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21-10-2020
अग्रगमन ने खोली सफलता की राह, नीट में मिली रंजीता को कामयाबी

कोरबा। जिला प्रशासन गरीब, मेधावी बच्चों के डाक्टर-इंजीनियर बनने के सपने को साकार कर रहा है। जिला प्रशासन द्वारा संचालित अग्रगमन कोचिंग योजना में इस वर्ष नीट परीक्षा की तैयारी करने वाली बैच में रंजीता बिंझवार ने पहला स्थान हासिल किया है। देश की सर्वोच्च मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट को रंजीता ने 385 अंकों के साथ क्वालीफाई किया है। रंजीता डाॅक्टर बनकर समाज और देश की सेवा करना चाहती है। नीट क्वालीफाई होने के बाद रंजीता ने अपनी सफलता का श्रेय जिला प्रशासन की अग्रगमन कोचिंग को दिया है। उन्होंने कहा कि अग्रगमन में रहकर पढ़ाई करने से ही मुझे कामयाबी मिल पाई। रंजीता ने बताया कि गांव के बच्चों के लिए उच्च स्तर के परीक्षा की तैयारी करना चुनौती भरा और कठिन रहता है। अग्रगमन के शिक्षकों द्वारा दी गई सही शिक्षा और लगातार पढ़ाई की बदौलत नीट परीक्षा क्वालीफाई होने में सफलता मिली। रंजीता ने बताया कि अग्रगमन में मुफ्त में रहने, खाने-पीने के साथ पढ़ाई का अच्छा माहौल भी प्रदान किया जाता हे। रंजीता ने अग्रगमन के शिक्षकों द्वारा लगातार विद्यार्थियों को परीक्षा के लिए प्रोत्साहित करने का भी नीट परीक्षा में कामयाबी का कारण बताया।विकासखंड कटघोरा के ग्राम मनगांव निवासी नीट परीक्षा में अग्रगमन से 28 क्वालीफाईड बच्चों में पहला स्थान प्राप्त करने वाली रंजीता बिंझवार ने बताया कि उनकी तीन बहन और दो भाई हैं। रंजीता के पिताजी एसईसीएल छुराकछार में कार्यरत हैं तथा उनकी मां गृहणी है। स्कूली कक्षाओं में अव्वल रहने वाली रंजीता ने कक्षा दसवीं में 88 प्रतिशत और कक्षा 12 वीं में 81 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण की है।

कक्षा दसवी पास करने के बाद रंजीता को जिला प्रशासन के अग्रगमन कोचिंग योजना के बारे में शिक्षकों से जानकारी प्राप्त हुई। रंजीता बताती है कि अग्रगमन में चयन होने से बड़े कोचिंग संस्थानों के महंगे फीस और रहने खाने की चिंता दूर हो गई। रंजीता ने बताया कि अग्रगमन में पढ़ाई का अच्छा माहौल और शिक्षकों द्वारा लगातार प्रोत्साहित करने के साथ खुद 10-11 घंटों की पढ़ाई के बदौलत नीट परीक्षा में कामयाबी मिल पाई। डाक्टर-इंजीनियर बनने के सपने के बीच गरीबी, आर्थिक स्थिति, पढ़ाई के संसाधन तथा पढ़ाई का उच्चतम माहौल आड़े आती है। अग्रगमन जिले के बच्चों के लिए मेडिकल-इंजीनियर की तैयारी के लिए बहुत ही अच्छा जरिया है। कोरबा जिला प्रशासन ऐसे गरीब, मेधावी बच्चों को इंजीनियर-डाक्टर बनाने के लिए सफलता की राह दिखा रहा है। अग्रगमन में दसवीं पास मेधावी विद्यार्थियों को रखकर मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करवाई जा रही है। अग्रगमन में मुफ्त में रहने, खाने-पीने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाती है। अग्रगमन में विषयवार शिक्षकों द्वारा प्रवेश परीक्षा की पूरी तैयारी करवाई जाती है। इस वर्ष नीट परीक्षा में अग्रगमन के 28 क्वालीफाइड बच्चों में पहला स्थान प्राप्त करने वाली रंजीता जिला प्रशासन द्वारा प्रदान की जाने वाली पढ़ाई की सुविधा से बेहद खुश है। उन्होंने नीट परीक्षा पास करने में अग्रगमन के शिक्षकों का बहुत बड़ा योगदान बताया। रंजीता कहती है कि अग्रगमन के शिक्षकों द्वारा विशेष रूप से तैयारी करवाने, लगातार लिये गये टेस्ट, नीट परीक्षा के लिए प्रश्न हल करने के तरीके, समय प्रबंधन के बताये गुर के कारण ही नीट जैसे अखिल भारतीय स्तर के परीक्षा को पास करने में सफलता हासिल कर पाई।

