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23-11-2020
बिना अधिग्रहण, मुआवजा किसानों की जमीन पर सड़क निर्माण, माकपा ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

कोरबा। किसानों की बिना सहमति और उनकी जमीन के अधिग्रण और मुआवजे के बिना प्रधानमंत्री सड़क योजना के अंतर्गत रजकम्मा से तानाखार तक बनाई जा रही सड़क के खिलाफ ग्रामीणों के पक्ष में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और छत्तीसगढ़ किसान सभा ने मोर्चा खोल दिया है। इस संबंध में ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन पोड़ी एसडीएम अरुण खलखो को सौंपकर सड़क निर्माण पर रोक लगाने की मांग की है। माकपा ने चेतावनी दी है कि प्रशासन द्वारा कार्यवाही न किये जाने पर ग्रामीण स्वयं ही सड़क निर्माण कार्य को रोकने का काम करेंगे।उल्लेखनीय है कि पोड़ी विकासखंड में शासन द्वारा राजकम्मा से तानाखार तक 25 किमी लंबी सड़क प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत बनाई जा रही है। यह सड़क दस से ज्यादा गांवों से गुजर रही है और सड़क के रास्ते सैकड़ों ग्रामीणों की निजी भूमि और भवन आ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इस सड़क निर्माण के लिए उनकी भूमि जबरन छीनी जा रही है, क्योंकि न तो उनकी भूमि का अधिग्रहण हुआ है और न ही कोई मुआवजा अभी तक मिला है। अभी तक कृषि भूमि पर खड़े सैकड़ों कीमती पेड़ काट दिए गए हैं। बहुत से ग्रामीणों को अपना मकान छीने जाने का खतरा भी सता रहा है।

लेकिन पूरी योजना के बारे में न तो कोई अधिकारी और न ही कोई जन प्रतिनिधि सही जानकारी देने के लिए तैयार है।माकपा जिला सचिव प्रशांत झा, छग किसान सभा के नेता प्रताप दास, जवाहर सिंह कंवर व एकता परिषद के मुरली संत के नेतृत्व में ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल ने पोड़ी एसडीएम से भेंट की, जिनमें नान दास, रामकुमार सिन्द्रम, धुरऊ दास, भूपेंद्र दास, जयंत सिंह पोर्ते, देवकुमार निर्मलकर, उमेंद्र सिंह, बुधराम दास, करम पाल चौहान, संतोष कुमार उइके आदि शामिल थे। ग्रामीणों ने बिना अधिग्रहण, बिना मुआवजा के हो रहे इस सड़क निर्माण को अवैध करार देते हुए इस पर तुरंत रोक लगाए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि इस क्षेत्र में पांचवीं अनुसूची के प्रावधान व पेसा कानून लागू है। अतः बिना ग्रामीणों की सहमति के कोई निर्माण कार्य नहीं हो सकता। उन्होंने सड़क निर्माण योजना को सार्वजनिक करने की भी मांग की है, ताकि सभी ग्रामीणों को पता चले कि उनकी कितनी भूमि सड़क निर्माण में जा रही है।  इस सड़क निर्माण के बारे में एसडीएम ने भी अपनी अनभिज्ञता जाहिर की है और संबंधित अधिकारियों को बुलाकर, उनसे जानकारी लेने के बाद सकारात्मक कार्यवाही करने का आश्वासन माकपा और किसान सभा को दिया है। एसडीएम खलखो को ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने इस अवैध निर्माण पर रोक नहीं लगाया तो इस क्षेत्र के ग्रामीण सड़क पर उतरकर इस निर्माण कार्य को रोकेंगे। उन्होंने मांग की है कि पहले भूमि का अधिग्रहण किया जाए, इस भूमि और इस पर खड़े मकान और पेड़ों के मुआवजे दिए जाएं, उसके बाद ही सड़क निर्माण की अनुमति दी जाएगी।

 

