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27-03-2020
जंगल मे दिखा हाथियों का झुंड, वनांचल में दहशत का माहौल

कवर्धा। पंडरिया पूर्व वन परिक्षेत्र अंतर्गत कोदवा सर्किल के अजवाईनबाह बीट में लगभग 10 जंगली हाथियों का झुंड दिखाई दिया है। इससे गांव में दशहत का माहौल बना हुआ है। अजवाईनबाह निवासी एक बैगा युवक फिरतु राम ने ये जानकारी दी है। स्थानीय वनकर्मियों को भी ये सूचना भेज दी गई है। चूंकि ये इलाका प्रदेश का सीमावर्ती है तथा एक ओर कान्हा राष्ट्रीय उद्यान और दूसरी ओर अचानकमार टाइगर रिज़र्व को जोड़ने वाला कॉरिडोर भी है। अतः सम्भावना है कि इनमें से ही किसी इलाके से भटककर ये हाथी इधर आए हैं। लेकिन पहली बार इतने अधिक संख्या में हाथी के दिखने से वनांचल में सनसनी फैल गई है। वन विभाग के अफसर जंगल की और पहुंच गए हैं।

 

24-03-2020
नक्सलियों ने ग्रामीण की हत्या करने के बाद कहा पुलिस को बताया तो अच्छा नहीं होगा

रायपुर/दंतेवाड़ा। दंतेवाड़ा में नक्सलियों ने फिर एक बार अपनी कायराना करतूत को अंजाम दिया है। सुकमा की घटना के बाद अब सोमवार की रात एक बार फिर नक्सलियों ने एक कायराना करतूत को अंजाम देते हुए दंतेवाड़ा जिले में एक ग्रामीण को मौत के घाट उतार दिया। ग्रामीण पर पुलिस का मुखबीर होने के शक में नक्सलियों ने उसकी हत्या कर दी। ग्रामीण की हत्या के बाद नक्सलियों ने अन्य ग्रामीणों को धमकी देते हुए यह भी कहा कि अगर मामले की जानकारी पुलिस को दी तो ठीक नहीं होगा। इसके बाद दहशत में आए ग्रामीणों ने पुलिस को इसकी सूचना दिए बगैर मृतक का अंतिम संस्कार कर दिया है। बाद में मामले की जानकारी पुलिस को मिली।  
मिली जानकारी के अनुसार दंतेवाड़ा जिले के अरनपुर थाना क्षेत्र में सोमवार की रात हथियारबंद नक्सली गांव में घुसे और यहां से एक ग्रामीण को घर से बाहर निकाला कर उसे अगुआ कर लिया। नक्सली उसे अपने साथ कुछ दूर तक ले गए और फिर बेरहमी से उसकी हत्या कर लाश वहीं फेंक दी।

 

23-03-2020
कोरोना विशेष: फेक न्यूज पर सरकार करेगी कड़ी कार्रवाई,शासन की गाइडलाइन का रखे ध्यान

