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18-01-2021
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट बताया, ब्रिटेन में कानूनी जटिलताओं के कारण विजय माल्या के प्रत्‍यर्पण में हो रही देरी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या के प्रत्यर्पण में हो रही देरी की वजह सोमवारर सुप्रीम कोर्ट को बताई है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि भगोड़े कारोबारी विजय माल्‍या के प्रत्‍यर्पण के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं। कुछ कानूनी मसलों के चलते ही इस मामले में देरी हो रही है। बता दें कि विजय माल्या, बंद हो चुकी किंगफिशर एयरलाइंस पर बैकों का 9 हजार करोड़ रुपए से भी अधिक बकाया राशि का भुगतान नहीं करने के मामले में आरोपी है। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उदय यू.ललित और जस्टिस अशोक भूषण की पीठ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा विदेश मंत्रालय से यूके सरकार ने कहा है कि वे भारत सरकार के मामले के महत्व से अवगत हैं। ब्रिटेन में कानूनी जटिलताएं हैं जो प्रत्यर्पण में बाधा बन रही हैं। विदेश मंत्रालय ने यूके सरकार के साथ इस मुद्दे को उठाया है। पीठ ने मामले की अगली सुनवाई 15 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी। सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की ओर से सर्वोच्‍च अदालत को ब्रिटेन से विजय माल्या के प्रत्यर्पण की स्थिति पर विदेश मंत्रालय के अधिकारी देवेश उत्तम का एक पत्र भी दिखाया गया। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सर्वोच्‍च अदालत को बताया कि विदेश मंत्रालय ने ब्रिटेन की बोरिस जॉनसन की सरकार के साथ माल्‍या के प्रत्यर्पण का मसला उठाया है। उन्होंने कहा कि सरकार पूरी कोशिश कर रही है लेकिन स्थिति में कोई खास बदलाव नहीं आया है। राजनयिक स्तर से लेकर प्रशासनिक स्तर तक इस मामले को बार-बार उठाया जा रहा है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट भगोड़े कारोबारी विजय माल्या के खिलाफ अवमानना मामले की सुनवाई कर रहा है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि भगोड़े शराब कारोबारी के प्रत्यर्पण का आदेश ब्रिटेन की सर्वोच्च अदालत दे चुकी है, लेकिन इस पर अमल नहीं किया जा रहा है। न्यायालय ने पिछले साल दो नवंबर को केन्द्र को भगोड़े कारोबारी विजय माल्या को भारत लाने के बारे में ब्रिटेन में प्रत्यर्पण को लेकर लंबित कार्यवाही की स्थिति रिपोर्ट छह सप्ताह के भीतर पेश करने का निर्देश दिया था।

13-01-2021
भूपेश बघेल ने कहा, केंद्र सरकार हमारी योजनाओं का अनुसरण कर रही है

रायपुर। केंद्र सरकार ने विगत दिनों गोबर से बना पेंट लांच किया है। इस मौके पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल महाराष्ट्र रवाना होने से पहले बीजेपी नेताओं को आड़े हाथों लिया है। भूपेश बघेल ने कहा कि केंद्र सरकार को जितना गोबर चाहिए हम देंगे, हमारा गोबर खरीदी का सिस्टम बना हुआ है।  केंद्र सरकार हमारी योजनाओं का अनुसरण कर रही है। केंद्र सरकार यदि  5 रु किलो गोबर खरीदती है तो किसानों को इसका लाभ मिलेगा।  सीएम बघेल ने कहा कि कुछ लोग हमारी योजनाओं की हंसी उड़ा रहे थे, गोबर को राजकीय चिन्ह बनाने की बात कह रहे थे। अब ऐसे लोगों के चेहरे पर गोबर पड़ा है।

12-01-2021
केंद्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट की फटकार पर भूपेश बघेल ने कहा,अब रोक लगा देना चाहिए

रायपुर। कृषि कानून को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने मोदी सरकार के तीनों कृषि कानून पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने अभी अंतरिम रोक लगाई है। इसे पहले मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि किसानों की समस्या के निदान के लिए एक कमेटी गठित करने का निर्देश दिया है। सीएम भूपेश बघेल ने कृषि कानून पर सुप्रीम कोर्ट की फटकार पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। सीएम बघेल ने सवाल किया कि क्या फटकार लगाने से केंद्र सरकार को कोई फर्क पड़ रहा है क्या? सरकार को मान लेना चाहिए जो सुप्रीम कोर्ट ने इशारा कर दिया है। भूपेश बघेल ने आगे कहा है कि अब केंद्र सरकार को रोक लगा देना चाहिए था। आप एक आदेश भी जारी नहीं कर पा रहे हैं।

