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11-08-2021
सुरेंद्र मांडले का पक्का मकान का सपना हुआ साकार

रायपुर। तिल्दा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत पिकरीडीह के निवासी सुरेन्द्र मांडले का पक्का मकान का सपना साकार हो गया है। उनके पास रहने के नाम पर मिट्टी के एक कमरे का कच्चा मकान ही था। बरसात के दिनों में छत से पानी टपकता था,जिससे उन्हें अनेक प्रकार के परेशानियों का सामना करना पड़ता था। सुरेन्द्र मांडले और उसका परिवार अपने टूटते हुए कच्चे घर को लेकर चिन्तित रहते थे। सुरेन्द्र मांडले रोजी-रोटी के लिए ग्राम पंचायत के पास ठेला लगाकर अंडा बेचकर जीवन-यापन करते हैं।

उनकी पत्नी के गर्भवती होने पर उनके घर बनाने का सपना को पूरा करना अब जरूरी हो गया था परन्तु उनकी आमदनी प्रतिदिन 200 से 300 रूपये ही होने पर घर का सपना पूरा नहीं हो पा रहा था। जिन्दगी की इसी उठा पटक में मांडले को एक दिन ग्राम पंचायत से प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण से पक्का आवास मिलने की जानकारी हुई। उन्होंने आवास मिलने की पूरी प्रक्रिया को समझ कर नियमानुसार आवेदन जमा किया। कुछ दिनों के बाद उन्हें आवास स्वीकृति पत्र प्राप्त हुआ।

इसी बीच गौरी मांडले ने एक स्वस्थ सुन्दर पुत्र को जन्म दिया ऐसी स्थिति में दोनों दम्पत्ति के आँखों में खुशी के आंसू छलक रहे थे। हितग्राही मांडले ने तुरंत ही अपने आवास निर्माण का कार्य प्रारंभ किया। देखते ही देखते 4 माह में ही उनका आवास पूर्ण हो गया। आवास में लगने वाले बिजली फिटिंग एवं नल कनेक्शन का कार्य उन्होंने स्वयं किया, जिससे कि सर्व सुविधायुक्त आवास का निर्माण हो गया। उन्होंने बताया कि उन्हें आवास योजना के तहत 1 लाख 20 हजार, स्वच्छ भारत मिशन शौचालय राशि 12 हजार एवं मनरेगा मजदूरी के लिए 15 हजार 480 रूपये की राशि प्राप्त हुई थी। उन्होंने बताया कि योजना के अभिसरण साथ मिलने वाली स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय, मनरेगा के तहत 90 दिन का रोजगार तथा प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत गैस चूल्हा, राशन कार्ड से अनाज, स्मार्ट कार्ड का लाभ प्राप्त हो रहा है। शासन से संचालित योजनाओं का लाभ मिलने से सुरेन्द्र मांडले एवं उसका परिवार अब खुशहाली से जीवन यापन कर रहे हैं।

 

12-07-2021
अटल नगर स्पोर्ट्स क्लब ने साकार किया संकल्प, 'खेल मेल से आगे बढ़- गढ़बो नवा छत्तीसगढ़'

रायपुर। खेल मेल से आगे बढ़- गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने अटल नगर फुटबॉल क्लब (ANFC) ने नवा रायपुर में फुटबॉल मैच रखा। विगत 3 महीने से लोग घरों में कैद थे,इस कारण बच्चे सबसे ज्यादा दुखी थे। इस बात को ध्यान में रखते हुए एक दिवसीय चैंपियनशिप कप फुटबॉल टूर्नामेंट में सिर्फ आठ टीमों को ही हिस्सा लेने का अवसर मिल सका। लंबे समय तक खेल बंद होने के कारण मैदान में गाजर घास का अम्बार लग गया था। इसे नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के सहयोग एवं टीम के सदस्यों ने अथक प्रयास कर दो दिनों में साफ कर मैच खेलने का निर्णय लिया। नवा रायपुर में खेल और भाईचारा को बढ़ावा देने के लिए विगत वर्ष 1 मार्च 2020 को भव्य फुटबॉल टूर्नामेंट हुआ था। इसमें छत्तीसगढ़ शासन तकनीकी शिक्षा एवं पंचायत तथा ग्रामीण विकास विभाग के सचिव आर. प्रसन्ना मुख्य अतिथि थे। छुट्टी के दिन रविवार को फुटबॉल मैच में अफ्रीका की फुटबॉल क्लब (जो कालिंगा विश्वविद्यालय, रायपुर में अफ्रीका के विद्यार्थियों ने बनायी है) ने ट्रॉफी पर 2-0 से कब्जा जमाया। माना फुटबॉल टीम को उप विजेता की ट्रॉफी से संतोष करना पड़ा। दोनों गोल पैट्रिक ने दागे थे, जिसके लिए उन्हें गोल्डन बूट से नवाजा गया। माना टीम के हेमन्त ने बेस्ट आल राउंडर बने। शालिनी के नेतृत्व एवं टीम कोच सुश्री प्रेरणा के मार्गदर्शन में जे एल फुटबॉल क्लब के बालिकाओं ने खेल एवं आपसी समन्वय का अद्भुत प्रदर्शन किया।

इसी टीम की मनीषा गोल्डन ग्लोवस से सम्मानित की गई। बेस्ट मिड फील्डर के रूप में कुलवीर पुरस्कृत किए गए। ग्राम पंचायत नवागांव- खपरी के वार्ड नम्बर- 2 के सदस्य प्रतिनिधि संतोष वर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में सभी खिलाड़ियों का परिचय लिया। उपस्थिति महिला टीमों में जेएल फुटबॉल क्लब, प्रगति महिला संगठन और पुरुष टीमों में अटल नगर फुटबॉल क्लब की सीनियर और जूनियर टीम के साथ माना फुटबॉल टीम, केन्द्री फुटबॉल टीम, अफ्रीका टीम, सेक्टर 27 की ए पी एल टीम ने भाग लिया। इस प्रकार ’’खेल-मेल से आगे बढ़-गढ़बो नवा छत्तीसगढ़’’ को चरितार्थ करने और खुद को चुस्त-दुरूस्त, फिट रखने और खेलों को बढ़ावा देने नवा रायपुर के सेक्टर-17, 26, 27, 28 व सेक्टर-29 के रहवासी बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों ने अटल नगर स्पोर्ट्स क्लब का गठन किया है। क्लब के सदस्यों ने फेसबुक और व्हाट्स-अप के साथ ही अन्य सोशल मीडिया के जरिए लोगों को फुटबॉल से जुड़ने हेतु निरंतर प्रयासरत हैं।

