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04-11-2020
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित करें: राज्यपाल

रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके बुधवार को राजभवन में छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय, भिलाई द्वारा महिला सशक्तिकरण विषय पर आयोजित वेबिनार में शामिल हुई। उन्होंने वेबीनार को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। जो महिला सशक्त होकर समाज में जगह बना चुकी हैं उन्हें हमारी बेटियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देनी चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि भारत वह देश है, जहां पर माता हमेशा पूज्यनीय रही हैं, समय के साथ कई कुरीतियां भी भारतीय समाज में आ गई, लेकिन जब भारत स्वतंत्र हुआ तो शिक्षा के प्रसार के साथ जागरूकता आई और सामाजिक कुरीतियों को दूर करने का प्रयास किया जाने लगा। महिलाओं के कल्याण के लिए शासन द्वारा अलग विभाग बनाया गया, जिसके माध्यम से कई कल्याणकारी योजनाएं चलाई जाने लगी। फलस्वरूप कई महिलाएं स्वप्रेरणा से सामने आने लगी। आज महिलाएं सभी क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं।
हम छत्तीसगढ़ की बात करें तो बस्तर से लेकर सरगुजा तक महिलाएं आगे आ रही हैं और स्व-सहायता समूह बनाकर अच्छा कार्य कर रही हैं इससे वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रहे हैं। बस्तर अंचल दंतेवाड़ा के बालूद ग्राम की महिलाएं नई दिशा स्व-सहायता समूह के माध्यम से आर्थिक सहायता प्राप्त कर छोटे-छोटे व्यवसाय कर रही हैं और जैविक खेती भी कर रही हैं। सरगुजा के अंबिकापुर शहर में स्व-सहायता समूह के माध्यम से महिलाएं डोर-टू-डोर जाकर कचरा एकत्रित कर रही हैं और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा प्रारंभ किए गए स्वच्छता मिशन में योगदान दे रही हैं। साथ ही उत्तरी छत्तीसगढ़ के अंतिम छोर के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के ग्राम चांगरो की महिलाएं स्व-सहायता समूह के माध्यम से जीरा फूल धान की खेती कर रही हैं और मिनी राईस मिल का संचालन भी कर रही हैं। इन समूह द्वारा उत्पादित जीरा फूल चावल की मांग दूर-दूर तक है।
यह हमारी महिला सशक्तिकरण की पहचान है कि फुलबासन यादव को टीवी शो कौन बनेगा करोड़पति में शामिल होने का अवसर मिला। राज्यपाल ने महिलाओं के प्रति हो रहे अपराध पर समाज को जागृत होने का आग्रह करते हुए कहा कि सबसे पहले परिवार में बच्चों को महिलाओं के प्रति सम्मान की शिक्षा देनी चाहिए। यदि उसके मन में बचपन से ऐसी भावनाएं आ जाए तो महिलाओं के प्रति अपराध में काफी कमी आ सकती है। इस अवसर पर स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय, भिलाई के कुलपति डॉ. एमके वर्मा, सांसद छाया वर्मा, छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष  किरणमयी नायक, लोकसभा सांसद ज्योत्सना महंत तथा प्राध्यापकगण उपस्थित थे।

17-10-2020
सामाजिक कार्याें के लिए बड़ा दिल, हौसला और लगन जरूरी: शिव डहरिया

रायपुर। नगरीय प्रशासन और श्रम मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने कहा कि समाजिक कार्यों के लिए बड़ा दिल, हौसला और लगन होना चाहिए। राजश्री सद्भवना समिति के कार्यों में यह बात स्पष्ट रूप से दिख रही है। इस संगठन ने गरीबो, बेरोजागारों और महिला सशक्तिकरण की दिशा में जो कार्य किए हैं वह सराहनीय है। मंत्री डॉ. डहरिया ने  शनिवार को शताब्दी नगर में आयोजित राजश्री सद्भावना समिति के कार्यालय भवन के शुभारंभ अवसर पर सम्बोधित कर रहे थे।

नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. डहरिया ने कहा कि महात्मा गांधी, बाबा साहेब अम्बेडकर जैसे महापुषों ने समाज के दबे, कुचले और शोषितों के हित में काम करके उचाईयों पर पहुंचे हैं। हमे भी सच्चे दिल से ऐसे लोगों की सेवा कर आगे बढने की दिशा में काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ लोग ऐसे होते है जो अपने विचारों और कार्यों से भावी पीढ़ी में याद किए जाते हैं। हर परिस्थिति में मजबूत हौसला के साथ निरंतर सामाज सेवा के कार्यों को बढना चाहिए।   इस अवसर पर उन्होंने संस्था के उत्कृष्ठ कार्य करने वाले लोगों को शाल और प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया।

