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17-08-2021
अफगानिस्तान से स्वदेश लौटे 150 भारतीय, भारत माता की जय और वंदे मातरम के लगाए नारे

जामनगर/रायपुर। काबुल से वायुसेना का एक विमान 150 भारतीयों को स्वदेश लेकर लौटा है। दरअसल भारतीय वायुसेना का सी-17 विमान गुजरात के जामनगर में उतरा। भारत की धरती पर लौटते ही उनका स्वागत किया गया। हालांकि काबुल में अभी भी कई भारतीय फंसे हुए हैं। इससे पहले भारतीय वायुसेना का सी-19 विमान सोमवार को अफगानिस्तान से कुछ कर्मियों को लेकर भारत लौटा था और मंगलवार को दूसरा विमान भारत पहुंचा है। वतन वापसी होते ही जामनगर एयरबेस पर भारतीयों ने 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम' के नारे लगाए गए।

24-04-2021
देश में न हो ऑक्सीजन कंटेनर की कमी, सिंगापुर से एयरलिफ्ट कर लाए जा रहे हैं चार कंटेनर

नई दिल्ली। कोरोना संकट के बीच देश भर के कई अस्पतालों में ऑक्सीजन की किल्लत एक बड़ी परेशानी बनी हुई है। सबसे ज्यादा परेशानी ऑक्सीजन को एक-जगह से दूसरी जगह ले जाने की है। इसके लिए ज्यादा बड़े टैंकर की जरूरत है। ऐसे में भारतीय वायु सेना का मालवाहक विमान शनिवार को सिंगापुर के चांगी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचा। वायुसेना का ये विमान क्रायोजेनिक ऑक्सीजन टैंकर के चार कंटेनर लेकर शनिवार शाम पश्चिम बंगाल के पानागढ़ एयरबेस पर पहुंचेगा। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इस संबंध में ट्वीट किया। मिली जानकारी के अनुसार वायुसेना के सी-17 विमान ने रात दो बजे ही सिंगापुर के लिए उड़ान भर दी थी। ये विमान सुबह करीब 7.45 बजे सिंगापुर पहुंचा। इसके बाद कंटेनर को विमान में भरने का काम शुरू हुआ। इस बीच खबर है कि भारतीय वायुसेना का एक और विमान भी ऐसे ही टैंकर लाने के लिए संयुक्त अरब अमीरात भी रवाना किया जा रहा है। साथ ही जर्मनी से भी कुछ मोबाइल ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट्स लाने की तैयारी हो रही है। इसके अलावा वायुसेना ने शनिवार को पुणे से मालवाहक विमान के जरिये खाली टैंक जामनगर भेजने का भी काम किया। वायुसेना के मालवाहक विमान 15 टन क्षमता के दो खाली ऑक्सीजन टैंकर लेकर सुबह आठ बजकर 30 मिनट पर पुणे से रवाना हुए और दोपहर डेढ़ बजे तक जामनगर पहुंचे। बता दें कि अचानक बढ़ी मांग के बाद देश में ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में होते हुए भी इसके ट्रांसपोर्टेशन में बड़ी समस्या आ रही है। भरे हुए टैंकर सड़क मार्ग से लाए जा सकते हैं क्योंकि ऑक्सीजन सुरक्षा कारणों की वजह से विमान से नहीं लाया जाता। 

09-12-2020
वायुसेना ने हाईकोर्ट में दी दलील, कहा- सुुरक्षा कारणों से नहीं दे सकते प्रधानमंत्री के उड़ानों का विवरण

नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना ने दिल्ली हाईकोर्ट पर दायर एक याचिका को लेकर प्रधानमंत्री की उड़ानों का विवरण देने से इनकार कर दिया। वायुसेना ने बुधवार को याचिका में कहा कि यह विवरण प्रधानमंत्री के सुरक्षा तंत्र से संबंधित है इसलिए इसे उपलब्ध नहीं कराया जा सकता है। वायुसेना ने याचिका में दावा किया है कि मांगी गई जानकारी पूरे सुरक्षा घेरे से संबंधित है। इसमें विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) कर्मियों के नाम भी पूछे गए हैं ,जो प्रधानमंत्री के विदेश दौरों पर उनकी निजी सुरक्षा के लिए उनके साथ जाते हैं। यदि इस विवरण का खुलासा किया जाता है तो इससे भारत की संप्रभुता एवं अखंडता प्रभावित हो सकती है तथा सुरक्षा, रणनीति, वैज्ञानिक एवं आर्थिक हितों को खतरा पहुंच सकता है।

 

09-10-2020
ऐंटी-रेडिएशन मिसाइल रूद्रम का टेस्ट रहा सफल,टारगेट को मारने में रही कामयाब

