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31-05-2020
राज्यपाल आदिवासी-ग्रामीण क्षेत्रों में शुरू करना चाहतीं हैं प्राकृतिक चिकित्सा और योग का संस्थान

रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके ने कहा कि स्वस्थ जीवन ही हमारी असली पूंजी है। योग और प्राकृतिक चिकित्सा को अपनाकर अपने जीवन को निरोगी बना सकते हैं। मेरा मानना है कि इस कोरोना महामारी के समय नेचुरोपैथी और योग का अधिक से अधिक उपयोग करें, इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी और इससे हम संक्रमण से मुक्त रहेंगे। राज्यपाल ने रविवार शाम सूर्या फाउंडेशन व इंटरनेशनल नेचुरोपैथी ऑगेर्नाइजेशन के नेचुरोपैथी डॉक्टर्स, विद्यार्थी, आईएनओ के सदस्य व सूर्या फाउण्डेशन आदर्श गांव योजना के सभी कार्यकर्ताओं को फेसबुक लाइव से संबोधित किया। उन्होंने सूर्या फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि प्राकृतिक चिकित्सा को घर-घर पहुंचाएं। राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में योग और आयुर्वेद के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अपने जीवन में अपनाया है। राज्यपाल ने सभी लोगों से आग्रह किया कि वे भी इसे अपने जीवन में अपनाएं और नियमित रूप से अभ्यास करें। राज्यपाल ने संकल्प लिया है कि जब भी उन्हें समय मिलेगा तो वे आदिवासी-ग्रामीण क्षेत्रों में प्राकृतिक चिकित्सा और योग का संस्थान प्रारंभ करेंगी। इससे वे यहां के लोगों को जागरूक करेंगी।

राज्यपाल ने कहा कि संसार के सभी प्राणी प्रकृति से जुड़े हैं। प्रकृति से प्राप्त शक्ति से ही सब प्राणी सदैव स्वस्थ व निरोग रहते हैं। इसलिए बीमार पड़ने पर प्रकृति के पंच तत्व मिट्टी, पानी, धूप, हवा व उपवास से सब रोगों का इलाज करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे स्वयं भी प्रकृति से जुड़ी हुई हैं। इस लॉक डाउन के दौरान वे नियमित रूप से सुबह-शाम वाकिंग और योग-प्राणायाम कर रहीं हैं। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी भी विभिन्न बीमारियों का इलाज प्राकृतिक चिकित्सा से करते थे। राज्यपाल ने कहा कि आधुनिक समय में मनुष्य की जीवन शैली अप्राकृतिक होती जा रही है। वह रात में देर से सोता है और सुबह देर से उठता है, जिसके कारण आधुनिक चिकित्सा के साथ-साथ नए रोगों की बढ़ोत्तरी हो रही है। मनुष्य अप्राकृतिक आहार-विहार अपनाकर घातक रोगों को आमंत्रित कर रहा है। अब समय आ गया है कि इसके बारे में गंभीरता से सोचा जाएगा, उत्तम स्वास्थ्य प्राप्ति के लिए हमें अपने जीवन में परिवर्तन कर अपने खान-पान रहन-सहन व विचारों को बदलना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक चिकित्सा में आहार को औषधि कहा जाता है। सभी से आग्रह है कि हमारी भारतीय चिकित्सा का ज्ञान व लाभ घर-घर तक पहुंचाने ईमानदारी से प्रयास करें।

 

22-05-2020
 टीएस सिंहदेव ने जिला पंचायत अध्यक्षों को लिखा पत्र, कहा- पंचायत भवन का काम 2 अक्टूबर के पहले करें पूरा

रायपुर। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टीएस सिंहदेव ने प्रदेश में गठित सभी नए ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन निर्माण का काम 2 अक्टूबर से पहले पूर्ण कराने जिला पंचायत अध्यक्षों को पत्र लिखा है। उन्होंने सभी जिला पंचायत अध्यक्षों को इस काम में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने का आग्रह करते हुए लिखा है कि 2 अक्टूबर 2020 तक नए पंचायत भवन तैयार हो जाने पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती कार्यक्रमों के समापन के मौके पर इनका लोकार्पण किया जा सकेगा। सिंहदेव ने जिला पंचायत अध्यक्षों को लिखे पत्र में जानकारी दी है कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा मनरेगा और राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के अंतर्गत प्रदेश में नवगठित सभी 704 ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन के निर्माण के लिए कुल 101 करोड़ 51 लाख 68 हजार रूपए स्वीकृत किए गए हैं। प्रत्येक भवन की लागत 14 लाख 42 हजार रूपए है। विभाग ने नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों के सुझावों एवं उनकी मांगों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इतनी बड़ी राशि मंजूर की है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री ने पत्र में पंचायतीराज व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण और उन्हें अधिकार संपन्न बनाने में देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी की भूमिका को भी रेखांकित किया है। सिंहदेव ने 21 मई को पुण्यतिथि पर उन्हें याद करते हुए कहा है कि स्व.राजीव गांधी की दूरदर्शिता के कारण ही आज पंचायतीराज संस्थाएं इतनी सशक्त भूमिका में हैं।
 

26-02-2020
विद्यार्थी ज्ञान से अपने जीवन के उद्देश्यों को प्राप्त करें, सही अर्थ में यह है दीक्षांत : राज्यपाल  

रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके ने कहा कि सही अर्थ में दीक्षांत वह है जब विद्यार्थी अब तक प्राप्त ज्ञान के आधार पर अपने जीवन के उद्देश्यों को प्राप्त करें और अपने अर्जित ज्ञान को मूर्त रूप देते हुए जीवन के संघर्षमय मार्ग में अग्रसर हो सके। जिन विद्यार्थियों ने उपाधि प्राप्त कर प्रतिज्ञा ली है वे संस्कारों को अपनाते हुए राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दें। यह बात राज्यपाल उइके ने आज पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के 25वें दीक्षांत-समारोह को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने सभी उपाधि और स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दी। इस अवसर पर राज्यपाल, मुख्यमंत्री सहित अन्य अतिथियों ने शोधार्थियों को उपाधि और प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक देकर सम्मानित किया।

राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश की उच्च-शिक्षण संस्थानों और विश्वविद्यालयों का यह महत्वपूर्ण दायित्व है कि वे वर्तमान युवा पीढ़ी एवं भावी पीढ़ी के लिए उच्च स्तरीय शैक्षणिक माहौल तैयार करें ताकि उनके और मानव-जाति के विकास की राह प्रशस्त हो सके। इसके साथ ही ऐसी शैक्षणिक प्रणाली विकसित करनी चाहिए जो इन युवाओं को अपने देश की संस्कृति, अनुशासन, संयम और अध्यात्म से प्रत्यक्ष जोड़ सके। उन्होंने कहा कि युवा-वर्ग से मेरी अपेक्षा है कि वह न सिर्फ आत्मनिर्भर बनते हुए पारिवारिक व सामाजिक दायित्वों को सहर्ष पालन करें बल्कि अपने नैतिक मूल्यों को भी अच्छी तरह समझें। ये मूल्य ही आगे राष्ट्र-मूल्य बनकर हमें देश और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का पालन कराना सिखाते हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उपाधि और पदक प्राप्त करने वाले शोधार्थी-विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी और कहा कि जो विद्यार्थी शोध करने के इच्छुक हैं, वे ऐसे विषयों का चयन करें, जिनका वर्तमान परिवेश में अधिक आवश्यकता है। विश्वविद्यालय से उपाधि पाने वाले युवा अपने रोजगार तथा कैरियर के साथ सामाजिक जिम्मेदारियों के निर्वाह में भी अपनी भूमिका निभाएं।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं वर्षगांठ पर राज्य सरकार महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज की परिकल्पना को लेकर आगे बढ़ रही है। ‘छत्तीसगढ़ के चार चिन्हारी-नरवा, गरवा, घुरवा, बारी’ योजना प्रारंभ की गई है। इस योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इस योजना की चर्चा पूरे देश में है। अमेरिका प्रवास के दौरान लोगों ने बड़ी उत्सुकता से इस योजना की जानकारी ली। लोग इस योजना को जलवायु परिवर्तन के समाधान के रूप में देख रहे हैं। उच्च शिक्षा के साथ प्रत्येक विद्यार्थी के लिए अपने ग्राम के विकास, पशुधन संरक्षण और कृषक जीवन के विषय को अध्ययन-अध्यापन के क्षेत्र से जोड़ने की आवश्यकता है, ताकि उच्च शिक्षा जीवन के सभी पहलुओं से जुड़ सके। इस अवधारणा से ही विश्व में हो रहे जलवायु परिवर्तन का सामना किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्र-छात्राएं गांव में जाकर समय व्यतीत करें। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि छत्तीसगढ़ के नवनिर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।

मुख्य वक्ता वरिष्ठ साहित्यकार अशोक वाजपेयी ने कहा कि सपने वही बड़े होते हैं, जो दूसरों के लिए देखे जाते हैं और प्रार्थना भी वही बड़ी होती है जो दूसरों के लिए की जाती है। उन्होंने कहा कि दुनिया को बदलने की क्षमता युवाओं में है, अतः युवाओं को सपने अवश्य देखना चाहिए। वाजपेयी ने वरिष्ठ साहित्यकार गजानंद माधव मुक्तिबोध को याद करते हुए कहा कि सफलता की शुरूआत ही विफलता से होती है, इसलिए विफलता में भी सार्थकता है। उन्होंने कहा -मेरे हिसाब से आज पहला संकट ज्ञान को लेकर है। अज्ञान का लगातार लगभग, हर दिन, कई बार शिखर से, प्रतिपादन और महिमामंडन हो रहा है। सारी शिक्षा को उपकराणात्मक बनाने का उद्यम चल रहा है। ज्ञान पाने का अपना सुख है, जिसे हम भूल चुके हैं।  उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल ने कहा कि देश एवं समाज के विकास में उच्च शिक्षा का महत्वपूर्ण स्थान है। गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के माध्यम से सामाजिक, राजनैतिक एवं आर्थिक परिवर्तन संभव है। आज के बदलते परिवेश में वैश्विक अर्थव्यवस्था का ज्ञान प्रदान करने वाली इकाई के रूप में शिक्षा किसी देश के विकास की मुख्यधारा से जुड़ी हुई एक महत्वपूर्ण कड़ी है। छत्तीसगढ़ में विकास का नया दौर शुरू होने जा रहा है।  इस अवसर पर महापौर एजाज ढेबर, कुलपति केशरीलाल वर्मा सहित विद्यार्थी और उनके परिजन तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

 

24-02-2020
छत्तीसगढ़ विधानसभा आदर्श परंपराओं और अनुपम कार्यप्रणाली का गढ़ : राज्यपाल अनुसुईया उइके

रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके के अभिभाषण के साथ आज सोमवार को छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र शुरू हुआ। छत्तीसगढ़ राज्य की पांचवीं विधानसभा के सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मुझे प्रसन्नता का अनुभव हो रहा है। आप लोगों ने छत्तीसगढ़ विधानसभा को आदर्श परंपराओं और अनुपम कार्यप्रणाली का गढ़ बनाया है, इसके लिए मैं आप सभी को साधुवाद देती हूं। मुझे आशा ही नहीं बल्कि विश्वास है कि नये वर्ष 2020 में भी आप लोग जनता के नुमाइंदे के रूप में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वाह पूरी लगन और निष्ठा से करते हुए जनता के सपनों को पूरा करेंगे।
 

सरकार ने संस्कृति,धरोहर और विभूतियों के सम्मान की परिपाटी को आगे बढ़ाया

राज्यपाल ने कहा कि यह बड़े ही गौरव का विषय है कि छत्तीसगढ़ विधानसभा में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर वर्षभर कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया है, जिसकी शुरुआत 2 अक्टूबर 2019 को विशेष सत्र के आयोजन के साथ हुई। देश में अपनी तरह की इस नई पहल से प्रदेश की छवि उज्जवल हुई। अपनी संस्कृति, धरोहर और विभूतियों के सम्मान की परिपाटी को आगे बढ़ाते हुए मेरी सरकार ने रायपुर में स्वामी विवेकानंद स्मारक, भगवान राम वनगमन परिपथ के विकास की दिशा में कार्य शुरू करके बहुत ही सकारात्मक संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के अनुसार अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के आरक्षण को आगामी 10 वर्षों के लिए बढ़ाने का प्रस्ताव पारित करने में आप लोगों का योगदान दर्ज होना निश्चय ही सौभाग्य का विषय है। मेरी सरकार ने त्वरित निर्णयों और विभिन्न कार्यों से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक वर्ग, पिछड़े तबकों सहित सभी वर्गों में नई उम्मीद जगाई है। प्रदेश में नगरीय निकायों और त्रिस्तरीय पंचायत राज संस्थाओं के चुनाव पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता से संपन्न हुए।  इससे निचले स्तर पर लोकतंत्र को मजबूती मिली। इस महती जिम्मेदारी को पूरा करने में सहयोगी अमले और मतदाताओं को बधाई प्रेषित करती हूं।

निर्दोष आदिवासियों को प्रकरणों से मुक्ति का मार्ग हुआ प्रशस्त

राज्यपाल ने कहा कि एक साल पहले बस्तर के बहुत से आदिवासी परिवारों की जिंदगी आपराधिक प्रकरणों के कारण बेहद कष्ट में थी। मेरी सरकार ने इसके लिए जस्टिस एके पटनायक की अध्यक्षता में एक समिति गठित की, जिसकी सिफारिश पर निर्दोष आदिवासियों को प्रकरण से मुक्ति का मार्ग प्रशस्त हुआ है, जो उनके लिए बहुत बड़ी आर्थिक और सामाजिक राहत भी है। बस्तर में लोहण्डीगुड़ा, आदिवासियों को न्याय दिलाने का प्रतीक बन गया है। इससे जल-जंगल-जमीन पर उनके अधिकार को रेखांकित करने में मेरी सरकार सफल हुई है। प्रसन्नता का विषय है कि सरकार गठन के मात्र एक माह की अल्प अवधि में ही  जमीन वापसी की सारी प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई, और यह संदेश भी प्रखरता के साथ गया कि मेरी सरकार आदर्श पुनर्वास कानून का पालन कराने के प्रति गंभीर है।

अनुसूचित जनजाति और वन निवासियों को मिला लाभ

उन्होंने कहा कि मेरी सरकार ने अनुसूचित जनजाति की वनों पर निर्भरता, वनों पर निर्भर आजीविका के विषयों को काफी गंभीरता से लेते हुए अनुसूचित जनजाति और अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम-2006 के विभिन्न प्रावधानों का उचित पालन करते हुए ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसका लाभ दिलाने का निर्णय लिया है। इसके तहत जहां एक तरफ पूर्व में निरस्त दावों की पुन: समीक्षा की जा रही है। सामुदायिक वन अधिकारों के तहत बड़े पैमाने पर ग्रामीणों को जमीन के अधिकार पत्र देने के लिए भी बड़े कदम उठाये जा रहे हैं। मेरी सरकार ने दशकों से उपेक्षित रहे बस्तर के अबुझमाड़ क्षेत्र की विशेष चिन्ता की गई है और वहां के निवासियों को वन अधिकार पत्र देने की विशेष पहल की जा रही है।

लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं को मजबूत करने की दिशा में उठाए गए अनेक कदम