 

17-10-2020
नीट में छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों के शानदार प्रदर्शन पर भूपेश बघेल खुश,की सभी को सुनहरे भविष्य की कामना

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अखिल भारतीय स्तर पर चिकित्सा स्नातक में राष्ट्रीय पात्रता व प्रवेश परीक्षा (नीट) में विद्यार्थियों के शानदार प्रदर्शन पर प्रसन्नता जताई है। उन्होंने इस परीक्षा में सफल रहे विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें बधाई एव शुभकामनाएं दी हैं। नीट परीक्षा में प्रयास आवासीय विद्यालयों के 166 विद्यार्थियों में सफलता प्राप्त की है। चिकित्सा स्नातक में राष्ट्रीय पात्रता एवं प्रवेश परीक्षा (नीट) का परिणाम 16 अक्टूबर को जारी हुआ। आदिम जाति कल्याण मंत्री डॉ.प्रेमसाय सिंह टेकाम, विभाग के सचिव डीडी सिंह और संचालक शम्मी आबिदी ने सभी सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी।

उल्लेखनीय है कि चिकित्सा स्नातक में राष्ट्रीय पात्रता एवं प्रवेश परीक्षा (नीट) में 367 विद्यार्थी शामिल हुए, इनमें से 166 विद्यार्थी सफल हुए हैं। सफल विद्यार्थियों में सर्वाधिक 38 बालिकाएं प्रयास कन्या आवासीय विद्यालय रायपुर की हैं। इसके अलावा प्रयास आवासीय विद्यालय दुर्ग के 33, प्रयास आवासीय विद्यालय बस्तर के 26, प्रयास आवासीय विद्यालय बिलासपुर के 24, प्रयास बालक आवासीय विद्यालय रायपुर के 19, प्रयास आवासीय विद्यालय अंबिकापुर के 17 और प्रयास आवासीय विद्यालय कांकेर के 9 विद्यार्थी परीक्षा में सफल हुए हैं।

29-09-2020
कलेक्टर ने किया उच्च श्रेणी शिक्षक को निलंबित

धमतरी। कलेक्टर जयप्रकाश मौर्य ने स्थानीय शिवसिंह वर्मा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय धमतरी के उच्च श्रेणी शिक्षक एवं संकुल समन्वयक शाला क्रमांक-01 राजेश मनवानी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। दरअसल एक से छः सितंबर तक राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित प्रवेश परीक्षा वर्ष 2020 के तहत जेईई (मेन्स) और 13 सितंबर को नीट परीक्षा के लिए धमतरी जिले के विद्यार्थियों को रायपुर एवं भिलाई के परीक्षा केन्द्रों में सुरक्षित पहुंचाने तथा वापस लाने के नोडल अधिकारी का दायित्व उक्त उच्च श्रेणी शिक्षक को सौंपा गया था।

किन्तु उन्होंने निर्देशों की अवहेलना करते हुए केवल दो सितम्बर को ही उपस्थित हुए। इसके अलावा उनके द्वारा अपने कर्तव्यरत शिक्षकों को कोरोना काल में ड्यूटी नहीं करने संबंधी जिला प्रशासन एवं जिला शिक्षा विभाग के विषय में प्रतिकूल टिप्पणी की गई। इसके मद्देनजर कलेक्टर ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 की धारा-10 के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। बताया गया है कि निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी तथा निलंबन मुख्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय धमतरी होगा।

