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08-09-2020
आज विश्व साक्षरता दिवस, बापू ने कहा था विकसित राष्ट्र की यही कल्पना पूरे देश को शिक्षित करना

रायपुर। 8 सितंबर यानी आज पूरी दुनिया विश्व साक्षरता दिवस के रूप में मनाती आ रही है। सन् 1966 में पहला विश्व साक्षरता दिवस मनाया गया था। इसके बाद वर्ष 2009-2010 को संयुक्त राष्ट्र साक्षरता दशक घोषित किया गया। तब से लेकर आज तक पूरे विश्व में 8 सितंबर को विश्व साक्षरता दिवस के रूप में मनाया जाता है। निरक्षरता को खत्म करने के लिए ‘अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस’ मनाने का विचार पहली बार ईरान के तेहरान में शिक्षा के मंत्रियों के विश्व सम्मेलन के दौरान साल 1965 में 8 से 19 सितंबर को चर्चा की गई थी।

वहीं 26 अक्टूबर, 1966 को यूनेस्को ने 14वें जरनल कॉन्फ्रेंस में घोषणा करते हुए कहा, हर साल दुनिया भर में 8 सितंबर को ‘अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा। बापू ने कहा था कि अनपढ़ बनकर कभी ना रहना। विकसित राष्ट्र की यही कल्पना, शिक्षित पूरे देश को करना। शिक्षित परिवार, सुखी परिवार। विश्व साक्षरता दिवस 2020 की बधाई।

08-09-2019
विश्व साक्षरता दिवस के अवसर पर शारदा चौक में सुनी गई ’लोकवाणी’

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रविवार को विश्व साक्षरता दिवस के अवसर पर रेडियो वार्ता ’लोकवाणी’ की दूसरी कड़ी ’शिक्षा और युवा’ विषय पर प्रदेश की जनता से रू-ब-रू हुए। शारदा चौक स्थित जयराम काम्पलेक्स परिसर में स्थानीय लोगों द्वारा लोकवाणी कार्यक्रम को सुना गया। लोकवाणी श्रोताओं में नगर निगम रायपुर के एमआईसी सदस्य विमल गुप्ता ने बताया कि राज्य के मुखिया के द्वारा शिक्षा के क्षेत्र और युवाओं को स्थानीय रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में जो पहल की जा रही है वो सराहनीय है। लोकवाणी कार्यक्रम को शारदा चौक पर बड़ी संख्या में आम लोगों द्वारा सुना गया। इन श्रोताओं में वार्ड के अरूण चन्दसोरिया ने बताया कि राज्य में शिक्षा के अधिकार कानून का पूर्ण क्रियान्वयन कर शिक्षित छत्तीसगढ़ बनाने का जो संकल्प लिया गया है उस ओर बढ़ाया गया यह सराहनीय कदम है। उन्होंने बताया कि सरकार के द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षा के स्तर को उठाने गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था के तहत स्कूलों में शिक्षकों की नई भर्ती का निर्णय, आज के आधुनिक युग की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए डिजिटल शिक्षा की ओर अग्रसर होना, स्थानीय लोगों को औद्योगिक क्षेत्रों में रोजगार में प्राथमिकता दिलाना जैसे महत्वपूर्ण कदम है।

अधिवक्ता सैय्यद हुसैन ने बताया कि राज्य में शिक्षकों की नई भर्ती से शिक्षा का स्तर ऊपर उठेगा। उन्होंने बताया कि हमारे बुजुर्गों ने समृद्ध देश-युवा देश की जो कल्पना की थी वह आज खरी उतरती नजर आ रही है। उन्होंने कहा कि आज पूरे भारतवर्ष में छत्तीसगढ़ राज्य की योजनाओं को अन्य राज्यों में काफी सराहना मिल रही है और इन योजनाओं को अपनाया जा रहा है। यह हम सब छत्तीसगढ़वासियों के लिए गर्व का विषय है। इसका सारा श्रेय राज्य के मुखिया भूपेश बघेल को जाता है। इस अवसर पर श्रोताओं में रमेश साहू, संदीप सिरमौर, अमित शर्मा, राजेश बघेल, गजेन्द्र साहू, दिलशाद हुसैन, अमरजीत सिहं अजमानी, रघुवीर सिंह, शेख अनीष, मनीष साहू, सजर खान सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे। 

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