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01-08-2020
भूपेश बघेल ने डॉक्टरों से की चर्चा,कहा-प्रदेश की मेडिकल टीम ने देश के समक्ष पेश किया उदाहरण

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शनिवार को एम्स सहित प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों के डॉक्टरों से चर्चा की। उन्होंने कोविड-19 के संक्रमण व उपचार की व्यवस्था, उपलब्ध संसाधन, संसाधनों की आवश्यकता, मरीजों आदि की मैदानी स्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अपने निवास से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए डॉक्टरों से कोरोना वायरस संक्रमण से निपटने के लिए सुझाव भी लिए।  मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों से चर्चा के दौरान कहा कि, डॉक्टरों सहित मेडिकल टीम की कुशलता, अनुभव, विशेषज्ञता और समर्पण के कारण हम इस संक्रमण का मुकाबला कर पा रहे हैं। जनता में भी हौसला इससे बना हुआ है। विश्वव्यापी महामारी कोरोना की इस लड़ाई में डॉक्टरों सहित पूरी मेडिकल टीम प्रथम पंक्ति के योद्धा हैं। हमारी आशाएं आपके प्रयासों पर टिकी हुई हैं। मेडिकल टीम दिन-रात मरीजों के उपचार में लगी हैं। छत्तीसगढ़ की मेडिकल टीम ने इस संकट के दौरान जो काम किया है, वह पूरे देश के लिए उदाहरण हैं।

मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों से अस्पतालों में भर्ती मरीजों स्वस्थ हो चुके मरीज,मरीजों में सामान्यत: दिखने वाले लक्षणों, ट्रीटमेंट के प्रोटोकाल, आईसीयू में भर्ती मरीजों की संख्या, टेस्टिंग आदि की जानकारी ली। उन्होंने डॉक्टरों से यह भी पूछा कि, यदि उन्हें कोई दिक्कत है, तो बताएं उनका समाधान किया जाएगा। मुख्यमंत्री बघेल ने ऐसे कोविड-19 मरीज जिनमें कोई लक्षण नहीं है उनके लिए राज्य सरकार की ओर से जारी होम आइसोलेशन की गाइडलाइन के संबंध में सुझाव भी लिए। उन्होंने रायपुर, जगदलपुर, बिलासपुर,अंबिकापुर,रायगढ़,राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज, बिलासपुर,गरियाबंद और बलौदाबाजार के जिला अस्पतालों के डॉक्टरों से चर्चा की। एम्स रायपुर के निदेशक डॉ.नितिन एम.नागरकर ने बताया कि एम्स में अब तक 1452 मरीज भर्ती हुए,जिनमें से 1086 मरीज डिस्चार्ज हो चुके हैं। जिन मरीजों की मृत्यु हुई है उन मरीजों को पहले से ही कैंसर,रीनल फेल्वर,अनियंत्रित डायबिटीज और टीबी जैसी गंभीर बीमारियां थी। उनकी इम्युनिटी कम थी। अभी वर्तमान में 339 मरीज भर्ती हैं, एम्स में कोविड-19 मरीजों के लिए 500 बिस्तरों की व्यवस्था है। हाल ही में मरीजों की संख्या बढ़ी है, उनके लिए भी व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

डॉ. नागरकर ने कहा कि बिना लक्षण वाले मरीजों को, जिनके घरों में अलग से कमरे में वाशरूम की व्यवस्था है, उन मरीजों को होम आईसोलेशन में रखा जा सकता है। यह भी ध्यान रखना होगा कि, उन्हें कड़ाई से गाइडलाइन का पालन करना होगा, इससे अस्पतालों पर कम बोझ होगा और डॉक्टर और मेडिकल टीम गंभीर मरीजों पर ज्यादा ध्यान दे सकेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में मोर्टेलिटी रेट एक प्रतिशत से भी कम है। छत्तीसगढ़ में कोविड-19 मरीजों की रिकवरी रेट अच्छी है। मुख्यमंत्री ने चर्चा के दौरान कहा कि होम आइसोलेशन वाले मरीजों की ट्रेकिंग करनी होगी। मोबाइल से उनके लोकेशन पर नजर रखनी होगी और इस काम के लिए पुलिस, विभिन्न विभागों के लोगों और पड़ौसियों की मदद लेनी होगी। स्वास्थ्यकर्मी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, नगर निगम के कर्मियों को इनकी जिम्मेदारी देनी होगी। पूरी मेडिकल टीम समर्पण से काम कर रहें है। लोगों को जागरूक करना होगा कि,यदि उनमें सर्दी, खांसी, बुखार के लक्षण दिखे तो जांच अवश्य कराएं। मुख्यमंत्री ने होम आइसोलेशन के संबंध में कहा कि लोगों में विश्वास होना चाहिए कि जरूरत पड़ने पर उन्हें डॉक्टरों की सलाह और इलाज की सुविधा उपलब्ध मिलेगी। होम आइसोलेशन वाले मरीजों के पास थमार्मीटर और आक्सीमीटर होना चाहिए।

