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27-12-2020
बर्फानी दादा के शिष्यों ने शिवनाथ के तट पर मुंडन करा और तर्पण कर दी भावांजलि

राजनांदगांव। संस्कारधानी राजनांदगांव को मां पाताल भैरवी सिद्धपीठ की स्थापना कर देशभर में धार्मिक व आध्यात्मिक क्षेत्र में पहचान दिलाने वाले देश के प्रसिद्ध संत व अखिल भारतीय चर्तु: सम्प्रदाय के श्रीमहंत श्रीश्री 1011 योगाधिराज ब्रम्हर्षि बर्फानी दादा  के अंतिम संस्कार के तीसरे दिवस 27 दिसम्बर को राजनांदगांव लौटकर बर्फानी दादा के अनेक शिष्यों ने छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध शिवनाथ नदी मोहारा में विधि विधान व मंत्रोच्चार के मध्य अपने सिर मुंडवाकर व तर्पण क्रिया कर भावभीनी भावांजलि अर्पित की। इसके अलावा छत्तीसगढ़ के अन्य स्थलों में भी उनके भक्तों के द्वारा भावांजलि अर्पण करने का कार्य किया जा रहा है। संस्था के सचिव गणेश प्रसाद शर्मा ने बताया कि देशभर में पहचान बना चुकी गर्भगृह में विराजमान  काली स्वरूपनी मां पाताल भैरवी राज राजेश्वरी त्रिपुर सुंदरी दश महाविद्या द्वादश ज्योर्तिलिंग शिव शक्ति सिद्धपीठ को स्थापित करने वाले व संस्था के आशीर्वादक बर्फानी दादा का 23 दिसम्बर बुधवार की रात्रि में गुजरात के अहमदाबाद में देवलोक गमन पश्चात 25 दिसम्बर को 5 प्रमुख स्थलों के महामंडलेश्वरों के द्वारा अंतिम संस्कार क्रिया की गई थी।

आज अंतिम संस्कार के तीसरे दिवस हिन्दू रीति रिवाज के अनुसार जहां मेहंदीपुर में अस्थि एकत्रित की गई वहीं राजनांदगांव में उनके भक्तों के द्वारा शिवनाथ नदी के तट पर वरिष्ठ सदस्यों अयोध्या प्रसाद जोशी, संस्था के अध्यक्ष राजेश मारु, कुलबीर सिंह छाबड़ा, आलोक बिंदल, बलविंदर सिंह भाटिया, कमलेश सिमनकर, आकाश दास, अशोक पांडे, गुरजिंदर सिंह ग्रेवाल की उपस्थिति में संस्था के उपाध्यक्ष दीपक जोशी एवं दुर्ग के भक्तगण युवराज देशमुख, गजानंद गौतम, अजय कन्नौजिया, एकानंद पुरी, मुचुंद पुरी, अरुण सोनवानी, प्रमोद राजपूत, हुकुमचंद साहू ने अपने सीरों के बाल को अर्पित करते हुए शिवनाथ नदी में डुबकी लगाकर विधि विधान से मंत्रोच्चार के मध्य तर्पण क्रिया को पूर्ण करते हुए श्रीदादा  के चरणों में अपनी भावभिनी भावांजलि अर्पित कर हमेशा मानव जाति के कल्याण व जनकल्याणकारी कार्य की प्रेरणा देते रहने के लिए मनोकामना की। इस अवसर पर अंजनी महाराज, संजू अग्रवाल, रवि कुमार, मनोज सेन, पवन आदि ने सहयोग प्रदान किया।

14-12-2020
वेब सीरीज आश्रम के निर्माता प्रकाश झा को जोधपुर की अदालत का नोटिस, धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप

