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13-04-2021
बेटी ने कंधे पर उठाकर पहुंचाया ऑक्‍सीजन सिलेंडर, अस्पताल की लचर व्यवस्था ने छीन लिया सिर से पिता का साया

राजनांदगांव। बेबस मायूस एक बेटी की हजार कोशिशों के बाद मेडिकल कॉलेज संबंद्ध जिला अस्‍पताल की लापरवाही ने एक पिता की जान ले ली। दरअसल 11 अप्रैल को बसंतपु‍र निवासी को जिला अस्‍पताल में दाखिल किया गया था। उनका कोविड टेस्‍ट निगेटिव था लेकिन सांस लेने में समस्‍या थी। ऑक्‍सीजन लेवल 70 तक गिर चुका था। डॉक्‍टरों ने उनका निमोनिया बढ़ने की बात कही थी। सांस लेने में तकलीफ के बावजूद उन्‍हें अस्‍पताल में ऑक्‍सीजन नहीं लगाई जा रही थी। अस्‍पताल में ऑक्‍सीजन उपलब्‍ध न होने की बात क‍ही जा रही थी। वे आईसीयू भर्ती थे। ऐसे में मरीज की बेटी ने खुद ही ऑक्‍सीजन सिलेंडर अपने कंधे पर रखकर आईसीयू पहुंचाया।  बावजूद इसके अस्‍पताल प्रबंधन मरीज को ऑक्‍सीजन देने में लापरवाही करता रहा। खबर है कि कुछ देर के लिए मरीज को वेंटिलेटर सपोर्ट पर भी रखा गया लेकिन इसे भी कुछ ही देर में हटा दिया गया। 13 अप्रैल को मरीज ने दम तोड़ दिया और एक बेटी की अपने पिता को बचाने की जद्दोजहद भारी निराशा और बेबसी के साथ खत्‍म हो गई। हालात यह रहे कि बेटी खुद ही अस्‍पताल के बाहर से अपने पिता के लिए ऑक्‍सीजन सिलेंडर की व्‍यवस्‍था करती रही। लेकिन अस्‍पताल से मदद न मिल पाने की वजह से उसने अपने पिता को खो दिया। 

 

08-04-2021
फिल्म निर्माता की पत्नी और बेटी की मौत, आग लगाकर आत्महत्या करने की आशंका

मुंबई। फिल्ममेकर संतोष गुप्ता की पत्नी अस्मिता गुप्ता और बेटी सृष्टि गुप्ता की जलकर मौत हो गई। रिपोर्ट्स हैं कि उन्होंने खुद को आग लगाकर जान दी है। पड़ोसियों को जब आग लगने की खबर हुई तो फायर ब्रिगेड को सूचना दी। इसके बाद अस्मिता और सृष्टि की आत्महत्या के कयास लगाए जाने लगे। वहीं आग घटना के तुरंत बाद दोनों को फौरन अस्पताल ले जाया गया लेकिन बचाया नहीं जा सका। संतोष गुप्ता की पत्नी और बेटी को कूपर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। रिपोर्ट की मानें तो यहां पर संतोष की पत्नी अस्मिता को मृत घोषित कर दिया गया। वहीं इसके बाद 70 प्रतिशत तक जल चुकी उनकी बेटी सृष्टि बर्न सेंटर में भेजा गया, यहां पर इलाज के दौरान सृष्टि की भी मृत्यु हो गई। मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि संतोष की पत्नी अस्मिता किडनी से जुड़ी बीमारी से परेशान थी। काफी समय से वो तकलीफ में थीं, बेटी से मां की ये तकलीफ देखी नहीं जा रही थी। माना जा रहा है कि इसी वजह के चलते दोनों ने ये आत्मदाह का कदम उठाया है।

 

