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25-08-2020
नीरव मोदी की पत्नी के खिलाफ मनी लांड्रिग मामले में रेड कॉर्नर नोटिस जारी

नई दिल्ली। इंटरपोल ने नीरव मोदी की पत्नी अमी मोदी के खिलाफ मनी लांड्रिग मामले में रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है। इंटरपोल ने ये नोटिस प्रवर्तन निदेशालय की पंजाब नेशनल बैंक के साथ 13,500 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले की जांच के बाद जारी किया है।बता दें कि भगौड़े नीरव मोदी की पत्नी अमी मोदी अमेरिका की नागरिक हैं। इस नोटिस के बाद अमी मोदी के प्रत्यर्पण की कार्रवाई शुरू हो जाएगी। ईडी के एक अधिकारी ने बताया, इंटरपोल ने अमी मोदी के खिलाफ ईडी की मनी लांड्रिग जांच के आधार पर रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है।इंटरपोल का नोटिस अंतरराष्ट्रीय अरेस्ट वारंट की तरह होता है। बता दें कि नीरव मोदी के खिलाफ पंजाब नेशनल बैंक से धोखाधड़ी के मामले में लंदन में प्रत्यर्पण का मुकदमा चल रहा है। वो लंदन की जेल में बंद है। भारत की कई एजेंसियों ने नीरव मोदी के खिलाफ कई मामले दर्ज किए हैं।

12-06-2020
सीबीआई ने 31 करोड़ के पीएनबी घोटाला मामले में कई जगहों पर छापे मारे

नईदिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो(सीबीआई) ने पंजाब नेशनल बैंक(पीएनबी) को 31 करोड़ रुपये की चपत लगाने के मामले में ओडिशा, आंध्रप्रदेश, पश्चिम बंगाल और जम्मू एवं कश्मीर में कई जगहों पर छापे मारे। सीबीआई के एक अधिकारी ने कहा कि एजेंसी ने इस मामले में विशाखापत्तनम, कोलकाता, जम्मू, भुवनेश्वर और कटक में तब के पीएनबी अधिकारी और निजी लोगों समेत आरोपी के ठिकानों पर छापे मारे  अधिकारी ने कहा कि तलाशी के दौरान दस्तावेज और लॉकर की चाबी बरामद हुई। एजेंसी ने इसके अलावा भुवनेश्वर स्थित ग्लोबल ट्रेडिंग सोल्यूशन लिमिटेड के आवासों और आधिकारिक परिसरों में छापे मारे। एजेंसी ने इसके प्रबंध निदेशक अविनाश मोहंती पूर्व निदेशकों कौशिक मोहंती और आयुष्मान सामांत्री और कंपनी के निदेशक बिद्धुभूषण नायक के आवास और ठिकानों पर छापे मारे। बैंक ने आरोप लगाए हैं कि भुवनेश्वर स्थित निजी कंपनी ने अवैध रूप से बैंक द्वारा प्राप्त राशि को अपनी अन्य या समूह की कंपनियों में स्थानांतरित कर दिया और इसका दुरुपयोग किया।

12-05-2020
बैंक प्रबंधन की गलती से जनधन का खाता बदल गया रोजगार गारंटी खाता में, जनधन योजना की राशि लेने भटक रहे हैं हितग्राही