 

18-09-2020
न इंटरनेट न फोर जी नेटवर्क, साधारण मोबाइल फोन से बच्चों को पढ़ा रही है रेकी गांव की सरकारी स्कूल की टीचर इंदू डहरिया

रायपुर/कोरबा। बिना इंटरनेट बिना फोर जी नेटवर्क केवल फोन काॅल से ही बच्चों को पढ़ाई से जोड़ कर रख रही हरदीबाजार संकुल के रैकी की शासकीय माध्यमिक शाला की शिक्षिका इंदू डहरिया। इंदू डहरिया केवल सामान्य फोन काॅल से ही कई किलोेमीटर दूर बैठकर भी रोज विद्यार्थियों को पढ़ा रही हैं। शासकीय मिडिल स्कूल रैकी की शिक्षिका इंदू डहरिया जब बच्चों को अपने मोबाइल काॅल से सूर्य, ग्रह, आकाशगंगा का पाठ समझा रही थी, तभी स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डाॅ. आलोक शुक्ला जिला कलेक्टर किरण कौशल के साथ रैकी पहुंच गये। उन्होंने पहले तो बिना कुछ कहे चुपचाप बैठकर सिस्टम समझा पर, जब जिज्ञासा शांत नहीं हुई तो, समन्वयक सेवनलाल राठौर को बुलाकर जानकारी ली।

डाॅ. शुक्ला ने पूछा कि ना तो वीडियो काॅल है, ना यहां कोई प्रोजेक्टर लगा है, पर फिर भी इतने बेहतरीन तरीके से यहां पढ़ाई कैसे हो रही है? प्रमुख सचिव को संकुल समन्वयक  सेवनलाल ने बताया कि सामान्य मोबाइल वाॅइस काॅल से शिक्षिका इंदू डहरिया उरगा में बैठकर मिडिल स्कूल रैकी में बैठे बच्चों को पढ़ा रहीं हैं। डीईओ सतीश पाण्डेय ने बताया कि इस स्पीकर सिस्टम को किसी भी स्कूल कर्मी या छात्र के परिजन के मोबाइल से जोड़कर रखा जाता है। शिक्षिका की ओर से तय समय पर स्कूल परिसर में विद्यार्थियों को बुलाकर कोविड-19 प्रोटोकाॅल का पालन करते हुये मास्क लगाकर व सोशल डिस्टेेंसिंग से बैठाया जाता है। शिक्षिका दिये गये नम्बर पर सामान्य वाॅइस काॅल करती है और काॅल कनेक्ट होने पर स्पीकर से उनकी तेज आवाज निकलती है। सभी बच्चे शिक्षिका द्वारा इस प्रकार पढ़ाये जा रहे पाठ को सुनते हैं तथा अपनी जिज्ञासा शांत करने के लिये प्रश्न भी पूछ लेते हैं। यह पढ़ाई सामान्य मोबाइल वाॅइस काॅल से होती है। इसीलिये स्मार्ट फोन या वीडियो काॅल की जरूरत नहीं होती और शिक्षिका-छात्रों का संवाद आपस में सामान्य काॅल की तरह होता है। इस पूरे सिस्टम को देखकर प्रमुख सचिव डाॅ. आलोक शुक्ला अचंभित रह गये। उन्होंने इस नवाचार के लिये डीईओ सतीश पाण्डेय सहित पूरे शिक्षा विभाग की प्रशंसा की।

