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22-05-2020
जिला न्यायालय दुर्ग में हुआ कोरोना संक्रमण के संबंध में रैपिड टेस्ट, 1 हफ्ते बाद आएगी रिपोर्ट

दुर्ग। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग के द्वारा स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से जिला न्यायालय परिसर के सभागार में न्यायाधीशगणों, बार संघ के पदाधिकारियों, न्यायालीन कर्मचारियों, विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारियों का कोरोना वायरस के संबंध में रैपिड टेस्ट कराया गया। इसमें 20 लोगों का रैपिड टेस्ट स्वास्थ्य विभाग द्वारा किया गया। जिनकी रिपोर्ट एक सप्ताह बाद संबंधित के मोबाइल पर प्राप्त होगी।

जिला न्यायालय परिसर में रैपिड टेस्ट कराये जाने के लिए गोविन्द कुमार मिश्रा, अध्यक्ष/जिला न्यायाधीश, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग के द्वारा विशेष रूचि ली गई तथा उनके मार्गदर्शन पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग के सचिव राहुल शर्मा के द्वारा मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी से चर्चा एवं पत्र प्रेषित किया गया। सर्वप्रथम रैपिड टेस्ट गोविन्द कुमार मिश्रा, जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग के द्वारा कराया गया। रैपिड टेस्ट करने के लिए जिला चिकित्सालय के डॉक्टर अनुशा सिंह, अघन सिंह लैब टेकनिशियन, रिखी राज साहू वार्ड बॉय ने अपनी उपस्थिति दी। उनके सहयोग से ही कार्य सम्पादित किया गया।

19-05-2020
ब्लड सैम्पलिंग के लिए जिले में खोले गए आठ बूथ

धमतरी। कलेक्टर रजत बंसल ने मंगलवार को जिला चिकित्सालय में डाॅक्टरों एवं वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर कोविड-19 नोवल कोरोना वायरस के संभावित संक्रमण को भांपते हुए वर्तमान समय में बदली परिस्थितियों के अनुसार केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करने तथा आवश्यक उपाय करने के निर्देश दिए। साथ ही जरूरी उपकरणों की उपलब्धता के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने जिला अस्पताल में डाॅक्टरों से चर्चा कर वर्तमान में उपलब्ध सुविधाओं एवं सेवाओं के साथ-साथ किसी प्रकार की आपातकालीन परिस्थिति से निबटने के लिए की गई व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इसी तरह क्वारेंटाइन सेंटर में रखे गए लोगों को भी शासन के निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के संबंध में समझाइश देने की बात कही। इस बाबत क्वारेंटाइन सेंटर में रखे गए व्यक्ति स्वास्थ्यगत कारणों से किसी तरह की मांग आने पर समन्वय समिति के समक्ष प्रकरणों को प्रस्तुत कर उनका निराकरण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने जिला अस्पताल में आवश्यक उपकरण जैसे पीपीई किट, एन 95 एवं सामान्य मास्क, आइसोलेशन वार्ड में प्रयुक्त होने वाले सभी आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला अस्पताल में 25 बिस्तरयुक्त नए वार्ड को सेंट्रल ऑक्सीजन सप्लाई करने शीघ्र परिवर्तित करने के निर्देश दिए। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ.डीके तुर्रे ने बताया कि एसएनसीयू वार्ड में यूपीएस सिस्टम, मल्टी पैरामाॅनिटर, पल्स ऑक्सीमीटर, ईसीजी मशीन, एसी तथा एक नई एम्बुलेंस की शीघ्र आवश्यकता है।