रायपुर। प्रदेश के विभिन्न स्थानों से ऐसी खबरें जारी की जा रहीं है,जिससे जनमानस में भ्रम अथवा दहशत का वातावरण बन रहा है और लोग उसकी पुष्टि के लिए सम्पर्क कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा ऐसी विभिन्न खबरों को फे़क न्यूज बताया गया है। राज्य शासन द्वारा गठित ‘राज्य स्तरीय फे़क न्यूज नियंत्रण एवं विशेष माॅनिटरिंग सेल‘ ने अपील की है कि विभिन्न समाचार माध्यम तथा वेबसाइट आदि ऐसी कोई भी खबर प्रकाशित तथा प्रसारित नहीं करें।
राज्य शासन ने संतुलित,तथ्यपरक तथा पुष्ट समाचार जारी करने का आग्रह विभिन्न समाचार माध्यमों,सोशल मीडिया से नोवल कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण के संबंध में किया गया था, लेकिन कतिपय व्यक्तियों तथा संस्थाओं द्वारा अवांछित समाचार प्रकाशित तथा प्रसारित करने की शिकायतें मिल रही हैं। राज्य शासन द्वारा गठित राज्य स्तरीय फे़क न्यूज नियंत्रण एवं विशेष माॅनिटरिंग सेल ने इन खबरों को गंभीरता से लिया है।
विभिन्न माध्यमों से प्रसारित अपुष्ट खबरों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करने के पर्याप्त प्रावधान हैं। इसके अतिरिक्त सोशल मीडिया में भी गलत/भ्रामक/तथ्यहीन सामग्री पोस्ट करने पर इन्फारमेशन टेक्नालाॅजी एक्ट की धारा 2(1) तथा इन्फारमेंशन टेक्नालाॅजी एक्ट की धारा 79 के अन्तर्गत इन्टरमीडिएडरी गाईड लाइन के तहत कार्यवाही की जा सकती है। इन धाराओं में व्यापक जनहित को प्रभावित करने के लिए होस्ट, डिस्प्ले, अपलोड, मोडिफाई, पब्लिश, ट्रांसमिट, अपडेट, शेयर करने की गतिविधियाँ भी गैर-कानूनी मानी गई हैं। इस समय कोरोना वायरस संक्रमण से निपटना पूरी दुनिया के लिए एक चुनौती है और यह समय व्यापक जनहित में पत्रकारिता के उच्च मापदण्ड स्थापित करने का भी है।

04-03-2020
कोरोना वायरस का खौफ, लोग खरीद रहे हैंड सैनिटाइजर, 255 फीसदी बढ़ी मांग

नई दिल्ली। दुनिया के कई देशों में कोरोना वायरस की दहशत के बाद धीरे-धीरे अब यह भारत में भी पैर पसारता जा रहा है। कोरोना वायरस के संक्रमण के बाद से लोग अपने स्वास्थ्य को लेकर अधिक सतर्क हो गए हैं। कोरोना को लेकर लोगों की बढ़ती चिंता के कारण देश में हैंड सैनिटाइजर की बिक्री में वृद्धि देखी जा रही है। मंगलवार को रिटेल रिसर्च कंपनी कैनटर की एक रिपोर्ट से पता चला है कि इस साल हैंड सैनिटाइजर की बिक्री 255 फीसदी बढ़ी है। इसका आकलन पिछले साल 23 फरवरी तक चार सप्ताह के दौरान हुई बिक्री और इस साल इसी अवधि में हुई बिक्री की तुलना करके किया गया है। साथ ही  लिक्विड सोप की बिक्री सात फीसदी बढ़ी है और घरेलू सफाई उत्पादों की बिक्री में 10 फीसदी का इजाफा हुआ है। बता दें कि मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी ने कोविड-19 नोवेल कोरोनावायरस से निपटने की तैयारी का जायजा लिया था। प्रधानमंत्री ने कहा था कि कोविड-19 नोवेल कोरोनावायरस के मद्देनजर तैयारी की गहन समीक्षा की। भारत आने वाले लोगों की स्क्रीनिंग से लेकर तुरंत चिकित्सा प्रदान करने तक की समस्त गतिविधियों के लिए विभिन्न मंत्रालय मिलकर काम कर रहे हैं और घबराने की कोई जरूरत नहीं है। 

 

18-02-2020
मॉर्निग वॉक पर निकले शिक्षक पर भालू ने किया हमला

कांकेर। शहर से सटे ग्रामीण क्षेत्रों में भालुओं की आमद बढ़ने से लोगों में दहशत व्याप्त है। शहर की गलियों समेत सुबह मार्निंगवाक पर निकलने वालों पर खतरा मंडरा रहा है। वहीं नगर पालिका द्वारा शहर की गलियों की लाइटों को समय से पूर्व ही बंद कर दी जा रही है, जिसके कारण भी लोगों को परेशानी हो रही है। राजापारा वार्ड में भी यह नजारा देखने को मिला भालू राजापारा वार्ड की गलियों की ओर घूमता दिखा। केन्द्रीय विद्यालय के शिक्षक दिनेश कौशिक पर भालू ने हमला कर दिया। उन्होंने बताया कि वह रोजाना सुबह मॉर्निग वॉक पर निकलते है। मंगलवार की सुबह जब भ्रमण करते हुए सिंगारभाट रोड पर पहुंचे तो सामने से एक भालू ने हमला कर दिया। इसमें शिक्षक घालय हो गए। शिक्षक ने बाहादुरी दिखाते हुए भालू पर पत्थर एवं डंडे से भालू का सामना किया। तब भालू वहां से भाग निकला। यह कोई पहला मामला नहीं है जो इस तरह की घटना हुई हो।

