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27-05-2020
भारतीय स्टेट बैंक ने दिया एक और झटका, एक ही महीने में दूसरी बार बदली फिक्स्ड डिपॉजिट की दरें

नई दिल्ली। भारतीय स्टेट बैंक ने एक महीने में दूसरी बार फिक्स डिपॉजिट करने वाले ग्राहकों को झटका दिया है। एसबीआई ने एक ही महीने में दूसरी बार फिक्स्ड डिपॉजिट पर मिलने वाले ब्याज में कमी कर दी है। बैंक ने सावधि जमा पर ब्याज दरों में 40 आधार अंकों की कटौती की है। दो करोड़ रुपए से कम की फिक्स्ड डिपॉजिट पर एसबीआई की नई दरें आज यानी 27 मई 2020 से लागू हो गई हैं। एसबीआई की वेबसाइट के मुताबिक बैंक ने 2 करोड़ या इससे अधिक की एफडी पर भी 50 बीपीएस तक की कटौती की है। इस श्रेणी के तहत एसबीआई द्वारा प्रस्तावित ब्याज दर अधिकतम 3% है। इस श्रेणी के अंतर्गत आने वाली नई दरें भी आज से ही लागू हो गई हैं। इससे पहले एसबीआई ने तीन साल की अवधि के खुदरा टर्म डिपॉजिट पर 20 आधार अंकों की कमी की थी, जो 12 मई 2020 से लागू हो गई थी। मार्च में भी बैंक ने दो बार एफडी की दर कम की थी। आइए जानते हैं कि दो करोड़ से कम की एफडी पर आपको कितना ब्याज मिलेगा।  

एसबीआई एफडी की लेटेस्ट ब्याज दरें :

7 दिन से 45 दिन 2.9%
46 दिन से 179 दिन  3.9%
180 दिन से 210 दिन  4.4%
211 दिन से 1 वर्ष से कम  4.4%
1 वर्ष से 2 वर्ष से कम 5.1%
2 साल से 3 साल से कम  5.1%
3 साल से 5 साल से कम 5.3%
5 साल और 10 साल तक  5.4%

वरिष्ठ नागरिकों के लिए 27 मई से प्रभावी एफबीआई की नवीनतम ब्याज दरें :

7 दिन से 45 दिन  3.4%
46 दिन से 179 दिन   4.4%
180 दिन से 210 दिन   4.9%
211 दिन से 1 वर्ष से कम  4.9%
1 वर्ष से 2 वर्ष से कम  5.6%
3 साल से कम 2 साल 5.6%
3 साल से 5 साल से कम 5.8%
5 साल और 10 साल तक 6.2%

एसबीआई ने 12 मई को 20 बीपीएस द्वारा '3 साल' तक के कार्यकाल के लिए सावधि जमा पर ब्याज दरों में कटौती की थी। मार्च में, एसबीआई ने एफडी पर ब्याज दरों को 20-50 बीपीएस से घटाकर 28 मार्च 2020 तक प्रभावी कर दिया था। यह दूसरी कटौती थी। इससे पहले बैंक ने 10 मार्च को एफडी पर ब्याज दरों में कटौती की थी।

16-05-2020
ग्राहक सेवा केंद्र गबन मामला,दो महिलाएं गिरफ्तार,पहले ही पकड़ा जा चुका है मुख्य आरोपी

राजनांदगांव। ग्राहक सेवा केंद्र में पिछले दिनों हुए गबन मामले में मुख्य आरोपी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था। इस मामले में आरोप है कि खाता नहीं खोला गया और पूरा पैसा गबन कर दिया गया। इसी मामले में एसबीआई के मुख्य प्रबंधक की जांच उपरांत आवेदन पर लालबाग थाना ने प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षक मयंक सिंह द्वारा विभिन्न धाराओं में मुकदमा कायम कर दो महिलाओं को भी गिरफ्तार किया है। 

 