रायपुर/मुंबई। निर्माता प्रकाश झा को जोधपुर की एक अदालत ने आश्रम वेब सीरीज के खिलाफ दर्ज एक मामले में नोटिस जारी किया है। इस सीरीज के 2 सीजन रिलीज हो चुके हैं, जो काफी हिट रहे हैं और लोगों को पसंद आए हैं। हालांकि कुछ लोगों का आरोप है कि इस वेब सीरीज के जरिए उनकी धार्मिक भावनाएं आहत की जा रही हैं और इसे बैन किया जाना चाहिए। अब जोधपुर कोर्ट ने सीरीज के लीड ऐक्टर बॉबी देओल और प्रोड्यूसर प्रकाश झा को नोटिस जारी कर दिए हैं। जिला और सेशन कोर्ट में रविंद्र जोशी की अदालत ने यह आदेश वकील कुश खंडेलवाल की याचिका पर दिए हैं। हालांकि कोर्ट ने बॉबी देओल और प्रकाश झा के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने के आदेश देने से इनकार किया है। मामले की अगली सुनवाई 11 जनवरी को होगी।

 

 

 

05-08-2020
देश दुनिया के लोग रामायण सर्किट की तीर्थ यात्रा पर निकलेंगे तो भगवान राम के ननिहाल छत्तीसगढ़ का दर्शन करेंगे

रायपुर। मर्यादा पुरूषोत्तम राम का ननिहाल चंदखुरी छत्तीसगढ़ में है। राम छत्तीसगढ़ियों की जीवन-शैली और दिनचर्या का अंग हैं। प्रातः छत्तीसगढ़ के लोग उठकर एक-दूसरे से राम-राम कह कर अभिवादन करते हैं। छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति में हर मामा अपने भान्जे को राम मानता है, आस्था से उसके पैर पड़ता है। पुरातन काल से छत्तीसगढ़ में राम लोगों के मानसपटल पर भावनात्मक रूप से जुड़े हैं। वहीं पर भगवान राम ने 14 वर्ष वनवास के दौरान लम्बा समय छत्तीसगढ़ की धरा पर गुजारा था। वनवास के दौरान श्रीराम छत्तीसगढ़ के जिन स्थानों से गुजरे थे उसे राम वन गमन पथ के रूप में विकसित करने कार्य योजना बनाई गई, जिसकी शुरूआत चंदखुरी से हो चुकी हैं।राम वन गमन पर्यटन परपिथ के अंतर्गत जांजगीर चांपा जिले में शिवरीनारायण, बलौदा बाजार में तुरतुरिया, रायपुर में चंदखुरी और गरियाबंद के राजिम में परिपथ के विकास कार्यों की शुरूआत हो चुकी है।

इसी तरह से राम वन गमन पर्यटन परिपथ में कोरिया जिले में सीतामढी हर-चौका, सरगुजा में रामगढ़, धमतरी में सप्तऋषि आश्रम, बस्तर में जगदलपुर, सुकमा में रामाराम सहित करीब 75 स्थलों को चिन्हांकित कर लिया गया है। अब मुख्यमंत्री के निर्देशन में छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी योजना राम वन गमन परिपथ को विकसित करने का कार्य प्रारंभ हो गया है। इस योजना से लोगों की आस्था को और बल मिल सकेगा और राम की यादों को पौराणिक धार्मिक कथाओं से सुनते आ रहे लोग इन पौराणिक महत्व के स्थल को देख सकेगें। छत्तीसगढ़ की पावन भूमि पर्यटन तीर्थ स्थल के रूप में विकसित होने के साथ यहां रोजगार के साधनों का विकास होगा। अंदरूनी दुर्गम वन क्षेत्रों में सड़क परिवहन भी विकसित होगा,जिससे कई आर्थिक गतिविधियों का स्वयं संचालन होने लगेगा। देश और दुनिया के आस्थावान लोग रामायण सर्किट की धार्मिक तीर्थयात्रा पर निकलेंगे तो भगवान राम के ननिहाल के दर्शन करेंगे।

19-07-2020
भूपेश बघेल ने कहा,भारत में आदिकाल से विचारों की स्वतंत्रता रही है,असहमति को भी सम्मान मिलता है

