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08-05-2020
रायपुर में बदला मौसम का मिजाज, तेज हवा के साथ बारिश शुरू

रायपुर। राजधानी में अचानक मौसम ने करवट बदल ली है। देखते ही देखते आंधी-तूफान के साथ बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जारी कर मौसम का मिजाज जता दिया है। मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा ने कहा कि एक द्रोणिका विदर्भ से दक्षिण तमिलनाडु तक 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक स्थित है। 8 मई को प्रदेश के एक-दो स्थानों पर हल्की वर्षा या गरज चमक के साथ छींटे पड़ेंगे। एक-दो स्थानों पर गरज चमक के साथ तेज हवाएं और बिजली गिरने की संभावना है। अधिकतम तापमान में मामूली वृद्धि संभावित है।

06-05-2020
रायपुर में झमाझम बारिश के बाद खिली धूप, कल भी बदल सकता है मौसम का मिजाज

रायपुर। राजधानी में बुधवार दोपहर तेज हवा के साथ झमाझम बारिश हुई। मौसम विभाग के जारी त्वरित पूर्वानुमान के बाद बादलों में हरकत नजर आई। बादल जमकर गरजे और बरसे, लेकिन बारिश के बाद तेज धूप खिल गई। बारिश के बीच ही धूप-छांव का खेल जारी था। बारिश के बाद कुछ पल के लिए ठंडकता का अहसास धूप खिलते ही उमस में तब्दील हो गया। मौसम विज्ञानी रायपुर एचपी चंद्रा ने कहा कि एक चक्रीय चक्रवाती घेरा 0.9 किलोमीटर ऊंचाई पर पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के ऊपर, दूसरा चक्रीय चक्रवाती घेरा पूर्वी विदर्भ और उसके आस-पास और एक द्रोणिका 0.9 किलोमीटर ऊंचाई पर पूर्वी विदर्भ से तमिलनाडु तक स्थित है। इन सिस्टम के कारण 7 मई को छत्तीसगढ़ के एक-दो स्थानों पर हल्की वर्षा होने या गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। उन्होंने चेताया भी है कि प्रदेश के एक-दो स्थानों पर गरज चमक के साथ तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना है। अधिकतम तापमान में अगले 24 घंटे के बाद उत्तर छत्तीसगढ़ में वृद्धि संभावित है। शेष भागों में विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है। तापमान का ट्रेंड वृद्धि की ओर अभी लगातार रहने की संभावना है।

 

04-05-2020
बढ़ा तापमान रास नहीं आ रहा बादलों को,सिर्फ बरसने की नहीं कहर बरपाने की भी ठान ली है,क्या कहते हैं मौसम विशेषज्ञ...

रायपुर। मौसम ने फिर अपना मिजाज बदल लिया है। कुछ हद तक तपाने के बाद इसने फिर तापमान बढ़ने या स्थिर रहने की लोगों की उम्मीदों पर पानी फेरने की ठान ली है। सिर्फ पानी फेरने तक ही सीमित नहीं रहेंगे ये बादल, जमकर गरजेंगे और कहर भी बरपाएंगे। छोटा सा नजारा राजधानी में सोमवार को दोपहर ढलते ही नजर आ गया। बारिश जो हुई है, केवल राजधानी में ही नहीं प्रदेश के कई स्थानों में बारिश की खबर है। मौसम विभाग ने त्वरित पूर्वानुमान जारी कर पेन्ड्रा के आस-पास के जिलों में तेज हवा, बिजली और ओले गिरने की संभावना जताई है। मौसम विज्ञानी रायपुर एचपी चंद्रा ने उक्त पूर्वानुमान जारी कर यह भी कहा है कि बिलासपुर,कोरबा,सूरजपुर, जशपुर, रायगढ़ और इससे लगे जिलों में तेज हवा, बिजली और ओले गिरने की मौसमी घटनाएं हो सकती है। उन्होंने रविवार को ही पूर्वानुमान जारी कर बारिश की संभावना बताई थी। एक चक्रीय चक्रवाती घेरा उत्तर पूर्व मध्य प्रदेश और उसके आस-पास 1.5 किलोमीटर तक स्थित होने और यही से  एक द्रोणिका दक्षिण विदर्भ से दक्षिण तमिलनाडु तक 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक स्थित होने के साथ ही एक द्रोणिका के हरियाणा से दक्षिण बंगाल पश्चिम बंगाल तक स्थित रहने के कारण यह स्थिति बनी है। तीनों सिस्टम के कारण सोमवार को प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा होने या गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना थी। साथ ही प्रदेश के एक-दो स्थानों पर तेज हवा और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना थी। अधिकतम तापमान में प्रदेश में विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं थी।

