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17-03-2021
शिक्षा का अधिकार अधिनियम : निजी स्कूल में प्रवेश के लिए आवेदन की तिथि एक सप्ताह बढ़ी

रायपुर। स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया अब 22 मार्च से प्रारंभ हो रही है। संचालक लोक शिक्षण संचालनालय ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत नवीन शिक्षा सत्र में निजी स्कूलों में गरीब बच्चों को प्रवेश दिलाने के लिए संशोधित समय सारणी के अनुसार कार्य करने के निर्देश सभी संयुक्त संचालक और जिला शिक्षा अधिकारियों को दिए हैं। 
स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से जारी नवीन समय सारणी के अनुसार 22 मार्च से 22 अप्रैल तक शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत आॅनलाइन आवेदन किए जा सकेंगे। नोडल अधिकारी 7 मई से 20 मई तक पालकों की ओर से दिए गए दस्तावेजों की जांच करेंगे। संशोधित समय सारणी के अनुसार शिक्षा के अधिकार अधिनियम के अंतर्गत प्रथम चरण में लॉटरी एवं आबंटन का कार्य 24 मई से 28 मई तक होगा।

इसके अंतर्गत विद्यार्थियों को प्रवेश के लिए स्कूल आबंटित किए जाएंगे। विद्यार्थियों के स्कूल में दाखिला की प्रक्रिया 19 मई से 15 जून तक की जाएगी। इसके बाद द्वितीय चरण में स्कूलों में सीट आबंटन के बाद भी सीट रिक्त रहने की स्थिति में पुन: स्कूलों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन का कार्य 17 जून से 26 जून तक किया जा सकेगा। नोडल अधिकारियों की ओर से 28 जून से 3 जुलाई तक पालकों की ओर से दिए गए दस्तावेजों की जांच की जाएगी। फाइनल लॉटरी और आवंटन का कार्य 5 जुलाई से 9 जुलाई तक और स्कूल में प्रवेश का कार्य 20 जुलाई से किया जाना है। पूर्व घोषित तिथि के अनुसार 15 मार्च से आवेदन की प्रक्रिया प्रारंभ होना था। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत कुछ जिलों की ओर से स्कूलों के पंजीयन का कार्य पूर्ण नही किया गया है। साथ ही कुछ  जिलों में नोडल, हेबीटेशन और नवीन ग्राम पंचायतों को जोड़ने का काम शेष है। पोर्टल में विभिन्न कमियों को पूरा किया जाना आवश्यक है, ताकि नवीन शिक्षा सत्र में छात्रों को प्रवेश लेने में असुविधा न हो। इन परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए पूर्व में जारी समय-सारणी में संशोधन करते हुए छात्र पंजीयन का कार्य 22 मार्च से प्रारंभ होगा।

14-02-2021
नगर निगम गार्डन में लोगों ने सुनी लोकवाणी, शिक्षा के क्षेत्र में किए गए नवाचारों की विद्यार्थियों ने की तारीफ 

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रेडियो वार्ता लोकवाणी के माध्यम से प्रदेश की जनता से रूबरू हुए। मुख्यमंत्री ने रविवार को प्रसारित रेडियो वार्ता लोकवाणी की 15वीं कड़ी में उपयोगी निर्माण जन हितैषी अधोसंरचना और आपकी अपेक्षाएं विषय पर राज्य सरकार के विजन को जनता के सामने रखा। रायपुर नगर निगम गार्डन में लोगों ने बड़ी संख्या में लोकवाणी कार्यक्रम को सुना। इस दौरान लोकेश चंद्रवंशी, सीएस श्रीवास्तव, शेखर सिंह, सदाशिव, शैलेंद्र मिश्रा, वीरेंद्र चंद्राकर,कल्पना सागर,सम्राट सोनी, निशा साहू, देवकी लोढ़ा, खिलेश साहू और अरविंद कुमार वर्मा ने लोकवाणी सुनी। कल्पना सागर ने बताया कि राज्य सरकार एक ओर जहां सभी क्षेत्रों में अधोसंरचना निर्माण का कार्य कर रही है, वहीं महिला सशक्तिकरण की दिशा में महिलाओं को घर में ही स्वरोजगार उपलब्ध करा कर उन्हें आर्थिक रूप से सुदृढ़ भी कर रही है। उन्होंने राज्य सरकार की कमजोर तबके के बच्चों को अंग्रेजी शिक्षा के अवसर प्रदान करने को एक अभिनव बताया। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी की सराहना करते हुए कहा कि यह योजना देश ही नहीं विदेशों में भी सराही जा रही है।

