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05-09-2020
Video : विकास उपाध्याय ने मुख्यमंत्री से की शिकायत,निजी अस्पतालों की मनमानी पर एक्शन लेने की मांग  

रायपुर। संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से निजी अस्पतालों  के मनमानी की शिकायत की है। उन्होंने निजी अस्पतालों की ओर से कोविड-19 मरीजों से मनमाने तरीके से पैसे वसूली करने की बात कही है। विकास उपाध्याय ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से आग्रह किया है कि वे वर्चुअल मीटिंग लेकर सभी निजी अस्पतालों के संचालकों को इस बाबत बात कर स्पष्ट हिदायत दें। उन्होंने कहा है कि छत्तीसगढ़ की जनता के साथ किसी तरह की लूट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस बात का ध्यान नहीं देने या मनमानी जारी रहने पर ऐसे अस्पतालों के लाइसेंस रद्द किए जाएं। विकास उपाध्याय ने ऐसे निजी अस्पतालों के संचालकों को स्पष्ट हिदायत दी है कि वे इस वैश्विक महामारी के समय मानवता का सही परिचय दें। विकास ने कहा है कि स्वास्थ्य सेवाएं देना किसी सामान बेचने जैसा नहीं है। ऐसा कर स्वास्थ्य सेवाएं देने वाले निजी अस्पताल के संचालक 'मेडिकल क्लीनिक कंज्यूमर प्रोटेक्शन ऐक्ट' का खुला उलंघन कर रहे हैं। 90 फीसदी पीड़ितों से लगातार ये शिकायतें मिल रही है कि, निजी अस्पतालों में कोरोना का डर दिखा कर उनसे मनमाने तरीके से लाखों रुपए वसूले जा रहे हैं।

कई मरीज तो ऐसे भी हैं, जो इन निजी अस्पतालों में महज 3 दिन की फीस 6 लाख रुपए तक चुकाए हैं। उन्होंने कहा है किस छत्तीसगढ़ में मरीजों की बढ़ोतरी हुई है,नतीजन सरकारी अस्पतालों में अब जगह नहीं है। मजबूरन प्रदेश भर के संक्रमित लोग अच्छे इलाज के आशा में रायपुर के निजी अस्पतालों का रुख कर रहे हैं। स्थिति ये है कि, अब इन अस्पतालों में कोविड-19 के अलावा अन्य बीमारी से ग्रसित लोग नहीं के बराबर ही हैं। इसका फायदा ये निजी अस्पतालों के संचालक भरपूर उठा रहे हैं। विकास ने कहा है कि अस्पताल मरीज या उसके परिजनों को केस से जुड़े सभी कागजात की फोटोकॉपी दे। ये फोटोकॉपी अस्पताल में भर्ती होने के 24 घंटे के भीतर और डिस्चार्ज होने के 72 घंटे के भीतर दी जानी चाहिए। पर ये भी नहीं किया जा रहा है। कई बार देखा गया है कि अगर अस्पताल का पूरा बिल न अदा किया गया हो तो मरीज को अस्पताल छोड़ने नहीं दिया जाता है। बाम्बे हाईकोर्ट ने इसे 'गैर कानूनी कारावास' बताया है। कभी-कभी अस्पताल बिल पूरा नहीं दे पाने की सूरत में लाश तक नहीं ले जाने देते।

29-06-2020
राशन वितरण में लापरवाही और मनमानी, जनप्रतिनिधियों सहित ग्रामीणों ने की एसडीएम से शिकायत...