इस पर कलेक्टर ने शासन को पत्र लिखकर अवगत कराने के लिए निर्देशित किया। सीएमएचओ ने बताया कि कोरोना वायरस की जांच के लिए कुल आठ ब्लड सैम्पलिंग सेंटर स्थापित किए गए हैं, जिसमें प्रत्येक विकासखण्ड में दो-दो सेंटर में प्रतिदिन ब्लड सैम्पल प्राप्त किए जाते हैं। कलेक्टर ने इसकी सराहना करते हुए शासन द्वारा निर्धारित प्रतिदिन सैम्पल की संख्या अनुसार ही नमूने संग्रहित करने के निर्देश दिए।कलेक्टर ने विशेष तौर पर निर्देशित किया कि बाहर राज्यों अथवा जिलों से आने वाले लोगों को अनिवार्य रूप से 14 दिनों की कोरंटाइन में कड़ाई से रखा जाए। साथ ही होम कोरंटाइन में रहने वाले लोगों के घरों में अनिवार्य रूप से ताला लगाने के निर्देश दिए, ताकि वे उक्त अवधि में हर हाल में किसी के सम्पर्क में आने ना पाएं। इसके लिए उनसे तत्संबंध में शपथ पत्र भी भराया जाए। इस दौरान कलेक्टर ने जिला पुलिस की कार्यशैली और मुस्तैदी की काफी प्रशंसा की कि पुलिस के जवानों के द्वारा पूरी सजगता के साथ ड्यूटी की जा रही है। इसके अलावा जिला अस्पताल से लगी आवासीय काॅलोनी जहां इन दिनों पेड़ कटाई का कार्य चल रहा है, वहां पर मोहल्ला क्लिनिक खोलने के लिए एस्टीमेट तैयार करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। साथ ही कलेक्टर ने सीएमएचओ को एक वाॅइस मैसेज के माध्यम से जिले की मितानिनों, और मैदानी कार्यकर्ताओं को छत्तीसगढ़ी में संबोधित करते हुए समय की गम्भीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए ऐसे लोगों को चिन्हांकित कर जानकारी भेजने तथा खुद को भी सुरक्षित रखने की अपील करते हुए सोशल मीडिया में प्रसारित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर विभिन्न विभाग के अधिकारी मौजूद थे।

 

18-05-2020
जिला चिकित्सालय बिलासपुर को कोविड अस्पताल में किया गया परिवर्तित

रायपुर/बिलासपुर। राज्य शासन से प्राप्त निर्देशानुसार जिला चिकित्सालय बिलासपुर को कोविड अस्पताल में परिवर्तित करने का कार्य अत्यंत अल्प समय में उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुसार तैयार किया गया है। 100 बिस्तर अस्पताल के प्रथम तल में चार जनरल वार्ड है तथा 10 सिंगल रूम है, जहां अटैच्ड शौचालय है और जनरल वार्ड में शौचालयों की पर्याप्त संख्या है। प्रत्येक जनरल वार्ड में 2 शौचालय और 2 स्नानागार है। चिकित्सालय 4 वेंटिलेटर सहित पूर्ण रूप से अत्याधुनिक मशीनों और उपकरणों से सुसज्जित है। नए आईसीयू बेड, मल्टी पैरा मॉनिटर, सीसीटीव्ही, पेशेंट एड्रेशल सिस्टम, डॉनिंग और डॉफिंग जोन, शासन से प्राप्त गाइडलाइन के अनुसार तैयार किया गया है। अस्पताल की सिविल सर्जन डॉ. मधुलिका सिंह ने बताया कि 15 मई को आए 5 मरीजों का यहां  उपचार किया जा रहा है।

महिला मरीज सिंगल रूम में है और शेष मरीज जनरल वार्ड नंबर 1 प्रथम तल में है।  वर्तमान में भर्ती मरीजों को स्वच्छ और आरामदायक वार्डों में रखा गया है, जहां उन्हें नियमित रूप से चाय, नाश्ता, भोजन प्रदाय किया जा रहा है और उनके मनोरंजन के लिए वार्डों में टी.व्ही. डिश केबल के साथ उपलब्ध है। मरीजों को दैनिक उपयोगी की चीजें जैसे ब्रश, टूथपेस्ट, साबुन, चप्पल, पहनने के कपड़े इत्यादि अस्पताल प्रबंधन ने प्रदाय किया हैं। अस्पताल प्रशासन ने एक मोबाईल फोन भी रख है जिससे मरीजों के घरवालों से बात कराई जा रही है। यहां छः-छः घंटे की चार शिफ्ट में टीम की ओर से ड्यूटी की जा रही है, जिसमें कुल 15 स्वास्थ्यकर्मी (चिकित्सक, स्टाफ नर्स, वार्ड ब्वाय तथा सफाईकर्मी शामिल) हैं। इसके अतिरिक्त 2 विशेषज्ञ चिकित्सक ऑन कॉल है। सभी स्टाफ के रहने भोजन के लिए प्रशासन ने सर्व-सुविधायुक्त व्यवस्था की है।

