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28-04-2020
हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, एक साल तक नई भर्तियों पर लगाई रोक...कर्मचारियों का डीए, एलटीसी और एरियर भी रोका


नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप व लॉक डाउन के बीच हरियाणा सरकार की तरफ से नई सूचना जारी की गई है। हरियाणा सरकार ने ऐलान किया है कि राज्य में एक साल तक कोई नई भर्ती नहीं होगी और न ही कर्मचारियों को एलटीसी ही मिलेगा। मुख्यमंत्री ने सोमवार को कहा कि कोरोना संकट के कारण सरकार खर्चों में कटौती कर रही है। इसके साथ ही हरियाणा सरकार अगले कुछ दिनों में राज्य में परिवहन सेवा शुरू करने के भी संकेत दिए हैं।
कोरोना महामारी से उपजे वित्तीय संकट को देखते हुए मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने सोमवार को ऐलान किया कि, राज्‍य सरकार ने कोरोना के कारण पैदा हालात के कारण एक साल तक नए कर्मचारियों की भर्ती नहीं होगी।

कर्मचारी चयन आयोग व हरियाणा लोक सेवा आयोग के जरिए पहले से चली आ रही भर्तियों को ही पूरा किया जाएगा। इसके साथ ही राज्‍य कर्मच‍रियों को एलटीसी की सुविधा भी अभी बंद करने का निर्णय किया गया है। उन्होंने कहा कि, कर्मचारियों को एलटीसी भी नहीं मिलेगा और डीए व इसके एरियर पर भी रोक लगा दी गई है। सरकारी कर्मचारियों को यात्रा करने पर मिलने वाला भत्ता भी आगामी आदेशों तक नहीं मिलेगा। केंद्र सरकार के कर्मचारियों का डीए जुलाई 2021 तक रोके जाने की तर्ज पर ही हरियाणा सरकार भी आगे बढ़ेगी। उन्‍होंने कहा कर्मचारियों के महंगाई भत्‍ते पर रोक बस एक साल के लिए लगाया गया है। मनोहरलाल ने कहा कि राज्‍य सरकार कोरोना से निपटने के लिए पूरा प्रयास कर रही है और सभी तरह के कदम उठाए जा रहे हैं।

13-03-2020
यूपी में कोरोना महामारी घोषित, 22 मार्च तक सभी स्कूल और कॉलेज बंद

नई दिल्ली। दुनिया भर में कोरोना वायरस कहर बरपा रहा है। हरियाणा सरकार के बाद उत्तरप्रदेश सरकार ने भी कोरोना वायरस को महामारी की श्रेणी में रख दिया है। इसके साथ ही प्रदेश के सभी स्कूल कॉलेजों को 22 मार्च तक के लिए बंद कर दिया गया है लेकिन जिन स्कूलों में परीक्षा चल रही है वहां परीक्षा खत्म होने के बाद उन्हें बंद किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैठक के बाद प्रेसवार्ता में बताया कि 23 मार्च को समीक्षा के बाद इस पर आगे निर्णय लिया जाएगा। बता दें कि इसके पहले दिल्ली व हरियाणा में इसे महामारी घोषित किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि इसकी गंभीरता को देखते हुए एडवाइजरी जारी कर दी गई थी। सीएम ने कहा कि हमने 4100 चिकित्सकों को कोरोना वायरस के बचाव को लेकर प्रशिक्षित भी किया है। हर जनपद में आइसोलेशन वार्ड बनाया है, जिसमें 830 बेड सुरक्षित हैं। वहीं 24 मेडिकल कॉलेजों में भी 448 बेड सुरक्षित रखे रखे गए हैं।

 

25-11-2019
प्रदूषण से निपटने सरकारों में कोई इच्छा शक्ति नहीं : सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली। दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त है। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सुनवाई के दौरान पराली जलाने को लेकर पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली सरकार की जमकर खिंचाई की। कोर्ट ने फटकार लगाते हुए कहा कि प्रदूषण पर नियंत्रण पाने के लिए सरकारों में कोई इच्छा शक्ति नहीं दिखाई देती। कई आदेश के बावजूद पराली जलाने के मामले लगातार बढ़े हैं ऐसे में क्यों ना सरकारों पर जुर्माना लगाया जाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि क्यों लोगों को गैस चैंबरों में रहने के लिए मजबूर किया जा रहा है? उन सभी को एक बार में मारना बेहतर है। सुनवाई के दौरान हरियाणा के मुख्य सचिव ने कहा कि वे प्रदूषण कम करने के लिए दिन रात लगे हुए हैं। इस पर जस्टिस मिश्रा ने फटकार लगाते हुए कहा कि आप सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना करने में लगे हुए हैं। पराली जलाने से रोकने में विफल हरियाणा सरकार को सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने सैटेलाइट इमेज का हवाला दिया जिसमें साफ तौर पर पराली जलते देखा जा सकता है। अंत में सुप्रीम कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा कि लोगों को गैस चैंबर में रहने के लिए क्यों मजबूर किया जा रहा है। अच्छा रहेगा उन्हें एक बार में ही मार दिया जाए। ऐसा विस्फोट करके किया जा सकता है। लोग इतना क्यों सफर कर रहे हैं? इसके साथ ही दिल्ली के मुख्य सचिव ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष स्वीकार किया कि दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार के बीच दोहरे शक्ति केंद्रों और झगड़े के कारण दिल्ली को समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