ये जैविक खेती की ओर ले जाने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के साथ ही स्वरोजगार उपलब्ध कराने ने मददगार साबित हो रही है। सारागांव निवासी आईआईटी के छात्र खिलेश साहू ने सरकार की ओर से शिक्षा के क्षेत्र में किए गए नवाचार की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह प्रदेश के युवाओं के लिए मील का पत्थर साबित होगी। युवाओं के कौशल विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रही है। कुम्हारी निवासी इलेक्ट्रिकल इंजीनियर अरिन्द्र कुमार वर्मा ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य में संचालित सभी योजनाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि विगत दो सालों में सरकार ने जो जनहितैषी योजनाओं के माध्यम से फैसले लिए हैं, उनमें दूरदर्शिता दिखाई देती है, इसके लिए मुख्यमंत्री बधाई के पात्र हैं।

08-02-2021
प्रयास विद्यालय के चार छात्र सीए प्रवेश परीक्षा में उत्तीर्ण, मुख्यमंत्री ने दी बधाई

रायपुर। छत्तीसगढ़ में संचालित प्रयास आवासीय विद्यालय के विद्यार्थियों ने फिर अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। प्रयास आवासीय विद्यालय के चार छात्रों ने राष्ट्रीय स्तर की चार्टेट एकाउंटेंट (सीए) चयन के लिए प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण की है। चयनित विद्यार्थियों में सरगुजा जिले के अंबिकापुर गोधनपुर निवासी अनुराग बखला, जशपुर जिले के ग्राम दुलदुला के दयानंद भगत, कोंडागांव जिले के केशकाल के  लोचन प्रसाद और जिला मुख्यालय धमतरी के विद्यामंदिर के पास निवास करने वाले पारितोष सोनकर शामिल हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने सीए परीक्षा में प्रयास विद्यालय के उत्तीर्ण चारों विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।

07-02-2021
अमरजीत भगत ने 6 विद्यार्थियों का किया सम्मान,प्रावीण्य सूची में शामिल बच्चों को दिया लैपटाप और टेबलेट

रायपुर।  खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने अंबिकापुर के शासकीय जिला ग्रंथालय में हुए कार्यक्रम में रविवार को शामिल हुए। उन्होंने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षा में प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले सरगुजा संभाग के विद्यार्थियों को लैपटॉप, टेबलेट और प्रशस्ति पत्र प्रदोन कर प्रोत्सहित किया। मंत्रीभगत ने कहा कि मेहनत और लगन से किया गया कार्य हमेशा सफलता दिलाता है। मेहनती बच्चे आगे बढ़ते हुए मुकाम हासिल कर लेते हैं। उन्होंने बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को बधाई देते हुए खूब मन लगाकर पढ़ने कहा। उन्होंने 10वीं के विद्यार्थियों को टेबलेट और कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों को लैपटाप के साथ ही सभी 6 विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। इनमें सीतापुर की कक्षा 12वीं की छात्रा परीक्षा गुप्ता को लैपटॉप, कक्षा 10वीं की प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले सूरजपुर की छात्र-छात्राएं आशादीप इकबाल, कुलदीप सिंह, उमेश्री राजवाड़े, कोरिया की सुष्मिता पाल और बलरामपुर के प्रशांत तिवारी को टेबलेट और प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किया गया।  कार्यक्रम में 50 वर्ष से अधिक उम्र के 4 वरिष्ठ अधिवक्ताओं को शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान छत्तीसगढ़ खाद्य आयोग के अध्यक्ष गुरप्रीत बाबरा, जिला शिक्षा अधिकारी आईपी गुप्ता, सर्व शिक्षा अभियान के जिला समन्वयक डॉ. संजय सिंह, ग्रंथपाल मुकेश कुमार दुबे सहित अन्य जनप्रतिनिधि अधिकारी और छात्र उपस्थित थे।

 

29-01-2021
8वीं तक के बच्चों की नहीं होगी परीक्षा, अगली कक्षा में किया जाएगा प्रमोट