रायपुर। पद पर बैठे हर व्यक्ति को राजधर्म का पालन करना चाहिए। सुशिक्षित, सुसंस्कृत, सेवा परायण, संपन्न और स्वस्थ व्यक्ति व समाज की रचना राजनीति का उद्देश्य होना चाहिए। यह बात रविवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने  गोवर्धन मठ पुरी में राजधर्म विषय पर आयोजित ऑनलाइन संगोष्ठी में कही। आज स्वामी करपात्रीजी महाभाग के 113 वें प्राकट्य महोत्सव के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय संगोष्ठी का पहला दिन था। इसमें जगदगुरू शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती सहित धार्मिक, सामाजिक और राजनीति के क्षेत्र में सक्रिय व्यक्ति एवं विशेषज्ञ तीन दिनों तक अपने विचार व्यक्त करेंगे। ऑनलाइन संगोष्ठी में हिस्सा ले रहे संतों एवं विशेषज्ञों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री बघेल ने राजतंत्र और लोकतंत्र का अंतर बताते हुए कहा कि दोनों ही व्यवस्थाओं में व्यक्ति महत्वपूर्ण है। राजनीति में व्यवस्था ऐसी हो कि हर नागरिक भयमुक्त हो और उनके लिए अच्छी बातों को ग्रहण करने की पर्याप्त जगह हो। उन्होंने कहा कि भारत में आदिकाल से ही विचारों की स्वतंत्रता रही है। यहां असहमति को भी सम्मान से देखा जाता है। भारत के विविधतापूर्ण विचारों का पूरी दुनिया ने सम्मान किया है। यहां विचारों में खुलापन है। यह खुलापन बरकरार रहना चाहिए और असहमति को भी जगह मिलना चाहिए। भूपेश बघेल ने कहा कि राजनीति के केंद्र में आम जनता का हित होना चाहिए। लोगों को रोजगार और भयमुक्त वातावरण मिलना चाहिए। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौर में भी छत्तीसगढ़ की अर्थव्यस्था में मंदी नहीं आई। प्रदेश में मजदूरों, किसानों एवं आदिवासियों सहित सभी वर्गों की क्रयशक्ति बनाए रखने के लिए अनेक कदम उठाए गए। मनरेगा के तहत 1900 करोड़ रूपए की मजदूरी का भुगतान किया गया। 

26-06-2020
होटल और रेस्टोरेंट में कार्यक्रम, सभा एवं आयोजनों की अनुमति नहीं

कांकेर। नोवल कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव व नियंत्रण के लिए होटल एवं रेस्टोरेंट में सामाजिक, राजनैतिक, धार्मिक, खेलकूद, मनोरंजन, शैक्षिक, सांस्कृतिक एवं अन्य विशाल जनसमूह वाले कार्यक्रम तथा सभा आयोजन की अनुमति नहीं होगी। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी केएल. चौहान ने कहा कि जिला प्रशासन की लिखित पूर्वानुमति होने पर ही शादी संबंधी आयोजन में अधिकतम 50 व्यक्ति और अंन्त्येष्टी संबंधी आयोजन में अधिकतम 20 व्यक्ति सम्मिलित हो सकते हैं। उन्होंने जिले में स्थित सभी होटल एवं रेस्टोरेंट संचालकों को निर्देशित किया है कि शासन द्वारा दिये गये निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाये, निर्देशों का उल्लंघन करते पाये जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्यवाही की जायेगी। कलेक्टर चौहान ने जिले के नागरिकों से भी अपील किया है कि नोवल कोराना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए आवश्यक सावधानी बरतें तथा शासन द्वारा लागू नियमों का पालन करें।

 

21-05-2020
नाई समाज ने घर-घर जाकर तथा धार्मिक आयोजनों में काम नहीं करने का लिया निर्णय

कोरबा। लॉक डाउन ने सैलून व्यवसायियों की कमरतोड़ कर रख दी है। लॉक डाउन 4 में दुकान खोलने की अनुमति जरूर मिली मगर पुनः दुकान बंदी के आदेश ने सैलून व्यवसायियों को एक बड़ा झटका दिया है।छुरी के सैलून व्यवसायियों ने आज एकत्रित होकर घर घर जाकर काम करने पर पाबंदी लगा दी है। सैलून व्यवसायियों के इस निर्णय से विभिन्न सामाजिक रीति रिवाजों के संपादन पर ग्रहण लग गया है।हिन्दू समाज में बिना नाई के कई धार्मिक आयोजन पूर्ण नहीं होते। छठी, दशगात्र, शादी विवाह जैसे कई अन्य कार्यक्रम नाई द्वारा निर्वहन किया जाता है।सैलून व्यवसायियों ने बैठक आयोजित कर घर घर जाकर काम नहीं करने का निर्णय लिया है तथा प्रशासन से गुहार लगाई है कि हम सैलून व्यवसायियों के विषय पर विचार करें। उन्होंने कहा कि हमारे व्यवसाय के बन्द होने से परिवार में भूखों मरने की नौबत आ गई है। हम सैलून व्यवसायी कोरोना वायरस के चलते लगे लॉक डाउन का पूरा पालन करने के लिए कटिबद्ध है तथा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने का निर्णय लिया है।

