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पेट्रोल के दाम में वृद्धि का विरोध, घोड़े में सवार राष्ट्रपति के नाम राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन 

रायपुर। लगातार बढ़ रहे पेट्रोल-डीजल के दामों के विरोध में जनता युवा कांग्रेस ने रविवार को अनोखा प्रदर्शन किया। युवा जनता कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष विनोद तिवारी के नेतृत्व में 30 से अधिक घोड़ों पर सवार होकर जोगी बंगले से राज्यपाल निवास पहुंचे। उन्होंने राष्ट्रपति के नाम राज्यपाल बलरामदास जी टंडन को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम पदार्थों में बढ़ती कीमतों के कारण आम लोगों का घरेलू बजट बढ़ गया है। सरकार मुनाफा कमा रही है। जनता को राहत पहुंचाने कुछ नहीं किया जा रहा है। विनोद तिवारी ने कहा कि हमने इसलिए घोड़े की सवारी  की क्योंकि जिस दाम में आज पेट्रोल मिल रहा है, उस दाम में आज घोड़े की सवारी करना ज्यादा किफायती है। 

उन्होंने कहा कि  कही ना कही आज हमको पुराने जमाने की तरफ भेजा जा रहा है। हमारी मांग है कि पेट्रोल-डीजल को भी जीएसटी के दायरों में लाया जाए। आज पूरा देश पेट्रोल की बढ़ती कीमत से परेशान है। इसके बढ़ते दामों के कारण परिवहन खर्च बढ़ रहा है, जो महंगाई को और बढ़ा रहा है। देश की जनता महंगाई से परेशान है। उससे राहत दिलाने सरकार कुछ नहीं कर रही है। 

90 रुपए होने वाला है पेट्रोल, एक साथ बढ़ेंगे 6-8 रुपए प्रति लीटर की दर से 

नई दिल्ली। पेट्रोल-डीजल की महंगाई से परेशान आम आदमी की जेब पर और बोझ बढ़ने वाला है।  आने वाले दिनों में देश में पेट्रोल की कीमत 90 रुपए प्रति लीटर तक जा सकती हैं।  दरअसल, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार इजाफा हो रहा है।  आगे भी कच्चा तेल और महंगा होने की संभावनाएं हैं।  दूसरी ओर रुपए में कमजोरी लगातार बढ़ती जा रही है।  ऐसे में तेल कंपनियों के पास पेट्रोल-डीजल की कीमतों को होल्ड करने की गुंजाइश कम होगी।  पिछले पांच दिन में पेट्रोल 1 रुपए और डीजल 1.15 रुपए प्रति लीटर महंगा हो चुका है।  आशंका है कि अगले कुछ दिनों में पेट्रोल-डीजल में 6-8 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो सकती है।  अगर ऐसा हुआ तो मुंबई में पेट्रोल 90 रुपए प्रति लीटर और दिल्ली में 80 रुपए प्रति लीटर पहुंच जाएगा। 

क्या है आज का भाव

दिल्ली में आज पेट्रोल पर 29 पैसे की बढ़ोतरी की गई।  पेट्रोल का दाम 75.61 प्रति लीटर पहुंच गया।  वहीं, डीजल भी 29 पैसा महंगा होकर 67.08 पैसे पर पहुंच गया है।  मुंबई में पेट्रोल 29 पैसा महंगा होकर 83.50 रुपए प्रति लीटर, डीजल 30 पैसा महंगा होकर 71.41 रुपए प्रति लीटर पर पहुंच गया है।  कोलकाता में पेट्रोल 28 पैसे बढ़कर 78.29 प्रति लीटर पहुंच गया है।  वहीं, मुंबई में डीजल 30 पैसा महंगा होकर 69.62 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया है।  चेन्नई में पेट्रोल पर 30 पैसे बढ़ाए गए हैं, इसकी कीमत 78.46 प्रति लीटर है।  वहीं चेन्नई में डीजल 31 पैसे महंगा होकर 70.793 प्रति लीटर पर पहुंच गया है। 

85 डॉलर के पार जाएगा क्रूड

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 80 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई हैं।  एक्सपर्ट्स की मानें तो आगे भी कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी रहेगी और यह 85 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकता है।  सीनियर एनालिस्ट अरुण केजरीवाल के मुताबिक, ओपेक देशों की तरफ से उत्पादन में कटौती के चलते इसके दाम बढ़ेंगे।  वहीं, अमेरिका की तरफ से ईरान पर लगाए गए प्रतिबंध से सप्लाई घट गई है।  यही वजह है कि कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आना तय है।  क्रूड 85 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच सकता है।  

