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11-06-2021
डीएपी खाद में राहत, झूठ बोल रही है प्रदेश सरकार : देवजी भाई पटेल

रायपुर। वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व विधायक देवजी भाई पटेल ने मुख्यमंत्री की घोषणा को सफेद झूठ करार दिया है। मुख्यमंत्री बघेल ने प्रदेश के किसानों को डीएपी खाद पर छूट देने की बात कही है, जो सरासर झूठा और जनता को दिग्भ्रमित करने वाला है। सच तो यह है कि केंद्र सरकार डीएपी खाद निर्माण के औसत उत्पादन की मूल्य वृद्धि,जिसमें अंतरराष्ट्रीय बाजार में खाद निर्माण के कच्चे माल की कीमत में वृद्धि के चलते 2400 रूपय की दर तय की गई उसमें 140 प्रतिशत सब्सिडी देकर देश के किसानों को राहत देने का प्रयास हुआ देश के किसानों के हित में 2400 रुपए के जगह 1200 रुपए में डीएपी खाद उपलब्ध कराने का निर्णय लिया,जो पूरे देश के किसानों की हित में है। जो सरकार ने सोसाइटी के माध्यम से 1800 रुपए में ही बेच कर केंद्र के निर्णय का उल्लंघन तो किया ही वही किसानों से जबरिया 600 रुपए अवैध वसूली भी शुरू कर दिया गया। प्रदेश के जिलों से 4-5 दिन पूर्व ही इस बात की भनक लगी,जिसका पुरजोर भाजपा ने किया। पटेल ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार खुलेआम किसानों को ठगने में लगी है। एक तरफ गोबर खरीदी का डिंडोरा पीट रहे है, वही अब किसानों को वर्मी खाद के आड़ में जबरिया खरीदने को मजबूर किया जा रहा है। जैविक खेती के आड़ में किसानों से ठगी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।  उन्होंने मुख्यमंत्री,कृषि मंत्री से मांग की है कि कलेक्टरों को निर्देशित करें कि किसानों को वर्मी खाद खरीदने के लिए बाध्य ना किया जाए। 

 

10-06-2021
सब्सिडी के बावज़ूद डीएपी खाद 18-19 सौ रुपए में बेचना अन्यायपूर्ण :साय

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने प्रदेश सरकार पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा है कि केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के लाभ से प्रदेश सरकार छत्तीसगढ़ के लोगों को वंचित रख रही है। धान के समर्थन मूल्य में केंद्र सरकार द्वारा की गई बढ़ोतरी के बाद साय ने कहा कि प्रदेश सरकार केंद्र द्वारा समर्थन मूल्य में की गई वृद्धि का लाभ सीधे किसानों को नहीं दिया जाना अन्यायपूर्ण है। इसी प्रकार केंद्र द्वारा सब्सिडी देने की घोषणा के बावज़ूद प्रदेश के किसानों को डीएपी खाद 12सौ के बजाय 18-19 सौ रुपए में दी जा रही है। प्रदेश सरकार अपने इन किसान और जनविरोधी कृत्यों की क़ीमत चुकाने के लिए तैयार रहे।


साय ने कहा कि प्रदेश सरकार ने 25सौ रुपए प्रति क्विंटल धान ख़रीदने का वादा किया था। केंद्र सरकार ने इस बीच तीन बार कृषि उपजों के समर्थन मूल्य में सम्मानपूर्ण बढ़ोतरी करके किसानों के हितों की चिंता की लेकिन प्रदेश सरकार इस बढ़े हुए समर्थन मूल्य की राशि को 25सौ रुपए में समाहित कर अपनी ओर से दी जाने वाली अतिरिक्त राशि में लगातार कटौती कर रही है, जिससे किसानों को बढ़े समर्थन मूल्य का सीधा लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों के साथ क़दम-क़दम पर छलावा कर रही प्रदेश सरकार एक ओर जहाँ अपने घोषित धान मूल्य का एकमुश्त भुगतान करने में हाँफ रही है, वहीं केंद्र सरकार की योजनाओं के लाभ से भी किसानों को वंचित कर रही है। पिछले सत्रों में केंद्र सरकार ने धान के समर्थन मूल्य में 200 रुपए की वृद्धि की है। साय ने मांग की कि अब प्रदेश सरकार आनुपातिक रूप से अगली फ़सल के लिए धान की क़ीमत 27 सौ रुपए प्रति क्विंटल कर उसके एकमुश्त भुगतान की घोषणा करे। इसी प्रकार अन्य फ़सलों की क़ीमतें बढ़ाई जाएँ।

