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27-10-2020
बच्चे की मौत से आक्रोशित ग्रामीणों ने नेशनल हाइवे पर किया चक्काजाम

गरियाबंद। दशहरा उत्सव कार्यक्रम से लौट रहे ग्रामीणों पर बीती रात एक कार भीड़ में घुस गई। इस दुर्घटना में एक बच्चे की मौत हो गई। आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हुए। नाराज ग्रामीणों ने नेशनल हाइवे पर चक्काजाम किया। नेशनल हाइवे पूरी तरह बंद हो गया है। अधिकारियों की समझाइश के बाद भी ग्रामीण सड़क से हटने को तैयार नहीं हैं।  नेशनल हाइवे में हुए इस हादसे से मालगांव के ग्रामीणों ने चक्काजाम किया है। महिलाएं सड़क पर बैठी और कई घंटों से चक्काजाम जारी है। अब लोगों ने सड़क पर टेंट लगाकर आंदोलन जारी रखा है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में दो लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है ताकि नेशनल हाइवे पुन: चालू कराया जा सके।

18-10-2020
लौह नगरी बचेली में दशहरा उत्सव-रावण दहन हुआ स्थगित

रायपुर/दंतेवाड़ा। जिले के लौह नगरी बचेली में कोरोना संक्रमण के कारण इस वर्ष दशहरे में रावण दहन का आयोजन नहीं किया जाएगा। इस वर्ष नवरात्रि में कोरोना संक्रमण के कारण कई स्थानों में दुर्गा प्रतिमा स्थापित नहीं की जा रही है। छत्तीसगढ़ सांस्कृतिक एवं क्रीड़ा समिति ने दशहरा उत्सव एवं रावण दहन स्थगित कर दिया है। गौरबतल है कि नगर में नवरात्रि उत्सव को लेकर अच्छा खासा माहौल देखने को मिलता था। बचेली नगर में रावण दहन एवं मेले का आनंद लेने अन्य जिलों से भी लोग शिरकत करने आते थे। आकर्षक दुकाने एवं खाने पीने की विभिन्न प्रकार के स्टाल लगाए जाते थे। लेकिन इस बार आयोजन नहीं होने को लोगों में निराशा है। इसी कड़ी में  बचेली नगर पालिका परिषद के सभा कक्ष में एक बैठक की गई, जिसमें दंतेवाड़ा कलेक्टर दीपक सोनी के दिशा निर्देश अनुसार कोविड-19 को देखते हुए इस वर्ष दशहरा उत्सव नहीं मनाने का निर्णय लिया है। बैठक में मुख्य रूप से नगर पालिका अध्यक्ष पूजा साव, उपाध्यक्ष उस्मान खान, नगर पालिका अधिकारी आई एल पटेल, इंजीनियर प्रवीण साहू एवं छत्तीसगढ़ सांस्कृतिक एवं कीड़ा समिति के सदस्य उपस्थित थे।

02-10-2020
Breaking : इस बार 10 फीट होगी रावण पुतलों की ऊंचाई, कंटेनमेंट जोन में नहीं होगा दहन,50 व्यक्ति ही हो सकेंगे शामिल

रायपुर। कोरोना ने अब दशहरा उत्सव को भी अपनी चपेट में ले लिया है। राजधानी में मनाए जाने वाले दशहरा पर्व के संबंध में कलेक्टर व जिला दंडाधिकारी रायपुर डॉ.एस.भारतीदासनके आदेश पर अपर कलेक्टर ने निर्देश जारी किए हैं। नोवल कोरोना वायरस संकमण के नियंत्रण और रोकथाम और वर्तमान में जिले में कोरोना पॉजिटिव प्रकरणों की संख्या में लगातार वृद्धि को ध्यान में रखते हुए नियम सख्त तय किए गए हैं। संक्रमण को रोकने और नियंत्रण में रखने के लिए सभी संबंधित उपाय अमल लाया जाना उचित और आवश्यक हो गया है।  अपर कलेक्टर विनीत नंदनवार ने कलेक्टर के आदेशानुसार आगामी 30 अक्टूबर को आयोजित होने वाले दशहरा पर्व में शहर के विभिन्न स्थानों में पुतला दहन करने वाले आयोजकों की बैठक में लिए गए निर्णय अनुसार पुतला दहन के संबंध में निर्देश दिए हैं। इसके तहत 10 फीट से अधिक ऊंचाई के रावण के पुतलों का दहन किसी बस्ती रहवासी इलाके में नहीं होगा। पुतला दहन खुले स्थान पर करना होगा। पुतला दहन कार्यक्रम में समिति के मुख्य पदाधिकारी सहित किसी भी हाल में 50 व्यक्तियों से अधिक व्यक्ति शामिल नहीं होगें। आयोजन के दौरान केवल पूजा करने वाले व्यक्ति शामिल होगें। अनावश्यक भीड़ एकत्रित न होने की जिम्मेदारी आयोजकों की होगी। कार्यक्रम का यथासंभव आॅनलाइन माध्यमों आदि से प्रसारण करने कहा गया है।