 

22-01-2020
ग्रामीणों में हाथी के दहशत का माहौल, हाथी ने कुचलकर की हत्या

रायपुर। बलरामपुर जिले के तुलसी गांव में दंतैल हाथी ने ग्रामीण को कुचलकर उसकी जान ले ली। कुचले हुए स्थिति में उसकी लाश बरामद हुई है। हालांकि मृतक ग्रामीण की अब तक पहचान नहीं हो पाई है। हाथी का प्रकोप लगातार जारी है। इसके साथ ही इलाके में दहशत का माहौल व्याप्त हो गया है। उल्लेखनीय है कि कुछ काम से जंगल की तरफ गए ग्रमीण का आमना-सामना हाथी से हो गया, जिसके बाद हाथी ने उसकी जान ले ली। कुचले हुए हालात में लाश देख ग्रामीणों में दहशत फैल गई। मामले की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और वन विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।

22-01-2020
इलाके में मिले पंजे के निशान, वन विभाग कन्फ्यूज् बाघ या कोई और जानवर

रायपुर। प्रदेश के कई गावों में दहशत फैलाने वाले बाघ को फिर एक बार भाुनप्रतापपुर क्षेत्र में देखा गया है। मेनखेड़ा और भोथागांव के बीच बाघ के पैरों के निशान मिले है। मामले की पुष्टि वन विभाग ने की है। उल्लेखनीय है कि कई दिनों से बाघ को दुर्ग, बालोद और धमतरी जिले के कई गांवों में देखा गया। जिसके बाद वह जंगल की तरफ वापस चला गया था किंतु फिर एक बार बाघ गांव की तरफ लौट आया है।
दूसरी तरफ बछड़े की लाश वाले कांड से इलाके में सनसनी का माहौल है। इसी बीच क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी की खबर आग की तरह फैल रही है। जिससे लोगों में दहशत का माहौल है।
वन विभाग की टीम को पंजो के निशान मिले है पर यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि निशान बाघ के है या किसी छोटे जंगली जानवर के ? जिस किसान के बछड़े को जानवर ने शिकार बनाया है । उसकी माने तो जानवर ने इससे पहले भी अन्य जानवरो को अपना शिकार बनाया है।

 

08-01-2020
सीमावर्ती बालोद इलाके में बाघ की धमक, ग्रामीणों में दहशत, वन अमला सर्तक