14-09-2019
हरियाणा के पहले खेल विवि के पहले कुलपति होंगे कपिल देव

चंडीगढ़। टीम इंडिया के पूर्व कप्तान कपिल देव राई खेल विश्वविद्यालय के पहले कुलपति नियुक्त किए जाएंगे। खेलमंत्री अनिल विज ने ट्वीट करके यह जानकारी दी है। बता दें कि सोनीपत के राई में मोतीलाल नेहरू स्कूल ऑफ स्पोट्र्स कैंपस में ही इस खेल यूनिवर्सिटी की स्थापना हुई है।  यूनिवर्सिटी के बाकी स्टाफ  की नियुक्ति भी जल्दी कर दी जाएगी। ज्ञात हो कि किसी भी यूनिवर्सिटी के कुलपति का पद प्रदेश के राज्यपाल को दिया जाता है, लेकिन हरियाणा में इस नियुक्ति को लेकर कानून बदला गया है और पहली बार खेल जगत से जुड़े शख्स को इस पद पर नियुक्त किया गया है। हालांकि राज्यपाल संरक्षक की भूमिका में रहेंगे। गौरतलब हो कि हरियाणा सरकार ने पिछले महीने मानसून सत्र में प्रदेश की पहली स्पोट्र्स यूनिवर्सिटी की स्थापना की थी। 

26-06-2019
हरियाणा सरकार ने की खिलाड़ियों की इनामी राशि में कटौती, खिलाड़ियों ने खेल नीति पर उठाए सवाल

नई दिल्ली। हरियाणा सरकार ने अपने खिलाड़ियों की इनाम राशि में कटौती करने की घोषणा की है । इससे सूबे के खिलाड़ियों में आक्रोश है और वे ट्वीट कर अपना आक्रोश जाहिर कर रहे हैं।  खिलाड़ी हरियाणा सरकार की खेल नीति खेल नीति पर सवाल उठा रहें है। बता दें कि एशियन गेम्स की इनामी राशि खिलाड़ियों के खाते में आते ही हरियाणा सरकार के खिलाफ खिलाड़ियों का गुस्सा सामने आने लगा है। 
जिन खिलाड़ियों ने कॉमनवेल्थ के साथ एशियन गेम्स में भी मेडल जीते थे उनकी कॉमनवेल्थ गेम्स की आधी इनामी राशि में कटौती कर दी गई है। राशि में कटौती होने पर पहलवान बजरंग पूनिया, विनेश फौगाट समेत अन्य खिलाड़ियों ने ट्वीट कर नाराजगी जताई है।

खिलाड़ी जब देश के लिए मैडल लाता है, वह देश की जीत होती है। यह एक दिन की मेहनत से नहीं पूरे जीवन की तपस्या से प्राप्त होता है। खिलाड़ियों को मिलने वाली राशि में कटौती करके उनके मानसिकता और आत्मसम्मान पे ठेस न पहुंचाए। मेरी सरकार से विनती है कि इस निर्णय पर फिर से विचार करे।
वर्ल्ड के नम्बर वन पहलवान बजरंग पुनिया ने सरकार के खिलाफ ट्वीट किया है और लिखा है कि हरियाणा सरकार ने जो इनामी राशि मे कटौती की है वो खिलाड़ियों के मान सम्मान, मानसकिता और आत्मविश्वास पर ठेस पहुँचाएगी। मेडल लाना एक दिन की नहीं बल्कि पूरे जीवन की तपस्या है। बजरंग पुनिया ने सीएम मनोहर लाल खट्टर को टैग कर ट्वीट कर लिखा है कि हरियाणा के युवाओं ने देश को कई बेहतरीन मेडल दिए हैं। हरियाणा भले ही एक छोटा सा राज्य है पर यहां के खिलाड़ियों ने पूरे देश को कई बार गौरवांवित किया है। उनको मिलने वाली राशि में कटौती करके उनके मनोबल को ना तोड़ा जाए। मेरी हरियाणा सरकार से विनती है कि इस निर्णय पर दोबारा विचार किया जाए और इस मामले में सही निर्णय लिया जाए।
विनेश फोगाट ने इस मामले में ट्वीट कर कहा कि प्रिय सर लगता है जब आज से पांच साल पहले आप लोग आए थे तो यह क़सम ख़ाके आए थे हरियाणा में ना तो खिलाड़ी छोड़ने हैं ना ही उनका मान-सम्मान। चाहे वो खिलाड़ी छोटा हो चाहे बड़ा हो, आज कोई भी खिलाड़ी आपकी पॉलिसी से ख़ुश नहीं है।
 

 

08-03-2019
अरावली को नुकसान हुआ तो गंभीर नतीजे भुगतेगी हरियाणा सरकार 

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अरावली हिल्स या फॉरेस्ट एरिया को अगर कुछ नुकसान होता है तो इसके लिए हरियाणा सरकार गंभीर परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहे। सुप्रीम कोर्ट को हरियाणा सरकार ने पंजाब लैंड प्रिजर्वेशन (हरियाणा संशोधन अधिनियम 2019) एक्ट (पीएलपीए) की कॉपी सौंपी है। सुप्रीम कोर्ट इस मामले की सुनवाई अब अप्रैल में करेगा। बता दें कि पिछली सुनवाई में भी हरियाणा सरकार को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा झटका दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने अरावली क्षेत्र में निर्माण की इजाजत देने वाले संशोधित कानून के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी थी। इतना ही नहीं अरावली क्षेत्र में किसी भी तरह के निर्माण पर रोक के सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अनदेखी करने के लिए हरियाणा सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए न्यायालय की अवमानना की चेतावनी भी दी गई थी।

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