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01-05-2020
दूरदर्शन पर प्रसारित रामायण ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, विश्व में सबसे ज्यादा देखा जाने वाला बना धारावाहिक...

नई दिल्ली। दूरदर्शन पर प्रसारित होने वाले प्रोग्राम 'रामायण' ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। कोरोना वायरस की वजह से देश में लागू लॉक डाउन के बीच सरकार ने रामानंद सागर की रामायण का दूरदर्शन पर दोबारा प्रसारण किया। अब इस शो ने विश्व रिकॉर्ड बना लिया है। रामायण के 16 अप्रैल के एपिसोड को दुनियाभर में 7.7 लोगों ने देखा। इस तरह वर्ल्ड रिकार्ड कायम करते हुए रामायण दुनिया में एक दिन में सबसे ज्यादा देखा जाने वाला मनोरंजन प्रोग्राम बन गया है। प्रसार भारती ने ट्वीट कर यह जानकारी दी। राष्ट्रीय चैनल के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से किए गए ट्वीट के अनुसार 'रामायण के दोबारा प्रसारण ने दुनिया भर में दर्शकों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है और यह 16 अप्रैल को 7.7 करोड़ दर्शकों की संख्या के साथ दुनिया भर में सबसे अधिक देखा जाने वाला मनोरंजन धारावाहिक बन गया है।

लंबे समय से लोगों की मांग थी कि रामायण को दोबारा प्रसारित किया जाए। जिसे ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने लॉक डाउन अवधि में रामायण को दोबारा प्रसारित करने का फैसला लिया। लोग रामायण और महाभारत जैसे पौराणिक धारावाहिकों को काफी पसंद कर रहे हैं। रोजाना सोशल मीडिया पर इसके एपिसोड और दृश्यों की चर्चा होती है। रामायण के दोबारा प्रसारण से धारावाहिक के मुख्य किरदार अरुण गोविल, दीपिका चिखलिया, सुनील लहरी और अरविंद त्रिवेदी एक बार फिर से चर्चा में आ गए हैं। वे लोगों से मिलने वाले प्यार और प्रतिक्रिया से काफी उत्साहित हैं। जिस दिन रामायण के पहले एपिसोड का प्रसारण हुआ था उस दिन इसे 17 मिलियन (एक करोड़, 70 लाख) लोगों ने देखा था।

 

17-04-2020
Video : राहत शिविर में रूके लोगों का प्रशासन रख रहा है पूरा ख्याल, कलेक्टर ने किया शिविर स्थल का अवलोकन

पेंड्रा। कोरोना संक्रमण के कारण लॉक डाउन की अवधि को बढ़ाने के दौरान प्रवासी श्रमिकों के लिए भोजन, आवास के साथ साथ उनके मानसिक स्वास्थ्य के लिए गुरुकुल शिविर में मनोरंजन और आत्मिक विकास का ध्यान भी रखा जा रहा है। जिले में प्रवासी श्रमिकों को शिविर में अपनेपन का अहसास हो रहा है। श्रमिकों ने कहा है कि यहां जो अपनत्व का अहसास मिला है, वो बेहद अच्छा लगा। कलेक्टर शिखा राजपूत तिवारी ने स्वयं गुरुकुल परिसर में निर्मित राहत शिविर का अवलोकन किया तथा प्रवासी श्रमिकों से चर्चा कर उनका उत्साहवर्धन किया। साथ ही उन सभी का मनोबल बढ़ाने के लिए उन्होंने कहा कि इस आपदा की स्थिति में स्वयं को बिल्कुल भी अकेला न समझें। जिला प्रशासन का प्रत्येक अधिकारी व कर्मचारी आप सब के साथ है और इस बात का ध्यान रख रहे हैं कि आप सभी को किसी प्रकार की भी दिक्कत न हो।

श्रमिकों ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा न केवल हमारे भोजन व आवास संबंधी समस्याओं को हल किया जा रहा है और दैनिक जीवन के लिए आवश्यक विभिन्न सामग्रियों को उपलब्ध कराया जा रहा है। हमारे मनोरंजन के लिए टेलिविज़न की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। टेलिविज़न के माध्यम से रामायण और महाभारत जैसे सीरियल देख कर न केवल हमारा मनोरंजन हो रहा है, हमे जीवन में अमल में लाने वाली महत्वपूर्ण शिक्षाएं भी प्राप्त हो रही हैं। हम यह सीख पा रहे हैं कि संकट की स्थिति में हमें अपना धैर्य न खोते हुए उत्साहपूर्वक परिस्थियों का सामना करना चाहिए और एक दूसरे का सहयोग करना चाहिए। श्रमिकों ने कहा कि प्रतिदिन प्रातः पी टी कराई जाती है और योग की कक्षाएं आयोजित की जाती हैं।

