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13-08-2019
निर्माणाधीन स्काईवॉक के लिए बनी सामान्य सुझाव समिति की हुई बैठक 

रायपुर। रायपुर ग्रामीण  विधायक सत्यनारायण शर्मा की अध्यक्षता में मंगलवार को सिविल लाइन स्थित नवीन विश्राम भवन में रायपुर शहर के शास्त्री चौक में निर्माणाधीन फुट ओव्हरब्रिज (स्काईवॉक ब्रिज) की उपयोगिता अथवा वैकल्पिक उपयोग के संबंध में सुझावों पर चर्चा के लिए राज्य शासन द्वारा गठित सामान्य सुझाव समिति की बैठक हुई। यह समिति की पहली बैठक थी। बैठक में रायपुर उत्तर के विधायक कुलदीप जुनेजा, रायपुर पश्चिम के विधायक  विकास उपाध्याय और नगर निगम रायपुर के महापौर प्रमोद दुबे, पूर्व महापौर   किरणमयी नायक सहित विषय विशेषज्ञ, इंजीनियर और बुद्धिजीवी वर्ग उपस्थित थे। बैठक में जनप्रतिनिधियों और सदस्यों ने अपने विचार और सुझाव समिति के समक्ष रखे, जिनमें स्काईवॉक के स्ट्रक्चर पर संभावित विभिन्न विकल्पों पर आवश्यक सुझाव भी दिए गए। समिति के अध्यक्ष सत्यनारायण शर्मा ने कहा कि इसकी आगामी बैठक इसी माह के 22 अगस्त को आयोजित होगी। इसके लिए सभी सदस्यों को चर्चा के अनुसार तैयारी के साथ उपस्थित होने के लिए कहा गया है। उल्लेखनीय है कि राजधानी रायपुर में निर्माणाधीन स्काई वॉक की उपयोगिता अथवा अन्य वैकल्पिक उपयोग के संबंध चर्चा के लिए राज्य शासन द्वारा वरिष्ठ विधायक सत्यनारायण शर्मा की अध्यक्षता में 22 सदस्यीय सामान्य सुझाव समिति गठित की गई है। इसी प्रकार मुख्य सचिव सुनील कुजुर की अध्यक्षता में 25 सदस्यीय तकनीकी सुझाव समिति का भी गठन किया गया है। आज की बैठक में रायपुर कलेक्टर एस. भारतीदासन, नगर निगम आयुक्त शिव अनंत तायल और विद्वजन जितेन्द्र बरलोटा, कन्हैया अग्रवाल, राजेन्द्र जैन, वास्तुविद आरके गुप्ता, सुबोध बागरेचा, ऋषभ लूनिया, रविन्द्र केशरवानी, आनंद सिंघानिया, शैलेष वर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात एमआर मण्डावी, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता डीके अग्रवाल, आर्किटेक्ट संदीप श्रीवास्तव,  स्वप्निल जग्गी, महाराष्ट्र मेट्रो के कार्यकारी निदेशक एनके सिन्हा, डॉ. एमपी रामनिवास, नगर निगम रायपुर के अधीक्षण अभियंता बीएल अग्रवाल उपस्थित थे।

 