इनके साथ पवन तिवारी के अगुवाई में भू- संरक्षणम टीम का भरपूर सहयोग रहता है, जिनका प्लास्टिक मुक्त भारत प्रथम उद्देश्य है। ANSC के अध्यक्ष राजीव त्रिपाठी ने बताया कि हमारे क्लब का उद्देश्य लोगों को अपने स्वास्थ्य के साथ ही साथ पर्यावरण को भी प्रदूषण मुक्त करने का है। खेल के माध्यम से लोगों को अपनी इम्यून सिस्टम बढ़ाने, और आस- पास के लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने को याद दिलाना है। त्रिपाठी ने बताया कि कोरोना महामारी के दौरान शासन के नियमों को पालन करते हुए ये तीसरा बड़ा मैच खेला गया, पहला मैच पिछले साल राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर खेला गया था। अभिषेक ने मैच में मुख्य रेफरी की भूमिका निभाई। मैच के बाद विजेता टीम को राशि रुपए 1500-और ट्राफी एवं उपविजेता टीम को राशि रुपए 1000 तथा ट्रॉफी से सम्मानित किया गया। ANFC के कोच कुलवीर सिंग राणा ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन और आस पास के उपस्थिति लोगों को खेल को बढ़ावा देने के लिए आग्रह किया। अटल नगर स्पोर्ट्स क्लब के डीके गुप्ता, किशु, अभिषेक, सीताराम तिवारी, वीकेश अग्रवाल, आदित्य, सागर, लोकेश, मेस्सी, राहुल, अंकित जैन और अन्य खिलाड़ियों के साथ सेक्टर के अन्य लोग भी उपस्थित थे।

16-05-2021
अब बिलासपुर वासियों के सपने होंगे साकार, भूपेश बोले- अरपा नदी छत्तीसगढ़ का गौरव और हमारी सांस्कृतिक पहचान

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि जीवनदायिनी अरपा नदी बिलासपुर का ही नहीं छत्तीसगढ़ का गौरव है। यह नदी हमारी सांस्कृतिक पहचान से जुड़ी हुई है। राज्य गीत का पहला शब्द भी अरपा नदी को समर्पित है। उन्होंने कहा कि अरपा को पुनर्जीवित करने और प्रवाहमयी बनाने के लिए राज्य सरकार ने समय-समय पर अनेक कदम उठाए हैं। हम लगातार इसके लिए हर संभव प्रयास करते रहेंगे। अरपा को लेकर बिलासपुर के लोगों ने जो सपने देखे हैं, जिन कार्यों की लोगों को लंबे समय से प्रतीक्षा थी, इस परियोजना के शिलान्यास के साथ उन सपनों के साकार होने की शुरुआत हो रही है। मुख्यमंत्री ने रविवार को अपने निवास कार्यालय में हुए वर्चुअल कार्यक्रम में बिलासपुर में 93 करोड़ 70 लाख रुपए की लागत के अरपा उत्थान एवं तट संवर्धन कार्य का शिलान्यास किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता गृहमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री ताम्रध्वज साहू ने की। गृह मंत्री और विशिष्ट अतिथि के तौर पर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया वर्चुअल रूप से कार्यक्रम में जुड़ें। मुख्यमंत्री ने कहा कि अरपा से हमारा भावनात्मक लगाव है। अरपा को पुनर्जीवित करने के लिए अरपा बचाव आंदोलन चलाया गया था और पद यात्राएं भी की गई थीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत भी इन पद यात्राओं में शामिल हुए थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अरपा उत्थान एवं तट संवर्धन योजना में नदी के दोनों किनारों पर इंदिरा सेतु से शनिचरी रपटा तक 1.80 किलोमीटर की फोरलेन आधुनिक सड़क बनाई जाएगी। इससे शहर का यातायात सुगम तरीके से संचालित हो सकेगा। नेहरू चौक से शहर के व्यस्ततम गोल बाजार-सदर बाजार और शनिचरी बाजार की तरफ जाने के लिए शहरवासियों को एक व्यवस्थित वैकल्पिक मार्ग मिल जाएगा, वहीं सरकंडा की ओर भी लोगों को इन जगहों तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त मार्ग की सुविधा मिलेगी। इस प्रोजेक्ट में नदी के दोनों ओर फोरलेन सड़क में डिवाइडर के साथ साथ सौंदर्यीकरण भी किया जाएगा। इसके अलावा सड़क की पूरी लंबाई में आकर्षक स्ट्रीट और सोलर लाइट भी लगाई जाएगी।


उन्होंने कहा कि अरपा नदी में जमी सिल्ट को इस प्रोजेक्ट के तहत हटाने का भी काम शुरू किया जाएगा। इससे बिलासपुर का जल स्तर रिचार्ज होगा। अरपा के जल को दूषित होने से बचाने के लिए सड़क के दोनों ओर पेरीफेरियल नाले बनाएं जाएंगे, शहर के गंदे पानी को पंपिग स्टेशन से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचाया जाएगा और साफ पानी नदी में छोड़ा जाएगा। इससे बहुत हद तक अरपा को दूषित होने से बचाया जा सकेगा। इस कार्य में अरपा के उत्थान के साथ-साथ तट संवर्धन का भी कार्य शामिल है। इसमें नदी के दोनों ओर तट पर पिचिंग कार्य एवं तट से लगी भूमि पर खूबसूरत लैंड स्कैपिंग कर उद्यान विकसित करने की भी योजना है।
बघेल ने कहा कि आज पूरा देश कोरोना संकट का सामना कर रहा है। दूसरी लहर में छत्तीसगढ़ में भी गंभीर चुनौतियां खड़ी की है। हम सब ने मिलकर कोरोना को काफी हद तक नियंत्रण करने में सफल हुए हैं। अप्रैल माह में छत्तीसगढ़ में 30 प्रतिशत तक संक्रमण दर पहुंच चुकी थी, जो अब घटकर केवल 11 प्रतिशत रह गई है। पूरे प्रदेश में टीकाकरण का काम तेजी से किया जा रहा है। टीकाकरण के बाद भी मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग जैसी सावधानियों को हमें नहीं भूलना है। इस संकट में हमारे सामने आर्थिक चुनौतियां भी खड़ी की हैं, लेकिन राज्य सरकार ने लोगों के जीवन को बेहतर बनाने की योजनाओं से कोई समझौता नहीं किया है। मितव्ययता की दृष्टि से नवा रायपुर में नए राजभवन और नए सीएम हाउस सहित कई ऐसे निर्माण कार्य रोक दिए गए हैं। जिन्हें बाद में पूरा किया जा सकता है।


कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री बघेल ने बिलासपुर के अनेक सौगातें दी हैं। बिलासपुर का एयरपोर्ट प्रारंभ हुआ। एयरपोर्ट का नामकरण बिलासा देवी केंवटिन के नाम पर किया गया। कोरोना की चुनौतियों के बावजूद जनहितकारी योजनाओं का संचालन सफलता पूर्वक किया जा रहा है। उन्होंने अरपा उत्थान एवं तट संवर्धन योजना के कार्यों को अच्छी गुणवत्ता के साथ समय सीमा में पूरा करने की उम्मीद जताई। नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया ने कहा कि अरपा नदी के संरक्षण के कार्यों के तहत शिवघाट और पचरी घाट में दो बैराजों का कार्य शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा कि बिलासपुर शहर में पेयजल की व्यवस्था के लिए इस वर्ष के बजट में प्रावधानित 20 करोड़ रुपए की राशि के कार्य जल्द शुरू किए जाएंगे। इस दौरान संसदीय सचिव रश्मि आशीष सिंह, विधायक शैलेश पाण्डेय, बिलासपुर महापौर रामशरण यादव ने भी अपने विचार प्रकट किए। मुख्यमंत्री ने इस योजना के शिलान्यास के अवसर पर बिलासपुर शहर के निवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। बिलासपुर में जल संसाधन विभाग के प्रार्थना सभा कक्ष में आयोजित कार्यक्रम में अतिथि के रूप में सांसद अरूण साव, संसदीय सचिव रश्मि आशीष सिंह, महापौर रामशरण यादव, विधायक शैलेश पाण्डेय, जिला पंचायत अध्यक्ष  अरूण सिंह चौहान, निगम के सभापति शेख नजीरूद्दीन और अटल श्रीवास्तव, कमिश्नर बिलासपुर संजय अलंग मौजूद थे। इस कार्यक्रम में अरपा तट संवर्धन पर एक वीडियो प्रस्तुतिकरण दिया गया। कलेक्टर सारांश मित्तर ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि भविष्य में नदी तट में विकसित उद्यानों के किनारे वाटर स्पोर्ट्स, बोटिंग इत्यादि की सुविधा का भी विस्तार किया जाएगा। बहुप्रतीक्षित अरपा उत्थान एवं तट संवर्धन का कार्य बिलासपुर के साथ ही प्रदेश के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। आभार प्रदर्शन नगर निगम के बिलासपुर कमिश्नर अजय त्रिपाठी ने किया।

 

20-03-2021
30 करोड़ रुपए के विकास कार्यों के लिए विधायक ने जताया मुख्यमंत्री का आभार 

भिलाई। विधायक देवेंद्र यादव शहर के विकास के लक्ष्य को साकार करने लगातार जी तोड़ मेहनत कर रहे हैं। शहर के विभिन्न विकास कार्यों के लिए विधायक प्रस्ताव बनाकर लगातार शासन से मांग कर रहे थे। भिलाई के हित और विकास के लिए विधायक देवेंद्र के विकास कार्य के प्रस्ताव को शासन ने स्वीकृत दे दी है और इसी के साथ छग के सीएम भूपेश बघेल ने विधायक देवेंद्र की पहल पर भिलाई निगम को 30 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत दी है। राशि वित्तीय वर्ग 2020-21 में नगर पालिक निगम भिलाई को अधोसंरचना मद अंतर्गत विकास कार्यों के लिए वित्त समिति की बैठक 17 फरवरी 2021 द्वारा राशि 30 करोड़ रुपए की अनुशंषा की गई थी। इस पर सीएम भूपेश बघेल ने स्वीकृति देते हुए भिलाई निगम क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में 217 विकास कार्य के लिए कुल 29 करोड़ 95 हजार 83 हजार रुपए की स्वीकृति दे दी है।

इसके लिए विधायक ने भूपेश बघेल सहित नगरीय निकाय मंत्री का आभार जताया है और कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार का लगातार भिलाई के विकास के लिए भरपूर सहयोग मिलते रहा है। उन्हें पूरी उम्मीद है कि आने वाले समय में भी उन्हें इसी तरह से आर्शीवाद और प्यार मिलता रहेगा। हुडकों वार्ड में करोड़ों रुपए का विकास कार्य होने वाला है। विधायक यादव ने हुडको के विकास के लिए लाखों रुपए स्वीकृत कराए हैं। सबसे बड़ा काम हुडको में 1 करोड़ 48 लाख की लागत से वार्ड 69 दशहरा मैदान में डोम शेड और मैदान विकास कार्य कराया जाएगा। इसके अलावा 10 लाख की लागत से विभिन्न उद्यानों का सौंदर्यीकरण, वार्ड 70 हुडको में काली बाड़ी में डोम शेड निर्माण 12 लाख की लागत से। वार्ड 69 में बौद्ध परिसर के पास वाचनालय निर्माण 4 लाख की लागत से और श्रीराम परिसर के पास विस्तारीकरण 5 लाख से होगा। वार्ड 16 कैलाश में सड़कों एवं विभिन्न मार्गों का डामरीकरण कार्य 49.50 लाख की लागत से किया जाएगा। 38 लाख की लागत से वार्ड 27 घासीदास नगर मैदान का उन्नयन कार्य होगा। साथ ही 38 लाख की लागत से वार्ड 38 बाम्बे रेशन आवास का जीर्णोंधार किया जाएगा। 10 लाख की लागत से कुष्ट आश्रम बस्ती में मंच एवं शेड व अन्य निर्माण कार्य किया जाएगा। 1 करोड़ की लागत से जोन 4 क्षेत्र के सिवरेज लाइन का पूरा संधारण किया जाएगा। ताकि निकासी की समस्या न हो और बारिश में किसी के घर व गली में पानी न भरे। 98 लाख की लागत से वार्ड 52 सेक्टर 4 शासकीय शासकीय स्कूल के समीप खेल मैदान का विकास किया जाएगा। 70 लाख की लागत से वार्ड 64 सेक्टर 10 सड़क 5 व 6 के मध्य खेल मैदान का विकास किया जाएगा।

