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14-05-2020
ड्राइवर, हेल्परों को रिहायशी इलाकों में जाने से रोकने खदान क्षेत्रों में तीन डम्पिंग यार्ड शुरू

कोरबा। दीपका-गेवरा-कुसमुंडा कोयला खदानों के रिहायशी इलाकों में बाहर के ड्राइवरों और हेल्परों की आवाजाही रोकने के लिए तीन सर्व सुविधायुक्त डम्पिंग यार्ड शुरू हो गए हैं। दीपका क्षेत्र में सिरकी मोड़ गांधी मैदान में गेवरा क्षेत्र में हेलीपेड मैदान और कुसमुंडा क्षेत्र में लक्ष्मण मैदान में यह तीनों डम्पिंग यार्ड तैयार किये गये है। इन डम्पिंग यार्डों में कोल परिवहन करने वाले लगभग एक हजार वाहनों को खड़े करने की सुविधा विकसित की गई है। पिछले दिनों कलेक्टर किरण कौशल और एसपी अभिषेक मीणा ने इन डम्पिंग यार्डों में विकसित की गई सुविधाओं और व्यवस्थाओं का निरीक्षण भी किया था। इन डम्पिंग यार्डों में ड्राइवर,हेल्परों के लिए पीने के पानी,शौचालय, स्नानागार सहित वाहनों की मरम्मत के लिए गैरेज भी शुरू हो गये हैं। तीनों यार्डों में ड्राइवर, हेल्परों की भोजन व्यवस्था के लिए पार्सल सुविधा भी शुरू की गई है। यार्ड में ही भोजन बनाने वाले रसाइयों का चिन्हांकन कर उन्हें सुविधा उपलब्ध कराई गई है। रसोइये भोजन बनाकर निर्धारित दर पर ड्राइवर, हेल्परों को भोजन के पार्सल उपलब्ध करा रहे हैं। डम्पिंग यार्ड बन जाने से अब ड्राईवर, हेल्परों को सभी सुविधाएं एक ही जगह पर मिल जा रही है। इससे खदान के रिहायशी इलाकों और बस्तियों में बाहर से आए ड्राइवर, हेल्परों की आवाजाही नियंत्रित हो गई है।ड्राइवरों ने एक ही स्थान पर रूकने, खाने-पीने के साथ-साथ नहाने और शौचालय की व्यवस्था मिल जाने पर कलेक्टर का आभार जताया। रायगढ़ से कोयला लेने आये एक ड्राइवर ने  कहा कि पहले गाड़ी लेकर आने पर सड़क किनारे खड़ा करके खाने-पीने, नहाने के लिए अलग-अलग भटकना पड़ता था।

अब एक जगह पर व्यवस्था हो जाने से काफी आसानी हो गई है। प्रशासन द्वारा यार्ड में गाड़ी लेकर आये सभी ड्राईवरों को मास्क लगाने, बार-बार हाथ धोने, सैनिटाइजर का उपयोग करने और अपनी ही गाड़ी में रहने की समझाइश दी जा रही है। किसी भी स्थिति में ड्राइवरों-हेल्परों को ढाबे पर बैठाकर खाना खिलाने की सख्त मनाही की गई है और केवल खाने के पार्सल ही उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गये हैं। डम्पिंग यार्ड में किसी भी तरह से शराब की उपलब्धता प्रतिबंधित करने के लिए भी पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गये हैं।उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन द्वारा कोल क्षेत्र में चलने वाले वाहनों के ड्राइवरों,कंडेक्टरों, हेल्परों से रिहायशी क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण फैलने की संभावना को देखते हुए विशेष सावधानी बरती जा रही है। कोल परिवहन करने वाली गाड़ियों को लेकर आने वाले बाहर के ड्राइवरों और हेल्परों से खदानों के आबादी क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण फैलने की रोकथाम के लिए डम्पिंग यार्डों में ही वाहन खड़े करने की व्यवस्था की गई है। कलेक्टर किरण कौशल ने इस के लिए विशेष टास्क फोर्स भी बनाई है।
दीपका, गेवरा, कुसमुंडा माईनिंग क्षेत्र के पास सघन आबादी वाली बस्तियां हैं। इन क्षेत्रों में कोयला परिवहन वाली गाड़ियों के साथ ड्राईवर, हेल्पर जैसे बाहरी लोगों का बड़ी संख्या में आवागमन प्रतिदिन होता रहता है। यह सभी कोल क्षेत्र के आसपास की बस्तियां कोरोना संक्रमण के लिए संवेदनशील जोन हो सकती है तथा इन गाड़ियों के परिवहन से कोरोना संक्रमण का फैलाव भी हो सकता है। इसलिए किसी भी स्थिति में कोयला परिवहन में लगी गाड़ियां बस्ती एवं बस्ती के आसपास क्षेत्र में खड़ी न हो और गाड़ियों के चालक-परिचालक आबादी क्षेत्र में अनावश्यक रूक कर रात्रि विश्राम तथा भ्रमण न करें, इसके लिए जरूरी इंतजाम किये जा रहे हैं। टास्क फोर्स के सदस्य इन कोल क्षेत्रों में प्रतिदिन पेट्रोलिंग करके हर एक स्थिति पर नजर रख रहे हैं।