22-03-2021
आमिर खान की बेटी इरा को 25 इंटर्न्स की जरूरत, मिलेगी इतनी सैलेरी

मुंबई। एक्टर आमिर खान की बेटी इरा खान ने लोगों को मेंटल हेल्थ के प्रति जागरूक करने के लिए एक पहल की है। उन्होंने जॉब वैकेंसी निकाली है, जिसकी पूरी डिटेल उन्होंने अपने इंस्टा स्टोरी पर डाली है। मेंटल हेल्थ से जूझ रहे लोगों की सहायता के लिए इरा का यह कदम काफी सराहनीय है। इरा ने पोस्ट में यह भी बताया है कि यह काम कब शुरू होने वाला है और इच्छुक कैंडिडेट कहां अप्लाई कर सकते हैं। इरा ने बताला कि उन्हें 25 इंटर्न्स की जरूरत है। जो मेंटल हेल्थ में लोगों की मदद करने में इंटरेस्टेड हों। यह 1 महीने की इंटर्नशिप होगी, जिसमें कैंडिडेट को 5000 सैलरी भी दी जाएगी। हीरा को देशभर के अलग-अलग राज्यों से इंटर्न्स की जरूरत है ताकि वह हर भाषा के लोगों की मदद कर सकें। इंटर्न का काम जरूरतमंद को कॉल करना और ईमेल के जरिए उनसे संपर्क करना होगा। यह 8 घंटे की शिफ्ट है जो कि 22 मार्च से शुरू हो चुकी है। अपने इस पोस्ट में इरा ने एक ईमेल आईडी भी मेंशन की है, जिसमें इच्छुक कैंडिडेट इंटर्नशिप के लिए अप्लाई कर सकते हैं। इरा ने ऐसे लोगों से भी आवेदन मांगा है, जो यह काम के लिए मुफ्त में वॉलिंटियरिंग करने के इच्छुक हैं।

13-03-2021
हिंदी कविता संग्रह के​ लिए अनामिका को मिला साहित्य अकादमी पुरस्कार

पटना/रायपुर। बिहार की बेटी और हिंदी साहित्यकार अनामिका को वर्ष 2020 के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह  पुरस्कार उन्हें उनकी हिंदी कविता संग्रह 'टोकरी में दिगन्त : थेरीगाथा' के लिए दिया गया है। अनामिका हिंदी कविता संग्रह के लिए यह पुरस्कार पाने वाली देश की पहली महिला साहित्यकार बन चुकी हैं। साथ ही अनामिका यह पुरस्कार पाने वाली बिहार की तीसरी साहित्यकार भी बन चुकी हैं। इसके पहले यह पुरस्‍कार रामधारी सिंह दिनकर और अरुण कमल को मिला है। बता दें कि अनामिका बिहार के मुजफ्फरपुर की रहने वालीं है। उन्होंने दिल्ली विश्‍वविद्यालय से अंग्रेजी साहित्य में एमए किया हैं। अनामिका ने वहीं से डॉक्‍टरेट भी की है। अंग्रेजी की उच्‍च शिक्षा के बावजूद उनका हिंदी प्रेम उन्‍हें इसके पहले राजभाषा परिषद पुरस्कार, साहित्य सम्मान, भारत भूषण अग्रवाल तथा केदार सम्मान मिल चुका है।

17-02-2021
सुकमा जिले में शुरू हुआ वैक्सीनेशन का दूसरा दौर, बेटी ने लगवाया मां से कोरोना टीका

सुकमा। जिले में टीकाकरण का दूसरा डोज लगना शुरू हो चुका है। जिन स्वस्थ कर्मियों ने कोरोना से बचाव के लिये पहली डोज ली थी उन्हें अब दूसरी डोज दी जा रही है। नियमानुसार पहला टीका लगने के 28 दिन बाद दूसरी डोज दी जानी है। टीकाकरण अभियान में कोरोना वैक्सीन लगाने का कार्य 16 जनवरी से शुरू हुआ था। वर्तमान में जिले में कुल 11637 लाभार्थियों को टीका लगाने के लिए पंजीकृत किया गया है। सीएमएचओ सीपी बंसोड़ ने बताया, कोविड टीका सभी प्रक्रिया से गुजरने का बाद ही स्वीकृत की गई है और पूर्णतया सुरक्षित है। चरणवार तरीके से इसे सभी को उपलब्ध कराने की सरकार की योजना है । जिले में अब तक 2595 लाभार्थियों ने पहले डोज का टीका लगवा लिया है जबकि 256 लाभार्थियों को दूसरे डोज का टीका दिया गया है। टीका लगवाने वाले लाभार्थियों की संख्या कम होने का प्रमुख कारण धात्री व गर्भवती महिलाओं का टीका नही लगवाना है, केंद्र सरकार से मिले निर्देशों के अनुसार वर्तमान में उन्हें टीका नहीं लगाया जा रहा है। इसके अलावा ऐसे लाभार्थी जिन्हें एलर्जी की समस्या हो, उन्हें भी कोरोना का टीका नही लगाया जा रहा है।  टीकाकरण के बाद कोई असुविधा या बेचैनी महसूस होती है तो निकटतम स्वास्थ्य अधिकारी एएनएम या मितानिन को सूचित करें । करोना अनुरूप व्यवहारों का पालन याद रखें जैसे कि मास्क पहनना, हाथ की सफाई और शारीरिक दूरी को बनाए रखना जो कम से कम 6 फीट या दो गज की हो। जिले में एक क्षण ऐसा भी आया जब एक मां ने अपनी बेटी को कोरोना का टीका लगाया।  जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तोंगपाल में पदस्थ महिला स्वास्थ्यकर्ता लक्ष्मी मंडल ने अपनी पुत्री मनीषा मंडल को टीका लगाया।