38 लाख की लागत से वार्ड 65 सेक्टर 7 मार्केट मैदान का विकास कार्य किया एवं बैडमिंटन कोर्ट बनाया जाएगा। 37.43 लाख की लागत से वंदे मातरम, गोकुल नगर, कुरूद वार्ड 16 में सड़क, नाली पोल आदि लगाने का काम किया जाएगा। कोसानगर की सड़क डामरीकरण की जाएगी। 52 लाख की लागत से वार्ड 14 के स्पोट्स काम्पलेक्स का उन्नयन कार्य। वार्ड 27 घासीदास नगर के मैदान का उन्नयन कार्य 38 लाख की लागत से। डेढ़ करोड़ की लागत से जोन 4 खुर्सीपार के वार्ड 30 स्थित इंग्लिश मिडियम स्मार्ट स्कूल निर्माण कार्य किया जाएगा। 68 लाख की लागत से वार्ड 35 नवीन कॉलेज मैदान में प्रकाश की व्यवस्था की जाएगी। 47 लाख से वार्ड 28 छावनी शहीद चुम्मन यादव सरोवर का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। 35.72 लाख की लागत से माईल स्टोन स्कूल के पास खम्हरिया वार्ड 1 निर्माणाधीन आवास गृहाें तक नाली और कलवर्ट निर्माण। 45.21 लाख की लागत से केईसी के पीछे खम्हरिया वार्ड 1 में बने आवासों तक पहुंच मार्ग, पोल, स्ट्रीट लाइट लगाई जाएगी।91.93 लाख की लागत से सूर्याविहार माल के पीछे खम्हरिया वार्ड 1 में निर्माणाधीन आवासों तक पहुंच मार्ग, पोल, स्ट्रीट लाइट और नाली व कलर्व निर्माण किया जाएगा। 14.24 लाख की लागत से वार्ड 55 सेक्टर 6 में जन सुविधा एवं निर्माण कार्य किया जाएगा। 49.99 लाख की लागत से वार्ड 55 सेक्टर 6 सतनाम भवन में तृतीय तल कमरा निर्माण एवं भवन मरम्मत किया जाएगा।

22-12-2020
‘पहल’ अभियान में होगा महादेव तालाब का सौंदर्यीकरण और साफ-सफाई

बीजापुर। ‘मनवा बीजापुर’ के परिकल्पना को साकार करने की दिशा में जिला मुख्यालय बीजापुर को सुव्यवस्थित ढंग से विकसित करने के लिए ‘पहल’ अभियान में अब नगर के ऐतिहासिक सरोवर महादेव तालाब का सौंदर्यीकरण एवं साफ-सफाई की जाएगी। इसके अंतर्गत सर्वप्रथम महादेव तालाब सहित महादेव तालाब के चारों ओर जनसहभागिता से साफ-सफाई किया जायेगा।इस के लिए 23 से 28 दिसम्बर तक हर दिन प्रातः साढ़े 6 बजे से 9 बजे तक विभिन्न समाजों, अधिकारी-कर्मचारी संगठनों,व्यापारी संघ, प्रेस क्लब सहित सभी लोगों की सहभागिता से श्रमदान किया जायेगा। कलेक्टर रितेश कुमार अग्रवाल ने नगर के ऐतिहासिक सरोवर महादेव तालाब को संवारने के लिए सभी लोगों से सक्रियता के साथ जुड़ने का आग्रह करते हुए कहा है कि नगर के मध्य में स्थित इस सरोवर के विकास एवं सौंदर्यीकरण से नगर गौरवान्वित होगा।

यहां पर साफ-सफाई के पश्चात सौंदर्यीकरण सहित बोटिंग एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराये जाने समुचित पहल की जायेगी। पहल अभियान में नगर के उक्त ऐतिहासिक सरोवर महादेव तालाब के साफ-सफाई के लिए 23 दिसम्बर को सीआरपीएफ एवं नगर सेना के जवानों सहित कृषि विज्ञान केन्द्र,उद्यानिकी,खनिज,आदिवासी विकास विभाग तथा नगर पालिका परिषद बीजापुर के अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा श्रमदान किया जायेगा। 

 

18-09-2020
राष्ट्रीय पोषण माह: व्यवहार और जागरूकता से ही स्वस्थ समाज की परिकल्पना होगी साकार

जांजगीर-चांपा। स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए पोषण व्यवहार में परिवर्तन आज एक आवश्यकता बन गई है। जीवन शैली के बदलाव से सामने आई कई बीमारियां हमारे लिए चुनौतियां बन गई हैं। कई देशों में मोटापा खान-पान की व्यवहारगत कमियों की वजह से तेजी से बढ़ रहा है। भोजन में पोषक तत्वों के अभाव ने लोगों की प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर दिया है। पोषण के प्रति जागरूकता की कमी और समुचित पोषण का अभाव या उपेक्षा हमारे सामने कई प्रकार की बीमारियों के रूप में सामने आता है। इसका सबसे बड़ा दुष्प्रभाव कुपोषण का एक विश्वव्यापी समस्या बनकर उभरना है। कोरोना काल में लोगों को इसका महत्व गहराई से समझ आने लगा है। आहार के प्रति सही व्यवहार और जागरूकता से ही एक स्वस्थ समाज की परिकल्पना को साकार किया जा सकता है।