पुतला दहन के दौरान आयोजन का वीडियोग्राफी कराने कहा गया है। आयोजकों को 4 सीसीटीवी लगाने कहा गया है, ताकि उनमें से कोई भी व्यक्ति कोरोना संक्रमित होने पर कांटेक्ट ट्रेसिंग किया जा सके। पुतला दहन में कहीं भी सांस्कृतिक कार्यक्रम, स्वागत, भंडारा, प्रसाद वितरण, पंडाल लगाने की अनुमति नहीं होगी। आयोजन में उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति को सोशल और फिजिकल डिस्टेंसिंग, मास्क लगाना और समय-समय पर सैनिटाइजर का उपयोग करना अनिवार्य होगा। रावण दहन स्थल से 100 मीटर के दायरे में आवश्यकतानुसार अनिवार्यत: बैरिकेटिंग कराना होगा। किसी भी प्रकार के वाद्य यंत्र, ध्वनि विस्तारक यंत्र डीजे धमाल, बैंड पार्टी बजाने की अनुमति नहीं होगी। रावण पुतला दहन में किसी भी प्रकार के अतिरिक्त साज-सज्जा, झांकी की अनुमति नहीं होगी। यदि कोई व्यक्ति जो पुतला दहन स्थल पर जाने के कारण संक्रमित हो जाता है तो इलाज का संपूर्ण खर्च पुतला दहन आयोजकों या समिति की ओर से किया जाएगा। कंटेनमेंट जोन में पुतला दहन की अनुमति नहीं होगी। यदि पुतला दहन कार्यक्रम के अनुमति के बाद उपरोक्त क्षेत्र कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित हो जाता है तो तत्काल कार्यक्रम निरस्त माना जाएगा। कंटेनमेंट जोन के समस्त निदेर्शो का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा।

 

09-10-2019
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने की रावणभाटा के विकास के लिए एक करोड़ रूपए देने की घोषणा

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल विजयादशमी पर्व के अवसर पर राजधानी के ऐतिहासिक रावणभाठा मैदान में आयोजित दशहरा उत्सव में शामिल हुए। उन्होंने रावणभाठा मैदान पहुंचकर भगवान श्री राम और लक्ष्मण की पूजा की और प्रदेश की खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री बघेल ने रावणभाठा दशहरा मैदान के विकास के लिए एक करोड़ रूपए देने की घोषणा की। इस मौके पर उन्होंने सिंगल यूज प्लास्टिक अपशिष्ट से निर्मित प्लस्टिक रूपी रावण का रिमोट दबाकर दहन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अपने बचपन को याद करते हुए बताया कि वे 12 किलोमीटर दूर अपने गांव से रायपुर के रावणभाठा में बैल गाड़ी से दशहरा उत्सव देखने आया करते थे। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की परम्परा रही है कि यहां के निवासी सारी बुराई को बस्ती से बाहर रखते हैं और सभी अच्छाईयों को बस्ती के भीतर रखते है और यही कारण है कि रावणभाठा को बस्ती से बाहर बनाते है और राम चौरा को बस्ती के भीतर बनाते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज असत्य पर सत्य के विजय का दिन है। उन्होंने प्रदेश वासियों को विजयादशमी पर्व की शुभकामनाएं और बधाई दी। इस अवसर पर सांसद सुनील सोनी, विधायक बृजमोहन अग्रवाल, विकास उपाध्याय, नगर निगम के महापौर  प्रमोद दुबे, रावणभाठा आयोजन समिति के अध्यक्ष मनोज वर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। रायपुर के रावणभाठा में दशहरा उत्सव 150 वर्षों से निरंतर मनाया जा रहा है। इस अवसर पर जोन अध्यक्ष सालिक सिंह ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद थे।