रायपुर। इस वर्ष स्कूली बच्चों को परीक्षा नहीं देनी पड़ेगी। कक्षा पहली से आठवीं तक के बच्चों को अगली कक्षा में प्रमोट किया जाएगा। इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ के संचालक ने पत्र जारी किया है। उन्होंने समस्त संभागीय संयुक्त संचालक (शिक्षा) और समस्त जिला शिक्षा अधिकारियों को भेजे पत्र में इस संबंध में दिशानिर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा है कि  प्रदेश में पढ़ाई तुंहर दुआर कार्यक्रम में विभिन्न विधियों से ऑनलाइन और ऑफलाइन  कक्षाएं संचालित की गई है। बच्चों को एसेसमेंट कर पोर्टल में अपलोड किया गया है। विविध तरीकों से किए गए आकलन के आधार पर विद्यार्थियों को प्रगति पत्र प्रदान किए जाएंगे।

21-12-2020
राज्यपाल ने कहा-नई शिक्षा नीति विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार भी देगी

रायपुर। नई शिक्षा नीति विद्यार्थियों को अपने पुरातन परंपराओं और संस्कारों से जोड़कर रखेगी। इस नीति की सबसे बड़ी खासियत है कि इसमें अपनी बोली-भाषाओं पर शिक्षा देने की बात कही गई है। इससे बच्चे शिक्षा अपेक्षापूर्ण अधिक अच्छे ढंग से ग्राह्य कर पाएंगे। इससे विद्यार्थियों को आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों की जानकारी मिलेगी। उनमें मानवता और संवेदनशीलता के गुण भी विकसित होंगे। यह बातें राज्यपाल अनुसुईया उइके ने राजभवन में राष्ट्र सेविका समिति के राष्ट्रीय शिक्षा नीति अभियान-2020 के वर्चुअल कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही।  राज्यपाल ने कहा कि यह देखा जाता है कि कुछ लोग डिग्रियां ले लेते हैं, लेकिन संस्कार नहीं होता है। ऐसे डिग्री किसी काम की नहीं होती है। नई शिक्षा नीति विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार भी देगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से घोषित शिक्षा नीति निश्चित ही अपने उद्देश्यों में सफल होगी। प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत का नारा दिया है, उससे प्रेरणा लेकर आम जनता उस दिशा में काम कर रही है। हमारे छत्तीसगढ़ में कई महिला समूह स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्यम स्थापित कर काम कर रही है। वे गोबर से दीए बना रही है और अच्छा आय अर्जन भी कर रही है।
राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के रचनात्मक कार्यक्रम की 18 परियोजनाओं में से नई शिक्षा की संकल्पना भी एक थी। मूलभूत शिक्षा के प्रति गांधीवादी दृष्टिकोण सर्वांगीण था, जिसमें व्यक्ति के बौद्धिक, शारीरिक, सामाजिक और आध्यात्मिक जैसे सभी पहलू समाहित हैं, नई शिक्षा नीति में इसे शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 शिक्षा पद्धति में व्यापक बदलाव लाने वाली है। इसमें हमारी युवा पीढ़ी यानी विद्यार्थियों के बचपन से समग्र विकास की संकल्पना प्रस्तुत की गई है ताकि वे न केवल शैक्षणिक और कौशल विकास की दृष्टि से सुयोग्य बन कर जीवन में चहुंमुखी प्रगति कर सकें, बल्कि एक संवेदनशील मानव भी बन सके। इस शिक्षा नीति में शिक्षा और ज्ञान को भारत केन्द्रित बनाने का तो प्रयास किया ही गया है। साथ ही इसमें शिक्षा और शोध की गुणवत्ता को भी अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप ढालने की कोशिश की गई है ताकि हमारे विद्यार्थी उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाने के आकर्षण की बजाय अपने देश में ही उच्च गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्राप्त कर सकें। साथ ही, विदेशी विद्यार्थी भी भारत में शिक्षा के प्रति आकर्षित होकर यहां आएं जैसे कभी नालंदा और तक्षशिला विश्वविद्यालय विश्व में प्रसिद्ध थे और हजारों विदेश छात्र यहां पढ़ने आते थे।

15-12-2020
सैकड़ों छात्रों के परीक्षा परिणाम रुके, विद्यार्थियों ने की एटीकेटी परीक्षा जल्द करने की मांग