रायपुर मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने मुख्यमंत्री को चर्चा के दौरान बताया कि पिछले एक सप्ताह से मरीजों की संख्या बढ़ी है। सर्दी, खांसी, बुखार होने पर मरीजों को तुरंत अस्पताल आकर कोविड-19 परीक्षण कराना चाहिए, ताकि पॉजीटिव मरीजों को जल्द उपचार मिल सके। राजनांदगांव के डॉक्टरों ने बताया कि, लखौली हॉटस्पॉट में जांच की संख्या बढ़ाई गई, जिससे डायग्नोसिस जल्द हो सका और मरीजों का उपचार हो सका। उन्होंने बताया कि ज्यादातर मरीज पैरामिलिट्री फोर्स के थे। स्वास्थ्य सचिव निहारिका बारिक सिंह ने इस संबंध में बताया कि, जो जवान बाहर से आ रहे हैं उन्हें आइसोलेशन में रखा जा रहा है और सोमनी में एक आइसोलेशन सेंटर जवानों के लिए हैण्डओवर किया जा रहा है। अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने बताया कि, टेस्टिंग बढ़ाने के लिए वायरोलाजी लैब बन गई है और इस लैब में भी एक सप्ताह में टेस्टिंग शुरू हो जाएगी। इससे टेस्टिंग की संख्या बढ़ेगी। आईएमए के डॉ.राकेश गुप्ता ने सुझाव दिया कि होम आइसोलेशन के लिए सामाजिक भवनों में व्यवस्था की जा सकती है। सामाजिक संगठनों को जागरूक करने के काम में लगाया जा सकता है। इसी तरह मेडिकल, आयुर्वेदिक और नर्सिंग स्टूडेंस को इस कार्य में लगाने सहित विभिन्न सुझाव दिए। बलौदाबाजार जिला चिकित्सालय के डॉक्टरों ने बताया कि लवन सामुदायिक केन्द्र में कोविड मरीज की डिलवरी कराई गई। बिलासपुर जिला अस्पताल की डॉ.मधुलिका सिंह ने बताया कि अस्पताल की पूरी टीम मन से मरीजों की सेवा कर रही है। यहां 30 बिस्तरों का आईसीयू है, आईसीयू में एक भी मरीज नहीं है। सिम्स बिलासपुर के डॉक्टरों ने बताया कि टेस्टिंग की संख्या बढ़ाने के लिए पीसीआर टेस्टिंग लैब तैयार हो गया है।

 

21-07-2020
महारानी अस्पताल की सुविधाएं देश के किसी भी जिला अस्पताल से कम नहीं, बाहर से भी उपचार कराने आएंगे लोग

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंगलवार को वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए जगदलपुर के महारानी अस्पताल में 7 करोड़ 27 लाख रुपए की लागत से कराए गए नवीन कार्यो का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के लोगों का महारानी अस्पताल से भावनात्मक लगाव है। राज्य सरकार महारानी अस्पताल को इस क्षेत्र के सर्वसुविधा संपन्न अस्पताल के रूप में विकसित करने का काम कर रही है। महारानी जिला अस्पताल की सुविधाएं देश के किसी भी जिला अस्पताल से कम नहीं है। अभी बस्तर के लोगों को इलाज के लिए बाहर जाना पड़ता है। राज्य सरकार यहां अच्छी से अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास कर रही है, जिससे बाहर के लोग भी बस्तर आकर अपना इलाज करा सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए डॉक्टरों की कमी न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। मुख्यमंत्री ने महारानी अस्पताल में 1 करोड़ रुपए की लागत से मातृ-शिशु स्वास्थ्य संस्थान कादम्बिनी में कराए गए उन्नयन कार्य और 4 करोड़ 58 लाख रुपए की लागत से महारानी अस्पताल में मातृ-शिशु पैथोलॉजी लैब, ब्लड बैंक और डायलिसिस के लिए आवश्यक उपकरण का लोकार्पण किया। इसी तरह उन्होंने महारानी अस्पताल में लगभग 50 लाख रुपए की लागत से नेत्र वार्ड के नवीनीकरण, लगभग 49 लाख रूपए की लागत से अस्पताल के द्वितीय तल परिवर्धन के कार्य और 50 लाख रूपए की लागत से वर्तमान ओपीडी-एमसीएच के निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया।

मुख्यमंत्री बघेल ने कार्यक्रम में क्षेत्र के विकास के लिए सड़क, पुल-पुलिया, शिक्षा, स्वास्थ्य और खेलकूद की अधोसंरचना विकसित करने के लिए 244 करोड़ 25 लाख रुपए की लागत के 61 निर्माण कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। उन्होंने इनमें से 22 करोड़ 87 लाख रुपए की लागत के 11 कार्यों का लोकार्पण और 221 करोड़ 38 लाख रूपए की लागत के कार्यो का भूमिपूजन और शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बस्तर कॉफी, बस्तर काजू, बस्तर हल्दी जैसे प्रसंस्कृत उत्पादों की लॉन्चिंग की। उन्होंने कहा कि इन उत्पादों की मार्केटिंग के लिए व्यवस्थाएं तय की जाए और प्राईवेट कम्पनियों से अनुबंध किया जाए। यह भी ध्यान रखा जाए जितनी बाजार मांग हो, उसके अनुरूप उत्पादन हो। मुख्यमंत्री ने आमचो बस्तर अभियान के लोगो (प्रतीक चिन्ह) जारी किया। इस अभियान में वृक्षारोपण और लघु वनोपजों के प्रसंस्करण का काम किया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव अंबिकापुर से, मुख्यमंत्री निवास से वन मंत्री मोहम्मद अकबर और उद्योग मंत्री कवासी लखमा ने लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर बस्तर वासियों को अपनी शुभकामनाएं दी। स्कूल शिक्षा मंत्री और बस्तर जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम सूरजपुर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में जुड़े। जगदलपुर के महारानी अस्पताल कार्यक्रम स्थल पर बस्तर सांसद दीपक बैज, संसदीय सचिव रेखचंद जैन, विधायक चंदन कश्यप और राजमन बेंजाम, क्रेडा के अध्यक्ष मिथलेश स्वर्णकार और जगदलपुर महापौर शफीरा साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि और प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित थे।