स्वस्थ बच्चे के लिए मां का भी स्वस्थ होना जरूरी


रिसर्च में महिलाओं और बच्चों में कुपोषण का अधिक प्रभाव पाया गया है। राष्ट्रीय परिवार एवं स्वास्थ्य सर्वे-4 के अनुसार छत्तीसगढ़ के 5 वर्ष से कम उम्र के 37 प्रतिशत बच्चे कुपोषित और 15 से 49 वर्ष की 47 प्रतिशत महिलाएं एनीमिया से पीड़ित हैं। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा 2 अक्टूबर 2019 गांधी जयंती के दिन से मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान की शुरूआत कर गर्भवती महिलाओं और 6 वर्ष तक के बच्चों के लिए गर्म भोजन की व्यवस्था की गई है, जिससे महिलाओं और बच्चों में पोषक तत्वों की कमी को पूरा किया जा सके। स्वस्थ बच्चा स्वस्थ समाज की आधारशिला होता है। इस आधारशिला को मजबूत बनाने के लिए समुदाय स्तर पर सभी की सहभागिता और जन-जागरूकता बहुत जरूरी है। एक स्वस्थ जीवन के लिए तैयारी गर्भावस्था के दौरान ही शुरू कर देनी चाहिए। स्वस्थ बच्चे के लिए मां का भी स्वस्थ होना उतना ही जरूरी है। इसमें पोषण के पांच सूत्र- पहले सुनहरे 1000 दिन, पौष्टिक आहार, एनीमिया की रोकथाम, डायरिया का प्रबंधन और स्वच्छता और साफ-सफाई स्वस्थ नए जीवन के लिए महामंत्र साबित हो सकते हैं।        

 पहले सुनहरे 1000 दिन पहले

1000 दिनों में तेजी से बच्चे का शारीरिक एवं मानसिक विकास होता है। इनमें गर्भावस्था के 270 दिन और जन्म के बाद पहले और दूसरे वर्ष के 365-365 दिन इस प्रकार कुल 1000 दिन शामिल होते हैं। इस दौरान उचित स्वास्थ्य, पर्याप्त पोषण, प्यार भरा व तनाव मुक्त माहौल और सही देखभाल बच्चों का पूरा विकास करने में मदद करते हैं। इस समय मां और बच्चे को सही पोषण और खास देखभाल की जरूरत होती है। इस समय गर्भवती की कम से कम चार एएनसी जांच होनी चाहिए। गर्भवती और धात्री महिला को कैल्शियम और आयरन की गोलियों का सेवन कराया जाना चाहिए। इसके साथ ही संस्थागत प्रसव को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, जिससे मां और बच्चे का जीवन सुरक्षित हो सके। परिवार के लिए भी यह जानना और व्यवहार में लाना जरूरी है कि जन्म के एक घंटे के भीतर बच्चे को मां का पहला पीला गाढ़ा दूध देना बहुत जरूरी है,यह बच्चे में रोगों से लड़ने की शक्ति लाता है। 6 माह से बड़े उम्र के बच्चे को स्तनपान के साथ ऊपरी आहार दिया जाना चाहिए। इसके साथ बच्चे को सूची अनुसर नियमित टीकाकरण और बच्चे 9 माह होने पर उसे नियमित विटामिन ए की खुराक दी जानी चाहिए।

पौष्टिक आहार

6 महीने के बच्चे और उससे बड़े सभी लोगों को भी पर्याप्त मात्रा में तरह-तरह का पौष्टिक आहार आवश्यक लेना चाहिए। पौष्टिक आहार में विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थ जैसे कि अनाज, दालें, हरी पत्तेदार सब्जियां और मौसमी फल लेने चाहिए। हरी सब्जियों में पालक, मेथी, चौलाई और सरसों, पीले फल जैसे आम व पका पपीता खाए जा सकते हैं। यदि मांसाहारी हैं तो, अंडा, मांस और मछली आदि भोजन में लिया जा सकता है। खाने में दूख, दूध से बने पदार्थ और मेवे आदि शामिल करें। अपने खाने में स्थानीय रूप से उत्पादित पौष्टिक खाद्य पदार्थों को शामिल करें। आंगनबाड़ी से मिलने वाला पोषाहार अवश्य खाएं। यह निश्चित मात्रा में पौष्टिक पदार्थों को मिला कर तैयार किया जाता है। जब बच्चा 6 महीने का हो जाए तो मां के दूध के साथ घर का बना मसला और गाढ़ा ऊपरी आहार भी शुरू कर देना चाहिए जैसे- कद्दू, लौकी, गाजर, पालक तथा गाढ़ी दाल, दलिया, खिचड़ी आदि। यदि मांसाहारी हैं तो अंडा, मांस व मछली भी देना चाहिए। बच्चे के खाने में ऊपर से 1 चम्मच घी, तेल या मक्खन मिलाएं।बच्चे के खाने में नमक, चीनी और मसाला कम डालें। प्रारंभ में बच्चे का भोजन एक खाद्य पदार्थ से शुरू करें, धीरे-धीरे खाने में विविधता लाएं। बच्चे का खाना रूचिकर बनाने के लिए अलग-अलग स्वाद व रंग शामिल करें। बच्चे को बाजार का बिस्कुट, चिप्स, मिठाई, नमकीन और जूस जैसी चीजें न खिलाएं। इससे बच्चे को सही पोषक तत्व नहीं मिल पाते।

