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31-03-2020
बार-शराब दुकान-होटल 7 अप्रैल तक रहेंगे बंद, आदेश जारी

रायपुर। प्रदेश की सभी शराब दुकानें, होटल बार और क्लब 7 अप्रैल तक बंद रहेंगे। लॉक डाउन के दौरान 31 मार्च तक इन्हें बंद रखने का आदेश जारी किया गया था, इसे बढ़ाकर 7 अप्रैल किया गया है। वाणिज्यिक कर (आबकारी विभाग) की ओर से यह आदेश जारी किया गया है। अवर सचिव मरियानुस तिग्गा ने प्रदेश के सभी कलेक्टर को आदेश जारी कर कहा है कि 1 अप्रैल से 7 अप्रैल तक सभी देशी विदेशी शराब दुकानों, छग स्टेट बेवरेजेस कॉर्पोरेशन के रायपुर बिलासपुर गोदाम, सहित जिलों में देशी शराब के गोदाम को बंद रखा जाए। साथ ही सभी रेस्टोरेंट, होटल बार, क्लब को भी बंद रखा जाएगा।

 

27-03-2020
चार लाख की जनसंख्या वाले कैनबरा में 62 कोरोना केस होने के बावजूद जनजीवन सामान्य क्यों है

कैनबरा। कैनबरा में गैर-नागरिकों को भी को मिलाकर कुल जनसंख्या लगभग चार लाख है। चार लाख लोगों के शहर-राज्य में यदि 62 लोग कोरोना से ग्रस्त हैं तो बहुत बड़ी संभावना हो जाती है कि जल्द ही संख्या हजारों में हो और पूरी जनसंख्या को चपेट में ले ले। कैनबरा की जनसंख्या का बहुत बड़ा हिस्सा जमकर अंतर्राष्ट्रीय यात्राएं करता है। कैनबरा की आधी से भी अधिक जनसंख्या साल में कई बार अंतर्राष्ट्रीय यात्राएं करती है। अंतर्राष्ट्रीय यात्राएं कैनबरा के लोगों के लिए आम-क्रियाकलाप है। इसके बावजूद यदि कैनबरा में अभी तक जनजीवन सामान्य है। जनजीवन सामान्य का मतलब पब्लिक ट्रांसपोर्ट मतलब बसें, मेट्रों व टैक्सी चल रहीं हैं। लोग अपनी कारों या वाहनों से यहां वहां सहजता से जा रहे हैं। आप घर से बाहर निकलिए तो महसूस ही नहीं होता कि पूरी दुनिया कोरोना के चपेट में है। कैनबरा में जनजीवन सामान्य होने के पीछे कुछ महत्वपूर्ण कारण हैं, आइए देखते समझते हैं कि कारण क्या हैं। कोरोना संक्रमण फैलने के कई माध्यम होते हैं, सभी का मुख्य स्रोत मानव ही होता है।

~ जो कोरोना से संक्रमित हैं (चीन की यात्रा की या चीन से बाहर निकल कर फैलाव होने पर किसी तरह संक्रमित हो गए)
~ जो कोरोना से संक्रमित मानव के संपर्क में आए (क्लोज कांटैक्ट का नाम दिया गया है)
~ जो कोरोना संक्रमित मानव के संपर्क में आए बिना ही संक्रमित हो गए (इसको कम्युनिटी टू कम्युनिटी का नाम दिया गया है)

यह जो तीसरे प्रकार का संक्रमण है, जिसे कम्युनिटी टु कम्युनिटी के रूप में जाना जाता है। यदि यह किसी शहर, राज्य या देश में शुरू हो चुका है तो कोरोना के संक्रमण को अनियंत्रित होने से नहीं रोका जा सकता है। जिन देशों में अनियंत्रण की स्थिति पहुंची है, वह इसी वाले तीसरे प्रकार के कारण ही पहुंची है। यदि किसी शहर, राज्य या देश में कुछ लोग भी कोरोना वाले छुट्टा घूम रहे होते हैं तो पता भी नहीं चलता लेकिन मामला बहुत अधिक फैलना शुरू हो जाता है। पता लगते-लगते देर हो चुकी होती है। इसीलिए टेस्टिंग बहुत जरूरी होती है ताकि कोरोना संक्रमित लोगों को दूसरे लोगों में मिश्रित होने से रोका जा सके। इस पर चर्चा कल करूंगा। आज कैनबरा की बात करते हैं।