बड़ा झटका: और महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल, लगातार दूसरे दिन इतने बढ़े दाम

90 डॉलर भी जा सकता है क्रूड

मॉर्गन स्टेनली के मुताबिक, क्रूड की कीमतों में उछाल अगले दो साल तक जारी रह सकता है।  ऐसे में 2020 तक यह 90 डॉलर प्रति बैरल का स्तर छू सकता है।  डिमांड और सप्लाई का अनुपात बिगड़ने से क्रूड की कीमतों में तेज उछाल आएगा।  अक्टूबर 2014 में कच्चे तेल के दाम 90 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचे थे। 

पेट्रोल-डीजल भी होगा महंगा

मॉर्गन स्टेनली के मुताबिक, क्रूड के दाम में उछाल आने से घरेलू मार्केट में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तेजी जारी रहेगी।  ऐसे में पेट्रोल-डीजल पर 6-8 रुपए तक बढ़ सकते हैं।  इससे पहले कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटी ने भी पेट्रोल के दाम में 4 रुपए प्रति लीटर के उछाल की संभावना जताई है।  वहीं, डीजल भी 3 से 3.5 रुपए प्रति लीटर तक महंगा हो सकता है। 

कंपनियां का मार्जिन गिरा

तेल कंपनियों के लिए पेट्रोल-डीजल की कीमतों को स्थिर रखना मुश्किल हैं. क्योंकि, कर्नाटक चुनाव के चलते पेट्रोल डीजल की कीमतों को 19 दिन होल्ड पर रखा गया था. जिससे कंपनियों का मार्जिन बिगड़ गया है. अब मार्जिन को पहले के स्तर पर ले जाने के लिए उसे पेट्रोल-डीजल में लगातार इजाफा करना होगा. पिछले पांच दिन में कंपनियां 1 रुपए पेट्रोल और 1.15 रुपए डीजल पर बढ़ा चुकी हैं. बता दें, कर्नाटक चुनाव के दौरान कीमतें होल्ड करने से तेल कंपनियों को करीब 500 करोड़ रुपए के नुकसान का अनुमान है.

युवा कांग्रेस ने पेट्रोल पंप के सामने किया प्रदर्शन

कोरबा। पेट्रोल-डीजल के बढ़े दाम को लेकर युवक कांग्रेस द्वारा  प्रदर्शन किया । युवक्त कांग्रेसियों ने मांग जी है कि  सरकार पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में ले आए तो वैट की दर घट जाएगी। जिससे पेट्रोल-डीजल के दाम में कमी आएगी। पेट्रोल व डीजल के दाम बढऩे का सीधा असर महंगाई पर पड़ता है।जि़ला युवा कांग्रेस के अध्यक्ष नितिन चौरासिया के नेतृत्व में कुमार पेट्रोल पम्प घंटाघर में पेट्रोल डीज़ल को जीएसटी के दायरे में लाने को लेकर हल्ला बोल प्रदर्शन किया गया । इस अवसर पर यूथ कांग्रेस के जि़ला अध्यक्ष नितिन चौरासिया ने कहा की पूरे देश में जिस प्रकार के पेट्रोल व डिजल की बेतहशा वृद्धि हो रही है सरकार एक्साईस डूयटी भी लगातार बढ़ा रही हैं।चौरसिया ने कहा की हमारी मांग है कि पेट्रोलियम पदार्थों को जीएसटी के दायरे में लाया जाए ताकि आम जनता को इनके बढ़ते दाम से राहत मिल सके। अगर सरकार इसे जीएसटी में लाती है, तो सभी राज्यों में जो एक्साईस डूयटी व वैट टैक्स लग रही है,वह हट जाएगी। यदि जीएसटी 12 फीसदी लागू होती है तो पेट्रोल की क़ीमत 38 रुपए हो जाएगी और यदि 18 फीसदी होती है तो क़ीमत 40 रुपये और अधिकतम 28 फीसदी सरकार लागू करे तो भी पेट्रेाल के दाम 44 रूपए प्रतिलीटर होंगे।जो वर्तमान दर से लगभग आधी होगी। जिससे उपभोक्ताओं को सीधे-सीधे लाभ मिलेगा। लेकिन सरकार इसमें निर्णय लेना नहीं चाहती।