 

07-04-2020
 कोरोना संक्रमण रोकने 1 लाख 85 हजार लोगों को मास्क और सेनेटाइजर बांटा

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशन पर कोरोना के संक्रमण की रोकथाम के लिए घोषित लाॅकडाउन में उत्पन्न परिस्थितियों के कारण प्रदेश के सभी जिलों में जरूरतमंद गरीबों, मजदूरों एवं निराश्रितों को छह अप्रैल को लगभग तीन लाख 31 हजार लोगों को निःशुल्क भोजन एवं राशन सामाग्री पहुंचाया गया हैं। इसके साथ ही कोरोना के संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए लगभग एक लाख 85 हजार गरीबों एवं असहायों को मास्क और सेनेटाइजर का वितरण किया गया। मुख्यमंत्री बघेल की अपील पर जरूरतमंदों की मदद के लिए राज्य सरकार एवं स्वयं सेवी संस्थानों द्वारा पूरे प्रदेश में जगह-जगह राहत शिविर के माध्यम से गरीबों, असहायों और निाराक्षितों को निःशुल्क भोजन, राशन, मास्क सेनेटाइजर आदि जररूरत की सामानों की व्यवस्था की जा रही है। प्रदेश में 6 अप्रैल को प्रदेश के सभी 28 जिलों में लगभग तीन लाख 31 हजार लोगों को निःशुल्क भोजन एवं राशन उपलब्ध कराने के साथ ही एक लाख  लाख 85 हजार लोगों को आवश्यक मदद एवं मास्क आदि का वितरण किया गया है।

राज्य शासन एवं समाजसेवी संस्थाओं के सहयोग से रायपुर जिले में 16 हजार 677 लोगों को निःशुल्क भोजन एवं राशन प्रदाय किए जाने के साथ ही उन्हें कोरोना संक्रामक बीमारी से सुरक्षित रखने के लिए मास्क एवं अन्य सामाग्री का वितरण किया गया है। इसी तरह सुकमा जिले में 10,657, राजनांदगांव में 15,217, रायगढ़ में एक हजार 669, बस्तर में 27 हजार 336,, कांकेर में 33 हजार 378, बीजापुर में 13 जशपुर में एक हजार 90, कोरिया में 21 हजार 372, सूरजपुर में तीन हजार 356, बालोद में दो हजार 652, कबीरधाम में 974, बलौदाबाजार में सात हजार 389, धमतरी में दो हजार 130, दुर्ग में एक लाख 08 हजार 362, महासमुंद में 831, बलरामपुर में पांच हजार 485, कोरबा में सात हजार 646, सरगुजा में दो हजार 261, जांजगीर-चांपा में एक हजार 636, बिलासपुर में छह हजार 90,  कोण्डागांव में दो हजार 82, दंतेवाड़ा में 24 हजार 287, बेमेतरा में 75, गरियाबंद में 14 हजार 318, नारायणपुर में 859, मुंगेली में 11 हजार 672, तथा गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में एक हजार 231 जरूरतमंदों को निःशुल्क भोजन, राशन एवं अन्य सहायता उपलब्ध कराई गई हैं।