11-08-2019
विधायक विकास उपाध्याय और कन्हैया अग्रवाल ने स्काईवॉक का किया निरीक्षण 

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की ओर से स्काईवॉक की उपयोगिता के लिए परामर्श लेने के लिए गठित समिति के सदस्य रायपुर पश्चिम के विधायक विकास उपाध्याय और कन्हैया अग्रवाल ने आज रविवार शाम कांग्रेसजनों के साथ तहसील ऑफिस के पास से स्काईवॉक के अर्ध निर्मित स्ट्रक्चर में चढ़कर निरीक्षण किया।  समिति की बैठक में सदस्यगण निरीक्षण की रिपोर्ट के साथ ही उपयोगिता पर सुझाव भी देंगे । विधायक उपाध्याय ने कहा कि जनता की गाढ़ी कमाई को स्काईवॉक जैसे प्रोजेक्ट में लगाया गया ,स्काई वॉक की उपयोगिता का सर्वे तक नहीं किया गया और भ्रष्टाचार के लिए योजना को अंजाम दिया गया । समिति के सदस्य कन्हैया अग्रवाल ने  स्काईवॉक निर्माण की गुणवत्ता पर प्रश्नचिन्ह लगाते हुए कहा कि ऐसा ना हो कि एक्सप्रेस-वे की तरह यह भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़े और दुर्घटना का कोई शिकार हो । उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार सभी से सुझाव लेकर अंतिम निर्णय लेगी ।  बता दें कि प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्काईवॉक की उपयोगिता पर परामर्श के लिए शहर के जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, वास्तुविद और अफसरों की कमेटी वरिष्ठ विधायक सत्यनारायण शर्मा की अध्यक्षता में बनाई है। स्काईवॉक पर रोक के साथ प्रदेश सरकार द्वारा जनता, वास्तु इंजीनियर,ट्रैफिक एक्सपर्ट,लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों सहित प्रशासनिक अफसरों की कमेटी से सुझाव लिए हैं।

 

26-07-2019
स्काईवॉक पर आज पेश होगी रिपोर्ट 

रायपुर। शहर के अंदर निमार्णाधीन स्काईवॉक के उपयोग को लेकर राज्य शासन द्वारा गठित जांच समिति 30 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप देगी। ज्ञात हो कि स्कॉय वॉक का भविष्य तय करने के लिए गठित 25 सदस्यीय टीम ने अपना काम शुरू कर दिया है। राज्य सरकार ने दो प्रमुख बिंदुओं के आधार पर आंकलन और निरीक्षण शुरू कर दिया है। प्रथम बिंदु यह है कि इस स्काईवॉक की कितनी उपयोगिता है? दूसरा यह कि यदि इसे तोड़ा गया तो इसके ढांचे का उपयोग किस कार्य के लिए किया जा सकता है? इन प्रमुख दो बिंदुओं के आधार पर अब जांच समिति अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी और राज्य शासन को रिपोर्ट सौंपेगी। ज्ञात हो कि भाजपा शासनकाल में 70 करोड़ की लागत से स्काईवॉक का निर्माण किया जा रहा था। सत्ता परिवर्तन के बाद पिछले 6 माह से इसका निर्माण कार्य पूरी तरह से ठप है। शहर के लोगों, व्यपारिक संगठनों और तकनीकी विशेषज्ञों की राय से स्काईवाक पर फैसला होना है। अब सिर्फ  तकनीकी विशेषज्ञों की राय बाकी है। इस मसले पर मुख्य सचिव सुनील कुमार कुजूर की अध्यक्षता में 25 सदस्यों की समिति बनाई गई है।

11-06-2019
भाजपा स्काईवॉक निर्माण एजेंसी के प्रवक्ता की तरह बयानबाज़ी देना बंद करें: कांग्रेस