08-11-2020
माकपा करेगी घाटमुड़ा विस्थापितों के लिए आंदोलन 

कोरबा। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने गंगानगर ग्राम में बसाए गए घाटमुड़ा के विस्थापित परिवारों की मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है। माकपा जिला सचिव प्रशांत झा के साथ किसान सभा नेता जवाहर सिंह कंवर, रामायण कंवर, दीपक साहू, संजय यादव आदि ने एसईसीएल के गेवरा क्षेत्र के महाप्रबंधक को 20 नवम्बर को गेवरा मुख्यालय के घेराव की चेतावनी  दी। ज्ञापन सौंपा कर मांग कि अधिग्रहण के बाद लंबित रोजगार प्रकरणों का तत्काल निराकरण किया जाए। विस्थापित परिवारों को गंगानगर की कब्जा भूमि पर अधिकार पत्र और भूविस्थापित होने का प्रमाण पत्र दिए जाए, अवैध कब्जा बताकर की गई तोड़-फोड़ का मुआवजा देने, पुनर्वास ग्राम गंगानगर में स्कूल-अस्पताल, बिजली-पानी, गौठान, मनोरंजन गृह, श्मशान घाट जैसी बुनियादी मानवीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए और उन्हें विभागीय अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

22-09-2020
Video: नोटिस का जवाब पदयात्रा से, ग्रामीणों ने नोटिस दहन करके दी सामूहिक चेतावनी

कोरबा। अवैध कब्जा हटाने की नोटिस से आहत कोरबा निगम क्षेत्र के गंगानगर ग्राम के सैकड़ों ग्रामीणों ने भारी बारिश के बावजूद आज मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, छत्तीसगढ़ किसान सभा और जनवादी महिला समिति के नेतृत्व में पदयात्रा निकाली। कोरोना महामारी के चलते हुए लॉक डाउन के कारण पुलिस ने इस पदयात्रा को बीच रास्ते में रोका, तो इसके विरोध में ग्रामीण सड़क पर चक्का जाम करके बैठ गए। एसईसीएल के अधिकारियों को पदयात्रियों के पास पहुंचकर ज्ञापन लेना पड़ा। इन अधिकारियों की उपस्थिति में ही ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से नोटिस दहन किया और बेदखली की किसी भी कार्यवाही के खिलाफ बड़े आंदोलन की चेतावनी दी। इन ग्रामीणों के संघर्ष को अपना समर्थन देते हुए आसपास के गांवों के प्रतिनिधियों ने भी पदयात्रा में हिस्सा लिया।उल्लेखनीय है कि गंगानगर एक पुनर्वास ग्राम है,जिसे वर्ष 1980 में एसईसीएल द्वारा ही बसाया गया था। तब घाटमुड़ा की हजारों एकड़ जमीन कोयला खदान के लिए अधिग्रहित की गई थी और यहां के विस्थापित 75 परिवारों को 25 एकड़ का क्षेत्र बसाहट के लिए दिया गया था। उस समय ग्रामीणों ने आपसी सहमति से जमीन का बंटवारा कर लिया था। अब 40 साल बाद एसईसीएल इन विस्थापित परिवारों के घरों की चारदीवारी और सब्जी बाड़ी आदि को अवैध कब्जा बताते हुए बेदखली की नोटिस दे रहा है, जबकि ग्रामीण परिवारों की संख्या बढ़कर 200 से ज्यादा हो गई है। नोटिस पर अमल के बाद पुनः इन परिवारों के सामने गुजर-बसर और आवास की समस्या सामने आ जायेगी। ऐसे में कंवर आदिवासीबहुल इस गांव के लोगों ने अपनी भूमि से कब्जा न हटाने और बेदखली की किसी भी कार्यवाही के खिलाफ मिलकर लड़ने का फैसला किया है।


