्य में कोरोना वायरस के संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए लॉकडाउन का कड़ाई से पालन कराने के साथ ही विदेशों एवं अन्य राज्यों से छत्तीसगढ़ आए लोगों सहित संक्रमितों के संम्पर्क में आए लोगों को क्वॉरंटीन किया गया है। राज्य में वर्तमान में 71 हजार 495 लोग होम क्वॉरेंटाईन में है, जिनके स्वास्थ्य पर सर्विलेंस टीम द्वारा निगरानी रखी जा रही है। क्वॉरंटीन लोगों से नियम का कड़ाई से पालन करने तथा घर से बाहर न जाने की लगातार अपील की जा रही है। लॉक डाउन के दौरान जन सामान्य से भी इसका पालन करने तथा घर से बाहर निकलने पर मॉस्क, गमछा और रूमाल से नाक, मुंह को अच्छे से ढंकने तथा फिजिकल डिस्टेंस बनाए रखने की अपील की गई।

 

31-12-2019
कश्मीर घाटी के लोगों को नए साल का तोहफा, शुरू होगी एसएमएस सेवा

नई दिल्ली। कश्मीर घाटी के लोगों को मंगलवार को बड़ी राहत दी गई है। 31 दिसंबर की मध्य रात्रि से एसएमएस सेवा बहाल कर दी जाएगी। जम्मू कश्मीर के प्रधान सचिव रोहित कंसल ने कहा कि कश्मीर में 31 दिसंबर की मध्य रात्रि से सभी सरकारी अस्पतालों में इंटरनेट सेवाएं,सभी मोबाइल फोन पर एसएमएस सेवाएं बहाल हो जाएंगी। बता दें कि जम्मू-कश्मीर में अगस्त महीने में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद मोबाइल और लैंडलाइन सेवा रोक दी गई थी। केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर और लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाया था। इसके अलावा कश्मीर घाटी के कुछ इलाकों में अगस्त के मध्य में लैंडलाइन फोन सेवा बहाल कर दी गई थी और लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध में ढील दी गई थी।

04-08-2019
मुख्यमंत्री बघेल ने मध्यमवर्गीय परिवारों को दी बड़ी राहत 

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मध्यमवर्गीय परिवारों के मकान का सपना साकार हो सके इसके लिए कालोनी और टाउनशिप के विकास हेतु अब सभी प्रकार की अनुमतियां और अनापत्ति प्रमाण पत्र एकल विन्डों सिस्टम से देने के निर्देश दिए है। कलेक्टर कार्यालय में सिंगल विन्डो सिस्टम से राजस्व, नगरीय प्रशासन और टाउन प्लानिंग आदि अन्य सभी विभागों से संबंधित सभी प्रकार की अनुमतियां और अनापत्ति प्रमाण पत्र दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसके लिए आवास एवं पर्यावरण विभाग को एक माह के भीतर विस्तृत आदेश जारी करने को कहा है। ज्ञातव्य है कि बिल्डर्स एसोसिएशन  'क्रेडाई' के सदस्यों द्वारा मुख्यमंत्री से भेंट कर यह जानकारी दी गयी कि वर्तमान में किसी भी कालोनी और टाउनशिप के विकास के लिए राजस्व, नगरीय प्रशासन, टाउन प्लानिंग आदि विभिन्न विभागों से अलग-अलग अनापत्तियां और अनुमतियां प्राप्त करने में 2 से 3 साल का समय लग जाता है। जिससे लागत बढ़ती है और इसका सीधा भार मध्यमवर्गीय परिवारों पर पड़ता है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस समस्या के निराकरण के लिए आवास एवं पर्यावरण विभाग को नोडल विभाग घोषित करने के साथ ही सभी आवश्यक स्वीकृतियां प्रदान करने के लिए जिला कलेक्टरों को अधिकृत करने को कहा है। इसके लिए प्रत्येक कलेक्टर कार्यालय में अपर कलेक्टर को नोडल अधिकारी बनाया जाएगा। जहां बिल्डर सभी विभागों से संबंधित आवेदन एकल विन्डों में प्रस्तुत करेंगे। यहां आवेदनों को पंजी में दर्ज कर संबंधित विभागों को प्रेषित किया जाएगा। कलेक्टर प्रति सप्ताह समय-सीमा की बैठक में इसके लंबित  प्रकरणों की समीक्षा करेंगे और अधिकतम तीन माह के भीतर सभी प्रकार की अनुमतियां एकल विन्डो सिस्टम से अपर कलेक्टर के माध्यम से संबंधित को प्रदान की जाएंगी।

 

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