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09-12-2020
नक्सलियों ने सात अलग-अलग जगहों पर पेड़ों को काटकर मार्ग किया अवरूद्ध, बैनर पोस्टर लगाए

कांकेर। जिला मुख्यालय से महज 18 किमी की दूरी पर नक्सलियों ने नक्सल प्रभावित क्षेत्र आमाबेड़ा के मुख्यमार्ग पर बीती रात सात अलग-अलग जगहों पर सड़क किनारे लगे पेड़ों को काटकर मार्ग अवरुद्ध कर दिया। लंबे समय के बाद क्षेत्र में नक्सलियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। इससे क्षेत्र के ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है। जानकारी के अनुसार मलांजकूडूम से ऊपर स्थित पुसाघाटी से उसेली तक मार्ग में नक्सलियों ने बड़े पेड़ो को काटकर मार्ग अवरुद्ध कर नक्सली बैनर पोस्टर के माध्यम से ग्रामीणों से पीएलजी की वर्षगांठ मनाने की अपील की है।तुमुसनार से पुसाघाटी मार्ग पर सात अलग अलग जगहों पर पेड़ों को गिराकर मार्ग अवरुद्ध किया गया।

इसके बाद स्थानीय राहगीर और टैक्सी चालकों ने पेड़ो को हटा कर मार्ग बहाल किया। समाचार लिखे जाने तक पुलिस घटना स्थल नही पहुंच पाई थी। स्थानीय राहगीर और वाहन चालकों के द्वारा कुल्हाड़ी से पेड़ो को काट कर आने.जाने  के लिए मार्ग बहाल किया गया है।

01-12-2020
खेत में दिखा मगरमच्छ, दहशत में आए गांववाले, वनविभाग अमले ने पकड़ा

जांजगीर चाम्पा। किसान की जान उस वक्त सांसत में फंस गई जब उसने अपने खेत में मगरमच्छ को देखा। किसान उस वक्त खेत में फसल काट रहा था। इस दौरान उसने खेत में मगरमच्छ को घूमते देखा और डरकर भागा। इसकी सूचना उसने गांववालों की दी, जिससे गांव मेंं दहशत फैल गई। गांववालों ने खेत में मगरमच्छ होेने की सूचना वन विभाग की टीम को दी। वन विभाग अमले ने मगरमच्छ को पकड़कर क्रोकोडायल पार्क में छोड़ा। घटना अकलतरा ब्लॉक के पोड़ी दल्हा गाँव की है।

 

23-11-2020
भोजन की तलाश में भालू अब झाड़ियों में नहीं लोगों की बाड़ियो आ रहे नजर, लोगों में दहशत

कांकेर। शहर एवं शहर से सटे ग्रामों में इन दिनों भालुओं की आम दरफ्त होने से जहां ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है तो वहीं अब भालू दिनदहाड़े कभी भी बस्ती व घरों में घुस रहे हैं। इसका मुख्य कारण जंगलों व पहाड़ो में जंगली जानवरों को भोजन नहीं मिलना भी माना जा रहा है। ऐसा ही वाक्या आज ग्राम नारा में देखा गया,जहां एक घर के बाड़ी में दो भालू अचानक आ धमके। बाड़ी की फसलों को अपना निवाला बनाकर निकल गए। यह वाक्या करीबन शाम के 4.30 बजे का है। जैसे ही इसकी जानकारी घर के लोगों को लगी वे सतर्क हो गये एवं इसकी जानकारी अन्य लोगों को भी दी। शोर शराबा करके भालुओं को किसी तरह भगाया गया।

 

22-11-2020
हाथियों का झुंड भानुप्रतापपुर और बालोद के सीमा क्षेत्र से फिर लौटा चारामा क्षेत्र में, लोगों में दहशत

कांकेर। जिले के कुछ क्षेत्रों में पिछले दो माह से हाथियों के एक झुंड ने आतंक मचा रखा है,जिससे आस-पास के लोगों में दहशत बना हुआ है। आतंक का पर्याय बन हाथियों के झुंड ने एक बार फिर चारामा क्षेत्र में जमकर उत्पात मचाया है। हाथियों का झुंड भानुप्रतापपुर और बालोद के सीमा क्षेत्र से लौटकर फिर से चारामा वन परिक्षेत्र में पहुंच गया है। हाथियों के दल ने कूर्रुटोल गांव में एक मकान को क्षतिग्रस्त कर दिया है वहीं घर के बाहर रखे सामानों को भी कुचल कर तहसनहस कर दिया है। घर में मौजूद रहे लोगों ने किसी तरह घर से भागकर अपनी जान बचाई। ज्ञात होकि चन्दा हाथी का दल पिछले 2 माह से जिले के कुछ क्षेत्रों में आतंक मचाया हुआ है। हाथियों का यह दल 16 सितम्बर को नरहरपुर वन परिक्षेत्र से जिले में घुसा था, जहां करीब 15 एकड़ की फसल हाथियों ने रौंद कर बर्बाद कर दिया।