06-04-2020
धार्मिक-जातिगत मुद्दे छोड़कर एकजुट होने का मौका: राहुल गांधी

नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को कहा कि कोरोना संकट देश में धर्म, जाति और वर्ग आधारित मतभेदों को भुलाकर एकजुट होने का मौका है। उन्होंने यह भी कहा कि देश एकजुट होकर इस महामारी को पराजित करेगा। उधर, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने सरकार से एक बार फिर सरकार से आग्रह किया कि कोरोना की व्यापक स्तर पर जांच की जाए।
राहुल गांधी ने ट्वीट किया, 'कोरोना संकट भारत के लिए एक ऐसा मौका है जिसमें लोग अपने धर्म, जाति एवं वर्ग के मतभेदों को पीछे छोड़कर एकजुट हों और इस खतरनाक वायरस को पराजित करें।' उन्होंने कहा,' करुणा, संवेदना और त्याग इस सोच की बुनियाद हैं। हम साथ मिलकर इस लड़ाई को जीतेंगे।' अपने इस ट्वीट के साथ राहुल ने हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल पेश करती एक तस्वीर भी साझा की।
वहीं, प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया, 'कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने का एकमात्र रास्ता ज्यादा से ज्यादा जांच है। तभी हम संक्रमित व्यक्ति का उपचार कर सकते हैं। प्रियंका ने कहा, 'ज्यादा से ज्यादा जांच करो, फिर उपचार करो- यही हमारा मंत्र होना चाहिए। आप सबसे मेरी गुजारिश है कि ज्यादा जांच के लिए आवाज उठाइए।'

 

31-03-2020
दिल्ली में धार्मिक जलसे में जुटे 24 लोग कोविड 19 संक्रमित, स्वास्थ्य मंत्री ने कहा

 नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस का कहर जारी है। इस जानलेवा वायरस ने हजारों की जिदंगी ली है। देशव्यापी लॉकडाउन का आज सातवां दिन है। दिल्ली में 24 लोगों के कोरोना संक्रमण होने के बाद लोग दहशत में आ गए है। दरअसल दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में स्थित तबलीगी मरकज में शामिल 1700 लोगों में से 24 लोगों को कोरोना संक्रमण की पुष्टि के बाद हड़कंप मच गया। इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल बैठक कर रहे हैं। वहीं, दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बताया है कि बिल्डिंग में तकरीबन 1500 लोग मौजूद थे। सत्येंद्र जैन ने कहा संख्या निश्चित नहीं है, लेकिन यह अनुमान है कि 1500-1700 लोग मरकज बिल्डिंग में इकट्ठे हुए थे। 1033 लोगों को अब तक निकाला गया है उनमें से 334 को अस्पताल भेजा गया है और 700 लोगों को क्वारंटाइन सेंटर भेजा गया है। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि अब तक 24 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह बहुत बड़ा अपराध है। दिल्ली में पांच से अधिक लोगों के एक जगह इकट्ठा होने पर पाबंदी है। इसके बावजूद लोग इकट्ठे हुए। मैंने उप-राज्यपाल को एक्शन लेने के लिए पत्र लिखा है। दिल्ली सरकार ने एफआईआर दर्ज करने के भी आदेश दे दिए हैं। बता दें कि दिल्ली में तबलीगी जमात के कार्यक्रम में शामिल हुए ज्यादातर लोग मलेशिया और इंडोनेशिया के नागरिक थे। ये लोग 27 फरवरी से 1 मार्च के बीच कुआलालंपुर में हुए इस्लामिक उपदेशकों के एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद भारत आए थे।