01-04-2020
शेयर बाजार में आई गिरावट, लाल निशान के साथ खुला मार्केट

नई दिल्ली। शेयर बाजार बुधवार को लाल निशान के साथ खुला। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 36 अंकों की गिरावट के साथ खुला। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी दबाव के साथ खुला। सेंसेक्स आज 29505 के स्तर पर खुला, जो मंगलवार को 29,468.49 के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी बुधवार को 8,584.10 के स्तर पर खुला। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 487.03 अंक यानी 1.65% के नुकसान के साथ 28,981.46 के स्तर पर था। निफ्टी भी 102.60 अंक फिसलकर 8,495.15  के स्तर पर आ गया है। शुरुआती कारोबार में एलएंडटी, इंडसइंड बैंक, एचडीएफसी, पावर ग्रिड, ब्रिटानिया, सिप्ला और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयर हरे निशान पर थे। वहीं कोटक महिंद्रा बैंक, अडाणी पोर्ट्स, एसबीआई, ओएनजीसी, बीपीसीएल, ग्रासिम, टेक महिंद्रा, रिलायंस और एचसीएल टेक लाल निशान पर थे।

14-03-2020
सरकार ने यस बैंक के पुनर्गठन की योजना को दी मंजूरी, 18 मार्च को हटा दी जाएगी कामकाज की पाबंदियां

नई दिल्ली। रिजर्व बैंक ने पांच मार्च को यस बैंक पर कामकाज पर कई तरह की पाबंदियां लगा दी थी। इस योजना के तहत निवेश को लेकर अन्य वित्तीय संस्थानों से बातचीत किया जा रहा है। बता दें कि इसमें ग्राहकों के लिए एक माह के दौरान 50,000 रुपए तक निकासी सीमा तय की गई थी। नगदी के संकट से जूझ रहे यस बैंक ग्राहकों को नकदी निकासी पर लगी पाबंदी से जल्दी राहत मिलने वाली है। सरकारी अधिसूचना के मुताबिक, यस बैंक पर लगी रोक 18 मार्च की शाम छह बजे से हटा दी जायेगी। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि यस बैंक के रिकंस्ट्रक्शन स्कीम 2020 को जल्द ही अधिसूचित किया जाएगा। साथ ही कहा कि वित्तीय संकट से जूझ रहे यस बैंक से नकद निकासी पर रोक और अन्य पाबंदियों को एसबीआई की राहत पैकेज योजना के अधिसूचित होने के 3 दिन के भीतर हटा लिया जाएगा। यही नहीं उन्होंने बताया कि यस बैंक के पुनर्गठन की अधिसूचना जारी होने के अगले 7 दिनों के अंदर नए बोर्ड का गठन होगा, जिसमें एसबीआई के 2 डायरेक्टर भी शामिल होंगे।

सीतारमण ने आगे कहा कि इस बीच, निजी क्षेत्र के आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी ने 1,000-1,000 करोड़ रुपए निवेश की घोषणा की है। इस निवेश से आईसीआईसीआई बैंक की यस बैंक में 5 प्रतिशत से अधिक इक्विटी हिस्सेदारी हो जायेगी। वहीं एक्सिस बैंक 60 करोड़ शेयर खरीदने के लिये 600 करोड़ रुपए निवेश करेगा। इसके अलावा कोटक महिन्द्रा बैंक ने भी 500 करोड़ रुपये निवेश की घोषणा की है।