कोरबा। ग्राम पंचायत पहंदा में राशन वितरण में घोर लापरवाही और मनमानी की शिकायत सरपंच, जनपद सदस्य सहित ग्रामीणों ने अनुविभागीय अधिकारी से की है। शासकीय उचित मूल्य दुकान का संचालन अभी जागृति महिला स्व सहायता समूह द्वारा किया जा रहा है जो राशन वितरण में मनमानी बरतते हैं। आरोप है कि राशन दुकान में खाद्यान्न सामग्री को निर्धारित मूल्य से ज्यादा कीमत मे बेंचा जाता है एवं राशनकार्ड में बने चार्ट में दर्ज भी नहीं किया जाता है। शिकायत पत्र में उल्लेख है कि जून माह में मिट्टी तेल को उसके शासकीय मूल्य 17रु से ज्यादा कीमत 25रु तक में हितग्राहियों को दिया गया है। वही कोविड-19 के कारण हितग्राहियों को दिये जा रहे हैं। अतिरिक्त राशन को आधे से ज्यादा हितग्राहियों को वितरित ही नहीं किया गया है। वही यह भी आरोप लगाया गया है कि महिला स्व सहायता समूह की संचालक हितग्राहियों से अभद्र व्यवहार करते हैं। ग्रामीणों ने महिला स्व सहायता को हटाकर पंचायत या अन्य किसी महिला स्व सहायता समूह से शासकीय उचित मूल्य की दुकान के संचालन की मांग की है।

06-04-2020
आईडी कार्ड दिखाने के बाद भी महिला पुलिस ने पत्रकार से बदसलूकी करते हुए मारा डंडा, डीजीपी से शिकायत की तैयारी

धमतरी। डीजीपी के सख्त निर्देश के बाद भी कुछ पुलिसकर्मी लॉक डाउन का फायदा उठाकर अपनी मनमानी कर रहे है। धमतरी में समाचार कवरेज के लिए जा रहे एक प्रतिष्ठित न्यूज़ चैनल के पत्रकार से महिला पुलिसकर्मी ने बदसलूकी करते हुए पीठ पर डंडा मार दिया। पत्रकार द्वारा आईडी कार्ड दिखाने पर भी महिला पुलिस बदसलूकी करती रही। वहीं पीड़ित पत्रकार अब इसकी शिकायत डीजीपी से करने वाले है। पीड़ित पत्रकार ने बताया कि रविवार की शाम जिला और पुलिस प्रशासन द्वारा मार्च निकाला गया था। इसका कवरेज करने के लिए वह विंध्यवासिनी मंदिर की ओर जा रहा था। उसी दौरान रामबाग के पास ड्यूटी में तैनात एक महिला पुलिसकर्मी ने बाइक से जा रहे पत्रकार के पीठ पर डंडा मार दिया। आईडी कार्ड दिखाने के बाद भी महिला पुलिसकर्मी उनके साथ बदसलूकी की। इसके साथ ही महिला पुलिस कर्मी द्वारा बोला गया कि आप पत्रकार रहो या कुछ भी मुझे इससे कोई मतलब नही है। इस घटना से आहत पत्रकार इसकी शिकायत डीजीपी से करने की बात कह रहे है।

01-04-2020
केबल संचालकों की मनमानी, मनोरंजक चैनल बंद,पालक और बच्चे परेशान, नहीं कट रह समय

धमतरी। एक और जहां पर लोग लॉक डाउन के रहते घर पर अपना समय व्यतीत कर रहे हैं। वही घर पर मनोरंजन का साधन बने टेलीविजन पर चलने वाले अनेक मनोरंजक चैनलों को केबल संचालकों के द्वारा बंद कर दिया गया है। इसके कारण बच्चे एवं परिवार के अन्य सदस्य भी काफी परेशान नजर आ रहे हैं। केबल उपभोक्ताओं का कहना है कि एक ओर जहां पूरे देश में  लॉक डाउन चल रहा है ऐसी स्थिति में मासिक भुगतान के लिए कोई भी नहीं आया है और टीवी की पट्टी मार्च 30 तारीख तक बिल पटाने का ग्राहकों को हिदायत दी जा रही थी। इसके बाद अनेक मनोरंजन चैनलों को बंद कर दिया गया है,जिसके कारण लोग परेशान हैं। घर में रहते हुए लोग मात्र एक सहारा टेलीविजन पर कुछ कार्यक्रमों को देखकर अपना समय व्यतीत कर रहे थे लेकिन अचानक अनेक चैनलों को बंद करने से अनेक उपभोक्ता परेशान है। उपभोक्ताओं ने कहा कि एक और पूरा भारत लॉक डाउन है वही चैनलों को भी लॉक डाउन कर दिया गया है,जो कहा तक जायज है। हमारा एकमात्र मनोरंजन का साधन बंद कर दिया गया है प्रशासन को चाहिए कि केबल संचालकों को वर्तमान परिस्थिति को देखते हुए सभी चैनलों को दर्शकों के लिए चालू किया जाए। केबल उपभोक्ताओं ने मासिक शुल्क पटाने के बहाने ऑपरेटरों द्वारा की जा रही मनमानी की निंदा करते हुए इस विकट दिनों में ऐसी हरकत न करने का निवेदन भी किया है और फिरहाल सेटअप बॉक्स यथावत चालू करने की बात ग्राहकों ने की है।

