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14-11-2019
होटल संचालक ने कचरा सड़क पर फेंका, नगर निगम ने ठोका 2 हजार का जुर्माना

रायपुर। चंगोराभाठा में एक होटल संचालक कचरे को सड़क पर फेंकते पाया गया। उस पर 2 हजार रुपए जुर्माने के साथ ही कड़ी फटकार भी लगाई गई। नगर निगम के जोन क्रमांक 5 के सेनेटरी इंस्पेक्टर दिलीप साहू ने बताया कि होटल संचालक का नाम चन्दू देवांगन है। वह चाय नाश्ता के होटल के साथ बच्चों के चिप्स, नड्डा, मुरकु आदि चीजें बनाकर बेचता हैं। गुरुवार को होटल से निकले खराब सामानों के साथ पॉलीथीन आदि चीजों को सड़क पर फेंकते पाया गया। इस पर दुकानदार के खिलाफ 2 हजार रुपए के जुर्माने की कार्यवाही की गई।

11-09-2019
होटल में ऑनलाइन बुक कमरों को समय पूर्व खाली कराया, फोरम ने हर्जाना भरने का दिया आदेश

दुर्ग। बेवसाइट से ऑनलाइन बुक कराए गए होटल के कमरे को समय से पूर्व खाली कराए जाने के मामले में जिला उपभोक्ता फोरम द्वारा फैसला पारित किया गया है। फोरम में होटल संचालक सहित बेवसाइट को एक माह की अवधि में प्रभावित पक्ष को ब्याज के साथ बुकिंग राशि वापस करने तथा मानसिक क्षतिपूर्ति का भुगतान करने का आदेश दिया है। मामला रामेश्वर के होटल रामा पैलेस से संबंधित है। जिला उपभोक्ता फोरम में यह प्रकरण नगपुरा निवासी उपेन्द्र सिंह चौहान ने दाखिल किया था। प्रकरण में बताया गया था उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों के साथ अप्रैल 2016 में बैंगलुरु, कन्याकुमारी व रामेश्वरम घूमने का प्रोग्राम बनाया था। रामेश्वर में ठहरने के लिए 21 अप्रैल 2016 को गो-आईबीबो डॉटकॉम की साइट के माध्यम से होटल रामा पैलेस में बुकिंग कराई गई थी। होटल में दो कमरों की बुकिंग 27 अप्रैल से 28 अप्रैल 2016 तक के लिए होने की जानकारी साइट के माध्यम से मिली थी। जिसके आधार पर उपेन्द्र अपने परिजनों के साथ 27 अप्रैल की सुबह होटल रामा पैलेस पहुंच गए थे। शाम को होटल संचालक ने रात्रि में ठहरने के लिए अतिरिक्त किराए की मांग करते हुए कमरों को खाली करा लिया। इस संबंध में बेवसाइट से शिकायत किए जाने पर समस्या का किसी प्रकार से निराकरण नहीं किया गया। यात्रा से वापस आने पर बेवसाइट व होटल संचालक को अधिवक्ता के माध्यम से नोटिस भेजा गया, लेकिन किसी प्रकार का जवाब नहीं मिला। जिस पर प्रकरण को उपभोक्ता फोरम के समक्ष प्रस्तुत किया गया था। प्रकरण पर विचारण पश्चात उपभोक्ता फोरम अध्यक्ष लवकेश प्रताप सिंह बघेल ने इसे सेवा में कमी मानते हुए, वेबसाइट तथा होटल के संचालकों को संयुक्त रुप से दोषी माना है। फोरम ने उन्हें एक माह की अवधि में बुकिंग के लिए गए किराए की राशि 6 प्रतिशत ब्याज के साथ लौटाने तथा इससे हुई मानसिक क्षति की पूर्ति के लिए 10 हजार रु. व वाद व्यय की राशि 1000 रु. का वादी को भुगतान करने का निर्देश दिया। 

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