कार्यक्रम में समिति की अध्यक्ष शकुन डहरिया सहित केपी खाण्डे, शताब्दी नगर कॉलोनी के अघ्यक्ष सीएस ठाकुर, एमआईसी मेम्बर सुन्दर जोगी,  अलगख चतुर्वेदानी, अनिल भतपहरी और चेतन चंदेल सहित अन्य पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित थे।

 

25-08-2020
दादी प्रकाशमणी के बताए आदर्शों पर चलना ही उनको सच्ची श्रद्धांजलि...

रायपुर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की पूर्व मुख्य प्रशासिका दादी प्रकाशमणि को उनकी तरहवीं पुण्यतिथि पर विधानसभा मार्ग पर स्थित शान्ति सरोवर रिट्रीट सेन्टर में श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर बोलते हुए क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी कमला दीदी ने कहा कि दादी जी के आदर्शों पर चलकर उनकी शिक्षाओं को जीवन में अपनाने का पुरूषार्थ करना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने दादी प्रकाशमणि की सेवाओं को याद करते हुए कहा कि पहले ब्रह्माकुमारी संस्थान की सेवाएँ सिर्फ भारत तक ही सीमित थी। दादी जी ने अपने अथक प्रयासों से संस्थान की सेवाओं को सारे विश्व में फैलाया। उनकी सेवाओं को देखते हुए उन्हें संयुक्त राष्ट्र द्वारा शान्तिदूत पदक प्रदान कर सम्मानित किया गया था। दादी जी ने हमें सिखलाया कि संगठन में एक दो को सम्मान देकर और सभी की विशेषताओं को महत्व देकर कैसे संगठन को मजबूत किया जा सकता है।

दादी प्रकाशमणि ने यह सिद्ध कर दिया कि नारी यदि अपनी शक्तियों को पहचान ले तो वह दुर्गा, काली और शीतला बन अपना ही नहीं वरन् समूचे जगत को विकारों और आसुरियत की दलदल से मुक्त करने में अहम भूमिका निभा सकती है। दादी के व्यक्तित्व का ही कमाल था कि माउण्ट आबू में ब्रह्माकुमारी संस्थान के परिसर में पहुंचकर सभी को यह सुखद अहसास होता था कि मानों हम स्वर्ग में आ गए हों। अपने घर से भी अधिक अपनापन वहाँपर अनुभव होता था। दादी कर्मयोगी थीं और महिला सशक्तिकरण की अनुकरणीय मिसाल थीं। दादी में नेतृत्व की अपार क्षमता थी। उनके अन्दर नेतृत्व के साथ-साथ मातृत्व का भी असीम भाव था। उनकी मन: स्थिति इतनी उँची हो चुकी थी कि किसी की कमी-कमजोरी, जाति-पाँति, धर्म आदि का भेदभाव उनको कभी छू तक नहीं पाया।

27-07-2020
एनटीपीसी ने महिला सशक्तिकरण के लिए हासिल किया प्रतिष्ठित फिक्की ‘ज्यूरी कमेंडेशन सर्टिफिकेट’

कोरबा। एनटीपीसी को ‘महिला सशक्तिकरण‘ कैटेगरी के तहत प्रतिष्ठित फिक्की ‘ज्यूरी कमेंडेशन सर्टिफिकेट‘ से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार एनटीपीसी के फ्लैगशिप प्रोजेक्ट ‘गर्ल एम्पावरमेंट मिशन‘ के लिए मिला है। एनटीपीसी इस वर्ष फिक्की पुरस्कार प्राप्त करने वाला सार्वजनिक क्षेत्र का एकमात्र उपक्रम है। वर्चुअल 18वें फिक्की पुरस्कार समारोह में एनटीपीसी को यह सम्मान प्रदान किया गया। वित्त और कॉर्पोरेट राज्य मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर इस समारोह के मुख्यअतिथि थे। गुरदीप सिंह, सीएमडी एनटीपीसी ने कंपनी की ओर से यह प्रमाणपत्र प्राप्त किया। पुरस्कार प्राप्त करने पर अपने वीडियो संबोधन में सीएमडी एनटीपीसी ने कहा कि लैंगिक न्याय और सशक्तिकरण के राष्ट्रीय महत्व के विषय की दिशा में एनटीपीसी द्वारा किया यह एक विनम्र और मूल्यवान योगदान है। एनटीपीसी ने 10-12 वर्ष की आयु वर्ग की बालिकाओं को समग्र शिक्षा प्रदान करने के लिए ‘गर्ल एम्पावरमेंट मिशन‘ की शुरुआत की है। यह कार्यक्रम बालिकाओं को एक बेहतर और जिम्मेदार वयस्क नागरिक बनने के लिए तैयार करता है, उनमें जिज्ञासा का भाव पैदा करता है और बेहतर संचार और सामाजिक कौशल विकसित करने में उनकी मदद करता है। इसके अलावा, यह लड़कियों को अपने रचनात्मक कौशल के साथ एक विषय से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करता है, उन्हें मनोवैज्ञानिक, सामाजिक और भावनात्मक लिहाज से विकसित होने में करता है और सीखने की प्रक्रिया को स्वाभाविक, आकर्षक और एक मजेदार और सार्थक अनुभव बनाता है।