 

16-01-2020
प्रिंट रेट से अधिक दाम पर बेची जा रही है शराब

कांकेर। भानुप्रतापपुर में अंग्रेजी शराब दुकान में प्रिंट रेट से अधिक दाम पर मदिरा बेची जा रही है। शराब दुकान के कर्मचारियों द्वारा जिस ब्रांड की डिमांड ज्यादा है उसे डंप कर अधिक दरों में बेचा जा रहा है। कुछ शराब प्रेमियों से बात करने पर उन्होंने बताया कि यहाँ के कर्मचारियों द्वारा अपनी मनमानी करते हुए शराब को प्रिंट रेट से अधिक में बेचा जा रहा है और इसका विरोध करने पर ये धमकी देते हैं। इस बात की पुष्टि करने गिलब्स टीम वहाँ पहुँची तो ऐसा ही कुछ नजारा देखने को मिला। यहाँ पर शराब की रेट लिस्ट को दुकान में लगाने के बजाए उसे दुकान के बाहर कचरे के ढेर में फेंक दिया गया था। एक प्रचलित ब्रांड को प्रिंट रेट से 10 से 20 रुपये अधिक में बेचा जा रहा था। इस संबंध में जब दुकान के मैनेजर से बात की गई तो वे बदसलूकी की और सब मैनेज आदि कहा। वहीँ इस संबंध में आबकारी विभाग के मंत्री कवासी लखमा द्वारा कुछ महीने पूर्व यह स्टेटमेंट दिया गया था कि शराब दुकान से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत होने पर तत्काल दोषियों पर कार्यवाही की जाएगी,जिसका भय भी शराब दुकान के कर्मचारियों को नहीं है।
 

03-01-2020
मंडी तक धान पहुंचाओ, तौल और सिलाई भी खुद करो, भैसो धान खरीदी केंद्र में बढ़ रही अधिकारी की मनमानी

जांजगीर चांपा। पामगढ़ विकासखंड के भैसो धान खरीदी केंद्र अनियमितताओं और मनमानी का गढ़ बन गया है। जहाँ न तो तौल के लिए कोई है और न ही बोर में मार्किंग करने कोई वही किसानों से ही सारे काम कराये जा रहे है। वहीं केंद्र प्रभारी को न तो अधिकारियों का डर है और न ही जनप्रतिनिधियों का।दरसअल, केंद्र प्रभारी अपने मनमानी करते हुए दिख रहे है। वहीं किसानों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जब मीडिया की टीम वहां पहुची तो किसानों ने कैमरे के सामने अपना दर्द डर डर के बयां किया कि धान खरीदी केंद्र में प्रभारी के द्वारा किसानों से ही धान को तौलने और सिलाई करने सहित सभी काम मंडी आये किसानों के द्वारा ही किया जा रहा है। वहीं न तो केंद्र प्रभारी ने इसके लिए कोई काम करने वाला रख है और न ही कोई वहां लिखने वाला है। बल्कि किसानों के द्वारा ही सब कुछ किया जा रहा है और इसका खामियाजा वहां पहुंचे हुए किसानों को भुगतना पड़ रहा है। जब इस मामले में केंद्र प्रभारी से मीडिया की टीम ने बात करनी चाही और सवाल पूछने चाहे तो केंद्र प्रभारी भागते और बचते नजर आए और कैमरे के सामने आकर जवाब देने से मना कर दिया। वहीं निरीक्षण के लिए पहुंची खाद्य अधिकारी से जब मीडिया ने बात करनी चहितो खाद्य अधिकारी भी धान केंद्र प्रभारी पर लगे आरोप को सिरे से नकारते हुए किसानों से बात करने की बात कह जवाब देने से बचते नजर आयी। बहरहाल, खाद्य अधिकारी ने सिरे से आरोप को नकार दिया, लेकिन सवाल अब भी ये खड़ा खड़ा हो गया है कि अधिकारी अगर किसानों की नही सुनेंगे तो आखिर किसानों की कौन सुने। वहीं किसानो की इस पीड़ा को आखिर कौन सांझेगा जिसका खामियाजा आज भैसो के किसान भुगत रहे है।