ये सभी कर्मचारी स्टराईल जोन से पीपीई पहनने के उपरांत ही वार्ड में प्रवेश करते हैं और ड्यूटी स्टेशन में लगे हुए सीसीटीवी इत्यादि की मदद से मरीजों की लगातार निगरानी रखते हुए उनका इलाज कर रहे हैं। आवश्यकता पड़ने पर मेडिकल विशेषज्ञ भी सेवाएं दे रहे हैं। कोविड अस्पताल स्पष्ट रूप से स्टराइल और नान स्टराइल जोन में विभाजित है। वार्ड के अंदर नान-स्टराइल जोन में प्रवेश करने के पूर्व प्रत्येक कर्मी पीपीई अनिवार्य रूप से पहनते हैं। भोजन पहुंचाने के लिए कैंटीन का कर्मचारी स्टराइल जाने में निर्धारित स्थल पर मरीजों को भोजन, नाश्ता के पैकेट रखने के लिए ही प्रवेश करते हैं।

15-05-2020
महापौर हेमा देशमुख ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से की मुलाकात, शहर के विभिन्न मुद्दों पर किए चर्चा 

राजनांदगांव। महापौर हेमा देशमुख ने सी.एम हाउस में प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात कर शहर में कोरोना आपदा एवं लॉक डाउन के कारण हो रही समस्याओं से अवगत कराया एवं नगरनिगम संबधित विभीन्न मुद्दों पर चर्चा की। महापौर ने मुख्यमंत्री को अमृत मिशन की जानकारी देते हुए बताया कि आपकी इच्छा अनुरूप आगामी वर्ष में शहर को टैंकर मुक्त कर दिया जाएगा। वहींं राशन वितरण संबंधी जानकारी देते हुए कहा कि आपकी योजनाओं का लाभ आम जनता को मिल रहा है और जो लोग वंचित है उन्हें भी आवश्यकता के अनुसार राशन प्रदान किया जा रहा है। महापौर ने मुख्यमंत्री को महापौर निधि एवं पार्षद निधि से शहर के गरीब, असहाय एवं मजदूरों को सूखा राशन वितरण की अनुमति प्रदान करने के लिए आभार व्यक्त किया। महापौर ने मुख्यमंत्री को निगम की आर्थिक स्थिति से भी अवगत कराया।

साथ ही जानकरी दी की संक्रमण काल में नगर निगम के अधिकारी, कर्मचारी एवं सफाईकर्मियों द्वारा कोरोना वायरस से युद्ध स्तर पर लड़ाई लड़ी जा रही है। लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शहर के हर क्षेत्र को सैनिटाइज किया गया। नगर निगम द्वारा क्वारंटाइन सेंटरों में दूसरे जिले एवं राज्य से आए लोगों को आसरा दे कर उनकी व्यवस्था की गई। इसके अलावा जिला चिकित्सालय में कार्यरत स्वास्थ्य अधिकारी, स्वास्थकर्मी एवं पुलिस कर्मियों द्वारा किए गए सराहनीय कार्यों से भी अवगत कराया।

04-05-2020
कलेक्टर-एएसपी अधिकारियों ने कोरोना वॉरियर्स का किया सम्मान, सराहा योगदान को