रायपुर। भाजपा ने स्काईवॉक तोड़े जाने के फैसले पर सरकारी धन की बर्बादी कहा है, इस बयान पर तीखा पलटवार करते हुए छत्तीसगढ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता घनश्याम राजू तिवारी ने कहा कि स्काई वाक निर्माण के समय जनता विरोध कर रही थी भाजपा मौन थी? अब जनता ने स्काईवाक को अनुचित अनुपयोगी मान कर सरकार से हटाने की मांग कर रही है तब भाजपा फिर जनता की भावना का विरोध कर रही है। भाजपा बतायें जब जनता ने स्काईवाक का विरोध किया तब जनता की गाढ़ी कमाई सिर्फ कमीशनखोरी, भ्रष्टाचार करने खजाने से निकाले ? भाजपा को तो राजधानी की जनता से स्काईवाक निर्माण की गलती के लिये माफी मांगना चाहिए, लेकिन भाजपा स्काईवॉक निर्माण एजेंसी के प्रवक्ता की तरह बयानबाज़ी कर रही है। कांग्रेस की सरकार ने जनहित में फैसला लिया है। प्रदेश भाजपा को क्या पता जो पिछले 15 वर्षों तक जनहित के विपरीत कार्य करते रहे और जनता की गाढ़ी कमाई का भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी करते रहे।
प्रवक्ता घनश्याम राजू तिवारी ने कहा है कि भाजपा के भ्रष्टाचार कमीशनखोरी के स्मारिका बन चुके स्काईवॉक का निर्माण शुरूआत से ही पूर्णता जनविरोधी निर्णय रहा है, जिसका अनेक सामाजिक संगठन एवं शहर के प्रबुद्धजनों ने कड़ा प्रतिरोध किया है मगर सत्ता के अहंकार में डूबी भारतीय जनता पार्टी और उनके मंत्री जन भावनाओं का अनादर करते रहे और यह करोड़ों रुपए स्काईवाक के निर्माण पर खर्च कर भ्रष्टाचार करते रहे। भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता स्काई वाक निर्माण के जनविरोधी निर्णय के खिलाफ मुखबधिर बने रहे, वही आज जनहित के फैसलों के आधार पर कांग्रेस सरकार के द्वारा लिए जा रहे निर्णय पर दिखावे की बयानबाजी कर विरोध कर रहे है। भाजपा का यह विरोध दिखावा मात्र ही है।

10-06-2019
सरकार की सोच रचनात्मकता से प्रेरित नहीं है : संजय श्रीवास्तव 

 

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने राजधानी में स्काईवॉक को लेकर प्रदेश सरकार के नजरिए को जनविरोधी और जन-धन का अपव्यय बताया है। भाजपा प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने कहा कि स्काईवॉक प्रदेश की जनता की गाढ़ी कमाई से बन रहा है और उसमें करोड़ों की  लागत लग चुकी है, तब उसे तोड़ने का विचार सरकार को कैसे और क्यों आ रहा है? क्या इसे तोड़ने से समस्या का कोई समाधान निकल जाएगा। क्या इसे तोड़ने में फिर करोड़ों रुपए का अपव्यय और आम आदमी की दिक्कतों में इजाफा नहीं होगा? श्रीवास्तव ने कटाक्ष किया कि दरअसल प्रदेश सरकार की सोच ही कुछ बनाने की रचनात्मकता से प्रेरित नहीं है, वह तोड़ने में ही विश्वास रखती है। जनकल्याणकारी योजनाओं को बंद करना, उनके नाम बदलना, निर्माण कार्यों को रोकना-तोड़ना ही मौजूदा सरकार की राजनीतिक संस्कृति व सनकमिजाजी का प्रमाण है। 

भाजपा प्रवक्ता श्री श्रीवास्तव ने कहा कि प्रदेश सरकार स्काई वॉक को तोड़ने के बजाय उसके और बेहतरीन उपयोग के विकल्प पर विचार करती और राजधानी की जनता से सुझाव मांगती तो शायद प्रदेश सरकार को कोई राह सूझती, लेकिन प्रदेश सरकार ने लोगों से इसे तोड़ने के लिए सुझाव मांगे हैं, जिसमें 15 लाख की आबादी वाली राजधानी में अब तक महज 76 सुझाव ही मिलने की बात लोनिवि अफसरों ने बताई है। जाहिर है राजधानी की जनता स्काईवॉक तोड़ने के पक्ष में कतई नहीं हैं। वस्तुत: प्रदेश सरकार इस मामले में भी झूठ का सहारा लेकर स्काईवॉक को तोड़ने के नापाक इरादे संजोए बैठी है और इसे तोड़ने के नाम पर जनमत की अभिव्यक्ति का प्रलाप कर रही है।

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