डाॅ. शुक्ला ने किया मोहल्ला क्लासेस का निरीक्षण- डाॅ. शुक्ला ने आज अपने कोरबा प्रवास के दौरान कोरोना काल मेें बच्चों की पढ़ाई के लिये चलाई जा रही मोहल्ला क्लासेस का निरीक्षण व अवलोकन किया। उन्होंने हरदीबाजार संकुल के सुवामोड़ी की प्राथमिक शाला, रैकी की माध्यमिक शाला तथा नुनेरा संकुल की बांधाखार पूर्व माध्यमिक शाला की मोहल्ला क्लासेस का निरीक्षण किया। डाॅ. शुक्ला ने इन कक्षाओं में विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों से किताबों में लिखे पाठ पढ़वाकर उनके अक्षर ज्ञान को परखा। प्रमुख सचिव ने बच्चों से गिनती, जोड़-घटाना, गुणा-भाग आदि के सवाल भी किये। डाॅ. शुक्ला ने बच्चों को चित्रों, माॅडलों, कहानियों के माध्यम से पढ़ाने के सरल-सुगम तरीकों की तारीफ की और इस कोरोना महामारी के दौरान बच्चों को सावधानी पूर्वक पढ़ाने पर शिक्षकों की हौसला अफजाई भी की। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ कुंदन कुमार, नगर निगम के आयुक्त एस. जयवर्धन और जिला शिक्षाधिकारी सतीश पाण्डेय मौजूद रहे।

12-09-2020
प्रयास और एकलव्य के विद्यार्थियों का जेईई मेंस प्रवेश परीक्षा में शानदार प्रदर्शन,मंत्री डॉ. टेकाम ने दी बधाई

रायपुर। आदिम जाति कल्याण विभाग की ओर से प्रदेश में संचालित प्रयास आवासीय और एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के विद्यार्थियों ने आईआईटी, एनआईटी और केन्द्र सरकार से वित्त पोषित इंजीनियरिंग संस्थाओं में प्रवेश के लिए प्रतिष्ठित जेईई मेन्स परीक्षा के शुक्रवार को घोषित परिणामों में शानदान प्रदर्शन किया है। गत वर्ष सफलता का प्रतिशत 48.6 था, जो इस वर्ष बढ़कर 49.7 प्रतिशत हो गया है। मंत्री आदिम जाति कल्याण विभाग डॉ.प्रेमसाय सिंह टेकाम ने सभी सफल विद्यार्थियों को बधाई दी है। उज्जवल भविष्य की कामना की है।इस वर्ष जेईई मेन्स परीक्षा में प्रयास आवासीय विद्यालयों के कुल 316 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए, जिनमें से 157 सफल हुए हैं। इनमें सर्वाधिक 67 विद्यार्थी प्रयास आवासीय बालक विद्यालय रायपुर के हैं। इसके अलावा प्रयास कन्या आवासीय विद्यालय रायपुर की 25 छात्राएं, प्रयास आवासीय विद्यालय दुर्ग के 29 छात्र, प्रयास अंबिकापुर के 14 छात्र, प्रयास जगदलपुर के 10 छात्र, प्रयास बिलासपुर के 8 छात्र और प्रयास कांकेर के 4 छात्र सफल हुए हैं।इसी प्रकार एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के कुल 117 छात्र परीक्षा में शामिल हुए, जिसमें से 53 छात्र सफल हुए हैं।

इनमें जशपुर जिले के सन्ना से 8, दंतेवाड़ा-कटेकल्याण से 3, सूरजपुर के शिवप्रसाद नगर से 7, सरगुजा के मैनपाट से एक, रायगढ़ के छोटेमुड़पार से 2, जगदलपुर के करपावण्ड से 7, कबीरधाम के तरेगांव से 2, राजनांदगांव के पेण्ड्री से 7, कांकेर के अंतागढ़ से 4, कोरिया के पोड़िडीह से 5, कोरबा के छुरीकला से 4 और बीजापुर जिले के भैरमगढ़ से 3 विद्यार्थी सफल हुए है। अब ये छात्र 27 सितम्बर को होने वाली जेईई-एडवांस परीक्षा में बैठ सकेंगे। इस परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले छात्रों को आईआईटी में प्रवेश मिलेगा। पिछले शैक्षणिक सत्र 2018-19 में परीक्षा में शामिल 112 विद्यार्थियों में से मात्र 29 विद्यार्थी ही सफल हुए थे। इस वर्ष की परीक्षा में विद्यार्थियों को गत वर्ष की तुलना में लगभग दोगुनी सफलता प्राप्त हुई है।उल्लेखनीय है कि प्रयास आवासीय विद्यालयों के अब तक 52 विद्यार्थी आईआईटी/समकक्ष में, 173 विद्यार्थी एनआईटी/ट्रिपल आईटी/समकक्ष, 35 विद्यार्थी मेडिकल कालेजों में और 695 विद्यार्थी विभिन्न इंजीनियरिंग कालेजों में प्रवेशित हो चुके हैं। जो कि विभाग द्वारा इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सार्थकता को सिद्ध करता है।