अब आते हैं कि कैनबरा के लोगों ने क्या किया। जब कैनबरा में एक भी केस नहीं था तब से ही यहां के लोगों ने सतर्कता बरतनी शुरू कर दी। एक भी केस न होने के बावजूद टेस्टिंग शुरू थी। यहां तक कि जो भी लोग कैनबरा के बाहर से आ रहे थे, वे एहतियातन खुद में लक्षण न देखने के बावजूद अपनी स्वेच्छा से ही अपने आपको आइसोलेशन में डाल रहे थे। जिसको भी जरा सा भी लग रहा था, वह अपनी टेस्टिंग कराने पहुंच रहा था। यही कारण रहा कि 62 केस होने के बावजूद अभी तक कैनबरा में एक भी केस ऐसा नहीं है जो कम्युनिटी टु कम्युनिटी हुआ हो।

इन 62 केसों में

56 केस कैनबरा के बाहर से कोरोना संक्रमित होकर आए। 6 केस इन 56 कोरोना संक्रमित लोगों के नजदीक रहने के कारण संक्रमित हुए। केवल इसी बात से ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि 56 लोगों ने अभी तक केवल 6 लोगों को संक्रमित किया। जाहिर है कि लोगों ने स्वतः ही स्व-अनुशासन को जिया। ये लोग यदि सतर्क न होते, स्व-अनुशासित न होते, जागरूक न होते, यहां-वहां घूमते वस्तुओं को छूते लोगों के संपर्क में आते तो इससे पहले की कैनबरा को पता चलता, विस्फोटक स्थिति आ चुकी होती। लोग तो इतने जागरूक व सतर्क रहे कि अपने परिवारों के लोगों में भी संक्रमण न पहुंचने दिया। कैनबरा सरकार भी लगातार सतर्कता व जिम्मेदारी का परिचय दे रही है। हर एक की जानकारी देती आई है। केस का नाम व पता छोड़कर उम्र, लिंग इत्यादि की जानकारियां उपलब्ध होती आई हैं।

चूंकि जब एक केस भी नहीं था तब से ही एहतियातन ही टेस्टिंग होती आई हैं, इसलिए यह पता चलता रहा है कि संक्रमण का स्रोत क्या है। स्रोत को आइसोलेट कर दीजिए, संक्रमण रुक जाता है। भले ही कैनबरा में शुरू से ही बहुत अधिक सतर्कता बरती गई है। जब केवल दो केस थे तब से ही लोगों व सरकार ने घर से ही काम करने के बारे में योजना पर काम शुरू कर दिया। सरकार के बिना कहे ही लोगों ने रेस्टोरेंट जाना बंद कर दिया, स्विमिंग पूल का प्रयोग करना बंद कर दिया। ऐसे क्रियाकलाप बंद कर दिए जहां लोगों की गैदरिंग होती हो। मित्रों ने एक दूसरे के यहां आना-जाना कम कर दिया, धीरे-धीरे बंद कर दिया ताकि संक्रमण की संभावना को भी नियंत्रित किया जा सके। राह चलते घूमते टहलते मिल जाने पर हलो हाय होती है। हसी मजाक होता है लेकिन कोरोना के संक्रमण की संभावनाओं को यह सबकुछ यहां के लोगों ने स्वेच्छा से शुरू कर दिया था।

सरकार व कोरोना संक्रमित व कोरोना संक्रमण की संभावनाओं वाले लोगों की जागरूकता, सामाजिक जवाबदेही की भावना के कारण संक्रमण को स्रोतों पर ही रोक दिया गया। चूंकि कैनबरा ने अपनी सीमाएं बंद नहीं की हैं। वैसे भी जो लोग कैनबरा के निवासी हैं, उनको आने से नहीं रोका जा सकता है, यह लोगों का अधिकार है। इसलिए यह संभव है कि कैनबरा में कोरोना वालों की संख्या कुछ बढ़े, यदि लोग बाहर से कोरोना संक्रमित होकर कैनबरा आएंगे। यह भी संभव है कि जो कोरोना संक्रमित हैं उनके नजदीक रहने वाले लोगों को भी कहीं चूक हो जाने पर कोरोना संक्रमण हो जाए। लेकिन चूंकि कम्युनिटी टु कम्युनिटी संक्रमण नहीं हो रहा है। इसलिए यदि कोई अनहोनी नहीं होती है तो कैनबरा के बाहर से आने वाले लोगों के कारण कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या रूपी आकड़ों में भले ही वृद्धि हो लेकिन स्थिति नियंत्रण में ही रहेगी। जनजीवन सामान्य रहेगा।