राज्यपाल ने कहा कि मेरी सरकार ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के बच्चों को शिक्षा की बेहतर सुविधाएं देते हुए प्री-मेट्रिक छात्रावास एवं आवासीय विद्यालयों सहित आश्रमों में निवासरत विद्यार्थियों की शिष्यवृत्ति दर बढ़ाकर 1000 रुपए प्रतिमाह कर दी है। मेट्रिकोत्तर छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए भोजन सहायता की राशि बढ़ाकर 700 रू. प्रतिमाह कर दी गई है। 17 नये एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय शुरू किये गये हैं। स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए मेरी सरकार  लगभग 15 हजार स्थाई शिक्षक-शिक्षिकाओं की भर्ती कर रही है जिससे 7 हजार से अधिक शिक्षक-शिक्षिकायें आदिवासी अंचलों की शालाओं को मिलेंगे। मेरी सरकार ने बस्तर व सरगुजा संभाग के साथ कोरबा जिले में अनुसूचित जनजाति युवाओं की बहुलता को देखते हुए जिला संवर्ग के तहत तृतीय, चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों में भर्ती की अवधि 31 दिसम्बर 2021 तक बढ़ा दी है। बस्तर और सरगुजा संभाग में स्थानीय लोगों की भर्ती में तेजी लाने के लिए विशेष कनिष्ठ कर्मचारी चयन बोर्ड का गठन, कौशल उन्नयन और रोजगारपरक प्रशिक्षण के अनेक उपाय किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेरी सरकार ने प्रदेश में लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं को मजबूत करने की दिशा में अनेक नये कदम उठाये हैं। बस्तर, सरगुजा तथा मध्य क्षेत्र के लिए पृथक-पृथक आदिवासी विकास प्राधिकरण गठित किये गये हैं और मुख्यमंत्री के स्थान पर स्थानीय विधायकों को ही अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के पद पर पदस्थ किया गया है।

सरकार के काम-काज से किसानों का विश्वास मजबूत हुआ

राज्यपाल ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को विश्व के सामने प्रस्तुत करने के लिए मेरी सरकार ने राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का आयोजन किया, जिसमें 24 प्रदेशों, 6 अन्य देशों के 1800 कलाकारों ने सीधी भागीदारी निभाई। वहीं, विभिन्न दलों के चयन के लिए ब्लॉक स्तर से शुरू हुई प्रतियोगिता में 15 हजार से अधिक आदिवासी कलाकार शामिल हुए। मेरी सरकार ने किसानों को प्रति क्विंटल धान के लिए 2500 रुपए देने, अल्पकालीन ऋण माफी के साथ ही मक्के की खरीदी समर्थन मूल्य पर करने, उद्यानिकी फसलों का विस्तार करने जैसे अनेक किसान हितकारी कदम उठाये हैं, जिससे किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिल रही है। मेरी सरकार के काम-काज से किसानों का विश्वास सरकार तथा खेती किसानी के प्रति मजबूत हुआ है। यही वजह है कि एक साल में ब्याज मुक्त कृषि ऋण प्रदाय ने 4 हजार करोड़ रू. के आगे निकलने का नया कीर्तिमान स्थापित किया है। राज्य के सहकारी शक्कर कारखानों में उत्पादित शक्कर को सार्वजनिक वितरण प्रणाली में लिया जा रहा है। कवर्धा स्थित शक्कर कारखाने में इथेनॉल प्लांट की स्थापना की कार्यवाही शुरू कर दी गई है। पंडरिया और अंबिकापुर के सहकारी शक्कर कारखानों में भी इथेनॉल प्लांट लगाये जाएंगे। धान से इथेनॉल बनाने के लिए भी पुरजोर कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि कोंडागांव जिले के ग्राम कोकोड़ी में 136 करोड़ रुपए की लागत से मक्का प्रसंस्करण इकाई स्थापित की जा रही है।  सुकमा से लेकर सरगुजा तक प्रदेश में अनेक स्थानों पर फूड पार्क, कृषि तथा वनोपज प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना की दिशा में ठोस प्रगति की जा रही है।

ग्रामीण संस्कृति के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास को मिली नई दिशा

राज्यपाल ने कहा कि मेरी सरकार की अभिनव पहल नरवा, गरवा, घुरवा, बारी से ग्रामीण संस्कृति के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास को नई दिशा मिली है। जिसके अंतर्गत 1000 से अधिक जलाशयों के वैज्ञानिक ढंग से विकास के कदम उठाए जा रहे हैं। 4000 से अधिक ग्राम पंचायतों में गौठानों का विकास किया जा रहा है जिसमें से प्रत्येक विकासखंड में एक ह्यमॉडल गौठानह्ण बनाया जा रहा है। घुरवा कार्यक्रम के अंतर्गत लगभग 3 लाख 14 हजार मीट्रिक टन जैविक खाद का निर्माण और उपयोग किया गया है। अब इस कार्यक्रम का समुचित विस्तार हो रहा है। मेरी सरकार जल संसाधन विकास के सारे विकल्पों पर भी गंभीरता से कार्य कर रही है। समग्र और समन्वित प्रयासों के लिए जल संसाधन नीति तैयार की जा रही है। सिंचाई विकास प्राधिकरण का गठन किया गया है। वर्तमान में निर्मित योजनाओं से लगभग 13 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में वास्तविक सिंचाई हो पाती है। इसे बढ़ाकर 5 वर्षों में दोगुना करने के लिए 55 सूक्ष्म सिंचाई 2,292 लघु 80 उद्वहन सिंचाई योजनाएं तथा 689 एनीकट,स्टापडेम का का कार्य शीघ्र पूरा करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।

युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए बहु-आयामी प्रयासों पर बल

राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश में श्रमिकों को सम्मान-सुरक्षा और सुविधा का जीवन मुहैया कराने के लिए अनेक प्रयास किये गए हैं। औद्योगिक स्थापनाओं में सेवारत कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 58 से बढ़ाकर 60 वर्ष कर दी गई है। असंगठित श्रमिकों के कल्याण हेतु समग्र नीति का निर्माण किया जा रहा है। संगठित श्रमिकों तथा निर्माण श्रमिकों के कल्याण हेतु नए कदम उठाए जा रहे हैं। इसके अलावा दुकान एवं स्थापना अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत संस्थानों को वार्षिक नवीनीकरण से छूट दी गई है। 10 से कम श्रमिकों वाले संस्थानों, संविदा श्रम अधिनियम में नवीनीकरण की छूट जैसी अनेक रियायतों से राहत का दायरा बढ़ा है। मेरी सरकार ने युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए बहु-आयामी प्रयासों पर बल दिया है, जिसके तहत् प्रदेश में 10 आदर्श महाविद्यालयों की स्थापना, 54 महाविद्यालयों में अधोसंरचना विकास हेतु आर्थिक सहायता दी गई है, वहीं दूसरी ओर सहायक प्राध्यापक, ग्रंथपाल, क्रीड़ा अधिकारी के लगभग एक हजार 500 पदों पर भर्ती की जा रही है। 34 सरकारी कॉलेजों में लगभग 4 हजार तथा 56 अशासकीय कॉलेजों में 6 हजार सीटें बढ़ाई गई हैं। हर जिले में कन्या छात्रावास की उपलब्धता को अनिवार्य बनाया गया है।
उन्होंने कहा कि मेरी सरकार ने युवाओं के कैरियर के अवसरों को बढ़ाने के लिए पढ़ाई के साथ खेल और अन्य विधाओं पर भी ध्यान दिया है। छत्तीसगढ़ खेल प्राधिकरण का गठन, राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक विजेताओं को मिलने वाली पुरस्कार राशि में वृद्धि और राज्य स्तरीय युवा महोत्सव का आयोजन इसी दिशा में किए गए प्रयास हैं। जिसका असर युवाओं के उत्साह और उनकी रचनात्मक सोच में वृद्धि के रूप में दिखाई पड़ रहा है। स्वामी विवेकानंद के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित युवा महोत्सव में प्रदेश के 7 हजार से अधिक युवाओं ने रायपुर आकर 37 विधाओं में 821 प्रस्तुतियां दी, इस प्रकार युवाओं में उमंग, भाई-चारे और समन्वय को नई दिशा मिली।

आवासीय और निर्माण संबंधी गतिविधियों को बढ़ावा

राज्यपाल ने कहा कि मेरी सरकार ने समाज के कमजोर और मध्यमवर्गीय परिवारों की आर्थिक समस्याओं को हल करने का वायदा भी पूरी शिद्दत से निभाया है। छोटे भूखण्डों की खरीदी-बिक्री पर लगी रोक हटाने, गाइड लाइन दरों में 30 प्रतिशत की कमी, पंजीयन शुल्क में 2 प्रतिशत की कमी जैसे जमीनी फैसलों से लाखों लोगों को राहत मिली। लगभग एक लाख छोटे भूखण्डों का सौदा हुआ और इससे कई परिवारों में शादी, शिक्षा और कई जरूरतों के लिए पैसे का इंतजाम हुआ। नगरीय क्षेत्रों में 7500 वर्गफीट तक की सरकारी जमीन के 30वर्षीय पट्टे, फ्री-होल्ड अधिकार, भू-भाटक से छूट, नामांतरण-डायवर्सन में सरलता, भुइयां सॉफ्टवेयर से जन सुविधा जैसे अनेक फैसलों से जन-जीवन को इस बात का अहसास हुआ कि सरकार उनके साथ है। मेरी सरकार ने आवासीय तथा निर्माण संबंधी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए भी सार्थक कदम उठाये हैं। कॉलोनी-टाउनशिप के विकास हेतु अनापत्तियां-अनुमतियां सिंगल विंडो से देने की प्रणाली विकसित की गई है। आॅनलाइन भवन तथा विकास अनुज्ञा की व्यवस्था से पारदर्शिता और सुगमता बढ़ेगी। नदियों की सफाई और प्रदूषण नियंत्रण के लिए विभिन्न विभागों और स्थानीय निकायों को समन्वय के साथ काम करने की प्रणाली विकसित की गई है तथा एक्शन प्लान बनाया गया है। बस्तर में ह्यइंद्रावती विकास प्राधिकरण का गठन किया गया है।

सबकी सेहत के लिए दो महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू

राज्यपाल ने कहा कि मेरी सरकार ने सबकी सेहत का ध्यान रखते हुए 2 महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू की हैं। ह्यडॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत प्राथमिकता एवं अंत्योदय राशन कार्डधारी 56 लाख परिवारों को 5 लाख रुपए तक एवं शेष राशन कार्डधारी परिवारों को 50 हजार रुपए तक के उपचार की सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत दुर्लभ व गंभीर बीमारियों के लिए 20 लाख रुपए तक की स्वास्थ्य सहायता दी जाएगी। मेरी सरकार ने शहरों और गांवों में रहने वाले अनुसूचित जाति, जनजाति परिवारों की सेहत संबंधी विशेष जरूरतों को काफी बारीकी से समझा है। मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना आदिवासी अंचलों में ऐसे परिवारों के लिए जीवनदायिनी बन गई है, जो किसी भी कारण से अस्पताल नहीं पहुंच पाते थे। जनवरी 2020 तक 2 हजार 343 हाट बाजारों में 17 हजार 150 शिविर आयोजित किए गए, जिसका लाभ 10 लाख 3 हजार मरीजों को मिला। इसी प्रकार ह्यमुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत 3 हजार 318 शिविर आयोजित किए गए, जिसका लाभ एक लाख 45 हजार से अधिक मरीजों को मिला। राज्य में मलेरिया उन्मूलन हेतु पहली बार बस्तर संभाग के मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों से मलेरिया परजीवी को समूल नष्ट करने हेतु ह्यमलेरिया मुक्त बस्तर अभियान चलाया जा रहा है। 15 जनवरी से 14 फरवरी 2020 तक बस्तर संभाग अंतर्गत उन सभी क्षेत्रों में जिनका वार्षिक परजीवी सूचकांक 10 से अधिक है, वहां घर-घर सघन जांच तथा पूर्ण उपचार किया गया। इस अभियान में दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा एवं नारायणपुर जिले के सभी विकासखण्ड तथा बस्तर, कांकेर व कोण्डागांव जिले के 3 विकासखण्ड के 39 उप स्वास्थ्य केन्द्र शामिल हैं।