गंगानगर गांव से एक किमी चलने के बाद ही पदयात्रियों को पुलिस ने रोक लिया। पुलिस से झड़प के बाद विरोध स्वरूप सभी ग्रामीण सड़क पर ही धरना देकर बैठ गए और अपने गांव वापस लौटने से मना कर दिया। आवागमन रूकने से चक्का जाम की स्थिति पैदा हो गई। मजबूरन एसईसीएल के पर्सनल ऑफिसर वेंकटेश्वर लू और अमिताभ तिवारी नोटिस का जवाब लेने पहुंचे। ग्रामीणों ने इन अधिकारियों के सामने ही माकपा पार्षद राजकुमारी कंवर और सुरती कुलदीप के नेतृत्व में नोटिस का सामूहिक दहन करते हुए बड़े आंदोलन की चेतावनी दे दी है।माकपा जिला सचिव प्रशांत झा ने कब्जा हटाने की नोटिस को ही अवैध करार देते हुए कहा है कि यह नोटिस पुनर्वास के नाम पर विस्थापित ग्रामीणों के साथ क्रूर मजाक और धोखा है। उन्होंने कहा कि विस्थापित घाटमुड़ा गांव के लोगों को सामूहिक रूप से 25 एकड़ रकबा देने के बाद इस जमीन पर एसईसीएल का कोई हक नहीं बनता कि किसानों को अवैध कब्जा हटाने की नोटिस दें। उन्होंने मांग की है कि जिस ग्रामीण परिवार की जितनी जमीन पर कब्जा है, उसे उतनी भूमि का अधिकार-पत्र दिया जाए और शेष भूमि पर अपने सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत एसईसीएल बुनियादी मानवीय सुविधाओं का विकास करें।माकपा के नेतृत्व में ग्रामीणों और एसईसीएल के अधिकारियों के बीच सहमति बनी है कि ग्रामीणों के कब्जे की पूरी भूमि का नाप-जोख करके नापी की एक प्रति विस्थापित परिवार को भी दिया जाएगा।

इसके पूर्व जिन शौचालयों को तोड़ा गया है, उसका भी सर्वे करके मुआवजा दिया जाएगा। और लंबित नौकरीयो का निराकरण जल्द किया जाएगा ग्रामीणों ने इस सहमति पर काम न होने पर लॉक डाउन अवधि के बाद एसईसीएल मुख्यालय का घेराव करने की चेतावनी दी है।पदयात्रा के इस कार्यक्रम का नेतृत्व माकपा नेता प्रशांत झा, धनबाई कुलदीप, मनोहर, जनक, माकपा के दोनों पार्षद राजकुमारी कंवर, सुरती कुलदीप,जनवादी महिला समिति की नेता तेरस बाई, देव कुँवारी, शशि, जानकुंवर, छग किसान सभा के दीपक साहू, नंदलाल कंवर, जवाहर सिंह कंवर, सुराज सिंह,शत्रुहन दास, रामायण सिंह कंवर, संजय यादव, रघु, श्याम यादव,  तपेश्वर तथा सीटू नेता रामपूजन यादव व अभिजीत  आदि ने किया।

 

30-08-2020
माकपा ने की बारिश प्रभावित ग्रामीणों को राहत देने की मांग

कोरबा। जिले में  तीन दिन की बारिश के कारण ग्रामीण बस्तियां जलमग्न हो गई और गरीबों के कच्चे मकानों को काफी नुकसान पहुंचा है। साथ ही जल जनित बीमारियां फैलने की संभावना बढ़ गई है। वर्षा प्रभावित बस्तियों में कोरबा नगर निगम के अंतर्गत आने वाली मोंगरा बस्ती, बांकी बस्ती, पुरैना, मड़वाढोढा, गंगानगर और भैरोताल गांव आदि भी शामिल है। इस स्थिति से निपटने के लिए मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने वर्षा प्रभावित बस्तियों में ग्रामीणों को तत्काल राहत पहुंचाने की मांग की है।माकपा के कोरबा जिला सचिव प्रशांत झा ने बताया कि माकपा पार्षद सुरती कुलदीप और राजकुमारी कंवर के नेतृत्व में पार्टी के एक दल ने उक्त वर्षा प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया और वर्षा से हुई तबाही का जायजा लिया।

इस दल में किसान सभा नेता जवाहर सिंह कंवर, दिलहरण बिंझवार, आनंद, मोहपाल, श्याम सुंदर आदि भी शामिल थे। माकपा ने कहा कि वर्षा के कारण ग्रामीण घरों को नुकसान पहुंचा है और कई कच्चे मकान ढह गए हैं। माकपा सचिव झा ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र के दौरे के बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने इन गांवों के संबंधित पटवारियों से भी मुलाकात की है तथा इन गांवों में होने वाले नुकसान से अवगत कराया है और उनसे शासन के प्रावधानों के अनुसार तत्काल मुआवजा प्रकरण बनाने की मांग की है। माकपा ने इन गांवों और बस्तियों से तत्काल दूषित जल की निकासी, नालियों की सफाई और दवाईयों के छिड़काव की मांग निगम प्रशासन से की है। बारिश के कारण जिन घरों को नुकसान पहुंचा है, उन प्रभावित ग्रामीणों को तत्काल आर्थिक मदद दी जाएं।