इसी तरह एचपी चंद्रा ने मंगलवार के लिए पूर्वानुमान जारी कर अधिकतम तापमान में प्रदेश के उत्तरी भाग में गिरावट होने की संभावना जताई है। शेष भागों में तापमान में विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है। 5 मई को मुख्य रूप से उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में हल्की वर्षा या गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। 5 मई को छत्तीसगढ़ के एक-दो स्थानों पर हल्की वर्षा होने या गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। प्रदेश के एक-दो स्थानों पर गरज चमक के साथ तेज हवाएं और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है। कारण उन्होंने बताया है कि एक पूर्व-पश्चिम द्रोणिका हरियाणा से उत्तर पूर्व बांग्लादेश तक स्थित है। एक द्रोणिका पूर्वी मध्य प्रदेश से तमिलनाडु तक 0.9 किलोमीटर तक स्थित है। इन दोनों सिस्टम के कारण मौसम मंगलवार को भी अपना मिजाज बदल सकता है। वर्षा का पूर्वानुमान और चेतावनी देखने के लिए यहां क्लिक करें...   

30-04-2020
कुछ घंटे में हो सकती है तेज बारिश,मौसम विभाग का अलर्ट

रायपुर। प्रदेश में मौसम एक बार फिर रंग बदलने वाला है। मौसम विभाग ने आज गुरुवार को अलर्ट जारी करते हुए सभी संभागों में बारिश की आशंका व्यक्त की है। विभाग की माने तो कुछ स्थानों पर गरज चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। तेज हवाओं के साथ बिजली और ओले गिरने की संभावना भी है। पिछले दिनों अचानक हुई बारिश और तेज धूप के कारण तापमान में उतार—चढ़ाव की स्थिति निर्मित हुई थी। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार ओडिशा और उसके आसपास चक्रीय चक्रवाती घेरा बना हुआ है। कुछ घंटों के बाद मौसम में बदलाव के आसार है।

 

27-04-2020
कल भी गरज चमक के साथ बारिश के आसार, जानिए अगले 5 दिनों तक कैसा रहेगा आपके जिले का हाल

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मौसम की मार से भारी नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रविवार को रायगढ़, जशपुर, सूरजपुर जिले सहित सरगुजा, बिलासपुर संभाग के अन्य जिलों में आंधी-तूफान और ओलावृष्टि के संबंध में संबंधित जिलों के जनप्रतिनिधियों और कलेक्टरों से दूरभाष पर चर्चा कर स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने आंधी-तूफान, ओलावृष्टि की वजह से जान-माल सहित फसलों के नुकसान का सर्वे और आंकलन कर पीड़ितों को तत्काल राहत पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। मौसम विभाग ने फिर मंगलवार के लिए अलर्ट जारी किया है। प्रदेश में गरज-चमक के साथ बारिश के आसार हैं। मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा के अनुसार एक चक्रीय चक्रवाती घेरा पूर्वी विदर्भ और उसके आसपास में 1.5 किलोमीटर तक स्थित है। यहां से एक द्रोणिका 1.5 किलोमीटर ऊंचाई पर तमिलनाडु से दक्षिण छत्तीसगढ़ तक स्थित है। इस सिस्टम के कारण 28 अप्रैल को छत्तीसगढ़ के दक्षिण और मध्य भाग में कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा होने की संभावना है। एक दो स्थानों पर गरज चमक के साथ आंधी-तूफान, आकाशीय बिजली और ओले गिरने की संभावना है। उत्तर छत्तीसगढ़ में एक दो स्थानों पर गरज चमक के साथ छीटें पड़ सकते हैं। अधिकतम तापमान में प्रदेश में विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है। 1 मई तक जिलेवार स्थिति देखने के लिए क्लिक करें     सोमवार की मौसम की स्थिति देखने के लिए क्लिक करें    