27-03-2020
लॉकडाउन में अब घर पर देखें 'रामायण', कल से दूरदर्शन पर फिर से होगा प्रसारित

नई दिल्ली। कोरोना लॉकडाउन के बीच सरकार ने अहम फैसला लिया है। लॉकडाउन के बीच फैंस के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने शुक्रवार को बताया कि जनता की मांग पर शनिवार 28 मार्च से 'रामायण' का प्रसारण फिर से दूरदर्शन के नेशनल चैनल पर शुरू होगा। उन्होंने कहा कि पहला एपिसोड सुबह 9.00 बजे और दूसरा एपिसोड रात 9.00 बजे होगा। यही नहीं, सरकार बी आर चोपड़ा के मशहूर सीरियल 'महाभारत' को भी फिर से प्रसारित करने की संभावना तलाश रही है। रामानंद सागर कृत 'रामायण' का प्रसारण साल 1987 में पहली बार और बीआर चोपड़ा की 'महाभारत' का प्रसारण साल 1988 में पहली बार दूरदर्शन पर हुआ था।

27-12-2019
Video : झारखंड के कलाकारों ने दी छाऊ नृत्य की प्रस्तुति

रायपुर। राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में झारखंड से आये कलाकारों ने छाऊ नृत्य की प्रस्तुति दी। छाऊ नृत्य में मार्शल आर्ट और करतबों की भरमार है। रामायण, महाभारत और पुराण की कथाओं को शामिल किया जाता है। नृत्य में शामिल होने वाले पात्रों का परिचय गाकर दिया जाता है। यह नृत्य केवल पुरुषों द्वारा किया जाता है।

16-11-2019
माता कौशल्या की जन्मतिथि बताने वाले को मिलेगा इनाम

रायपुर। छत्तीसगढ़ जिसे पुरातनकाल से ही दक्षिण कौशल के नाम से जाना जाता रहा है। रामचरित मानस व वाल्मिकी रामायण में भी कौशल प्रदेश का उल्लेख मिलता है। माता कौशल्या इसी कौशल प्रदेश (छत्तीसगढ़) की राजकुमारी थीं। वे पिता भानुमंत व माता सुबाला/अमृतप्रभा की पुत्री थीं। राजकुमारी कौशल्या को अयोध्या के राजकुमार दशरथ की अग्रमहिषी तथा मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की माता होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। वाल्मीकि रामायण, आनन्द रामायण, आध्यात्म रामायण, गुणभद्रकृत उत्तर पुराण सहित बलदेव प्रसाद मिश्र, मैथलीशरण गुप्त आदि के काव्यों में कौशल्या माता की कथाओं का वर्णन है। छत्तीसगढ़ प्रदेश की राजधानी रायपुर से तकरीबन 25 किलोमीटर दूर चंदखुरी (प्राचीन नाम चंद्रपुरी) गांव है। इसे माता कौशल्या की जन्म स्थली माना जाता है। यहां माता कौशल्या का मंदिर भी है। यह मंदिर दुर्लभतम है, जैसे पूरे देश में पुष्कर में ब्रह्मा का तथा कोणार्क में सूर्यदेव का एक मात्र मंदिर है। ठीक वैसे ही रायपुर के चंदखुरी में माता कौशल्या का एक मात्र मंदिर स्थित है। करीब 126 तालाब वाले इस गांव में सात तालाबों से घिरे जलसेन तालाब के बीच प्राचीन द्वीप पर यह मंदिर है, जहां भगवान श्रीरामचन्द्र की माता कौशल्या की प्रतिमा स्थापित है और रामलला उनकी गोद में विराजमान हैं। प्राप्त प्रमाण, पुरातत्व की खुदाई,प्राचीन ग्रन्थों,जनश्रुति, क्षेत्रीय दंतकथाओं आदि के अलावा ज्योतिष विज्ञान के क्षेत्र में रुचि रखने वाले समस्त विद्वानों को तत्सम्बन्ध में समस्त जानकारियों व ज्योतिष गणना आदि के द्वारा भगवान रामचन्द्र की कुंडली के चतुर्थ भाव के आधार पर माता कौशल्या की जन्मतिथि के निर्धारण एवं जन्मकुंडली तैयार किए जाने के लिए आमंत्रित किया जाता है।
विद्वानों से प्राप्त प्रस्ताव को चयनित विशेषज्ञ जजों (जूरी) द्वारा प्रमाणित किया जाएगा। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्वान को नगद राशि 11 लाख रुपए तथा विशेष सम्मान पत्र प्रदान किया जायेगा।