एनीमिया की रोकथाम

स्वस्थ शरीर और तेज दिमाग के लिए एनीमिया की रोकथाम करें। सभी उम्र के लोगों में एनीमिया की जांच और पहचान किया जाना महत्वपूर्ण होता है, ताकि व्यक्ति की हीमोग्लोबिन के स्तर के अनुसार उपयुक्त उपचार प्रारंभ किया जा सके। एनीमिया की रोकथाम के लिए आयरन युक्त आहार खाएं जैसे- दालें, हरी पत्तेदार सब्जियां, पालक, मेथी, फल, दूध, दही, पनीर आदि। यदि मांसाहारी है तो अंडा, मांस व मछली का भी सेवन करें। खाने में नींबू, आंवला, अमरूद जैसे खट्टे फल शामिल करें, जो आयरन के अवशोषण में मदद करते हैं। साथ ही आयरन युक्त पूरक लें।  आयरन युक्त पूरक प्रदान करने के लिए 6-59 माह के बच्चे को हफ्ते में 2 बार 1 मिली. आईएफए सिरप, 5-9 वर्ष की उम्र में आईएफए की एक गुलाबी गोली, 10-19 वर्ष तक की उम्र में हफ्ते में एक बार आईएफए की नीली गोली,गर्भवती महिला को गर्भावस्था के चौथे महीने से रोजाना 180 दिन तक आईएफए की एक लाल गोली, धात्री महिला को 180 दिन तक आईएफए की एक लाल गोली और कृमिनाश के लिए कीड़े की दवा (एल्बेण्डाजोल) की निर्धारित खुराक दी जाती है। आंगनबाड़ियों और स्वास्थ्य केन्द्रों के माध्यम से यह खुराक बच्चे को दिलाई जानी चाहिए।
इसके साथ ही प्रसव के दौरान कुछ सावधानियां भी जरूरी हैं जैसे  कि स्वास्थ्य संस्थाएं जन्म के पश्चात बच्चे की गर्भनाल 3 मिनट बाद ही काटें। इससे नवजात बच्चे के खून में आयरन की मात्रा बनी रहती है।


डायरिया का प्रबंधन

स्वस्थ शरीर और कमजोरी से बचाव के लिए डायरिया का प्रबंधन जरूरी है। इसके लिए व्यक्तिगत साफ-सफाई, घर की सफाई, आहार की स्वच्छता का ध्यान रखें और डायरिया से बचाव के लिए हमेशा स्वच्छ पानी पिएं। माताएं 6 माह तक बच्चे को केवल स्तनपान ही करवाएं। कोई और खाद्य पदार्थ यहां तक पानी भी नही दें क्योंकि वह भी बच्चे में डायरिया का कारण बन सकता है। डायरिया होने पर भी मां स्तनपान नहीं रोके बल्कि बार-बार स्तनपान करवाएं। शरीर को दोबारा स्वस्थ बनाने के लिए 6 माह से बड़े बच्चे को ऊपरी आहार के साथ बार-बार स्तनपान करवाएं। बच्चे को डायरिया होने पर तुरंत ओआरएस तथा अतिरिक्त तरल पदार्थ दें और जब तक डायरिया पूरी तरह ठीक न हो जाए तब तक जारी रखें। डायरिया से पीड़ित बच्चे को डॉक्टर की सलाह पर 14 दिन तक जिंक दें, अगर दस्त रूक जाए तो भी यह देना बंद नहीं करें।

स्वच्छता और साफ-सफाई


स्वास्थ्य और सफाई का हमेशा साथ रहा है। गंदगी कई बीमारियों का खुला निमंत्रण होती है। इसलिए अपनी स्वच्छता सुनिश्चित करें।हमेशा साफ बर्तन में ढक कर रखा हुआ शुद्ध पानी पिएं, बर्तन को ऊंचे स्थान पर लंबी डण्डी वाली टिसनी के साथ रखें। हमेशा खाना बनाने, स्तनपान से पहले, बच्चे को खिलाने से पहले, शौच के बाद और बच्चे के मल के निपटान के बाद साबुन और पानी से हाथ आवश्य धोएं। बच्चे को खाना खिलाने से पहले बच्चे के हाथों को साबुन और पानी से जरूर धोएं। शौच के लिए हमेशा शौचालय का उपयोग ही करें। किशोरियां और महिलाएं माहवारी के दौरान व्यक्तिगत साफ-सफाई का ध्यान रखें।

 

07-09-2020
ओडिशा तट पर एचएसटीडीवी का सफल परीक्षण,राजनाथ ने कहा- आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने की दिशा में बड़ा कदम

नई दिल्ली। हाइपरसोनिक टेक्नोलॉजी डिमॉन्स्ट्रेटर व्हीकल(एचएसटीडीवी) का भारत ने सोमवार को सफलतापूर्वक परीक्षण किया। यह परीक्षण ओडिशा तट पर कलाम द्वीप से किया गया। स्वदेशी तौर पर विकसित स्क्रैमजेट प्रोपल्शन सिस्टम का उपयोग करना सभी महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियां अगले चरण में प्रगति के लिए मान्य हैं। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के अध्यक्ष डॉ.जी.सतीश रेड्डी ने राष्ट्र की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए अपने दृढ़ और अटूट प्रयासों के लिए सभी वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और इस मिशन से जुड़े अन्य कर्मियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस मिशन के साथ डीआरडीओ ने अत्यधिक जटिल प्रौद्योगिकी के लिए क्षमताओं का प्रदर्शन किया है,जो उद्योग के साथ साझेदारी में नेक्स्टजेन हाइपरसोनिक वाहनों के लिए बिल्डिंग ब्लॉक के रूप में काम करेगा। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने डीआरडीओ को बधाई देते हुए कहा कि आज स्वदेशी रूप से विकसित स्क्रैमजेट प्रोपल्शन प्रणाली का उपयोग कर हाइपरसोनिक टेक्नोलॉजी डेमोंट्रेटर वाहन का सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया है। इस सफलता के साथ, सभी महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियां अब अगले चरण की प्रगति के लिए स्थापित हो गई हैं। मैं इस महान उपलब्धि के लिए बधाई देता हूं,जो पीएम के 'आत्मनिर्भर भारत' के सपने को साकार करने की दिशा में है। मैंने परियोजना से जुड़े वैज्ञानिकों से बात की और उन्हें इस महान उपलब्धि पर बधाई दी। भारत को उन पर गर्व है।

 

 

03-06-2020
पंखों को मिला खुला आसमान, महिलाओं ने गौठान में मशरूम उत्पादन की कल्पना को किया साकार 