09-07-2020
मैं अपने परिवार के सियान लोगों से मिल रहा हूँ,बुजुर्गों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के बाद कहा भूपेश बघेल ने

रायपुर। वृद्धाश्रम में रहे बुजुर्गों को लगा ही नहीं कि प्रदेश का मुखिया उनसे बात कर रहा है और प्रदेश के मुखिया को भी नहीं लगा कि वे आश्रम के बुजुर्गों से बात कर रहे हैं। वीडियो कांफ्रेंसिंग के बाद सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि उन्हें लगा वे परिवार के सियान लोगों से मिल रहे हैं। भूपेश बघेल की संवेदनशीलता का एक और उदाहरण आज सामने आया। सीएम गुरुवार को राज्य के वृद्धाश्रमों में रह रहे बुजुर्गों से रूबरू हुए। सबसे पहले उन्होंने सभी को प्रणाम किया और यहां से भावुकता का निर्झर झरना बह उठा। प्रदेश के मुखिया के प्रेम भरे बोल आश्रम के एकाकीपन के दुःख पर संजीवनी सा असर कर गया और सभी आंखों से लगा जैसे ममता का बांध अब फटा की तब फटा। आंखे आंसुओं से लबालब होती रही और भूपेश बघेल घर परिवार के सदस्यों से भी ज्यादा बारीकी से आश्रम की सुविधाओं के बारे में पूछताछ की। उन्होंने बुजुर्गों को समझाया कोरोना में सबसे ज्यादा ख्याल बुजुर्गों और बच्चों का रखना पड़ता है। भूपेश बघेल की बुजुर्गों से बातचीत में सिवाय अपनापन और प्रेम के कुछ नहीं था और बुजुर्गों के जवाब भी आशीर्वाद से लबालब भरे हुए थे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश के सात जिलों में स्थित वृद्धाश्रमों के बुजुर्गाें से वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत कर उनका हालचाल पूछा। मुख्यमंत्री ने बुजुर्गाें से चर्चा के दौरान कहा कि मैं अपने परिवार के सियान लोगों से मिल रहा हूं। वे स्वस्थ्य और वृद्धाश्रम में खुश हैं, यह देखकर अच्छा लगा। मुख्यमंत्री ने बड़ी आत्मीयता से बातचीत की और बातचीत की शुरूआत में उन्हें प्रणाम किया। बुजुर्गाें ने मुख्यमंत्री को आशीर्वाद दिया। बुजुर्गाें से बातचीत के दौरान भावुकता के क्षण भी आए। जब बघेल ने उनसे पूछा कि आपके परिवार के लोग उनसे मिलने आते हैं क्या। बुजुर्गाें ने नम आंखों से कहा कि समय-समय पर परिवार के लोग मिलने आते हैं। जांजगीर के देव समिति की बुजुर्ग महिला पूर्णिमा थवाईत ने बताया कि वे पिछले 15 सालों से वृद्धाश्रम में रह रही है। परिवार के लोग उनसे बीच-बीच में मिलने आते हैं। मुख्यमंत्री ने जब उनसे पूछा कि आश्रम की साफ-सफाई कैसी है, तो पूर्णिमा थवाईत ने कहा कि बढ़िया है। उन्होंने मुख्यमंत्री को स्वयं आकर वृद्धाश्रम की व्यवस्था देखने के लिए आमंत्रित भी किया।