साय ने कहा कि केंद्र सरकार ने किसानों की चिंता करके डीएपी खाद पर सब्सिडी की घोषणा की, जिसे लेकर कांग्रेस व प्रदेश सरकार के लोग अपने मुँह मियाँ मिठ्ठू बनकर वृथा गाल बजा रहे हैं, लेकिन प्रदेश सरकार छत्तीसगढ़ के किसानों को 12 सौ के बजाय 18-19 सौ रुपए में खाद दे रही है। समिति प्रबंधकों द्वारा किसानों को सब्सिडी का लाभ नहीं देकर सीधे-सीधे लूटा जाना और प्रदेश सरकार का इस पर चुप्पी साधे रहना इस बात का प्रमाण है कि केंद्र सरकार द्वारा किसानों को डीएपी पर दी गई सब्सिडी के लाभ से प्रदेश सरकार के इशारों पर वंचित रखने का शर्मनाक कृत्य किया जा रहा है।

28-05-2021
केंद्र का आदेश अब तक पहुंचा नहीं, बढ़ी हुई दर पर किसानों को थमाई जा रही खाद

रायपुर। डीएपी खाद के अचानक अप्रत्याशित रूप से बढ़ाए गए कीमत को ले किसानों में व्याप्त हो रहे आक्रोश से चिंतित केन्द्र सरकार ने अनुदान बढ़ोतरी कर कीमत पूर्ववत् रखे जाने की घोषणा कर दी है। लेकिन आदेश अभी तक नहीं पहुंचने से सोसायटियों की ओर से किसानों को यह खाद बढ़ी हुई दर 1850 रुपयेए प्रति बोरी पर थमाया जा रहा है। इसे ले किसानों व समिति कर्मियों के बीच तनातनी का माहौल उठ खड़ा हो‌ रहा है। किसान संघर्ष समिति के संयोजक भूपेन्द्र शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को मेल से ज्ञापन प्रेषित कर ध्यानाकृष्ट कराते हुए अविलंब आदेश जारी करवाने का आग्रह किया है, ताकि किसानों को राहत मिलने के साथ ही सोसायटियों पर भी अवांछित ब्याज का बोझ न बढ़े।

ज्ञातव्य हो कि बीते दिनों खाद निर्माता कंपनियों ने डीएपी खाद की कीमत में अचानक ही अप्रत्याशित वृद्धि कर दी थी, जिसके चलते बीते बरस 1200 रुपए में मिलने वाले इस खाद के कट्टे के लिए किसानों को इस साल 1850 रुपए का भुगतान करना पड़ता। इसे लेकर किसानों में काफी आक्रोश व्याप्त हो चला था। किसानों के आक्रोश के मद्देनजर प्रधानमंत्री के अगुवाई में आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद इस खाद पर सब्सिडी को तकरीबन 140 प्रतिशत बढ़ा 1200 रुपए करने का निर्णय लिया लिया गया ताकि किसानों को पूर्ववर्ती कीमत पर ही खाद मिल सके और इस वजह से पूर्व में दी जाने वाली अनुदान की राशि 500 रुपए से बढ़कर 1200 रुपए हो‌ गई।