12-03-2020
एसबीआई ने लिया बड़ा फैसला, खाताधारकों को मिलेगी जीरो बैलेंस की सुविधा

नई दिल्ली। भारतीय स्टेट बैंक ने बचत खाते में औसत मासिक न्यूनतम राशि रखने की अनिवार्यता समाप्त कर दिया है। इससे अब बैंक के सभी बचत खाताधारकों को जीरो बैलेंस की सुविधा मिलने लगेगी। एसबीआई ने एक बयान जारी कर कहा कि देश में वित्तीय समावेशन को आगे बढ़ाने के लिए उसने औसत मासिक न्यूनतम राशि रखने की अनिवार्यता खत्म की है। एसबीआई ने अपने 44.51 करोड़ बचत खाताधारकों को गुरुवार को दो बड़े फैसले दिए है। पहले फैसले में एसबीआई ने बचत खाते पर जीरो बैलेंस की सुविधा दी है, जबकि दूसरे फैसले में बचत खातों पर मिलने वाली ब्याज दर घटा दी है। इसके तहत बचत खातों में न्यूनतम बैलेंस बनाए रखने की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया है। ऐसे में अब ग्राहकों के खाते में रकम नहीं होने पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। जबकि दूसरे फैसले के तहत बैंक ने बचत खातों पर अब तक मिल रही 3.25 फीसदी की ब्याज दर को घटाकर फ्लैट 3 फीसदी कर दिया है। एसबीआई ने उपरोक्त दोनों फैसलों के अलावा एक और निर्णय लिया है। इसके तहत अब उसके ग्राहकों को एसएमएस सेवा के लिए त्रैमासिक आधार पर लगने वाला शुल्क नहीं चुकाना होगा। इसे भी खत्म कर दिया गया है।

 

07-03-2020
यस बैंक को बचाने के लिए आरबीआई ने पेश किया रिकंट्रक्शन प्लान, एसबीआई को दी 49 प्रतिशत हिस्सेदारी

नई दिल्ली। यस बैंक संकट को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। आरबीआई ने यस बैंक को बचाने के लिए रिकंट्रक्शन प्लान पेश कर दिया है। इस पर बैंक के शेयर होल्डर्स, निवेशकों और यस बैंक और एसबीआई से से सुझाव मांगे गए हैं। आरबीआई ने इसे 'यस बैंक रिकंट्रक्शन स्कीम 2020' नाम दिया है। आरबीआई ने इसके लिए कुछ शर्तें भी रखी हैं।

आरबीआई ने अपनी रिकंट्रक्शन स्कीम में बताया है कि एसबीआई को बैंक की 49 फीसदी हिस्सेदारी लेनी होगी। यह अधिग्रहण तीन साल के लिए होगा, तीन साल बाद वो हिस्सेदारी 26 प्रतिशत से नीचे कर सकते हैं। इसके साथ ही अधिग्रहण करने वाले बैंक एसबीआई को यस बैंक के शेयर 10 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से लेने होंगे। इसमें दो रुपये फेस वैल्यू होगी और आठ रुपये प्रीमियम वैल्य़ू। इसके साथ ही सबसे बड़ी बात तो आरबीआई ने इस रिकंट्रक्शन स्कीम के तहत कही है वो यह है कि यस बैंक के सभी कर्मचारियों की नौकरी पर कोई खतरा नहीं है। उन्हें जो भी सुविधाएं मिलती रही हैं वो मिलती रहेंगी।

यस बैंक के पूर्व सीईओ के खिलाफ लुक आउट नोटिस, छापेमारी

यस बैंक के संस्थापक और पूर्व CEO राणा कपूर के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी हो गया है। राणा कपूर अब देश छोड़ कर नहीं जा सकते। वहीं प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी की टीम ने मुंबई में देर रात राणा कपूर के घर पर छापा मारा। कपूर का घर मुंबई के वर्ली इलाके में है। रात भर ईडी की टीम ने राणा कपूर से पूछताछ की है।

कपूर ने निजी संबंधों पर दिए बड़े बड़े लोगों को लोन

राणा कपूर के खिलाफ ईडी मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत केस दर्ज कर चुकी है। आरोप है कि राणा कपूर ने यस बैंक के जरिए मनमाने तरीके से मोटे लोन बांटे।लोन देने और उसे वसूल करने की प्रक्रिया अपने हिसाब से तय की। ये लोन राणा कपूर ने अपने निजी संबंधों के आधार पर बड़े बड़े लोगों को लोन दिए। 2017 में यस बैंक ने 6,355 करोड़ रुपए की रकम को बैड लोन में डाल दिया था।