महासमुन्द। भारत सरकार की जनधन योजना में अभी भी जिले के हजारों हितग्राही लाभ से वंचित है और अपने खाते में 5 सौ रुपए की राशि की जानकारी लेने के लिए बैंकों के चक्कर काट रहे है। सरकार की इस योजना में कुछ हितग्राहियों को दो-दो बार लाभ मिल चुका है वहीं कुछ हितग्राहियों के खाते में अब तक राशि नहीं पहुंची है। बैंक प्रबंधन भी यह जनकारी देने में अपने आप को अक्षम बता रहा है कि उनके खाते में राशि कब तक पहुंचेगी। गौरतलब है कि पंजाबी पारा वार्ड नम्बर 13 की रुबीना खान पति सिकन्दर खान ने महासमुन्द के पंजाब नेशनल बैंक में 9 बैलेंस पर दिसम्बर 14 में अपना खाता खुलवाया था। उन्होंने खाते खुलवाया तब उन्हें यह जानकारी मिली थी कि वह जो खाता खुलवाया है वह भारत सरकार की योजना जनधन के तहत खोला गया है। सारे दस्तावेज सहित उनका खाता खोल दिया गया। लॉक डाउन के बाद हितग्राही को यह जानकारी मिली की उनके जनधन खाते में शासन ने 5 सौ रुपए डाल दिए है। राशि की जानकारी समाचार पत्रों और सोशल मीडीया के माध्यम से उन्हें हुआ और वह अपनी 5 सौ रुपए की राशि निकालने पंजाब नेशनल बैंक पहुंचे तो उन्हें बैंक से जानकारी मिली की उनका खाता जनधन योजना में नहीं खोला गया है।

उनका खाता जनधन योजना के अलावा खुलने वाला खाता रोजगार गारंटी योजना में खाता खोल दिया गया है। रूबीना खान ने बैंक कर्मचारियों से पूछा की उनका खाता तो जनधन योजना के तहत खोला गया था अब वह रोजगार गारंटी योजना में कैसे चला गया। रूबीना शहरी क्षेत्र में निवास करती है और रोजगार गारंटी योजना में शहरी क्षेत्र के लोगों का खाता नहीं खोला जाता है चुंकि शहरी क्षेत्र में रोजगार गांरटी कोई काम नहीं चलता है। वहीं रोजगार गारंटी में खाता खुलवाने वालों के पास रोजगार गारंटी जाब कार्ड होता है, लेकिन बैंक ने बिना किसी प्रकार की खाताधारक के जानकारी के रोजगार गारंटी में खाता खोल दिया गया है। पंजाब नेशनल बैंक के कर्मचारी ने रूबीना खान से कहा कि आप आवेदन कर दीजिए आपका खाता जनधन योजना में परिवर्तित कर दिया जाएगा, लेकिन खाते में शासन द्वारा दी जानी वाली राशि आएगी यह वह नहीं बता सकते हैं।    रूबीना खान का कहना है कि बैंक की लापरवाही की वजह से वह शासन द्वारा दी जा रही राहत राशि से वंचित हो रही है। जब मैंने रोजगार गारंटी योजना में खाता खोला ही नहीं था तो बैंक ने बिना मेरी जानकारी के इस तरह की लापरवाही कैसे कर दी है।

रूबीना का कहना है कि मुझे मिलने वाली राहत राशि नहीं मिलने के लिए आखिर कौन जिम्मेदार है। हमारे जैसे गरीबों की अब कौन सुनेगा। सुत्रों से जानकारी अनुसार शहर के भीतर ऐसे हजारों की तादात में हितग्राही है जिन्हें जनधन योजना के तहत 5 सौ रुपए प्रतिमाह लॉक डाउन में मिलना है लेकिन बैंक प्रबंधन की लापरवाही से अभी तक हितग्राहियों के खाते में रकम नहीं आई है। पंजाब नेशनल बैंक के प्रबंधक विनय कुमार ने जानकारी देते हुए बताया है कि जनधन खाता 2014 में शुरू हुआ था उस वक्त सभी से नियमत: बैंकों ने खाता खुलवाया था और सारी जानकारी हेडआफिस को दे दिया गया था। अब किस खाते में राशि आएगी किस खाते में नहीं आएगी यह कुछ कहा नहीं जा सकता है। पंजाब नेशनल बैंक के जिले के सभी ब्रांचों में अभी तक 31043 हितग्राहियों को राशि आ चुकी है, जिसमें किसी किसी हितग्राही को दो बार राशि आ चुकी है। रूबीना खान का खाता भी जनधन योजना में भेजा जा रहा है।

