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09-11-2020
कोरिया जिले का मौसम हल्दी जैसी फायदेमंद फसलों के अनुकूल है, कहा सीईओ तूलिका प्रजापति ने

रायपुर/बैकुण्ठपुर। कोरिया जिले का मौसम हल्दी जैसी मूल्यवान फसलों के लिए अच्छा है, इसके व्यवसायिक उत्पादन से आने वाले समय में गौठान समितियों के लिए आर्थिक उन्नति के नए अवसर बनेंगे। उक्ताषय के विचार जिला पंचायत की मुख्यकार्यपालन अधिकारी तूलिका प्रजापति ने पोड़ी ग्राम पंचायत में गौठान के समीप हल्दी की फसल का अवलोकन करने के बाद व्यक्त किए। जिला पंचायत सीइओ तूलिका प्रजापति ने सोनहत जनपद पंचायत अंतर्गत कई ग्राम पंचायतों का भ्रमण कर गौठानों का निरीक्षण किया। यहां उन्होने कृषि विज्ञान केंद्र के अधिकारियों के साथ हल्दी की फसल का बारीक मुआयना किया और स्थानीय कृषकों से बातचीत की। विदित हो कि सुराजी गांव योजना के तहत ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कृषि आधारित कार्यों को गौठान ग्रामों में विशेष महत्व के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।

इसी अनुक्रम में कोरिया जिले के विभिन्न गौठानों का संचालन करने वाली समितियों की आय बढ़ाने के लिए नगद फसल हल्दी की वृहद स्तर पर बोआई की गई है। इसके साथ ही गौठान ग्रामों में कृषक समूहों को भी इस महती परियोजना से जोड़ा गया है। इसलिए कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों के देखरेख में लगभग 50 एकड़ क्षेत्र में इस बार हल्दी की फसल लगाने की पहल की गई है। फलोद्यानों क बीच भी हल्दी की फसल लगाई गई है और टपक सिंचाई योजना के तहत इसे बढ़ाया गया है। फसल का अवलोकन करने के लिए सोनहत जनपद के ग्राम पंचायतों में जाकर सीइओ ने स्थानीय जनों से इस फसल के उत्पादन के बारे मेे बातचीत की।

ग्राम पंचायत पोड़ी और कुषहा मे सीइओ जिला पंचायत के भ्रमण के दौरान हल्दी फसल की देखरेख कर रहे। किसानों ने बताया कि इस बार फसलों की स्थिति काफी अच्छी है। गौठान समितियों के साथ इसे लगाने वाले आदिवासी कृषकों का अच्छा आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है। ग्रामीणों से चर्चा करने के बाद जिला पंचायत सीइओ ने बताया कि गौठान ग्राम क्रमशः सोरगा, जामपानी, कोडिमार छरछा, रोझी, कुशाह व अमहर में गौठान समितियों दवारा चयनित शासकीय भूमि के साथ साथ ग्राम उमझर, दुधनिया, बरबसपुर इत्यादि में कृषकों की सामूहिक बाड़ियों में भी हल्दी की फसल लगाई गई है। जिला पंचायत सीइओ के साथ भ्रमण में उपस्थित कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक  राजपूत के अनुसार 50 एकड़ क्षेत्रफल में अच्छी फसल होने से लगभग 360 से 400 टन तक हल्दी बीज और प्रकंद प्राप्त होने का अनुमान है। इससे प्राप्त उपज का दो तिहाई हिस्सा बीज के रूप में विक्रय कर 60 से 70 लाख रुपए की आमदनी हो सकेगी। साथ ही अगले वर्ष 140 से 150 हेक्टेयर क्षेत्रफल में अन्य गौठान समितियों में भी इसे रोपित कर व्यापक स्तर पर हल्दी उत्पादन किया जा सकेगा। इसके अलावा पत्तियों से भी तेल निकाल कर अतिरिक्त लाभ की ओर समितियां बढ़ रही हैं। बाजार में हल्दी के तेल की कीमत 500 से 600 रुपए प्रतिकलोग्राम होती है। एक हेक्टेयर से 130 से 150 किलो पत्तियां प्राप्त होंगी और जब इसकी पत्तियां पीली पड़ जाती है, तभी इसका तेल निकाला जाएगा। भ्रमण के दौरान जनपद पंचायत के कार्यक्रम अधिकारी, एनआरएलएम की ब्लाक कोआर्डिनेटर सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी व स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