13-08-2019
संकुल समन्वयक की मनमानी से ग्रामीण हुए नाराज, हटाने की मांग

गरियाबंद। संकुल केंद्र मरोदा के संकुल समन्वयक लोकेश सोनवानी की मनमानी और पक्षपाती रवैये से ग्राम पंचायत छिन्दोला के ग्रामीण त्रस्त हो चुके हैं। इस बाबत विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष तुलसराम,  शाला विकास समिति के अध्यक्ष भगवती, सरपंच शत्रुघन ध्रुव , बीडीसी मेम्बर रमशीला बाई, कांग्रेसी नेता सुरेश मानिकपुरी, ग्रामीण नारायण सिंह, हेमलाल, गोपाल, डिगेश्वर आदि ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए संकुल समन्वयक को हटाने की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार प्राथमिक शाला छिन्दोला में एक ही शिक्षक पदस्थ थे जिनका व्यवस्था के तहत अंग्रेंजी स्कूल गरियाबंद तबादला कर दिया गया। इसी तरह माध्यमिक शाला के शिक्षक को भी गरियाबंद भेज दिया गया, जबकि इसी वर्ष छिन्दोला में हाईस्कूल का उन्नयन किया गया है। बीईओ कार्यलय से ज्ञात हुआ कि संकुल समन्वयक द्वारा सुझाये गए नामों के आधार पर एक ही गांव के दो शिक्षकों को हटाया गया है। संकुल समन्वयक ये कहते पाए गए हैं कि छिन्दोला की बजाए कहीं और हाईस्कूल खुलना चाहिए था, छिन्दोला में हाई स्कूल खुलने से मेरी परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीणों ने जुलाई  में भी लोकेश सोनवानी को पद से हटाने की मांग को लेकर कलेक्टर को आवेदन प्रस्तुत किया था। प्रशासन द्वारा मांगे नहीं मानने की सूरत में धरना प्रदर्शन कर बच्चों को स्कूल नहीं भेजने की चेतावनी दी गई है।

 

27-06-2019
इंदौर शहर कांग्रेस कमेटी ने संभागायुक्त आकाश त्रिपाठी को अधिकारियों की मनमानी को लेकर सौंपा ज्ञापन 

इंदौर। इन्दौर शहर कांग्रेस कमेटी के एक प्रतिनिधिमण्डल ने गुरुवार को  पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष विनय बाकलीवाल के नेतृत्व में संभागायुक्त आकाश त्रिपाठी से भेंटकर इंदौर के विभिन्न विभागों से संबंधित समस्याओं के निराकरण के लिए ज्ञापन सौंपा। इन्दौर कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता भंवर शर्मा ने बताया  कि विनय बाकलीवाल ने संभागायुक्त त्रिपाठी से कहा है कि प्रदेश में जब से  सीएम कमलनाथ  की सरकार आई है तभी से इंदौर शहर में अधिकारी मनमानी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री की जनकल्याणकारी योजनाओं को दरकिनार करते हुए मनमानी कर रहे हैं। इन योजनाओं से होने वाले लाभ का जनता के बीच प्रचार-प्रसार नहीं किया जाता है जिससे जनता को लाभ नहीं मिल पाता। इस अवसर पर संजय बाकलीवाल, अशोक जयसवाल, दीपक मेहता, संजय मिश्रा, दिलीप कुद्दल, लखन परसवानी, नकुल पाटोदी, प्रवीण पाटनी, विकास जोशी, रामलाल पाल, जीतू शिन्देल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद थे।

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