 

 

29-04-2020
11 मई तक न्यायिक हिरासत में ही रहेगा नीरव मोदी, वीडियो लिंक से होगी सुनवाई

लंदन। हीरा कारोबारी नीरव मोदी को ब्रिटेन की एक अदालत ने मंगलवार को 11 मई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इसके बाद उसके मामले की पांच दिन वीडियो लिंक के जरिए सुनवाई की जाएगी। नीरव मोदी भारत में पंजाब नेशनल बैंक से दो अरब डालर (चौदह हजार करोड़ रुपये से अधिक) के कर्ज की धोखाधड़ी और मनी-लॉन्ड्रिंग के मामले में आरोपी है। साथ ही उसे भगोड़ा घोषित किया जा चुका है। वह अपने प्रत्यर्पण के आदेश के खिलाफ ब्रिटेन की अदालत में चुनौती दे रहा है। नीरव इस समय दक्षिण पश्चिम लंदन की एक जेल में है।. उसे मंगलवार को वीडियो लिंक के जरिए ही जेल से अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया।ब्रिटेन की अदालतों में इस समय कोराना वायरस संक्रमण के खतरे के कारण ऑनलाइन वीडियो संपर्क के माध्यम से ही पेशी हो रही हैं। नीरव के मामले में जिला जज सैमुअल गूजी ने पहले तो इस लॉकडाउन के दौर में प्रत्यर्पण मामले की सुनवाई कार्यक्रम के अनुसार अगले महीने किए जाने पर आपत्ति जताई। बाद में सभी पक्ष मान गए कि सुनवाई के संबंध में अदालत की सीवीपी यानी सामान्य दृश्य प्रणाली का परीक्षण सात मई को होगा। 

इसमें केवल वकील शामिल होंगे। उसके बाद 11 मई को अंतिम सुनवाई शुरू होगी।जज ने कहा कि कुछ जेलों के कैदियों को व्यक्तिगत रूप से पेश कराया जा रहा है। इस लिए मैं वांड्सवर्थ जेल को निर्देश देता हूं कि नीरव मोदी को सुनवाई के लिए 11 मई को पेश किया जाए। यदि व्यक्तिगत रूप से पेश किया जाना व्यवहारिक ना हो तो सुनवाई में उसे वीडियो लिंक के जरिए शामिल कराया जाए। आज सम्बद्ध पक्षों में सहमति हुई कि सुनवाई के समय अदालत कक्ष में सीमित संख्या में ही लोग रहेंगे। नीरव मोदी को भारत के हवाले किए जाने की अर्जी से संबंधित मामले में यह सुनवाई पांच दिन चलेगी। ब्रिटेन सरकार ने भारत की अर्जी पर कार्रवाई के लिए स्वीकृति प्रदान कर दी थी। यह मामला भारत की दो जांच एजेंसियों केंद्रीय जांच ब्यूरो और सतर्कता निदेशालय ने दायर किया है। आरोप है कि नीरव मोदी ने भारतीय बैंक के फर्जी सहमति-पत्र दिखा कर विदेशों में बैंकों से कर्ज लिए और उस धन की हेरा फेरी की।

 

22-02-2020
पंजाब नेशनल बैंक ने जब्त की दो प्लेन, हाईकोर्ट ने कहा जब्त करने का अधिकार नहीं  

रायपुर। बिलासपुर हाइकोर्ट ने कह दिया है कि छत्तीसगढ़ एविएशन एकेडमी के विमान पंजाब नेशनल बैंक को ज़ब्त करने का अधिकार नहीं है। बता दें कि छत्तीसगढ़ एशियन एकेडमी ने पंजाब नेशनल बैंक से लोन लेकर दो प्लेन खरीदे थे। लोन की राशि का भुगतान नहीं करने पर बैंक ने प्लेन को ही जब्त कर लिया। इस मामले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद कोर्ट के नियमों के तहत पाया कि बैंकों को प्लेन जब्त करने का किसी प्रकार का कोई अधिकार नहीं है। लोन के लिए दूसरी कानूनी प्रक्रिया को अपनाया जाना चाहिए। कोर्ट ने बैंक को फिर से कानूनी प्रक्रिया करने का निर्देश दिया है। मामले की सुनवाई जस्टिस पी.सैम कोशी की बेंच में हुई। 