11-01-2021
विधायक ने कोरोना वैक्सीन केंद्र का लिया जायजा, कहा -संक्रमितों का अंतिम संस्कार करने वालों को मिले प्राथमिकता

धमतरी। धमतरी विधायक रंजना साहू ने 16 जनवरी से प्रारंभ हो रहे कोरोना वैक्सीन टीकाकरण केंद्र का जायजा लेने शासकीय जिला अस्पताल पहुंची ।उन्होंने कोरोना संक्रमण के चलते मृत हो रहे लोगों के अंतिम संस्कार करने वाले कोरोना वारियर्स को प्रथम दर्जा देने के लिए जिला मुख्य चिकित्सक अधिकारी डॉ डी.के तुर्रे को पत्र सौंपा । जिले में नगर निगम के कार्यरत 7 कर्मचारी अंतिम संस्कार करने के लिए अपनी समर्पित सेवा दे रहे हैं। जिन्हें फ्रंटलाइन कोरोना वारियर्स का दर्जा देकर आगामी दिनों शुरू हो रहे टीकाकरण में प्राथमिकता के साथ टीका लगाकर उनकी महती सेवा को सुरक्षित कर संवर्धित किए जाने की मांग विधायक रंजना साहू, नगर निगम के पूर्व सभापति राजेंद्र शर्मा की पहल पर की गई है। संक्रमित मृतकों के अंतिम संस्कार में परिजन की तरह भूमिका निभाने वाले निगम कर्मचारी सुभाष साहू, ओंकार निषाद, जगनंदन राजपूत, वीरेंद्र साहू, रितेश टंडन, खिलेश्वर साहू, ओंकार निर्मलकर शामिल है। मांग करते हुए विधायक ने कहा है कि संक्रमित मृतकों का अंतिम संस्कार किया जाना खतरे में खेलने के समान है, लेकिन निगम से नियुक्त सारे कर्मचारी अपना सामाजिक धर्म मानकर इसे निभा रहे हैं, इसलिए हम सारे जनप्रतिनिधि, शासन, प्रशासन का नैतिक धर्म है कि उनके जीवन की सुरक्षा के लिए प्रथम पंक्ति में ही अपनी सेवा और सहयोग प्रदान करना चाहिए। इस अवसर पर युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष राजीव सिन्हा, पूर्व जनपद अध्यक्ष प्रियंका सिन्हा, पार्षद विजय मोटवानी, पूर्व पार्षद सरिता यादव, अभिषेक शर्मा, आशीष शर्मा, उपस्थित रहे।

20-12-2020
 कांग्रेस ने केंद्र सरकार को 33 किसानों की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया

नई दिल्ली। केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन आज 25वें दिन भी जारी है। कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग पर अड़े किसान कड़ाके की ठंड में दिल्ली के बॉर्डर पर डटे हुए हैं। आंदोलन शुरू होने से लेकर अब तक 33 किसानों की मौत हो चुकी है लेकिन सरकार और किसानों के बीच कोई समाधान होता नहीं दिख रहा। ऐसे में कांग्रेस पार्टी ने एक बार फिर केंद्र की मोदी सरकार को 33 किसानों की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है। उसका है कि सरकार की जिम्मेदारी है कि वो अपने नागरिकों का ध्यान रखे लेकिन यहां तो सरकार किसानों को सुनना समझना तो दूर मृतक किसानों के प्रति संवेदना का दो शब्द तक नहीं जताए। कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने रविवार को पार्टी मुख्यालय में आयोजित पत्रकारवार्ता में कहा कि खेती किसानी को बचाने तथा कृषि विरोधी कानूनों को समाप्त करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों को उम्मीद की एक किरण नहीं दिख रही। न्याय की आस में अब तक 33 किसान अपनी जान गवां चुके हैं। आंदोलन में मारे गए किसानों को आज सिंघु बॉर्डर एवं अन्य जगहों पर श्रद्धांजलि दी जा रही है। जबकि इस निरंकुश सरकार की ओर से संवेदना के दो शब्द नहीं निकले हैं।