जहां कैनबरा के लोग एक केस न होने पर भी सतर्कता व स्वअनुशासन से चलना शुरू कर चुके थे। वहीं सिडनी जैसे बड़े शहरों के लोग क्रूज शिप में न्यूजीलैंड घूमने जा रहे थे, न्यूलैंड से लौट कर इन लोगों ने देश में कोरोना केसों की संख्या दुगुनी से भी अधिक कर दी। कम्युनिटी टु कम्युनिटी संक्रमण का खतरा बढ़ा दिया। यदि कम्युनिटी टु कम्युनिटी संक्रमण बढ़ता रहा तो संभव है कि कुछ शहरों को लाकडाउन करना पड़े। अभी तक कोरोना मुद्दे पर कैनबरा की समझदारी देखकर यही कहने का मन करता है, कि दुनिया का पहला वास्तविक ग्रीन सिटी बनने की ओर कैनबरा यूं ही नहीं बढ़ रहा है। यह यहां के लोगों की समझ व जागरूकता की देन है। अभी तक तो कैनबरा कम्युनिटी टु कम्युनिटी संक्रमण से बचा हुआ है। लोग सतर्क हैं बावजूद इसके कि यह भय नहीं है कि कहीं घूमने फिरने या कामकाज से जाएंगे तो किसी वस्तु या मनुष्य के संपर्क में आएंगे तो संक्रमण हो सकता है। आशा करता हूं कि यह स्थिति बनी रहेगी, साथ ही यदि कैनबरा के बाहर से आने वाले लोगों के कारण संख्या में बढ़ोत्तरी नहीं होती रहती है, तो कैनबरा में कुछ सप्ताहों बाद संक्रमित लोगों की संख्या शून्य भी पहुंच सकती है। क्योंकि संक्रमित लोग ठीक हो रहे हैं, कई लोग ठीक हो चुके हैं।

कैनबरा ऑस्ट्रेलिया से विवेक उमराव की रिपोर्ट

09-03-2020
अभिनेता धर्मेंद्र का 'ही मैन' रेस्टोरेंट जिला प्रशासन ने किया सील, यह थी वजह...

नई दिल्ली। अभिनेता धर्मेंद्र के 'ही मैन' ढाबे को सील कर दिया गया है। धर्मेंद्र का ढाबा जिला प्रशासन द्वारा सील कर दिया गया है। बताया गया है कि प्रशासन ढाबे को पहले भी दो बार नोटिस दे चुका था, उसके बावजूद भी अवैध रूप से चल रहा निर्माण कार्य नहीं रुका, जिसके बाद ढाबे को सील करने की कार्रवाई की गई। दरअसल, प्रशासन को जानकारी मिली थी कि इस ढाबे पर अवैध निर्माण का कार्य चल रहा है। इसके चलते नगर निगम ने 2 बार ढाबे के मैनेजर को नोटिस भी भेजा,लेकिन उसके बाद भी यहां पर अवैध रूप से निर्माण कार्य चलता रहा। नगर निगम के कर्मचारी, अधिकारी, तहसीलदार, पुलिस बल मौके पर पहुंचे और ढाबे को सील कर दिया।

बता दें कि फिल्म अभिनेता धर्मेन्द्र ने थोड़े दिन पहले ही इस ढाबे का उद्घटान धूमधाम से किया था। धर्मेन्द्र के कई पोस्टर ढाबे में लगे हुए हैं, जिसके चलते लोग भी काफी आकर्षित होकर यहां आते थे। दरअसल ये जगह न्यू वर्ल्ड होटल की है। यहां पर ही मैन ढाबे के मालिक ने लीज पर ले रखी थी, न्यू वर्ल्ड के मालिक ने भी इन्हें कई बार समझाया पर इन्होंने किसी की नहीं सुनी, जिसके चलते आज प्रशासन की तरफ से ही मैन ढाबे को बंद किया गया। वैसे यह धर्मेंद्र का पहला रेस्टोरेंट नहीं है, इसके पहले भी मुबई, दिल्ली और मुरथल में भी इनके रेस्टोरेंट्स हैं।

 

03-02-2020
पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष से चाकू की नोक पर दुष्कर्म, नाश्ता करने गई थी रेस्टोरेंट

नई दिल्ली। प्रयागराज में घूरपुर के सारंगापुर स्थित रेस्टोरेंट में नाश्ता करने पहुंची पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष से चाकू की नोक पर दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। किसी तरह वहां से निकलकर पीड़िता ने घूरपुर थाने पहुंचकर शिकायत की। इसके बाद पुलिस ने आरोपी समेत दो लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कर ली है। रात में ही मुख्य आरोपी को हिरासत में भी ले लिया गया, लेकिन पुलिस इससे इंकार करती रही। नैनी में रहने वाली 22 वर्षीय युवती एक कॉलेज की पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष रह चुकी है, जो वर्तमान में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही है। उसका आरोप है कि पूर्व में वह कई बार घर लौटते वक्त घूरपुर के सारंगापुर स्थित जीवा रेस्टोरेंट में नाश्ता करने जा चुकी है।