रायपुर। कोरोना वारियर्स की शानदार सेवाओं पर उनका हौसला अफजाई करने सोमवार को कलेक्टर डॉ.एस भारती दासन, एसएसपी आरिफ शेख, नगर निगम कमिश्नर सौरभ कुमार और सीईओ जिला पंचायत डॉ. गौरव कुमार सिंह एक साथ सड़कों पर निकले। उन्होंने वॉरियर्स को पुष्प भेंटकर सम्मानित किया। ये सभी अधिकारी पंडरी जिला चिकित्सालय में सेवा दे रहे डॉ. रवि तिवारी और उनकी पूरी टीम, रायपुर स्मार्ट सिटी में संचालित आपातकालीन भोजन सेवा के स्पेशल सेल सहित वॉर रुम के सभी अधिकारी, कर्मचारी, स्वयं सेवी संस्था के पदाधिकारियों से मिले और सभी के योगदान की सराहना की। इन अधिकारियों ने जयस्तंभ चौक और विभिन्न चौराहों पर सेवा दे रहे पुलिस कर्मियों, नगर निगम कर्मचारियों, तैनात सुरक्षा गार्ड से भी स्वयं जाकर मिले। उत्साहित कोरोना योद्धाओं ने अपने बीच उपस्थित अधिकारियों का गर्मजोशी से स्वागत किया और विश्वास दिलाया कि हर जरुरतमंद तक त्वरित सहायता उपलब्ध कराने पूरी ऊर्जा से आगे भी जुटे रहेंगें।

28-04-2020
कोरोना प्रबंधन में मेडिकल कॉलेज और जिला चिकित्सालय में 8.69 करोड़ के हुए काम : ताम्रध्ज साहू

रायपुर। प्रदेश में लॉक डाउन के दौरान कोरोना महामारी के नियंत्रण और बचाव कार्य के तहत लोक निर्माण विभाग ने विभिन्न कार्य किए हैं। पीडब्ल्यूडी ने विभागीय मद से 8 करोड़ 69 लाख रुपए के विभिन्न कार्य किए हैं। लोक निर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू ने बताया कि रायपुर मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल और जिला चिकित्सालय में कोरोना वार्ड में विद्युतीकरण, एयर कंडीशनर, गैस पाईप लाइन, जनरेटर और सीसीटीवी के लिए 6 करोड़ 38 लाख रुपए और मातृ एवं शिशु अस्पताल रायगढ़ में गैस पाईप लाइन कार्य पर एक करोड़ 60 लाख रुपए खर्च किए गए हैं। बलरामपुर के वाड्रफनगर हॉस्पिटल में 25 लाख रुपए, मेडिकल कॉलेज जगदलपुर में 20 लाख रुपए, बैकुंठपुर जिला अस्पताल और बैकुंठपुर, मनेन्द्रगढ़ एवं चिरमिरी के क्वारंटाइन सेंटर में 21 लाख रुपए और अम्बिकापुर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल (जिला अस्पताल) के कोरोना वार्ड रंगाई-पुताई पर 5 लाख रुपए विभागीय मद से खर्च किए गए हैं।

27-04-2020
जिला अस्पताल में नहीं डिजिटल एक्स रे की सुविधा,फैक्चर को बताया गया मामूली चोट

रायगढ़। जिला चिकित्सालय में डिजिटल एक्स रे की सुविधा नहीं होने पर पदस्थ चिकित्सक ने एक मरीज को आए फ्रेक्चर को मामूली चोट बताकर घर भेज दिया। लेकिन तकलीफ खत्म नहीं होने के बाद वह मरीज निजी चिकित्सक के पास पहुंचा तो डॉक्टर ने फेक्चर बताया और आवश्यक दवाएं देकर आराम करने की सलाह दी। फायर ब्रिगेड कर्मचारी अजय राव के मुताबिक वाहन से नीचे गिरने के बाद उन्हें जिला चिकित्सालय ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने उन्हें एक्स रे के बाद सामान्य चोट कहकर एक दिन भर्ती रखने के बाद घर वापस भेज दिया। कूल्हे में असहनीय दर्द के बाद अजय राव निजी चिकित्सक के पास पहुंचे,जहां निजी चिकित्सक ने कूल्हे की हड्डी में क्रेक फ्रेक्चर बताया और डेढ़ महीने का बेड रेस्ट की सलाह दी। इस विषय में जब जिला अस्पताल के चिकित्सक से जानना चाहा तो उन्होंने मरीज के आरोप को नकार दिया। डॉक्टर के अनुसार जिला अस्पताल में डिजिटल एक्स रे की सुविधा नहीं होने की वजह से ही मरीज के फ्रेक्चर का पकड़ नहीं पाए। यह सुविधा जिला चिकित्सालय में क्यों नहीं है यह चिंतनीय विषय है।