कांकेर। जिले के सीमावर्ती बालोद इलाके में बाघ देखे जाने के बाद से क्षेत्र में दहशत व्याप्त है।  बाघ लगातार वन अमले को चकमा देकर वहां से निकलने में सफल हो जा रहा है। बालोद से कांकेर की सीमा जुड़े होने के कारण वन अमला मुस्तैद है और लगातार गश्त करते हुए आसपास के गांवों में मुनादी करा रहा है। हालांकि अधिकारियों ने अभी तक जिले में बाघ देखे जाने की पुष्टि नहीं की है। वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बाघ के पद चिन्ह बालोद जिले के गंगारी और करहीभदर में देखे गये है। इसके बाद से वन अमले को बाघ अब तक नजर नहीं आया है। ज्ञात हो कि राजनांदगांव-बालोद सीमा में कई दिनों से विचरण करने के बाद बालोद होते बाघ कांकेर जिले की ओर बढ़ रहा है। बालोद जिले से कांकेर की सीमा लगी होने के कारण वन अमला सर्तक है। वन विभाग के भानुप्रतापपुर रेंज के डीएफओ का कहना है कि बाघ अभी कांकेर जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में नहीं पहुंचा है। लेकिन बालोद जिले की सीमा से लगे होने के कारण वन विभाग सर्तक है। बाघ लगातार आगे बढ़ रहा है और कभी भी जिले में प्रवेश कर सकता है। इसे लेकर लगातार सप्ताहभर से मुनादी करा कर लोगों को सर्तक किया जा रहा है। भानुप्रतापपुर कच्चे के आसपास बाघ देखे जाने की आशंका के बाद यहीं ज्यादा नजर रखी जा रही है। वन विभाग द्वारा लोगों से अपील की जा रही है कि लोग अकेले जंगल की ओर ना जाये, रात में अकेले न घूमे, शौच के लिए बाहर न निकले, जहां कहीं भी बाघ दिखे तत्काल वन विभाग को सूचित करे। इस संबंध में लगातार वन विभाग की टीम के साथ एरिया पर गश्त भी किया जा रहा है। रात्रि सहित दिन में भी नजर रखी जा रही है। हालांकि बाघ अब तक किसी इंसान को नुकसान नहीं पहुंचाया है लेकिन फिर भी ऐहतियात के तौर पर लोगों को सुरक्षा के लिए मुनादी करा सूचित किया जा रहा है।
वर्जन
बाघ अभी जिले में नहीं पहुंचा है। कांकेर जिला सीमावर्ती जिला बालोद  से लगा होने के कारण ऐहतिहात के तैर पर सप्ताह भर से मुनादी कराकर लोगों को सूचित किया जा रहा है। लगातार गश्त कर संभावित एरिया में निगरनी रखी जा रही है।
रमेश दुग्गा, डीएफओ भानुप्रतापपुर

 

22-12-2019
गांव की गलियों में घूम रहे तीन हाथियों से दहशत, ग्रामीण चढ़े घर की छतों पर

गरियाबन्द। तीन हाथियों का समूह भीरालाट और केराबहरा गांव की गलियों में आतंक मचा रहा है। जान बचाने ग्रामीण छतों पर चढ़ गए हैं। हाथियों का झुंड लगभग 25 किलोमीटर दूर भीरालाट गांव पहुंच गया और गांव में दहशत फैला रहे है। खास बात यह है कि यह स्थान जिला मुख्यालय से महज 15 किलोमीटर दूर है। वन विभाग इन हाथियों के सामने बेबस नजर आ रहा है। इन्हें भगाने कुछ नहीं कर पा रहा है। वहीं ग्रामीण दहशत के मारे घरों में दुबक हैं। 35 हाथियों के झुंड से अलग हुआ तीन हाथियों का समूह आज सुबह एक ग्रामीण की जान लेने के बाद गरियाबंद जिला मुख्यालय से महज 15 किलोमीटर दूर भीरालाट गांव पहुंच गया। इस बीच आज दिन में हाथियों ने 25 किलोमीटर का सफर करते हुए 10 गांवों के जंगल को पार किया और रात 9:30 बजे के करीब भीरालाट गांव पहुंचे। यहां हाथी पहले रामकुमार के बाडे में रखे धान को खाए फिर वह ग्रामीण के घर के बाड़े में घुसे। इसके बाद गांव में दहशत और आतंक फैलाते हुए हाथी केरा बाहर गांव पहुंच गए। ग्रामीण जान बचाने छत पर चढ़ गए। सबसे अधिक दहशत कच्चे मकान वालों को है कहीं घर में सोते रहे और हाथी उनका घर ना ढहा दे। फिलहाल वन विभाग के कर्मचारी बेबस नजर आ रहे हैं और हाथी को भगाने कुछ कर नहीं पा रहे हैं। हाथी हर रात किसी गांव में पहुंचकर धान की फसल खाने का प्रयास कर रहे हैं क्योंकि बीती रात हाथी पोटिया के पास एक घर के बाडे में घुसकर फसल खा चुके थे और आज रात भी वे वही कर रहे हैं।

 