मुख्यमंत्री ने गरियाबंद जिले के ग्राम भिलाई में प्रेरक संस्था की ओर से संचालित सियान सेवा सदन, मुंगेली में छत्तीसगढ़ शबरी सेवा संस्थान से संचालित वृद्धाश्रम, राजनांदगांव में समता मंच द्वारा संचालित वृद्धाश्रम, रायगढ़ और बस्तर में भारतीय रेडक्रास सोसायटी, बिलासपुर में जनपरिषद द्वारा और जांजगीर-चांपा में देव सेवा समिति द्वारा संचालित वृद्धाश्रम के वृद्धजनों से बातचीत की। गरियाबंद के भिलाई ग्राम के सियान सेवा सदन की वृद्ध महिला मीरा बाई साहू ने मुख्यमंत्री को बताया कि वृद्धाश्रम में अच्छी व्यवस्था है, सभी लोग स्वस्थ्य है। चाय और नाश्ता समय पर मिलता है, समय-समय पर डाॅक्टर भी आते हैं, दवाई मिलती है। इसी वृद्धाश्रम की दुलारी बाई से मुख्यमंत्री ने पूछा कि वृद्धाश्रम में काम करने वाले कर्मचारियों से परेशानी तो नहीं है, उनका व्यवहार आप के साथ कैसा है। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों से उन्हें कोई परेशानी नहीं है। मुंगेली के वृद्धाश्रम के सदानंद सोनी ने बताया कि वृद्धाश्रम में साफ-सफाई अच्छी, दवा-पानी सब मिलता है, बिस्तर और कपड़े की साफ-सफाई होती है। कर्मचारी सेवा भाव से उनकी देखभाल कर रहे हैं। राजनांदगांव वृद्धाश्रम की दुरपति ने बताया कि सभी लोगों का स्वास्थ्य अच्छा है, सबेरे नाश्ता, दोपहर का भोजन और रात का खाना समय पर मिलता है। बस्तर के आस्था निकुंज वृद्धाश्रम की  राधा बाई और ऊषा बाई ने बताया कि उनका स्वास्थ्य ठीक है। उन्होंने बताया कि आश्रम की सभी व्यवस्थाएं ठीक चल रही है और कोई दिक्कत नहीं है।
इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेंड़िया, विभाग के सचिव प्रसन्ना आर. और संचालक पी.दयानंद भी उपस्थित थे।

09-07-2020
पुलिस महानिदेशक ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में की तीन पुलिस अधीक्षकों की तारीफ

रायपुर। पुलिस महानिदेशक दुर्गेश माधव अवस्थी ने पुलिस अधीक्षकों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अपराधों और कानून-व्यवस्था का रिव्यू किया। इस दौरान उन्होंने आउट स्टैंडिंग परफार्मेंस वाले जिलों के पुलिस अधीक्षकों की प्रशंसा की। वीडियो कांफ्रेंसिंग में रायगढ़ के एसपी संतोष सिंह को लुटेरों को 10 घंटे में पकड़ने के लिए तारीफ मिली। वहीं बलौदाबाजार एसपी इंदिरा कल्याण एलेसेला को डकैतों को पकड़ने में मिली कामयाबी के लिए शाबासी मिली। साथ ही राजनांदगांव एसपी जितेंद्र शुक्ला को नक्सलियों के डीवीसी मेम्बर और 29 लाख के इनामी डेविड को जिंदा पकड़ने के लिए तारीफ मिली। डेविड पर एएसआई की हत्या का आरोप है।

08-07-2020
पौधरोपण का कार्य को 31 जुलाई तक करें पूरा :वन मंत्री अकबर

रायपुर। वन मंत्री मो.अकबर ने बुधवार को नवा रायपुर स्थित अरण्य भवन में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए वन मण्डलवार वृक्षारोपण कार्यक्रम की प्रगति की गहन समीक्षा की। उन्होंने वन विभाग को पौधरोपण कार्य में विशेष गति लाते हुए इसे चालू माह के अंत तक अर्थात् 31 जुलाई तक हर हालत में पूर्ण करने के लिए सख्त निर्देश दिए। साथ ही रोपित पौधों की सही देखभाल तथा उनकी सुरक्षा के उपायों पर प्रभावी अमल के लिए विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।बैठक में बताया गया कि राज्य के समस्त वन मण्डलों में इस वर्ष विभिन्न मदों के अंतर्गत 22 हजार 960 हेक्टेयर रकबा में 2 करोड़ 13 लाख 26 हजार 670 पौधों के रोपण का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही आगामी 11 जुलाई को राज्य के वन तथा वनोत्तर क्षेत्रों में 50 हजार किलोग्राम फलदार पौधों के बीज, छह हजार 500 किलोग्राम सब्जी बीज और 25 लाख सीड बॉल की बुआई होगी। इसके अलावा राज्य के सभी गौठानों में लघु वनोपज पर आधारित विभिन्न प्रजाति के लगभग 3.5 लाख पौधों का रोपण किया जाएगा।

वन मंत्री अकबर ने समीक्षा करते हुए वनवृत्त बिलासपुर के अंतर्गत बिलासपुर, मुंगेली तथा कटघोरा वनमण्डलों में वृक्षारोपण कार्य में धीमी प्रगति पर असंतोष व्यक्त किया और पौधरोपण में धीमी प्रगति वाले सभी वनमण्डलों को अपेक्षित गति लाने के लिए सख्त निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय कार्यों में गति लाने के लिए वन विभाग के कर्मचारी से लेकर अधिकारी तक समस्त अमला को अपने निर्धारित मुख्यालय में रहना सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। वन मण्डलों में विभागीय अमले को मुख्यालय से बाहर रहने की सूचना संबंधित वनमण्डलाधिकारी को पहले से देने के लिए निर्देशित किया गया।वन मंत्री अकबर ने कहा कि बरसात के शुरू होते ही वन क्षेत्रों में खेती के लिए अतिक्रमण की संभावना बढ़ जाती है। इसके मद्देनजर वन विभाग के बीट गार्ड से लेकर वन मण्डलाधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में सजग रहे और अतिक्रमण तथा अवैध कटाई की रोकथाम के लिए कड़ी निगरानी रखे। सभी वनमण्डलाधिकारियों को अपने क्षेत्र में टीम गठित कर निगरानी के लिए गश्त को बढ़ाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र के अंतर्गत वन क्षेत्रों के अतिक्रमण मुक्त संबंधी प्रमाण-पत्र को प्रधान मुख्य वन संरक्षक कार्यालय में 25 जुलाई तक अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने के लिए भी निर्देशित किया। इस अवसर पर वन विभाग के प्रमुख सचिव मनोज पिंगुआ, प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी)  पी.व्ही. नरसिम्हा राव, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक  तपेश झा सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