विश्वास, विकास और सुरक्षा की त्रिवेणी से कानून और व्यवस्था को संवारा

राज्यपाल ने कहा कि मेरी सरकार ने विश्वास, विकास और सुरक्षा की त्रिवेणी से कानून और व्यवस्था को संवारा है। राज्य की नक्सल पुनर्वास कार्य-योजना को और अधिक आकर्षक बनाया गया है। प्रदेश में चिट्फण्ड, सायबर अपराध, मानव तस्करी रोकने के लिए जन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अंजोर रथ, जनमित्र, ग्राम रक्षा समितियाँ, सीनियर सिटिजन सेल, महिला हेल्प डेस्क आदि ने सामुदायिक पुलिसिंग के नए प्रतिमान स्थापित किए हैं। पुलिस बल का मनोबल बढ़ाने की दिशा में सप्ताहिक अवकाश से लेकर रिस्पांस भत्ता देने तक अनेक कदमों ने भूमिका निभाई है। सचेत पुलिस बल और न्याय दिलाने की स्वस्फूर्त पहल के कारण नक्सली हिंसा और अपराधों में कमी आई है। इस स्थिति को बनाए रखना और बेहतर बनाना अपने आप में एक चुनौती है। मेरी सरकार ने नई आबकारी नीति के तहत् नशाबंदी के संबंध में अध्ययन हेतु राजनीतिक समिति, सामाजिक समिति, प्रशासनिक समिति गठित की है। वर्ष 2019-2020 में 50 मदिरा दुकानों को बंद किया गया है, वहीं एक अप्रैल 2020 से 49 बीयर बार बंद करने का भी निर्णय लिया गया है। शराब व्यसन मुक्ति अभियान के तहत नशामुक्ति अभियान दल का गठन प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत में किया जा रहा है। मेरी सरकार के कामकाज के कारण छत्तीसगढ़ को देश के नए विश्वास के रूप में देखा जा रहा है। अपने संसाधनों का सम्मान, राज्य में वैल्यू एडीशन, नई औद्योगिक नीति से लेकर सामाजिक सद्भाव तक की इसमें बड़ी भूमिका है। छत्तीसगढ़ राज्य के गठन ने अपनी सार्थकता साबित की है। विकास का नया-दौर, सबकी खुशहाली और सबकी भागीदारी का नया-दौर साबित हो, इसके लिए आप सबकी एकजुटता के साथ विकास की गति आगे बढ़ाने में सहयोग करेंगे ऐसा मेरा अटूट विश्वास है।

22-02-2020
कस्तूरबा गांधी की पुण्यतिथि पर भूपेश बघेल ने किया नमन

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की धर्मपत्नी और देशसेवा के महाव्रत में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की सदैव साथी रहीं कस्तूरबा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री बघेल ने उन्हें याद करते हुए कहा कि गांधी जी के स्वतंत्र भारत के सपने को साकार करने में एक दृढ़ समर्पित सहभागी की भूमिका ‘बा‘ ने निभाई। बापू के संघर्ष की गाथा को ‘बा‘ के योगदान के बिना पढ़ना सदैव अधूरा लगता है।

 

 

04-02-2020
केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं का अधिकतम लाभ मिले सफाई कामगारों को : हाथीबेड

रायपुर। न्यू सर्किट हाउस में मंगलवार को केन्द्र सरकार के राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के सदस्य दिलीप के. हाथीबेड ने विभिन्न शासकीय विभागों और नगर निगम के अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में सफाई कामगार संगठनों के पदाधिकारी, प्रतिनिधि भी उपस्थिति थे। उन्होंने सफाई कामगारों के हित में शासन की लोककल्याणकारी मंशा के अनुरूप कार्य करने के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के सदस्य  हाथीबेड ने बैठक में कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की मंशा के अनुरूप देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विगत 2 अक्टूबर 2014 को भारत सरकार की ओर से राष्ट्र व्यापी स्वच्छ भारत मिशन सफाई कामगारों की बस्ती में पहुंचकर सफाई श्रमदान करके नया इतिहास रचते हुए कार्य करना व्यवहारिक रूप से प्रारंभ किया। केन्द्र एवं राज्य शासन के अधिकारियों व कर्मचारियों को शासन व प्रधानमंत्री की लोककल्याणकारी मंशा के अनुरूप सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाकर सफाई कामगारों को वांछित लाभ दिलाने प्रण पूर्वक कार्य पूरी गंभीरता व ईमानदारी के साथ करके अपना प्रशासनिक दायित्व निर्वहन करना चाहिए।

