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04-12-2020
सीएम भूपेश बघेल ने बाबाधाम में पूजा-अर्चना कर प्रदेश में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की

रायपुर। प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रायगढ़ प्रवास के दौरान बाबाधाम में पूजा-अर्चना कर प्रदेश में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री उमेश पटेल भी साथ मौजूद थे।

01-12-2020
कलेक्टर ने किया धान खरीदी केन्द्र का शुभारंभ, किसानों को जारी हुआ टोकन

जांजगीर-चांपा। कलेक्टर यशवंत कुमार ने मंगलवार को अकलतरा विकास खंड के धान उपार्जन केंद्र सेवा सहकारी समिति तिलई में पूजा-अर्चना कर जिले के किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का शुभारंभ किया। इस दौरान कलेक्टर ने किसानों को टोकन जारी की। उन्होंने खरीदी केन्द्र में धान की गुणवत्ता का परीक्षण किया। नमी मापक यंत्र से धान की नमी का प्रतिशत की जानकारी ली। कलेक्टर ने धान बेचने आए ग्राम तिलाई के कृषक गंगाराम प्रसाद यादव से चर्चा का कर उनके पास खेती की जमीन के रकबे, बोए गए धान का रकबा और पैदावार की जानकारी ली। कृषक गंगाराम ने बताया कि उन्होंने करीब 2 एकड़ जमीन में धान की खेती की है और  करीब 45 क्विंटल धान की उपज हुई। कलेक्टर ने खरीदी केंद्र प्रभारी को निर्देशित कर कहा कि केंद्र में धान बेचने वाले किसानों को किसी प्रकार की असुविधा ना हो यह सुनिश्चित करें। उन्होंने कोरोना संक्रमण से बचाव के मद्देनजर उपस्थित किसानों से अनुरोध कर कहा कि वे खरीदी केंद्र में मास्क लगाकर आए तथा फिजिकल डिस्टेंस का अनिवार्य रूप से पालन करें। खरीदी केंद्र प्रभारी ने बताया कि धान उपार्जन केंद्र में आज सुबह 11 बजे तक 53 किसानों को टोकन जारी किया जा चुका है। कलेक्टर ने मौके पर उपस्थित किसानों से कहा कि जिन किसानों को टोकन जारी किया जा चुका है वे साफ, सूखे गुणवत्ता पूर्ण धान खरीदी केंद्र में लेकर आए ताकि उन्हें बेचने में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। निरीक्षण के दौरान धान खरीदी नोडल अधिकारी संयुक्त कलेक्टर सचिन भूतड़ा, एसडीएम मेनका प्रधान, खाद्य अधिकारी अमृत कुमार सहित अन्य विभागीय अधिकारी और कृषक उपस्थित थे।

25-10-2020
विजयदशमी पर की गई रक्षित केंद्र में अस्त्र-शस्त्र की पूजा, पुलिस अधीक्षक रहे उपस्थित  

धमतरी। विजयदशमी पर रक्षित केंद्र धमतरी में अस्त्र-शस्त्र की पूजा की गई। इसमें पुलिस अधीक्षक बीपी राजभानु ने रविवार को रक्षित केंद्र में अन्य पुलिस अधिकारियों एवं जवानों के साथ मिलकर अस्त्र-शस्त्र की पूजा-अर्चना की। पुलिस दशहरा पर शस्त्र पूजा निभाती आ रही है। इस दौरान पुलिस अधीक्षक बीपी राजभानु ने आज रक्षित केंद्र धमतरी में अन्य पुलिस अधिकारियों एवं जवानों के साथ मिलकर अस्त्र-शस्त्र की पूजा की। उसके बाद सभी अधिकारी कर्मचारियों को विजयदशमी की शुभकामनाएं दी गई। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनीषा ठाकुर रावटे, उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय अरुण जोशी, उप पुलिस अधीक्षक अजाक सारिका वैद्य, रक्षित निरीक्षक के देव राजू, थाना प्रभारी- कोतवाली, अर्जुनी, रुद्री एवं अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।

23-10-2020
अकाल मृत्यु से बचाने वाली भयंकर स्वरूप व कोमल हृदय वाली कालरात्रि माता को समर्पित है सातवां दिन