राणा की बिल्डिंग में नीरव मोदी का भी फ्लैट

वर्ली की जिस समुद्र महल बिल्डिंग में राणा कपूर का घर है। उसमें देश के कई नामी कारोबारियों के भी फ्लैट हैं। उस नीरव मोदी का भी इसमें फ्लैट है। जो 10 हजार करोड़ से ज्यादा के पीएनबी घोटाले में देश छोड़कर भाग चुका है। इसके अलावा कई नामी कंपनियों के गेस्ट हाउस इसी बिल्डिंग में हैं। समुद्र महल मुंबई की ऐसी पहली बिल्डिंग है। जिसने 1 लाख प्रति स्क्वेयर फीट की कीमत को जब छुआ था। तो ये खबर हर तरफ सुर्खियां बनी थी।

क्या यस बैंक का पूरा मामला?

गुरुवार को डूबते यस बैंक को बचाने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला किया है। फिल्हाल 3 अप्रैल तक रकम निकासी कि सीमा 50,000/- तक तय कर दी गई है। यहां बता दे कि निवेशक हर रोज़ 50000 तक नही बल्कि 3 अप्रैल तक कुल इतनी राशि निकाल सकेंग। विशेष परिस्थितियों में निकासी की सीमा 5 लाख तक कि तय कि गई है। पढ़ाई, इलाज और शादी के लिए ज्यादा रकम निकाले जा सकेंगे। 3 अप्रैल तक रकम निकासी की लिमिट जारी रहेगी। इधर यस बैंक की वित्तीय हालत सुधारने के लिए आरबीआई ने अगले एक महीने के लिए बैंक के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स का टेकओवर कर लिया है। बैंक का पुनर्गठन 3 अप्रैल से पहले कर दिया जाएगा।

06-03-2020
राहुल गांधी ने कहा- पीएम मोदी और उनके विचारों ने अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर दिया

नई दिल्ली। वित्तीय संकट से जूझ रहे यस बैंक पर भारतीय रिजर्व बैंक ने पैसा निकालने की ऊपरी सीमा निर्धारित कर दी है। यस बैंक पर आए संकट को देखते हुए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने ट्वीट कर मोदी सरकार को आड़े हाथ लिया। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि 'नो यस बैंक। मोदी और उनके विचारों ने भारत की अर्थव्यवस्था को नष्ट कर दिया है। बता दें कि ट्विटर पर हैशटैग नोबैंक के नाम से एक अभियान चलाया गया है, जिसके माध्यम से राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोला है।

बता दें कि वित्तीय संकट से जूझ रहे यस बैंक पर भारतीय रिजर्व बैंक ने पैसा निकालने की ऊपरी सीमा निर्धारित कर दी है। इसके तहत खाताधारक अब यस बैंक से 50 हजार रुपये से ज्यादा रकम नहीं निकाल सकेंगे। निकासी की यह सीमा तीन अप्रैल, 2020 तक लागू रहेगी। इसके अलावा केंद्रीय बैंक ने यस बैंक के निदेशक मंडल के अधिकारों पर रोक लगाते हुए एक महीने के लिए एसबीआई के पूर्व डीएमडी और सीएफओ प्रशांत कुमार की प्रशासक के रूप में नियुक्ति भी कर दी है।

 

19-02-2020
शेयर बाजार में आई जोरदार बढ़त, 335 अंकों की बढ़त के साथ 41,000 के पार खुला सेंसेक्स

नई दिल्ली। शेयर बाजार सप्ताह के तीसरे दिन बुधवार को जोरदार बढ़त के साथ खुला है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 338.22 अंक यानी 0.83 फीसदी की बढ़त के बाद 41,232.60 के स्तर पर खुला। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 110.85 अंक यानी 0.92 फीसदी की बढ़त के बाद 12,102.85 के स्तर पर खुला। इससे पहले लगातार चार दिनों तक बाजार लाल निशान पर बंद हो रहा था। दिग्गज शेयरों की बात करें तो बुधवार को कोल इंडिया, इंफ्राटेल, इंडसइंड बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, एसबीआई, एनटीपीसी, ओएनजीसी, टाटा स्टील, एचसीएल टेक और वेदांता लिमिटेड के शेयर हरे निशान पर खुले है। यस बैंक की शुरुआत लाल निशान पर हुई। सेक्टोरियल इंडेक्स पर नजर डालें तो आज सभी सेक्टर्स हरे निशान पर खुले। इनमें मीडिया, प्राइवेट बैंक, आईटी, एफएमसीजी, ऑटो, रियल्टी, फार्मा, मेटल और पीएसयू बैंक शामिल हैं। 