रविवार को भी वह शाम चार बजे रेस्टोरेंट में पहुंची। इस दौरान कैश काउंटर पर बैठा रोहन उसे मिला, जिसने खुद को रेस्टोरेंट का मालिक बताया। इस दौरान वह उसे झांसा देकर रेस्टोरेंट के पीछे ले गया और फिर वहां चाकू निकाल लिया। साथ ही हत्या करने की धमकी देकर उसके साथ दुष्कर्म किया, साथ ही गालीगलौज की। यही नहीं दुष्कर्म के बाद आरोपी के साथ ही वहां आए एक अज्ञात व्यक्ति ने किसी से शिकायत करने पर उसे जान से मारने की धमकी दी। किसी तरह उनके चंगुल से छूटने के बाद पीड़िता घूरपुर थाने पहुंची और पुलिस से शिकायत की। जिसके बाद पुलिस ने रोहन को नामजद करते हुए एक अज्ञात के खिलाफ दुष्कर्म, गालीगलौज व धमकाने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज की। सूत्रों का कहना है कि पुलिस ने घटना के कुछ देर बाद ही आरोपी को हिरासत में भी ले लिया, जिसके बाद उससे देर रात तक पूछताछ होती रही। वहीं धूरपुर एसओ वृंदावन राय यही कहते रहे कि आरोपी की तलाश की जा रही है।  

27-01-2020
ऑनलाइन खाना मंगवाना हुआ महंगा, जोमेटो और स्विगी ने बढ़ाए डिलवरी चार्ज

नई दिल्ली। पिछले छह महीनों में ऑनलाइन खाना मंगवाना काफी महंगा हो गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि कंपनियों ने जहां एक तरफ छूट देना बंद कर दिया है, वहीं डिलीवरी चार्ज में काफी बढ़ोतरी कर दी है। इससे अब लोग पहले की तरह रेस्टोरेंट पर सीधे फोन करके खाना मंगाने लगे हैं। फूड डिलिवरी एप जोमेटो और स्विगी द्वारा ऐसा करने से रेस्टोरेंट्स की बिक्री पर भी असर देखने को मिला है। कंपनियों ने ऑर्डर कैंसिल करने पर भी पैसा वसूलना शुरू कर दिया है। अब ग्राहकों को केवल कुछ चुनिंदा रेस्टोरेंट पर ही छूट मिल रही है, इसके अलावा इन कंपनियों ने अपने रॉयल्टी प्रोग्राम में भी बढ़ोतरी कर दी है।

पांच से छह फीसदी की गिरावट

अक्टूबर से जोमेटो और दिसंबर से स्वीगी से जुड़े रेस्टोरेंट की बिक्री में पांच से छह फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। जोमेटो ने हाल ही ऑन टाइम या फिर फ्री डिलिवरी की सुविधा को भी शुरू किया है। इसके लिए ग्राहकों को 10 रुपये अतिरिक्त देने होते हैं। अगर ग्राहक को तय वक्त में खाना नहीं पहुंचेगा, तो फिर उसको कंपनी मुफ्त में खाना देगी।

जोमेटो ने अपनी गोल्ड मेंबरशिप की फीस में भी बढ़ोतरी कर दी है। इसके साथ ही दूरी के हिसाब से डिलीवरी चार्ज को लागू कर दिया है। अब जोमेटो 16 से लेकर के 45 रुपये तक डिलीवरी चार्ज के तौर पर वसूल रही है। स्विगी ने छोटे शहरों और कस्बों में अपने डिलीवरी चार्ज को बढ़ाने का फैसला किया है। स्विगी अब 98 रुपये तक की डिलीवरी पर 31 रुपये और उससे ज्यादा के ऑर्डर पर 21 रुपये वसूल रही है। पीक ऑवर्स में खाना मंगाने पर ग्राहकों से अतिरिक्त पैसा वसूला जा रहा है।

खाने का कीमत में भी अंतर

वहीं रेस्टोरेंट में जाकर खाने और फूड डिलीवरी में भी कीमतों में अंतर देखा गया है। रेस्टोरेंट ऑनलाइन एप से खाना मंगाने पर ज्यादा रेट वसूलते हैं। वहीं रेस्टोरेंट में फोन करके या फिर वहां पर डाइन-इन करने पर कीमतों में स्थिरता रहती है। ऑनलाइन खाना मंगाने पर अब पैकिंग चार्ज और अन्य तरह के कर भी वसूले जा रहे हैं।

