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07-02-2020
डीएमएफ से स्वीकृत सभी कार्यों के निर्माण एजेंसियों की समीक्षा बैठक होगी जल्द : कलेक्टर

कोरिया। कलेक्टर की अध्यक्षता में शुक्रवार को यहां जिला कलेक्टोरेट के सभाकक्ष में समय सीमा की बैठक संपन्न हुई। बैठक में कलेक्टर ने अब तक के डीएमएफ से स्वीकृत सभी कार्यों के निर्माण एजेंसियों की समीक्षा बैठक शीघ्र करने की बात कही। उन्होंने सभी निर्माण एजेंसियों से स्वीकृत प्रारंभ एवं अप्रारंभ और पूर्ण हो चुके कार्यों की जानकारी लेते हुए सभी जानकारियां अद्यतन करने के निर्देश दिये। बैठक में कलेक्टर ने चुनाव ड्यूटी में अनुपस्थित अधिकारी, कर्मचारियों की सूची देने, मतदान दलों के मान देय वितरण, परिवहन कार्य में लगे वाहनों का वाउचर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने, आबादी पट्टा वितरण, आबादी नजूल पट्टा की भूमि को फ्री होल्ड करने, स्लम पट्टों के नवीनीकरण, 1984 में दिये गये पट्टों के नवीनीकरण, शहरी क्षेत्रों में भूमिहीन व्यक्तियों को पट्टा वितरित करने, धान खरीदी केंद्रों में पटवारियों की ड्यूटी लगाने, पैरादान की प्रगति, धान के रकबे कम करके मक्का उत्पादन करने, नये गौठानों के निर्माण, वनधन केंद्र, द्वितीय चरण के सुपोषण अभियान के तहत वार्डवार शिविर लगाकर कार्ययोजना बनाने, अगले शिक्षण सत्र से स्थानीय भाषा में शिक्षा देने, जिला स्तरीय मैराथन दौड़ 19 फरवरी को जिला मुख्यालय बैकुंठपुर में तथा विकास खण्ड स्तरीय दौड़ 12 फरवरी को मनेन्द्रगढ़ एवं खड़गंवा, 13 फरवरी को सोनहत एवं भरतपुर तथा 14 फरवरी को बैकुंठपुर में आयोजित करने, जिला एवं विकासखंड स्तरीय मैराथन दौड़ के आयोजन के लिए आवश्यक तैयारी, अमृतधारा महोत्सव की तैयारी प्रारंभ करने, प्रधानमंत्री किसान सम्मान, वृध्दाश्रम प्रारंभ करने, मुख्यमंत्री की घोषणा के लंबित कार्य, जीएडी मकानों के आबंटन के लिए समिति बनाने, पेंशन वितरण, ऋण पुस्तिका सत्यापन, ई-कोर्ट में दर्ज प्रकरण, 7वीं आर्थिक गणना, समाज कल्याण विभाग से कृत्रिम अंग खरीदी, पशुपालन विभाग को चूजा वितरण, पशुओं को बधियाकरण, पशुओं के कृत्रिम गर्भाधान, जनससमया निवारण शिविर सप्ताह में कम से कम एक दिन तहसील स्तर एवं नगरीय निकायों में करने, बीसी सखी के माध्यम से पेंशन वितरण करने आदि पर चर्चा की। 

बैठक में कलेक्टर ने राज्य सरकार की पांच महत्वाकांक्षी योजनाओं पर चर्चा करते हुए सुपोषण अभियान के अंतर्गत 06 माह से 3 साल के बच्चों के लिए गर्म भोजन देने, मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक योजना, मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना, सार्वभौम पीडीएस एवं वार्ड कार्यालय योजना पर चर्चा की। बैठक में कलेक्टर ने लोक सेवा गारंटी योजना के तहत लंबित आवेदनों के निराकरण पर विशेष ध्यान देने के सख्त निर्देश दिये हैं। इसी प्रकार उन्होंने स्कूल, छात्रावास, आश्रम का निरीक्षण, कौशल विकास, न्यायाधीशों के निवास एवं न्यायालय चिरमिरी, जिला अस्पताल में संध्या ओपीडी, अस्पताल निरीक्षण, श्रम पेंशन, सुराजी शिक्षा, नशामुक्ति कार्यक्रम आदि की जानकारी प्राप्त की और संबंधितों को निर्धारित समय सीमा में पेंडिंग कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिये। इस अवसर पर जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी तुलिका प्रजापति, सभी अनुभाग के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, डिप्टी कलेक्टर, सभी जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, नगरीय निकाय के अधिकारी एवं विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।


 

29-11-2019
भाजपा विधायक ने सदन में उठाया मध्यान्ह भोजन मामला, कही ये बात...

रायपुर। विधानसभा में शीतकालीन सत्र के पांचवे दिन सदन में बीजेपी विधायक डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी मध्यान्ह भोजन का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि घटिया क्वालिटी का सोया मिल्क बांटा जा रहा है। बदबूदार सोया मिल्क स्कूली बच्चों को दिया जा रहा। अंडा प्रदेश के अधिकांश स्कूलों में नहीं बांटा गया। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने भी सवाल दागते हुए कहा कि बलरामपुर, बस्तर, सुकमा, सूरजपुर, जशपुर जैसे आदिवासी जिलों में सरकार अंडा नहीं पहुंचा पाई है? क्या इन जगहों पर विरोध है? आदिवासी जिलों के बच्चों को सुपोषित करने की बात कहकर सरकार ने अंडे वितरित किये जाने की दलील की थी, फिर इन आदिवासी जिलों में अंडा कैसे नहीं पंहुचाया जा सका। स्कूल शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह ने कहा कि अंडे को लेकर कहीं विरोध नहीं है। स्थानीय स्तर पर अंडे वितरण की व्यवस्था की जाती है। डीएमएफ से भी अंडा वितरित किया जा रहा है। अंडा जहां नहीं पहुंच पा रहा है, वहां जल्द व्यवस्था कराई जाएगी।