रायपुर। आज शारदीय नवरात्रि का सातवां दिन है। इस दिन मां कालरात्रि स्वरूप की पूजा-अर्चना विधिपूर्वक की जाती है। मां अपने भक्‍तों के सभी तरह के भय को दूर करती है। मां कालरात्रि का स्वरूप अत्यंत ही भयानक है। लेकिन मां का हृदय अत्यंत ही कोमल है। नवरात्र के सातवें दिन पूजा करने से मां कालरात्रि अपने भक्तों को काल से बचाती हैं अर्थात उनकी अकाल मृत्यु नहीं होती है। पुराणों में इन्हें सभी सिद्धियों की भी देवी कहा गया है, इसीलिए तंत्र-मंत्र के साधक इस दिन देवी की विशेष रूप से पूजा-अर्चना करते हैं। माता कालरात्रि के तीन नेत्र है।  इनकी सांसों से अग्नि निकलती रहती है। ये गधे की सवारी करती है। ऊपर की तरफ उठे हुए दाएं हाथ से भक्तों को आशीर्वाद देती हैं तथा दाहिनी तरफ का नीचे वाला हाथ अभय मुद्रा में है, यानी ये भक्तों को इस बात की प्रेरणा देता है कि हमेशा बिना डरे रहे। बाईं तरफ के ऊपर वाले हाथ में लोहे का कांटा और नीचे वाले हाथ में तलवार है। इनके बाल बिखरे हुए हैं और गले में बिजली की तरह चमकने वाली माला है। यह काल से रक्षा करने वाली शक्ति है। 

मां कालरात्रि का मंत्र :
-ऊं ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै ऊं कालरात्रि दैव्ये नम:
-'ॐ कालरात्र्यै नम:।'
- ज्वाला कराल अति उग्रम शेषा सुर सूदनम।
त्रिशूलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते।

18-10-2020
नवरात्रि का दूसरा दिन माँ ब्रह्मचारिणी का दिन, माँ की कृपा से उम्र बढ़ती है और कुंडली के सारे दोष भी मिट जाते हैं

रायपुर। नवरात्र पर्व के दूसरे दिन ब्रह्मचारिणी माँ की पूजा-अर्चना की जाती है। साधक इस दिन अपने मन को माँ के चरणों में लगाते हैं। ब्रह्म का अर्थ है तपस्या और चारिणी यानी आचरण करने वाली। इस प्रकार ब्रह्मचारिणी का अर्थ हुआ तप का आचरण करने वाली। मान्यता है कि इनकी पूजा से मनुष्य में तप, त्याग, वैराग्य, सदाचार, संयम की वृद्धि होती है। मां ब्रह्मचारिणी ने अपने दाएं हाथ में माला और अपने बाएं हाथ में कमंडल धारण किया हुआ है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां ब्रह्मचारिणी ने भगवान भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए एक हजार वर्ष तक कठोर तपस्या की थी। इस दौरान मां ने फल-फूल खाकर बिताए और हजारों वर्ष तक निर्जल और निराहार रहकर तपस्या की। जिसकी वजह से उनका नाम ब्रह्मचारिणी पड़ा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो साधक विधि विधान से देवी के इस स्वरुप की पूजा अर्चना करता है उसकी कुंडलिनी शक्ति जाग्रत हो जाती है। 

 मंत्र का करें जाप-
-नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।। दधाना कर मद्माभ्याम अक्षमाला कमण्डलू। देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा।
-दधानां करपद्याभ्यामक्षमालाकमण्डल।
देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्माचारिण्यनुत्तमा।

इस विधि से मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करने से कई कष्ट दूर हो जाते हैं और मनुष्य की उम्र लंबी होती है। अगर आपकी कुंडली में बुरे ग्रह स्थित हैं तो उनकी स्थिति सुधर जाती है। सारे दोष मिट जाते हैं और अंत में मनुष्य सारे सुख भोगकर स्वर्ग को प्राप्त होता है।