 

11-09-2020
एनएसयूआई ने स्टेशनरी और बुक दुकानों को खोलने की मांग को लेकर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन 

कवर्धा। एनएसयूआई ने जिले में होने वाली ऑनलाइन परीक्षा में विद्यार्थियों के लिए उत्तर पुस्तिका लेने में हो र​ही असुविधा के कारण बुक डिपो, फोटोकॉपी दुकानों को खुलवाने के​ लिए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। जिला उपाध्यक्ष शितेष चंद्रवंशी के नेतृत्व में कबीरधाम जिला एनएसयूआई एवं कॉलेज के छात्र-छात्राएं कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। विद्यार्थियों ने जिलाधीश को ऑनलाइन परीक्षा के संबंध में छात्र-छात्राओं को होने वाली असुविधा के लिए ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में परीक्षा लिखने हेतु उत्तर पुस्तिका उपलब्ध कराने एवं फोटोकॉपी साथ में ऑनलाइन जानकारी प्राप्त करने हेतु आवश्यक संस्थान जैसे बुक डिपो, फोटोकॉपी दुकान, स्टेशनरी खुलवाने ​की बात कही गई है। इसमें जिला सचिव सोनू कौशिक, जय प्रकाश कौशिक, नरेंद्र कौशिक, गणेश यादव, अरुण साहू, सौरभ दुबे, रोशन चौबे, थान सिंह राजपूत सहित एनएसयूआई के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

31-08-2020
 परीक्षार्थियों के लिए होगी आवास की व्यवस्था, कलेक्टर ने अधिकारियों को सौंपी जिम्मेदारी 

रायपुर। कलेक्टर डॉ. एस. भारतीदासन ने परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों के लिए वर्तमान में कोविड -19 संक्रमण की स्थिति में परिवहन व बस संचालन के साथ आवास व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि, राष्ट्रीय स्तर के प्रवेश परीक्षा जेईई  1  से 6 सितंबर तक सुबह 7:00 बजे से 10:00 बजे तक  और द्वितीय पाली में दोपहर 12:00 से 6:00 बजे तक होग। इसमें शामिल होने आने परिक्षार्थियो के लिए वाहन और आवास के लिए व्यवस्था की गई है। परीक्षार्थियों को परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए उनके रात्रि में ठहरने के लिए आवास के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। छात्रों के लिए आवास व्यवस्था के लिए जीवनलाल टंडन अधीक्षक आदिम जाति कल्याण विभाग छात्रावास, आदिवासी विकास विभाग रायपुर परिसर डीडी. नगर रायपुर 99770 81415, छगन लाल भारती आदिम जाति कल्याण विभाग छात्रावास विकास विभाग 90098-17345, आदिम जाति कल्याण विभाग, छात्रावास रविशंकर विश्वविद्यालय परिसर रायपुर, पति असगर अधीक्षक आदिवासी विकास विभाग रायपुर 96858-61204 ,आदिम जाति कल्याण विभाग छात्रावास पेंशन बाड़ा परिसर रायपुर में व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई है। 
इसी तरह बालिकाओं की आवास व्यवस्था के लिए मंजूलता तिवारी अधीक्षक आदिवासी विकास विभाग रायपुर 62619-05007,  आदिम जाति कल्याण विभाग  छात्रावास बालिका,प्रयास हास्टल गुढ़ियारी, सुकदेवे अधीक्षक आदिवासी विकास विभाग रायपुर  96854-58730 आदिम जाति कल्याण विभाग,छात्रावास बालिका शंकर नगर आरती निकोसे अधीक्षक आदिवासी विकास विभाग रायपुर 83192-83128, आदिम जाति कल्याण विभाग छात्रावास बालिका कालीबाड़ी रायपुर और अर्चना बंघेल अधीक्षक आदिवासी विकास विभाग रायपुर 97530-49532, आदिम जाति कल्याण विभाग छात्रावास बालिका रविशंकर विश्वविद्यालय परिसर रायपुर को नियुक्त किया गया है। उक्त प्रभारी अधिकारियों के समन्वय के लिए  ताकेश्वर देवांगन सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग, मो.नं. 94060 47400 को नियुक्त किया गया है।