25-03-2020
जरूरतमंदों की सहायता के लिए अमरजीत भगत देंगे एक महीने का वेतन

रायपुर। खाद्य एवं संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत ने कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए किए जा रहे उपायों और लागू लॉक डाउन के दौरान दैनिक मजदूरों और जरूरतमंदों की सहायता के लिए मुख्यमंत्री सहायता कोष में अपना एक महिने का वेतन देने की घोषणा की है। गौरतलब है कि कोरोना वायरस के सामुदायिक प्रसार को रोकने के लिये केंद्र सरकार द्वारा 21 दिनों तक के लिए देशव्यापी लॉक डाउन किया गया है। प्रदेश में लॉक डाउन के दौरान जरूरतमंदों और विभिन्न आवश्यकताओं के लिए राहत कोष की स्थापना की गई है। इस राशि से कोरोना वायरस के संक्रमण को दूर करने के लिए उपयोग में लाया जाएगा।

23-08-2019
प्रतिबंधित प्लास्टिक का उपयोग रोकने में व्यापारी दें सहयोग : आयुक्त राहुल देव 

कोरबा। आयुक्त राहुल देव ने आज नगर के व्यापारिक संगठनों व व्यवसायियों से आग्रह करते हुए कहा है कि वे प्रतिबंधित प्लास्टिक का उपयोग रोकने में अपना सहयोग दें, व्यापारीबंधु प्रतिबंधित प्लास्टिक से बनी सामग्रियों कैरीबैग्स आदि का उपयोग खाद्य पदार्थो या अन्य सामग्रियों के विक्रय के दौरान न करें, ग्राहकों को समझाइश दें कि वे घर से कपड़े व जूट आदि के थैले लेकर ही बाजार आएं। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक के दुष्प्रभावों से आप सब परिचित हैं, अत: पर्यावरण संरक्षण के लिए इस दिशा में अपनी मजबूत सहभागिता सुनिश्चित करें। प्रतिबंधित प्लास्टिक का उपयोग रोकने एवं कोरबा को प्लास्टिकमुक्त शहर बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए आज आयुक्त राहुल देव ने नगर पालिक निगम कोरबा के मुख्य प्रशासनिक भवन साकेत स्थित सभाकक्ष में चेम्बर आफ कामर्स, व्यापारी संघों व उनके प्रतिनिधियों की बैठक बुलाई। बैठक के दौरान उपस्थित प्रतिनिधियों व व्यवसायियों को संबोधित करते हुए आयुक्त देव ने आगे कहा कि प्लास्टिक प्रदूषण की समस्या एक गंभीर समस्या है, यह स्वास्थ्य के लिए अत्यंत घातक है, यदि इस समस्या के प्रति हम सजग न हुए तो भविष्य में इसके गंभीर परिणाम हमारे सामने होंगे। उन्होने कहा कि प्लास्टिक केमिकल सम्पूर्ण फूड चेन पर बुरा प्रभाव डालते हैं, प्लास्टिक निर्माण के दौरान निकलने वाली गैसें तथा अन्य अपशिष्ट अत्यंत घातक हैं, प्लास्टिक सड़ता-गलता नहीं है, प्रतिबंधित प्लास्टिक में रखा खाद्य पदार्थ अत्यंत हानिकारक स्वरूप धारण करता है, अत: हम सभी का यह दायित्व है कि हम प्रतिबंधित प्लास्टिक का उपयोग कदापि न होने दें। आयुक्त राहुल देव ने आगे कहा कि प्लास्टिक से बने कैरीबैग्स, पैकेट्स तथा अन्य सामग्रियां नालियों में जाम की स्थिति पैदा कर देती है तथा साफ-सफाई व्यवस्था पर अत्यंत बुरा प्रभाव पड़ता है, वहीं दूसरी ओर प्रत्येक वर्ष बहुत अधिक संख्या में मवेशियों की मौत भी प्लास्टिक निगलने के परिणाम स्वरूप हो जाती है जो दुखद स्थिति है। यदि हमें अपने पर्यावरण को बचाना है, वातावरण को स्वच्छ रखना है, शहर की साफ-सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाए रखना है तो प्लास्टिक उपयोग को रोकने की दिशा में स्वस्फूर्त अपनी-अपनी सहभागिता सुनिश्चित करनी होगी। बैठक के दौरान अपर आयुक्त अशोक शर्मा, उपायुक्त बीपी त्रिवेदी, स्वास्थ्य अधिकारी व्हीके सारस्वत, स्वच्छ भारत मिशन के नोडल अधिकारी डॉ. संजय तिवारी, चेम्बर आफ कामर्स के जनरल सेक्रेटरी मो. युनूस मेमन, विनोद कुमार सिन्हा, हरिराम गुप्ता, राकेश अग्रवाल, मोहनलाल अग्रवाल, अशोक कुमार अग्रवाल, कन्हैयालाल कलवानी, रामसेवक अग्रवाल, हाजी मो.अमीन सेठ, प्रशांत दसोरे, हितेन्द्र कुमार, लव कुमार साहू, अनिल कुमार, गजानंद प्रसाद अग्रवाल, दीपक अग्रवाल, महेश अग्रवाल, भैयालाल आदि के साथ अन्य व्यवसायी तथा निगम के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

