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22-01-2020
ग्रामीणों में हाथी के दहशत का माहौल, हाथी ने कुचलकर की हत्या

रायपुर। बलरामपुर जिले के तुलसी गांव में दंतैल हाथी ने ग्रामीण को कुचलकर उसकी जान ले ली। कुचले हुए स्थिति में उसकी लाश बरामद हुई है। हालांकि मृतक ग्रामीण की अब तक पहचान नहीं हो पाई है। हाथी का प्रकोप लगातार जारी है। इसके साथ ही इलाके में दहशत का माहौल व्याप्त हो गया है। उल्लेखनीय है कि कुछ काम से जंगल की तरफ गए ग्रमीण का आमना-सामना हाथी से हो गया, जिसके बाद हाथी ने उसकी जान ले ली। कुचले हुए हालात में लाश देख ग्रामीणों में दहशत फैल गई। मामले की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और वन विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।

22-01-2020
इलाके में मिले पंजे के निशान, वन विभाग कन्फ्यूज् बाघ या कोई और जानवर

रायपुर। प्रदेश के कई गावों में दहशत फैलाने वाले बाघ को फिर एक बार भाुनप्रतापपुर क्षेत्र में देखा गया है। मेनखेड़ा और भोथागांव के बीच बाघ के पैरों के निशान मिले है। मामले की पुष्टि वन विभाग ने की है। उल्लेखनीय है कि कई दिनों से बाघ को दुर्ग, बालोद और धमतरी जिले के कई गांवों में देखा गया। जिसके बाद वह जंगल की तरफ वापस चला गया था किंतु फिर एक बार बाघ गांव की तरफ लौट आया है।
दूसरी तरफ बछड़े की लाश वाले कांड से इलाके में सनसनी का माहौल है। इसी बीच क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी की खबर आग की तरह फैल रही है। जिससे लोगों में दहशत का माहौल है।
वन विभाग की टीम को पंजो के निशान मिले है पर यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि निशान बाघ के है या किसी छोटे जंगली जानवर के ? जिस किसान के बछड़े को जानवर ने शिकार बनाया है । उसकी माने तो जानवर ने इससे पहले भी अन्य जानवरो को अपना शिकार बनाया है।

 

08-01-2020
सीमावर्ती बालोद इलाके में बाघ की धमक, ग्रामीणों में दहशत, वन अमला सर्तक

कांकेर। जिले के सीमावर्ती बालोद इलाके में बाघ देखे जाने के बाद से क्षेत्र में दहशत व्याप्त है।  बाघ लगातार वन अमले को चकमा देकर वहां से निकलने में सफल हो जा रहा है। बालोद से कांकेर की सीमा जुड़े होने के कारण वन अमला मुस्तैद है और लगातार गश्त करते हुए आसपास के गांवों में मुनादी करा रहा है। हालांकि अधिकारियों ने अभी तक जिले में बाघ देखे जाने की पुष्टि नहीं की है। वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बाघ के पद चिन्ह बालोद जिले के गंगारी और करहीभदर में देखे गये है। इसके बाद से वन अमले को बाघ अब तक नजर नहीं आया है। ज्ञात हो कि राजनांदगांव-बालोद सीमा में कई दिनों से विचरण करने के बाद बालोद होते बाघ कांकेर जिले की ओर बढ़ रहा है। बालोद जिले से कांकेर की सीमा लगी होने के कारण वन अमला सर्तक है। वन विभाग के भानुप्रतापपुर रेंज के डीएफओ का कहना है कि बाघ अभी कांकेर जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में नहीं पहुंचा है। लेकिन बालोद जिले की सीमा से लगे होने के कारण वन विभाग सर्तक है। बाघ लगातार आगे बढ़ रहा है और कभी भी जिले में प्रवेश कर सकता है। इसे लेकर लगातार सप्ताहभर से मुनादी करा कर लोगों को सर्तक किया जा रहा है। भानुप्रतापपुर कच्चे के आसपास बाघ देखे जाने की आशंका के बाद यहीं ज्यादा नजर रखी जा रही है। वन विभाग द्वारा लोगों से अपील की जा रही है कि लोग अकेले जंगल की ओर ना जाये, रात में अकेले न घूमे, शौच के लिए बाहर न निकले, जहां कहीं भी बाघ दिखे तत्काल वन विभाग को सूचित करे। इस संबंध में लगातार वन विभाग की टीम के साथ एरिया पर गश्त भी किया जा रहा है। रात्रि सहित दिन में भी नजर रखी जा रही है। हालांकि बाघ अब तक किसी इंसान को नुकसान नहीं पहुंचाया है लेकिन फिर भी ऐहतियात के तौर पर लोगों को सुरक्षा के लिए मुनादी करा सूचित किया जा रहा है।
वर्जन
बाघ अभी जिले में नहीं पहुंचा है। कांकेर जिला सीमावर्ती जिला बालोद  से लगा होने के कारण ऐहतिहात के तैर पर सप्ताह भर से मुनादी कराकर लोगों को सूचित किया जा रहा है। लगातार गश्त कर संभावित एरिया में निगरनी रखी जा रही है।
रमेश दुग्गा, डीएफओ भानुप्रतापपुर