18-08-2020
मंत्री डॉ.शिवकुमार डहरिया ने नांदिया बैला चलाकर मनाया पोरा-तीजा तिहार

रायपुर। मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने मंगलवार को अपने निवास में नांदिया बैला चलाकर हर्षोउल्सास के साथ पोरा-तीजा तिहार मनाया। मंत्री डॉ. डहरिया ने नांदिया बैला की पूजा-अर्चना कर निरंतर उन्नति और सुख-समृद्धि की कामना करते हुए बधाई व शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि सुहागिन महिलाओं का मुख्य व्रत हरितालिका तीज को माना जाता है। तीज का व्रत रखकर महिलाएं अपने पति की दीर्घायु होने की कामना करती है। राज्य सरकार ने महिलाओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए तीजा पर्व पर अवकाश भी प्रदान किया है। इस अवसर पर नगर निगम रायपुर के महापौर ऐजाज ढेबर, सुन्दर जोगी सहित जोन अध्यक्ष और एमआईसी मेम्बर उपस्थित थे।

09-08-2020
भूपेश बघेल ने मां दंतेश्वरी की पूजा-अर्चना कर, विश्व आदिवासी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत की

रायपुर। प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रविवार को अपने निवास कार्यालय में मां दंतेश्वरी की पूजा-अर्चना कर विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत की और प्रदेश की सुख समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को विश्व आदिवासी दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी।

इस कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विभिन्न जिलों से जनप्रतिनिधि और अनेक योजनाओं के हितग्राही जुड़े। मुख्यमंत्री निवास में उपस्थित मंत्रियों, संसदीय सचिवों और जनप्रतिनिधियों ने इस अवसर पर बूढ़ादेव और आंगादेव की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों को विश्व आदिवासी दिवस की शुभकामनाएं दी।

07-08-2020
संकष्टी चतुर्थी आज, माताएं अपने पुत्र की लंबी आयु के लिए रखती है व्रत, जाने क्या हैै महत्व और कैसे करें पूजा...

रायपुर। संकष्टी चुतर्थी आज यानी शुक्रवार को है। देशभर में इसे हेरम्ब संकष्टी चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। आज के दिन भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की जाती है। आज माताएं अपने पुत्र की लंबी आयु के लिए व्रत रखती हैं। इस दिन गणेश भगवान का व्रत करने से सुख-समृद्धि, ज्ञान और बुद्धि भी वृद्धि होती है। इतना ही नहीं आज के दिन गणेश जी की पूजा करने से पुण्य की प्राप्ति होती है और सभी कष्‍ट दूर होते हैं। संकष्टी के दिन चन्द्रोदय का समय 9 बजकर 37 मिनट पर है। चतुर्थी तिथि प्रारम्भ 12बजकर 14 मिनट पर होगी। समाप्त अगस्त 8 को 2 बजकर 6 मिनट पर होगा।

संकष्टी चतुर्थी महत्व : 

संकष्टी चतुर्थी पर व्रत रखने से भगवान गणपति का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है। गणेश जी की आराधना करके विशेष वरदान प्राप्त किया जा सकता है। खास तौर पर सेहत की समस्या को हमेशा के लिए खत्म किया जा सकता है।

संकष्टी चतुर्थी पूजा विधि : 

संकष्टी चतुर्थी पर सुबह उठकर स्नान करना चाहिए। साफ वस्त्र पहनें। भगवान गणेश की प्रतिमा को लाल या पीले रंग के कपड़े पर स्थापित करें। अब भगवान का पूजन आरंभ करें। हाथ जोड़कर व्रत का संकल्प लें। शुभ मुहूर्त में गणेश जी को जल, अक्षत, दूर्वा घास, लड्डू, पान, धूप आदि अर्पित करें। इसके बाद गणेश जी के मंत्र 'ऊं गं गणपतये नम: का जप करें'। घी का दीया जलाएं। भगवान की आरती करें। फिर उन्हें प्रसाद अर्पित करें। शाम के समय चंद्रमा को शहद, चंदन, रोली मिश्रित दूध से अर्घ्य दें। चंद्रमा को अर्घ्य देना आवश्यक माना गया है।

05-08-2020
माता कौशल्या के मंदिर में माथा टेका मंत्री डॉ.शिवकुमार डहरिया ने और मांगी राज्यवासियों की खुशहाली