रायपुर। पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय की पिछली सेमेस्टर परीक्षा में शामिल सैकड़ों छात्रों के रिजल्ट रुक गए हैं। इनमें से ज़्यादातर फाइनल सेमेस्टर के छात्र हैं। यह परीक्षा पास करने के बाद भी उनके नतीजे जारी नहीं हुए हैं। इसकी वजह है इनका एटीकेटी क्लियर नहीं होना। इसलिए अब एटीकेटी की परीक्षा जल्द आयोजित करने की मांग है। छात्रों का कहना है कि फाइनल सेमेस्टर में जिन विषयों की परीक्षा दी उसमें पास बताया जा रहा है। लेकिन रिजल्ट में विद-हेल्ड लिखा है। इसे जारी नहीं किया गया है। विश्वविद्यालय के अफसरों ने बताया कि एटीकेटी क्लियर नहीं होने की वजह से रिजल्ट जारी नहीं किया गया है। पिछले सेमेस्टर के कोई-कोई विषय में छात्र फेल हुए हैं, इसलिए उन्हें एटीकेटी मिला है। जिस विषय में फेल हुए हैं, उसमें जब तक पास नहीं होंगे तब तक फाइनल सेमेस्टर का रिजल्ट जारी नहीं होगा।

एटीकेटी के लिए परीक्षा जनवरी में आयोजित की जा सकती है। गौरतलब है कि मई-जून में इस साल होने वाली सेमेस्टर परीक्षा पर कोरोना का असर पड़ा। इसकी वजह से परीक्षाएं देर से शुरू हुई। देरी के अलावा इसका पैटर्न भी बदला। नए पैटर्न में हुई परीक्षा से छात्रों को राहत मिली। इसके तहत ऑनलाइन पेपर भेजे गए। इसलिए सेमेस्टर कक्षाओं में बड़ी संख्या में छात्र पास हुए। इस बार अधिकांश सेमेस्टर कक्षाओं का रिजल्ट 90 प्रतिशत से अधिक रहा है।

पूरक परीक्षा का आयोजन भी जल्द
पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय की वार्षिक परीक्षा इस बार दो तरीके से ली गई थी। मार्च में कुछ दिन परीक्षाएं केंद्र में आयोजित की गई। लेकिन कोरोना की वजह से बाद में परीक्षाएं स्थगित की गई। यह परीक्षा दोबारा सितंबर में हुई। इसका स्वरूप भी बदला। छात्रों ने घर से परीक्षा दी। जिन विषयों की परीक्षा केंद्र में हुई। उसमें पूरक आने वाले छात्रों के लिए परीक्षा जल्द होगी। इसके लिए तैयारी की जा रही है। वार्षिक परीक्षा के नतीजे लगातार जारी किए जा रहे हैं। पिछले बरसों की तुलना में इस बार रिजल्ट जरूर बेहतर है। लेकिन इस बार भी कई छात्र फेल हुए हैं। जबकि कई छात्रों को पूरक मिला है।

02-12-2020
छात्रों ने जानी मतदाता सूची में नाम जुड़वाने की प्रक्रिया

रायपुर\नारायणपुर। शासकीय स्वामी आत्मानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय नारायणपुर के नव प्रवेषित विद्यार्थियों को मतदाता साक्षारता का ज्ञान और मतदान प्रक्रिया से जोड़ने के बारे में ई-वेबीनार का आयोजन हुआ। वेबीनार में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यकम की जानकारी उप जिला निर्वाचन अधिकारी जीएस नाग ने दी है। उन्होंने नव प्रवेषित छात्र-छात्राओं को निर्वाचक नामावली में नाम जोड़ने के लिए फार्म 6 भरने, नाम विलोपित करने के लिए फार्म-7 तथा पूर्व से दर्ज प्रविष्टियों में सुधार के लिए फार्म-8 भरने तथा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत स्थान परिवर्तन के लिए फार्म-8क भरने की जानकारी दी।

इस कार्य के लिए अपने मतदान केन्द्र के बूथ लेबल आफिसर, अभिहित अधिकारी, तहसील कार्यालय से संपर्क करना बताया। उन्होंने बताया मतदाता सूची में नाम जुड़वाने की अंतिम तिथि 15 दिसम्बर 2020 निर्धारित है। महाविद्यालय के प्राचार्य ने छात्र-छात्राओं को स्वंय के साथ-साथ घर-परिवार और आसपास के मतदाताओं को भी मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए प्ररित करने की बात कही। इस अवसर पर सहायक प्राध्यापक सुमीत कुमार श्रीवास्तर, बीडी चांडक ने भी नाम जोड़ने संबंधी जानकारी छात्रों को दी।