शमा मोहम्मद ने कहा कि सिर्फ 33 किसानों की मौत नहीं हुई है बल्कि यह 33 परिवारों के लिए दुख की घड़ी है। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी या फिर गृहमंत्री अमित शाह को उनके दुख में शामिल होना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सरकार की ओर से किसी ने भी किसान परिवारों के दुख में शरीक होते हुए संवेदना जताने तक ही जहमत नहीं उठाई। किसान न्याय की आस में पिछले 25 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं लेकिन सरकार ने उनकी बात सुनने या मानना तो दूर 33 किसानों की मौत पर दुख जताने तक का समय नहीं निकाल पा रही है। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि गृ़हमंत्री आगामी चुनाव को लेकर पश्चिम बंगाल में प्रचार कार्य में जुटे हैं तो वहीं प्रधानमंत्री धार्मिक स्थलों का भ्रमण कर रहे हैं। अपने नागरिकों की समस्याओं का समाधान निकालने में आनाकानी करने वाली सरकार कम से कम इंसानियत के तौर पर उन मृतक किसानों के परिजनों से संवेदना जताए जो अपने हक के लिए कड़कड़ाती ठंड में प्रदर्शन कर रहे हैं। 

15-12-2020
केंद्र के शीतकालीन सत्र ना बुलाने के फैसले पर उर्मिला मातोंडकर ने कहा- देश खुल चुका है सिवाय संसद के...

मुंबई। कोरोना महामारी के कारण सरकार ने इस वर्ष संसद का शीतकालीन सत्र न बुलाने का फैसला किया है। इसका विपक्ष ने विरोध किया। शीतकालीन सत्र के न होने पर हाल ही में शिवसेना में शामिल हुई उर्मिला मातोंडकर ने भी ट्वीट किया है। उर्मिला ने शीतकालीन सत्र न बुलाए जाने पर ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने लिखा, "एक राज्य का चुनाव हुआ, बड़ी बड़ी रैलियां भी उसी वक्त की गईं।  पूरा देश फिर से खुल चुका है, संसद के अलावा,जहां कानूनों को सभी दलों से परामर्श लिये बिना ही लाद दिया जाता है। वास्तव में लोकतंत्र है..." बता दें कि शीतकालीन सत्र को लेकर संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी ने लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीररंजन चौधरी को पत्र लिखकर बताया है कि सभी दलों के नेताओं से चर्चा के बाद आम राय बनी थी कि महामारी के चलते सत्र नहीं बुलाया जाना चाहिए। खत में लिखा गया है कि संसद का बजट सत्र जनवरी 2021 में आहूत किया जाएगा।

 

14-12-2020
गंगालूर में जनसुविधा केंद्र शुरू, अब होगा ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान

बीजापुर। जिला मुख्यालय के अंतर्गत आने वाले गंगालूर क्षेत्र में काफी समय से ग्रामीणों के द्वारा समय-समय पर कई रैली निकालकर अपनी मांगों को रखा गया था। ग्रामीणों के समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने जनसुविधा केंद्र खोलने का निर्णय लिया था। सोमवार को गंगालूर में वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में जनसुविधा केंद्र का शुभारंभ किया गया। जन सुविधा केंद्र खुलने से अब ग्रामीणों को नक्शा खसरा,बी 1,आय,जाति निवास प्रमाण पत्र,नामांतरण,सीमांकन,नवीन आधार कार्ड पंजीयन,आधार कार्ड सुधार कार्य,आधार कार्ड प्रिंट,पेन कार्ड,बिजली बिल भुगतान,मोबाइल,डीटीएच रिचार्ज,टेलीकॉम,टेली मेडिसिन के अलावा बैंक सखी के माध्यम से पैसा जमा एवं निकाल सकते हैं। नवीन राशन कार्ड पंजीयन,राशन कार्ड में नाम जोड़ना व हटाना जैसी अन्य और सुविधाएं जन सुविधा केंद्र के माध्यम से गंगालूर क्षेत्र के ग्रामीणों को मिलेगी। कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य पुष्पा राव,बीजापुर तहसीलदार टीपी साहू,पटवारी एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।