रायपुर। मंत्री डॉ.शिवकुमार डहरिया ने रायपुर जिले के आरंग अंतर्गत ग्राम चंदखुरी में प्रभु श्रीराम की माता कौशल्या के मंदिर में माथा टेका और पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने इस दौरान चंदखुरी में स्थित बजरंग बली मंदिर में श्रीराम भक्त हनुमान की भी आराधना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में माता कौशल्या की जन्म स्थली चंदखुरी में भव्य मंदिर का निर्माण होगा। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीराम वनवास के दौरान छत्तीसगढ़ के जिन-जिन स्थलों से पद यात्रा किए हैं, उन यादों को सहेजने के लिए संबंधित स्थानों को चिन्हांकित कर राम-वन-गमन-पथ के रूप में विकसित किया जाएगा। डॉ.डहरिया ने कहा कि राज्य सरकार मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीरामचंद्र के पद चिन्हों पर चलकर ही जनहित में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रभु रामचंद्र ने अपने वनवास काल का बहुत समय छत्तीसगढ़ में व्यतीत किए हैं।

उन संबंधित स्थानों को पर्यटन स्थल के रूप में भी विकसित करने की योजना है। प्रथम चरण में 9 स्थलों का चयन किया गया है। इन स्थलों में सीतामढ़ी-हरचौका (कोरिया), रामगढ़ (अम्बिकापुर), शिवरीनारायण (जांजगीर-चांपा), तुरतुरिया (बलौदाबाजार), चंदखुरी (रायपुर), राजिम (गरियाबंद), सिहावा-सप्तऋषि आश्रम (धमतरी), जगदलपुर (बस्तर), रामाराम (सुकमा) शामिल हैं। प्रस्तावित 09 स्थलों को लेते हुए पर्यटन विभाग द्वारा एक कॉन्सेप्ट प्लान तैयार किया गया है, जिसकी लागत 137.45 करोड़ रूपए है। मंत्री डॉ. डहरिया ने कहा कि छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम का ननिहाल है। यहां कण-कण में भगवान राम रचे-बसे हुए हैं। चंदखुरी में स्थित माता कौशल्या का मंदिर दुनिया में एकमात्र मंदिर है, इस मंदिर का भव्य निर्माण होने से निश्चित ही राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनेगी।

 

03-08-2020
प्रभु राम ने छत्तीसगढ़ में स्थापित किया था शिवलिंग, भूपेश सरकार ने पर्यटन सर्किट में किया शामिल 

रायपुर। लंका कूच से पहले जिस तरह रामेश्वरम में भगवान श्रीराम ने शिवलिंग स्थापित कर पूजा-अर्चना की थी। उसी तरह उत्तर से दक्षिण भारत में प्रवेश से पहले उन्होंने छत्तीसगढ़ के रामपाल नाम की जगह में भी शिवलिंग स्थापित कर आराधना की थी। रामपाल बस्तर जिले में स्थित है, जहां प्रभु राम की ओर से स्थापित शिवलिंग आज भी विद्यमान है। दक्षिण प्रवेश से पूर्व प्रभु राम ने रामपाल के बाद सुकमा जिले के रामाराम में भूदेवी की आराधना की थी। छत्तीसगढ़ शासन ने अब दोनों स्थानों को भी अपने नए पर्यटन सर्किट में शामिल कर, उनके सौंदर्यीकरण और विकास की योजना तैयार कर ली है। छत्तीसगढ़ का नया पर्यटन सर्किट बढ़िया सड़क मार्ग समेत तमाम अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ उन स्थानों को आपस में जोड़ेगा। यहां से प्रभु श्रीराम अपने वनवास के दौरान या तो गुजरे थे या फिर प्रवास किया था। प्रदेश में प्रभु श्रीराम के वन गमन पथ पर पड़ने वाले 75 स्थानों को चिन्हिंत किया गया है। इनमें से पहले चरण में उत्तर में स्थित कोरिया से लेकर दक्षिण में स्थित सुकमा के रामाराम तक 9 स्थानों का चयन किया गया है। इन स्थानों के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए भूपेश बघेल सरकार 137 करोड़ 45 लाख रुपए खर्च करने जा रही है।