चारामा, भानुप्रतापपुर और बालोद जिले के कुछ गांव में भी इसी हाथी के दल ने जमकर उत्पात मचाया था। अब हाथियों का यह दल उसी रास्ते वापस लौट रहा है,जिससे क्षेत्र के ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है। वही वन विभाग हाथियों के हलचल पर नज़र बनाये हुए है और ग्रामीणों से अलर्ट रहने की अपील की है। कूर्रुटोला गांव के एक किसान परिवार के घर को तहस नहस कर दिया साथ ही घर के बाहर खड़े बैलगाड़ी को भी तोड़ डाला है। हाथियों के बढ़ते आतंक से जहां ग्रामीणों में भारी दहशत है। वही पूरे मामले में वन विभाग के उदासीन रवैये से ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।

 

27-10-2020
हाथियों के दल की भानुप्रतापपुर व बालोद सीमा क्षेत्र में चहल कदमी,लोगों में दहशत

कांकेर। हाथियों के दल ने एकबार फिर लोगों में दहशत पैदा कर दी है। भानुप्रतापपुर व बालोद वन मंडल क्षेत्र की सीमा में इनका चहल कदम जारी है, जिससे वन विभाग परेशान हैं। सीमा में स्थित पहाडी के दोनों ओर मौजूद गांवों के लोगों द्वारा लगातार अपने जान माल की सुरक्षा के लिए ढोल नगाडों से शोर शराबा मचाने से हाथियों का यह दल लगातार यहाँ से वहाँ आना जाना कर रहा है। यह दल भानुप्रतापपुर क्षेत्र में प्रवेश करता है और फिर वापस चला जाता है, ऐसा लगभग 6 बार हो चुका है। हाथियों की गतिविधियों से ऐसा लगता है कि यह दल कहीं जाना चाहता है परंतु हर तरफ छोटे छोटे गांव व आबादी होने के हाथियों का यह दल अपने गंतव्य की ओर नहीं जा पा रहे हैं। ऐसे में हाथियों के दल का आक्रामक होना भी एक डर का कारण बना हुआ है। शनिवार को भानुप्रतापपुर वन क्षेत्र में लगभग 4 किलोमीटर अंदर घुस जाने के बाद ग्राम ईरागांव पहुँचा यह दल ग्रामीणों के शोरशराबे से वापस बालोद क्षेत्र में 10 किलोमीटर अंदर तक चला गया था। इसके बाद रविवार रात को दल फिर से भानुप्रतापपुर क्षेत्र में प्रवेश कर गया और रात भर रहने के बाद सुबह फिर से वापस बालोद क्षेत्र में चला गया। इस बार हाथियों के दल ने सीमा क्षेत्र में लगे किसानों के खेतों में लगे धान की फसलों को नुकसान पहुंचाया है। कुछ किसान ऐसे हैं जिनके खेतों से हाथियों का दल लगातार आना जाना कर रहा है, जिसकी वजह से खेत की फसल चौपट हो गई है।

 

26-10-2020
रांवाभाटा में खून से लथपथ मिली लाश, जांच में जुटी पुलिस

रायपुर। शहर के रांवाभाटा क्षेत्र में अज्ञात लाश मिलने से दहशत का माहौल है। बता दें कि मृतक की बॉडी खून से लथपथ मिली है। लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दे दी है। फिलहाल मामले की जांच में खमतराई पुलिस जुटी हुई है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मृतक के शरीर पर धारदार हथियार से हमले के निशान है। लेकिन मृतक की पहचान नहीं हो पाई है। मृतक की उम्र करीब 30-35 साल बताई जा रही है। मामले की सूचना के बाद पुलिस घटनास्थल पहुंचकर जांच में जुटी हुई है।

26-06-2020
युवक की लाश मिलने से क्षेत्र में दहशत, पड़ताल में जुटी पुलिस

लखनपुर। थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत टपकेला स्थित डीएवी स्कूल के समीप एक ग्रामीण युवक की लाश मिलने से आसपास के ग्रामीण क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है। मृतक के संबंध में परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक मृतक सरोज कुमार प्रजापति उम्र 22 वर्ष निवासी ग्राम मदनपुर इमली पारा अपने एक मित्र के साथ बीते 25 जून को घर में जानकारी देकर मोटरसाइकिल से ग्राम कंधई विश्रामपुर के लिए निकला था। देर शाम मित्र को घर छोड़ने मदनपुर पहुंचा था,परंतु मृतक अपने घर पहुंचा। शुक्रवार को को डीएवी स्कूल के कुछ फासले पर युवक को मृत हालत में देखा गया। आसपास के ग्रामीणों ने मृतक के परिजनों को हादसे की जानकारी दी। खबर मिलने पर मृतक की बहन एवं अन्य ने 108 के जरिए मृतक को लेकर लखनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने युवक को देखते ही पूर्व मृत घोषित कर दिया।