छत्तीसगढ़ एविएशन एकेडमी और चेयरमैन कैप्टन सिद्धार्थ शुक्ला ने हाईकोर्ट में अधिवक्ता बीपी शर्मा के जरिए याचिका दायर कर बताया कि पंजाब नेशनल बैंक से लोन लेकर दो प्लेन खरीदे थे। खरीदी गई प्लेन राज्य की तत्कालीन सरकार के साथ चलाने के लिए और स्थानीय लोगों को जरूरत होने पर भेजी जाती है। भिलाई स्टील प्लांट के नंदिनी हवाई अड्डे पर प्लेन रखने के लिए लगे हैंगर भी है। याचिकाकर्ता, बीएसपी और राज्य शासन के बीच तालमेल नहीं बैठा पाने से हवाई सुविधा शुरू नहीं हो पाई। इस कारण प्लेन का उड़ान संभव नहीं हो पाया और लोन भी नहीं पट पाया। लोन की रकम नहीं दे पाने के कारण बैंक ने प्लेन जब्त कर लिया। लेकिन प्लेन जब्त नहीं किया जा सकता है, नियमत: यह गलत है। 

14-02-2020
धोखाधड़ी के मामले में पहले स्थान पर एसबीआई बैंक, दूसरे नंबर है पंजाब नेशनल बैंक

नई दिल्ली। वित्त वर्ष की पहली तीन तिमाही नौ महीने में 18 सरकारी बैंकों से 1.17 लाख करोड़ रुपये की धोखाधड़ी सामने आई है। यह धोखाधड़ी 8,926 मामलों में की गई है। धोखाधड़ी का सबसे ज्यादा शिकार देश का सबसे बड़ा कर्जदाता बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया हुआ है। आरटीआई कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौर को सूचना के अधिकार के तहत रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से यह जानकारी मिली है। बताया कि दिसंबर 19 तक नौ महीने के दौरान 30,300 करोड़ के धोखाधड़ी के 4,769 मामले एसबीआई ने दर्ज कराए। सरकारी बैंकों में 1.17 लाख करोड़ की धोखाधड़ी के मामलों का यह 26 फीसदी है। पंजाब नेशनल बैंक को 294 मामलों में 14,928.62 करोड़ का चूना लगा। नुकसान में वह एसबीआई के बाद दूसरे नंबर पर रहा है।

वहीं दूसरी ओर बैंक ऑफ बड़ौदा में 250 मामलों में 11,166.19 करोड़ की धोखाधड़ी सामने आई। इलाहाबाद बैंक ने 860 मामले दर्ज कराए, जिसमें 6,781.57 करोड़ की धोखाधड़ी सामने आई। बैंक ऑफ इंडिया के 161 मामलों में 6,626.12 करोड़, यूनियन बैंक के 292 मामलों में 5,604.55 करोड़ का चूना लगा। ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स ने 282 मामले दर्ज कराए, जिससे 4,899.27 करोड़ की धोखाधड़ी हुई। केनरा बैंक, सिंडिकेट बैंक, कॉरपोरेशन बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, यूको बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, आंध्र बैंक, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक और पंजाब व सिंध बैंक में 1,867 मामले सामने आए, जिसमें कुल 31,600.76 करोड़ की धोखाधड़ी सामने आई।