दिसंबर माह में इस परियोजना की शुरूआत रायपुर जिले के चंदखुरी स्थित माता कौशल्या मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण एवं विस्तार कार्य के शिलान्यास के साथ की जा चुकी है। भगवान राम के स्थापित शिवलिंग वाले स्थान रामपाल की दूरी बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर से 10 किलोमीटर है। यह शिवलिंग के रामायणकालीन होने की पुष्टि विद्वानों ने और शोध संस्थानों ने की है। सुकमा जिले का रामाराम छत्तीसगढ़ की सीमा के निकट स्थित है, जहां से आंध्रप्रदेश और तेलंगाना की भी सीमाएं निकट ही हैं। रामाराम के नए पर्यटन-तीर्थ के रूप में विकास के साथ ही सुकमा जिले को नई पहचान भी मिलेगी। नक्सल घटनाओं की वजह से बस्तर संभाग के इन जिलों की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान अब तक उभर कर सामने नहीं आ पाई थी। पर्यटन विकास के जरिये छत्तीसगढ़ शासन का उद्देश्य इन जिलों में रोजगार की नई संभावनाएं निर्मित करना भी है। रामायणकालीन छत्तीसगढ़ में बस्तर जिले को दंडकारण्य के रूप में जाना जाता था, वनवास के दौरान श्रीराम ने यहां काफी समय व्यतीत किया था।

25-07-2020
काल सर्प जातक निम्न मंत्र का 11 बार जाप कर शिवलिंग और नाग प्रतिमा पर चढ़ाए दूध...

रायपुर। कुंडली में काल सर्प दोष विद्यमान है तो काल सर्प दोष से पीड़ित व्यक्ति हर समय किसी न किसी परेशानी में हमेशा परेशान रहता है। शनिवार को नागपंचमी पर भगवान शिव की पूजा के साथ शिवलिंग पर लिपटे नाग देवता की पूजा-अर्चना, अनुष्ठान संपन्न करने से काल सर्प दोष की समस्या से छुटकारा मिलता हैं। लॉक डाउन के कारण मंदिरों में भक्तों के प्रवेश पर पाबंदी है। आज नागपंचमी पर काल सर्प दोष से पीड़ित जातक अपने घरों में ही अनुष्ठान संपन्न करवा रहे हैं।

शिवलिंग पर दूध अर्पण करें :
घर में पूजा करने वाले जातक नागदेवता के निम्न मंत्र का 11 बार जाप करके शिवलिंग और नाग प्रतिमा पर दूध अर्पित करें। इससे सर्प दंश का भय खत्म होता है।

''ऊँ नवकुलाय विदमहे, विषदंताय धीमहि, तन्नो सर्प प्रचोदयात' मंत्र का जाप करके जल, शहद, दूध मिश्री, दही, घी से शिवलिंग का अभिषेक करना चाहिए।''

06-07-2020
भगवान शिव का जलाभिषेक कर मां पार्वती और नंदी को चढ़ाएं गंगाजल या दूध, मनोकामनाएं होगी पूरी

रायपुर। सावन में सोमवार के दिन भोले शंकर की विशेष पूजा-अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती है। श्रावण का महीना भगवान शिव को बेहद प्रिय है, इसलिए इस खास माह में भगवान शिव के भक्तगण उनकी उपासना करते हैं। इस बार सावन माह में शुभ संयोग बना है। श्रावण माह की शुरूआत भी सोमवार से और अंत भी सोमवार को ही हो रहा है। सोमवार को भक्तों को जल्दी उठकर स्नान कर शिव मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक करना चाहिए। माता पार्वती और नंदी को भी गंगाजल या दूध चढ़ाएं। पंचामृत से रुद्राभिषेक करें, बिल्व पत्र अर्पित करें। शिवलिंग पर धतूरा, भांग, आलू, चंदन, चावल चढ़ाएं और सभी को तिलक लगाएं। प्रसाद के रूप में भगवान शिव को घी शक्कर का भोग लगाएं। धूप, दीप से गणेश की आरती करें। अंत में भगवान शिव की आरती करें।

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