 

06-03-2020
महिला दिवस पर ग्राम पंचायतों में विशेष ग्रामसभा 8 को

रायपुर। प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर 8 मार्च को विशेष ग्रामसभा का आयोजन किया जाएगा। गांव वाले इस विशेष ग्रामसभा में महिला पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य, अवसर की समानता, सुरक्षा और उत्तराधिकार विषय पर चर्चा करेंगे। पंचायत संचालनालय की ओर से परिपत्र जारी कर सभी कलेक्टरों और जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। पंचायत संचालनालय ने परिपत्र में कहा है कि छत्तीसगढ़ में त्रिस्तरीय पंचायतीराज संस्थाओं में 50 प्रतिशत से अधिक महिलाएं निर्वाचित होकर अपने दायित्वों का निर्वहन कर रही हैं। यह राज्य में महिला सशक्तिकरण की अनुकरणीय पहल है। संचालनालय ने महिला सशक्तिकरण एवं जागरूकता के लिए विशेष ग्रामसभा में महिला स्वसहायता समूहों, स्वच्छता दूतों, महिला जागृति समितियों, महिला मंडलों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिनों, एएनएम और कम्युनिटी रिसोर्स परसन्स को शामिल करने कहा है।
 

04-03-2020
8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर होगी विशेष ग्रामसभा

रायपुर। संचानालय पंचायत द्वारा सभी जिला कलेक्टरों और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च के अवसर पर विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन करने के लिए निर्देश जारी किए हैं। जारी आदेश में कहा गया है कि वर्ष 2019-20 में त्रिस्तरीय पंचायत राज संस्थाओं में 50 प्रतिशत से अधिक महिलाएं पंचायतों में निर्वाचित होकर अपने पदेन दायित्व का निर्वहन कर रही हैं, यह महिला सशक्तिकरण की अनुकरणीय पहल है।
पूर्व वर्षों की भांति इस वर्ष भी अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस 08 मार्च को मनाया जाना है। इसके संबंध में संचानालय पंचायत विभाग द्वारा दिशा-निर्देश प्रसारित किये गये हैं, उक्त तिथि को ग्राम पंचायत मुख्यालय में विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया जाएगा। ग्राम सभा में महिला पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, उत्तराधिकार तथा अवसर की समानता पर विशेष रूप से चर्चा की जाएगी। कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए महिला स्व-सहायता समूह, स्वच्छता दूत, महिला जागृति समिति, महिला मण्डल, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, ए.एन.एम कार्यकर्ता और सामुदायिक संसाधन व्यक्ति आदि का सहयोग लिया जाएगा।

 

01-02-2020
शाहीन बाग़ में प्रदर्शन करने वालो के पूर्वजो ने किए थे भारत के टुकड़े : योगी आदित्यनाथ

नई दिल्ली। दिल्ली में सियासी उठापटक के बीच शनिवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चुनाव प्रचार के लिए दिल्ली पहुंचे। योगी ने करावल नगर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव प्रचार की शुरुआत की। इस दौरान तमाम मुद्दों पर केजरीवाल और आम आदमी पार्टी सरकार को घेरते हुए उन्होंने शाहीन बाग की भी चर्चा की और वहां डेढ़ महीने से प्रदर्शन पर बैठे लोगों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि शाहीन बाग का धरना नागरिकता कानून को लेकर नहीं है। ये धरना इस बात को लेकर है कि भारत दुनिया में एक ताकत के रूप में कैसे उभर रहा है। उनकी चिढ़ ये है कि इनके पूर्वजों ने भारत के टुकड़े कर दिए थे, लेकिन आज भारत एक भारत श्रेष्ठ भारत कैसे बन रहा है। इनके पूर्वजों ने भारत की आन बान शान के साथ हमेशा खिलवाड़ किया है। आज आतंकवादियों को बिरयानी नहीं खिलाई जा रही है। बिरयानी खिलाने का शौक या तो कश्मीर के अंदर कांग्रेस को था या फिर बिरयानी खिलाने का शौक शाहीन बाग जैसी घटनाओं में केजरीवाल को है।

