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16-09-2020
भूपेश सरकार के निर्णय से शिक्षक अभ्यर्थियों के चेहरों पर लौटी रौनक, शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश

रायपुर। भूपेश सरकार ने शिक्षक अभ्यर्थियों के मुरझाए चेहरों पर  रौनक लौटा दी है। वित्त विभाग से प्राप्त सहमति के आधार पर व्यापम की ओर से आयोजित परीक्षा के लिए विज्ञापित 14580 शिक्षकों के पदों पर नियुक्ति की अनुमति दे दी है। 8 बिंदुओं पर निर्धारित शर्तों के साथ शिक्षा विभाग ने नियुक्ति के संबंध में आदेश जारी किया है।  बता दें कि लोक शिक्षण संचनालय से विभिन्न संवर्गों के शिक्षकों की नियुक्ति के लिए व्यापम की ओर से परीक्षा ली गई थी। विभिन्न संवर्ग के कुल 14580 शिक्षकों के रिक्त पदों पर नियुक्ति की जानी थी। व्यापम की ओर से परीक्षा के परिणाम 30 सितंबर 2019 और 22 नवंबर 2019 को घोषित किए गए थे।

व्यापम की ओर से जारी की गई प्रावीण्य सूची के आधार पर नियुक्तियां की जानी थी। मार्च में कोरोना वायरस के कारण लॉक डाउन होने के बाद वित्त विभाग की ओर से यह निर्देश जारी किए गए थे कि, विभागों में प्रचलित नियुक्तियों की प्रक्रिया जारी रहेगी, परंतु नियुक्ति आदेश जारी करने के पूर्व वित्त विभाग से सहमति प्राप्त करना आवश्यक होगा। भर्ती प्रक्रिया अटकने से अभ्यर्थी खासे नाराज हो गए थे। लगातार प्रक्रिया पूरी कर भर्ती करने की मांग कर रहे थे।  अभ्यर्थियों ने हरसंभव प्रयास जारी रखा। ज्ञापन से लेकर प्रदर्शम किए गए। विगक्त दिनों अभ्यर्थियों ने राजधानी में सांकेतिक प्रदर्शन किया था। इसके बाद हालही में बड़ी संख्या में एकजूट होकर अभ्यर्थियों ने आंदोलन किया था। मंगलवार को जारी आदेश के बाद के बाद जरूर अभ्यर्थियों ने राहत की सांस ली होगी।

 

07-09-2020
शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के अभ्यर्थी हठधर्मिता छोड़ सरकार की मंशा समझें : कांग्रेस

रायपुर। कांग्रेस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि, शिक्षकों की भर्ती के मामले में भाजपा को बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में चयनित अभ्यर्थियों से हठधर्मिता नहीं करनी  चाहिए। प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि, राज्य सरकार की नीयत युवाओं को रोजगार देने की है। सरकार चाहती है कि, राज्य में खाली पड़े शिक्षकों के पदों में भर्तियां हो, इसीलिए सरकार ने 14500 शिक्षकों के भर्ती के लिए आवेदन मंगाए थे। चयन प्रक्रिया भी पूर्ण की गई  थी । भर्ती के लिए पात्र अभ्यर्थियों की सूची भी जारी की गई थी। कोरोना के कारण चयनित अभ्यर्थियों की  नियुक्ति विलंबित है । सरकार की मंशा साफ है, इसीलिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने चयनित अभ्यथियों की पात्र सूची की अवधि को एक साल के लिए बढ़ा दिया है, ताकि जो पात्र है उनको नुकसान न हो उनकी नौकरियां तय रहे।
सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि, भाजपा नेता अभ्यर्थियों के पक्ष में घड़ियाली आंसू न बहाएं। राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार के समय सरकारी नौकरियों में भर्ती पर अघोषित  रोक लगी हुई थी। राज्य में शिक्षकों के 45000 से अधिक पद खाली पड़े हुए थे। कांग्रेस सरकार ने भर्ती शुरू की है। वर्तमान परिपेक्ष्य में जब पहले से नियमित शिक्षकों से पठन पाठन का काम नहीं लिया जा पा रहा है, ऐसे समय नए शिक्षकों की उपयोग किस प्रकार किया जाएगा। ऐसे समय जब केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों के वेतन में 30 फीसदी की कटौती कर रही है। जब केंद्र के रेलवे जैसे संस्थानों में छटनी हो रही है। सारी राज्य सरकार अपने कर्म कर्मचारियों के वेतन भत्तों में कटौती कर रही, ऐसे समय भी छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपने कर्मचारियों के साथ खड़े हैं। छत्तीसगढ़ देश का अकेला राज्य है, जहां कर्मचारियों के वेतन आदि में एक रुपए की कटौती नही हुई। शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों को सरकार की मंशा समझनी चाहिए और कोरोनो के इस बुरे वक्त के बीतने के इंतजार करना चाहिए।