15-02-2020
दूरसंचार कंपनियां फिर से बढ़ा सकती है कॉल दरें, रिचार्ज कराना पड़ेगा महंगा

नई दिल्ली। दो महीने के अंदर दूसरी बढ़ोतरी दूरसंचार कंपनियां द्वारा की जा सकती है। एजीआर का भुगतान करने के लिए मोबाइल कंपनियां रिचार्ज शुल्क में 25 फीसदी तक बढ़ोतरी कर सकती है। अगर कंपनियां टैरिफ वाउचर में 10 फीसदी भी इजाफा करती हैं, तो इससे उन्हें अगले 3 वर्षों में 35 हजार करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है। एक्यूट रेटिंग्स एंड रिसर्च ने अनुमान है कि कंपनियां अपने भुगतान का बोझ ग्राहकों पर डाल सकती हैं और आने वाले समय में टैरिफ में एक बार फिर 20 से 25 फीसदी तक इजाफा हो सकता है। इससे पहले 1 दिसंबर, 2019 से कंपनियों ने अपने बिल में 50 फीसदी तक बढ़ोतरी की थी। साथ ही ग्राहकों को मिलने वाली कई तरह की सुविधाओं को भी खत्म कर दिया था। टैरिफ में 25 फीसदी बढ़ोतरी होने पर जियो का मौजूदा 149 रुपये का प्लान 186 रुपये का हो जाएगा। इसी तरह, एयरटेल का 219 रुपये का प्लान बढ़कर 273 रुपये, वोडा आइडिया का 199 वाला प्लान 248 रुपये का हो जाएगा। परामर्श फर्म कॉम फर्स्ट इंडिया के निदेशक महेश उप्पल ने कहा, इसमें कोई संदेह नहीं है कि यह भारतीय दूरसंचार क्षेत्र के लिए बुरी खबर है। खासतौर पर वोडा आइडिया के लिए परिस्थितियां पहले के मुकाबले बेहद संवेदनशील है, इसे एजीआर के रूप में सबसे ज्यादा 53 हजार करोड़ चुकाने हैं। कंपनी में 45.39 फीसदी हिस्सेदारी रखने वाली ब्रिटिश इकाई वोडाफोन के सीईओ निक रीड ने पिछले सप्ताह कहा था कि एजीआर के बाद भारत में स्थितियां काफी जटिल हो गई हैं और परिचालन मुश्किल हो रहा है।

वोडा-आइडिया के शेयर 23% गिरे, निवेशकों के 2,988 करोड़ डूबे

एजीआर पर सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख के बाद वोडा आइडिया लिमिटेड के शेयरों 23 फीसदी की गिरावट आई। कंपनी ने गुरुवार को दिसंबर तिमाही में 6,438 करोड़ रुपये के घाटे का खुलासा किया था, जिसका भी निवेशकों पर असर पड़ा। बीएसई पर कंपनी के शेयर 23.21 फीसदी गिरकर 3.44 रुपये प्रति इकाई के भाव पर आ गए। वहीं, एनएसई पर 22.22 फीसदी गिरावट के साथ 3.50 रुपये प्रति शेयर के भाव पर बंद हुआ। इससे कंपनी का बाजार पूंजीकरण 2,988 करोड़ रुपये घटकर 9,884 करोड़ रुपये रह गया। पिछले तीन महीने में कंपनी की कुल आय 5 फीसदी कम हो गई है। हालांकि, भारती एयरटेल के शेयरों में 5 फीसदी से ज्यादा का उछाल दिखा। 