नई दिल्‍ली। भारतीय वायुसेना के लिए बनी ऐंटी-रेडिएशन मिसाइल 'रूद्रम' का टेस्‍ट सफल रहा।  डिफेंस रिसर्च ऐंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (डीआरडीओ) के साइंटिस्‍ट्स ने सुखोई-30 फाइटर जेट से यह मिसाइल छोड़ी। डीआरडीओ ने बयान में कहा क‍ि 'रूद्रम' अपने टारगेट को हिट करने में पूरी तरह कामयाब रही। इस मिसाइल की रेंज अलग-अलग परिस्थितियों में बदल सकती है। यह मिसाइल दुश्‍मन के हवाई ठिकानों को ध्‍वस्‍त करने के लिए बनाई गई है। इससे दुश्‍मन के सर्विलांस रडार, ट्रैकिंग और कम्‍युनिकेशन सिस्‍टम को आसानी से टारगेट किया जा सकता है। नई पीढ़ी की ऐंटी-रेडिएशन मिसाइल (NGARM) की रेंज 100 से 150 किलोमीटर के बीच है। यह डीआरडीओ की बनाई पहली जमीन से हवा में मार बने वाली मिसाइल है। 

02-09-2020
दिल्ली हाईकोर्ट ने गुंजन सक्सेना: द कारगिल गर्ल’ के प्रसारण पर रोक से किया का इंकार

नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने नेटफ्लिक्स की फिल्म ' गुंजन सक्सेना : द कारगिल गर्ल' के प्रसारण पर रोक लगाने से बुधवार को इंकार कर दिया। केंद्र की तरफ से भारतीय वायुसेना की गलत छवि पेश करने के आधार पर फिल्म का प्रसारण रोकने का आग्रह किया गया था। न्यायाधीश राजीव शकधर ने बुधवार को फिल्म के प्रसारण पर रोक लगाने से इंकार करते हुए केंद्र से सवाल किया कि 'ओवर द टॉप' (ओटीटी) मंच पर फिल्म के प्रदर्शन से पहले वह मामला न्यायालय के समक्ष क्यों नहीं लाई। न्यायाधीश शकधर ने कहा अब कोई आदेश पारित नहीं किया जा सकता क्योंकि फिल्म प्रदर्शित हो चुकी है। फिल्म 12 अगस्त को ही ओटीटी प्लेटफाॅर्म पर प्रदर्शित हो चुकी है। केंद्र की तरफ से दायर याचिका में कहा गया था कि फिल्म भारतीय वायुसेना की गलत छवि पेश कर रही है।

अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल संजय जैन ने सरकार की तरफ से दलील रखते हुए कहा कि फिल्म से भारतीय वायुसेना की छवि धूमिल हो रही है। फिल्म में बल मैं लैंगिक भेदभाव होने के संबंध में दिखाया गया है, जिसमें कोई सच्चाई नहीं है।न्यायाधीश शकधर ने केन्द्र की याचिका पर 'धर्मा प्रोडक्शन प्राइवेट लिमिटेड' और नेटफ्लिक्स से जबाव मांगा है। न्यायालय ने यह भी कहा कि पूर्व फ्लाइट लेफ्टिनेंट गुंजन सक्सेना को भी मामले में एक पक्ष बनाना चाहिए और उन्हें नोटिस जारी कर उनसे भी जवाब मांगा है।

 

18-08-2020
सीमा विवाद के बीच वायुसेना ने पश्चिमी मोर्चे पर तैनात किए लड़ाकू विमान

नई दिल्ली। चीन के साथ चल रहे सीमा विवाद के मद्देनजर भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान सीमा के साथ पश्चिमी मोर्चे पर स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान (एलसीए) तेजस तैनात किए हैं।रिपोर्ट के अनुसार, एलसीए तेजस को भारतीय वायुसेना द्वारा पश्चिमी सीमा पर पाकिस्तान सीमा के करीब तैनात किया गया है,ताकि वहां से होने वाली किसी भी संभावित कार्रवाई पर कड़ी निगरानी रखी जा सके। सूत्रों ने बताया, दक्षिणी वायु कमान के तहत सुलूर से बाहर पहले तेजस स्क्वाड्रन '45 स्क्वाड्रन (फ्लाइंग डैगर्स)' को एक ऑपरेशनल भूमिका में तैनात किया गया है। 

 

17-08-2020
खूंटाघाट में फंसे युवक को रेस्क्यू करने भारतीय वायुसेना को दी बधाई मुख्यमंत्री ने

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बिलासपुर के खूंटाघाट में तेज बहाव के बीच फंसे युवक को रेस्क्यू करने के लिए छत्तीसगढ़वासियों की ओर से भारतीय वायुसेना सहित बचाव में जुटी पूरी टीम को बधाई दी है। उन्होंने बधाई देते हुए लिखा कि आपकी हिम्मत और संकल्प शक्ति एक बार फिर साबित हुई है।