22-11-2019
कोरिया जिले को नशे के चंगुल से आजाद कराने कलेक्टर ने ठानी जिद

बैकुण्ठपुर। कोरिया जिला कलेक्टोरेट के सभाकक्ष में विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर डीएमएफ के अब तक स्वीकृत कार्यों के प्रगति की समीक्षा कोरिया कलेक्टर डोमन सिंह ने की। स्वीकृत कार्यों के प्रारंभ, अप्रारंभ एवं पूर्ण होने की स्थिति की विस्तारपूर्वक समीक्षा, संबंधित विभागों तथा निर्माण एजेंसियों के साथ की और सभी संबंधितों को गुणवत्तापूर्ण निर्माण, कार्य समयावधि में ही पूर्ण कर हितग्राहियों एवं आमजनों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने की बात कही। बैठक में कलेक्टर ने कहा कि जिले को नशा मुक्त बनाने के लिए हम सभी को मिल कर प्रयास करना होगा और इसे जड़ से खत्म करने के लिए वचनबद्ध होकर काम करना होगा। पंचायत स्तर पर सभी सचिवों द्वारा ग्रामीण लोगों से समन्वय कर इस अभियान से जोड़ा जाए। कलेक्टर के निर्देश अनुसार नशा मुक्ति अभियान के संबंध में 10 दिसंबर को सभी ग्राम पंचायतों में ग्रामसभा आयोजित की जाएगी। कलेक्टर ने कहा कि हर पंचायत में पोस्टर, प्रदर्शनी, कला जत्था द्वारा कार्यक्रम, स्कूली बच्चों एवं ग्रामीणों द्वारा रैली, मानव श्रृंखला का आयोजन कर अभियान का उचित प्रचार-प्रसार किया जाए। इस संबंध में कलेक्टर ने सीईओ जिला पंचायत एवं समस्त सचिवों को भी आवश्यक निर्देश दिए। कलेक्टर ने समस्त अधिकारियों एवं सचिव को निर्देशित किया कि तीन चरण में नशा मुक्ति अभियान का क्रियान्वयन किया जाए। प्रथम चरण में नशा करने वाले का चिन्हांकन, द्वितीय चरण में काउंसिलिंग कर उन्हें नशा छोडऩे हेतु प्रेरित करने तथा तृतीय एवं अतिम चरण में उनके इलाज की प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिये। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों से कहा कि पंचायत सचिव के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र में लोगों से संपर्क कर नशे के दुष्परिणाम के बारे में जनजागरुकता लाएं। कलेक्टर डोमन सिंह ने आमजन से अपील की है कि इस नशा मुक्ति अभियान को सफल बनाने में सक्रिय रूप से सहभागी बनें। इस अवसर पर डीएमएफ के नोडल अधिकारी सहित सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

14-11-2019
डीएमएफ मद के लिए जनप्रतिनिधि दें अपने क्षेत्रों से कार्यों के प्रस्ताव- रविन्द्र चौबे

रायगढ़। कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने कलेक्टोरेट के सृजन सभाकक्ष में रायगढ़ जिला खनिज संस्थान न्यास के शासी परिषद की बैठक ली। इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल, विधायक लालजीत सिंह राठिया, प्रकाश नायक, चक्रधर सिदार, उत्तरी गनपत जांगड़े, कलेक्टर यशवंत कुमार, पुलिस अधीक्षक  संतोष कुमार सिंह उपस्थित थे। कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि जिला खनिज न्यास निधि से सभी जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्रों के कार्यों के प्रस्ताव दें। उन्होंने कहा कि खनिज न्यास निधि से होने वाले निर्माण कार्य की पूर्ण जानकारी जनप्रतिनिधि को होनी चाहिए। मुख्यमंत्री की मंशा अनुसार कार्य होना चाहिए। विशेष रूप से स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, महिला एवं बाल विकास जैसे महत्वपूर्ण कार्यों पर ध्यान केन्द्रित करते हुए प्रस्ताव बनायें। उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा चलाये जा रहे तेजस एवं तेजस्विनी एकेडमी की सराहना की और इसे युवाओं की प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए जारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि एवं जिला प्रशासन आपसी संवाद एवं सुझाव से प्रस्ताव बनाये। उन्होंने कहा कि स्कूल शिक्षा के लिए शिक्षकों की नियुक्ति करें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुपोषण योजना के तहत जनसहयोग लेते हुए उद्योग एवं डीएमएफ के माध्यम से बड़े कार्य किए जा सकते है। उन्होंने नंदेली में सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई योजना के लिए के्रडा को निर्देशित किया। इस अवसर पर कृषि मंत्री ने विभिन्न कार्यों के लिए 31 करोड़ 20 लाख रुपए की राशि का अनुमोदन किया।