09-10-2019
राजधानी का एक मठ, जहां दशहरे के दिन भक्तों को दर्शन देने स्वयं आती है माता

रायपुर। प्रदेश और देश में लोग दशहरा उत्सव रावण के पुतले का दहन करके मनाते हैं, वहीं छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सैकड़ों वर्ष पुरना एक ऐसा मठ है, जहां लोग दशहरा माता की पूजा-अर्चना कर मनाते हैं। लोगों को सालभर माता के दर्शन का इंतजार रहता है। मठ की मान्यता है कि दशहरे के दिन माता स्वयं अपने भक्तों को दर्शन देने के लिए आती हैं। बता दें कि ब्राम्हण पारा स्थित इस प्राचीन कंकाली मठ की स्थापना नागा साधुओं ने की थी। माता कंकाली की प्रतिमा मठ में स्थापित कर नागा सन्यासी मां कंकाली की उपासना-अर्चना करते थे।

कंकाली मठ का पट साल में एक बार दशहरा के दिन ही खुलता है। सुबह से देर रात तक मठ में भक्तों का तांता लगा रहता है, दूर-दूर से भक्त माता के दर्शन करने इस मठ में पहुंचते हैं। विधि-विधान से मठ के शस्त्रागार में रखे अस्त्रों-शस्त्रों की पूजा की जाती है।
कंकाली मठ के महंत कृपाल गिरि गोस्वामी के स्वप्न में आकर माता ने वर्तमान में स्थित कंकाली मंदिर में प्रतिमा स्थापित करने कहा था। माता के कहने के बाद मठ की प्रतिमा को मंदिर में स्थापित किया गया। तब से मान्यता है कि माता दशहरे के दिन कंकाली मठ में भक्तों को दर्शन देने आती हैं। मठ में रखे शस्त्रों तलवार, फरसा, भाला, ढाल, चाकू, तीर-कमान की पूजा दशहरे के दिन की जाती है। मठ की मान्यता है कि जो भी भक्त मनोकामना लेकर आता है, उसकी मनोकामना पूरी होती है। मंदिर परिसर में 6 समाधि है, जिसमें से एक जीवंत समाधि है। सभी समाधियों के ऊपर शिविलिंग स्थापित किया गया है। मंहत कृपाल गिरि गोस्वामी की समाधि कंकाली मंदिर में है। मठ में आने वाले भक्त माता के अस्त्रों-शस्त्रों के दर्शन कर परिसर में स्थित सभी समाधियों के दर्शन करते हैं।
महंत गजेंद्र गिरि गोस्वामी संचालक कंकाली मठ ने कहा कि यह मंदिर मठ करीब साढ़े 400 साल पुराना है, यहां नागा साधु रहते थे और नागा सन्यासियों ने इस मठ को स्थापित किया था। हमारी यह नवीं पीढ़ी है, जो गृहस्थ जीवन में आई है। नागा साधु कलचुरी शासन से हिंदू धर्म का प्रचार करते थे और अंग्रेजों के खिलाफ नागा साधु आंदोलन भी करते थे। पहले माता कंकाली की मूर्ति मठ में ही स्थापित थी। हमारे दादाजी मंहत कृपाल गिरि गोस्वामी को सपना माता ने स्वप्न में आकर कहा था कि जो कंकाली तालाब है, वहां पर बने मंदिर में मेरी प्रतिमा को स्थापित करो, तब से मूर्ति वहां स्थापित की गई। ऐसी मान्यता है कि विजयदशमी के दिन माता अपने मूल स्थान पर  इस मठ में आती है। दशहरे के दिन ही मठ का पट खोला जाता है, जो रात को बंद किया जाता है। वैसे तो मठ में पूरे साल पूजा होती है, लेकिन बाहर से ही। नवमीं की रात्रि मठ परिसर में साफ-सफाई होती है और विजयदशमी के दिन सुबह 8:00 बजे से पूजा प्रारंभ होती है। भक्तों के दर्शन के लिए रात 12 बजे तक पट खुले रहते हैं। बहुत दूर-दूर से लोग आते हैं, लोग मन्नत मांगते हैं।