 

17-08-2019
पत्नी जा रही थी देश छोड़कर, रोकने के लिए पति ने बताया फिदायीन

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने 8 अगस्त को विमान में बम की झूठी अफवाह के मामले में नसीरुद्दीन नामक के व्यक्ति को शनिवार को गिरफ्तार किया है। नसीरुद्दीन ने 8 अगस्त को विमान में बम होने की झूठी खबर दी थी। पुलिस के अनुसार 29 वर्षीय नसीरुद्दीन की पत्नी राफिया देश छोड़कर जाना चाहती थी। उसने अपनी पत्नी को रोकने के प्रयास में विमान में बम की झूठी इत्तला दी जिससे उसकी पत्नी विदेश नहीं जा सके। नसीरुद्दीन को बवाना से गिरफ्तार किया गया है। उसकी चेन्नई में बैग बनाने की फैक्ट्री है। उसने अपनी फैक्ट्री में काम करने वाली राफिया नाम की महिला से निकाह किया था जो अब उसे छोड़कर खाड़ी के देश में काम करने जाना चाहती थी। नसीरुद्दीन ने फोन पर बताया था कि राफिया फिदायीन है जो दुबई अथवा सऊदी अरब जाने वाली फ्लाइट को उड़ाएगी। इस फोन काल के बाद गुरुग्राम के उद्योग विहार में आपराधिक मामला दर्ज किया गया था।

 

13-05-2019
खेल मैदान में हो रहे अतिक्रमण को रोकने ग्रामीण पहुंचे कलेक्टर के पास 

अम्बिकापुर। अम्बिकापुर जिले के लुण्ड्रा विकासखंड के ग्राम देवरी ग्राम पंचायत छेरमुंडा में फुटबॉल खेल मैदान में अतिक्रमण की शिकायत लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीण आज कलेक्ट्रेट पहुंचे और अतिक्रमणकारी ग्रामीणों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम देवरी में महेश यादव पिता उन्ना यादव के नाम से प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुआ है। महेश यादव एवं सुनील तिवारी द्वारा फुटबॉल मैदान में जबरन आवास निर्माण किया जा रहा है। इसकी सूचना पूर्व में धौरपुर तहसील व अनुविभागीय अधिकारी अम्बिकापुर में की गई  जो लंबित है। बताया गया कि अनुविभागीय अधिकारी अंबिकापुर द्वारा फुटबॉल मैदान में आवास निर्माण से स्टे आदेश जारी किया गया है। महेश यादव के पास पट्टे की 0.75 एकड़ भूमि है और पूर्व में महेश यादव द्वारा शासकीय भूमि में 8 डिसमिल में घर बनाया गया है इसके पश्चात भी महेश यादव व सुनील तिवारी द्वारा फुटबॉल मैदान में जबरन आवास निर्माण करने का प्रयास किया जा रहा है। कलेक्टर के नहीं रहने पर ग्रामीणों ने आवेदन आवक जावक शाखा में  दिया। ज्ञापन सौंपने के दौरान गांव के रतन राय, रंजीत, सुभाष चंद्र, सीमल मींस, सहदेव, जवाहर, गुलाबी, शांति, पान मुनि, चंद्रमणि, आशामनी, सरिता, जस्टिन उर्मिला, सुगनी, बेला, सती सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

 

 

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