इस अवसर पर रायगढ़ जिला खनिज संस्थान न्यास निधि में प्राप्त आय एवं व्यय की जानकारी, रायगढ़ जिला अंतर्गत खनन से संबंधित संक्रियाओं से प्रत्यक्ष रूप से एवं अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित क्षेत्रों की संशोधित सूची का शासी परिषद से अनुमोदन, रायगढ़ जिला खनिज संस्थान न्यास निधि से स्वीकृति हेतु प्राप्त प्रस्तावों पर स्वीकृति के संबंध में चर्चा की गई। रायगढ़ जिला खनिज संस्थान न्यास निधि से न्यास के आकस्मिक व्यय हेतु एक करोड़ रुपए की राशि स्वीकृति की गई। उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल ने कहा कि खरसिया के शासकीय चिकित्सालय में गायन्कोलाजिस्ट की भर्ती करें। उन्होंने कहा कि खनन प्रभावित क्षेत्रों में धरमजयगढ़, घरघोड़ा एवं खरसिया क्षेत्र में आयरन तथा तमनार क्षेत्र में फ्लोराइड की अधिकता है, ऐसे स्थानों को चिन्हांकित कर शासकीय स्कूलों में पेयजल के लिए आरो वाटर की व्यवस्था करने के लिए कहा।

इस अवसर पर कलेक्टर यशवंत कुमार ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2016-17 से 2019-20 में अक्टूबर तक की अवधि में जिला खनिज न्यास निधि में कुल 192 करोड़ 36 लाख रुपए की राशि प्राप्त हुई। इसमें से इसी अवधि में कुल 550 कार्यों के लिये 161 करोड़ 16 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। जारी प्रशासकीय स्वीकृति के विरूद्ध अभी 118 करोड़ 74 लाख रुपए का भुगतान किया गया है। महासमुंद जिले एवं जशपुर जिले के लिये न्यास निधि में से 15 प्रतिशत क्रमश: 36 करोड़ 29 लाख एवं 36 करोड़ 29 लाख रुपए की राशि दी गई है।

प्रभारी मंत्री चौबे ने कहा कि दूरस्थ अंचल के जनजातीय क्षेत्र एवं महत्वपूर्ण स्थानों में स्वास्थ्य सुविधाओं की ओर विशेष ध्यान देते हुए कार्य करें। उन्होंने रायगढ़ में डायबिटिज क्लीनिक के लिए सहमति प्रदान की। उन्होंने हाट-बाजार क्लीनिक योजना की जानकारी ली। इस अवसर पर मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई, जिनमें सिकलिन जांच के लिए इलेक्ट्रोफोरेसिस मशीन, डिजीटल एक्सरे मशीन सहित स्वास्थ्य संबंधी अन्य महत्वपूर्ण उपकरणों को क्रय करने के लिए स्वीकृति प्रदान की गई। प्रभारी मंत्री ने हाथी प्रभावित क्षेत्रों के फेसिंग के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली। नगर निगम आयुक्त ने फागिंग मशीन के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत किया, जिस पर प्रभारी मंत्री ने सहमति प्रदान की। उन्होंने नालियों की सफाई कराने के कड़े निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ ऋचा प्रकाश चौधरी, सहायक कलेक्टर संबित मिश्रा, नगर निगम आयुक्त राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता, डीएफओ मनोज पाण्डेय, प्रियंका पाण्डेय सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

06-11-2019
मंत्री बनने के बाद पहली बार बीजापुर पहुंचे जयसिंह अग्रवाल, ली समीक्षा बैठक  

बीजापुर। राज्य के राजस्व एवं प्रभारी मंत्री जयसिंह अग्रवाल बुधवार को नक्सल प्रभावित बीजापुर के दौरे में रहें। मंत्री अग्रवाल ने शासकीय हेलीकाप्टर से सीधे बीजापुर पहुंचकर जिले के सभी अधिकारीयों से जिले में चल रहे विकास कार्य तथा राज्य सरकार द्धारा चलाया जा रहे योजना की गतिविधियों की जानकारी ली साथ ही अधिकारियों को विकास कार्य के साथ अतिंम व्यक्ति तक सरकार की येाजना का लाभ देने के निर्देश दिए। वही खनिज विभाग की बैठक अलग से लिया गया, जिसमें डीएमएफ मद से शिक्षा,स्वास्थ और मूलभूत सुविधा पर जोर देने के निर्देश अधिकारीयों को दिये।

मंत्री ने बीजापुर जिले में 2005 से बंद पड़े स्कूलों को पुनः शुभारम्भ कर उन स्कूलों में शिक्षा दूत नियुक्त करने कहा। खेल ऐकेडमी के राष्ट्रीय, अतंरराष्ट्रीय एंव प्रदेशीय स्तर के विजेताओं को गोल्ड मेडल के साथ प्रमाणपत्र दिया। बीजापुर दौरे पर ही जिला मुख्यालय के शांति नगर वार्ड और पुराना बस स्टेण्ड में डामरीकरण के लिए 47 लाख का भूमि पूजन किया। बीजापुर दौरे में राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल के साथ बस्तर सांसद दीपक बैज तथा विधायक विक्रम शाह मण्डावी, कलेक्टर केडी कुजांम,जिले के एसपी गोवर्धन ठाकुर, डीएफओ साहू भी साथ थे।

 

03-11-2019
मुख्यमंत्री ने डीएमएफ के मूल नियम में किये गये संशोधनों के संकलन का किया विमोचन 