08-11-2020
कड़ाके की सर्दी यानी कड़क मसाला चाय का मौसम

रायपुर। सर्दी के मौसम में गरमा—गरम कड़क चाय की चुस्की लेना किसे पसंद नहीं हैं। ऐसे में मसाला चाय सबसे बेस्ट है, यह शरीर को गरम भी रखती है। चाय बनाना तो सभी को आता है लेकिन इस चाय की विधि कुछ अलग है।

इन सामाग्रियों की जरूरत है :

चार चम्मच शक्कर, तीन चम्मच चायपत्ति, तीन से चार इलाइची, चार से पाँच काली​ मिर्च, तीन से चार लांग, आधा चम्मच सौंफ, आधा चम्मच सौठ पाउडर, बारिक कटी हुई अदरक के टुकड़े, चुटकी भर दाल चीनी पाउडर।

ये है विधि :

इन मसलों को मिलाकर हल्का सा कूट लें। ताकि सभी मांसलों का फ्लेवर अच्छे से आए। सबसे पहले दूध हाई फ्लेम में उबाले, दो उबाल आने तक अब सारे मसाले दूध में डाले। ​फिर एक उबाल आने के बाद शक्कर, चायपत्ती भी मिलाकर पांच मिनट तक पकने दें। तैयार है अब आपकी मसाले वाली कड़क चाय।

02-11-2020
Video: कलेक्टर ने कहा डुबान क्षेत्र की फसलों का किसानों को न मुआवजा मिलेगा,न किसी प्रकार की राहत

धमतरी। बारिश का मौसम इस समय अत्यधिक लंबा होने तथा अंतिम दिनों तक बारिश होने के कारण गंगरेल बांध प्रभावित गांव में जो किसान धान का फसल लगाए थे उनकी फसल आज भी 3 फीट पानी में डूबी हुई है। यहां तक की फसल पक कर तैयार हो गई है काटने की स्थिति में वहां के कृषक कमर तक के पानी में घुसकर धान की कटाई कर रहे हैं। कई बार उन्होंने शासन प्रशासन का ध्यान इस ओर आकृष्ट किया कि गंगरेल बांध का गेट खोल कर पानी को कम किया जाए तो उन्हें फसल काटने में सुविधा मिल जाएगी तथा परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। उक्त समस्याओं से विधायक रँजना साहू को अवगत कराया। विधायक ने खुद गांव पहुंचकर समस्या देखी और अधिकारियों को उक्त समस्याओं को अवगत कराते हुए के कृषकों को राहत देने के लिए आवश्यक पहल करने की बात कही।

इस सम्बंध में कलेक्टर जयप्रकाश मौर्य ने साफ कहा है कि डब्ल्यूआरडी विभाग के द्वारा गंगरेल डैम के भरने पर डुबान क्षेत्र का चिन्हाअंकित किया जाता है। किसानों द्वारा जिस जमीन पर धान की फसल लगाई गई है वह जमीन डुबान क्षेत्र में आती है, डुबान में फसल लेने का नियम नहीं है,जिसके कारण किसानों को ना ही मुआवजा मिलेगा न ही किसी भी प्रकार रिलीफ दिया जाएगा। वही आगे कलेक्टर ने कहा कि अगर अभी पानी छोड़ दिया जाता है तो आगे रबी की फसल के समय पानी छोड़ना संभव नहीं होगा,जिससे किसानों को परेशानियां होंगी। वहीं डुबान क्षेत्र के किसानों की समस्या को देखते हुए कलेक्टर कहा कि  गंगरेल डैम के पेनिस टॉप गेट से 2500 क्यूसेक पानी बिजली उत्पादन एवं अन्य संसाधनों के लिए छोड़ा गया है।