21-10-2020
अग्रगमन ने खोली सफलता की राह, नीट में मिली रंजीता को कामयाबी

कोरबा। जिला प्रशासन गरीब, मेधावी बच्चों के डाक्टर-इंजीनियर बनने के सपने को साकार कर रहा है। जिला प्रशासन द्वारा संचालित अग्रगमन कोचिंग योजना में इस वर्ष नीट परीक्षा की तैयारी करने वाली बैच में रंजीता बिंझवार ने पहला स्थान हासिल किया है। देश की सर्वोच्च मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट को रंजीता ने 385 अंकों के साथ क्वालीफाई किया है। रंजीता डाॅक्टर बनकर समाज और देश की सेवा करना चाहती है। नीट क्वालीफाई होने के बाद रंजीता ने अपनी सफलता का श्रेय जिला प्रशासन की अग्रगमन कोचिंग को दिया है। उन्होंने कहा कि अग्रगमन में रहकर पढ़ाई करने से ही मुझे कामयाबी मिल पाई। रंजीता ने बताया कि गांव के बच्चों के लिए उच्च स्तर के परीक्षा की तैयारी करना चुनौती भरा और कठिन रहता है। अग्रगमन के शिक्षकों द्वारा दी गई सही शिक्षा और लगातार पढ़ाई की बदौलत नीट परीक्षा क्वालीफाई होने में सफलता मिली। रंजीता ने बताया कि अग्रगमन में मुफ्त में रहने, खाने-पीने के साथ पढ़ाई का अच्छा माहौल भी प्रदान किया जाता हे। रंजीता ने अग्रगमन के शिक्षकों द्वारा लगातार विद्यार्थियों को परीक्षा के लिए प्रोत्साहित करने का भी नीट परीक्षा में कामयाबी का कारण बताया।विकासखंड कटघोरा के ग्राम मनगांव निवासी नीट परीक्षा में अग्रगमन से 28 क्वालीफाईड बच्चों में पहला स्थान प्राप्त करने वाली रंजीता बिंझवार ने बताया कि उनकी तीन बहन और दो भाई हैं। रंजीता के पिताजी एसईसीएल छुराकछार में कार्यरत हैं तथा उनकी मां गृहणी है। स्कूली कक्षाओं में अव्वल रहने वाली रंजीता ने कक्षा दसवीं में 88 प्रतिशत और कक्षा 12 वीं में 81 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण की है।

कक्षा दसवी पास करने के बाद रंजीता को जिला प्रशासन के अग्रगमन कोचिंग योजना के बारे में शिक्षकों से जानकारी प्राप्त हुई। रंजीता बताती है कि अग्रगमन में चयन होने से बड़े कोचिंग संस्थानों के महंगे फीस और रहने खाने की चिंता दूर हो गई। रंजीता ने बताया कि अग्रगमन में पढ़ाई का अच्छा माहौल और शिक्षकों द्वारा लगातार प्रोत्साहित करने के साथ खुद 10-11 घंटों की पढ़ाई के बदौलत नीट परीक्षा में कामयाबी मिल पाई। डाक्टर-इंजीनियर बनने के सपने के बीच गरीबी, आर्थिक स्थिति, पढ़ाई के संसाधन तथा पढ़ाई का उच्चतम माहौल आड़े आती है। अग्रगमन जिले के बच्चों के लिए मेडिकल-इंजीनियर की तैयारी के लिए बहुत ही अच्छा जरिया है। कोरबा जिला प्रशासन ऐसे गरीब, मेधावी बच्चों को इंजीनियर-डाक्टर बनाने के लिए सफलता की राह दिखा रहा है। अग्रगमन में दसवीं पास मेधावी विद्यार्थियों को रखकर मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करवाई जा रही है। अग्रगमन में मुफ्त में रहने, खाने-पीने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाती है। अग्रगमन में विषयवार शिक्षकों द्वारा प्रवेश परीक्षा की पूरी तैयारी करवाई जाती है। इस वर्ष नीट परीक्षा में अग्रगमन के 28 क्वालीफाइड बच्चों में पहला स्थान प्राप्त करने वाली रंजीता जिला प्रशासन द्वारा प्रदान की जाने वाली पढ़ाई की सुविधा से बेहद खुश है। उन्होंने नीट परीक्षा पास करने में अग्रगमन के शिक्षकों का बहुत बड़ा योगदान बताया। रंजीता कहती है कि अग्रगमन के शिक्षकों द्वारा विशेष रूप से तैयारी करवाने, लगातार लिये गये टेस्ट, नीट परीक्षा के लिए प्रश्न हल करने के तरीके, समय प्रबंधन के बताये गुर के कारण ही नीट जैसे अखिल भारतीय स्तर के परीक्षा को पास करने में सफलता हासिल कर पाई।