रायपुर। ‘पंखों को मिला खुला आसमान‘ यह कहावत छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा बनाए गए आदर्श गौठान मौहाभाठा में चरितार्थ होती नजर आ रही है। शासन के प्रयासों और महिला स्व-सहायता समूहों की मेहनत से यहां महिलाएं अपने पैरों पर खड़ी हो रही है। बेमेतरा जिले के साजा विकासखण्ड के मौहाभाठा के गौठान में महुआ और कल्पना महिला स्व-सहायता समूहों की महिलाओं के परिश्रम और हिम्मत का नतीजा है कि गौठन में मशरूम उत्पादन की कल्पना को साकार किया जा सका है। महिला समूहों समूहों कुल 14 सदस्य है। इनकेे द्वारा गौठान में मशरूम उत्पादन के लिए 120 बैग लगाये गये हैं, जिसमें कुछ ही समय में उत्पादन होना शुरू हो जायेगा। इसके साथ ही और बैग लगाने की तैयारी भी की जा रही है। इन समूहों के द्वारा उत्पादित मशरूम की खुले मार्केट में अच्छी मांग है। मशरूम प्रोटीन का अच्छा स्त्रोत है जो सूखे और गीले दोनों रूपों में बिकता है। गौठान की फेन्सिंग में भी महुआ महिला स्व-सहायता समूह द्वारा बनाए गए तारजाली का उपयोग किया गया है। पंचायतों के फेन्सिंग के लिए भी इस समूह से बात की जा रही है। इसके अलावा कल्पना समूह की महिलाओं द्वारा गौठान में वर्मी खाद तैयार किया जा रहा है। इनके द्वारा निर्मित खाद की गुणवत्ता अच्छी होने के कारण किसानों  द्वारा खेतों में उपयोग के लिए इस वर्मी खाद की मांग बहुतायत से होने लगी है। महुआ महिला स्व-सहायता समूह के सफल संचालन में अध्यक्ष माया साहू, सचिव ब्रिजबाई मानिकपुरी, कोषाध्यक्ष अहिल्या साहू और कल्पना महिला स्वसहायता समूह की अध्यक्ष कुसुम बाई साहू, सचिव भूमिका साहू का अथक प्रयास रहा है। इनके मार्गदर्शन के लिए शासन स्तर पर अधिकारी लगातार उपस्थित रहते हैं, इससेे इनका मनोबल बना रहता है।

22-08-2019
मुख्यमंत्री के जन्मदिन पर विशेष: पुरखों के सपने होंगे साकार,लोगों की बढ़ी क्रय शक्ति, बढ़ा मान-सम्मान 

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में पुरखों के सपनों को साकार करने के लिए तेजी से फैसले लिए जा रहे हैं। जनता की नब्ज को पहचानते हुए मुख्यमंत्री ने हाल के 6-7 माह में प्रदेश की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए कई निर्णय लिए हैं। औद्योगिक वातावरण को बदलने के लिए खनिज आधारित उद्योगों के स्थान पर कृषि आधारित नए उद्योगों की स्थापना के लिए पहल की जा रही है, इससे जहां स्थानीय स्तर पर नए रोजगार के अवसरों का सृजन होगा वहीं किसानों और वनाचलों में वनोपज का संग्रहण करने वाले परिवारों की आमदनी में वृद्धि होगी।  नई सरकार के गठन और उनके द्वारा लिए जा रहे नए फैसलों और कदमों से नई उम्मीदें जागी है। किसान हितैषी फैसलों से प्रदेश में विकास, विश्वास और उत्साह का नया वातावरण बना है। लोगों की क्रय शक्ति बढ़ने के साथ ही उनका मान-सम्मान भी बढ़ा है। 

मुख्यमंत्री के किसान पुत्र होने और अविभाजित मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में मिले प्रशासनिक अनुभव का लाभ प्रदेश में विभिन्न विभागों के संचालन और नीति निर्धारण में मिल रहा है। छत्तीसगढ़ी भाषा में लोगों को सम्बोधित करना उनकी खासियत है। उनकी भाषा में छत्तीसगढ़ की मिठास और अपनी माटी की सौंधी महक मिलती है। विपक्ष में रहते हुए उन्होंने किसानों के मुद्दों पर हमेशा पैनी नजर रखी। अपने कार्यक्रमों में छत्तीसगढ़ के पुरखों को आदर और सम्मान देना नहीं भूलते। आधुनिक ज्ञान विज्ञान में उनकी गहरी रूचि है। वे नदी-नालों के पुनर्जीवन के लिए आधुनिक तकनीक पर विशेष बल देते हैं। श्री बघेल विद्यार्थियों को हमेशा वैज्ञानिक सोच और आधुनिक तकनीकों के उपोग के प्रति सजग रहने की समझाईश देते हैं। उनका मानना है कि हमारे देश ने आचार्य चरक, सुश्रुत, आर्यभट्ट और नागार्जुन जैसे महान वैज्ञानिक दिए लेकिन उन्नीसवीं सदी तक हम ज्ञान-विज्ञान के क्षेत्र में पिछड़ गए। इसका मुख्य कारण हमने सवाल पूछना बंद कर दिया है। उनका मानना है कि आज की ज्वलंत समस्याओं के समाधान के लिए हमें शोध पर ध्यान देना होगा। 

मुख्यमंत्री श्री बघेल नें राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की ग्राम और ग्रामीणों के विकास की अवधारणा के अनुरूप ग्रामीण जनजीवन को खुशहाल बनाने के लिए छत्तीसगढ़ की चार चिन्हारी नरवा, गरवा घुरवा बाड़ी को आधार बनाकर सुराजी गांव योजना शुरू की है। छत्तीसगढ़ की सतरंगी संस्कृति पर आम जनता को स्वाभिमान और गर्व की अनुभूति जगाने के लिए मुख्यमंत्री द्वारा हरेली, तीज , छठ, मां कर्मा जयंती और विश्व आदिवासी दिवस पर सामान्य अवकाश की घोषणा से लोगों में उत्साह का वातावरण है। ग्रामीण जनजीवन पर इसका खासा असर दिख रहा है। हाल में ही एक अगस्त को नए स्वरूप में हरेली तिहार मनाया गया। इसमें छत्तीसगढ़ की संस्कृति की बानगी देखते बनती थी। लोगों में ऐसा स्वस्फूर्त उत्साह पहली बार दिखा। इस उत्साह मेें मुख्यमंत्री सहित प्रदेश के सभी मंत्री शामिल हुए। गांवों के लोगों को रोजगार और उनकी आमदनी बढ़ाने के लिए छत्तीसगढ़ के गांवों में पौनी पसारी योजना से गांवों में परम्परागत रूप से लोहार, धोबी, और नाई आदि का काम करने वाले लोगों के लिए नगरीय क्षेत्रों में बाजार का निर्माण करने से इन परम्परागत रूप से काम करने वालों को सीधा फायदा होगा। जन चौपाल-भेंट मुलाकात के जरिए आम जनता से नजदीकी बनाए रखने की कोशिश की जा रही है इन मुलाकातों में लोगों से फीड बेक लेने के साथ ही उनकी समस्याओं और तकलीफें भी सुनी जा रही हैं।