04-07-2020
बालोद जिले में सरकारी योजनाओं व कार्यक्रमों की वीडियो कांफ्रेंसिंग से समीक्षा की अमरजीत भगत ने

रायपुर। शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा के लिए खाद्य, संस्कृति मंत्री और बालोद जिले के प्रभारी अमरजीत भगत ने वीडियो कांफ्रेंसिंग की। इस मौके पर महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेंड़िया भी उपस्थित थीं। भगत ने मौसमी बीमारियों से सुरक्षा के लिए जिले के सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में पर्याप्त मात्रा में दवाईयां रखने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित करने को कहा है। मंत्री भगत ने जिले की सभी शासकीय उचित मूल्य की दुकानों में जुलाई माह का खाद्यान्न भण्डारण और वितरण की जानकारी ली। उन्होंने धान संग्रहण केन्द्रों में धान व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए और कहा कि बारिश के पानी से धान खराब न हो। उन्होंने धान खरीदी केन्द्रों में चबूतरा निर्माण की प्रगति की भी जानकारी ली। कलेक्टर ने बताया कि जिले के धान खरीदी केन्द्रों में 351 चबूतरा निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं।

भगत ने खाद-बीज के भण्डारण और उठाव की जानकारी ली और किसानों को मॉग के अनुरूप खाद-बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत पंजीकृत कृषकों की संख्या और लाभान्वित कृषकों की जानकारी ली। भगत ने कहा कि नवीन ग्राम पंचायतों में पंचायत भवनों का निर्माण शीघ्र पूर्ण कराने के साथ भवन परिसर में वृक्षारोपण के निर्देश दिए। उन्होंने जर्जर पंचायत भवनों का चिन्हांकन कर प्रस्ताव बनाने को कहा। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत मजदूरी का भुगतान समय पर किया जाए। प्रभारी मंत्री ने शासन की महत्वाकांक्षी नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी योजना की प्रगति की जानकारी ली। कलेक्टर ने चिन्हांकित नरवा तथा स्वीकृत कार्य, गौठान निर्माण, गौठानों में स्व सहायता समूहों द्वारा की जा रही विभिन्न गतिविधियों आदि की जानकारी दी। इसमें बालोद विधायक संगीता सिन्हा, गुण्डरदेही विधायक  कुंवर सिंह निषाद, कलेक्टर  जनमेजय महोबे, पुलिस अधीक्षक सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

03-07-2020
रायपुर के जनपदों में सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के जारी कार्यों की हुई समीक्षा,समय और गुणवत्ता पर जोर

रायपुर। जिले के सभी जनपद पंचायत में शासन की महत्वाकांक्षी योजना नरवा,गरवा,घुरूवा और बाड़ी में किए जा रहे कार्यों की समीक्षा सीईओ डॉ.गौरव कुमार सिंह ने शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से की। उन्होंने प्राथमिकता वाले कार्यों की वर्तमान प्रगति की समीक्षा की। संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समयावधि में शेष कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने महिला एवं बाल विकास की ओर से संचालित मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के सभी केंद्रों से उपयोगिता प्रमाण-पत्र दो दिवस में जमा करने के साथ ही चयनित आंगनबाड़ी केंद्र बनाने के कार्य को समयसीमा में पूर्ण करने कहा। इसी तरह समाज कल्याण विभाग की ओर से नान डीपीटी के 12 हजार पेंशन प्रकरणों को मिशन मोड में कार्य कर सभी पात्र लोगों को पेंशन जारी करने कहा। सभी दिव्यांगजनों का यूडीआईडी कार्ड संवेदनशीलता से तत्काल  तैयार करने कहा। जनपद पंचायतो के विभिन्न गांव में बनाए गए दुकानों में जनरल स्टोर का कार्य महिला समूहों और चारों विकासखंडों में 2-2 क्लस्टर में बांट कर पृथक-पृथक आय उत्पादक गतिविधियां आरम्भ करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।

उन्होंने गोठानो में पशुपालन संबधी कार्य की समीक्षा की। पशुओं का समय पर वेक्सीनेशन और  मुर्गी,बकरी पालन के लिए आवश्यक सभी व्यवस्था करने अधिकारियों को निर्देश दिए। जिले के सभी गौठानों में बीज की उपलब्धता तय करने के साथ-साथ उपलब्ध डबरी और तालाबों में मछली पालन का कार्य तत्काल प्रारंभ करने कहा। जहां डबरी नहीं है, वहां तुरंत निर्माण के प्रस्ताव तैयार कर जमा करने के निर्देश दिए। इसी तरह सभी गौठानों में मशरूम कल्टीवेशन का कार्य प्राथमिकता से करने कहा। आरईएस की ओर से धान चबूतरा,आंगनबाड़ी व ग्राम पंचायत भवनों के निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा कर इन्हें समयावधि में पूर्ण करने के निर्देश अनुविभागीय अधिकारी आरईएस को दिए। इस दौरान प्रशिक्षु आईएएस नम्रता जैन भी उपस्थित थी।