26-08-2020
निशुल्क महाविद्यालयीन शिक्षा के लिए आवेदन आमंत्रित

धमतरी। अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों को विज्ञान एवं वाणिज्य विषय में महाविद्यालय शिक्षा निशुल्क उपलब्ध कराने के लिए आर्यभट्ट विज्ञान वाणिज्य केन्द्र दुर्ग (बालिका) और जगदलपुर (बालक) में 500 सीटर केन्द्र (छात्रावास) स्थापित किया गया है। यहां आवास, भोजन, पानी, बिजली, पुस्तकालय, कम्प्यूटर, लेखन सामग्री, चिकित्सा इत्यादि निशुल्क उपलब्ध कराया जाना है। सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक बारहवीं में कम से कम 40 प्रतिशत अंक के साथ उत्तीर्ण विद्यार्थी इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदक, सक्षम अधिकारी द्वारा जारी स्थायी जाति प्रमाण पत्र धारक होना चाहिए। स्नातकोत्तर प्रवेश के लिए स्नातक परीक्षा उत्तीर्ण हो। बताया गया है कि मेरिट के आधार पर महाविद्यालयों में प्रवेश होने पर केन्द्र (छात्रावास) में प्रवेश होगा। आवेदन पत्र पूरी तरह से भरकर कलेक्टोरेट स्थित सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग में जमा किया जा सकता है।

 

18-08-2020
स्कूल इन ऑडियो से शिक्षक पहुंच रहे बच्चों तक... 

रायपुर। स्कूल के सभी विद्यार्थियों के पास उनके स्वयं का एंड्राइड मोबाइल नहीं होता। इस बात को ध्यान में रखते हुए वर्तमान कोरोना संक्रमण काल में विद्यार्थियों तक स्कूल का वातावरण कैसे पहुंचे। इसके लिए रायपुर के सेजबहार स्कूल की प्राचार्य वीना भसीन और सभी शिक्षकगण स्कूल लिपिक सहित योजनाबद्ध तरीके से अपनी आवाज में अपना संदेश अपने विषय की व्याख्या दस्तावेज की जानकारी के लिए मोबाइल में ऑडियो संदेश रिकार्ड करने का बीड़ा उठाया है। इस अभियान को ‘स्कूल इन ऑडियो’ नाम दिया गया है।स्कूल की प्राचार्य से लेकर शिक्षक तत्परता से इस काम में लगकर एक-दूसरे के तकनीक कौशल को साझा करते हुए अपनी वाणी बच्चों तक पहुंचाने में लगे हैं।