बैठक में आयोग के सदस्य हाथीबेड ने विभिन्न सफाई कामगार संगठनों के पदाधिकारियों से उनकी समस्याओं की जानकारी ली। विभिन्न समस्याओं के नियमानुकुल प्रक्रिया के तहत समाधान के संबंध में आवश्यक निर्देश अधिकारियों को दिए। बैठक में आयोग के सदस्य हाथीबेड ने रायपुर नगर निगम के सफाई कामगारों की समस्याओं की जानकारी उनके संगठनों के पदाधिकारियों से लेकर इस संबंध में सफाई कामगारों के हित में केन्द्र एवं राज्य शासन की नीतियों के अनुरूप किये जा रहे कार्यों की जानकारी निगम अपर आयुक्त लोकेश्वर साहू से ली। साथ ही विभिन्न शासकीय विभाग के अधिकारियों से सफाई कामगारों में समस्याओं के निदान के लिए किये जा रहे कार्यों की जानकारी लेकर बैठक में समीक्षा की। उन्होंने सफाई कामगारों की सभी समस्याओं के नियमानुसार प्रक्रिया के तहत निर्धारित समय सीमा में शत प्रतिशत संख्या में निदान समाज हित में प्राथमिकता बनाकर करवाने और पालन प्रतिवेदन देने के निर्देश आयोग के सदस्य  हाथीबेड ने नगर निगम सहित विभिन्न शासकीय विभागों के अधिकारियों को दिए। इस दौरान नगर निगम के जोन कमिश्नर  दिनेश कोसरिया, चंदन शर्मा भी उपस्थित थे।

 

 

31-01-2020
राजभवन में दो दिवसीय स्वास्थ्य शिविर का हुआ समापन

रायपुर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर राजभवन के दरबार हाल में राजभवन के अधिकारियों, कर्मचारियों और उनके परिजनों के लिए आयोजित दो दिवसीय स्वास्थ्य शिविर का आज समापन हुआ। स्वास्थ्य शिविर में कुल 375 लोगों ने स्वास्थ्य परीक्षण कराया। शिविर में 268 लोगों ने रक्त परीक्षण कराया। शिविर में मोबाईल डेंटल वाहन के माध्यम से लोगों ने दंत रोग का इलाज भी कराया। इस अवसर पर राजभवन के चिकित्सा अधिकारी डॉ. रूपल पुरोहित, डॉ. सुनीति मंगरूलकर, डॉ. शिशिर साहू सहित राजभवन के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
 

31-01-2020
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की निर्वाण तिथि पर दो दिवसीय उपवास का समापन

रायपुर। महात्मा गांधी की निर्वाण तिथि पर प्रदेश के ख्यात गांधीवादी रमेशचंद्र शुक्ला ने गांधी के स्मरण में उपवासकर्ता पं.अरुणेश कुमास शर्मा को जूस पिला कर उपवास का समापन करवाया। नगर निगम मुख्यालय के समक्ष निगम गार्डन में गांधीजी की निर्वाण तिथि पर गांधी गैर राजनीतिक संस्थान के तत्वावधान में दो दिवसीय (30 घंटे) की उपवास एवं संवाद सभा का आयोजन किया गया। रमेशचंद्र शुक्ला ने गांधीजी के विचारों के अमरत्व पर चर्चा करते हुए माना कि यह गांधीजी का आशीर्वाद ही है कि युवा लोग अब गांधी चिंतन का महत्व समझने लगे हैं। गांधीजी के साथ अपने संस्मरणों की चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि बचपन में उन्हें गांधीजी गोद में खेलने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।

ज्ञात हो कि राष्ट्पिता महात्मा का गांधीजी की पुण्यतिथि पर आयोजित गांधीजी के गैर राजनीतिक चिंतन व व्यवहार पर आयोजित उपवास एवं संवाद सभा गत दिनांक 29 जनवरी को दूधाधारी मठ के महामंडलेश्वर डॉ.महंत रामसुंदर दास की उपस्थिति में आरंभ हुई थी। दो दिनों तक चले संवाद एवं उपवास सभा में नगर के अनेक नागरिकों ने उपस्थित होकर गांधीजी की विराटता एवं उनके वैश्विक अस्तित्व पर अपने विचार प्रस्तुत किए। उपवास व संवाद सभा के समापन अवसर पर नगर के महापौर ऐजाज ढेबर ने उपवास स्थल पर उपस्थित हो कर आयोजन को सार्थक बताया और आयोजन करने के लिए आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया। ढेबर ने कहा कि गांधीजी के विचारों को युवाओं में प्रचारित करने का यह उचित मंच और माध्यम है। उपवास सभा के संयोजक आदेश ठाकुर ने बताया कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की श्रद्धांजलि सभा में एमआईसी सुंदर जोगी,राधेश्याम विभार,पार्षद रमेश ठाकुर,उदयभान सिंह चौहान,अशोक जैन सांखला,कवि सुधीर सिंह,रमेश शर्मा,माधव यादव, सौरभ उपाध्याय,ज्ञानेन्द्र पांडेय,यदुनंदन देवांगन,महेश सोनी,नंद साहू आदि उपस्थित थे।

 

30-01-2020
शहीद दिवस पर दो मिनिट का मौन धारण कर शहीदों को दी गई श्रद्धाजंली

छिन्दवाडा। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि 30 जनवरी को शहीद दिवस के रूप में मनायी जाती है। शहीद दिवस के अवसर पर कलेक्टर डॉ.श्रीनिवास शर्मा की उपस्थिति में गुरूवार सुबह 11 बजे कलेक्टर कार्यालय के प्रागंण में 2 मिनिट का मौन धारण कर शहीदों को श्रद्धांजली दी गई। इस अवसर पर अतिरिक्त कलेक्टर राजेश शाही, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शशांक गर्ग, संयुक्त कलेक्टर दीपक वैद्य, नगर निगम आयुक्त इच्छित गढ़पाले, एस.डी.एम अतुल सिंह, डिप्टी कलेक्टर अजीत तिर्की सहित कार्यालय के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