26-04-2020
चौबीस घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हो सकती है तेज बारिश, गिरेंगे ओले

रायपुर। अचानक मौसम में आए बदलाव के कारण थोड़ी देर की तेज बारिश के कारण गर्मी से राहत मिली है। मौसम वैज्ञानिकों की माने तो अगले 24 घंटे मौसम फिर से बदल सकता है। प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। चौबीस घंटों के भीतर बारिश और ओले गिरने की संभावना जताई जा रही है। मौसम आज और कल दोनों दिन खुशनुमा रह सकता है। मौसम का मिजाज फिर से बदल गया है और दोबारा तेज धूप हो गई है।

23-04-2020
गरज चमक के साथ बारिश, ओले गिरने के आसार, जानिए आज से 4 दिनों तक कैसा रहेगा मौसम का हाल

रायपुर। मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव जारी है। तापमान में भी विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं दिख रही है। बात करें रायपुर की तो सुबह से धूप-छांव का खेल जारी है। ऐसे में एक बार फिर मौसम विभाग ने गुरुवार सहित अगले 4 दिनों के लिए यलो और आरेंज अलर्ट जारी कर चेताया है। मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा के मुताबिक एक चक्रीय चक्रवाती घेरा पश्चिम विदर्भ और उसके आसपास ऊपर 0.9 किलोमीटर पर स्थित है। यहां से एक द्रोणिका मराठवाड़ा, अंदरूनी कर्नाटक और तमिलनाडु होते हुए कोमोरिन क्षेत्र तक स्थित है। इस सिस्टम के कारण 24 अप्रैल को कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा या गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। एक दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ अकाशीय बिजली, ओला और तेज हवाएं चलने की संभावना है। अधिकतम तापमान में  छत्तीसगढ़ में विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है।

जारी पूर्वानुमान के अनुसार रायपुर में 24 घंटे में शाम और रात को बादल छाए रहेंगे। गरज चमक के साथ वर्षा होने की संभावना है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान 39 डिग्री व 26 डिग्री के आस-पास रहने की संभावना है। अगले 48 घंटे में आकाश आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। गरज-चमक के साथ हल्की वर्षा की अति संभावना है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान 36 डिग्री और 25 के आस-पास रहने की संभावना है। इसी तरह आगामी 72 घंटे में शाम और रात में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। अधिकतम और न्यूनतम तापमान लगभग 38 और 26 के आस-पास होने की संभावना है।

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23-04-2020
मौसम के उतार-चढ़ाव से फसलों में बढ़ सकती है बीमारी, कृषि वैज्ञानिक ने किसानों को दी सलाह...

रायपुर/सुकमा। कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए घोषित लाॅक डाउन में शासन की ओर से कृषि एवं कृषि से संबंधित कार्यों पर ढील देते हुए संक्रमण की रोकथाम के लिए जारी एडवाइजरी का पालन करते हुए कृषि कार्य करने की अनुमति प्रदान की गई है। कृषि विज्ञान केंद्र सुकमा के वरिष्ठ वैज्ञानिक राजेंद्र प्रसाद कश्यप ने इस संबंध में किसानों को आवश्यक एवं उपयोगी जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि इस संक्रमण की रोकथाम के लिए किसान और कृषि से संबंधित मजदूर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें और कम से कम 1 मीटर की दूरी बनाकर कार्य करें एवं मुंह को गमछा या रुमाल से ढक कर काम करें। साथ ही हाथ में सैनिटाइजर लगाएं या बार-बार साबुन से हाथ को अच्छी तरह से धोएं। कृषि वैज्ञानिक कश्यप ने बताया कि फसल की कटाई के बाद फसल अवशेष को जलाने के बजाय उसमें वेस्ट डीकंपोजर का छिड़काव कर नष्ट करना चाहिए।