 

22-12-2019
गांव की गलियों में घूम रहे तीन हाथियों से दहशत, ग्रामीण चढ़े घर की छतों पर

गरियाबन्द। तीन हाथियों का समूह भीरालाट और केराबहरा गांव की गलियों में आतंक मचा रहा है। जान बचाने ग्रामीण छतों पर चढ़ गए हैं। हाथियों का झुंड लगभग 25 किलोमीटर दूर भीरालाट गांव पहुंच गया और गांव में दहशत फैला रहे है। खास बात यह है कि यह स्थान जिला मुख्यालय से महज 15 किलोमीटर दूर है। वन विभाग इन हाथियों के सामने बेबस नजर आ रहा है। इन्हें भगाने कुछ नहीं कर पा रहा है। वहीं ग्रामीण दहशत के मारे घरों में दुबक हैं। 35 हाथियों के झुंड से अलग हुआ तीन हाथियों का समूह आज सुबह एक ग्रामीण की जान लेने के बाद गरियाबंद जिला मुख्यालय से महज 15 किलोमीटर दूर भीरालाट गांव पहुंच गया। इस बीच आज दिन में हाथियों ने 25 किलोमीटर का सफर करते हुए 10 गांवों के जंगल को पार किया और रात 9:30 बजे के करीब भीरालाट गांव पहुंचे। यहां हाथी पहले रामकुमार के बाडे में रखे धान को खाए फिर वह ग्रामीण के घर के बाड़े में घुसे। इसके बाद गांव में दहशत और आतंक फैलाते हुए हाथी केरा बाहर गांव पहुंच गए। ग्रामीण जान बचाने छत पर चढ़ गए। सबसे अधिक दहशत कच्चे मकान वालों को है कहीं घर में सोते रहे और हाथी उनका घर ना ढहा दे। फिलहाल वन विभाग के कर्मचारी बेबस नजर आ रहे हैं और हाथी को भगाने कुछ कर नहीं पा रहे हैं। हाथी हर रात किसी गांव में पहुंचकर धान की फसल खाने का प्रयास कर रहे हैं क्योंकि बीती रात हाथी पोटिया के पास एक घर के बाडे में घुसकर फसल खा चुके थे और आज रात भी वे वही कर रहे हैं।

 

