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24-01-2020
बलात्कार का प्रयास, मामला दर्ज, आरोपी फरार

रायपुर। शहर के मंदिर हसौद थाना क्षेत्र में सुबह शर्मनाक घटना सामने आई है। पीड़िता ने थाने में मामले की शिकायत दर्ज कराई है। रिपोर्ट के मुताबिक सुबह साढ़े 9 बजे जब पीड़िता बर्तन धो रही थी। उसी समय आरोपी रमेश सिंह घर मे जबरदस्ती घुसकर छेड़छाड़ करते हुए उससे जबरदस्ती करने की कोशिश की। पीड़िता के शोर करने पर मुँह को हाथ से दबाकर घर में उपस्थित पीड़िता की बेटी को मारने की कोशिश की। पीड़िता ने लगातार ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाना शुरू कर दीया। तब कहीं जाकर रमेश वहां से फरार हो गया। मंदिर हसौद थाने से मिली जानकारी के अनुसार पीड़िता की शिकायत के आधार पर नवागांव स्थित ढाबा संचालक रमेश सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 376,450,511 के तहत अपराध दर्ज कर मामले की जांच कर रही है। फिलहाल पुलिस आरोपी की गिरफ्तार नही कर पाई है।  घटना के बाद से ही फरार है।

 

06-12-2019
नौ महीने की बच्ची के साथ चाचा ने किया दुष्कर्म, पुलिस ने किया गिरफ्तार

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के हावड़ा में श्यामपुर की बड़ग्राम पंचायत में एक नौ महीने की बच्ची के साथ उसके चाचा ने ही कथित तौर पर दुष्कर्म किया। पुलिस ने गुरुवार को बताया कि आरोपी की पहचान अनूप प्रमाणिक के रूप में हुई है। पीड़ित बच्ची के पड़ोस में रहने वाले अनूप पर आरोप है कि बुधवार दोपहर को वह नवजात को उसके घर से यह बताकर ले गया कि वह बच्ची को खिलौने दिलाने के लिए बाहर लेकर जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, जब वह बच्ची को घर वापस लाया तो परिवार वालों का ध्यान बच्ची के खून पर गया। इसके बाद परिजन पुलिस के पास गए। बच्ची के परिजनों ने श्यामपुर पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। इस शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ आईपीसी और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की जांच जारी है।

17-08-2019
चीनी मांझे से ऐसे उलझा कि इंजीनियर की चली गई जान 

नई दिल्ली। दिल्ली में चीनी मांझा एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ। 15 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन चीनी मांझे ने एक सिविल इंजीनियर की जान ले ली। 28 वर्षीय मानव शर्मा स्कूटर पर अपनी दो बहनों के साथ किसी रिश्तेदार के घर जा रहा था। तभी पश्चिम विहार इलाके में चीनी मांझा उसकी गर्दन में अटक गया जिससे काफी गहरा घाव हो गया। पुलिस के मुताबिक मांझे ने गर्दन में इतना गहरा घाव कर दिया कि मानव स्कूटर चलाते-चलाते नीचे गिर पड़ा। मौके पर पहुंचे लोगों ने जख्मी मानव को नजदीकी अस्पताल में पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया गया। हालांकि इस घटना में दोनों छोटी बहनों को कोई नुकसान नहीं हुआ। बताया जा रहा है कि मानव बुध विहार में रहता था और एक प्राइवेट बिल्डर के यहां बतौर सिविल इंजीनियर काम करता था। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक स्वतंत्रता दिवस पर होने वाली पतंगबाजी के दौरान चीनी मांझे से घायल होने की 15 शिकायतें मिलीं। जिनमें आठ लोग घायल हो गए। वहीं 17 मामले आईपीसी की धारा 188 के तहत दर्ज किए गए। जिनमें लोग ग्लास कोटेड चीनी मांझे का इस्तेमाल पतंग उड़ाने के लिए कर रहे थे। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में ग्लास कोटेड और अन्य खतरनाक मांझों के इस्तेमाल पर पाबंदी लगाई हुई है। इसके बावजूद राजधानी में न केवल ऐसा मांझा खरीदा गया बल्कि इस्तेमाल भी किया गया।

20-06-2019
सांसद बन गईं तो क्या? साध्वी प्रज्ञा को नहीं मिलेगी विशेष छूट 

मुंबई। मुंबई में विशेष एनआईए अदालत ने भोपाल से लोकसभा सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर की अदालत में एक सप्ताह में एक बार उपस्थित होने से स्थायी छूट के आवेदन को खारिज कर दिया है। प्रज्ञा ठाकुर ने इस आवेदन में कहा था कि वह सांसद हैं और उन्हें दिन-प्रतिदिन संसद की कार्यवाही में भाग लेना है। हालांकि मुंबई की विशेष एनआईए अदालत ने प्रज्ञा ठाकुर को अदालत में उपस्थित होने से आज के लिए छूट दे दी है। बता दें कि साध्वी प्रज्ञा और छह अन्य आरोपी यूएपीए और आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत आरोपों का सामना कर रहे हैं।

इन पर मालेगांव में एक मस्जिद के पास बम धमाका करने का भी आरोप है। इसमें 6 लोग मारे गए थे और 100 से अधिक लोग घायल हुए थे। मामला पुराना है। 29 सितंबर, 2008 को उत्तरी महाराष्ट्र के मालेगांव की मस्जिद के सामने खड़ी एक मोटरसाइकिल में मौजूद विस्फोटकों के कारण बड़ा बम धमाका हुआ था। इस धमाके में छह लोगों की मौत हो गई थी और लगभग 100 लोग घायल हुए थे। पुलिस के मुताबिक जिस गाड़ी में विस्फोटक रखे हुए थे, वो प्रज्ञा ठाकुर के नाम से रजिस्टर्ड थी। यहीं से इस धमाके में साध्वी का नाम आया। हालांकि 2017 में मुंबई हाईकोर्ट ने उनकी जमानत अर्जी मंजूर कर ली थी। अभी इस मामले की जांच मुंबई की विशेष एनआईए कोर्ट के हाथ में है।

27-09-2018
Supreme Court : विवाहेतर संबंध अपराध नहीं : सुप्रीम कोर्ट
शीर्ष अदालत ने 158 साल पुरानी धारा पर दिया अपना फैसला
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