31-01-2020
पीएनबी धोखाधड़ी मामला: 27 फरवरी तक बढ़ी नीरव मोदी की हिरासत

लंदन। भगोड़ा हीरा कारोबारी नीरव मोदी गुरुवार को अपनी लंदन जेल से वीडियो लिंक के जरिए ब्रिटिश अदालत में पेश हुआ और उसकी हिरासत 27 फरवरी तक के लिए बढ़ा दी गई। नीरव मोदी 13,500 करोड़ रुपये के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) धोखाधड़ी मामले में भारत में वांछित है। बता दें कि नीरव मोदी को 19 मार्च को होलबोर्न से गिरफ्तार किया गया और इसके बाद से वह प्रत्यर्पण मामले की लड़ाई लड़ रहा है। वेस्ट मिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट ने कारोबारी से कहा कि उसका मामला 11 मई को अंतिम सुनवाई के निर्देश के मद्देनजर आगे बढ़ रहा है। इस कोर्ट की अध्यक्षता न्यायाधीश डेविड रॉबिन्सन ने की। नीरव मोदी को विशेष पीएमएलए अदालत ने बीते साल पांच दिसंबर को ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी’ घोषित किया था। पीएनबी द्वारा कथित तौर 13,500 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाए जाने के बाद नीरव मोदी और गीतांजली समूह के मेहुल चोकसी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय और केंद्रीय जांच ब्यूरो जांच कर रही हैं।

 

12-12-2019
ईडी के छापे का दायरा बढ़ा, आ सकते हैं बड़े मगरमच्छ चपेट में...

रायपुर। ईडी के छापे की जद में छत्तीसगढ़ के तीन अन्य लोगों के समाने आने की खबर आ रही है। बता दें कि बुधवार को फर्जी बैंक लोन मामले में ईडी ने रायपुर के 5 लोगों के यहां छापामार कार्यवाही की थी। इसमें एक होटल व्यवसायी, रियल स्टेट, आर्किटेक्ट, उद्योगपति शामिल है। इसके अलावा 3 अन्य व्यापारियों तक जांच पहुंच गई है। मामला पंजाब नेशनल बैंक से फर्जीवाड़ा कर उठाए गए 350 करोड़ के लोन से संबंधित बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार ईडी के छापेमारी की कार्यवाही ने अब विस्तृत रूप ले लिया है। छापेमारी की आंच मध्यप्रदेश पर भी पड़ सकती है। सूत्र की माने तो ईडी की छापेमार कार्यवाही की जद में प्रदेश के तीन अन्य लोग भी आ गए हैं। सूत्रों के अनुसार इनमें दो जमीन दलाल और तीसरा उद्योगपति होने की संभावना है।

सूत्रों के अनुसार ईडी की इस कार्यवाही में हवाला कारोबार व विदेशों में व्यापारिक उद्यमों तथा विदेशी निवेशों का भी खुलासा हुआ है। कहा ये भी जा रहा है कि जल्द ही इन कारोबारों के अन्य सहभागियों व व्यवसायिक साथियों पर भी कार्यवाही हो सकती है। सूत्रों अनुसार विगत कुछ समय से इन 8 लोगों के फोन वार्तालापों तथा संदेशों पर भी बारीक निगाह रखी गई थी, जिनके आधार पर अन्य कई कार्यवाहियां संभव लग रही हैं। सूत्र बता रहे हैं कि इनमें प्रदेश के कई राजनेताओं की मुसीबतें भी बढ़ सकती हैं, जहां खासकर निवर्तमान सरकार के रसूखदार हो सकते हैं। 

 