 

26-04-2020
श्वास रोग से ग्रसित को 170 बटालियन के जवान ने किया रक्तदान

बीजापुर। श्वास की बीमारी से पीड़ित दसाराम सोम्रत को खून की कमी होने के कारण जिला चिकित्सालय में भर्ती करवाया गया था। इनके रक्तदान के लिए 170 बटालियन केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल बीजापुर से संपर्क किया गया। इस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए आलोक भट्टाचार्य कमांटेड 170 बटालियन ने रक्तदान करने के लिए जवानों को प्रोत्साहित किया। इनमें से हवलदार जीडी हरीकुटटन ए 170 बटालियन केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल ने रोगी के स्वेच्छा से रक्तदान किया।

20-04-2020
मुख्यमंत्री सहायता कोष से मृतिका के परिवारजनों को एक लाख रूपए की सहायता

रायपुर। बीजापुर जिले के ग्राम आदेड़ की 12 वर्षीय जमलो मड़कम की मृत्यु हो जाने पर मुख्यमंत्री सहायता कोष से एक लाख रूपए की आर्थिक सहायता उनके परिवारजनों को उपलब्ध करायी जा रही है। बीजापुर जिला प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के विकासखण्ड बीजापुर के ग्राम आदेड़ से 12 सदस्यीय दल 2 फरवरी को कनहाईगुड़ा तेलंगाना में मिर्ची तोड़ने गए थे। वर्तमान में कोरोना वायरस की महामारी से सुरक्षा के लिए लॉकडाउन होने के कारण सभी 12 सदस्य 15 अप्रैल को कार्यस्थल तेलंगाना से अपने निवास स्थान के लिए पैदल निकले थे। 18 अप्रैल को भण्डारपाल विकासखण्ड उसुर के समीप पहुंचकर सभी लोगों ने भोजन किया। भोजन के उपरांत सबेरे 10 बजे जमलो मड़कम उम्र 12 वर्ष पिता आंदो मड़कम को गले में दर्द, पेट दर्द एवं सांस लेने में परेशानी होने के कारण मृत्यु हो जाने की जानकारी मृतिका के जीजा सुनील माड़वी ने दी।

सूचना के अनुसार मृतिक बालिका रात्रि में स्वस्थ्य थी और भोजन भी किया था। शाम 4 बजे सीएमएचओ एवं डॉ. पी. विजय द्वारा मृतिका के शव को शव वाहन में जिला चिकित्सालय लाया गया और अन्य 11 सदस्यों को दूसरे वाहन से बीजापुर लाकर कोरेंटाइन सेंटर में कोरेंटाइन किया गया। 19 अप्रैल को मृतिका का ब्लड सैंपल की रिपोर्ट मेडिकल कॉलेज जगदलपुर से नेगेटिव आने पर 20 अप्रैल को जिला चिकित्सालय बीजापुर द्वारा थाना कोतवाली बीजापुर को सूचना देते हुए शव का पोस्टमार्टम कराया गया एवं मृतिका के परिवार को शव सुपुर्द कर दिया गया। पोस्टमार्टम उपरांत विसरा प्रीजर्व जांच के लिए रायपुर भेजा गया।

16-04-2020
छत्तीसगढ़ के 6 अस्पतालों को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन प्रमाणपत्र