 

17-10-2020
नीट में छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों के शानदार प्रदर्शन पर भूपेश बघेल खुश,की सभी को सुनहरे भविष्य की कामना

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अखिल भारतीय स्तर पर चिकित्सा स्नातक में राष्ट्रीय पात्रता व प्रवेश परीक्षा (नीट) में विद्यार्थियों के शानदार प्रदर्शन पर प्रसन्नता जताई है। उन्होंने इस परीक्षा में सफल रहे विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें बधाई एव शुभकामनाएं दी हैं। नीट परीक्षा में प्रयास आवासीय विद्यालयों के 166 विद्यार्थियों में सफलता प्राप्त की है। चिकित्सा स्नातक में राष्ट्रीय पात्रता एवं प्रवेश परीक्षा (नीट) का परिणाम 16 अक्टूबर को जारी हुआ। आदिम जाति कल्याण मंत्री डॉ.प्रेमसाय सिंह टेकाम, विभाग के सचिव डीडी सिंह और संचालक शम्मी आबिदी ने सभी सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी।

उल्लेखनीय है कि चिकित्सा स्नातक में राष्ट्रीय पात्रता एवं प्रवेश परीक्षा (नीट) में 367 विद्यार्थी शामिल हुए, इनमें से 166 विद्यार्थी सफल हुए हैं। सफल विद्यार्थियों में सर्वाधिक 38 बालिकाएं प्रयास कन्या आवासीय विद्यालय रायपुर की हैं। इसके अलावा प्रयास आवासीय विद्यालय दुर्ग के 33, प्रयास आवासीय विद्यालय बस्तर के 26, प्रयास आवासीय विद्यालय बिलासपुर के 24, प्रयास बालक आवासीय विद्यालय रायपुर के 19, प्रयास आवासीय विद्यालय अंबिकापुर के 17 और प्रयास आवासीय विद्यालय कांकेर के 9 विद्यार्थी परीक्षा में सफल हुए हैं।

29-09-2020
कलेक्टर ने किया उच्च श्रेणी शिक्षक को निलंबित

धमतरी। कलेक्टर जयप्रकाश मौर्य ने स्थानीय शिवसिंह वर्मा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय धमतरी के उच्च श्रेणी शिक्षक एवं संकुल समन्वयक शाला क्रमांक-01 राजेश मनवानी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। दरअसल एक से छः सितंबर तक राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित प्रवेश परीक्षा वर्ष 2020 के तहत जेईई (मेन्स) और 13 सितंबर को नीट परीक्षा के लिए धमतरी जिले के विद्यार्थियों को रायपुर एवं भिलाई के परीक्षा केन्द्रों में सुरक्षित पहुंचाने तथा वापस लाने के नोडल अधिकारी का दायित्व उक्त उच्च श्रेणी शिक्षक को सौंपा गया था।

किन्तु उन्होंने निर्देशों की अवहेलना करते हुए केवल दो सितम्बर को ही उपस्थित हुए। इसके अलावा उनके द्वारा अपने कर्तव्यरत शिक्षकों को कोरोना काल में ड्यूटी नहीं करने संबंधी जिला प्रशासन एवं जिला शिक्षा विभाग के विषय में प्रतिकूल टिप्पणी की गई। इसके मद्देनजर कलेक्टर ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 की धारा-10 के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। बताया गया है कि निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी तथा निलंबन मुख्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय धमतरी होगा।

 

18-09-2020
न इंटरनेट न फोर जी नेटवर्क, साधारण मोबाइल फोन से बच्चों को पढ़ा रही है रेकी गांव की सरकारी स्कूल की टीचर इंदू डहरिया