फसलों की कटाई कार्य में मशीनों की सहायता ली जा सकती हैं। उन्होंने बताया कि मौसम के उतार-चढ़ाव से सब्जियों एवं फलों में प्रकोप बढ़ने की आशंका है जिससे उत्पादन में विपरित प्रभाव पड़ सकता है। सब्जियों या फलों में किसी भी प्रकार के कीड़े या बीमारी का संक्रमण होने पर उन्होंने किसानों को तुरंत कृषि विज्ञान केंद्र सुकमा से संपर्क करने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि तापमान बढ़ने के साथ ही धनिया की फसल में पाउडरी मिल्डयू नामक बीमारी का प्रकोप बढ़ सकता है। इसके नियंत्रण के लिए घुलनशील गंधक 3 ग्राम प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर 15 दिनों के अंतराल में छिड़काव करना चाहिए। इसी प्रकार सब्जियों में रस चूसक कीटों का प्रकोप दिखाई दे तो इसके नियंत्रण के लिए इमपीडकिलोप्रड दवा 1 से 2 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी के हिसाब से घोल बनाकर 12 से 15 दिनों के अंतराल में छिड़काव करना चाहिए।

22-04-2020
कलेक्टर ने कहा, दो दिनों में करेंं प्रधानमंत्री फसल बीमा के शेष बचे हितग्राहियों का सत्यापन

धमतरी। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत जिले के सभी पात्र हितग्राहियों को फसल बीमा का लाभ मिल जाए, यह सुनिश्चित करने कलेक्टर रजत बंसल ने अगले दो दिनों के भीतर सभी अनुविभागीय अधिकारी कृषि को शेष बचे 1917 हितग्राहियों के बैंक खाते में राशि आ गई, इसका सत्यापन कर रिपोर्ट देने कहा है। उन्होंने साफतौर पर कहा है कि इसमें कोताही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ज्ञात हो कि कलेक्टर रजत बंसल ने यह निर्देश कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आहूत बैठक में कृषि विभाग की विभागीय कार्यों की समीक्षा करते हुए दिए। इस मौके पर उन्होंने आगामी खरीफ मौसम को ध्यान में रख अभी से तैयारी करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। कलेक्टर ने किसानों के लिए खाद-बीज की उपलब्धता की जानकारी लेते हुए आगामी 30 अप्रैल तक ऐसी योजना तैयार करने का प्रयास करने पर बल दिया, जिससे कि समिति प्रबन्धक स्वयं गांवों में जाकर किसानों की आवश्यकता अनुरूप खाद-बीज का प्रकरण बना कर उपलब्ध करा सकें। इसके साथ ही कम अवधि वाले (श्रीपद्धति) धान लगाने किसानों को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया गया।

इसके लिए कृषि के साथ-साथ उद्यानिकी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत आगामी 30 अप्रैल तक कार्ययोजना तैयार करेंगे। जिले के 164 गांव जहां, नरवा, गरवा, घुरूवा और बाड़ी संचालित है, वहां धान की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। कृषि विभाग के अमले को यह सुनिश्चित करना होगा कि बिहान योजना के तहत गठित नॉन पेस्टीसाइड मैनेजमेंट की दुकानों से जैविक कीटनाशक, उत्पाद इत्यादि के अलावा कृषि उपकरण किराए से लेकर ग्राम पंचायतों में उपयोग के लिए दिया जाए। कलेक्टर ने साफ तौर पर कहा है कि गौठानों में तैयार किए जा रहे वर्मी कम्पोस्ट का भी खाद के साथ उठाव सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने इस मौके पर आत्मा योजना के तहत मखाना की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए दिए गए 100 एकड़ के लक्ष्य के विरुद्ध शेष 75 एकड़ के मद्देनजर आगामी 30 अप्रैल तक कृषक चयन कर लेने कहा है।

एजेंडावार समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने एकीकृत जल ग्रहण प्रबंधन योजना के तहत मनरेगा में स्वीकृत 17 कामों को भी अगले दो दिनों में हर हालत में शुरू करने के सख्त निर्देश दिए हैं। बैठक में बताया गया कि जिले में कुल 62 कृषि यंत्र सेवा केंद्र स्थापित किए गए हैं। इनमें धमतरी में 16, कुरूद में 19, नगरी में 17, मगरलोड में 10 केन्द्र हैं। कलेक्टर ने आगामी 30 अप्रैल तक इन केंद्रों का भी सत्यापन कर लेने के निर्देश ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को दिए हैं तथा ग्राम पंचायतवार आवश्यकता अनुरूप उपकरण यहां से लेने की कार्ययोजना बनाने कहा है। बैठक में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी नम्रता गांधी, उप संचालक कृषि  कौशल सहित कृषि अमला मौजूद रहा।