21-01-2020
27 साल की हुई कृष्णा श्रॉफ, हमेशा रहती है सुर्खियों में

मुंबई। बालीवुड एक्टर जैकी श्रॉफ की बेटी कृष्णा श्रॉफ मंगलवार को अपना 27वां जन्मदिन मना रही हैं। कृष्णा बॉलीवुड से दूर हैं लेकिन मीडिया में खूब चर्चा में रहती हैं। इन दिनों कृष्णा अपने रिलेशनशिप के चलते सुर्खियों में है।

पिछले कुछ समय से कृष्णा बास्केटबॉल प्लेयर इबन ह्यमस को डेट कर रही हैं। इबन ह्यमस और टाइगर श्रॉफ अच्छे दोस्त हैं।  जानकारी के मुताबिक कृष्णा और इबन जुहू के एक रेस्टोरेंट में मिले थे और दोनों एक दूसरे को कुछ महीने से डेट कर रहे हैं। बीते दिनों एक इंटरव्यू में कृष्णा श्रॉफ ने बताया था कि उनकी मम्मी आयशा भी इबन से मिल चुकी हैं। श्रॉफ फैमिली को इबन ह्यमस और कृष्णा श्रॉफ के रिलेशनशिप से कोई आपत्ती नहीं हैं।

इबन और टाइगर श्रॉफ 5 साल से एक-दूसरे को जानते हैं। दोनों पहली बार सोहो हाउस में मिले थे। इबन को लंबे समय तक ये ही नहीं पता था कि टाइगर की कोई बहन भी है। बीते दिनों इबान ने भी एक इंस्‍टाग्राम स्‍टोरी शेयर की थी जिसमें उन्‍होंने कृष्‍णा को वाइफ लिखते हुए टैग किया था।

 

15-12-2019
एमपी के ऑपरेशन क्लीन की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में कब चलेगा भूमाफिया के खिलाफ अभियान

रायपुर। मध्यप्रदेश के इंदौर में भूमाफियाओं के खिलाफ ऑपरेशन चलाया जा रहा है। बड़े-बड़े भूमाफिया अब वहां से भागते फिर रहे हैं। पुलिस धड़ाधड़ एफआईआर दर्ज कर रही है। इंदौर पुलिस ने एक ही दिन में 13 एफआई आरदर्ज की है। और तीन भूमाफिया को गिरफ्तार भी कर लिया है। पुलिस आरोपियों के पॉलिटिकल कनेक्शन को भी तलाश रही है। अवैध होटल रेस्टोरेंट बार इनके खिलाफ भी अभियान चला रही है इंदौर पुलिस। पड़ोसी और छत्तीसगढ़ के मूल राज्य मध्यप्रदेश में हो रही कार्यवाही पर यहां की जनता की भी नजर है। उन्हें आस है कि इस तरह की कार्रवाई छत्तीसगढ़ में भी जल्द होगी। छत्तीसगढ़ में भू माफिया के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात भाजपा सरकार में लगातार होती रही लेकिन कार्रवाई कभी नहीं हुई। सरकार बदलने के बाद भूमाफिया से पीड़ित लोगों में उम्मीद जागी है कि भूमाफिया अब बच नहीं पाएंगे। आज भी धड़ल्ले से अवैध प्लाटिंग और अवैध कॉलोनाइजिंग का काम शुरू है। बड़े-बड़े भूमाफिया जिनके खिलाफ एक नहीं कई प्रकरण दर्ज है मजे से घूम रहे हैं। और एक इंदौर पुलिस है, जिसने एक ही दिन में तीन भूमाफिया शिवनारायण बब्बू और हेमन्त को दमदारी से गिरफ्तार कर लिया। ऐसी ही कार्रवाई यहां भूमाफिया से पीड़ित लोग चाह रहे हैं। देखना होगा यहां की पुलिस और प्रशासन कब जागता है। और भूमाफिया के मकड़जाल में फंसे आम उपभोक्ताओं को कब बचाता है।

21-11-2019
 राज्य सरकार राम वन गमन पथ के महत्वपूर्ण स्थलों को पर्यटन स्थल के रुप में करेगी विकसित