अब तक का सबसे महंगा पेट्रोल-डीजल, फिर बढ़े दाम

नई दिल्ली। पेट्रोल की कीमतें आज भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कार्यकाल के सर्वोच्च स्तर 74.40 रुपये प्रति लीटर और डीजल की दरें सर्वकालिक उच्च स्तर 65.65 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गईं। इससे उपभोक्ताओं के ऊपर पड़ रहे दबाव को कम करने के लिए उत्पाद शुल्क में कटौती की मांग तेज हो गई है।

पेट्रोल-डीजल के दाम 19-19 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी

दरअसल तेल कंपनियां पिछले साल जून से रोजाना पेट्रोल-डीजल की कीमतें संशोधित कर रही हैं. आज जारी अधिसूचना के अनुसार पेट्रोल-डीजल की कीमतें 19-19 पैसे प्रति लीटर बढ़ा दी गई हैं. अधिसूचना में कहा गया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमतें बढ़ने से घरेलू बाजार में भी वृद्धि करनी पड़ी है. इससे पहले शनिवार को भी पेट्रोल की कीमतें 13 पैसे प्रति लीटर तथा डीजल की कीमतें 15 पैसे प्रति लीटर बढ़ाई गई थीं.
दक्षिण एशिया में तेल भारत में सबसे महंगा

नई दरों के बाद दिल्ली में पेट्रोल की कीमत अब 74.40 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गई है जो 14 सितंबर 2013 के बाद का उच्च स्तर है. तब पेट्रोल 76.06 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया था. दक्षिण एशियाई देशों में भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें सर्वाधिक हैं। देश में विपणन दरों में लगभग आधी हिस्सेदारी करों की है. वित्तमंत्री अरुण जेटली ने नवंबर 2014 से जनवरी 2016 के बीच उत्पाद शुल्क में 9 बार बढ़ोतरी की. उत्पाद शुल्क में महज एक बार पिछले साल अक्तूबर में दो रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई.

विपक्ष का चौतरफा हमला

गौरतलब है कि तेल की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि सरकार के लिए चिंता का सबब बनी है. विपक्ष इस मुद्दे पर मोदी सरकार को घेर रहा है तो जनता भी कीमतों में इजाफे से हलकान है. कुछ दिन पहले सूत्रों के हवाले से खबर आई थी कि सरकार ने तेल कंपनियों से तेल की कीमतों में फिलहाल बढ़ोतरी नहीं करने के लिए कहा था. क्योंकि विपक्ष कर्नाटक चुनाव में इस मुद्दे को लगातार उछाल रहा था.
 

साइकिल रैली निकालकर कांग्रेस ने जताया विरोध, कहा सरकार ने जनता को ठगा है

बिलासपुर। पेट्रोल-डीजल के कीमतों में लगातार वृद्धि के विरोध में बिलासपुर युवक कांग्रेस ने साइकिल मार्च निकाल पूरे शहर का भ्रमण किया। इस दौरान कांग्रेसियों ने केंद्र सरकार को ज़िम्मेदार बताते हुए जमकर नारेबाजी भी की। रेलवे क्षेत्र से शुरू हुई साइकिल यात्रा शहर के मुख्यमार्ग से होते हुए मंत्री अमर अग्रवाल के बंगले तक गई। यात्रा को लेकर कांग्रेसियों ने कहा कि पेट्रोल-डीजल के कीमतों में लगातार बेतहाशा वृद्धि ने आम जनता का सड़क पर चलना मुश्किल कर दिया है। बावजूद इसके सरकार कीमतों पर कोई नियंत्रण नही कर पा रही है, और कीमतें बढ़ते ही जा रही है। लिहाज़ा इसी के विरोध में युवक कांग्रेस हर जगह साइकिल मार्च निकाल, बढ़े दामों का विरोध कर रही है। कांग्रेसियों ने जल्द दाम करने की मांग की है। 