29-11-2019
गरियाबंद जिले में मवेशियों में फैली अज्ञात बीमारी, पशुपालक दहशत में

गरियाबंद। गरियाबंद जिले में बीते एक महीने से पशुओं में अज्ञात बीमारी फैली हुई है और यह पशु मालिकों में भारी दहशत का कारण बनी हुई है। बीमारी की शुरुआत पशुओं के शरीर में सूजन से होती है जो धीरे धीरे घाव में तब्दील हो जाती है। फिर कुछ दिन बाद पशु चारा खाना छोड़ देता है। किसानों के मुताबिक इस बीमारी से अब तक कई जानवरों की मौत  हो गई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक ओडि़शा सीमा से लगे 20 गांवों में 100 से अधिक जानवर इस बीमारी से पीडि़त हैं, हालांकि जमीनी हकीकत इससे कहीं अलग है। ग्रामीणों की मानें तो देवभोग और मैनपुर इलाके के अधिकांश गांवों में ये बीमारी अपनी दस्तक दे चुकी है। पशु चिकित्सक भी बीमारी को लेकर फिलहाल असमंजस की स्थिति में है, अभी तक वे बीमारी का नाम भी पता नहीं लगा पाए हैं। पशु चिकित्सकों ने बीमार पशुओं के सैंपल जांच के लिए भेजे हैं और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सही इलाज होने की बात कह रहे है। फिलहाल डॉक्टर मक्खियों और मच्छरों से ये बीमारी फैलने का दावा कर रहे हैं और इसकी रोकथाम के लिए बीमार पशुओं को एंटीबायटिक दवाइयां दे रहे है।


 

16-11-2019
मुख्यमार्ग में अचानक आया भालू, लोगों में मची अफरा तरफी

कांकेर। नरहरपुर नगर पंचायत में शनिवार की रात करीब 7 बजे अचानक आ धमके भालू ने लोगों को दहशत में डाल दिया और इससे अफरा तरफी मच गई। लोग भालू के आगे पीछे दौड़ते नजर आए। मिली जानकारी के अनुसार नरहरपुर मुख्य मार्ग जहाँ लोगों की आवाजाही रहती है 16 नवम्बर की देर शाम करीब 7 बजे एक भालू के अचानक एंट्री ने लोगों को दहशत में डाल दिया, जो कि एक दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। हालांकि कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। बाद में लोगों की भीड़ को देखते हुए व शोर शराबा को सुनकर भालू वहाँ से भाग निकला।

 

05-11-2019
टूटी थी रेल पटरी, ड्राइवर ने लगाया इमरजेंसी ब्रेक,टला हादसा

कटनी। जबलपुर से रीवा जा रही शटल ट्रेन मंगलवार को बड़े हादसे की शिकार होते होते बच गई। ट्रेन में बैठे यात्रियों को अचानक तेज झटका लगा, जिससे बोगियों में हड़कंप मच गया, लोग ट्रेन के रुकते ही नीचे कूदने लगे। बताया जा रहा है कि शटल पैसेंजर निवार स्टेशन से माधवनगर स्टेशन की ओर जा रही थी। तभी अचानक लोको पायलट की नजर टूटी पटरी पर पड़ी। आनन-फानन में ड्राइवर ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया। इससे यात्रियों को जोर का झटका लगा, जिससे लोग दहशत में आ गए। ड्राइवर द्वारा ट्रेन को इमरजेंसी ब्रेक लगाकर रोकने से बड़ा हादसा टल गया। ट्रेन के रूकते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।

वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देने के बाद रेलवे अमले ने 1 घंटे में सुधार कार्य के बाद ट्रेन को गंतव्य के लिए रवाना किया है। घटना के समय ट्रेन की सभी बोगियों में बड़ी संख्या में यात्री मौजूद थे। रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि गाड़ी क्रमांक 51701 रीवा-जबलपुर शटल निवार स्टेशन से रवाना होकर माधव नगर की ओर जा रही थी। जैसे ही शटल गाड़ी 1073/2/3 ट्रेन किलोमीटर के पास आईबीएच सिग्नल के समीप पहुंची वैसे ही लोको पायलट की नहर टूटी हुई पटरी पर पड़ी। आनन-फानन में लोको पायलट ने ट्रेन को बड़ी दुर्घटना से बचाने के लिए इमरजेंसी ब्रेक लगाया।

04-11-2019
 सिहावा में दो बच्चों के साथ मादा तेंदुआ दिखने से क्षेत्र में दहशत

धमतरी। नगरी-सिहावा मुख्य मार्ग पर श्रृंगी ऋषि पहाड़ी के नीचे बीते कुछ दिनों से दो बच्चों के साथ मादा तेंदुआ लगातार दिखाई दे रहा है। इससे इलाके में दहशत का माहौल है। पहाड़ी के ठीक नीचे महानदी जलाशय पड़ता है। लोगों का मानना है की तेंदुआ अपना प्यास बुझाने के लिए नदी में पहुंचता है।  मुख्य मार्ग होने के वजह से इस रास्ते से रोजाना सैकड़ों लोग गुजरते है। उनपर कभी भी तेंदुआ हमला कर सकता है।