यह पल दोनों के लिये मार्मिक और स्नेहभरा था। जिले में चल रहे टीकाकरण में स्वास्थ्यकर्मी के बाद अन्य विभाग के कर्मचारियों को भी टीके लगाए जा रहे हैं। ऐसे में राजस्व विभाग में पदस्थ मनीषा ने अपनी बारी आने पर कोरोना का टीका लगवाया। मनीषा ने बताया, अपनी माँ से कोरोना टीका लगवाकर मैं बहुत गौरवान्वित महसूस कर रही हूं। कोरोना से बचाव के लिये यह टीका बहुत जरूरी है। जब मुझे यह वैक्सीन लगाया जा रहा था तो इसे लेकर कोई डर या घबराहट नहीं थी। कुछ ही सेकंड में यह वैक्सीन लग भी गई। टीका लगवाने के बाद मुझे किसी प्रकार की कोई तकलीफ नहीं हुई है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में टीकाकरण के लिए कुल 17 केंद्र बनाए गये है,जिनमें अबतक 126 सेशन हुए। सुकमा के कुल 3 ब्लॉक मे सर्वाधिक छिंदगढ़ में 1804 लाभार्थियों को टीके लगाए गए हैं वहीं कोंटा ब्लॉक में 1215 और सुकमा में 1197 लोगो ने टीके लगवाए।

15-02-2021
प्रेमी ने उतारा प्रेमिका और उसकी बेटी को मौत के घाट, लाश फेंक दी सीवर में, रह रहे थे लिव-इन में

गांधीनगर। गांधीधाम में एक 37 वर्षीय व्यक्ति ने कथित तौर पर अपनी लिव-इन पार्टनर व उसकी नाबालिग बेटी की झगड़े के बाद सिर पर डंडे से वार कर हत्या कर दी। इतना ही नहीं, शख्स ने हत्या करने के बाद मृतकों के शव को गुजरात के कच्छ जिले में एक सीवर में फेंक दिया। पुलिस ने आरोपी की पहचान संजय सिंह के रूप में की है। पुलिस को जानकारी मिली है कि 10 साल पहले संजय की जान-पहचान अपने पड़ोस में ही रहने वाली महिला से हो गई थी। पुलिस के अनुसार, उस समय महिला के वैवाहिक जीवन में अपने पति के साथ विवाद चलता रहता था। ऐसे में वह 2009 में पति का घर छोड़कर अपनी दो बेटियों को लेकर आरोपी संजय के घर लिव-इन पार्टनर के तौर पर रहने लगी। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पेशे से प्लंबर संजय को दो लोगों की हत्या के आरोप में रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया है। तीन दिन पहले वह अपनी 41 वर्षीय लिव-इन पार्टनर और उसकी 13 साल की बेटी को अपनी मोटरसाइकिल से पास के जंगल में ले गया और वहीं पर उनके सिर पर डंडे से कई बार वार किया, जिससे उनकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपी ने दोनों के शव को एक सीवर में फेंक दिया।
पुलिस ने बताया कि नाबालिग लड़की का शव रविवार को बरामद किया गया, जबकि उसकी मां का शव सोमवार को गांधीधाम शहर के पास सीवर लाइन से मिला। पुलिस अधिकारी ने कहा, "हमने सीवर लाइन से शवों को बाहर निकालने के लिए नगर पालिका की मदद ली।"
पुलिस अधिकारी ने यह भी बताया कि मामले में महिला की 20 वर्षीय बड़ी बेटी ने अपनी शिकायत में कहा कि हाल ही में उसकी मां को सिंह के दूसरी महिला के साथ संबंध होने के बारे में पता चला था। एफआईआर के अनुसार, सिंह अपने लिव-इन पार्टनर के साथ लगभग रोजाना छोटे-छोटे मुद्दों पर लड़ाई-झगड़े करता था।
अधिकारी ने कहा, ‘12 फरवरी को आरोपी महिला और उसकी छोटी बेटी को किसी काम के लिए पास के गांव में चलने के लिए कहा। इसके बाद वह मां-बेटी को जंगल में ले गया और वहीं पर उन्हें मार डाला। 

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