02-11-2020
सर्दियों में इम्युनिटी को स्ट्रॉन्ग रखने के लिए खाएं गुड़ और चना

रायपुर। सर्दियों में इम्युनिटी को स्ट्रॉन्ग रखने के लिए लोग कई तरह की चीजों का सेवन करते हैं। सर्दियों का मौसम शुरू हो गया है इस मौसम में सेहत का ख्याल रखना काफी जरूरी होता है, क्योंकि सर्दियों के मौसम में बीमार होने के चांसेस कई गुना बढ़ जाते हैं। ऐसे में मौसम में कई तरह की पौष्टिक चीजों का सेवन करने की सलाह दी जाती है। गुड़ और भुना चना ऐसा ही फूड का सही मिश्रण है ये कई पुरानी बीमारियों को बढ़ने से रोकने के अलावा इम्यूनिटी बढ़ा सकता हैं। 

गुड़ और भुना चना को एक साथ या तो सुबह में खा सकते हैं या स्नैक के तौर पर शाम में इस्तेमाल कर सकते हैं। गुड़ और चना दो तरीकों से खाया जा सकता है। चना प्रोटीन का खजाना माना जाता है और गुड़ से एंटी ऑक्सीडेंट्स काफी मिलता है। इसके अलावा, गुड़ में जिंक, सेलेनियम और चना में मिनरल जैसे बी6, फोलेट, मैग्नीज, फॉसफोरस, आयरन, कॉपर, थायमिन, नियासिन और राइबोफ्लेविन पाया जाता है।

– हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए भी रोजाना एक मुट्ठी चना और गुड़ का सेवन करना चाहिए। 40 साल की उम्र के बाद शरीर में हड्डियां कमजोर होने लगती है और इनका क्षरण होना शुरू हो जाता है।
– लंबे समय तक गुड़-चना दिल को सेहतमंद रखता है। गुड़ चना में भरपूर मात्रा में पोटेशियम पाया जाता है, जो हार्ट अटैक के खतरे को रोकता है। इसके अलावा गुड़-चना शरीर में बढ़ते वजन को भी नियंत्रित करके रखता है।

02-11-2020
संतरे के जूस से सेहत को मिलते हैं कई फायदे

रायपुर। संतरे का ज़्यादातर उपयोग जूस बनाने के लिए किया जाता है और लोग हर मौसम में इसका सेवन करते हैं। लेकिन सर्दियों के मौसम में यदि इसका सेवन आप करते हैं तो इसके कई सारे फायदे देखने को मिलते हैं। इसके सेवन से सेहत को बेहद फायदा मिलता है। आप यदि एक ग्लास संतरे का जूस रोजाना पीते हैं तो यह हेल्थ के ऑल राउंड ऑटोमेटिक प्रोटेक्टर की तरह काम करता है।

ये है फायदे : संतरे में विभिन्न पोषक तत्व प्रचूर मात्रा में होते हैं। इसकी बड़ी खूबी यह है कि इसमें कैलोरीज काफी कम होती है। किसी भी प्रकार का सैच्यूरेटेड फैट या कोलेस्ट्रॉल संतरे में नहीं होता है। इसके विपरीत इसे खाने से डायटरी फायबर मिलता है जो इन हानिकारक तत्वों को शरीर से बाहर करने में सहायक होता है। संतरा डाइजेस्टिव सिस्टम के लिए टॉनिक की तरह काम करता है। संतरे में सबसे अधिक मात्रा में विटामिन सी होती है। यह एक सिट्रस फ्रूट है और इस प्रकार के फ्रूट्स विटामिन सी की अच्छे स्त्रोत होते हैं।