ड्राइवर व हेल्पर से संचालक का विवाद

कोरबा। आईओसीएल के गोपालपुर स्थित टर्मिनल से कोरबा समेत आसपास जिलों में टैंकर के जरिए पेट्रोल-डीजल की सप्लाई हो रही है। चंद्रपुर स्थित बालाजी पेट्राेल पंप के लिए रवि रोड लाइंस का टैंकर लेकर ड्राइवर समरजीत सिंह हेल्पर रामनरेश यादव के साथ रवाना हुआ था। बालाजी पेट्रोल पंप पहुंचने पर टैंकर के ड्राइवर व हेल्पर से संचालक का विवाद हो गया। टर्मिनल वापस लौटने के बाद ड्राइवर-हेल्पर ने साथियों को घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लोड खाली करने के बारे में माेबाइल से पूछने पर उनसे गाली-गलौच की गई। फिर संचालक ने पंप पहुंचकर उन दोनों से मारपीट की। इसके बाद टैंकर ड्राइवर-हेल्पर ने टर्मिनल के सामने वाहन खड़ी कर हड़ताल शुरू कर दी। वे पेट्रोल पंप संचालक के आकर माफी मांगने की मांग पर अड़ गए। हड़ताल टालने के लिए टर्मिनल के अधिकारियों ने टैंकर ड्राइवरों को चर्चा के लिए बुलाया। जहां परिवहन कर्मचारी संघ के पदाधिकारी भी पहुंचे। टर्मिनल से बाहर आकर ड्राइवर समरजीत सिंह ने बताया कि टर्मिनल के अधिकारियों ने उक्त पेट्रोल पंप को 3 दिन के लिए सस्पेंड करने की बात कहते हुए संचालक को बुलाकर माफी मंगवाने का आश्वासन दिया है। इसलिए 3 दिनों तक हड़ताल स्थगित किया जाता है। शाम करीब 5 बजे टैंकर ड्राइवर काम पर लौट गए। हालांकि टर्मिनल के अधिकारियों ने ड्राइवरों के हड़ताल को सांकेतिक प्रदर्शन बताया है।

कांग्रेस ने की मांग, बजट में पेट्रोल डीजल पर वेट टैक्स कम करें सरकार                            

रायपुर।  पेट्रोल-डीजल के दामों में हो रही लगातार वृद्धि को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नेता और आर्थिक मामलों के जानकार रमेश वल्यानी ने कल पेश होने वाले बजट में भाजपा सरकार से पेट्रोल डीजल पर वेट टैक्स कम करने की मांग करते हुए कहा कि अगर सरकार पेट्रोल पर राज्य द्वारा लगाया जाने वाला वेट टैक्स 25 से 20 प्रतिशत कर दें तो राज्य की जनता को कुछ हद तक महंगाई से राहत मिल सकती है।  वल्यानी ने कहा कि कहा कि देश में पेट्रोल और डीजल की बढ़ी कीमत की वजह सिर्फ मोदी सरकार की नीतियां हैं। मोदी सरकार ने अपने कार्यकाल में पेट्रोल पर एक्साइज टैक्स में 120 फीसदी बढ़ोत्तरी की। जबकि डीजल में 380 फीसदी की बढ़ोत्तरी की है। उन्होंने कहा कि इस दौरान मोदी सरकार ने करीब ढाई लाख करोड़ रुपए ज़्यादा टैक्स के रुप में अर्जित किया। अगर ये टैक्स नहीं बढ़ाया जाता तो आम आदमी को इसका फायदा होता। वल्यानी ने दावा किया कि अगर कांग्रेस की सरकार के दौरान का टैक्स दर लागू रहता तो पेट्रोल और डीजल आज भी जनता को 40 से 50 रुपए  प्रति लीटर मिलता।  उन्होंने कहा कि एक ओर केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा एक्साइज ड्यूटी के नाम पर लूट कर रही है, तो वहीं दूसरी ओर प्रदेश की रमन सरकार वेट के नाम पर जनता को लूट रही है। वल्यानी का आरोप है कि मोदी सरकार ने 9 बार एक्साइज ड्यूटी बढ़ाते हुए 3 सौ गुना तक दाम बढ़ाए हैं। 

सरकारी पेट्रोल पंप में कर्मचारियों की मनमानी

रायगढ़। शहर के घड़ी चौक पर स्थित सरकारी पेट्रोल पंप में रोजाना की मनमानी से पेट्रोल-डीजल भरवाने आने वाले गाड़ी मालिकों को यहां के कर्मचारियों की मनमौजी करतूत से जूझना पड़ रहा है। इस पंप में जितने पंप नोजल हैं उसके आधे कर्मचारी भी तैनात नहीं रहते हैं। एक-दो नोजल से ही ईंधन की पूर्ति की जा रही है शेष नोजल पर कर्मचारी के अभाव में गाड़ियों की लंबी लाईन लगी रहती है। यहां के कर्मचारी काम के वक्त इधर-उधर चुहलबाजी करते रहते हैं या फिर आफीस में आराम फरमाते रहते हैं। शहर में पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ता हितों को किस कदर तिलांजलि दी जाती है, इसकी बानगी देखनी हो तो शहर के सरकारी पेट्रोल पंप से हो आइए।  इस पंप में पेट्रोल-डीजल की पूर्ति करने नोजल तो बहुत हैं लेकिन एक-दो नोजल पर ही कर्मचारी तैनात रहते हैं।  यहां रोजाना कर्मचारियों की काम से जी चुराने की आदत से गाड़ी मालिकों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। ऐसा नहीं है कि यहां कर्मचारी नोजल के हिसाब से होंगे नहीं, लेकिन यहां की मनमानी पर तो खाद्य विभाग को परवाह है और न ही संबंधित पेट्रोल पंप का संचालन करने वाले अंत्यावसायी विभाग को इससे कोई सरोकार है। कर्मचारियों के ठुलमुल रवैय्ये से यहां अप्रिय स्थिति निर्मित हो रही है जो कभी किसी विवाद का रूप न ले ले।