29-11-2019
गरियाबंद जिले में मवेशियों में फैली अज्ञात बीमारी, पशुपालक दहशत में

गरियाबंद। गरियाबंद जिले में बीते एक महीने से पशुओं में अज्ञात बीमारी फैली हुई है और यह पशु मालिकों में भारी दहशत का कारण बनी हुई है। बीमारी की शुरुआत पशुओं के शरीर में सूजन से होती है जो धीरे धीरे घाव में तब्दील हो जाती है। फिर कुछ दिन बाद पशु चारा खाना छोड़ देता है। किसानों के मुताबिक इस बीमारी से अब तक कई जानवरों की मौत  हो गई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक ओडि़शा सीमा से लगे 20 गांवों में 100 से अधिक जानवर इस बीमारी से पीडि़त हैं, हालांकि जमीनी हकीकत इससे कहीं अलग है। ग्रामीणों की मानें तो देवभोग और मैनपुर इलाके के अधिकांश गांवों में ये बीमारी अपनी दस्तक दे चुकी है। पशु चिकित्सक भी बीमारी को लेकर फिलहाल असमंजस की स्थिति में है, अभी तक वे बीमारी का नाम भी पता नहीं लगा पाए हैं। पशु चिकित्सकों ने बीमार पशुओं के सैंपल जांच के लिए भेजे हैं और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सही इलाज होने की बात कह रहे है। फिलहाल डॉक्टर मक्खियों और मच्छरों से ये बीमारी फैलने का दावा कर रहे हैं और इसकी रोकथाम के लिए बीमार पशुओं को एंटीबायटिक दवाइयां दे रहे है।


 

16-11-2019
मुख्यमार्ग में अचानक आया भालू, लोगों में मची अफरा तरफी

कांकेर। नरहरपुर नगर पंचायत में शनिवार की रात करीब 7 बजे अचानक आ धमके भालू ने लोगों को दहशत में डाल दिया और इससे अफरा तरफी मच गई। लोग भालू के आगे पीछे दौड़ते नजर आए। मिली जानकारी के अनुसार नरहरपुर मुख्य मार्ग जहाँ लोगों की आवाजाही रहती है 16 नवम्बर की देर शाम करीब 7 बजे एक भालू के अचानक एंट्री ने लोगों को दहशत में डाल दिया, जो कि एक दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। हालांकि कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। बाद में लोगों की भीड़ को देखते हुए व शोर शराबा को सुनकर भालू वहाँ से भाग निकला।

 

05-11-2019
टूटी थी रेल पटरी, ड्राइवर ने लगाया इमरजेंसी ब्रेक,टला हादसा

कटनी। जबलपुर से रीवा जा रही शटल ट्रेन मंगलवार को बड़े हादसे की शिकार होते होते बच गई। ट्रेन में बैठे यात्रियों को अचानक तेज झटका लगा, जिससे बोगियों में हड़कंप मच गया, लोग ट्रेन के रुकते ही नीचे कूदने लगे। बताया जा रहा है कि शटल पैसेंजर निवार स्टेशन से माधवनगर स्टेशन की ओर जा रही थी। तभी अचानक लोको पायलट की नजर टूटी पटरी पर पड़ी। आनन-फानन में ड्राइवर ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया। इससे यात्रियों को जोर का झटका लगा, जिससे लोग दहशत में आ गए। ड्राइवर द्वारा ट्रेन को इमरजेंसी ब्रेक लगाकर रोकने से बड़ा हादसा टल गया। ट्रेन के रूकते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।

वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देने के बाद रेलवे अमले ने 1 घंटे में सुधार कार्य के बाद ट्रेन को गंतव्य के लिए रवाना किया है। घटना के समय ट्रेन की सभी बोगियों में बड़ी संख्या में यात्री मौजूद थे। रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि गाड़ी क्रमांक 51701 रीवा-जबलपुर शटल निवार स्टेशन से रवाना होकर माधव नगर की ओर जा रही थी। जैसे ही शटल गाड़ी 1073/2/3 ट्रेन किलोमीटर के पास आईबीएच सिग्नल के समीप पहुंची वैसे ही लोको पायलट की नहर टूटी हुई पटरी पर पड़ी। आनन-फानन में लोको पायलट ने ट्रेन को बड़ी दुर्घटना से बचाने के लिए इमरजेंसी ब्रेक लगाया।

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