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने डीएमएफ के मूल नियम में अब तक किए गए संशोधनों के संकलन का विमोचन राज्योत्सव के दौरान खनिज विभाग के स्टॉल के निरीक्षण के दौरान किया। राज्योत्सव के अंतर्गत आयोजित प्रदर्शनी में खनिज संसाधन विभाग छत्तीसगढ़ के स्टॉल में सभी वर्ग के लोगों की अपार भीड़ उमड़ रही है। खनिज संसाधन विभाग की प्रदर्शनी में विभाग की गतिविधियों, उपलब्धियों तथा खनिज नमूनों को आकर्षक तरीके से प्रदर्शित किया गया है। प्रदर्शनी के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तथा अन्य वरिष्ठ मंत्रीगणों द्वारा पैवेलियन का भ्रमण किया गया तथा प्रदर्शनी की सराहना की। डीएमएफ के नियम के नवीन संशोधन 14 अगस्त 2019 को राज्य शासन द्वारा किया गया है। मूल नियम मे अब तक किये गये संशोधन का संकलन कर इसका विमोचन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, वरिष्ठ मंत्रीगणों एवं विभागीय विशेष सचिव की गरिमामयी उपस्थिति मे खनिज विभाग के स्टाल मे किया गया। छत्तीसगढ़ में खनिजों के प्रचूर भण्डार है, जो राज्य के विकास की धुरी है। इस राज्य में अनेक महत्वपूर्ण खनिज आधारित वृहत उद्योग कार्यशील है और खनिज आधारित उद्योगों को अपार संभावनाएं है। खनिज आधारित उद्योगों की स्थापना तथा परिचालन के लिए आवश्यक मूलभूत संभावनाएं भी प्रदेश में उपलब्ध है। प्रदेश में प्रमुख रूप से कोयला, लौह अयस्क, चूना पत्थर, डोलोमाइट, बाक्साइट, टिन अयस्क, हीरा एवं स्वर्ण है। इनके अलावा भी विभिन्न औद्योगिक महत्व के खनिज, जेमस्टोन तथा भवन निर्माण हेतु उपयोगी खनिज प्रचूर मात्रा में उपलब्ध है। 
राज्य में देश का लगभग 19.6 प्रतिशत लौह अयस्क (4031 मिलियन टन), 18 प्रतिशत कोयला (54912 मिलियन टन), तथा 8959 मिलियन टन चूना पत्थर के भण्डार उपलब्ध हैं। देश का 11 प्रतिशत सीमेंट छत्तीसगढ़ में उत्पादित होता है। देश को 13 प्रतिशत बिजली की आपूर्ति छत्तीसगढ़ से होती है। देश के कुल खनिज उत्पादन मेें छत्तीसगढ़ 16 प्रतिशत का योगदान देता है। छत्तीसगढ़ राज्य में गौण खनिज रेत से संबंधित नियमों में संशोधन कर नवीन नियम ‘छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत (उत्खनन एवं व्यवसाय) नियम, 2019‘ बनाया गया है। जिसके तहत नीलामी (रिवर्स ऑक्शन) प्रक्रिया के द्वारा पारदर्शिता के साथ रेत खदानों का आबंटन किया जा रहा हैं। प्रथम चरण में नवीन नियम के तहत प्रदेश स्तर पर 168 रेत खदानों हेतु एनआईटी जारी कर रेत खदान आबंटन हेतु खुली निविदा पारदर्शी तरीके से किया जाकर 02 वर्षाें हेतु खदान आबंटन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। 
     
 

01-11-2019
निर्माण कार्यों के गुणवत्ता को लेकर नहीं होगा कोई समझौता - नीलकंठ टीकाम

 

कोंडागांव। जिला कार्यालय के सभाकक्ष में शुक्रवार को कलेक्टर नीलकंठ टीकाम द्वारा जिले में कराए जा रहे डीएमएफ-एलडब्लूई-सीएसआर मद तथा आदिवासी विकास प्राधिकरण, सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना एवं विधायक निधि अंतर्गत निर्माण कार्यो की गहन समीक्षा की गई। कलेक्टर ने इस मौके पर कहा कि इन योजनाओं के तहत कराये जा रहे कार्यो से ग्राम पंचायतो की स्थिति में लगातार परिवर्तन आया है इसलिए कार्यों की गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता है। अतः संबंधित अधिकारी सही कार्य सही समय पर करे और गुणवत्तायुक्त कार्यों को सदैव प्रोत्साहन मिलेगा। इसके लिए लगातार निर्माण स्थलों में स्थल परीक्षण किया जाना चाहिए और किसी भी निर्माण कार्यो की क्वालिटी दोषयुक्त होने पर संबंधित एजेंसियां ही जिम्मेदार मानी जाएगी। इसके साथ ही पूर्ण हो गए निर्माण कार्यो के कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र जिला कार्यालय में उपलब्ध कराए जाए। अधिकारियों को यह भी नसीहत दी गई कि अपने विभाग संबंधी निर्माण कार्यो हेतु प्रशासकीय स्वीकृति राशि जारी करने में बिल्कुल भी विलंब न किया जाए।

बैठक में जिला खनिज संस्थान न्यास निधि (डीएमएफ) अंतर्गत नवीन जिला अस्पताल कोण्डागांव पेवर ब्लाॅक कार्य, नरवा कार्यक्रम के तहत जिले के प्रमुख नदी-नालो में वाटर कंर्जवेशन डाइक निर्माण कार्य, जनपद पंचायत फरसगांव के अंतर्गत विभिन्न ग्राम पंचायतो में 100 हितग्राही को स्व-रोजगार हेतु हथकरघा मशीन एवं कपड़ा बुनाई कार्य एवं विशेष केन्द्रीय सहायता योजना (एलडब्लूई) अंतर्गत जिला अस्पताल में मूलभूत सुविधाऐं (कैंटीन, बाउण्ड्रीवाल, मरीजो के लिए शेड), विकासखण्ड कोण्डागांव में वन अधिकार मान्यता प्राप्त हितग्राहियों हेतु आर.सी.सी. पोल निर्माण कार्य एवं चैनलिंक स्टील वायर फैंसिंग कार्य, दुग्ध समिति जुगानी में 3 हजार लीटर की क्षमता का ब्लक मिल्क कुलर इकाई की स्थापना, नक्सल प्रभावित क्षेत्र के बेरोजगार युवक-युवतियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मधुमक्खी एवं लाख पालन, औषधि पौधा रोपण हेतु प्रशिक्षण और एनएमडीसी परिक्षेत्र विकास निधि अंतर्गत कोण्डागांव के नारायणपुर चैक में सामुदायिक शौचालय एवं बहुउद्देशीय जिम्नेजियम जैसे निर्माण कार्यो की अद्यतन प्रगति की समीक्षा हुई।