06-10-2020
गाज गिरने से 19 मवेशियों की मौत, गांव में मचा हड़कंप

कोरबा। कटघोरा विकासखंड के ग्राम पंचायत ढपढप के आश्रित ग्राम कसरेंगा में मंगलवार शाम करीब 4:15 बजे एकाएक बदले मौसम के मध्य आकाशीय बिजली गिरी। जिस स्थान पर बिजली गिरी उसके आसपास मवेशी मौजूद थे। इस घटना में 19 मवेशियोंं की जान चली गई। खबर गांव में फैलते ही हड़कंप मच गया। पशुओं के मालिक, किसान घटनास्थल पर पहुंचे। सूचना कटघोरा तहसीलदार को दी गई,जो राजस्व अमले के साथ घटनास्थल पहुंच चुके हैं।

 

27-09-2020
सेना ने तैनात किए पूर्वी लद्दाख में टैंक,किसी भी मौसम में युद्ध करने की क्षमताओं से लैस

नई दिल्ली। सेना ने पूर्वी लद्दाख में चीन की किसी चालबाजी से निपटने के लिए टैंक रेजिमेंट को मैदान में उतार दिया है। रेजिमेंट में भीष्म, अर्जुन समेत कई आधुनिकतम टैंक हैं, जो कुछ ही क्षणों में दुश्मनों के परखच्चे उड़ा सकते हैं। जानकारी के मुताबिक ये टैंक किसी भी मौसम और वक्त में युद्ध करने की क्षमताओं से लैस हैं। इस टैंक रेजिमेंट की तैनाती के साथ ही भारत ने चीन को स्पष्ट संदेश दे दिया है कि युद्ध की स्थिति में वह उसके कब्जे वाले इलाके में घुसने से भी परहेज नहीं करेगी। दरअसल टैंकों की तैनाती समतल इलाके में युद्ध के लिए होती है। जबकि लद्दाख पहाड़ी इलाका है। हालांकि एलएसी के उस पार अक्साई चीन वाला इलाका पठारी है।

जिस पर टैंक आसानी से दौड़ाए जा सकते हैं और युद्ध लड़ा जा सकता है। ऐसा करके भारत ने चीन को अप्रत्यक्ष रूप से बता दिया है कि अब यदि युद्ध हुआ तो वह भारत के इलाके में नहीं बल्कि उसके कब्जे वाले में होगा। लद्दाख में तैनात सेना की 14वीं फायर एंड फ्यूरी कॉर्प्स के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल अरविंद कपूर ने कहा कि सीमा की रक्षा के लिए टैंकों के साथ इन्फैंट्री कॉम्बेट व्हीकल भी तैनात किए गए हैं। उन्होंने कहा कि अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए जवान पूरे जज्बे के साथ डटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि चीन ने यदि किसी भी प्रकार की हिमाकत की तो उसे करारा जवाब मिलना तय है। 

 

 

26-09-2020
लॉक डाउन में समस्याओं से जूझ रहे किसान,निजात दिलाने प्रभारी मंत्री को ज्ञापन

रायपुर। 28 सितंबर तक जिले को कंटेनमेट जोन घोषित किए जाने के चलते कृषि दवाई दुकानें व बैंक बंद हैं। इस वजह से किसानों को खरीफ खेती के मौसम में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसके मद्देनजर समय निर्धारित करवाकर कृषि दवा दुकानें व बैंकों को किसान हित में खुलवाने की मांग कृषि और जिला प्रभारी मंत्री रवीन्द्र चौबे को ज्ञापन प्रेषित कर किसान संघर्ष समिति के संयोजक भूपेन्द्र शर्मा ने की है। व्हाट्सऐप के जरिए प्रेषित ज्ञापन में बतलाया गया है कि प्रतिकूल मौसम के चलते खरीफ धान की फसल पर दिनोदिन कीट व्याधि बढ़ रही है।  कृषि दवा दुकाने बंद पड़े  है,जिसकी वजह से किसान दवाइयों के लिए भटक रहे हैं। बिलासपुर जिले में किसानों की इस समस्या को दृष्टिगत रखते हुए समय निर्धारित कर दवाई दुकाने खोलने का संशोधित आदेश जिलाधीश ने जारी किए है।