 

09-10-2019
विजयादशमी कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कुम्हारी को दी विकास की सौगात

रायपुर। विजयादशमी कार्यक्रम में शामिल होने दुर्ग जिले के कुम्हारी में महामाया मंदिर स्थित दशहरा मैदान पहुंचे मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने विजया दशमी की शुभकामनाएं नागरिकों को दी। उन्होंने कहा कि यह शुभ दिन असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है। राम कथा के आदर्श को आज के दिन हम सब जीते हैं। रामायण के आदर्श पात्रों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लेते हैं। यहां हर साल विजयादशमी का आयोजन होता है और आप लोग इतने उत्साह से यहां शामिल होते हैं। इसे और भव्यता मिले, यह सुंदर कार्य और आगे बढ़े, इसके लिए हम लोग कृतसंकल्पित हैं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर यहां सार्वजनिक भवन के लिए 20 लाख रुपए की घोषणा की। दशहरा मंच के लिए 30 लाख रुपए की घोषणा की। परिसर के बाउंड्री वॉल निर्माण के लिए 10 लाख रुपए की घोषणा की। उन्होंने कहा कि परिसर का समतलीकरण भी कराया जाएगा और सौंदर्यीकरण भी कराया जाएगा।

21-09-2019
केबीसी में आसान से सवाल का जवाब नहीं दे सकी सोनाक्षी सिन्हा, जमकर हुई ट्रोल

मुंबई। कौन बनेगा करोड़पति 11 में शुक्रवार को कर्मवीर स्पेशल ऐपिसोड में रूमा देवी हॉट सीट पर अमिताभ बच्चन के सामने बैठीं। रूमा का साथ देने के लिए वहां बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनाक्षी सिन्हा भी पहुंचीं। इस दौरान सोनाक्षी एक बेहद सरल सवाल का जवाब नहीं दे पाईं, जिसके चलते उन्हें सोशल मीडिया पर खूब ट्रोल किया जा रहा है। अमिताभ बच्चन ने शो के सवाल किया- रामायण के अनुसार हनुमान किसके लिए संजीवनी बूटी लाए थे?

A. सुग्रीव   B. लक्ष्मण
C. सीता    D. राम

सोनाक्षी सिन्हा को इस सवाल का जवाब नहीं पता था। इसके लिए उन्होंने एक्सपर्ट वाली लाइफलाइन का सहारा लिया और फिर सही जवाब दिया। लेकिन इसके बाद लोगों ने उन्हें ट्रोल करना शुरु कर दिया। एक यूजर ने लिखा- 'मुस्लिम होते हुए भी मैं इस सवाल का जवाब जानता हूं लेकिन इसके लिए सोनाक्षी सिन्हा ने लाइफ लाइन ली।' दूसरे यूजर ने लिखा- 'शत्रुघ्न सिन्हा के भाई राम, लक्ष्मण, भरत और बेटे लव-कुश हैं, ये सभी जिस घर में रहते हैं उसका नाम रामायण है लेकिन इसके बाद सोनाक्षी सिन्हा को इस सवाल का जबाव नहीं पता।' एक और यूजर ने लिखा- 'वाकई... इन स्टार्स के बच्चों को हमारी संस्कृति के बारे में थोड़ा सा भी ज्ञान नहीं है।' वहीं दूसरे यूजर ने लिखा- मुझे लगता था कि बॉलीवुड के इतिहास में अनन्या पांडे सबसे खराब एक्ट्रेस हैं, लेकिन सोनाक्षी सिन्हा ने उन्हें गलत साबित कर दिया। ऐसा करके उन्होंने आलिया भट्ट और अनन्या पांडे को कड़ी टक्कर दी है।' बता दें कि शो में सोनाक्षी सिन्हा, रूमा देवी के काम से बहुत प्रभावित हुईं। रूमा देवी ने बताया कि बैग बनाने के बाद हमने कपड़े बनाने का फैसला किया क्योंकि लोग कपड़े बार-बार खरीदते हैं।