इसके अलावा सांसद एवं विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के अंतर्गत अपूर्ण कार्यो जैसे विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र-केशकाल अंतर्गत ग्राम बड़ेठेमली, सिदावण्ड, पीपरा और खालेमुरवेण्ड में रंगमंच निर्माण, ग्राम करमरी में चबूतरा निर्माण, ग्राम खालेमुरवेण्ड के डोण्डरेपाल में आर.सी.सी स्लेब पुलिया निर्माण, ग्राम मस्सुकोकोड़ा, पीपरा, कोहकामेटा, चिखलडीही, खुटपदर, ऐटेकोनाड़ी, डुमरपदर, सालेभाट, कुकाड़दाह, सवाला, तोड़ासी, कलेपाल, हलिया, आंवराभाटा, आंवरी, जामगांव में पेयजल उपलब्ध कराये जाने हेतु पानी टेंकर प्रदाय, ग्राम तेंदुभाटा में मुक्तिधाम निर्माण, ग्राम लंजोड़ा एवं मोदे बेड़मा में सांस्कृतिक भवन निर्माण तथा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र-कोण्डागांव अंतर्गत कोसरिया, मरार, कलार एवं क्षत्रीय समाज हेतु सामुदायिक भवन निर्माण, डीएनके कालोनी स्थित सांस्कृतिक मंच निर्माण, सरस्वती शिशु मंदिर में अतिरिक्त कक्ष निर्माण, ग्राम रांधना में सामुदायिक भवन, शामपुर, माकड़ी एवं छिनारी में सांस्कृतिक भवन निर्माण जैसे कार्यो को कलेक्टर ने समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में वनमण्डलाधिकारी बी.आर.ठाकुर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनंत साहू, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास जी.एस.सोरी, जिला सांख्यिकी अधिकारी सिप्रियानुस कुजूर सहित सभी जनपद पंचायत के सीईओ और संबंधित विभाग के अधिकारी, अभियंता एवं तकनीकी सहायक उपस्थित थे।

15-09-2019
जीवन स्तर ऊंचा उठाने के लिए हो डीएमएफ मद का उपयोग : मोहम्मद अकबर

दुर्ग। जिला खनिज न्यास निधि की शासी परिषद की बैठक दुर्ग जिले के प्रभारी मंत्री मोहम्मद अकबर की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में सबसे पहले कलेक्टर अंकित आनंद द्वारा जिला खनिज संस्थान न्यास से संबंधित संशोधित नियमों की संक्षिप्त जानकारी दी गई। प्रभारी मंत्री मोहम्मद अकबर ने बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि डीएमएफ मद से खनन प्रभावित क्षेत्रों में प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित लोगों का जीवन स्तर ऊंचा उठाने और उनके कल्याण के उद्देश्य से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा जनहित में नियमों में संशोधन किया गया है, जिससे निश्चित रूप से जनता को फायदा पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, पेयजल आदि क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर इस राशि का उपयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के उद्देश्य के अनुरूप परिषद के सभी सदस्यों से जरूरत के मुताबिक प्रस्ताव आमंत्रित करें और खनन प्रभावित ग्रामों में प्राथमिकता तय करते हुए कार्य करें।

प्रभारी मंत्री अकबर ने कहा कि प्रदेश के मुखिया की स्पष्ट मंशा है कि कुपोषण के खिलाफ बड़ा अभियान चलाकर प्रदेशभर में लइका और महतारी के जीवन स्तर को बेहतर किया जाए। इसके लिए डीएमएफ की राशि का उपयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि खनन प्रभावित क्षेत्रों में संचालित आंगनबाड़ी केन्द्रों में सघन सर्वे कर आंगनबाड़ी की भौतिक स्थिति का आंकलन कर कार्य शुरू किया जाएगा। उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग के सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि जमीनी स्तर पर मजबूती से काम करना होगा। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्र के माध्यम से संचालित सेवाओं के द्वारा महिलाओं और बच्चों के पोषण स्तर में सुधार लाने के लिए डीएमएफ की राशि का इस्तेमाल किया जाएगा। बैठक में कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्राथमिकता तय करते हुए डीएमएफ की राशि का इस्तेमाल किया जाएगा। जिला अस्पताल में आम जनता के लिए अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल पाएं। बैठक में बताया गया कि स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए 13.83 करोड़ रूपए के 98 कार्य स्वीकृत किए गए हैं। जिसमें से 49 कार्य पूर्ण एवं शेष प्रगतिरत् है। बैठक में वित्तीय वर्ष 2019-20 की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर अंकित आनंद ने बताया कि उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्र जैसे पेयजल, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, महिला एवं बाल विकास विभाग, नि:शक्तजन, कौशल विकास और स्वच्छता सेक्टर में लगभग 36 करोड़ रूपए के 97 कार्यों के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। मंत्री चौबे ने निर्देश दिए कि चालू सत्र में उपलब्ध राशि के आधार पर प्राथमिकता तय करते हुए ही प्रस्ताव स्वीकृत करें। बैठक में समिति के सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों में समस्याओं के बारे में प्रभारी मंत्री को अवगत कराया। विधायक एवं महापौर देवेन्द्र यादव ने भिलाई नगर निगम क्षेत्र में प्रस्तावित मदर्स मार्केट के निर्माण के लिए अतिरिक्त राशि की मांग की। उन्होंने बताया कि मदर्स मार्केट में महिला स्व-सहायता समूह को स्वरोजगार प्रदान किया जाएगा। जिससे महिलाएं आर्थिक रूप से सबल बनेंगी।