 

12-12-2020
किसानों की माली हालत सुधारने के लिए सरकार कर रही चौतरफा प्रयास : नरेंद्र सिंह तोमर

नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने शनिवार को कहा कि केंद्र  सरकार का उद्देश्य किसानों की माली हालत में सुधार लाना है एवं इसके लिए चौतरफा कोशिश जारी है तथा इस दिशा में पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। इनका फायदा किसानों को मिलना शुरू भी हो गया है। तोमर ने कहा कि सरकार आधुनिक प्रौद्योगिकी के माध्यम से भी किसानों को लाभ पहुंचा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार के पास किसानों का बड़ा डाटा बैंक होगा, जिससे मिट्टी की जांच, बाढ़ की चेतावनी, सैटेलाइट की फोटोज से लेकर जमीन के राजस्व रिकॉर्ड जैसी जानकारियां उन्हें घर बैठे ही प्राप्त होगी। तोमर के मुताबिक हमारे गांव तथा कृषि क्षेत्र बरसों से इस देश की ताकत रहे हैं, जिन्हें और मजबूत करने पर सरकार का पूरा ध्यान है। इसी कड़ी में आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत एक लाख करोड़ के कृषि इंफ्रास्ट्रक्च र फंड की ऐतिहासिक शुरूआत हो चुकी है। इसका इस्तेमाल गांवों में कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने में किया जाएगा।

इस फंड से कोल्ड स्टोरेज,वेयरहाउस,साइलो, ग्रेडिंग एवं पैकेजिंग यूनिट्स लगाने के लिए लोन प्रदान किया जाएगा। उनकी माने तो एक और महत्वपूर्ण स्कीम 10 हजार एफपीओ यानी किसान उत्पादक संगठन बनाने की शुरू की गई है, जिस पर केंद्र सरकार 6.850 करोड़ रुपये व्यय करेगी। उन्होंने बोला कि इनके माध्यम से छोटे मझौले किसानों, जिनकी निवेश की शक्ति कम होती है, जोत का रकबा छोटा होता है एवं वे महंगी फसलों के लिए निवेश करने में सक्षम नहीं होते है उन्हें संगठित किया जाएगा ताकि उनके खेती के खर्चे  में कमी आएं, उन्हें आधुनिक तकनीकों का फायदा मिले, उनके लिए मार्केटिंग की सुविधा विकसित हो व इन सबसे उनकी आय में वृद्धि हो। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने तथा उनके जीवन स्तर में आमूलचूल परिवर्तन लाने के उद्देश्य से नए कृषि कानून बनाए हैं, जिनसे केवल और केवल किसानों के हितों का संरक्षण किया गया है।

 

 

05-12-2020
धान खरीदी केंद्रों में पहुंचे कलेक्टर, कहा- आगे आवक बढ़ेगी, कर लें एडवांस प्लानिंग

दुर्ग।  जिले में चल रही धान खरीदी की मानिटरिंग करने कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे नगपुरा एवं बोरी के धान खरीदी केंद्रों में पहुंचे। वहां इन्होंने धान खरीदी की व्यवस्था देखी। बारदानों की स्थिति की जानकारी ली। धान की गुणवत्ता का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने किसानों से भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि इस बार कोरोना की वजह से जूट मिलों में भी काम प्रभावित रहा,जिससे बारदानों के लिए काफी समस्या आई। इस संकट के बावजद सभी समितियों में बारदाने उपलब्ध करा दिये गए हैं। किसानों ने कलेक्टर को बताया कि इन केंद्रों में टोकन कट गये और समय पर धान खरीदी हो गई है जिससे वे काफी खुश हैं। समिति के कर्मचारियों ने काफी तेजी से कार्य किया है और वे काफी खुश हैं। कलेक्टर ने समिति प्रबंधकों से भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में धान की आवक तेजी से बढ़ेगी, इसे देखते हुए एडवांस प्लानिंग कर लें। उन्होंने कहा कि स्टैकिंग से लेकर ट्रांसपोर्टेशन तक सभी पहलुओं की तैयारी कर लें। कलेक्टर ने कहा कि समिति प्रबंधक किसानों की पूरी सुविधा का ध्यान रखें और कोशिश हो कि जल्द से जल्द किसान समिति से धान बेचकर घर लौट सकें। उन्होंने कहा कि धान की गुणवत्ता का भी पूरा ध्यान रखना है। कलेक्टर ने धान की नमी आदि तकनीकी बातों की भी जानकारी समिति प्रबंधकों से ली।