शिक्षा मित्र शारदा जैन भी अपना योगदान दे रही हैं। स्कूल इन ऑडियो अभियान में बनाये जा रहे ऑडियो को गांव की सरपंच, शाला विकास समिति के अध्यक्ष और सदस्यों ने पालकों के साथ मिलकर वाट्सअप ग्रुप बनाकर स्कूल के सभी बच्चों तक कक्षावार पहुंचाने की सहमति व्यक्त की है। स्कूल के शिक्षकों द्वारा ऑनलाइन कक्षा लेने के साथ ही ग्राम सेजबहार में ऑफलाइन पढ़ाई के लिए पढ़ई तुंहर दुआर अंतर्गत मोहल्ला स्कूल अभियान चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत ग्राम की सरपंच अनिता साहू के निवास और आंगनबाड़ी केन्द्र में विद्यालय की व्याख्याता अनुरिमा शर्मा के मार्गदर्शन में शिक्षा सारथी के रूप में ज्योति साहू, खूशबू रात्रे, निलेश और नागेश डहरिया नियमित कोविड-19 के प्रोटोकाॅल का पालन करते हुए स्वेच्छापूर्वक अध्यापन सेवा दे रहे हैं। इस दौरान अलग-अलग कक्षाओं के विद्यार्थियों में सम्मिलित रूप से अध्ययन करने के कौशल का विकास भी हो रहा है।

07-08-2020
पात्र स्कूली विद्यार्थियों को 15 अगस्त तक मिलेगी स्काॅलरशिप की पहली किस्त

कोरबा। कोविड 19 वायरस के संक्रमण से बने हालातों में छात्र-छात्राओं को अपनी पढ़ाई जारी रखने  के लिए राज्य शासन द्वारा हरसंभव मदद दी जा रही है। विद्यार्थियों को घर पहुंचाकर मध्यान्ह भोजन, पुस्तकें, गणवेश आदि का वितरण किया जा रहा है। इसी तारतम्य में राज्य शासन द्वारा सभी पात्र स्कूली छात्र-छात्राओं को स्काॅलरशिप की पहली किस्त 15 अगस्त तक देने का निर्णय लिया गया है। स्काॅलरशिप की पहली किस्त पाने के लिए अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के नियमित विद्यार्थियों से जल्द से जल्द स्कूल पहुंच कर जरूरी दस्तावेज जमा कराने के निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी ने स्कूलों के प्राचार्यो और प्रधानपाठकों को दिए हैं। छात्रवृत्ति की पात्रता रखने वाले विद्यार्थियों को अपने सभी दस्तावेज जातिप्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, अस्वच्छ धंधा छात्रवृत्ति के लिए व्यवसाय प्रमाण पत्र और बैंक खाते की पूरी जानकारी अपने स्कूल में जमा करानी होगी। जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी प्राचार्यों एवं प्रधानपाठकों को इस संबंध में स्वयमेव कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए हैं, ताकि जिले के अधिक से अधिक विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति की पहली किस्त का भुगतान 15 अगस्त तक किया जा सके।

 

26-07-2020
स्कूली विद्यार्थियों को निशुल्क पाठ्य पुस्तकों का वितरण 14 अगस्त तक

रायपुर। प्रदेश में कक्षा पहली से दसवीं तक के सभी पात्र विद्यार्थियों को पाठ्य पुस्तकों का वितरण 14 अगस्त तक किया जाएगा। संचालक लोक शिक्षण जितेन्द्र शुक्ला ने समस्त संभागीय संयुक्त संचालक, जिला शिक्षा अधिकारी और जिला मिशन समन्वयकों को शिक्षा सत्र 2020-21 में स्कूली विद्यार्थियों को पाठ्य पुस्तक वितरण के संबंध में निर्देश जारी किए हैं। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि कक्षा पहली से दसवीं तक के सभी पात्र विद्यार्थियों को पाठ्य पुस्तकों का वितरण 14 अगस्त तक अनिवार्यतः पूर्ण करा लिया जाए।
निर्देश में कहा गया है कि पाठ्य पुस्तकों का वितरण कार्य कोविड-19 से संबंधित सर्तकता के लिए जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए पालकों और शिक्षकों के माध्यम से सुविधा अनुसार पूरा कराया जाए। ध्यान रहे कि किसी भी स्थिति में विद्यार्थियों को पुस्तक वितरण के लिए शाला में नहीं बुलाया जाना है। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी स्थिति में पात्र विद्यार्थी निःशुल्क पाठ्य पुस्तकों की प्राप्ति से वंचित न रहे। दिशा-निर्देश के अनुपालन में शाला, संकुल, विकासखण्ड और जिला स्तर वितरण और पावती संबंधी दस्तावेज एवं रजिस्टर का संधारण करते हुए शत-प्रतिशत वितरण कार्य किया जाए। वितरण की जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी/जिला मिशन समन्वयक 24 अगस्त तक अनिवार्यतः लोक शिक्षण संचालनालय और प्रबंध संचालक समग्र शिक्षा रायपुर को प्रेषित करें। इसके साथ ही निःशुल्क पाठ्य पुस्तकों की प्राप्ति और वितरण की ऑनलाइन मॉनीटरिंग भी की जाएगी।