रायपुर जिला में भी संशोधित आदेश जारी कर नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों के शासन के अनुमति प्राप्त दवाई दुकानों को खुलवाने के संबंध में विचार कर खुलवाने का आग्रह किया है। ज्ञापन में बैंकों के भी बंद रहने व‌ किसानों द्वारा कृषि दवाईयों सहित अन्य आवश्यक खर्चों के लिये रकम की आवश्यकता महसूस किये जाने की ओर ध्यानाकर्षित कराते हुए बतलाया गया है कि अधिकांश किसानों के खाते जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक के ग्रामीण शाखाओं में है। इनमें से अधिकतर एटीएम कार्डधारी नहीं हैं,जिसकी वजह से उनको नगदी की भी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। इस परिप्रेक्ष्य में ग्रामीण क्षेत्रों के ऐसे बैंकों को भी खुलवाने विचार करने का आग्रह किया गया है। 

 

11-09-2020
इस मौसम में अब तक हो चुकी 1115.7 मि.मी. वर्षा

रायपुर। राज्य भर में जून महीने से अब तक 1115.7 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है। कंट्रोल रूम के मुताबिक 1 जून से अब तक कुल 1115.7 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है।  प्रदेश में सर्वाधिक बीजापुर जिले में 2182.8 मि.मी. और सबसे कम सरगुजा में 756.8 मि.मी. औसत वर्षा अब तक रिकार्ड की गई है। राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सूरजपुर में 1232.6 मि.मी., बलरामपुर में 1016.9 मि.मी., जशपुर में 1184.6 मि.मी., कोरिया में 964.2 मि.मी., रायपुर में 980.8 मि.मी., बलौदाबाजार में 986.7 मि.मी., गरियाबंद में 1077.9 मि.मी., महासमुन्द में 1190.0 मि.मी., धमतरी में 1030.7 मि.मी., बिलासपुर में 1155.1 मि.मी., मुंगेली में 793.0 मिमी, रायगढ़ में 1112.7 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1177.2 मि.मी. तथा कोरबा में 1236.7 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की गई है। इसी प्रकार गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही में 927.9 मि.मी., दुर्ग में 944.8 मि.मी., कबीरधाम में 830.6 मि.मी., राजनांदगांव में 859.5 मि.मी., बालोद में 971.8 मि.मी., बेमेतरा में 976.0 मि.मी., बस्तर में 1247.4 मि.मी., कोण्डागांव में 1369.4 मि.मी., कांकेर में 941.3 मि.मी., नारायणपुर में 1276.3 मि.मी., दंतेवाड़ा में 1451.5 मि.मी. और सुकमा में 1363.3 औसत दर्ज की गई है। 

राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित की गई जानकारी के अनुसार प्रदेश के विभिन्न जिलों में आज 11 सितम्बर को सुबह रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार सरगुजा में 0.9 मिमी, सूरजपुर में 11.9 मि.मी., बलरामपुर में 7.1 मि.मी., जशपुर में 13.8 मि.मी., कोरिया में 4.4 मि.मी., रायपुर में 13.0 मि.मी., बलौदाबाजार में 4.3 मि.मी., गरियाबंद में 11.3 मि.मी., महासमुन्द में 13.3 मिमी, धमतरी में 11.4 मि.मी., बिलसपुर 12.8 मि.मी., मुंगेली में 10.8 मिमी, रायगढ़ में 5.6 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 3.8 मि.मी., कोरबा में 9.2 मि.मी., दुर्ग में 48.9 मिमी, कबीरधाम में 1.5 मि.मी., राजनांदगांव में 6.5 मि.मी., बालोद में 9.8 मि.मी., बेमेतरा में 7.0 मि.मी., बस्तर में 29.7 मि.मी., कोण्डागांव में 24.8 मि.मी., कांकेर में 11.5 मि.मी., नारायणपुर 23.0 मि.मी., दंतेवाड़ा में 6.2 मि.मी., सुकमा में 50.7 मि.मी. और बीजापुर में 22.4 मि.मी., औसत वर्षा दर्ज की गई।