24-08-2020
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने किया विरोध प्रदर्शन

कोरबा। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के केंद्रीय कमेटी के आह्वान पर देशव्यापी विरोध दिवस  20-26 अगस्त तक पूरे देश में गांव,तहसील,जिला स्तर पर आयोजित किया जा रहा है। सोमवार को भैरोताल में माकपा पार्षद सुरती कुलदीप,जनवादी महिला समिति राज्य संयोजक धनबाईं कुलदीप,सीटू नेता जनकदास कुलदीप,प्रतापदास महंत,तिलवा साहू,बबली साहू, दुकाला कंवर के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में किसान मजदूर शामिल हुए।

13-07-2020
भू धसान प्रभावितों को मुआवजा देने माकपा ने सौंपा कलेक्टर, एसईसीएल महाप्रबंधक को ज्ञापन

कोरबा। एसईसीएल बल्गी सुराकछार खदान में डीपिलरिंग के कारण हुए सुराकछार बस्ती में भू धसान से प्रभावितों को मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने उचित मुआवजा देने की मांग की है। जारी प्रेस विज्ञप्ति में माकपा जिला सचिव प्रशांत झा ने बताया कि डीपिलरिंग के कारण सुराकछार बस्ती के 50 से अधिक किसानों का कृषि योग्य भूमि भू धसान के कारण बुरी तरीके से बर्बाद हो गया। अब इस जमीन में भूधारक कोई कृषि कार्य नहीं कर पा रहे हैं। भूमि में दरारें इतनी गहरी है कि वह पूरी तरह तालाब,झील और खाई में तब्दील हो गया है। यह भू धसान का सिलसिला लगातार बढ़ते हुए अब गांव के नजदीक तक पहुंच गया है। इसके कारण गांव में कभी भी बड़ी दुर्घटना होने की आशंका से गांववासियों में भय का माहौल है।

माकपा प्रतिनिधि मंडल ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया प्रतिनिधिमंडल में प्रशांत झा,सुरती कुलदीप, राजकुमारी कंवर शामिल थे। पार्टी नेता ने प्रभावित किसानों को ब्याज सहित लंबित मुआवजा राशि का तत्काल भुगतान करने, भू धसान को रोकने के लिए और प्रभवित किसानों की भूमि को कृषि योग्य बनाने के लिए भूमि समतलीकरण करने और प्रभावितों के जमीन कृषि योग्य नहीं बनने की स्थिति में पुनर्वास नीति के तहत किसानों की भूमि अधिग्रहण करने की मांग करते हुए जिलाधीश,एसईसीएल मुख्य महाप्रबंधक एवं उप क्षेत्रीय प्रबंधक को ज्ञापन सौंपा है।

 

18-06-2020
कमर्शियल माइनिंग और कोल ब्लॉक को निजी हाथों में सौंपने के विरोध में माकपा ने किया प्रदर्शन

 कोरबा। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ कोरोना महामारी के राहत पैकेज के नाम पर फंड जुटाने देश के सार्वजनिक उद्योगों को बेचने का आरोप लगाते हुए एसईसीएल सुराकछार गेट के सामने विरोध प्रदर्शन किया।मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव प्रशांत झा ने कहा की मोदी सरकार देश की सार्वजनिक संपत्तियों को विनिवेशीकरण, निजीकरण करने जा रही है,आज से कोल ब्लाक की नीलामी की प्रक्रिया चालू कर रही है साथ ही कमर्शियल माइनिंग कर निजी मालिकों को कोयला खुले रूप से कोयला बेचने का अधिकार दे दी है,जिससे कोल इंडिया का अस्तित्व खत्म होने वाला है साथ ही श्रम कानूनों में परिवर्तन कर मजदूरों को गुलाम बनाने की साजिश की जा रही है।