  

06-07-2020
कड़ी मेहनत को जीवनशैली का हिस्सा बनाकर लक्ष्य हासिल करें : कलेक्टर

दुर्ग। प्रयास आवासीय विद्यालय के कक्षा 10वीं में उत्कृष्ट अंक अर्जित करने वाले विद्यार्थियों को प्रतीक चिन्ह एवं प्रस्शति पत्र भेंट कर कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने सम्मानित किया है। सम्मान समारोह के अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को आशीर्वचन देते हुए कहा कि आज जो कामयाबी और सफलता मिली है, उसे हमेशा कायम रखना है। जीवन में हमेशा मेहनत को बरकरार रखना। आज जो सफलता मिली है। इसे यही तक सीमित मत रखना। उन्होंने आगे कहा कि एक बार अच्छी मुकाम या सफलता मिल जाने पर अक्सर स्वभाव में यह भाव घर कर जाता है कि वह हर कुछ कर सकता है। इसके कारण सफलता आगे बढ़ नहीं पाता है। मेहनत को जीवनशैली का हिस्सा बनाकर अपने लक्ष्य को अर्जित करने प्रेरित किया। उन्होंने स्वामी विवेकानंद की प्रेरितकारी वचन जहाँ बुद्धि काम न आये वहां कड़ी मेहनत कर लक्ष्य पाने को आतुर रहने वाली कथन को आत्मसात कर जीवन की हर मुकाम हासिल करने की सीख दिया।
इस अवसर पर कलेक्टर डॉ. भुरे की धर्मपत्नी डाॅ. रश्मि भुरे ने विद्यार्थियों को प्रेरितकारी उदबोधन देते हुए कहा कि मेहनत और सफलता को निरन्तर कायम रखना ही जीवन को सफल बनाता है।

मेहनत का रुक जाना सफलता के प्रयासों पर विराम लग जाता है। इसलिए आज जो सफलता मिली है इसे आगे भी हमेशा बनाये रखना जिससे कामयाबी मिलती रहे। इस अवसर पर कलेक्टर दम्पत्ति ने पौधारोपण किया। संज्ञान हो कि प्रयास विद्यालय एक शासन द्वारा संचालित संस्था है। जहां अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की पढ़ाई के साथ-साथ रहने व खाने की व्यवस्था सरकार द्वारा मुहैया कराई जाती है। दुर्ग जिले में मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजना अंतर्गत प्रयास आवासीय विद्यालय संचालित है। इस विद्यालय का प्रमुख उद्देश्य राज्य के सुदूर नक्सल प्रभावित जिलों में रहने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को निशुल्क शिक्षण एवं आवासीय सुविधायें उपलब्ध कराकर भविष्य निर्माण के लिए एक मंच उपलब्ध कराना है। इस वर्ष प्रयास एवम विद्यार्थियों के सम्मिलित प्रयास से कक्षा 10 वीं में अध्ययनरत 25 छात्र-छात्राओं ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किये है, जिसमें कृतिका त्रिपाठी ने 95.80 अंक अर्जित किया है। संस्था में अध्ययनरत सभी विद्यार्थी प्रथम श्रेणी में सफल हुए है।

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