10-12-2019
करोड़ों की जमीन की हेराफेरी के आरोपी कलश के निवास गई पुलिस बैरंग लौटी

रायपुर। रायपुर वीआईपी रोड धरमपुरा की करोड़ों रुपए की जमीन की हेराफेरी के आरोपी प्रकाश कलश की आरोपी पत्नी कंचन कलश की गिरफ्तारी के लिए वीआईपी रोड स्थित उनके निवास गई पुलिस बैरंग लौट आई है। सिविल लाइंस पुलिस के टीआई बेनर्जी के नेतृत्व में सिविल लाइंस पुलिस ने मंगलवार को प्रकाश कलश के मकान पर दबिश दी। प्रकाश कलश ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दायर कर रखी है और उस पर फैसला आना बाकी है। इसलिए पुलिस प्रकाश कलश की तलाश नहीं कर रही है लेकिन इसी मामले आरोपी कंचन कलश को जमानत नहीं मिली है इसलिए उसकी तलाश कर रही है। 
पुलिस ने छापामारी के दौरान पाया के प्रकाश कलश और कंचन कलश दोनों ही घर पर नहीं है। पुलिस ने काफी दिनों बाद दोनों की गिरफ्तारी के लिए बड़ी कार्रवाई की। सालों पुराने इस मामले में प्रकाश कलश जमानत का फायदा उठाकर बचता आया है। यहां यह बताना गैर जरूरी नहीं होगा कि प्रकाश कलश, कंचन कलश व विक्रम राणा के खिलाफ सीजी रियल एस्टेट ने जमीन की धोखाधड़ी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पंजाब नेशनल बैंक में बंधक जमीन को करोड़ों रुपए में आरोपियों ने सीजी रियल स्टेट कंपनी को बेच दिया था। और जब पंजाब नेशनल बैंक ने उस जमीन की नीलामी के लिए विज्ञापन निकाला तो सारे मामले का भंडाफोड़ हुआ था। उसके बाद सीजी रियल एस्टेट वालों ने प्रकाश कलश के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई थी। इस पर सालों बाद गिरफ्तारी के लिए अब पहल हो रही है। बहरहाल पुलिस की इस पहल को साहसिक कदम बताया जा रहा है क्योंकि प्रकाश कलश काफी रसूख वाला बताया जाता है। पुलिस की इस पहल को पुलिस का मनोबल बढ़ाने वाला कदम भी बताया जा रहा है। 
 

05-12-2019
नीरव मोदी को स्पेशल कोर्ट ने किया भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित

नई दिल्ली। विशेष पीएमएलए (धन शोधन निवारण अधिनियम) कोर्ट ने गुरुवार को अरबपति हीरा कारोबारी नीरव मोदी को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया। नीरव 2017 में पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में हुई 13,500 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के प्रमुख आरोपियों में शामिल है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के विशेष अधिवक्ता हितेन वेनेगांवकर ने कहा, “इसके साथ ही विजय माल्या के बाद भगोड़ा आर्थिक अपराध अधिनियम (एफईओए) के अंतर्गत भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित होने वाला वह दूसरा अभियुक्त बन गया है।” इस महत्वपूर्ण आदेश से एक दिन पहले उसके मामा और पीएनबी घोटाले के सह आरोपी मेहुल चोकसी को भी बंबई हाईकोर्ट ने झटका देते हुए विशेष पीएमएलए कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाने की याचिका खारिज कर दी थी। पीएमएलए कोर्ट में ईडी उसे भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने की मांग कर रही है। शराब व्यापारी और किंगफिशर एयरलाइंस के पूर्व प्रमुख माल्या को इसी साल जनवरी में मुंबई स्थित विशेष अदालत ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया था। नीरव मोदी को यह झटका लगने से एक दिन पहले विशेष पीएमएलए न्यायाधीश वीसी बार्डे ने कहा कि “सीआरपीसी की धारा 82 के अंतर्गत परिकल्पित घोषणा जारी की जाएगी, क्योंकि वारंट की कार्रवाई से खुद को बचाने के लिए आरोपी फरार हो गए।”