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार राम वन गमन पथ पर पड़ने वाले महत्वपूर्ण स्थलों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करेगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में गुरुवार विधानसभा के समिति कक्ष में आयोजित कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया। पर्यटन स्थलों के सर्वेक्षण के लिए चार सदस्यीय टीम गठित की जाएगी। विभिन्न शोध प्रकाशनों के अनुसार प्रभु श्रीराम ने छत्तीसगढ़ में वनगमन के दौरान लगभग 75 स्थलों का भ्रमण किया। इसमें से 51 स्थल ऐसे हैं, जहां प्रभु राम ने भ्रमण के दौरान रूककर कुछ समय व्यतीत किया था। राम वनगमन स्थलों में से प्रथम चरण इनमें से 8 स्थलों का पर्यटन की दृष्टि से विकास हेतु चयन किया गया है। इन स्थलों में कोरिया जिले के सीतामढ़ी-हरचौका, सरगुजा जिले के रामगढ़, जांजगीर-चांपा जिले के शिवरीनारायण, बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के तुरतुरिया, रायपुर जिले के चंद्रखुरी, गरियाबंद जिले के राजिम, धमतरी जिले के सिहावा (सप्त ऋषि आश्रम) और बस्तर जिले के जगदलपुर शामिल हैं।
उपरोक्त प्रस्तावित 8 स्थलों का चार विभागीय सदस्यों की टीम बनाकर सर्वे कराया  जाएगा तथा आवश्यकता के अनुसार वहां पहुंच मार्ग का उन्नयन, साईनजेस, पर्यटक सुविधा केन्द्र, इंटरप्रिटेशन सेंटर, वैदिक विलेज, पगोड़ा, वेटिंग शेड, मूलभूत सुविधा (पेयजल व्यवस्था/शौचालय),सीटिंग बेंच, रेस्टोरेंट,वाटर फ्रंट डेव्हलपमेंट, विद्युतीकरण आदि कार्य कराए जाएंगे। राम वन गमन मार्ग में आने वाले स्थलों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का काम रायपुर जिले के आरंग तहसील के गांव चंदखुरी स्थित माता कौशल्या मंदिर से प्रारंभ किया जाएगा। इस योजना के लिए राज्य सरकार द्वारा बजट उपलब्ध कराया जाएगा साथ ही साथ भारत सरकार पर्यटन मंत्रालय की योजनाओं से भी राशि प्राप्त करने का प्रयास किया जाएगा, इससे इन स्थलों का राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रचार हो सकेगा।
शोधार्थियों के अनुसार छत्तीसगढ़ का इतिहास जितना प्राचीन है, उतना ही प्रशस्त है। त्रेतायुगीन छत्तीसगढ़ का प्राचीन नाम दक्षिण कौसल एवं दण्डकारण्य के रूप में विख्यात था। दण्डकारण्य में भगवान श्रीराम के वनगमन यात्रा की पुष्टि वाल्मीकि रामायण से होती है। शोधकर्ताओं के शोध किताबों से प्राप्त जानकारी अनुसार प्रभु श्रीराम के द्वारा अपने वनवास काल के 14 वर्षों में से लगभग 10 वर्ष से अधिक समय छत्तीसगढ़ में व्यतीत किया गया था।  
इन शोध किताबों के अनुसार प्रभु श्रीराम के द्वारा छत्तीसगढ़ में वनवास के 10 वर्षों के दौरान छत्तीसगढ़ में वनगमन के दौरान जिन स्थलों का प्रवास किया गया उनमें कोरिया जिले के सीतामढ़ी-हरचौका, सीतामढ़ी-घाघरा, कोटाडोल, सीतामढ़ी-छतौड़ा (सिद्ध बाबा आश्रम) देवसील, रामगढ़ (सोनहट), अमृतधारा, सरगुजा जिले के देवगढ़, जशपुर जिले के किलकिला (बिलद्वार गुफा), सारासोर, सरगुजा जिले के सीताबेंगरा (रामगढ़ पहाड़ी), महेशपुर, बंदरकोट (अंबिकापुर से दरिमा मार्ग), मैनपाट, मंगरेलगढ़, पम्पापुर, जशपुर जिले के रकसगण्डा, जांजगीर-चांपा जिले के चंद्रपुर, शिवरीनारायण, खरौद, जाजंगीर, बिलासपुर जिले के मल्हार, बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के धमनी, पलारी, नारायणपुर (कसडोल), तुरतुरिया, महासमुंद जिले के सिरपुर, रायपुर जिले के आरंग, चंद्रखुरी, गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर, रायपुर जिले के चम्पारण्य, गरियाबंद जिले के राजिम (लोमष ऋषि, कुलेश्वर, पटेश्वर, चम्पकेश्वर, कोपेश्वर, बम्हनेश्वर एवं फणिकेश्वर), धमतरी जिले के मधुबन धाम (राकाडीह), अतरमरा (ग्राम अतरपुर), सिहावा (सप्त ऋषि आश्रम), सीतानदी, कांकेर जिले के कांकेर (कंक ऋषि आश्रम), कोण्डागांव जिले के गढ़धनोरा (केशकाल), जटायुशिला (फरसगांव), नारायणपुर जिले के नारायणपुर (रक्सा डोंगरी), छोटे डोंगर, दंतेवाड़ा जिले के बारसूर, बस्तर जिले के चित्रकोट, नारायणपाल, जगदलपुर, दंतेवाड़ा जिले के गीदम, दंतेवाड़ा, बस्तर जिले के तीरथगढ़, सुकमा जिले के तीरथगढ़, रामाराम, इंजरम और कोन्टा शामिल है।
इन शोध प्रकाशनों के अनुसार प्रभु श्रीराम ने छत्तीसगढ़ में वनगमन के दौरान लगभग 75 स्थलों का भ्रमण किया। जिसमें से उक्त 51 स्थल ऐसे हैं, जहां प्रभु राम ने भ्रमण के दौरान रूककर कुछ समय व्यतीत किया था। शोधकर्ताओं ने अपने शोध के दौरान प्रभु श्रीराम के इन स्थलों में भ्रमण किए जाने की पुष्टि की गयी है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा इन राम वन गमन पथ का पर्यटन की दृष्टि से विकास की योजना पर कार्य किया जा रहा है। इनके विकास का उद्देश्य राज्य में आने वाले पर्यटकों, आगंतुकों के साथ-साथ राज्य के लोगों को भी इन राम वन गमन मार्ग एवं स्थलों से परिचित कराना है। इनके विकास के इन स्थलों का भ्रमण करने के दौरान पर्यटकों को सुविधा हो सके इसका ध्यान रखा जाएगा। 