28-08-2020
शिक्षक भर्ती को लेकर एबीवीपी ने किया प्रदेश सरकार के खिलाफ शंखनाद प्रदर्शन

कोरिया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद बैकुंठपुर इकाई के कार्यकर्ताओं ने शिक्षकों की भर्ती को लेकर सांकेतिक शंखनाद/घण्टनाद प्रदर्शन किया। नगर के घड़ी चौक में परिषद के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन और नारेबाजी की। सोई हुई सरकार को जगाने के लिए कार्यकर्ताओं ने घण्टियां और शंख बजाकर जगाने का संकेत दिया। प्रदर्शन में जिला संयोजक पिंकू राजवाडे, महेंद्र प्रताप सिंह, प्रियांशु उपाध्याय, आकाश सिंह, अभय यादव, शिवम राजवाडे, तेज यादव, राम राजवाडे, सौरभ दुबे, राहुल पटवा मौजूद थे।

 

26-08-2020
14580 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को पूर्ण करें राज्य सरकार: एबीवीपी

रायपुर। शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में पदस्थापना में हो रहे विलम्ब के विरोध मे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने बुधवार को मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। परिषद ने कहा की प्रदेश मे नियमित शिक्षको की अवश्यकता लंबे समय से अनुभव की जाती रही है। शिक्षक भर्ती 2019 का विज्ञापन आने के पश्चात् आशा की एक किरण भी जगी थी, किंतु विज्ञापन के बाद 17 माह और चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन के बाद 8 महीने बीत जाने के उपरान्त भी पदस्थापना नहीं हो सकी है। इससे सभी 14580 अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ गई है। अभाविप के महानगर मंत्री विभोर ठाकुर ने कहा की इस व्याख्याता भर्ती परीक्षा के परिणामों की वैधता 30 सितंबर को खत्म होने से पहले पदस्थापना क्यों नहीं की जा रही है? छत्तीसगढ़ के सभी स्कूलों में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की भारी कमी होने के कारण नियुक्ति शीघ्रातिशीघ्र की जानी चाहिए थी फिर भी पदस्थापना में इतना विलम्ब करना उचित नही हैं। शिक्षक भर्ती के विषय पर ही आर्थिक संकट का बहाना क्यों, जबकि इसे पिछले सत्र के बजट में ही शासन द्वारा स्वीकृत किया जा चुका है। नियमित शिक्षकों को न लेकर समान वेतन पर ही संविदा भर्ती करना समझ से परे हैं। शिक्षक-अभ्यर्थियों और विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए शिक्षक भर्ती 2019 की पदस्थापना संबंधी इस प्रक्रिया को आगे न बढ़ाने पर परिषद 28 अगस्त को प्रदेश के सभी विकासखंड मे सांकेतिक धरना प्रदर्शन आन्दोलन के लिए बाध्य होगी। ज्ञापन देते वक़्त मुख्य रूप से प्रांत जिज्ञासा प्रमुख विनय साहू,प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य आकाश शर्मा,तिलक नाथ,शरद,शानू,अंकित,सूरज,राजेश,उपस्थित थे।

 

26-08-2020
शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को पूरा करने अभाविप ने दी चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी

कोरिया। शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में पदस्थापना में हो रहे विलम्ब के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जिला कोरिया ने बुधवार को मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन कलेक्टर को सौपा। परिषद ने कहा की प्रदेश में नियमित शिक्षकों की अवश्यकता लंबे समय से अनुभव की जाती रही है। शिक्षक भर्ती 2019 का विज्ञापन आने के पश्चात् आशा की एक किरण भी जगी थी, किंतु विज्ञापन के बाद 17 माह और चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन के बाद 8 महीने बीत जाने के उपरान्त भी पदस्थापना नहीं हो सकी है। इसकी वजह से सभी 14580 अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ गई है। अभाविप जिला संयोजक पिंकू राजवाड़े ने कहा की इस व्याख्याता भर्ती परीक्षा के परिणामों की वैधता 30 सितंबर को खत्म होने से पहले पदस्थापना क्यों नहीं की जा रही है? छत्तीसगढ़ के सभी स्कूलों में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की भारी कमी होने के कारण नियुक्ति शीघ्रातिशीघ्र की जानी चाहिए थी फिर भी पदस्थापना में इतना विलम्ब करना उचित नही हैं।