योगी ने कहा कि ये लोग नारे तो महिला सशक्तिकरण के लगाते थे, लेकिन इसी दिल्ली के अंदर नैना साहनी हत्याकांड भी होता था और तंदूर कांड भी होता था। 1952 में जब कांग्रेस ने छल कपट के चलते धारा 370 को देश के संविधान का हिस्सा बनाया था तो बाबा साहेब ने भी विरोध किया था। तब उन्होंने कहा था कि धारा 370 देश के अंदर विवाद का कारण बनेगी। योगी ने शाहीन बाग का जिक्र करते हुए लोगों से पूछा कि आप शाहीन बाग चाहते हो या दिल्ली की सुख समृद्धि। उन्होंने कहा मैं दिल्ली में यही समझाने आया हूं कि किस तरीके से मोदी सरकार ने और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने मिलकर राम मंदिर का रास्ता साफ कर दिया है। नागरिकता कानून को लेकर जिस तरीके से लोगों को भ्रमित किया जा रहा है, वह देश के लिए अच्छा संदेश नहीं है।दिल्ली में सियासी उठापटक के बीच शनिवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चुनाव प्रचार के लिए दिल्ली पहुंचे। दिल्ली में योगी ने करावल नगर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव प्रचार की शुरुआत की। इस दौरान तमाम मुद्दों पर केजरीवाल और आम आदमी पार्टी सरकार को घेरते हुए उन्होंने शाहीन बाग की भी चर्चा की और वहां डेढ़ महीने से प्रदर्शन पर बैठे लोगों पर निशाना साधा।

उन्होंने कहा कि शाहीन बाग का धरना नागरिकता कानून को लेकर नहीं है। ये धरना इस बात को लेकर है कि भारत दुनिया में एक ताकत के रूप में कैसे उभर रहा है। उनकी चिढ़ ये है कि इनके पूर्वजों ने भारत के टुकड़े कर दिए थे, लेकिन आज भारत एक भारत श्रेष्ठ भारत कैसे बन रहा है। इनके पूर्वजों ने भारत की आन बान शान के साथ हमेशा खिलवाड़ किया है। आज आतंकवादियों को बिरयानी नहीं खिलाई जा रही है। बिरयानी खिलाने का शौक या तो कश्मीर के अंदर कांग्रेस को था या फिर बिरयानी खिलाने का शौक शाहीन बाग जैसी घटनाओं में केजरीवाल को है।

योगी ने कहा कि ये लोग नारे तो महिला सशक्तिकरण के लगाते थे, लेकिन इसी दिल्ली के अंदर नैना साहनी हत्याकांड भी होता था और तंदूर कांड भी होता था। 1952 में जब कांग्रेस ने छल कपट के चलते धारा 370 को देश के संविधान का हिस्सा बनाया था तो बाबा साहेब ने भी विरोध किया था। तब उन्होंने कहा था कि धारा 370 देश के अंदर विवाद का कारण बनेगी। योगी ने शाहीन बाग का जिक्र करते हुए लोगों से पूछा कि आप शाहीन बाग चाहते हो या दिल्ली की सुख समृद्धि। उन्होंने कहा मैं दिल्ली में यही समझाने आया हूं कि किस तरीके से मोदी सरकार ने और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने मिलकर राम मंदिर का रास्ता साफ कर दिया है। नागरिकता कानून को लेकर जिस तरीके से लोगों को भ्रमित किया जा रहा है, वह देश के लिए अच्छा संदेश नहीं है।

 

01-02-2020
रोजगार के नए अवसरों का सृजन होगा: सरोज पाण्डेय

रायपुर। भाजपा की राष्ट्रीय महामंत्री व सांसद सरोज पाण्डेय ने केन्द्र सरकार के बजट का स्वागत करते हुए कहा कि यह बजट नए मैन्युफैक्चरिंग उत्पादों को प्रोत्साहन देकर रोजगार के नए अवसरों का सृजन करेगा। पाण्डेय ने महिलाओं व बेटियों के स्वास्थ्य व शिक्षा के साथ ही महिला सशक्तिकरण के लिए किए गए प्रावधानों से महिलाओं को शैक्षिक, सामाजिक व आर्थिक रूप से सम्मानजनक स्थान प्रदान करेगा। पाण्डेय ने रेलवे के विकास की नई पीपीपी मॉडल ट्रेनों के परिचालन के साथ ही रेलवे की खाली जमीन पर सोलर प्लांट लगाने को ऊर्जा संवर्धन के लिए उपयोगी कदम बताया है। 