 

29-07-2020
राफेल विमान पहुंचे एयरबेस, रक्षा मंत्रालय ने कहा- हैप्पी लैंडिंग इन अंबाला

नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना की ताकत को कई गुना बढ़ाने वाले राफेल लड़ाकू विमानों की पहली खेप ने भारतीय वायुसीमा में प्रवेश कर लिया है। विमान अंबाला एयरबेस पहुंच चुका है। यहां इन्हें रिसीव करने के लिए खुद वायुसेना अध्यक्ष एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया मौजूद हैं।वहीं, रक्षा मंत्रालय ने ट्वीट कर कहा, 'बर्ड्स भारतीय वायुसीमा में पहुंच गई हैं भारतीय वायुसीमा में पहुंच गई हैं। हैप्पी लैंडिंग इन अंबाला।'बता दें कि राफेल विमान भारत द्वारा पिछले दो दशक से अधिक समय में लड़ाकू विमानों की पहली बड़ी खरीद है। इन विमानों के आने से भारतीय वायुसेना की युद्धक क्षमता में महत्वपूर्ण रूप से बढ़ोत्तरी होने की संभावना है। मालूम हो कि फ्रांस से अंबाला तक अपनी लंबी उड़ान के बीच ये पांचों विमान करीब सात घंटे से अधिक समय तक उड़ान भरने के बाद संयुक्त अरब अमीरात में अल दफरा एयरबेस पर उतरे थे। पहला राफेल जेट पिछले साल अक्टूबर में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की फ्रांस यात्रा के दौरान भारतीय वायुसेना को सौंपा गया था। राफेल जेट का पहला स्क्वाड्रन अंबाला एयरबेस पर जबकि दूसरा पश्चिम बंगाल के हासिमारा बेस पर रहेगा।

बता दें कि भारत ने 23 सितंबर 2016 को फ्रांसीसी एरोस्पेस कंपनी दसॉल्ट एविएशन से 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के लिए 59,000 करोड़ रुपये का सौदा किया था। छह राफेल प्रशिक्षु विमानों की पूंछ पर आरबी श्रृंखला की संख्या अंकित होगी। आरबी एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया के नाम के पहले और अंतिम शब्द का संक्षिप्त रूप होगा। उन्होंने इस सौदे में मुख्य वार्ताकार के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।राफेल विमान जैसे ही पश्चिमी अरब सागर के ऊपर से निकले तो यहां तैनात भारतीय नौसेना के वॉरशिप आईएनएस कोलकाता ने इसका अलग अंदाज में स्वागत किया। आईएनएस कोलकाता डेल्टा 63 की ओर से कहा गया, 'ऐरो लीडर (राफेल) हिंद महासागर में आपका स्वागत है।'इस पर राफेल की ओर से भी जवाब दिया गया, 'बहुत शुक्रिया।' इसके बाद आईएनएस कोलकाता ने कहा- आप आकाश की उंचाईयों को नापे, हैप्पी लैंडिंग। इसके तत्काल बाद राफेल की ओर से भी जवाब दिया गया- हैप्पी हंटिंग ओवर एंड आउट।'

 

 

27-07-2020
फ्रांस से आ रहे 5 राफेल विमान यूएई के एयरबेस पहुंचे

नई दिल्ली। वायुसेना के पास जल्द ही 5 राफेल विमान होंगे। फ्रांस से आ रहे राफेल विमानों की पहली खेफ संयुक्त अरब अमीरात के दफ्रा एयरबेस पहुंच चुकी है। इन राफेल विमानों को फ्रांस के मेरिनेक एयरबेस से भारत के लिए रवाना किया गया था, जिसके बाद लगातार 7 घंटे की उड़ान भरने के बाद ये विमान संयुक्त अरब अमीरात के अल दफ्रा एयरबेस पहुंच गए हैं, जहां से वो 29 जुलाई को भारत पहुंचेंगे। बुधवार को भारतीय वायुसेना में ये राफेल विमान शामिल हो जाएंगे, लेकिन एयरफोर्स में इनके शामिल होने का औपचारिक समारोह का आयोजन अगस्त के मध्य में किए जाने की संभावना है। यूएआई के एयरपोर्ट से 7 हजार किमी की दूरी तय कर ये 5 राफेल विमान 29 जुलाई बुधवार को अंबाला स्थिति भारतीय वायुसेना के एयरबेस पहुंचेंगे। ये राफेल विमानों की पहली खेप हैं। माना जा रहा है कि 2021 तक सभी 36 राफेल विमान भारत के पास पहुंच जाएंगे। बता दें कि साल 2016 में भारत और फ्रांस के बीच 36 राफेल विमानों की खरीद का समझौता हुआ था। समझौते के मुताबिक 2 सालों में भारत को 36 राफेल विमान मिलने हैं। 36 राफेल विमानों के लिए दोनों देशों के बीच 59 हजार करोड़ की डील हुई थी। बता दें कि भारतीय वायुसेना के बेड़े में राफेल के शामिल होने से भारत की युद्ध क्षमता में बढ़ोतरी होगी और भारतीय वायुसेना की ताकत बढ़ेगी।