एसबीआई चेयरमैन रजनीश कुमार ने कहा कि पूंजी जुटाना दूरसंचार कंपनियों पर निर्भर होगा और हो सकता है कि उन्होंने अभी तक इसकी व्यवस्था भी कर ली हो। एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा, अब यह दूरसंचार कंपनियों पर निर्भर है कि वे पैसा जुटाने के लिए क्या कदम उठाती हैं। मुझे लगता है कि उन्होंने इंतजाम कर लिया होगा।  कुमार ने कहा कि बैंक ने दूरसंचार क्षेत्र को 29 हजार करोड़ का कर्ज दे रखा है और 14 हजार करोड़ गैर कोष आधारित एक्सपोजर है। कंपनियां अगर अपने एजीआर भुगतान के लिए बैंक से और कर्ज लने की अपील करती हैं, तो उस हालात में इस पर विचार किया जाएगा। एसबीआई के सकल एनपीए में दूरसंचार क्षेत्र की भागीदारी 9,000 करोड़ रुपये की है।

08-02-2020
अब बिना एटीएम के निकाल सकेंगे कैश

गुना। भारतीय स्टेट बैंक ने एक ऐप चालू किया है। योनो ऐप के जरिए एसबीआई के ग्राहक एटीएम पर जाकर अपने मोबाइल से ही पैसा निकाल सकेंगे। अब एटीएम मशीन में अपना एटीएम कार्ड नहीं लगाना पड़ेगा। इस जानकारी को लेकर गुना पुलिस लाइन में एक अवेयरनेस कैंप लगाया गया। इसमें पुलिस के कर्मचारियों और अधिकारियों को योनो एप के जरिए ट्रांजैक्शन करने की जानकारी दी गई। इस एप के कई फायदे हैं। इससे एटीएम के द्वारा होने वाली धोखाधड़ी से बचा जा सकता है।

 राकेश किरार की रिपोर्ट

07-02-2020
एसबीआई ने सस्ता किया होम और ऑटो लोन, जाने कितनी होंगी ब्याज दर.....  

नई दिल्‍ली। एसबीआई ने होम और ऑटो लोन पर ब्‍याज दर कम कर दिया है,एम सी एल आर में कटौती करते हुए अपने ग्राहकों को बड़ी रहत दी है। इस कटौती से आने वाले दिनों में एसबीआई अपने ग्राहकों को सस्‍ता होम या ऑटो लोन देगा। बहरहाल, ये नयी दरें 10 फरवरी से प्रभाव में आएगी। एसबीआई की ओर से दी जानकारी के मुताबिक सभी मैच्‍योरिटी अवधि के लोन पर सीमांत कोष की लागत आधारित ब्याज दर में 0.05 फीसदी की कटौती हो गई है। इस कटौती के बाद एक साल की मैच्‍योरिटी अवधि वाले लोन का,एमसीएलआर कम होकर 7.85 प्रतिशत हो गया है।

31-01-2020
मांगों को लेकर बैंक कर्मचारियों ने की हड़ताल

गुना। बैंक कर्मचारी एवं अधिकारियों ने 31 जनवरी और 1 फरवरी को हड़ताल का आह्वान किया है। विभिन्न मुद्दों एवं मांगों को लेकर शुक्रवार को बस स्टैंड स्थित एसबीआई के सामने 12 मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठे हैं। इसमें वेतन पुनरीक्षित समझौता वेतन पर्ची के आधार पर 20 प्रतिशत वृद्धि एवं पर्याप्त अतिरिक्त प्रभाव के लागू किए जाएं। पांच दिवसीय बैंकिंग प्रणाली प्रारंभ की जाए। विशेष भत्ते का मूल वेतन में जोड़ा जाए। न्यू पेंशन स्कीम को हटाया जाए। सेवानिवृत्त के बाद के लाभों को आयकर में छूट प्रदान की जाए। 

राकेश किरार की रिपोर्ट

 

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