03-07-2020
कोरबा जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक 8 जुलाई को, ज्योत्सना महंत भी होंगी शामिल

कोरबा। शिवकला कंवर की अध्यक्षता में कोरबा जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक वीडियो कांफ्रेंसिंग से 8 जुलाई को होगी। इस बैठक में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से ही कोरबा लोकसभा क्षेत्र की सांसद ज्योत्सना महंत और सभी विधायक भी शामिल होंगे।

कोविड-19 से बचाव के लिए प्रोटोकाॅल का पालन करते हुए जिला पंचायत के सभाकक्ष में अध्यक्ष और अन्य सदस्य जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ दोपहर 12 बजे से मौजूद रहेंगे। जनपद मुख्यालयों से जनपद अध्यक्ष और अन्य अधिकारी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल होंगे। बैठक में कृषि, महिला एवं बाल विकास, वन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं तथा कार्यक्रमों की समीक्षा की जायेगी।

26-06-2020
बहुआयामी केंद्र के रूप में विकसित होंगे गोठान, कलेक्टर ने समीक्षा के दौरान दिए आवश्यक निर्देश

रायपुर। कलेक्टर डॉ. एस. भारतीदासन और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. गौरव कुमार सिंह ने शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेसिंग से शासन की महत्वाकांक्षी योेजना नरवा,गरवा,घुरवा और बाड़ी में हो रहे कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने जिला एवं जनपद स्तर के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। गोठान के कार्यों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर डॉ. भारतीदासन ने निर्देशित किया कि जिले के सभी गोठानों में चारा-पानी और चबूतरा शेड निर्माण का कार्य पूर्ण करा लिया जाए। शासन के निर्देशानुसार पशुओं की खुले में चराई से मुक्ति के लिए रोका-छेका अभियान चलाया जा रहा है। यह ध्यान रखे कि गोठानों में पशुओं की उपस्थिति शत-प्रतिशत हो।उन्होंने गोठानों में पशुओं की सुरक्षा के लिए पशु चिकित्सा विभाग को निर्देशित किया कि सप्ताह में दो बार सघन परीक्षण कर दवाइयां और टीकाकरण किया जाए। सभी चारागाह में अनिवार्य रूप से नेपियर घास लगाया जाए। गोठानों को बहुआयामी क्रियाविधियों के  केंद्र के रूप में विकसित किया जाना है। इससे गोठानों में कार्य करने वाले स्व-सहायता समूहों को आजीविका चलाने में मदद मिलेगी। स्व-सहायता समूह को चारा कटाई के अतिरिक्त बाड़ी में सब्जी उत्पादन, मत्स्य पालन आदि कार्य देकर उनके आर्थिक स्त्रोत को बढ़ाना है।कलेक्टर डॉ. भारतीदासन ने जिले में धान चबूतरा निर्माण कार्य की प्रगति का प्रतिवेदन तत्काल उपलब्ध कराने का निर्देश दिए। जिन जगहों पर चबूतरा निर्माण का कार्य प्रगति पर है, वहां अनिवार्य रूप से 5 जुलाई तक कार्य पूर्ण करा लिया जाए। सभी जनपद सीईओ जिले के गोठानों और नरवा में किए जा रहे कार्यो की दैनंदिनी प्रतिवेदन सीईओ जिला पंचायत को प्रस्तुत करें।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. गौरव कुमार सिंह ने जनपद सीईओ को निर्देशित किया कि गोठानों में स्व-सहायता समूह की महिलाओं को आर्थिक स्त्रोत के साधन उपलब्ध कराया जाना है। इसके लिए गोठान से संबंधित सभी विभाग को समन्वय करना आवश्यक है। जिन गोठानो में प्रस्तावित कार्य अविलंब प्रारंभ कर पूर्ण किया जाए। स्व-सहायता समूह की महिलाओं को गोठान में प्रारंभ किये जा रहे मुर्गी पालन, बकरी पालन,मत्स्य पालन, मशरूम उत्पादन, साबुन और दोना-पत्तल आदि कार्यो से जोड़ा जाना है। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर के जो निर्माण कार्य लंबित है, उसे 30 अगस्त तक अनिवार्य रूप से पूर्ण कर लिया जाए। जिन गोठानों में मशरूम उत्पादन किया जाना है, इसके शेड निर्माण के लिए कार्ययोजना बनाकर प्रस्तुत किया जाए। सभी गोठानों मे 7 जुलाई तक चारा बीज की बुवाई अनिवार्यत: करे ताकि आगामी दिनों में पशुओ के लिए चारे की कमी न हो। सब्जी उत्पादन के लिए बाड़ी की पूरी जवाबदारी उद्यानिकी विभाग की है। 

17-06-2020
इंडियन पोडियाट्री एसोसिएशन का कार्य वास्तव में एक मानवीय कार्य : राज्यपाल

रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके ने राजभवन में वीडियो कांफ्रेसिंग से इंडियन पोडियाट्री एसोसिएशन के छत्तीसगढ़ चेप्टर का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश में डायबिटिक फुट से ग्रसित मरीजों को इलाज में विशेष सुविधा मिलेगी। साथ ही इस बीमारी के प्रति आम लोगों में जागरूकता भी आएगी। इससे इस बीमारी के मरीज पैर खोने से बच जाएंगे। यह वास्तव में मानवीय कार्य है। इसके लिए राज्यपाल ने संस्था के अध्यक्ष डॉ. सुरी और छत्तीसगढ़ चेप्टर के चेयरमेन डॉ. सुनील कालड़ा को बधाई दी। यह कार्य इलाज करने के साथ-साथ लोगों को नया जीवन प्रदान करने जैसा है। राज्यपाल ने कहा कि इंडियन पोडियाट्री एसोसिएशन विशेष रूप से डायबिटिक फुट पर केन्द्रित होकर कार्य करता है, मधुमेह के रोगियों को इसके प्रति जागरूक करता है और उनका इलाज भी करता है। आज की भागमभाग की जीवन शैली तथा आनुवांशिक कारणों के कारण डायबिटिज की बीमारी आम होती जा रही है। एक अध्ययन के अनुसार भारत देश में करीब 5 से 6 करोड़ लोग मधुमेह रोग से पीड़ित हैं।

बताया जाता है कि इसके कारण ही हर साल करीब एक लाख मधुमेह रोगी अपना पैर खो देते हैं। एक सर्वेक्षण के अनुसार अधिकतम मधुमेह के रोगियों को इस स्थिति की जानकारी नहीं होती और वे अपने पैरों की नियमित जांच भी नहीं कराते।राज्यपाल ने कहा कि डॉ. कालड़ा छत्तीसगढ़ में कई वर्षों से डायबिटिक फुट के बारे में आम लोगों को जागरूक कर रहे हैं और उनका इलाज कर रहे हैं। आज मेडिकल साइंस निरंतर उन्नति कर रहा है। चिकित्सा से जुड़े समस्या की हर पहलु की माइक्रो स्टडी की जा रही है और उनमें शोध किये जा रहे हैं। इसके परिणाम स्वरूप गंभीर से गंभीर बीमारी का इलाज संभव हो पा रहा है। आवश्यकता है लोगों को जागरूकता की।इंडियन पोडियाट्री एसोसिएशन राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. ए.पी.एस. सूरी ने कहा कि हमारे देश में कई नई तकनीक ईजाद हो गई है जिससे डायबिटिक फुट का इलाज किया जा रहा है।

इस चेप्टर के यहां शुभारंभ से छत्तीसगढ़ के गांव-गांव तक इसकी इलाज की सुविधा उपलब्ध हो पाएगी। डॉ. सुनील कालड़ा ने कहा कि अब तक इस चेप्टर का 11 राज्यों में शुभारंभ हो चुका है और यह छत्तीसगढ़ में शुरू हो रहा है। यह चेप्टर निश्चित ही यहां पर मील का पत्थर साबित होगा। इससे डायबिटिक फुट के मरीज अपनी नियमित जांच करा पाएंगे और दवाईयां उपलब्ध हो पाएंगी। डॉ. राका शिवहरे के अध्यक्ष ने कहा कि छत्तीसगढ़ में इस चेप्टर का प्रारंभ करने का उद्देश्य मानव सेवा करना है। कार्यक्रम में डॉ. आनंद कुमार सुरी, डॉ. अनिल कुमार वर्मा, डॉ. उदय कुमार, डॉ. केतन शाह और देश-विदेश के चिकित्सक शामिल हुए।

14-06-2020
आने वाले दिनों में बदलेगी जम्मू-कश्मीर की तस्वीर : राजनाथ सिंह

नई दिल्ली। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए 'जम्मू-कश्मीर जन संवाद रैली' को संबोधित किया। इस दौरान राजनाथ सिंह ने कहा कि कोरोना का संकट आने के बाद वर्चुअल रैली का सिलसिला बीजेपी ने देश के कार्यकर्ताओं से और देश की जनता के साथ संवाद करने के लिए प्रारंभ किया है। भारत की राजनीति डिजिटल दुनिया की ओर प्रस्थान कर चुकी है। रक्षा मंत्री ने कहा, दुनिया के कई मजबूत देश कोरोना महामारी के कारण लड़खड़ा गए हैं। भारत में प्रधानमंत्री ने कोरोना संकट को चुनौती के रूप में स्वीकार किया और कई बड़े और अहम फैसले लिए। राजनाथ सिंह ने कहा, चुनौतियों पर विजय प्राप्त करने का नाम ही बीजेपी है, 1984 में जब हमें मात्र 2 सीटें प्राप्त हुई थी तो राजनीतिक विश्लेषकों ने ये कहना शुरू कर दिया था कि बीजेपी समाप्त हो जाएगी।