केंद्र सरकार के सूत्रों के अनुसार व्यापक किसान हित में लिए गए इस फैसले से केंद्र पर करीबन 14775 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार पड़ा है। बहरहाल प्रदेश में प्रति वर्ष अप्रैल माह से खाद का‌‌ अग्रिम उठाव योजना शुरू हो जाता है, ताकि किसान पहले से खाद उठा ले और गोदामों में खाद भरा जा सके, जिससे किसानों को खाद मिलने में कोई दिक्कत न आए। इस वर्ष कोविड 19 के सक्रमण के चलते लॉकडाउन की वजह से खाद का‌‌ उठाव बीते कुछ दिनों से ही शुरू हो पाया है पर केन्द्र सरकार द्वारा खाद की कीमत पूर्ववत् रखे जाने संबंधी घोषणा के परिप्रेक्ष्य में अभी तक आदेश नहीं पहुंचने से सोसायटियों द्वारा बढ़ी हुई दर पर ही किसानों को खाद मुहैय्या कराया जा रहा है। इसकी वजह से रोजाना सोसायटियों में किसानों व कर्मियों के बीच तनातनी का माहौल दिख रहा है। शर्मा ने जानकारी दी कि इन समितियों द्वारा बैंक से कर्ज ले किसानों को खाद मुहैय्या कराया जाता है और आदेश न मिल पाने की वजह से इन समितियों को अनावश्यक रूप से अंतर की राशि का अवांछनीय ब्याज बैंक को अदा करना पड़ेगा । उन्होंने किसानों व समितियों के व्यापक हित में तत्काल आदेश जारी करवाने का‌ आग्रह किया है ।

27-05-2021
किसानों को अब 1200 रुपए बोरी में मिलेगी डीएपी खाद,निर्देश जारी 

रायपुर । राज्य के किसानों को अब डीएपी उर्वरक 1200 रुपए  प्रति बोरी की दर पर प्रदान की जाएगी। यह जानकारी छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ के महाप्रबंधक ने दी है। उन्होंने बताया है कि भारत सरकार की ओर से डीएपी उर्वरक पर 20 मई से सब्सिडी बढ़ाए जाने के कारण खाद की बढ़ी हुई कीमत में कमी आई है।  डीएपी उर्वरक निर्माता कंपनियों की ओर से खाद के दाम में एकाएक  प्रति बोरी लगभग 900 रुपए की वृद्धि किए जाने के कारण इसका दाम 1200 रुपए प्रति बोरी से बढ़कर लगभग 1900 रुपए  प्रति बोरी हो गया था, जो सरकार की ओर से सब्सिडी बढ़ाए जाने के कारण फिर से घटकर 1200 रुपए प्रति बोरी हो गया है । खरीफ सीजन 2021 के लिए राज्य में डीएपी उर्वरक की आपूर्ति के लिए छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ की ओर से आमंत्रित निविदा में निर्माता कंपनियों की ओर से प्रति बोरी डीएपी खाद की सप्लाई के लिए 1800 रुपए से लेकर 2026 रुपए की दर दी गई थी । राज्य स्तरीय उर्वरक क्रय समिति की ओर से राज्य में डीएपी उर्वरक की उपलब्धता तय करने के लिए प्रदायकों से 1800 से लेकर 1950 रुपए एमआरपी प्रति बोरी की दर से डीएपी क्रय करने का निर्णय लिया गया था।  छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ के महाप्रबंधक ने बताया कि 20 मई 2021 से पूर्व प्रदायकों की ओर से राज्य को 30,119 मीट्रिक टन डीएपी उर्वरक की आपूर्ति की गई थी । उर्वरक की उक्त मात्रा पर अतिरिक्त सब्सिडी के संबंध में भारत सरकार से अभी दिशानिर्देश  प्राप्त नहीं हुआ है। सब्सिडी बढ़ाए जाने का निर्देश प्राप्त होते ही 20 मई से पूर्व प्रदायकों की ओर से प्रदान की गई डीएपी उर्वरक की उक्त मात्रा पर भी 1200 रुपए प्रति बोरी की नवीन दर लागू की जाएगी। छत्तीसगढ़ राज्य में 20 मई के बाद  प्रदायकों की ओर से प्रदाय की गई डीएपी उर्वरक की कीमत 1200 रुपए प्रति बोरी निर्धारित कर दी गई है। किसानों को 1200 रुपए प्रति बोरी में उपलब्ध  कराने के निर्देश दिए गए हैं।

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