माकपा 2 जुलाई से 4 जुलाई तक कोयला उद्योग में होने वाले देशव्यापी हड़ताल का समर्थन भी किया। माकपा पार्षद सुरती कुलदीप ने कहा की कोरबा जिले में भी घने जंगलों को उजाड़ कर आदिवासियों को जल जंगल जमीन से बेदखल करने पर्यावरण को खतम करने की साजिश कर देश को देशी विदेशी पूंजीपतियों का गुलाम बनाने की प्रक्रिया चालू कर दी है। आज एसईसीएल सुराकछार मेन गेट के सामने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, जनवादी महिला समिति सीटू ने मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन में जनवादी महिला समिति की प्रदेश संयोजक धनबाई कुलदीप,माकपा पार्षद राजकुमारी कंवर,हुसैन अली, जनकदास,रामचरन चंद्रा,लंबोदर,जवाहर सिंह कंवर, दिलहरण बिंझवार उपस्थित रहे।

 

31-05-2020
क्वारेंटाइन सेंटर में माकपा ने किया मास्क और हरी सब्जियां का वितरण

कोरबा। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और छत्तीसगढ़ किसान सभा ने संयुक्त रूप से मोंगरा क्वारेंटाइन सेंटर का दौरा कर प्रभारी प्राचार्य एस.डिंडोरे से मुलाकात कर क्वारेंटाइन सेंटर में उपलब्ध व्यवस्था की जानकारी ली। माकपा जिला सचिव प्रशांत झा,किसान सभा के संयोजक नंदलाल कंवर के साथ जवाहर सिंह कंवर, दिलहरण बिंझवार ने क्वारेंटाइन सेंटर में रह रहे प्रवासी मजदूरों, रसोइयों और स्कूल स्टाफ के लिए मास्क के साथ प्रवासी मजदूरों को हरी सब्जी प्रदान की। किसान सभा के नेता नंदलाल कंवर ने किसानों की और से प्रतिदिन हरी सब्जी देने की बात कही। माकपा जिला सचिव प्रशांत झा ने कहा कि क्वारेंटाइन सेंटर में रुके मजदूरों को पर्याप्त पोष्टिक आहार की व्यवस्था की जाए। 

 

18-05-2020
धरना की चेतावनी के बाद निगम ने पानी टैंकर से जलापूर्ति की शुरू

कोरबा। नगर पालिक निगम कोरबा के वार्ड 63 मोंगरा के ग्राम मडवाढोढा में पानी की समस्या विकराल रूप ले चुका है। आम जनता को पेयजल और निस्तारी की समस्या से जूझना पड़ रहा है। वार्ड पार्षद द्वारा भी कई बार अधिकारियों को पानी की समस्या से अवगत कराया गया। लेकिन अधिकारियों द्वारा समस्या को गंभीरता से नहीं लेने पर 18 मई को आंदोलन की चेतावनी दी गई थी। 13 मई को ज्ञापन के बाद अधिकारियों की नींद खुली और ग्राम मड़वाढ़ोढा में पाँच हजार लीटर पानी टैंकर प्रतिदिन दिया जाना शुरू किया गया। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की पार्षद राजकुमारी कंवर ने कहा कि आगे गांव में पानी समस्या का स्थाई हल के लिए नल जल योजना का काम जल्द पूरा करने के लिए अधिकारियों को कहा गया है। अधिकारियों के द्वारा आम जनता के मूलभूत सुविधा को नजरअंदाज करने पर आगे आंदोलन किया जाएगा।

 

17-05-2020
भैरोताल में विद्युत सब स्टेशन की स्थापना जन संघर्षों की जीत का नतीजा : माकपा

कोरबा। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने भैरोताल में विद्युत सब स्टेशन की स्थापना को पार्टी के झंडे तले चलाए गए जन संघर्षों की जीत का नतीजा बताया है और आशा व्यक्त की है कि इससे अब इस क्षेत्र के लोगों को सुचारु रुप से बिजली आपूर्ति हो सकेगी। उल्लेखनीय है कि पिछले पांच सालों से भैरोताल में विद्युत सब स्टेशन की स्थापना करने व बांकीमोंगरा में जोन कार्यालय खोलने के लिए तथा बिजली कटौती व बिलों में गड़बड़ी के खिलाफ माकपा लगातार संघर्षरत है। पिछले वर्ष सितंबर में भी कोरबा में सैकड़ों ग्रामीणों के साथ उसने बिजली विभाग के मुख्य कार्यालय में अनिश्चितकालीन धरना दिया था। इसके बाद विभाग को माकपा के साथ लिखित समझौता करना पड़ा था।