क्या है मरकज तबलीगी जमात का मतलब

दरअसल, तबलीगी का मतलब अल्लाह की कही बातों का प्रचार करने वाला होता है। वहीं जमात का मतलब होता है एक खास धार्मिक समूह। यानी धार्मिक लोगों की टोली, जो इस्लाम के बारे में लोगों को जानकारी देने के लिए निकलते हैं। मरकज का मतलब होता है बैठक या फिर इनके मिलने का केंद्र।

19-03-2020
जिले में धारा 144 तत्काल प्रभाव से लागू, सभा, धरना, रैली, जुलूस प्रतिबंधित

बीजापुर। जिले में धारा 144 लागू कर दी गई है। इसके साथ ही जिले में सभा, धरना, रैली, जुलूस, धार्मिक सांस्कृतिक एवं राजनितिक कार्यक्रम के आयोजन पर प्रतिबंध लग गया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी केडी कुंजाम ने गुरुवार को धारा-144 लागू करते हुए आदेश में कहा है कि कोरोना वायरस (कोविड-19) एक संकामक बीमारी है। कोरोना वायरस (कोविड-19) रेग्युलेशन के अंतर्गत इस बीमारी को फैलने से रोकने के लिए संकामक व्यक्ति को घर संगरोध में चिकित्सा हेतु लाया जाना सुनिश्चित किया जावें। छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा यह भी निर्देशित किया गया है कि इससे बचने के सभी संभावित उपाय अमल में लाया जावे। संकामक से बचाव हेत जिला  बीजापुर में स्वास्थ्यगत आपातकालीन स्थिति को नियत्रंण में रखने हेतु विभिन्न प्रकार के सभा, धरना, रैली, जुलूस, धार्मिक सांस्कृतिक एवं राजनीतिक कार्यक्रम के आयोजन आदि को प्रतिबंधित कर दण्ड प्रकिया संहिता की धारा 144 करने हेतु अनुशंसा किया गया है। यह आदेश बीजापुर जिले के लिए तत्काल प्रभावशील होगा,जो 31 मार्च 2020 या अग्रिम आदेश तक प्रभावशील होगा।

 

18-03-2020
सुकमा जिले को मिलेगी नई पहचान, रामाराम को धार्मिक और पर्यटन स्थल के रूप में किया जाएगा विकसित

रायपुर। सुकमा जिले के रामाराम को धार्मिक और पर्यटन स्थल के रूप में नई पहचान मिलेगी। राम वन गमन पर्यटन परिपथ में होने के कारण इसे धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। मुख्य सचिव आरपी मंडल छत्तीसगढ़ शासन की महात्वाकांक्षी योजना राम वन गमन पथ को मुर्तरुप देने के लिए बुधवार को सुकमा जिले के महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल रामाराम पहुंचे। उन्होंने वहां अधिकारियों को इस महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल के सौन्दर्यीकरण सहित आवश्यक सुविधाएं विकसित करने के संबंध में चर्चा की। इसके साथ ही इस स्थान को आने वाले दिनों में महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव आरपी मण्डल को चर्चा के दौरान सुकमा जिले के कलेक्टर चंदन कुमार ने बताया कि रामाराम मंदिर के प्रति लोगों में गहरी आस्था है। बस्तर के इतिहास के अनुसार 608 सालों से यहां मेला आयोजन होता आ रहा है। वहीं सुकमा जमीदार परिवार रियासत काल से यहां पर देवी-देवताओं की पूजा करते आ रहे है। मां रामारामिन की डोली रामाराम के लिए राजवाड़ा से निकलती है। लोग जगह-जगह इसकी पूजा-अर्चना करते हैं। रामाराम मेले के बाद जिले में जगह-जगह मेले के आयोजन की शुरूआत होती है।  
 
मुख्य सचिव आरपी मण्डल रामाराम स्थित रामारामीन चीटमीटीन अम्मा देवी के प्राचीन मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली और समृद्धि के लिए आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर संस्कृति विभाग के सचिव पी अन्बलगन, प्रधान मुख्य वन संरक्षक  राकेश चतुर्वेदी, संजय शुक्ला, आईजी पी सुंदरराज, कलेक्टर चंदन कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