मृतक के परिजनों ने घटना के संबंध में थाना लखनपुर पहुंच रिपोर्ट दर्ज कराई। मामले में लखनपुर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर पड़ताल आरंभ कर दी है। फिलहाल युवक की मौत किन कारणों से हुई इस बात का खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस का मानना है कि लाश के पोस्टमार्टम होने के बाद ही कारण का खुलासा हो पाएगा। काबिले गौर है कि युवक का मोटरसाइकिल घटना स्थल से गायब है। मोटरसाइकिल मिलने एवं पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के पश्चात ही घटना के संबंध में कोई पुख्ता जानकारी मिल सकने की पुलिस को उम्मीद है। पुलिस की माने तो लाश के ऊपर किसी प्रकार का संदेहास्पद  निशान नहीं मिला हैं। बहरहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार पुलिस को है। खबर लिखे जाने तक शव का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया था पुलिस मामले की जांच करने जुटी है।

06-05-2020
क्वारंटाइन सेंटर में शराबी ने मचाया उत्पात, ग्रामीणों में दहशत

कवर्धा। कोरोना वायरस संक्रमण के रो​कथाम के लिए ग्राम पंचायत ने स्कूल को क्वारंटाइन सेंटर बनाया गया है। पलायन मजदूरों की वासपी पर उन्हें 14 दिनों के लिए क्वारंटाइन किया गया है। ऐसे में बीती रात गोमती प्रसाद त्रिपाठी ने शराब के नशे में धुत्त क्वारंटाइन सेंटर में जा घुसा। वहा आराम कर रहे ग्रामीणों को उठाकर साथ लगए शराब की बोतल निकाली व पीने को कहा। क्वारंटाइन मजदूरों ने इसका विरोध करने पर उसने बिस्तर पर ही शराब गिरा दिया व उन्हीं के बिस्तर में एक क्वारंटाइन मजदूर के साथ सो गया। घबराए मजदूरों ने जब शोर मचाया तब वहा से भागा। सुबह होते ही घटना की जानकारी गाँव में आग की तरह फैल गई। वही ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों की ओर से पुलिस को सूचना देने पर तत्काल पुलिस गाँव पहुंचकर मामले की जांच कर रही है। वही ग्रामीणों की मांग है उक्त शराबी को गाँव के बाहर कही दूसरी जगह क्वारंटाइन करवाया जाए, नहीं तो शराब पीकर फिर गाँव में दहशत फैलाएगा। वही सरपंच ने घटना के बाद तत्काल पूरे गाँव में सैनिटाइज करवाया। वही अपराधी के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने की मांग की।

29-04-2020
प्रसाशन ने किया मॉकड्रिल, कोरोना वायरस पॉजिटिव मिलने की उड़ी अफवाह, लोग सकते में आए

धमतरी। धमतरी के लोगो को जिस खबर ने दहशत में डाल दिया वह महज प्रशासन के मॉकड्रिल का हिस्सा था। दरअसल कोरोना संदिग्ध मिलने पर क्या तैयारी की जानी है, इसे लेकर प्रशासन द्वारा मॉकड्रिल की जा रही थी। इसमें सभी कर्मचारियों को बताया गया कि शहर के जालमपुर वार्ड में एक संदिग्ध मरीज में मिला है। इस खबर के बाद डॉक्टर और पुलिस महकमें के साथ शहर में हड़कंप मच गया, मौके पर पुलिस और डॉक्टरों की टीम पहुंच गई। वार्ड को जब सील कर लोगो की आवाजाही रोकी गयी तो यह खबर फैलते देर नहीं लगी कि कोरोना पॉजिटिव मरीज मिला है। हालांकि अब मॉकड्रिल की खबर सामने आने के बाद लोग राहत महसूस कर रहे ही। एडिशनल एसपी मनीषा ठाकुर ने पुष्टि की है कि मॉकड्रिल किया गया है।
 