उन्होंने बताया कि मदर्स मार्केट में ऐसी वस्तुओं का उत्पादन किया जाएगा, जिसकी मांग बाजार में है। जैसे कापियां, लेटरपेड, फिनाइल, डिटर्जेंट पाउडर आदि। महिलाओं को उत्पादन से लेकर बिक्री तक की सुविधा एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा निर्मित सामग्री की समुचित बिक्री सुनिश्चित करने के लिए भी प्रयास किए जाएंगे। मंत्री अकबर ने कहा कि इस प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा कर आगे की कार्यवाही की जाएगी। महापौर देवेन्द्र यादव ने शहरी क्षेत्र में आवारा पशुओं की समस्या की ओर समिति का ध्यान आकर्षित किया और समस्या की निराकरण की दिशा में कार्य करने की बात कही। मंत्री अकबर ने बैठक में आमंत्रित शासी परिषद के सभी सदस्यों से प्राप्त सुझावों पर पृथक से चर्चा की बात कही। बैठक में बताया गया कि जिले में 49 मुख्य खनिज पट्टेदार है। जिसमें 47 चूना पत्थर और 02 मोल्डिंग सेंड के पट्टेदार है। इसी प्रकार 151 गौण खनिज पट्टेदार जिसमें से 81 चूना पत्थर, 67 मिट्टी और 3 क्वार्टजाईट के पट्टेदार है। उल्लेखनीय है कि 92 ग्राम खनन से प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित है। बैठक में दिसम्बर 2015 में डीएमएफ की स्थापना से लेकर अब तक के आय-व्यय की जानकारी भी दी गई। बैठक में बताया गया कि विगत तीन वर्षों में 121.50 करोड़ रूपए की राशि डीएमएफ मद में प्राप्त हुई है। जिसमें से लगभग 73 करोड़ रूपए के 2857 कार्य स्वीकृत हुए हैं। जिसमें से उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में लगभग 82 प्रतिशत् और अन्य प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में 18 प्रतिशत् राशि व्यय की गई है। बैठक में विभाग के अधिकारी मौजूद थे।

12-09-2019
स्मार्ट कार्ड का अधिकाधिक उपयोग करने से आयुष्मान भारत योजना से मिलेगी ज्यादा राशि : मंत्री सिंहदेव

मुंगेली। पंचायत एवं ग्रामीण विकास, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा एवं जिले के प्रभारी मंत्री टीएस सिंहदेव की अध्यक्षता में  बुधवार को कलेक्टोरेट स्थित मनियारी सभाकक्ष में जिला खनिज संस्थान न्यास एवं जीवनदीप समिति की साधारण सभा की बैठक आयोजित की गई। मंत्री ने सिविल सर्जन एवं चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्मार्ट कार्ड का अधिक से अधिक उपयोग हो, ताकि आयुष्मान भारत योजना से जिले को ज्यादा राशि प्राप्त हो सके। प्राप्त राशि से जिला अस्पताल के विकास कार्य कराये जा सकेंगे। बैठक में खनिज संस्थान न्यास निधि के अंतर्गत प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित 20 गांवों एवं अप्रत्यक्ष रूप से संपूर्ण जिले के ग्राम पंचायतों के लिए 3 करोड़ 4 लाख के प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए। खनिज संस्थान न्यास की राशि पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि एवं महिला बाल विकास विभाग में संचालित सुपोषण के लिए प्राथमिकता से खर्च की जाएंगी। प्रभारी मंत्री सिंहदेव ने उपसंचालक कृषि से कहा कि खनिज न्यास से मार्केट दर पर स्प्रेयर एवं अन्य उपकरण खरीदी की जानी चाहिए। उन्होंने चिकित्सा अधिकारियों से कहा कि संस्थागत प्रसव को बढ़ाएं। डीएमएफ मद से जिला चिकित्सालय में सोनोलाजिस्ट रखे जाने, स्टाफ नर्स की भर्ती, सीआरएम मशीन एवं डिजिटल एक्स-रे के संबंध में चर्चा की गई।