इस समझौते के तहत बड़े पैमाने पर बिजली बिलों में सुधार किया गया था। बकाया बिजली बिलों की वसूली तथा लाइन काटने पर रोक लगाने के साथ ही काटे गए लाइनों को जोड़ा भी गया था। कुछ लाइनों और ट्रांसफार्मरों के बदलने से विद्युत आपूर्ति में भी बहुत सुधार आया था। नगर निगम चुनाव में इस वार्ड से विजयी माकपा पार्षद सुरती कुलदीप भी ने इस मुद्दे पर अधिकारियों से लगातार बातचीत कर दबाव बनाया हुआ था। माकपा के कोरबा जिला सचिव प्रशांत झा ने बताया कि बांकीमोंगरा क्षेत्र में बिजली समस्या को हल करने के लिए माकपा लगातार संघर्ष कर रही है और इसी का नतीजा है कि विद्युत वितरण कंपनी को यहां अपना सब स्टेशन स्थापित करना पड़ा है।

इस मांग की पूर्ति के लिए चरणबद्ध आंदोलन के रूप में एसएमएस अभियान, कंपनी के पुतला दहन, विशाल जन प्रदर्शन करने के बाद बांकीमोंगरा नगर बंद का भी सफल आयोजन किया गया था। माकपा द्वारा चलाए गए इस जन आंदोलन के दबाव में कंपनी को भैरोताल में विद्युत उप केंद्र की स्थापना करने के लिए बाध्य होना पड़ा है। माकपा नेता ने इस उपलब्धि के लिए आम जनता द्वारा चलाए गए संघर्षों के प्रति आभार व्यक्त किया है तथा कहा है कि अब बांकीमोंगरा में विद्युत विभाग का जोन कार्यालय खोलने के लिए संघर्ष तेज किया जाएगा।

03-03-2020
छत्तीसगढ़ कांग्रेस सरकार का बजट भाजपाई लीक पर चलने वाला : माकपा

रायपुर। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने छत्तीसगढ़ विधानसभा में कांग्रेस सरकार द्वारा पेश बजट को भाजपाई लीक पर चलने वाला बजट करार दिया है। माकपा सचिव संजय पराते ने कहा कि भाजपा ने पिछले 15 सालों में जिन कॉपोर्रेटपरस्त नीतियों को लागू किया था, उससे हटने की कोई झलक इस बजट में नहीं दिखती। यही कारण है कि इसमें योजनाएं, घोषणाएं और वादे तो हैं, लेकिन इसे जमीन में उतारने के लिए पर्याप्त बजट प्रावधान तक नहीं है। पिछले वर्ष विभिन्न विभागों को आबंटित बजट का 20 प्रतिशत से 35 प्रतिशत तक खर्च नहीं हुआ है, इसलिए बजट का आकार भी कोई मायने नहीं रखता और इतने बड़े बजट में पूंजीगत व्यय को मात्र 14 प्रतिशत ही रखा जाना अर्थव्यवस्था की रफ्तार को कम करेगा। पराते ने कहा कि प्रदेश का आर्थिक सर्वेक्षण बताता है कि अर्थव्यवस्था से जुड़े तमाम संकेतकों में पिछले वर्ष की तुलना में गिरावट आई है। इससे स्पष्ट है कि देशव्यापी मंदी के प्रभाव से अब छत्तीसगढ़ भी अछूता नहीं है। इस तथ्य को छुपाने के लिए प्रदेश के आर्थिक संकेतकों की तुलना मंदी में फंसे देश के संकेतकों से की जा रही है, जो पूरी तरह से गलत है। आर्थिक संकेतकों में गिरावट और प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि का सीधा अर्थ है कि प्रदेश में आर्थिक असमानता बढ़ रही है और इस हकीकत को ढंकने के लिए बजट के जरिये आम जनता पर राहत के छींटें मारने की कोशिश की गई है।

 

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