उन्होंने समितियों द्वारा अद्यतन की जाने वाले सभी रजिस्टरों को भी देखा। उन्होंने वहां उपस्थित राजस्व अधिकारियों से धान खरीदी की नियमित मानिटरिंग करने के निर्देश भी दिये। उन्होंने कहा कि अभी धान खरीदी शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता का कार्य है, यह कार्य पूरी जवाबदेही से होना चाहिए। इंग्लिश मीडियम स्कूलों के लिए अधोसंरचनाओं संबंधी दिये निर्देश- कलेक्टर ने बोरी एवं नगपुरा में इंग्लिश मीडियम स्कूलों के भवनों का निरीक्षण भी किया। यहां एसडीएम को अत्याधुनिक स्कूलों के मानकों के मुताबिक अधोसंरचना तैयार करने के निर्देश दिये। यहां उन्होंने एडमिशन एवं अन्य शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी भी जिला शिक्षा अधिकारी से ली। कलेक्टर सबसे पहले कोटनी पहुंचे। यहां उन्होंने गौठान देखा, यहां पर वर्मी कंपोस्ट का उत्पादन किया जा रहा था और नये वर्मी टैंक बनाये जा रहे थे। कलेक्टर ने इसकी धीमी प्रगति पर नाराजगी जाहिर की और इसे शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिये। उन्होंने यहां समूहों द्वारा लगाए गए जिमीकंद भी देखे और इस पर प्रसन्नता जाहिर की।  

 

 

05-11-2020
कृषि विरोधी कानूनों के खिलाफ किसानों ने किया चक्का जाम,केंद्र के साथ राज्य सरकार को किया कटघरे में खड़ा

 कोरबा। छत्तीसगढ़ किसान सभा और छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन के आह्वान पर मोदी सरकार द्वारा बनाये गए किसान विरोधी कानूनों के खिलाफ और न्यूनतम समर्थन मूल्य की व्यवस्था सुनिश्चित करने, खाद्यान्न आत्मनिर्भरता और ग्रामीण जनता की आजीविका बचाने तथा पूरे प्रदेश में सहकारी समितियों के माध्यम से 10 नवम्बर से धान की खरीदी शुरू करने और  छत्तीसगढ़ सरकार से वन अधिकार का पट्टा देने की मांग पर आज रैनपुर में दीपका पाली रोड पर सैकड़ो किसानों ने चक्काजाम किया और कई जगह मोदी सरकार के पुतले जलाए और इन कॉर्पोरेटपरस्त कानूनों को निरस्त करने की मांग की। आंदोलनकारी संगठनों ने केंद्र सरकार के बनाये कानूनों के दुष्प्रभावों को निष्प्रभावी करने के लिए राज्य के स्तर पर एक सर्वसमावेशी कानून बनाने की भी मांग की है।

उल्लेखनीय है कि आज 500 से अधिक किसान संगठनों द्वारा "कॉर्पोरेट भगाओ-खेती-किसानी बचाओ-देश बचाओ" के केंद्रीय नारे पर देशव्यापी चक्का जाम का आह्वान किया गया था। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, जनवादी महिला समिति  के कार्यकर्ता भी  इस आंदोलन के समर्थन में आज सड़कों पर उतरे। मोदी सरकार के कृषि विरोधी कानूनों के खिलाफ जिले में छत्तीसगढ़ किसान सभा,मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, जनवादी महिला समिति,छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन के बैनर तले दो घंटे तक चक्काजाम  चला और कई जगह पर पुतला फूंका गया। चक्काजाम से कोल परिवहन की गाड़ियों की कई किलोमीटर तक लंबी लाइन लग गई  और जाम का व्यापक असर देखने को मिला। चक्काजाम को छत्तीसगढ़ किसान सभा के नंद लाल कंवर, जवाहर सिंह कंवर, मुखराम, वेदप्रकाश, छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन के दीपक साहू,माकपा जिला सचिव प्रशांत झा,माकपा पार्षद राजकुमारी कंवर, सुरति कुलदीप ने संबोधित किया।

 

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