 सिंहदेव ने कहा कि सांसद एवं विधायक मद से राशि प्राप्त कर जिला चिकित्सालय में धर्मशाला बना सकते हैं। बैठक में बताया गया कि आयुष्मान भारत योजना से प्राप्त राशि से जिला अस्पताल में पेयजल व्यवस्था की गई है साथ ही शेड निर्माण, सड़क एवं वृक्षारोपण कार्य भी कराया जा रहा है। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने बताया कि जिला खनिज संस्थान न्यास निधि के व्यय हेतु प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित 20 ग्राम पथरिया विकासखण्ड के मोहभ, भखुरीडीह, लमती, किरना, सरगांव, धमनी, पेण्ड्री, खम्हारडीह, बडिय़ाडीह, खजरी, बगबुड़वा, मुंगेली के रामगढ़, सुरदा, चिचेसरा, सुरेठा एवं लोरमी विकासखण्ड के लोरमी, जमुनाही, कोसमतरा एवं तुलसाघाट शामिल हैं। कलेक्टर डॉ. भुरे ने बताया कि जिला चिकित्सालय में 12 प्रकार की बीमारियों के इलाज हेतु सुविधाओं में विस्तार किया गया है। जिला अस्पताल में अब सिजेरियन ऑपरेशन भी किए जा रहे हैं। आईसीयू कक्ष एक माह के भीतर बनकर तैयार हो जाएगा। बेजा कब्जा हटाकर अस्पताल परिसर में वृक्षारोपण भी कराया गया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि 150 आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए गैस कनेक्शन देने हेतु प्रस्ताव तैयार किया गया है। जिले के प्रभावित गांवों के 3010 बच्चों के सुपोषण हेतु 21 लाख 67 हजार की कार्ययोजना बनाई गई है। बैठक में मुंगेली क्षेत्र के विधायक पुन्नूलाल मोहले, जिला पंचायत अध्यक्ष कृष्णा बघेल, नगर पालिका अध्यक्ष सावित्री सोनी, जिला पंचायत सदस्य जागेश्वरी वर्मा, सांसद प्रतिनिधि कन्हैया वैष्णव, लोरमी विधायक के प्रतिनिधि श्याम सुंदर शांडिल्य, बिल्हा विधायक के प्रतिनिधि निश्चल गुप्ता, आत्मा सिंह क्षत्रिय, पुलिस अधीक्षक सीडी टंडन, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एचके शर्मा, अपर कलेक्टर राजेश नशीने सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

11-09-2019
स्कूटी पर सवार मंत्री सिंहदेव की सरलता व सादगी ने कांग्रेसी कार्यकर्ताओं में भर दिया जोश

मुंगेली। स्वास्थ्य एवं पंचायत मंत्री टीएस सिंहदेव की सरलता किसी से छिपी नहीं है। टीएस बाबा सिर्फ प्रदेश में हैं नहीं, बल्कि पूरे देश में अपने सहज, सरल व सौम्य स्वभाव से जाने जाते हैं। यही वजह है कि लोगों में उनकी लोकप्रियता भी कुछ जुदा किस्म का है। टीएस बाबा का सरल और दिलचस्प अंदाज मुंगेली में आज उस वक्त देखने को मिला, जब वे स्कूटी पर सवार होकर हेलीपैड से कलेक्ट्रेट पहुंचे। फिर क्या था, बाबा साहब के पीछे-पीछे अधिकारी और कांग्रेसी नेता भी बाइक पर सवार होकर चलने लगे। बता दें कि मंत्री टीएस सिंहदेव मुंगेली जिले के प्रभारी मंत्री हैं। प्रभारी मंत्री होने के नाते आज वे डीएमएफ को लेकर अधिकारियों की बैठक लेने हेलीकॉप्टर से मुंगेली पहुंचे थे। हेलीपैड पर प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा बड़ी संख्या में कांग्रेसियों की भीड़ प्रभारी मंत्री टीएस सिंहदेव का स्वागत करने पहुंची थी। स्वागत के बाद बाबा कलेक्ट्रेट जाने के लिए लक्जरी कार की बजाय एक स्थानीय कांग्रेसी नेता की स्कूटी पर सवार होकर करीब एक किलोमीटर का सफर तय कर मीटिंग लेने कलेक्ट्रेट पहुंचे। इसके बाद कांग्रेसी कार्यकर्ताओं का जोश और दोगुना हो गया। इधर मंत्रीजी को बाइक पर सवार होते देख अधिकतर अधिकारी व कांग्रेसी कार्यकर्ता भी बाइक पर सवार होकर चलने लगे।

 

  सुशील शुक्ला की रिपोर्ट 

11-09-2019
नाॅनबजटेड कार्यो में होगा डीएमएफ का उपयोग : प्रभारी मंत्री टीएस सिंहदेव

जांजगीर-चांपा। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री एवं जिले के प्रभारी टीएस सिंहदेव ने कहा कि डीएमएफ मद का उपयोग केवल नाॅनबजटेड कार्यो के लिए किया जायेगा। शासकीय योजनाओं के गेप की फिलिंग के लिए इस फंड का उपयोग किया जायेगा। जिला खनिज न्यास मद के सदस्यों से चर्चा कर प्राथमिकता के आधार पर कार्य स्वीकृत किये जाएंगे। बड़े एवं दीर्घकालीन कार्यो के लिए तीन अथवा पांच साल की कार्ययोजना भी तैयार की जाएगी। प्रभारी मंत्री सिंहदेव ने उक्त बाते बुधवार को कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित जिला खनिज न्यास मद के शासी परिषद की बैठक में कही। शासी परिषद के सदस्यों द्वारा कुल 140 करोड़ रूपये के कार्यो का अनुमोदन किया गया।

बैठक में छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डाॅ.चरणदास महंत, जांजगीर-चांपा विधायक नारायण प्रसाद चंदेल, जैजैपुर विधायक केशव चन्द्रा, चन्द्रपुर विधायक रामकुमार यादव, पामगढ़ विधायक इन्दु बंजारे, जिला पंचायत अध्यक्ष नंदकिशोर हरबंश, नगर पालिका चांपा के अध्यक्ष राजेेश अग्रवाल, सक्ती नगर पालिका के अध्यक्ष श्यामसुंदर अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक पारूल माथुर सहित संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। कलेक्टर जनकप्रसाद पाठक एवं जिला पंचायत के सीईओ तीर्थराज अग्रवाल ने डीएमएफ से संबंधित प्राप्त प्रस्तावों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।