14-04-2020
58 किसानों को लाखों रुपए का फसल बीमा योजना से हो रहा भुगतान

रायपुर। जिले में संचालित पुर्नगठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना अंतर्गत खरीफ-2019 में 58 बीमित कृषकों को 10.075 लाख रुपए के बीमा दावा राशि का भुगतान बीमा कंपनी बजाज एलयांस जनरल इन्श्योरेन्स कंपनी लिमिटेड सीधे उनके खाते में किया जा रहा है। इस योजना के तहत 87 कृषकों ने 51.160 हेक्टेयर रकबे में लगे अधिसूचित उद्यानिकी फसलों (टमाटर, बैगन, अमरूद, केला, पपीता, मिर्च एवं अदरक) का बीमा कराया था। अधिसूचित फसलों में से टमाटर, बैंगन, अमरूद, मिर्च एवं अदरक फसल की आवरण अवधि समाप्त हो चुकी है। इन फसलों  जिले के पात्र कृषकों को बीमा दावा राशि 10.075 लाख रुपए का भुगतान बीमा कंपनी सीधे कृषकों के बैंक खाते में किया जा रहा है।

इसके अतिरिक्त शेष फसल केला एवं पपीता की आवरण अवधि क्रमशः 30 जून एवं 31 मई को समाप्ति के उपरांत इन फसलों के लिए बीमा दावा राशि का गणना कर पात्र किसानों को भुगतान किया जाएगा। योजना के तहत बीमित कृषक बीमा कंपनी बजाज एलायंस जनरल इंन्श्योरेन्स कंपनी लिमिटेड के टाॅल फ्री नंबर 1800 209 5959 पर काल कर बीमा संबंधी जानकारी ले से सकते हैं। इसी तरह कृषक विकासखण्ड उद्यानिकी अधिकारियों धरसींवा एवं तिल्दा पायल साव, वरि. उ. वी. अधि. मों नं. 90399-20624 आंरग विनोद कुमार ठाकुर, उ.वि.अधि. मों. नं. 62643-36541 एवं अभनपुर बी.पी नायक, उ.वि.अधि मों. नं. 62645-44933 से संपर्क कर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। रायपुर जिले में बीमित इन कृषकों में विकासखण्ड अभनपुर से 14, आरंग से 15, धरसींवा से 10 और तिल्दा से 19 किसान सम्मिलित है।

13-04-2020
 दोपहर होते ही बेईमान हो जाता है ये निगोड़ा मौसम,इसने भी रंग बदलना सीख लिया है शायद

रायपुर। अप्रैल आधा बीतते आ रहा है और दोपहर तपने की बजाए रोज बरसात आने के इशारे करने लगी है पता नहीं क्यों दोपहर होते होते हैं रोज बेईमान हो जाता है यह निगोड़ा मौसम। सारे देश की नजरें अप्रैल माह में ही आसमान की ओर लग गई है। आमतौर पर जून-जुलाई में ही किसान उम्मीद से आसमान की ओर देखता है पर अभी तो अप्रैल है और ना केवल किसान सारा देश आसमान की ओर ताक रहा है कि कब सूरज महाराज तेवर बदले त्योरियां चढ़ाएं नजरें तीखी करें गर्मी बढ़ाए और कोरोना के फैलने की रफ्तार पर लगाम लग सके। लेकिन हो बिल्कुल ठीक उल्टा रहा है। ना सूरज महाराज को गुस्सा आ रहा है ना वह त्योरिया चढ़ा रहे हैं और ना ही उनके तेवर बदलते दिख रहे हैं। उल्टे वे तो डरे सहमे से बादलों के पीछे दुबक़े हुए नजर आते है। शाम होते ही पता नहीं बादलों को क्यों गुस्सा आ जाता है? क्यों चढ़ाई कर देते हैं आसमान पर? क्यों कब्जा कर लेते हैं सूरज के साम्राज्य पर? क्यों वे पसारने नहीं देते सूरज की गर्मी?  कुल मिलाकर देखा जाए तो मौसम ने भी शायद रंग बदलना सीख लिया है इंसानों से। निगोड़ा मौसम दोपहर होते होते तपकर कर हाहाकार मचाने की बजाए खुशनुमा हो जाता है और गरमी बढ़ने की उम्मीद भी तोड़ जाता है।

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