ऐसी बात है तो देखवाते हैं: खाद्य अधिकारी


सरकारी पेट्रोल पंप में मनमानी रवैय्ये को लेकर जब खाद्य अधिकारी जीपी राठिया से बात की गई तो उन्होंने कहा कि ऐसी शिकायत आ रही है तो पंप में देखवाते हैं।

16-10-2017
पेट्रोलियम पदार्थों में वैट टैक्स कम करने की माँग को लेकर कांग्रेस ने दिया धरना

जगदलपुर। पेट्रोल-डीजल में लगने वाले वैट टैक्स को कम करने की मांग को लेकर शहर जिला काँग्रेस कमेटी जगदलपुर द्वारा एक दिवसीय धरना दिया गया । एक दिवसीय धरना प्रदर्शन में महिला कांग्रेस,युवा कांग्रेस,एनएसयुआई, सेवादल एवं कांग्रेस के अन्य अनुशांगिक संगठनों से जुड़े पदाधिकारियों,कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने भाजपा सरकार को जनविरोधी और साहूकारों की पार्टी बताया । इस दौरान राज्य और केन्द्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन में महापौर जतिन जायसवाल,मनोहर लुनिया, रेखचंद जैन,नरसिंह रथ, यशवर्धन राव,सतपाल शर्मा,ओंकार सिंह, कविता साहू,शामू कश्यप,हरीश साहू मौजूद थे।

पेट्रोल-डीजल में वैट कम नहीं करने के विरोध में कांग्रेस ने दिया धरना

रायपुर। कांग्रेस ने पेट्रोल डीजल में लगने वाले वेट टैक्स कम करने की मांग लेकर  राजधानी के राजीव गाँधी चौक में धरना प्रदर्शन किया। गौरतलब है की पेट्रोल डीजल की कीमतें लगातार जा रही है कांग्रेस का मानना है की जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकार है वहाँ की सरकार ने पेट्रोलियम पदार्थो से  टैक्स हटा लिया है, लेकिन छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह वैट टैक्स को कम करने का नाम नहीं ले रही है l जिससे महंगाई लगातार बढ़ रही है। छोटे व्यापारियों का व्यापार ठप्प हो चुका है l

पीसीसी अध्यक्ष भूपेश बघेल ने कहा कि  अगर मुख्यमंत्री ने पेट्रोल डीजल पर वैट टैक्स कम नहीं किया तो छत्तीसगढ़ की जनता आने वाले चुनाव में इसका जवाब देगी। प्रदर्शन में महापौर प्रमोद दुबे, राज्यसभा सांसद छाया वर्मा, विधायक सत्यनारायण शर्मा ,पूर्व विधायक कुलदीप जुनेजा, धनेन्द्र साहू,पार्षद एजाज ढेबर,शहर अध्यक्ष विकास उपाध्याय मौजूद थे।

पेट्रोल-डीजल में वैट की दर कम करने सिंहदेव ने CM डाॅ. रमन को लिखा पत्र

रायपुर। नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने मुख्यमंत्री डा.रमन सिंह को पत्र लिखा है। इस पत्र के जरिए उन्होंने प्रदेश में पेट्रोल-डीजल पर वैट की दरों को कम करने का निवेदन किया है। टीएस सिंहदेव कहा कि वर्तमान में पेट्रोल और डीजल पर 25 फीसदी वैट एवं 3 फीसदी अन्य सेस एवं एंट्री टैक्स की दर लागू है जिसके कारण यहां पेट्रोल और डीजल की कीमते काफी अधिक है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार गिरावट के बावजूद प्रदेश की जनता को इसका लाभ नहीं हो पा रहा है। देश के अनेक राज्यों में वैट की दरें काफी कम है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता के हितों में को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार पेट्रोल और डीजल में वैट की दरों को 20 फीसदी के भीतर ही रखा जाए जिससे आम जनता को राहत मिल सके। 

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