 

21-11-2019
टर्निंग पाइंट में शाम को चौपहिया वाहनों का जमघट, आवागमन में लोगों को परेशानी

रायपुर। शंकर नगर टर्निंग पाइंट से लोधीपारा की ओर जाने वाले मार्ग पर होटल दिल्ली दरबार, शाहजी स्वीट्स एवं अन्य रेस्टोरेंट में आने जाने वाले चौपहिया वाहन चालकों द्वारा सड़क के बीचोबीच वाहन खड़ा कर आवाजाही को प्रभावित किया जा रहा है। शंकर नगर निवासी दिनेश शर्मा एवं शांतिनगर निवासी शैलेंद्र मिश्रा ने उक्त मामले में कड़ी आपत्ति जाहिर करते हुए पुलिस प्रशासन को उक्त होटल के संचालकों के खिलाफ तक कार्रवाई किए जाने की आवश्यकता जतायी है। मिश्रा एवं शर्मा के अनुसार कचना से लोधीपारा की ओर आने वाला वाहनों का काफिला एवं विधानसभा रोड से लोधीपारा चौक तक जाने वाला वाहनों का काफिला अवैध पार्किंग के चलते शाम को 6 बजे से रात 11 बजे के बीच रोज प्रभावित होता है। ड्यूटी पर तैनात यातायात सिपाहियों को आते जाते अनेक राहगीरों ने उक्त मामले को लेकर शिकायत की है। बावजूद इसके बिना पार्किंग के बड़े होटल चलाने वाले संचालकों के खिलाफ आज तक नगर निगम ने किसी प्रकार की कार्रवाई का नोटिस नहीं दिया है और न ही यातायात पुलिस के जवान उक्त बड़े चारपहिया वाहनों को हटवाने में रूचि ले रहे हैं। ज्ञातव्य है कि शंकर नगर दूरदर्शन मार्ग पर ही प्रदेश में सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी का राजीव भवन स्थित है जहां पर मुख्यमंत्री सहित मंत्रिमंडल के मंत्रियों का आए दिन आना जाना होता है। व्हीआईपी मार्ग होने के कारण शहर के लोग उक्त मार्गों पर सहजतापूर्वक आवाजाही की उम्मीद करते हैं किंतु पुलिस प्रशासन एवं जिला प्रशासन की लापरवाही के चलते लोगों को आए दिन खम्हारडीह चौक में आवाजाही के समय विशेषकर शाम के समय यातायात जाम की स्थिति का सामना करना पड़ता है।

 