नीरव मोदी के अलावा उसका भाई निशाल मोदी और एक साथी सुभाष परब को भी 15 जनवरी तक विशेष अदालत में पेश होने का आदेश दिया गया है। सीबीआई ने तीनों को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने के लिए अगस्त में एक याचिका दायर की थी। अगर शेष दो भी विशेष अदालत के समनों का पालन नहीं कर पाते हैं तो उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया जाएगा और सीबीआई एफईओए के अंतर्गत उनकी सभी संपत्तियों की जब्ती की कार्यवाही शुरू कर सकती है। इसी साल मार्च में लंदन में गिरफ्तार हुआ नीरव फिलहाल लंदन स्थित जेल में न्यायिक हिरासत में है। लेकिन अन्य दो आरोपी फिलहाल फरार चल रहे हैं। हालांकि तीनों आरोपियों (नीरव, निशाल और परब) के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए जा चुके हैं। भारत फिलहाल नीरव को इंग्लैंड से और उसके मामा मेहुल को एंटीगुआ और बारबुडा से प्रत्यर्पित करने का प्रयास कर रहा है। मेहुल अब एंटीगुआ और बारबुडा का नागरिक है।

01-12-2019
क्यों डर रही है रायपुर पुलिस करोड़ों की हेराफेरी करने वालों को गिरफ्तार करने से ? ऐसे में कैसे न्याय मिलेगा ?

रायपुर। करोड़ों रूपए की हेराफेरी के आरोपी प्रकाश कलश, कंचन कलश, विक्रम राणा को रायपुर पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पा रही है जबकि उनकी अग्रिम जमानत याचिका हाईकोर्ट में खारिज हो चुकी है। प्रकाश कलश खुले आम घूम रहा है मगर मजाल है रायपुर पुलिस उसे पकड़ सके। उसके इस तरह आज़ाद घूमने से अब राजधानी की पुलिस की भूमिका पर सवाल भी उठने लगे है। मामला धरमपुरा एयरपोर्ट रोड़ की लगभग 60 हज़ार फीट ज़मीन का है,जिसे प्रकाश कलश की पत्नी कंचन कलश ने अपने भाई विक्रम राणा और पूनम राजपूत की भागीदारी की कम्पनी मेसर्स वर्धमान इंफ्रास्ट्रक्चर की पावर ऑफ अटॉर्नी के आधार पर मेसर्स सीजी रियल एस्टेट कम्पनी व शरद गोयल को बेची। इस जमीन के खरीददारों का कंचन कलश के पति प्रकाश कलश से पुरानी पहचान थी। प्रकाश ने जमीन को पाक साफ बताकर उस जमीन का सौदा किया और अपनी पत्नी कंचन कलश से रजिस्ट्री करा दी।

खरीदी के काफी समय बाद सन 2015 में पंजाब नेशनल बैंक के एक विज्ञापन से शरद गोयल व सीजी रियल एस्टेट कम्पनी को पता चला कि उक्त ज़मीन बैंक में बंधक है। इस बात का पता चलते ही दोनों खरीददारों ने प्रकाश कलश व कंचन कलश से चर्चा की व फिर पुलिस में शिकायत की,जिसके आधार पर एफआईआर दर्ज की गई। तब से लेकर आज तक इस मामले पुलिस एक भी गिरफ्तारी करने में सफल नहीं हुई है और पुलिस की लापरवाही का फायदा उठा कर प्रकाश कलश जमानत याचिका लगाने में तो सफल रहा परंतु उच्च न्यायालय में जमानत नहीं मिली। मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा,जहां 18/10/2019 को प्रकाश कलश की अग्रिम जमानत याचिका खारिज हो गई। हाईकोर्ट में जमानत याचिका खारिज होने के बावजूद पुलिस ने करोडों रुपए की धोखाधड़ी के आरोपी की गिरफ्तारी में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई,जिससे ये चर्चा आम हो गई है दाल में कुछ काला तो है और ये भी सवाल उठ रहा है छोटे मोटे मामले में तत्काल गिरफ्तार करने वाली पुलिस इस मामले में क्यों ख़ामोश बैठी है? आखिर पुलिस को उसे गिरफ्तार करने में समस्या क्या है? क्या पुलिस उससे डरती है?

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