लेकिन उस समय के हमारे नेता अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी ने इस चुनौती को स्वीकार किया और संकल्प लिया,जिसका परिणाम आज आप देख रहे हैं कि 2 से लेकर दोबारा सरकार बनाने तक की यात्रा हमने की है। रक्षा मंत्री ने कहा, अनुच्छेद 370 और 35A को लेकर सभी के मन में संशय था, लेकिन पूर्ण बहुमत मिलते ही हमने जो कहा था वह काम पूरा किया। पहले अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अनुच्छेद 370 को लेकर अन्य देशों का समर्थन हमेशा पाकिस्तान के साथ रहता था, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हमें इस मुद्दे पर मुस्लिम देशों का भी समर्थन प्राप्त हुआ है। पहले कश्मीर में पाकिस्तान और आईएसआईएस का झंडा फहराता नजर आता था। लेकिन हम सीना ठोक कर अब कश्मीर को अपना हिस्सा कहते हैं। राजनाथ सिंह ने कहा, जम्मू और लद्दाख को शिकायत थी कि कश्मीर को प्राथमिकता मिलती है, लेकिन अब मौसम बदल चुका है। जम्मू-कश्मीर की तकदीर और तस्वीर को बदलने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में जम्मू-कश्मीर की तस्वीर इतनी बदल जाएगी कि पीओके के लोग भी सोचेंगे कि अगर हम भारत में होते तो हमारे दिन भी बदल गए होते। आने वाले दिनों में पीओके के लोग भी भारत का हिस्सा बनना चाहेंगे। रक्षा मंत्री ने कहा, नरेंद्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत की बात कही है। मैं आपको यकीन दिलाना चाहता हूं कि भारत जिस दिशा में आगे बढ़ रहा है, आगामी कुछ वर्षों में भारत को आत्मनिर्भर बनने से दुनिया की कोई ताकत रोक नहीं सकती है। रक्षा की दृष्टि भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। राफेल लड़ाकू विमान सेना में शामिल होने के बाद हमारी वायु सेना की ताकत बढ़ जाएगी। हम किसी को डराने के लिए ताकत नहीं बढ़ाना चाहते, बल्कि अपनी सुरक्षा के लिए ताकत बढ़ाना चाहते हैं। रक्षा मंत्री ने कहा, 'भारत-चीन के बीच जो भी विवाद पैदा हुआ है, इस समय सैन्य लेवल पर बात चल जारी है। चीन ने भी ये इच्छा व्यक्त की है कि बातचीत के द्वारा इसका समाधान निकाला जाना चाहिए। हमारी कोशिश भी यही है कि सैन्य और डिप्लोमेटिक स्तर पर बातचीत के द्वारा इसका समाधान निकाला जाए।

 

12-06-2020
मनरेगा से लाखों श्रमिकों को मिल रहा काम : अमरजीत भगत

रायपुर। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं बालोद जिले की प्रभारी मंत्री अमरजीत भगत ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए जिले में संचालित विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। भगत ने कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने बालोद जिला मुख्यालय में कोविड-19 हॉस्पिटल की तैयारी, क्वारंटाइन सेंटर तथा प्रवासी मजदूरों व व्यक्तियों की जानकारी ली।मंत्री भगत ने शासकीय उचित मूल्य की दुकानों का संचालन व नया राशन कार्ड बनाने, नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी योजना के तहत स्वीकृत कार्यों की जानकारी, गौठानों में प्लांटेशन, स्व सहायता समूह द्वारा वर्मी खाद निर्माण तथा सब्जी उत्पादन आदि की जानकारी ली। भगत ने महात्मा गॉधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की जानकारी ली। जिले में खाद-बीज भण्डारण एवं उठाव, राजीव गॉधी किसान न्याय योजना के तहत पंजीकृत किसानों की संख्या तथा लाभान्वित किसानों की जानकारी ली।

उन्होंने लोक निर्माण विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यों की भी प्रगति की समीक्षा की। लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत प्राप्त आवेदनों के निराकरण, राजस्व प्रकरणों के निराकरण तथा राजीव गॉधी आश्रय योजना के तहत पट्टा वितरण की प्रगति, राजस्व प्रकरणों का निपटारा, सीमंाकन के प्रकरणों का निराकरण बारिश के पूर्व करने के निर्देश दिए ।कलेक्टर ने बताया कि जिला मुख्यालय में कोविड-19 हॉस्पिटल तैयार कर लिया गया है। पीपीई किट, मास्क तथा दवाईयां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। जिले में 1,772 क्वारंटाइन सेंटर चिन्हांकित किए गए हैं। वर्तमान में 548 क्वारंटाईन सेंटर में 2,952 प्रवासी ठहरे हैं। क्वारंटाईन सेंटर में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध है।

क्वारंटाइन सेंटरों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। कंटेनमेंट जोन में शामिल ग्रामों को छोड़कर शेष ग्रामों में कार्य स्वीकृत किए गए हैं। वर्तमान में महात्मा गॉधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत एक लाख सोलह हजार मजदूर कार्यरत हैं। कलेक्टर ने चिन्हांकित नरवा तथा स्वीकृत कार्य, प्रथम चरण व द्वितीय चरण में गौठान निर्माण, गौठानों में स्वसहायता समूहों द्वारा की जा रही विभिन्न गतिविधियॉ और सामग्री उत्पादन तथा विक्रय आदि की जानकारी दी। उन्होंने बाड़ी विकास कार्यक्रम की अद्यतन प्रगति की भी जानकारी दी। वीडियो कांफ्रेंसिंग में बालोद विधायक संगीता सिन्हा, गुण्डरदेही विधायक कुंवर सिंह निषाद जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद थे।

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