06-11-2019
चोरी की नीयत से रेस्टोरेंट के अंदर घुसे थे दो युवक, कर्मियों ने पकड़ा

रायपुर। चोरी की नीयत से रेस्टोरेंट की खिड़की खोलकर अंदर घुसे दो युवकों को रेस्टोरेंट वालों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया है। जानकारी के अनुसार गोलछा अपार्टमेंट बॉटल हाउस गली शंकर नगर निवासी सोमैया ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि रेलवे ब्रिज के आगे शंकर नगर पर रोडफुड रेस्टोरेंट में लगी खिड़की को खोलकर कादिर खान एवं अन्य एक किशोर चोरी करने की नीयत से अंदर घुसे थे। दोनों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया है।

01-11-2019
अंतिम संस्कार में शामिल हुए लोगों को खिला दिया चरस वाला केक, जानिए फिर क्या हुआ

नई दिल्ली। अंतिम संस्कार के दौरान आपने दुखी चेहरे तो कई बार देखे होंगे लेकिन क्या शोक सभा में शामिल लोगों को नशे में देखा है। जी हां.. ऐसा ही एक वाकया पूर्वी जर्मनी से सामने आया है जहां अंतिम संस्कार के बाद मरने वाले व्यक्ति की याद में रखी गई पार्टी में लोगों को चरस वाला केक खिला दिया गया, जिसके कारण सभी नशे में धुत हो गए। जर्मनी पुलिस ने बताया कि मंगलवार को एक व्यक्ति का अंतिम संस्कार करने के बाद शोक सभा में शामिल लोग एक रेस्टोरेंट में कॉफी और केक खाने गए। इसी दौरान उन्हें चरस वाला केक परोस दिया गया, जिसको खाने के बाद वहां मौजूद सभी लोग नशे में धुत हो गए। 13 लोगों की हालत इतनी खराब हो गई कि उन्हें इलाज के लिए भेजा गया।

मामले की जांच में जर्मनी पुलिस को पता लगा है कि उस रेस्टोरेंट में काम करने वाले कर्मचारी ने अपनी 18 साल की बेटी को केक बनाने का काम दिया था। उसने केक बनाकर फ्रीजर में रख दिया, जब उस कर्मचारी की पत्नी फ्रीजर से केक लाने गई तो वह गलत केक ले आई। यह उस रेस्टेरेंट के कर्मचारी की बेटी ने किसी अलग मौके के लिए बनाया था। इस मामले में अब भी पुलिस 18 साल की उस लड़की से पूछताछ कर रही है। मामला अगस्त महीने का ही है लेकिन इसे अब जारी किया गया है।

04-09-2019
पुराने रेल डिब्बों का इस तरह उपयोग कर रहा रेलवे 

नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने अपने पुराने रेल डब्बों को दोबारा इस्तेमाल का अनोखा तरीका शुरू किया है। पुराने कोचेज को स्क्रैप में डालने की जगह उसे नए तरीके से तैयार किया जा रहा है। कहीं रेल डब्बे में दफ्तर  बनाया जा रहा है, तो कहीं इसमें रेस्टोरेंट तैयार किया जा रहा है। खास बात यह भी है कि रेलवे के इस अनोखे प्रयोग को लोग भी खूब पसंद कर रहे हैं। दिल्ली के रेल म्यूजियम में रेलवे के पुराने कोच में म्यूजियम डायरेक्टर का ऑफिस बनाया गया है। साथ ही म्यूजियम के एडमिनिस्ट्रेटिव काम के लिए एक कोच को नए सिरे से डिजाइन से तैयार किया जा रहा है। जल्द ही इस कोच में म्यूजियम का एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक शिफ्ट होने वाला है।  जो डब्बे पटरियों पर मुसाफिरों के लिए नहीं चलाए जा सकते हैं उनका ये अनोखा इस्तेमाल लोगों को भी खूब पसंद आ रहा है। इस मामले में पुराने डब्बों में रेस्टोरेंट खोलने का प्रयोग सबसे अनोखा है। इस तरह का एक रेस्टोरेंट चेन्नई के रेल म्यूजियम में मौजूद है। रेल डब्बे को रेस्टोरेंट की शक्ल देने से लोगों के लिए भी यह आकर्षण का बड़ा केंद्र बना है। आम लोगों के लिए इस तरह के कई और रेस्टोरेंट कई शहरों में तैयार किए जा रहे हैं। पश्चिम बंगाल के कूच बिहार में ऐसा ही रेस्टोरेंट तैयार हो चुका है। जबकि जल्द ही इलाहाबाद रेलवे स्टेशन पर रेल कोच में रेस्टोरेंट तैयार किया जा रहा है। इस तरह के रेस्टोरेंट के आकर्षण को देखकर उम्मीद है कि जल्द कई बड़े शहरों के रेलवे स्टेशनों पर ऐसे रेस्टोरेंट नजर आएंगे

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