18-09-2019
'रामायण' में रावण का रोल करेंगे बाहुबली प्रभास

मुंबई। साउथ एक्टर प्रभास इन दिनों बॉलीवुड में भी डायरेक्टर की पहली पसंद बनते जा रहे हैं। हाल ही में प्रभास फिल्म साहो में नजर आए थे। बॉक्स ऑफिस पर इस मूवी ने खूब कमाई की है। इसी बीच अब एक और खबर सामने आई हैं डायरेक्टर नितेश तिवारी अपनी अगली फिल्म 'रामायण' में 'रावण' के रोल में प्रभास को ले रहे हैं । ये फिल्म तीन हिस्सों में मैराथन फीचर सीरीज बनाने की तैयारी में हैं। बीते दिनों खबर थी कि 'रामायण' में राम और सीता के रोल में ऋतिक रोशन और दीपिका पादुकोण नदर आ सकते हैं तो वहीं अब खबर है कि रावण के रोल में प्रभास नजर आ सकते हैं । खबर के अनुसार इस बात का खुलासा 'रामायण' और निर्देशक नितेश तिवारी से जुड़े सूत्रों ने किया था । सूत्रों ने बताया, "निर्माताओं ने फिल्म के लिए 600 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है, जो कि भारतीय फिल्मों में अब तक की सबसे ज्यादा बजट वाली फिल्म होगी। यह फिल्म पूरे भारत में हिंदी, तमिल और तेलुगू भाषा में रिलीज होगी। इसलिए फिल्म की टीम चाहती है कि 'बाहुबली' स्टार प्रभास 'रामायण' में रावण का किरदार अदा करें। क्योंकि टीम को लगता है कि वह 'रावण' का किरदार काफी अच्छे से निभा सकते हैं। हालाकि इस बात की अधिकारिक घोषणा नहीं हुई है । उन्होंने इस मामले पर केवल बातचीत ही शुरू की है । वहीं, किरदार को लेकर भी खुद प्रभास और उनकी टीम ही तय करेंगे वह फिल्म करना चाहते हैं या नहीं। बता दें कि फिल्म को तैयार होने में भी लगभग दो साल का समय लग सकता है । इस फिल्म को लेकर नितेश तिवारी ने बताया, 'हम इसे तीन भागों में बनाएंगे, क्योंकि यह बहुत लंबी कहानी है । तीनों फिल्मों एक के बाद एक थोड़े-थोड़े अंतराल पर रिलीज की जाएंगी ।

 

02-09-2019
मुकदमा कानून अनुसार चलेगा, वेद-पुराण के आधार पर नहीं

नई दिल्ली। अयोध्या राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद विवाद की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में 17वें दिन भी जारी है। सोमवार को मुस्लिम पक्षकारों का पक्ष रखते हुए वरिष्ठ वकील राजीव धवन ने दलीलें पेश कीं। उन्होंने हिंदू पक्ष की तरफ  से पेश की गई दलीलों को काटते हुए कहा कि मुकदमा कानून अनुसार चलेगा, वेद और स्कंद पुराण के आधार पर नहीं। उन्होंने हिंदू पक्ष के परिक्रमा वाले दलील पर कहा कि लोगों का उस स्थान की परिक्रमा करना धार्मिक विश्वास को दिखाता है। यह कोई सबूत नहीं है। वर्ष 1858 से पहले के गजेटियर का हवाला देना भी गलत है। अंग्रेजों ने लोगों से जो सुना लिख लिया। इसका मकसद ब्रिटिश लोगों को जानकारी देना भर था। मुस्लिम पक्षकार के वकील ने रामायण को काल्पनिक काव्य करार दिया। राजीव धवन ने दलील देते हुए कहा कि कहा जा रहा है कि विदेशी यात्रियों ने मस्जिद का जिक्र नहीं किया। लेकिन मार्को पोलो ने भी तो चीन की महान दीवार के बारे में नहीं लिखा था।

मामला कानून का है। हम इस मामले में किसी अनुभवहीन इतिहासकार की बात को नहीं मान सकते हैं। हम सभी अनुभवहीन ही हैं। इस पर कोर्ट ने राजीव धवन से कहा कि आपने भी हाईकोर्ट में ऐतिहासिक तथ्य रखे थे। जस्टिस डीवाई चंद्रचूर्ण ने कहा कि आपने (राजीव धवन) भी कुछ ऐतिहासिक साक्ष्य दिए हैं। कोई ऐसा साक्ष्य है, जिसपर दोनों ने भरोसा जताया हो? इससे पहले राजीव धवन ने कहा कि महाभारत एक इतिहास है और रामायण एक काव्य है। इस पर जस्टिस बोबडे ने पूछा इन दोनों में क्या अंतर है? धवन ने कहा काव्य तुलसीदास द्वारा कल्पना के आधार पर लिखी गई थी। इस पर जस्टिस बोबडे ने कहा कि कुछ तो साक्ष्य के आधार पर लिखा जाता होगा। धवन ने दलील देते हुए कहा कि हम सिर्र्फ  इसलिए इस पक्ष को मजबूती से देख रहे हैं, क्योंकि वहां कि शिला पर एक मोर या कमल था। इसका मतलब यह नहीं है कि मस्जिद से पहले एक विशाल संरचना थी।

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