अरविंद वर्मा की रिपोर्ट 

30-01-2020
राष्ट्रपिता की पुण्यतिथि पर दिया जागरूकता संदेश

रायपुर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 72वीं पुण्यतिथि राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण एवं राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत नशा मुक्ति संकल्प दिवस के रूप में मनाया गया। कार्यक्रमों का उद्देश्य जन समुदाय को नशा मुक्ति और मानसिक स्वास्थ्य पर जागरूक करना था। कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ के जिला सलाहकार डॉ. सृष्टि यदु ने बताया नशा मुक्ति दिवस मनाने से लोगों को स्वस्थ जीवन शैली का संदेश दिया गया। यह संदेश योगासन रैली और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से संदेश दिया गया। ‘’जीवन अमूल्य है इसकी रक्षा स्वयं करें’’ उन्होंने बताया स्वास्थ्य विभाग ने गांधी उद्यान में योगाभ्यास का आयोजन किया गया। इसमें भूतपूर्व सैनिको, स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने योगासन कर स्वस्थ जीवन शैली जीनें का संदेश दिया। योगासन उपरांत नशा मुक्ति के संकल्प की शपथ योगाचार्य देवेश सोलंकी द्वारा दिलाई गई।

एनसीसी के कैडेटों और जे. आर. दानी विद्यालय एवं जे. नारायण पांडेय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा जन जागरूकता रैली को कलेक्टर रायपुर भारतीदासन ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली कलेक्टर परिसर से गांधी उद्यान होती हुई अपने गंतव्य तक पहुंची। प्रदेश को नशा मुक्त बनाने, मानसिक स्वास्थ्य और तंबाकू से होने वाले नुकसान का संदेश देने के उद्देश्य से निर्मित नुक्कड़ नाटक का प्रदर्शन रामनगर, कबीर चौक और हीरापुर चौक पर किया गया। इसमें स्थानीय पार्षदों नागरिकों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया।

जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मीरा बघेल ने कहा स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए गए कार्यक्रम के माध्यम से जन संदेश पहुंचाने का कार्य किया। विशेष रूप से नुक्कड़ नाटक के माध्यम से नशा मुक्ति का संदेश दिया। जिला चिकित्सालय, रायपुर में मानसिक स्वास्थ्य के लिए स्थापित स्पर्श क्लिनिक को भी आमजन तक पहुंचाने का कार्य नुक्कड़ नाटक के माध्यम से किया गया। स्पर्श क्लिनिक नशा मुक्ति और मानसिक स्वास्थय के लिए काम करती है।
कार्यक्रमों में जिला सलाहकार जिला कार्यक्रम प्रबंधक मनीष मेजरवार, सोशल वर्कर नेहा सोनी, काऊंसलर अजय कुमार बैस, डॉ. डीएस परिहार द यूनियन के प्रकाश श्रीवास्तव मौजूद रहे।

30-01-2020
महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर महापौर, विधायक ने दी श्रद्धांजलि

रायपुर। नगर निगम रायपुर के संस्कृति विभाग ने राजधानी के टाउन हॉल के प्रांगण में स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की मूर्ति के समक्ष उनके निर्वाण दिवस पर नमन किया गया। नगर निगम संस्कृति विभाग के आयोजन में महापौर एजाज ढेबर, विधायक कुलदीप जुनेजा, निगम संस्कृति विभाग अध्यक्ष आकाश तिवारी, पार्षद सूर्यकांत राठौड़, प्रमोद मिश्रा, पूर्व पार्षद राधेश्याम विभार, संस्कृति विभाग प्रभारी अधिकारी हेमंत शर्मा, जोन 4 कमिश्नर चंदन शर्मा, निगम के संगीत शिक्षक राजेश केसरी सहित अन्य मौजूद रहे। सभी ने महात्मा गांधी को नमन कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।

30-01-2020
नगर पालिका अध्यक्ष ने गांधीजी की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि, किया प्रतिमा पर माल्यार्पण

महासमुंद। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष प्रकाश चंद्राकर ने गांधी चौक स्थित गांधी के प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आयोजित नशामुक्ति संकल्प एवं शपथ दिवस के रूप में मनाने निर्णय पर पालिका अध्यक्ष चंद्राकर ने पार्षद, एल्डरमेन, पालिका कर्मचारी एवं नागरिकों को समाज कल्याण विभाग के नशामुक्ति कार्यक्रम से प्रभावित होकर राष्ट्र, राज्य, समाज, परिवार एवं स्वयं के हित में किसी प्रकार के मादक द्रव्यों एवं पदार्थों का सेवन नहीं करने की शपथ दिलाई। इस अवसर पार्षद राहुल चंद्राकर,सुनील चंद्राकर, पवन वर्मा,प्रशांत श्रीवास्तव,गोलू मदनकार,लालू यादव,प्रकाश शर्मा,सौरभ सेन,पारूल चंद्राकर,लक्की सिंह,रिकेश यादव,अभियंता बीआर साहू एवं देवकुमार निर्मलकर उपस्थित थे।

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