10-09-2020
इस मौसम में अब तक हो चुकी 1102.2 मि.मी. वर्षा

रायपुर। राज्य भर में जून महीने से अब तक 1102.2 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है। कंट्रोल रूम के मुताबिक 1 जून से अब तक कुल 1102.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। प्रदेश में सर्वाधिक बीजापुर जिले में 2160.4 मि.मी. और सबसे कम सरगुजा में 756 मि.मी. औसत वर्षा अब तक रिकार्ड की गई है। राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सूरजपुर में 1220.8 मि.मी., बलरामपुर में 1009.9 मि.मी., जशपुर में 1170.8 मि.मी., कोरिया में 959.8 मि.मी., रायपुर में 967.8 मि.मी., बलौदाबाजार में 982.4 मि.मी., गरियाबंद में 1066.7 मि.मी., महासमुन्द में 1176.7 मि.मी., धमतरी में 1019.3 मि.मी., बिलासपुर में 1142.3 मि.मी., मुंगेली में 782.2 मिमी, रायगढ़ में 1107 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1172.6 मि.मी. तथा कोरबा में 1227.6 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की गई है।

इसी प्रकार गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही में 927.9 मि.मी., दुर्ग में 895.9 मि.मी., कबीरधाम में 829.1 मि.मी., राजनांदगांव में 853 मि.मी., बालोद में 962 मि.मी., बेमेतरा में 969 मि.मी., बस्तर में 1217.7 मि.मी., कोण्डागांव में 1344.6 मि.मी., कांकेर में 929.8 मि.मी., नारायणपुर में 1253.3 मि.मी., दंतेवाड़ा में 1445.3 मि.मी. तथा सुकमा में 1312.7 औसत दर्ज की गई है। 

राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित की गई जानकारी के अनुसार प्रदेश के विभिन्न जिलों में आज 10 सितम्बर को सुबह रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार सूरजपुर में 7.8 मि.मी., बलरामपुर में 0.3 मि.मी., जशपुर में 7.3 मि.मी., कोरिया में 0.6 मि.मी., रायपुर में 0.7 मि.मी., बलौदाबाजार में 0.5 मि.मी., गरियाबंद में 19.1 मि.मी., धमतरी में 14.5 मि.मी., बिलसपुर 4.9 मि.मी., रायगढ़ में 4.6 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 9.7 मि.मी., कोरबा में 6.5 मि.मी., कबीरधाम में 5.4 मि.मी., राजनांदगांव में 6.7 मि.मी., बालोद में 0.8 मि.मी., बेमेतरा में 0.2 मि.मी., बस्तर में 11.1 मि.मी., कोण्डागांव में 4.5 मि.मी., कांकेर में 10.6 मि.मी., नारायणपुर 20.9 मि.मी., दंतेवाड़ा में 2.5 मि.मी., सुकमा में 0.4 मि.मी. और बीजापुर में 3.4 मि.मी., औसत वर्षा दर्ज की गई।