प्रभारी मंत्री ने कहा कि डीएमएफ मद के लिए राज्य सरकार के नये निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जायेगा। न्यास द्वारा संपादित कार्यों की सोशल आडिट एवं महालेखाकार आडिट कराई जाएगी। जिले के 234 गांव खदानों से प्रत्यक्ष प्रभावित हैं एवं 648 गांवों को अप्रत्यक्ष प्रभावित गांव की श्रेणी में रखा गया है। कुल बजट का 50 प्रतिशत राशि प्रत्यक्ष प्रभावित गांवो में और 50 प्रतिशत राशि अप्रत्यक्ष प्रभावित गांवों में उपयोग किया जायेगा। विशेष परिस्थिति में शासी परिषद् के पूर्वानुमोदन से प्रत्यक्ष प्रभावित का 10 प्रतिशत राशि अप्रत्यक्ष क्षेत्र में व्यय किया जा सकेगा। प्रभारी मंत्री सिंहदेव ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार कुल बजट का 60 प्रतिशत उच्च प्राथमिकता क्षेत्र में एवं 40 प्रतिशत अन्य प्राथमिकता वाले कार्यों पर व्यय किया जाना है। प्रभारी मंत्री ने बड़ी संख्या में जिले के युवाओं का सेना में चयन होने पर प्रशंसा की। युवाओं के सेना में भर्ती के प्रति रूचि को प्रोत्साहित करने के लिए प्रशिक्षण के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। जिले के अन्य क्षेत्रों में भी परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केन्द्र प्रारंभ करने के लिए भी प्रस्ताव रखा गया।

कौशल विकास से प्रशिक्षित युवाओं को प्राथमिकता के साथ स्वरोजगार के लिए ऋण उपलब्ध कराने एवं अन्य रोजगार में नियोजित करने के लिए डीएमएफ मद का उपयोग करने पर भी चर्चा की गई। जिले के असिंचित क्षेत्रों में सिचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए नये पम्प कनेक्शन, काडा नाली निर्माण आदि के भी प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया। इसके अलावा शासन की योजना से वंचित दिव्यांगों को प्राथमिकता के अनुसार कृत्रिम अंग उपलब्ध करवाने के लिए भी प्रस्ताव तैयार करने कहा गया। खिलाड़ियों की रूचि के अनुसार जिला मुख्यालय में खेल अकादमी गठन करने पर भी चर्चा की गई।

 

08-07-2019
छत्तीसगढ़ पहला राज्य जहां ग्रामसभा के सदस्य डीएमएफ के गवर्निंग बॉडी में शामिल  

रायपुर। देश की प्रतिष्ठित संस्था सेंटर फॉर साइंस एंड एनव्हायरनमेंट ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा डीएमएफ फंड को लोकोन्मुखी बनाने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जिला खनिज संस्थान न्यास नियम(2015)में किए गए संशोधनों की सराहना की है। सीएसई ने कहा है कि खनन प्रभावित लोगों को डीएमएफ की निर्णय प्रक्रिया में शामिल करने एवं उनके हितों की रक्षा के लिए छत्तीसगढ़ में जिला खनिज न्यास नियम में किए गए संशोधन देश के अन्य राज्यों के लिए भी मिसाल है। राज्य सरकार द्वारा डीएमएफ में संशोधन कर खनन प्रभावित क्षेत्रों के ग्रामसभा सदस्यों को डीएमएफ के गवर्निंग बॉडी में शामिल करने का प्रावधान किया गया है। संशोधन के अनुसार खनन से प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित क्षेत्रों की ग्राम सभा से 10 सदस्यों को डीएमएफ की शासी परिषद में शामिल किया जाएगा। अनुसूचित क्षेत्रों में ग्रामसभा के कम से कम 50 प्रतिशत सदस्य अनुसूचित जनजाति श्रेणी से होने चाहिए। महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। संशोधन के पूर्व प्रभावित क्षेत्रों की ग्रामसभा से मात्र दो सरपंच शासी परिषद का हिस्सा थे। सीएसई द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में उप महानिदेशक चंद्रभूषण ने बताया कि खनन प्रभावित आम लोगों को सशक्त बनाने में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। छत्तीसगढ़ में नैसर्गिक खनिज उत्खनन के लाभ को प्राप्त करने हेतु लोगों के अधिकारों को डीएमएफ द्वारा मान्यता दी गई है। सेंटर फॉर साइंस एंड इनवॉयरमेंट ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा डीएमएफ नियमों में संशोधन से राज्य में खनन क्षेत्र में आने वाले जिलों में प्रभावित लोगों के जीवन और आजीविका में सुधार की अपार संभावनाएं खुलेंगी। छत्तीसगढ़ 4,000 करोड़ रुपए से अधिक के कुल संग्रह के साथ डीएमएफ के मामले में शीर्ष राज्यों में शुमार है। सीएसई के उप महानिदेशक भूषण ने छत्तीसगढ़ सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा है कि डीएमएफ निधि के अनियोजित व्यय को रोकने के लिए यह बहुत जरूरी कदम हैं। पहले छत्तीसगढ़ में शहर के पार्किंग स्थल, एयरपोर्ट रनवे, कन्वेंशन हॉल आदि पर पैसा खर्च किया जा रहा था। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस साल की शुरुआत में भी इस पर ध्यान दिया और इस तरह के निर्माण को रोक दिया। छत्तीसगढ़ में अब डीएमएफ  निधि के माध्यम से वन आधारित आजीविका वृद्धि को एक प्राथमिकता दी गई है। 

 

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