21-04-2020
तेंदुएं के हमले से गाय की मौत, ग्रामीणों में दहशत

कांकेर। अन्तागढ़ ताडोकी के बर्रेबेडा गाँव में एक तेंदुएं ने गाय पर हमला किया, जिससे गाय की मौत हो गई है। ग्रामीणों ने तेंदुएं  इसकी जानकारी वन विभाग को दी, जिसके बाद वन अमला मौके पर पहुँचा। इस घटना के बाद से ग्रामीणों मे दहशत का माहौल बना हुआ है। वन परिक्षेत्र अधिकारी अंतागढ चरण सिंह ठाकुर ने बताया की बरेॅबेडा में तेंदुएं की जानकारी मिली है। एक गाय को उसने अपना शिकार बना लिया है। इसकी सूचना पर विभाग की टीम ने मौके का जायजा लिया है। घटनास्थल पर गाय मृत अवस्था में पाई गयी है साथ ही जमीन पर तेंदुऐ के पंजो के निशान भी साफ तौर पर नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों को सर्तक रहने की समझाईश दी गई है। बता दें की तेंदुऐ की सक्रियता के बाद से क्षेत्र दहशत है।

 

15-04-2020
तेंदुए की दहशत कायम, शाम होते ही ग्रामीण दुबक जाते हैं घरों में

गरियाबंद। कोचेना गांव में बच्चे को मारने के 3 दिन बाद भी हिंसक तेंदुए की दहशत बनी हुई है। हालांकि वन विभाग के ट्रेप कैमरे में तेंदुए की तस्वीरें नहीं आई है मगर ग्रामीण तेंदुए की मौजूदगी और मवेशियों को दौड़ाने की बात कह रहे हैं। इसके बाद वन विभाग ने आज तेंदुए को पकड़ने 3 दिन बाद पिंजरे में बकरी डालकर प्रयास प्रारंभ किया है। वन विभाग बीते 3 दिनों से शाम होते ही ग्रामीणों को घर के भीतर भेज रहा है तो वही अब ग्रामीणों को एलईडी ब्लफ, सोलर पैनल वाली इमरजेंसी लाइट भी वितरित करने की बात की जा रही है।3 दिन पूर्व ग्राम मारोदा के आश्रित पारा कोचेना में घर के आंगन से बच्चे को ले जाने और उसके बाद बच्चे की मौत से तेंदुए की दहशत गांव में अभी भी बनी हुई है। तेंदुए के गांव के आसपास देखे जाने की कई खबरें मिली है। हालांकि वन विभाग के लगाए ट्रैक कैमरे में तेंदुए की तस्वीरें नहीं आई है। मगर ग्रामीण बताते हैं कि कभी तेंदुआ तालाब के पास दिखता है तो कभी गाय बछड़े को दौड़ाने की भी बात ग्रामीण करते हैं। इन सबके बीच ग्रामीणों का कहना है

कि उन्हें सबसे अधिक यही डर सता रहा है कि तेंदुआ फिर किसी को घर से किसी को उठा ना ले जाए। हालांकि वन विभाग ने आज 3 दिन बाद तेंदुए को पकड़ने प्रयास प्रारंभ किया है। पिंजरे में बकरी डालकर तेंदुए को फंसाने का प्रयास किया जा रहा है।एसडीओ वन गरियाबंद मनोज चंद्राकर ने बताया कि लोगों की सुरक्षा के लिए वन विभाग पूरी तरह सक्रिय है। दो शिफ्ट में कर्मचारियों की ड्यूटी गांव के आसपास लगाई जा रही है। जो भ्रमण कर तेंदुए का पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं। शाम होते ही ग्रामीणों को घरों के अंदर भेज दिया जाता है। रात मे लाइट बंद ना हो इसलिए आज लगभग सभी घरों के लिए सोलर लाइट वन विभाग की ओर से प्रदान की जा रही है। इसके अलावा वन प्रबंधन समिति की ओर से दो चौकीदार भी रखे गए है, जो लगातार ग्रामीणों को समझाइश दे रहे हैं कि तेंदुए से कैसे सुरक्षित रहना है। हालांकि अभी तक प्राप्त कैमरे में तेंदुए की तस्वीर नहीं आई है।

 

07-04-2020
विश्व स्वास्थ्य दिवस आज, भूपेश बघेल ने कहा-डर, दहशत, सन्नाटे में भी जीवन ये आबाद है...

रायपुर। कोरोना संक्रमण के इस दौर में स्वास्थ्य सेवा से जुड़े लोगों का महत्वपूर्ण योगदान है।  विश्व स्वास्थ्य दिवस 7 अप्रैल पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने डॉक्टर और चिकित्सा सेवा से जुड़े लोगों का आभार जताया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीट कर कहा कि डर, दहशत, सन्नाटे में भी जीवन ये आबाद है, तेरी मेहनत, हिम्मत, कोशिश सबको जिंदाबाद है। विश्व स्वास्थ्य दिवस पर राष्ट्र करता है आपको सलाम।

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