 

25-09-2019
Breaking : बहुचर्चित हाथी गणेश पहुंचा करमागढ़, लोग दहशत में

रायगढ़। बहुचर्चित हाथी गणेश करमागढ़ मेन रोड तक पहुंच गया है। बनगुरसिया में कल रात से स्थानीय लोगों का काफी नुकसान कर चुका है। गांव वालों में दहशत का माहौल है। वन विभाग को कल रात से खबर देने के बाद भी गांव की सुरक्षा के कोई इंतेजाम नहीं होने से ग्रामीण आक्रोशित हैं।

10-09-2019
क्षेत्र में उत्पात मचा रहा तेंदुआ को मशक्कत के बाद वन विभाग ने पकड़ा

कांकेर। शहर से सटे ग्राम पंचायत ठेलकबोड़ में पिछले एक सप्ताह से उत्पाद मचा रहा तेंदुआ आखिरकार पकड़ में आ गया। पिछले सप्ताह भर से तेन्दुआ के आतंक से क्षेत्र में दहशत बना हुआ था साथ ही वन विभाग निरंतर तेंदुआ को पकड़ने प्रयासरत था। बीती रात वन विभाग ने एक बार फिर पिंजरे में तेंदुआ को सुरक्षित पकड़ने के पिंजरे में मुर्गी डालकर रखा गया था, जिसके बाद तेंदुआ शिकार के दौरान पिंजरे में फंस गया। यहां बताना लाजमी होगा कि कांकेर क्षेत्र के आस-पास के गांव में इन दिनों तेंदुआ,भालू जैसे जानवरों का उत्पाद थमने का नाम नहीं ले रहा है जिससे लोग दहशत में हैं। यहां तेंदुआ पिछले 1 हफ्ते से ठेलकबोड़ के एक कड़कनाथ मुर्गी फॉर्म में उत्पात मचा रहा था एवं  मुर्गियों को अपना शिकार बनाता था, जिससे मुर्गी फार्म के संचालक व उनका परिवार दहशत में था। इसको लेकर वन विभाग द्वारा गंभीरता दिखाते हुए तेंदुआ को पकड़ने भरसक प्रयास किया जा रहा था। तीन-चार दिनों से तेंदुआ को पकड़ने रखे पिंजरे में आखिरकार तेंदुआ रात करीब 12 बजे के आस-पास फंस गया। इसे वन विभाग की टीम सिंगारभाट स्थित विश्रामगृह में रखा गया। इसे उच्चाधिकारियों के निर्देश के बाद जंगल मे छोड़ा जाएगा।

 

नरेश भीमगज की रिपोर्ट 

06-09-2019
ठेलकाबोड़ में तेंदुए ने बनाया 20 कड़कनाथ मुर्गों को अपना शिकार

कांकेर। शहर से सटे ठेलकाबोड़ में बीते चार दिनों से एक तेंदुए ने आतंक मचा रखा है। बीती रात भी तेंदुआ गांव में घुस आया और एक बार फिर कड़कनाथ मुर्गा फार्म में घुसकर 15 से 20 मुर्गों को मार डाला। फार्म के मालिक ने तेंदुए को अपने मोबाइल के कैमरे में कैद किया तब कहीं जाकर वन विभाग की टीम ने मौके पर तेंदुए को पकडऩे पिंजरा लगाया है। बते दें कि इलाके के पास वाली पहाड़ी से रोजाना रात में तेंदुआ नीचे उतरकर बस्ती की ओर रुख कर रहा है, जिससे यहां के लोगों में काफी दहशत है। तेंदुआ यासिम खान के कड़कनाथ मुर्गे के फार्म में रोज घुस रहा है। भोजन की तलाश में तेंदुए के रोज बस्ती की ओर आने से लोग काफी डरे हुए हैं और रात में घरों से निकलने से घबरा रहे हैं। 

नरेश भीमगज की रिपोर्ट 

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