 

29-01-2020
महिला सशक्तिकरण के लिए उन्हें रोजगार से जोड़ना जरूरी : गुरु रूद्रकुमार

रायपुर। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं ग्रामोद्योग मंत्री गुरु रूद्रकुमार ने बुधवार को अपने शासकीय आवास सतनाम सदन (धरोहर) में महिला हितग्राहियों को ई-रिक्शा वितरित किया। मंत्री गुरु रूद्रकुमार ने इस मौके पर कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार की मंशा अनुरूप महिला सशक्तिकरण के लिए अधिक से अधिक महिलाओं को रोजगारोंमुखी बनाया जा रहा है। मंत्री गुरु रूद्रकुमार ने शासन द्वारा संचालित योजना के तहत भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की चार महिला हितग्राहियों को ई-रिक्शा प्रदान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ महिलाओं को शासन की योजनाओं से लाभान्वित कर स्वरोजगार उपलब्ध करा कर उन्हें स्वावलंबी बना रही है। उन्होंने ई-रिक्शा की खूबियों को बताते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से यह महत्वपूर्ण है। साथ ही पर्यावरण संरक्षण के लिए लोगों में संदेश जाता है। मंत्री गुरु रूद्रकुमार ने इस मौके पर ई-रिक्शा को स्वयं भी चला कर देखा। इस अवसर महिला हितग्राहियों सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।

14-01-2020
बाल विवाह की रोकथाम के लिये कलेक्टर ने दिए निर्देश

छिन्दवाडा। कलेक्टर डॉ.श्रीनिवास शर्मा ने लाडो अभियान में बाल विवाह की रोकथाम के लिये जिले के सामूहिक विवाह कराने वाले आयोजकों को निर्देश दिये है। उन्होनें ने कीा कि जिला महिला सशक्तिकरण कार्यालय में यह शपथ पत्र प्रस्तुत करें कि वे अपने वैवाहिक आयोजनों में बाल विवाह नही कराएंगे। इसी प्रकार सभी धर्मगुरू, समाज के मुखिया, हलवाई, केटरर, बैंडवाला, घोड़ीवाला, ट्रांसपोर्ट, ब्यूटी पार्लर, संचालक मंगल भवन और अन्य संबंधितों से भी अनुरोध किया गया है कि वे बालक और बालिका के उम्र संबंधी प्रमाण पत्र प्राप्त कर परीक्षण के बाद ही सेवाएं प्रदाय करें । जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास ने बताया कि बाल विवाह अधिनियम   में प्रावधान किया गया है कि बाल विवाह किये जाने पर 2 वर्ष के कारवास, एक लाख रूपये का जुर्माना अथवा दोनो से दंडित किया जा सकता है।  

अरविंद वर्मा की रिपोर्ट

 

15-12-2019
भूपेश बघेल से मिले वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान ड्वेन ब्रावो, दी अपने प्रोजेक्ट की जानकारी

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से रविवार को वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान ड्वेन ब्रावो ने भेंट की। इस दौरान भूपेश बघेल ने ड्वेन ब्रावो को प्रतीक चिन्ह प्रदान किया। पूर्व कप्तान ब्रावो ने मुख्यमंत्री को क्रिकेट का बल्ला उपहार स्वरूप दिया। बता दें कि ड्वेन ब्रावो ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को बताया कि वे मेन टेक लीड प्रोजेक्ट के तहत पाटन और बस्तर क्षेत्र में महिला स्वसहायता समूहों को 20 मशीनें दान देना चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण के इस अभियान की सराहना करते हुए ब्रावो को इस पहल के लिए धन्यवाद दिया। बता दें कि ड्वेन ब्रावो डॉक्यूमेंट्री प्रोजेक्ट ‘मेन टेक लीड’ से जुड़े हैं। यह प्रोजेक्ट सीएसआर के तहत वैश्विक स्तर पर संचालित किया जा रहा है। इसमें वनांचलों में निवासरत महिलाओं में स्वच्छता व मासिक धर्म के दौरान स्वास्थ्य प्रबंधन के प्रति जागरूक करने का कार्य किया जा रहा है। प्रोजेक्ट में महिला स्वसहायता समूहों को सैनिटरी पैड बनाने वाली मशीनें प्रदान की जा रही हैं।

 

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