कंकाली माता मंदिर के सर्वाकार महंत हर भूषण गिरि ने कहा कि दशहरे के दिन मठ की यह हमारी पुरानी परंपरा है, जो पीढ़ी दर पीढ़ी चलती आ रही है। हमारे पूर्वजों ने मठ में कंकाली माता की प्रतिमा स्थापित की। हमारे पूर्वजों ने कंकाली तालाब, कंकाली मंदिर का निर्माण करवाया। दशहरे के दिन मठ का पट खुलता है। इस दिन पट खुलने का महत्व इसलिए है क्योंकि माता कंकाली अपने पूरे अस्त्रों-शस्त्रों के साथ, श्रृंगार के साथ भक्तों को दर्शन देने आती है। यहां पर बहुत दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं।

08-10-2019
आज दंतेवाड़ा में जलेगा 50 फीट का रावण, होगी भव्य आतिशबाजी

दंतेवाड़ा। दंतेवाड़ा में हर साल की तरह इस बार भी दुर्गा पूजा एवं रामलीला का आयोजन  मां दंतेश्वरी दुर्गा उत्सव समिति द्वारा किया गया। हर साल की तरह इस बार भी रावण का दहन होगा। दंतेवाड़ा में इस वर्ष भी हाईस्कूल ग्राउंड में आज 8 अक्टूबर को भव्य दशहरा उत्सव एवं दशहरा मेला मनाया जायेगा। समिति के अध्यक्ष चंद्रिका सिंह ने बताया कि इस बार रावण के पुतले की ऊंचाई लगभग 50 फीट तक है। राम-रावण की शानदार रामलीला  होगी। राम-रावण युद्घ के बाद रावण के पुतले का दहन होगा। समिति के संरक्षक शेखर तोमर ने बताया कि रावण के पुतले को बनाने वाले स्थानीय कलाकार हैं। आतिशबाजी के लिए धमतरी से कलाकार बुलाए गए हैं जो कि अपनी रंगारंग प्रस्तुति देंगे। संयोजक रेणु राव ने बताया कि हमारी समिति ने हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी रावण दहन का कार्यक्रम रखा है। मैं नगरवासियों से अपील करती हूं कि अधिक से अधिक संख्या में आकर कार्यक्रम का आनंद उठाएं  ताकि हम भविष्य में इससे भी अच्छी प्रस्तुति दे सकें। इस वर्ष रावण के पुतले की ऊंचाई 50 फीट होने की वजह से दन्तेवाड़ा पुलिस द्वारा सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की गई है।

 

07-10-2019
डब्ल्यूआरएस दशहरा उत्सव में आने वालों को आरपीएफ ने दी समझाइश  

रायपुर। डब्ल्यूआरएस मैदान में दशहरा उत्सव देखने आने वालों को आरपीएफ ने आज सोमवार को समझाइश दी। मंडल सुरक्षा आयुक्त अनुराग मीणा के निर्देशन पर निरीक्षक वीरेंद्र सिंह, उप निरीक्षक ओपी वर्मा और एनके यादव रेलवे सुरक्षा बल सेटलमेंट पोस्ट रायपुर ने सुरक्षा के मद्देनजर लोगों को जागरुक किया। संयासी पारा और भनपुरी रेलवे फाटक पर,नजदीक की बस्ती में जाकर जागरुकता अभियान के तहत आम जनता को रावण मैदान में दशहरा उत्सव देखने के् लिए रेलवे ट्रैक पार कर नहीं जाने की समझाइश दी। सुरक्षा व्यवस्था के लिए रायपुर रेल मंडल और जिला प्रशासन की ओर से इंतजाम किया गया है। पटरी के दोनों तरफ भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहेंगे।