 

12-01-2020
लॉयनेस क्लब ने आयोजित किया नारी तू नारायणी प्रतिभा सम्मान समारोह

रायगढ़। कोमल है कमजोर नहीं तू - शक्ति का नाम ही नारी है, जग को जीवन देने वाली - मौत भी तुझसे हारी है। इन्हीं चंद लाइनों को पूरे आदर के साथ दिल से सम्मान दिया लॉयनेस क्लब रायगढ़ मिड टाउन ने। धार्मिक, सांस्कृतिक और रचनात्मक कार्यों में बेहद अग्रणी लॉयनेस क्लब द्वारा शहर के रामबाग में आयोजित नारी तू नारायणी प्रतिभा सम्मान समारोह का शुभारंभ नवनिर्वाचित महापौर जानकी काटजू ने दीप प्रज्जवलित कर किया। मंचासीन अतिथियों ने महिला क्रिकेट प्रतियोगिता में जीत दर्ज करने वाली विजेता टीम को ट्रॉफी देते हुए उनका हौसला बढ़ाया। वहीं, लॉयनेस क्लब ने निगम चुनाव में विजय परचम लहराने वाली महिला पार्षदों को स्मृति चिन्ह प्रदान करते हुए समाजसेवा के प्रति उनके जज्बे को भी सलाम किया, ताकि वे रायगढ़ को स्मार्ट सिटी बनाने के सपने को साकार कर नारी शक्ति की मिसाल कायम करें।

लॉयनेस क्लब की सदस्यों ने नवनिर्वाचित महिला जनप्रतिनिधियों को नहीं, बल्कि उस नारी शक्ति का सम्मान बढ़ाया, जिनके बिना जीवन अधूरा है। यही वजह रही कि सादगी लेकिन गरिमामय माहौल में आयोजित इस कार्यक्रम के पहले लॉयनेस क्लब ने रामबाग में ही महिला क्रिकेट प्रतियोगिता की पहल कर उन खिलाड़ियों को बेहतरीन मौका दिया, जो खेल भावना के साथ स्पोर्ट्स के क्षेत्र में आगे बढ़ने की क्षमता रखते हैं। लॉयनेस क्लब की प्रमुख बताती हैं कि प्रतिभाओं को तराशना और शहर का सर्वांगीण विकास ही इनकी प्राथमिकता है।

बहरहाल, शहर की प्रथम नागरिक जानकी काटजू और नवनिर्वाचित महिला पार्षदों को नारी तू नारायणी प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित कर लॉयनेस क्लब रायगढ़ मिड टाउन ने ये जरूर जताया कि नारी शक्ति से ही राष्ट्र शक्ति मजबूत होती है और ऐसे आयोजन के जरिये ही सही ये महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने आगे भी इसी तरह सक्रिय होकर अपनी जिम्मेदारी पूरी करती रहेंगी।

10-01-2020
चंद्र ग्रहण में आज सूतक मान्य नहीं, राशियों पर नहीं पड़ेगा प्रभाव

रायपुर। आज रात 10:35 से रात 3:31 तक पौष माह पूर्णिमा पर मध्य चंद्रग्रहण होगा। ग्रहण का स्पर्श रात 10:38 पर ग्रहण का मध्य रात 12:40 और मोक्ष काल रात 2 बजकर 42 मिनट पर होगा। ज्योतिषियों के मुताबिक इस ग्रहण का धार्मिक दृष्टि से कोई महत्व नहीं माना जाएगा क्योंकि इसमें सूतक आदि मान्य नहीं होगा। ज्योतिषों के अनुसार ग्रहण के दौरान चंद्रमा पृथ्वी की बिजाई छाया से गुजरेगा इसमें मामूली सी संक्रांति मलिन हो जाएगी। ज्योतिषीय गणित की दृष्टि से इसे ग्रहण नहीं माना जा सकता ग्रहण का गलत प्रभाव देशभर में नहीं पड़ेगा। वहीं धर्म शास्त्रों में इसे मद्दा ग्रहण कहते हैं। भारत में इस ग्रहण का असर ना के बराबर होगा इस ग्रहण पर सूतक नहीं लगेगा।

 

 

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