 

27-07-2020
पांच राफेल विमानों की पहली खेप ने फ्रांस से भरी उड़ान, करेंगी 7000 किमी का सफर तय, 29 जुलाई को पहुंचेंगी भारत

नई दिल्ली। देश की आकाश में मारक शक्ति को और मजबूत बनाने के लिए 29 जुलाई को अत्याधुनिक पांच राफेल विमान भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल हो जाएंगे।पांच विमानों की पहली खेप ने सोमवार को उड़ान भरी है और 7000 किलोमीटर का लंबा सफर तय करने के बाद यह 29 जुलाई को हरियाणा के अंबाला स्थित एयरबेस पहुंचेंगे। राफेल 10 घंटे की दूरी तय करने के बाद संयुक्त अरब अमीरात में फ्रांस के एयरबेस अल धफरा एयरबेस पर उतरेगा। अगले दिन राफेल विमान अम्बाला के लिए उड़ान भरेगा।राफेल भारतीय वायु सेना के 17 वें स्क्वाड्रन 'गोल्डन ऐरो' का हिस्सा बनेगा,जो राफेल विमान से सुसज्जित पहला स्क्वाड्रन है। भारतीय वायु सेना के पायलट जिन्होंने राफेल विमान के उड़ान का प्रशिक्षण लिया है वही विमान उड़ाकर लेकर भारत आएंगे। राफेल विमान को औपचारिक रूप से 29 जुलाई को भारतीय वायु सेना में अम्बाला में शामिल किया जाएगा।फ्रांस से भारत 36 राफेल जेट फाइटर 36 हजार करोड़ रुपए में खरीदेगा। फ्रांस स्थित दूतावास ने आज इसकी जानकारी दी। भारत को पहला राफेल अक्टूबर-19 में सौंपा गया था। 

22-07-2020
राजनाथ सिंह ने कहा, वायुसेना को बदलते वक्त के साथ तकनीक में आ रहे बदलावों को अपनाने की जरूरत 

नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पूर्वी लद्दाख में भारत एवं चीनी सेनाओं के बीच तनाव एवं तैनाती कम करने के प्रयासों की बुधवार को सराहना की और साथ ही भारतीय वायुसेना को आगाह किया कि वह किसी भी विपरीत परिस्थिति के लिए हर क्षण तैयार रहे।रक्षा मंत्री यहां वायुसेना के कमांडरों के सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। वायुसेना के मुख्यालय वायु भवन में बुधवार को हुए इस सम्मेलन को एयर चीफ मार्शल आरके सिंह भदौरिया ने भी संबोधित किया।
रक्षा मंत्री ने कहा कि अपनी संप्रभुता की रक्षा करने का किसी राष्ट्र का संकल्प, उस देश की जनता का सशस्त्र सेनाओं की क्षमता पर विश्वास से मजबूत होता है। उन्होंने वास्तविक नियंत्रण रेखा पर जारी तनाव घटाने के प्रयासों की सराहना की और साथ ही यह भी कहा कि वायुसेना को किसी भी विपरीत स्थिति का सामना करने के लिए तत्पर रहना चाहिए।

उन्होंने कहा कि वायुसेना में आने वाले दिनों में स्वदेशी तकनीक का प्रयोग बढ़ाया जाएगा। रक्षा मंत्री ने चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ की नियुक्ति और रक्षा उत्पादन प्राधिकरण के गठन के माध्यम से तीनों सेनाओं के बीच तालमेल एवं एकीकरण के क्षेत्र में हुई प्रगति पर भी संतोष व्यक्त किया।रक्षा मंत्री ने कहा कि वायुसेना को बदलते वक्त के साथ तकनीक में आ रहे बदलावों को अविलंब अपनाने की जरूरत है। नैनो तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर एवं अंतरिक्ष के क्षेत्र में क्षमता विस्तार किया जाना चाहिए। उन्होंने वायुसेना के कमांडरों को आश्वासन दिया कि सशस्त्र सेनाओं की वित्तीय एवं अन्य हर प्रकार की जरूरतों को पूरा किया जाएगा।वायुसेना प्रमुख ने कमांडरों को संबोधित करते हुए कहा कि वायु सेना अल्पकालिक तथा सामरिक खतरों का सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार है और वायुसेना की सभी यूनिट दुश्मन की किसी भी आक्रामक कार्रवाई का जवाब देने में सक्षम हैं।

 

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