रायपुर। उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवा और मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने वाले छत्तीसगढ़ के छह सरकारी अस्पतालों को केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS- National Quality Assurance Standard) प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया है। प्रदेश के दो अस्पतालों को प्रसव कक्ष और मैटरनिटी ऑपरेशन थियेटर की उत्कृष्ट सुविधाओं तथा प्रसूताओं एवं गर्भवती महिलाओं की अच्छी देखभाल के लिए ‘लक्ष्य’ प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया गया है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने दो जिला अस्पतालों और छह सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों को गुणवत्ता प्रमाण-पत्र से नवाजा है।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने समर्पित स्वास्थ्य सेवाओं के लिए उत्कृष्टता प्रमाण-पत्र हासिल करने वाले सभी अस्पतालों के अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई दी है। उन्होंने भरोसा जताया है कि ये अस्पताल आगे भी अपनी उत्कृष्टता बरकरार रखते हुए मरीजों की सेवा करेंगे और प्रदेश के दूसरे अस्पतालों के लिए नए प्रतिमान स्थापित करेंगे। मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ने इस उपलब्धि के लिए स्वास्थ्य विभाग की सचिव निहारिका बारिक सिंह, संचालक स्वास्थ्य सेवाएं नीरज बंसोड़ और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक डॉ.प्रियंका शुक्ला सहित संबंधित जिलों के मैदानी अधिकारियों को भी बधाई दी है।

भारत सरकार द्वारा बलौदाबाजार जिला चिकित्सालय एवं राजनांदगांव जिले के छुईखदान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन और ‘लक्ष्य’ दोनों प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया है। वहीं महासमुंद जिला चिकित्सालय तथा भानुप्रतापपुर, नगरी और लोरमी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन प्रमाण-पत्र मिला है। स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम द्वारा विगत जनवरी और फरवरी माह में इन अस्पतालों का निरीक्षण कर वहां मरीजों के लिए उपलब्ध सेवाओं की गुणवत्ता का परीक्षण किया था। उन्होंने इस संबंध में मरीजों से भी फीडबैक लिया था। राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन प्रमाण-पत्र प्रदान करने के पूर्व विशेषज्ञों की टीम द्वारा अस्पताल की सेवाओं और संतुष्टि स्तर का आठ मानकों पर परीक्षण किया जाता है। इन कड़े मानकों पर खरा उतरने वाले अस्पतालों को ही केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा गुणवत्ता प्रमाण-पत्र जारी किए जाते हैं।

 

12-04-2020
देवराहा बाबा सेवासमिति ने अन्न बैंक में दी राशन सामग्री

कोरिया। नगरपालिका की ओर से संचालित अन्न बैंक से अब लोग जुड़ते जा रहे हैं। रविवार को देवरहा बाबा सेवा समिति के सदस्य ने काफी मात्रा में राशन दान दिया। समिति के अध्यक्ष शैलेष शिवहरे,रामधनी गुप्ता, महेन्द्र वैद्य, संजय जायसवाल, अनुराग दुबे, रजनीश गुप्ता, अनिल खटिक, अविनाश सिंह, आशीष शुक्ला, अशोक वर्मा, घनश्याम साहू, मनोज सिंह सहित काफी संख्या में समिति के सदस्यों ने प्रेमाबाग में सीएमओ नगर पालिका ज्योत्सना टोप्पो को सामग्री भेंट की। बता दें कि इससे पूर्व भी समिति के द्वारा जिला चिकित्सालय कर्मचारियों को वस्त्र देकर उनका मनोबल बढ़ाया था।

10-04-2020
जिला चिकित्सालय में भर्ती बुजुर्ग ने लगाई फांसी              

दुर्ग। बीती रात एक 80 साल के बुजुर्ग ने जिला चिकित्सालय में उपचार के दौरान फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। प्राप्त जानकारी के अनुसार अशोग पाटन निवासी जगदीश टंडन उम्र 80 वर्ष को 8 अप्रैल को पेशाब में रुकावट की शिकायत पर पाटन से दुर्ग जिला चिकित्सालय में भर्ती किया गया था। जहां उसका प्रोस्टेट की प्रॉब्लम का इलाज चल रहा था। उसे कुछ आराम भी हो गया था। लेकिन अपनी बीमारी से परेशान होकर उन्होंने सुलभ शौचालय के बाजू रेन वाटर पाइप से रस्सी लगाकर फांसी लगा ली। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को मर्चुरी में रखवा दिया है और परिजनों को सूचना देकर बुला कर आगे की कार्रवाई के लिए अपने विवेचना में ले लिया है।

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