नगर मंत्री महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा की शिक्षक भर्ती के विषय पर ही आर्थिक संकट का बहाना क्यों, जबकि इसे पिछले सत्र के बजट में ही शासन द्वारा स्वीकृत किया जा चुका है। नियमित शिक्षकों को न लेकर समान वेतन पर ही संविदा भर्ती करना समझ से परे हैं। शिक्षक-अभ्यर्थियों और विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए शिक्षक भर्ती 2019 की पदस्थापना संबंधी इस प्रक्रिया को आगे न बढ़ाने पर परिषद 28 अगस्त को प्रदेश के सभी विकासखंड मे सांकेतिक धरना प्रदर्शन आन्दोलन के लिए बाध्य होगी। ज्ञापन देते वक़्त मुख्य रूप से आकाश सिंह, रामरूप राजवाडे, राहुल पटवा, अभय यादव, अनिल राजवाड़े, तेज यादव, योगेश काशी, शिव शंकर सम्राट, उज्ज्वल सिंह, गुलशन साहू उपस्थित थे।

 

01-11-2019
Breaking : भूपेश कैबिनेट का फैसला, 2500 रुपए प्रति क्विंटल की दर से ही होगी धान खरीदी

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में सीएम हाउस में शुक्रवार को हुई कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। बैठक में धान खरीदी, शिक्षकों की भर्ती, आरक्षण को लेकर चर्चा हुई। बैठक के बाद मंत्री रविन्द्र चौबे, मो. अकबर और अमरजीत भगत ने मीडिया से चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में धान खरीदी 1 दिसंबर से होगी, जो 15 फरवरी तक की जाएगी। सरकार किसानों से अपने वायदे के अनुसार 2500 रुपए प्रति क्विंटल की दर पर ही धान खरीदेगी,मक्का की खरीदी 1750 रुपए में होगी, जिसके लिए निर्देश दिए गए हैं। 19 लाख किसानों का पंजीयन हुआ है। पंजीयन की तारीख एक सप्ताह बढ़ा दी गई है। कैबिनेट की बैठक में आरक्षण को लेकर भी चर्चा हुई, अब जिला संवर्ग के पदों पर जनसंख्या के आधार पर आरक्षण दिया जाएगा। इसी तरह शिक्षकों की भर्ती को लेकर भी चर्चा हुई,14500 शिक्षकों की भर्ती प्रकिया को भी जल्द पूरा करने का निर्णय लिया गया है।

30-08-2019
कॉलेज में शिक्षकों की भर्ती की मांगों को लेकर विद्यार्थी परिषद ने किया प्रदर्शन

बीजापुर। महाविद्यालय में अतिथि शिक्षक व स्थायी प्राध्यापकों की भर्ती की मांग को लेकर विद्यार्थी परिषद ने प्रदर्शन व रैली कर महाविद्यालय परिसर में भूपेश सरकार के खिलाफ  जमकर नारेबाजी की और जल्द व्यवस्था पूर्ण करने की मांग की। परिषद के नेता फूलचन्द गागड़ा ने बताया कि अतिथि शिक्षक भर्ती को लेकर पूर्व में भी ज्ञापन दिया था परंतु मांग को नजरअंदाज कर दिया, गया जबकि मुख्यालय में स्थित महाविद्यालय में प्राध्यापकों के अभाव के चलते पढ़ाई नहीं हो पा रही है। यह समस्या जिले के तीनों महाविद्यालयों में है सरकार को ज्ञात होने के बावजूद व्यवस्था नहीं कर पा रही है। नियम के मुताबिक एक अगस्त तक भर्ती प्रक्रिया पूर्ण हो जाती है लेकिन पूरा माह बीत गया, भर्ती नहीं हो सकी है। जिला संयोजक संतोष पुजारी ने कहा कि महाविद्यालय में 2 प्राध्यापक वर्तमान में हैं, ऐसी परिस्थिति में विद्यार्थी कैसे पढ़ पाएंगे? जिले में तीन महाविद्यालय है परंतु शिक्षक नहीं हैं। प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से बिंदु पेरमा, ललिता तेलम, चंचल पटेल, पदमा, पृथा, दीपक, योगेश, सुनीता, अवंतिका, हिना, दीप्ति, सोनल, सोमली, जानकी, दिव्या, महेश, दिनेश, प्रमिला, मनोज यालम, दीपक व अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।

 

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