रायपुर/कोरबा। बिना इंटरनेट बिना फोर जी नेटवर्क केवल फोन काॅल से ही बच्चों को पढ़ाई से जोड़ कर रख रही हरदीबाजार संकुल के रैकी की शासकीय माध्यमिक शाला की शिक्षिका इंदू डहरिया। इंदू डहरिया केवल सामान्य फोन काॅल से ही कई किलोेमीटर दूर बैठकर भी रोज विद्यार्थियों को पढ़ा रही हैं। शासकीय मिडिल स्कूल रैकी की शिक्षिका इंदू डहरिया जब बच्चों को अपने मोबाइल काॅल से सूर्य, ग्रह, आकाशगंगा का पाठ समझा रही थी, तभी स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डाॅ. आलोक शुक्ला जिला कलेक्टर किरण कौशल के साथ रैकी पहुंच गये। उन्होंने पहले तो बिना कुछ कहे चुपचाप बैठकर सिस्टम समझा पर, जब जिज्ञासा शांत नहीं हुई तो, समन्वयक सेवनलाल राठौर को बुलाकर जानकारी ली।

डाॅ. शुक्ला ने पूछा कि ना तो वीडियो काॅल है, ना यहां कोई प्रोजेक्टर लगा है, पर फिर भी इतने बेहतरीन तरीके से यहां पढ़ाई कैसे हो रही है? प्रमुख सचिव को संकुल समन्वयक  सेवनलाल ने बताया कि सामान्य मोबाइल वाॅइस काॅल से शिक्षिका इंदू डहरिया उरगा में बैठकर मिडिल स्कूल रैकी में बैठे बच्चों को पढ़ा रहीं हैं। डीईओ सतीश पाण्डेय ने बताया कि इस स्पीकर सिस्टम को किसी भी स्कूल कर्मी या छात्र के परिजन के मोबाइल से जोड़कर रखा जाता है। शिक्षिका की ओर से तय समय पर स्कूल परिसर में विद्यार्थियों को बुलाकर कोविड-19 प्रोटोकाॅल का पालन करते हुये मास्क लगाकर व सोशल डिस्टेेंसिंग से बैठाया जाता है। शिक्षिका दिये गये नम्बर पर सामान्य वाॅइस काॅल करती है और काॅल कनेक्ट होने पर स्पीकर से उनकी तेज आवाज निकलती है। सभी बच्चे शिक्षिका द्वारा इस प्रकार पढ़ाये जा रहे पाठ को सुनते हैं तथा अपनी जिज्ञासा शांत करने के लिये प्रश्न भी पूछ लेते हैं। यह पढ़ाई सामान्य मोबाइल वाॅइस काॅल से होती है। इसीलिये स्मार्ट फोन या वीडियो काॅल की जरूरत नहीं होती और शिक्षिका-छात्रों का संवाद आपस में सामान्य काॅल की तरह होता है। इस पूरे सिस्टम को देखकर प्रमुख सचिव डाॅ. आलोक शुक्ला अचंभित रह गये। उन्होंने इस नवाचार के लिये डीईओ सतीश पाण्डेय सहित पूरे शिक्षा विभाग की प्रशंसा की।

डाॅ. शुक्ला ने किया मोहल्ला क्लासेस का निरीक्षण- डाॅ. शुक्ला ने आज अपने कोरबा प्रवास के दौरान कोरोना काल मेें बच्चों की पढ़ाई के लिये चलाई जा रही मोहल्ला क्लासेस का निरीक्षण व अवलोकन किया। उन्होंने हरदीबाजार संकुल के सुवामोड़ी की प्राथमिक शाला, रैकी की माध्यमिक शाला तथा नुनेरा संकुल की बांधाखार पूर्व माध्यमिक शाला की मोहल्ला क्लासेस का निरीक्षण किया। डाॅ. शुक्ला ने इन कक्षाओं में विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों से किताबों में लिखे पाठ पढ़वाकर उनके अक्षर ज्ञान को परखा। प्रमुख सचिव ने बच्चों से गिनती, जोड़-घटाना, गुणा-भाग आदि के सवाल भी किये। डाॅ. शुक्ला ने बच्चों को चित्रों, माॅडलों, कहानियों के माध्यम से पढ़ाने के सरल-सुगम तरीकों की तारीफ की और इस कोरोना महामारी के दौरान बच्चों को सावधानी पूर्वक पढ़ाने पर शिक्षकों की हौसला अफजाई भी की। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ कुंदन कुमार, नगर निगम के आयुक्त एस. जयवर्धन और जिला शिक्षाधिकारी सतीश पाण्डेय मौजूद रहे।

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