09-09-2020
इस मौसम में अब तक हो चुकी 1097.1 मि.मी. वर्षा

रायपुर। राज्य भर में जून महीने से अब तक 1097.1 मि.मी.वर्षा दर्ज हुई है। कंट्रोल रूम के मुताबिक 1 जून से अब तक कुल 1097.1 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। प्रदेश में सर्वाधिक बीजापुर जिले में 2157 मि.मी. और सबसे कम सरगुजा में 756 मि.मी. औसत वर्षा अब तक रिकार्ड की गई है। राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सूरजपुर में 1212.9 मि.मी., बलरामपुर में 1009.6 मि.मी., जशपुर में 1163.5 मि.मी., कोरिया में 959.2 मि.मी., रायपुर में 967 मि.मी., बलौदाबाजार में 981.9 मि.मी., गरियाबंद में 1047.5 मि.मी., महासमुन्द में 1176.7 मि.मी., धमतरी में 1004.9 मि.मी., बिलासपुर में 1137.5 मि.मी., मुंगेली में 782.2 मिमी, रायगढ़ में 1102.5 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1163 मि.मी. तथा कोरबा में 1221 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की गई है। इसी प्रकार गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही में 927.9 मि.मी., दुर्ग में 895.9 मि.मी., कबीरधाम में 823.6 मि.मी., राजनांदगांव में 846.3 मि.मी., बालोद में 961.2 मि.मी., बेमेतरा में 968.8 मि.मी., बस्तर में 1206.6 मि.मी., कोण्डागांव में 1340 मि.मी., कांकेर में 919.2 मि.मी., नारायणपुर में 1232.3 मि.मी., दंतेवाड़ा में 1442.8 मि.मी. तथा सुकमा में 1312.3 औसत दर्ज की गई है।

07-09-2020
सब्जियों के दाम आसमान छूते, हरी सब्जियों की जगह लोग नॉनवेज खाना ज्यादा पसंद कर रहे...

रायपुर। मौसम में बदलाव के कारण लोकल सब्जी बाड़ियों से इन दिनों बाजार में सब्जियों की आवक कम हो रही है। इस वजह से सब्जियों के दामों में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। ज्ञातव्य हो कि करीब 15 दिनों पहले तक बाजार में हरी सब्जियों के दाम 30 से 40 रुपये के भाव में मिल रहे थे वही सब्जी कुछ ही दिनों में दो-गुनी दामों में बाजार में बिक रहा है। वर्तमान में हरी सब्जियों के भाव आलू 40 रुपये एवं प्याज 25 रुपये, फूल गोभी 80 रुपये, भिंडी 60, बरबट्टी 60 रुपये, बैंगन 60 रुपये, करेला 80 रुपये, पत्ता गोभी 60 से 70 रुपये, टमाटर 40 से 50 रुपये, धनिया पत्ती 100 रुपये किलों, मिर्ची 10 रुपये का 100 ग्राम, अदरख 160 से 2 सौ रुपये किलों के भाव बिक रहा है। सब्जी बिक्रेताओं का कहना है कि लोकल सब्जी बाड़ियों से आवक कम होने के चलते थोक मंडी सुपेला एवं दुर्ग में सब्जियों के दाम बढ़े हुए है।

इस संबंध में थोक सब्जी मंडी सुपेला में सब्जी के थोक बिक्रेताओं से बात करने पर आरएनएस को बताया कि सब्जियों की आवक कम होने के चलते इन दिनों आलू एवं प्याज की डिमांड बाजार में ज्यादा होने से मंडियों में आलू-प्याज अधिक दामों पर पहुंच रहा है। इस वजह से आलू-प्याज के दाम बढ़ गया है व डीजल के दामों में लगातार वृद्धि होने से वाहनों में लगने वाला भाड़ा बढ़ जाने से बाजार में हरी सब्जियों के दाम बढ़ा हुआ है। नॉनवेज खाने वाले लोगों का कहना है कि वे हरी सब्जियों की जगह में नॉनवेज व अंडा की सब्जी बनाकर खाना शुरू कर दिये है क्योंकि ये सब्जी उनकी बजट के अनुसार है। नॉनवेज खाने से दाल व सब्जी रोजाना खरीदना नहीं पड़ रहा है। इसमें जितना खर्च वर्तमान में आ रहा है। इससे कम पैसे में नॉनवेज व अंडा की सब्जी खाने से उनका गुजारा हो जा रहा है।

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