पिछले वर्ष अमृतसर में दशहरा उत्सव के दौरान हुए दर्दनाक हादसे को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा के खास इतंजाम किए गए हैं। डब्ल्यूआरएस कॉलोनी में 101 फीट के रावण के साथ  85-85 फीट के कुंभकर्ण, मेघनाथ का पुतला बनाया गया है। हर बार की तरह इस बार भी सतरंगी आतिशबाजी होगी। स्थानीय कलाकारों द्वारा रामलीला का मंचन किया जाएगा। सार्वजनिक दशहरा उत्सव समिति की ओर से रावण दहन व दशहरा उत्सव की पूरी तैयारी कर ली गई है। डब्लूआरएस के दशहरा उत्सव का यह 50 वां वर्ष है,जिसे गोल्डन जुबली वर्ष के रूप में मनाया जाएगा।

 

05-10-2019
स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव, अमरजीत भगत ने मांदर पर दी थाप, बांधा समां

अंबिकापुर। रामनवमी एवं दशहरा उत्सव पर नगर के कलाकेंद्र मैदान में शैला नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में सरगुजा संभाग के कई शैला नृत्य दलों ने हिस्सा लिया। आयोजन का शुभारंभ स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव व खाद्य मंत्री अमरजीत भगत की उपस्थिति में हुआ। दोनों मंत्रियों ने उत्सकुता से मांदर पर थाप दी साथ ही दोनों ने गेड़ी का भी आनंद लिया। मांदर की थाप पर मंत्रियों को झूमते देख वहां मौजूद लोगों ने ताली बजाकर स्वागत किया। प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी दशहरा उत्सव के उपलक्ष्य में कलाकेंद्र मैदान में शैला नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन हो रहा है। इस उत्सव का उद्घाटन पंचायत एवं स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव व खाद्य मंत्री अमरजीत भगत के आतिथ्य में हुआ। गौरतलब है कि शैला नृत्य प्रतियोगिता में दर्जनभर से अधिक प्रतियोगी टीमें शामिल होती हैं। इसमें से प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पर आने वाले शैला नृत्य दल को विजयादशमी के दिन आयोजित रावण दहन कार्यक्रम में पुरस्कृत किया जाता। इस आयोजन से प्राचीन एवं सरगुजा के लोक नृत्य एवं गायन की प्रस्तुति होती है।

18-10-2018
Assembly Elections : दशहरा उत्सव के कार्यक्रम में मंच पर नहीं चढ़ पाएंगे नेता, पढ़ें पूरी खबर

धमतरी। विधानसभा चुनाव को लेकर आचार संहिता लागू है इसलिए दशहरा उत्सव पर नगर निगम द्वारा आयोजित कार्यक्रम के दौरान मंच पर इस बार कोई भी नेता चढ़कर बधाई नहीं दे पाएंगे। इसे लेकर निगम के अधिकारी सतर्कता बरत रहे हैं ।कल दशहरा उत्सव मनाया जाएगा हर साल की तरह इस बार भी गौशाला मैदान में रावण दहन का कार्यक्रम होगा ।जिसकी तैयारी के सिलसिले में अधिकारी कर्मचारी जुटे हुए हैं ।साथ ही यह भी सतर्कता बरती जा रही की आचार संहिता को लेकर कोई चूक ना हो जाए।

ऐसी स्थिति में इस बार जनप्रतिनिधियों को मंच पर नहीं बुलाया जाएगा ताकि आचार संहिता का उल्लंघन ना हो। ऐसा मौका कमी आता है जब जनप्रतिनिधि और नेताओं को आचार संहिता के चलते मंच नहीं मिलता ।कुर्सी पर बैठकर कार्यक्रम तो देख सकेंगे लेकिन ऊपर मंच पर दर्शक दीर्घा को बधाई नहीं दे सकेंगे ।इस संबंध में नगर निगम आयुक्त रमेश जायसवाल ने बताया कि आयोजन में आचार संहिता का पूरा ध्यान रखा जाएगा कार्यक्रम उसी के ही अनुरूप होगा।

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