प्रदेश की अर्थ व्यवस्था को गति देने के लिए किसानों को धान का प्रति क्विंटल ढाई हजार रूपए और अल्पकालीन कृषि ऋण मुक्ति का ऐतिहासिक फैसला लिया है, इससे जहां उद्योग और व्यापार जगत में तेजी आयी है। आटोमोबाइल सेक्टर में जहां मंदी का माहौल है वहीं छत्तीसगढ़ में 26 प्रतिशत की उछाल देखा गया है। मध्यम और कमजोर वर्ग को राहत देने के लिए भूमि की गाइड लाइन दरों में 30 प्रतिशत की कमी की गई है। साथ ही 5 डिस्मिल से छोटे भूखंडों की रजिस्ट्री पर लगा प्रतिबंध हटा दिया गया है। शासन से अुनमोदित रियल ईस्टेट के प्रोजेक्ट पर मकान की रजिस्ट्री दर 4 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है। नामांतरण और डायवर्सन प्रकरणें को लोक सेवा गारंटी योजना में शामिल कर समय सीमा में निराकरण करने से शहरों में मकान और भूखंड खरीदना आसान हो गया है। अब किसी भी आवासीय प्रोजेक्ट के लिए जरुरी सभी तरह की एनओसी लेने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू करने का फैसला लिया गया है।

मुख्यमंत्री का मानना है कि किसानों की उन्नति के लिए खनिज आधारित उद्योगों के स्थान पर हमें कृषि आधारित उद्योगों की स्थापना करनी चाहिए जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा किए जा सकें, जिससे यहां उत्पादित कृषि उपज और वनोपज का बेहतर मूल्य यहां के निवासियों को मिल सके। उन्होंने नई उद्योग नीति में कृषि आधारित उद्योगों की स्थापना को विशेष प्राथमिकता देने की भी घोषणा की है। वनांचल में रहने वाले लोगों की दिक्कत को समझते हुए उन्होंने वन अधिकार कानून के तहत प्राप्त आवेदनों की पुनः समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। इसी प्रकार वन क्षेत्रों में चिकित्सा और कुपोषण संबंधी दिक्कतों को दूर करने के लिए वनांचल के हाट बाजारों में चलित चिकित्सा इकाईयों के द्वारा इलाज की सुविधा प्रदान की जा रही है। वहीं आंगनबाड़ी केन्द्रों में गर्भवती और शिशुवती माताओं और बच्चों को सुपोषण अभियान के तहत पका हुआ गरमा-गरम भोजन देने की योजना भी प्रारंभ की गई है। 

मुख्यमंत्री श्री बघेल नें ग्रामीण जनजीवन को खुशहाल बनाने के लिए सुराजी गांव योजना में किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए गांवों में नदी नालों के पुनर्जीवन के लिए छोटे-छोटे जल संचयन के संरचनाएं बनाने पर जोर दिया है। योजना के प्रथम चरण में लगभग दो हजार गांवों में माडल गौठानों का निर्माण किया जा रहा है। इन गौठानों में पशुओें के लिए डे-केयर की व्यवस्था होगी। यहां पशुओं के लिए चारागाह विकसित किए जा रहे हैं। यहां बायोगैस संयंत्र और दुग्ध उत्पादन तथा पशु नस्ल सुधार जैसे कार्य किए जाएंगे। किसानों के घरों में घुरवा को स्मार्ट घुरवा बनाने के लिए भी कार्य प्रारंभ किया गया है, इससे जैविक खाद का उत्पादन वहीं जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा। जैविक खाद से जहां खेती में रसायनिक खाद की कमी आएगी। वहीं कृषि लागत से कमी आएगी। किसानों की बाड़ी में जैविक सब्जी को प्रोत्साहन देने से ग्रामीण क्षेत्रों में पोषण स्तर बढ़ेगा।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा  लगातार जनता की बेहतरी के लिए निर्णय लिए जा रहे हैं। स्कूल, कॉलेजों में शिक्षकों की भर्ती, बस्तर के लोहाण्डीगुड़ा में उद्योग के लिए अधिगृहित भूमि किसानों को वापस करने, तेंदूपत्ता संग्रहण की दर बढ़ाकर चार हजार करने, 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ करने, दिव्यांगजनों के विवाह हेतु दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि बढ़ाकर एक लाख रूपए करने, एनएमडीसी के नगरनार प्लांट में ग्रुप डी और सी की भर्ती परीक्षा दंतेवाड़ा में कराने के ऐतिहासिक फैसले लिए गए। मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक विकेन्द्रीयकरण की दृष्टि से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के नाम से नये जिले तथा 25 नई तहसीलों के गठन की घोषणा की है। इसी तरह अनुसूचित जातियों का आरक्षण 13 प्रतिशत और अन्य पिछड़ा वर्ग का आरक्षण 27 प्रतिशत करने की घोषणा की है। बस्तर और सरगुजा विकास प्राधिकरण के साथ मध्य क्षेत्र विकास प्राधिकरण के गठन की घोषणा के साथ ही इन प्राधिकरणों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष स्थानीय विधायकों को बनाया गया है। जाति प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया का सरलीकरण करते हुए पिता के जाति प्रमाण पत्र के आधार पर बच्चे के जन्म के साथ ही बच्चे को जाति प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे हैं। राज्य सरकार ने अपने फैसलों से ’गढ़बो नवा छत्तीसगढ़’ की दिशा में मजबूती से कदम बढ़ाये हैं। पुरखों के सपनों के अनुरूप एक ऐसे छत्तीसगढ़ के निर्माण का सपना साकार होगा, जहां समाज के सभी वर्ग सशक्त और खुशहाल होंगे और हमारी कृषि आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। 

 

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